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शुक्रवार, 14 अगस्त 2015

निराशा


   जब मैं कॉलेज मे था तो मैंने कॉलेज के एक ऐसे संगीत दल में सम्मिलित होने के लिए परीक्षण दिया जो स्थान स्थान पर जाकर गीत और भजनों द्वारा प्रभु यीशु की सेवकाई और सुसमाचार प्रचार करता था। मैं इस भ्रमण के अवसर को लेकर बहुत उत्साहित था, किंतु जब परीक्षण के परिणाम आए तो मुझे यह जानकर बहुत निराशा हुई कि मुझे उस संगीत दल का भाग होने के लिए चुना नहीं गया। अपनी इस निराशा में मैं केवल इस विश्वास से सांत्वना पा सका कि परमेश्वर के उद्देश्य मेरे उद्देश्यों से बेहतर और बढ़कर हैं।

   कुछ महीनों के बाद मुझे एक अन्य संगीत दल में सम्मिलित होने का अवसर मिला, लेकिन मेरी इच्छा से भिन्न भूमिका - एक बाइबल शिक्षक के रूप में। आगे चलकर उस समूह के साथ उस भूमिका में सेवकाई करने के जो परिणाम निकलकर आए वे मेरी कलपना से भी कहीं अधिक उत्तम थे। ना केवल भविष्य में चलकर मेरी पत्नि बनने वाली युवती उस समूह का भाग थी, जिसके साथ प्रभु यीशु की सेवकाई करने के कई अवसर मुझे मिले, वरन अगले तीन वर्षों तक मैं अनेक स्थानों पर प्रचार भी करने पाया, जो मेरे लिए मेरी आने वाले सेवकाई के जीवन की तैयारी करने का एक बहुमूल्य अवसर था।

   कई बार हम इस सच्चाई के साथ संघर्ष करते हैं कि परमेश्वर पिता को हमारी आवश्यकताएं सबसे बेहतर पता हैं। हम अकसर यही सोच कर चलते हैं कि जो हम चाहते हैं, जो हमारे विचार हैं वे ही सबसे अच्छे और उचित हैं। लेकिन जब हम परमेश्वर पर भरोसा रख कर सब कुछ उसके हाथों में छोड़ देते हैं, तो उसकी योजनाएं, उसके तरीके हमारे लिए सर्वोत्तम ठहरते हैं और उसकी महिमा के कारण बन जाते हैं। लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि ऐसा कहना तब तो सरल होता है जब परिणाम हमारी आशा से बढ़कर अच्छे निकल आएं; परन्तु जब परिणाम सामने ना हों, या कठिनाईयों का समय चल रहा हो, या उस भलाई को देखने के लिए हमें स्वर्ग पहुँचने की प्रतीक्षा करनी पड़े तो यही दृष्टिकोण रख पाना कठिन हो जाता है।

   इसीलिए हमें बुद्धिमान राजा सुलेमान की बात सदा स्मरण रखनी चाहिए: "तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा" (नीतिवचन 3:5-6)। - बिल क्राउडर


आज की घटनाओं में निहित परमेश्वर के उद्देश्य शायद कल भी दिखाई ना दें, लेकिन वे होंगे हमारी भलाई ही के लिए।

ऐसा भी मार्ग है, जो मनुष्य को सीधा देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है। - नीतिवचन 16:25

बाइबल पाठ: नीतिवचन 3:1-12
Proverbs 3:1 हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना; 
Proverbs 3:2 क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा। 
Proverbs 3:3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं; वरन उन को अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदय रूपी पटिया पर लिखना। 
Proverbs 3:4 और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा। 
Proverbs 3:5 तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। 
Proverbs 3:6 उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। 
Proverbs 3:7 अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना। 
Proverbs 3:8 ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा, और तेरी हड्डियां पुष्ट रहेंगी। 
Proverbs 3:9 अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना; 
Proverbs 3:10 इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा। 
Proverbs 3:11 हे मेरे पुत्र, यहोवा की शिक्षा से मुंह न मोड़ना, और जब वह तुझे डांटे, तब तू बुरा न मानना, 
Proverbs 3:12 क्योंकि यहोवा जिस से प्रेम रखता है उसको डांटता है, जैसे कि बाप उस बेटे को जिसे वह अधिक चाहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 89-90
  • रोमियों 14


