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सोमवार, 17 अगस्त 2015

शान्त समय


   मुझे हमारी पृथ्वी के सागरों पर चन्द्रमा के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव द्वारा उत्पन्न होने वाले ज्वार और भाटे की लहरों के बारे में सोचकर बड़ा विलक्षण लगता है - पानी में लहरें चाँद के प्रभाव से ऊँची और नीची होती हैं। ज्वार से भाटे में परिवर्तित होते समय एक छोटा सा ऐसा समय होता है जब पानी का स्तर ना तो ऊँचा होता है और ना ही नीचा। वैज्ञानिक कहते हैं कि यह वह समय होता है जब पानी पर कोई ज़ोर नहीं होता; यह ज्वार के पुनः उठने से पहले का शान्त समय होता है।

   जीवन के कार्यों की व्यस्तता में हम अपने आप को विभिन्न आवश्यक ज़िम्मेदारियों के कारण कभी एक ओर तो कभी दूसरी ओर खिंचता हुआ अनुभव करते हैं जो हमारे जीवनों पर प्रभाव डालता है। मसीही सेवकाई में भी यह दिखाई देता है और हमारा प्रभु यीशु इस बात से भली-भांति परिचित था, वह जानता था कि उसके चेलों पर कैसे दबाव पड़ेंगे और उनको विश्राम की आवश्यकता होगी। जब प्रभु के चेले अपने पहले प्रचार और सेवकाई अभियान से वापस लौट कर आए तो उन्होंने बड़े उत्साह के साथ अपने अनुभव प्रभु यीशु को बताए (मरकुस 6:7-13; 30); परन्तु प्रभु यीशु ने उन से कहा, "...तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था" (मरकुस 6:31)।

   क्या ज़िम्मेदारियाँ का निर्वाह आपको दबाव में ला रहा है, भिन्न दिशाओं में खींच रहा है? ऐसे में विश्राम करने और थकान को दूर करके अपने शरीर को तरो-ताज़ा करने की योजना बनाना आपके लिए सर्वथा उपयुक्त और उचित है। हमारे शरीरों को इसकी आवश्यकता है और प्रभु यीशु ने इसकी सलाह दी है। जीवन की व्यस्तताओं में से कुछ शान्त समय निकालिए, वहाँ आप प्रभु से मिलें, उससे प्रार्थना में संगति करें,  ऐसा समय आपको ताज़गी देगा, ज़िम्मेदारियों को और भी भली भांति निभाने की सदबुद्धि और सामर्थ देगा। - डेनिस फिशर


परमेश्वर के साथ शान्त समय बिताना, परमेश्वर से ताज़गी पाने का तरीका है।

और भोर को दिन निकलने से बहुत पहिले, वह[प्रभु यीशु] उठ कर निकला, और एक जंगली स्थान में गया और वहां प्रार्थना करने लगा। - मरकुस 1:35

बाइबल पाठ: मरकुस 6:7-13; 30-32
Mark 6:7 और वह बारहों को अपने पास बुलाकर उन्हें दो दो कर के भेजने लगा; और उन्हें अशुद्ध आत्माओं पर अधिकार दिया। 
Mark 6:8 और उसने उन्हें आज्ञा दी, कि मार्ग के लिये लाठी छोड़ और कुछ न लो; न तो रोटी, न झोली, न पटुके में पैसे। 
Mark 6:9 परन्तु जूतियां पहिनो और दो दो कुरते न पहिनो। 
Mark 6:10 और उसने उन से कहा; जहां कहीं तुम किसी घर में उतरो तो जब तक वहां से विदा न हो, तब तक उसी में ठहरे रहो। 
Mark 6:11 जिस स्थान के लोग तुम्हें ग्रहण न करें, और तुम्हारी न सुनें, वहां से चलते ही अपने तलवों की धूल झाड़ डालो, कि उन पर गवाही हो। 
Mark 6:12 और उन्होंने जा कर प्रचार किया, कि मन फिराओ। 
Mark 6:13 और बहुतेरे दुष्टात्माओं को निकाला, और बहुत बीमारों पर तेल मलकर उन्हें चंगा किया। 
Mark 6:30 प्रेरितों ने यीशु के पास इकट्ठे हो कर, जो कुछ उन्होंने किया, और सिखाया था, सब उसको बता दिया। 
Mark 6:31 उसने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। 
Mark 6:32 इसलिये वे नाव पर चढ़कर, सुनसान जगह में अलग चले गए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 97-99
  • रोमियों 16


रविवार, 16 अगस्त 2015

नियंत्रित


   जून 2012 में कॉलेरेडो प्रांत में वाल्डो घाटी में स्थित कॉलेरेडो स्प्रिंग्स इलाके के 346 घर आग से जलकर राख हो गए और 18,000 एकड़ से भी अधिक का जंगल नाश हो गया। उस आग को फैलने से रोकने के लिए आग से जल रहे जंगल के चारों ओर आग रोकने वाली सीमा रेखाएं बनाई गईं। जब आग के चारों ओर वे नियंत्रण करने वाली सीमा रेखाएं बन गईं तब यह निश्चित हो गया कि आग अब इससे आगे नहीं फैलेगी और फिर उस आग को बुझाने के प्रयास आरंभ कर दिए गए। उस इलाके के अन्य निवासियों को आग बुझाने वाले दल के अधिकारी ने सूचित किया कि अभी उन्हें आग की लपटें और धुंआ दिखाई देता रहेगा क्योंकि आग सीमित तो कर दी गई है किंतु नियंत्रण में नहीं है और बुझी नहीं है।

   जब हमारा संसार त्रासदी और दुष्टता के कार्यों से हिलाया जाता है, तो हमारे अन्दर उस दिन की लालसा और भी तीव्