गुरुवार, 13 अगस्त 2015

नीची नज़र


   मेरी आँख का एक छोटा ऑपरेशन होने के बाद नर्स ने मुझ से कहा, "दो सपताह तक नज़र नीचे करके मत देखना। तब तक कोई खाना नहीं पकाना और कोई सफाई नहीं करना।" ऑपरेशन के बाद लगे टांकों को भरने के लिए समय चाहिए था, जिस दौरान उन पर कोई ज़ोर नहीं आना था, इसीलिए नर्स ने मुझे ये निर्देश दिए। उन निर्देशों के दूसरे भाग का पालन करना तो आसान था, किंतु पहले भाग का पालन कुछ कठिन था।

   प्रसिद्ध लेखक सी. एस. ल्यूईस ने अपनी पुस्तक Mere Christianity में एक अन्य प्रकार की नीची नज़र के बारे में लिखा, जिसके कारण भी लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा, "परमेश्वर में हम एक ऐसी हस्ती के समक्ष आते हैं जो हर बात में, हर रीति से, अपने प्रत्येक विचार में, हम से असीम श्रेष्ठ है...जब तक घमण्ड आपके अन्दर है, आप परमेश्वर को नहीं जान सकते। एक घमण्डी व्यक्ति सदा दूसरों को नीची नज़रों से देखता है, और जब तक नज़र नीची रहेगी आप अपने से ऊपर का कुछ भी देख नहीं सकेंगे।"

   प्रभु यीशु ने, परमेश्वर के मन्दिर में खड़े एक फरीसी (धर्मगुरु) के व्यवहार के दृष्टांत द्वारा यही बात समझाई (लूका 18:9-14)। उस फरीसी को अपने धर्मी होने का घमण्ड था, मन्दिर में खड़ा होकर वह प्रार्थना कर रहा था और उसका घमण्ड उसकी प्रार्थना से प्रकट हो रहा था - उसने परमेश्वर का धन्यवाद किया कि वह अन्य लोगों के समान नहीं था; उसने अन्धेर करने वालों, अन्यायियों, व्यभिचारियों और पास ही खड़े प्रार्थना कर रहे एक महसूल लेने वाले को नीच दृष्टि से देखा और अपने आप को परमेश्वर के समक्ष उन से उत्तम प्रस्तुत किया। इसकी तुलना में उस महसूल लेने वाले ने स्वीकार किया कि वह पापी है और परमेश्वर से क्षमा और दया की प्रार्थना करी। प्रभु यीशु ने बताया कि उस मन्दिर में वह फरीसी नहीं वरन वह महसूल लेने वाला धर्मी ठहराया गया।

   घमण्ड हम सब के लिए एक समस्या हो सकता है। ना हो कि हम दूसरों को नीची नज़रों से देखें, वरन हम सदा परमेश्वर के सम्मुख अपनी नज़रें नीची रखें, अपने मन नम्र बनाए रखें। - ऐनी सेटास


आत्मिक घमण्ड सब प्रकार के घमण्डों से बढ़कर विनाशकारी होता है।

क्योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूं, कि जैसा समझना चाहिए, उस से बढ़कर कोई भी अपने आप को न समझे पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बांट दिया है, वैसा ही सुबुद्धि के साथ अपने को समझे। - रोमियों 12:3

बाइबल पाठ: लूका 18:9-14
Luke 18:9 और उसने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्‍छ जानते थे, यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luke 18:10 कि दो मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए; एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेने वाला। 
Luke 18:11 फरीसी खड़ा हो कर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाईं अन्‍धेर करने वाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेने वाले के समान हूं। 
Luke 18:12 मैं सप्‍ताह में दो बार उपवास करता हूं; मैं अपनी सब कमाई का दसवां अंश भी देता हूं। 
Luke 18:13 परन्तु चुंगी लेने वाले ने दूर खड़े हो कर, स्वर्ग की ओर आंखें उठाना भी न चाहा, वरन अपनी छाती पीट-पीटकर कहा; हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर। 
Luke 18:14 मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जा कर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 87-88
  • रोमियों 13


बुधवार, 12 अगस्त 2015

धन्य आशा


   परमेश्वर के वचन बाइबल में वर्णित संसार के अन्त के बारे में अनेक मनुष्यों द्वारा कही गई अनेक भविष्यवाणियाँ गलत साबित हो चुकी हैं। ये भविष्यवाणियाँ लोगों के मन में भय उत्पन्न करती हैं, उन्हें अस्थिर करती हैं, और जब वे पूरी नहीं होतीं, तो परमेश्वर के वचन के प्रति मन में शक और उपहास भी उत्पन्न करती हैं। लेकिन बाइबल एक ऐसे दिन के बारे में अवश्य बताती है, जिसे "प्रभु का दिन" कहा गया, जिस दिन प्रभु यीशु का पुनःआगमन होगा, अनेक दिल दहला देने वाली घटनाएं घटेंगी और फिर संसार के न्याय का समय भी आएगा; लेकिन यह सब कब होगा? बाइबल बड़ी स्पष्टता से बताती है कि उस दिन के बारे में सिवाय परमेश्वर के और कोई नहीं जानता, इसलिए किसी भी मनुष्य द्वारा उस दिन के विषय में अटकलें लगाना और भविष्यवाणियाँ करना लोगों को धोखा देना है।

   प्रभु का वह दिन एक ऐसा दिन है मसीही विश्वासी जिस की आनन्द के साथ बाट जोह सकते हैं क्योंकि वह दिन उनके लिए अनन्त आशीष और सुख को ले कर आएगा, परन्तु जितनों ने प्रभु यीशु पर विश्वास नहीं किया उनके लिए वह दिन अनन्त काल की पीड़ा के आरंभ का दिन हो जाएगा। उस आने वाले दिन के विषय प्रेरित पतरस हमें बताता है कि हम मसीही विश्वासी कैसे आनन्दमय उद्देश्य के साथ उस दिन की बाट जोह सकते हैं (2 पतरस 3:10-18)। परमेश्वर के वचन का यह खण्ड हमें सिखाता है कि हम कैसे मसीह को महिमा देने वाले जीवन व्यतीत करने के द्वारा स्वर्गीय दृष्टिकोण रख सकते हैं (पद 11)। हम अपने अन्दर परमेश्वर के सम्मुख खड़े होने की तैयारी रख सकते हैं (पद 14), और अपने बाहर की बातों का ध्यान रखते हुए चौकस रह सकते हैं जिससे कि किसी गलत शिक्षा या भ्रम ना फंस जाएं (पद 17)।

   यह सब हम कैसे करने पाएंगे? पतरस इसका मार्ग बताता है: "...हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ..." (2 पतरस 3:18)। जब हम परमेश्वर के लिखित वचन के द्वारा अपने चरित्र में उन्नत होते हैं तो हम प्रभु यीशु की, जो परमेश्वर का जीवित वचन है, और भी अधिक निकटता में बढ़ने लगते हैं। परमेश्वर का पवित्र आत्मा परमेश्वर के जीवित तथा लिखित वचन के द्वारा हमारा मार्गदर्शन करता है, हमें खराई से जीना सिखाता है।

   मसीह यीशु के अनुयायियों के लिए प्रभु का वह दिन कोई भयभीत करने वाला दिन नहीं होना चाहिए, क्योंकि उस दिन हमारा प्रभु, हमारा राजा आएगा और सब कुछ जो गलत है उसे सुधार देगा और सच्चे तथा खरे न्याय के साथ राज्य करेगा। हम बड़ी आशा के साथ उस दिन की बाट जोहते हैं; वह हमारी धन्य आशा है (तीतुस 2:13)। - सी. पी. हिया


एक दिन प्रभु यीशु न्याय के साथ राज्य करने के लिए लौट कर अवश्य आएगा।

और उस धन्य आशा की अर्थात अपने महान परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की महिमा के प्रगट होने की बाट जोहते रहें। - तीतुस 2:13 

बाइबल पाठ: 2 पतरस 3:10-18
2 Peter 3:10 परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त हो कर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे। 
2 Peter 3:11 तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए। 
2 Peter 3:12 और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्‍न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्‍त हो कर गल जाएंगे। 
2 Peter 3:13 पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी।
2 Peter 3:14 इसलिये, हे प्रियो, जब कि तुम इन बातों की आस देखते हो तो यत्‍न करो कि तुम शान्‍ति से उसके साम्हने निष्‍कलंक और निर्दोष ठहरो। 
2 Peter 3:15 और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसे हमारे प्रिय भाई पौलुस न भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है। 
2 Peter 3:16 वैसे ही उसने अपनी सब पत्रियों में भी इन बातों की चर्चा की है जिन में कितनी बातें ऐसी है, जिनका समझना कठिन है, और अनपढ़ और चंचल लोग उन के अर्थों को भी पवित्र शास्त्र की और बातों की नाईं खींच तान कर अपने ही नाश का कारण बनाते हैं। 
2 Peter 3:17 इसलिये हे प्रियो तुम लोग पहिले ही से इन बातों को जान कर चौकस रहो, ताकि अधर्मियों के भ्रम में फंस कर अपनी स्थिरता को हाथ से कहीं खो न दो। 
2 Peter 3:18 पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 84-86
  • रोमियों 12


मंगलवार, 11 अगस्त 2015

क्षमा


   समाचारों में पहले तो प्रसिद्ध लोगों द्वारा की गई गलतियों को, और फिर उन प्रसिद्ध लोगों की उस गलती के लिए करी गई क्षमा याचना को भी बड़े खुलासे से बयान किया जाता है। गलती करने वाला कोई प्रसिद्ध खिलाड़ी हो सकता है जो नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया; या वह कोई राजनेता हो सकता है जिसके द्वारा करा गया कोई अनुचित कार्य उजागर हो गया हो। मनुष्य के हृदय की वास्तविक दशा तो केवल परमेश्वर ही जानता है, लेकिन जब गलतियों के लिए पकड़े जाने पर हम उन लोगों को हिचकिचाते हुए या अटक अटक कर स्पष्टिकरण देते तथा क्षमा याचना करते हुए सुनते हैं तो यह विचार मन में अवश्य आता है कि क्या वे वास्तव में अपनी गलती के लिए शर्मिंदा हैं या उनका वह शोक मात्र औपचारिकता है, केवल उनके पकड़े जाने के कारण किया गया दिखावा है!

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रसिद्ध पात्र, दाऊद द्वारा अपनी गलती के लिए लिखे गए पश्चताप के भजन, भजन 51 को जब हम पढ़ते हैं तो लगता है जैसे दाऊद वास्तव में अपनी गलती के लिए शोकित था। इस भजन में राजा दाऊद, जिसके जीवन में पहले भी अनेक छुपे हुए पाप थे (2 शमूएल 12:1-13; भजन 32:3-5) अपने पाप का सार्वजनिक अंगीकार करता है, और परमेश्वर से दया की भीख माँगता है। दाऊद ने पहचाना कि उसका पाप ना केवल उसकी प्रजा का वरन सबसे बढ़कर परमेश्वर का अपमान है, और केवल परमेश्वर ही है जो उसका न्याय कर सकता है (भजन 51:1-6)। उसने एहसास किया कि उसे परमेश्वर के हाथों से शुद्ध होने की आवश्यकता है (पद 7-10); और इस शुद्धी के मिलने का उत्सव वह सेवा एवं आराधना द्वारा मनाता है (पद 11-17)।

   हम में से कोई नहीं है जिससे जाने या अनजाने में कभी पाप नहीं होता और जो अपने पाप के कारण परमेश्वर की महिमा से चूक नहीं जाता। जब भी हम जीवन में पाप के दबा देने वाल बोझ को अनुभव करें, तो हमें स्मरण करना चाहिए कि हमारे पास परमेश्वर द्वारा पाप के अंगीकार एवं क्षमा द्वारा आशीषित होने का भी मार्ग उपलब्ध है (1 यूहन्ना 1:9)। यह हमारे परमेश्वर पिता की महानता ही है जो हमारे पापों को भी हमारी आत्मिक बढ़ोतरी का मार्ग बना देता है, उन पापों द्वारा हमें उसके प्रेम और सामर्थ को समझ पाने का माध्यम देता है।

   परमेश्वर से सच्चे और समर्पित मन से क्षमा माँगने में कभी ना हिचकिचाएं; उसकी क्षमा सदा उपलब्ध और सदा भली है। - डेव ब्रैनन


अंगीकार का अर्थ है परमेश्वर के साथ अपने पाप के विषय में सहमत होना।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: 51
Psalms 51:1 हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे। 
Psalms 51:2 मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर! 
Psalms 51:3 मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है। 
Psalms 51:4 मैं ने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे। 
Psalms 51:5 देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
Psalms 51:6 देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा। 
Psalms 51:7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा। 
Psalms 51:8 मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं। 
Psalms 51:9 अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psalms 51:10 हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर। 
Psalms 51:11 मुझे अपने साम्हने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से अलग न कर। 
Psalms 51:12 अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा देकर मुझे सम्भाल।
Psalms 51:13 तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे। 
Psalms 51:14 हे परमेश्वर, हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर, मुझे हत्या के अपराध से छुड़ा ले, तब मैं तेरे धर्म का जयजयकार करने पाऊंगा।
Psalms 51:15 हे प्रभु, मेरा मुंह खोल दे तब मैं तेरा गुणानुवाद कर सकूंगा। 
Psalms 51:16 क्योंकि तू मेलबलि से प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता। 
Psalms 51:17 टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।
Psalms 51:18 प्रसन्न हो कर सिय्योन की भलाई कर, यरूशलेम की शहरपनाह को तू बना, 
Psalms 51:19 तब तू धर्म के बलिदानों से अर्थात सर्वांग पशुओं के होमबलि से प्रसन्न होगा; तब लोग तेरी वेदी पर बैल चढ़ाएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 81-83
  • रोमियों 11:19-36


सोमवार, 10 अगस्त 2015

अनुकंपा


   फ्रांसिस शेफर एक प्रसिद्ध लेखक और मसीही विश्वास की व्याख्या करने वाले हुए। उन्हें डिसलेक्सिया नामक लिखने-पढ़ने से संबंधित एक मानसिक रोग था जिसके कारण वे कभी शब्दों को सही लिख नहीं पाते थे। जब वे कॉलेज गए तो वर्तनी की अशुद्धता के कारण उनके लिखित कार्यों में उन्हें सदा ही कम अंक मिलते थे। कॉलेज के प्रथम वर्ष में ही एक प्राध्यापक ने उन से कहा, "जो तुमने लिखा है वह दर्श्नशास्त्र का एक अति उत्तम लेख है, ऐसा जैसा मैंने आज तक नहीं पढ़ा; लेकिन इस लेख की वर्तनी जितनी खराब है, वैसी मैंने आज तक नहीं देखी! मैं क्या करूँ? मैं तुम्हें उत्तीर्ण नहीं कर सकता।" फ्रांसिस ने उन्हें उत्तर दिया, "श्रीमानजी, मैं बचपन से आज तक कभी भी सही लिख नहीं पाया। क्या ऐसा नहीं हो सकता कि आप केवल उसे जान लें जो मैंने लिखा है, और लिखे हुए की वर्तनी पर ध्यान ना करें?" कुछ देर तक विचार करने के बाद उस प्राध्यापक ने ने उत्तर दिया, "ठीक है श्री. शेफर; हम ऐसा ही करेंगे।" उस प्राध्यापक के अनुकंपा एवं बुद्धिमता से भरे प्रत्युत्तर ने एक प्रतिभावान जवान को प्रोत्साहित किया और वह आगे चलकर 1960-70 के दशकों में जीवन के उत्तर खोज रही परेशान पीढ़ी के अनेक जवानों को प्रभु यीशु के पास तथा मसीही विश्वास में लाने का माध्यम बन सका।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने भविष्य में आने वाले प्रभु यीशु मसीह के विषय में लिखा, "कुचले हुए नरकट को वह न तोड़ेगा और न टिमटिमाती बत्ती को बुझाएगा; वह सच्चाई से न्याय चुकाएगा" (यशायाह 42:3)। प्रभु यीशु के चरित्र का यह चित्रण एक अति सामर्थी किंतु बहुत ही नम्र व्यक्ति को दिखाता है जो कभी किसी का नुकसान करना नहीं चाहता; जो कम से कम आशा की स्थिति में भी निराश लोगों की सहायता करके सभी को उभारने का प्रयास करता है। यही प्रभु यीशु ने संसार में आने के बाद किया और आज भी करता आ रहा है - निराशा और पाप के बन्धनों में जकड़े हुओं को मुक्त करना तथा कमज़ोर मन वालों और निरुत्साहित लोगों को प्रोत्साहित करना।

   प्रभु यीशु संसार के सभी लोगों को पाप के दोष तथा दण्ड से मुक्त करने आए थे, लोगों को पाप के लिए दोषी प्रमाणित करने नहीं। आज भी जो कोई उन पर विश्वास करता है, पापों से पश्चाताप करके उनसे अपने पापों की क्षमा माँगता है उन्हें प्रभु उद्धार और आशीष देता है, उनके जीवन को बहाल करता है और उन्हें प्रोत्साहित करता है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


जब हम टूटे मन के साथ प्रभु यीशु के पास आते हैं वह हमें संपूर्ण कर देता है।

जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है। क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है। - भजन 103:13-14

बाइबल पाठ: यशायाह 42:1-9
Isaiah 42:1 मेरे दास को देखो जिसे मैं संभाले हूं, मेरे चुने हुए को, जिस से मेरा जी प्रसन्न है; मैं ने उस पर अपना आत्मा रखा है, वह अन्यजातियों के लिये न्याय प्रगट करेगा। 
Isaiah 42:2 न वह चिल्लाएगा और न ऊंचे शब्द से बोलेगा, न सड़क में अपनी वाणी सुनायेगा। 
Isaiah 42:3 कुचले हुए नरकट को वह न तोड़ेगा और न टिमटिमाती बत्ती को बुझाएगा; वह सच्चाई से न्याय चुकाएगा। 
Isaiah 42:4 वह न थकेगा और न हियाव छोड़ेगा जब तक वह न्याय को पृथ्वी पर स्थिर न करे; और द्वीपों के लोग उसकी व्यवस्था की बाट जाहेंगे।
Isaiah 42:5 ईश्वर जो आकाश का सृजने और तानने वाला है, जो उपज सहित पृथ्वी का फैलाने वाला और उस पर के लोगों को सांस और उस पर के चलने वालों को आत्मा देने वाला यहोवा है, वह यों कहता है: 
Isaiah 42:6 मुझ यहोवा ने तुझ को धर्म से बुला लिया है; मैं तेरा हाथ थाम कर तेरी रक्षा करूंगा; मैं तुझे प्रजा के लिये वाचा और जातियों के लिये प्रकाश ठहराऊंगा; कि तू अन्धों की आंखें खोले, 
Isaiah 42:7 बंधुओं को बन्दीगृह से निकाले और जो अन्धियारे में बैठे हैं उन को काल कोठरी से निकाले। 
Isaiah 42:8 मैं यहोवा हूं, मेरा नाम यही है; अपनी महिमा मैं दूसरे को न दूंगा और जो स्तुति मेरे योग्य है वह खुदी हुई मूरतों को न दूंगा। 
Isaiah 42:9 देखो, पहिली बातें तो हो चुकी हैं, अब मैं नई बातें बताता हूं; उनके होने से पहिले मैं तुम को सुनाता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 79-80
  • रोमियों 11:1-18


रविवार, 9 अगस्त 2015

घर


   मेरे पिताजी के पास अपने बचपन के घर के बारे में सुनाने को बहुत से किस्से थे। उनकी बातें सुन सुन कर मैं हर गर्मी की छुट्टी में उनके साथ उस घर और फार्म जाने के लिए आतुर रहता था। वहाँ जाकर हम पास बह रही नदी में मछली पकड़ने जाते, उनके उस फार्म पर जाते जहाँ के बारे में वे हमें बताते रहते थे, जहाँ वे बातें हुई थीं जिनके बारे में पिताजी हमे बताते थे। यद्यपि उनका वह निवस-स्थान कभी मेरा घर नहीं रहा था, लेकिन आज भी जब कभी मैं उस स्थान पर अपने बेटे-पोतों के साथ जाता हूँ तो वहाँ की यादें मुझे एक अपनेपन का आभास करवाती हैं, जैसे मैं वहाँ का ही हूँ, वो स्थान मेरा ही है।

   प्रभु यीशु अपने चेलों के साथ अपने स्वर्गीय घर की बातें करते थे, जिसे छोड़कर वे हमारे लिए इस संसार में आए थे। उनके लिए यह कितने आनन्द की बात रही होगी जब उन्होंने अपने चेलों से कहा, "मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। निःसन्देह प्रभु यीशु, जिन्होंने "...उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा..." (इब्रानियों 12:2) अपने पिता के पास उस स्वर्गीय घर में लौटने की बाट जोह रहे थे ताकि अनेक पुत्र और पुत्रियों का उनके स्वर्गीय परमेश्वर पिता से मेल करवा सकें, उन पुत्र और पुत्रियों को परमेश्वर पिता के सामने प्रस्तुत होने का मार्ग दे सकें।

   यह विचार कि प्रभु यीशु संसार के सभी लोगों को इस संसार और पाप के बन्धनों से छुड़ाने आया और जिन्होंने उसे स्वीकार किया है, उन मसीही विश्वासियों अपने और हमारे परमेश्वर पिता के पास अनन्तकाल के हमारे स्वर्गीय घर में ले जाएगा हमें रोमांच से भर देता है, और हमें प्रेरित करता है कि हम उस स्वर्गीय घर के बारे में औरों को भी बताएं, उन्हें भी वहाँ के आनन्द का भागीदार बनने का अवसर प्रदान करें। - जो स्टोवैल


केवल प्रभु यीशु ही हमारे अन्दर उस स्वर्गीय निवास-स्थान की ऐसी लालसा जागृत कर सकता है जैसी हम में पहले कभी नहीं थी।

क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है। - 2 कुरिन्थियों 5:1

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-11
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। 
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। 
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। 
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो। 
John 14:5 थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू हां जाता है तो मार्ग कैसे जानें? 
John 14:6 यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। 
John 14:7 यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते, और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है। 
John 14:8 फिलेप्पुस ने उस से कहा, हे प्रभु, पिता को हमें दिखा दे: यही हमारे लिये बहुत है। 
John 14:9 यीशु ने उस से कहा; हे फिलेप्पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूं, और क्या तू मुझे नहीं जानता? जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है: तू क्यों कहता है कि पिता को हमें दिखा। 
John 14:10 क्या तू प्रतीति नहीं करता, कि मैं पिता में हूं, और पिता मुझ में हैं? ये बातें जो मैं तुम से कहता हूं, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है। 
John 14:11 मेरी ही प्रतीति करो, कि मैं पिता में हूं; और पिता मुझ में है; नहीं तो कामों ही के कारण मेरी प्रतीति करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 77-78
  • रोमियों 10


शनिवार, 8 अगस्त 2015

जीवन के दृश्य


   छुट्टियों में भ्रमण के दौरान सारे साल बर्फ से ढके रहने वाले अलास्का प्रदेश के जितने दृश्य मैं देख पाई, उन में से अधिकांश मैंने चलती हुई गाड़ियों की खिड़की में से देखे। मैं धन्यवादी थी काँच की बनी खिड़कियों के लिए जिसके कारण बाहर ठंडा होने पर भी मैं गाड़ी के अन्दर गर्म रहते हुए बाहर की सुन्दरता को देखने पाई। लेकिन उन काँच की खिड़कियों से एक समस्या भी थी, जब बाहर बारिश पड़ती तो काँच पर पड़ता पानी बाहर के दृश्य को धुँधला कर देता और मैं कुछ स्पष्ट नहीं देख पाती। इसी प्रकार जब अन्दर का तापमन बदलता तो काँच पर हवा की नमी जम जाती, उसे धुन्धला कर देती और फिर मुझे बाहर का दृश्य स्पष्ट दिखाई देना बन्द हो जाता।

   इस बात ने मुझे यह समझने में सहायता करी कि क्यों हम जीवन को वैसा नहीं देख पाते जैसा परमेश्वर ने उसे हमारे चारों ओर रखा है। हमारा पाप परमेश्वर द्वारा हमारे जीवनों में भरी गई सुन्दरता को स्पष्ट देख पाने में बाधा बनता है। गाड़ी के काँच पर आई नमी की परत के समान कभी-कभी पाप हमारे अन्दर होता है, जैसे कि स्वार्थ का पाप, जिसके कारण हम हमारे आस-पास के लोगों की आवश्यकताओं को स्पष्ट नहीं देख पाते और अपने आप को औरों से अधिक महत्वपूर्ण समझने लगते हैं। कभी-कभी पाप बाहर होता है, जैसे कि औरों द्वारा किया जा रहा अन्याय जो हमारी आँखों को आँसुओं से धुन्धला कर देता है और हम परमेश्वर की भलाई को देख नहीं पाते। पाप चाहे कैसा भी, चाहे अन्दर हो या बाहर, हमारे और परमेश्वर के बीच में आता ही है और हमें जीवन के अद्भुत स्वरूप और परमेश्वर की भलाईयों को स्पष्ट देख पाने में बाधा बनता ही है।

   चाहे अभी, "...हमें दर्पण में धुंधला सा दिखाई देता है" (1 कुरिन्थियों 13:12), लेकिन फिर भी हम अभी इतना तो देख पाते हैं कि परमेश्वर भला है (भजन 34:8)। परमेश्वर ने जो अपनी भलाई और जीवन की अद्भुत बातें हमारे चारों ओर रखी हैं, यदि हम उन पर विचार करें, तो हम पाप से दूर हटकर संसार में होने वाले पाप के दुषप्रभावों को कम करने में सहायक हो सकते हैं। परमेश्वर और उसकी भलाईयों पर मनन कीजिए तो पाप जीवन के दृश्यों तथा आपकी नज़र को धुन्धला नहीं कर पाएगा। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


जीवन को स्पष्ट देख पाने के लिए मसीह यीशु पर ध्यान केन्द्रित रखिए।

मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं। - भजन 119:18

बाइबल पाठ: भजन 34:1-10
Psalms 34:1 मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूंगा; उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी। 
Psalms 34:2 मैं यहोवा पर घमण्ड करूंगा; नम्र लोग यह सुनकर आनन्दित होंगे। 
Psalms 34:3 मेरे साथ यहोवा की बड़ाई करो, और आओ हम मिलकर उसके नाम की स्तुति करें। 
Psalms 34:4 मैं यहोवा के पास गया, तब उसने मेरी सुन ली, और मुझे पूरी रीति से निर्भय किया। 
Psalms 34:5 जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया। 
Psalms 34:6 इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया। 
Psalms 34:7 यहोवा के डरवैयों के चारों ओर उसका दूत छावनी किए हुए उन को बचाता है। 
Psalms 34:8 परखकर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। 
Psalms 34:9 हे यहोवा के पवित्र लोगो, उसका भय मानो, क्योंकि उसके डरवैयों को किसी बात की घटी नहीं होती! 
Psalms 34:10 जवान सिंहों तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भली वस्तु की घटी न होवेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 74-76
  • रोमियों 9:16-33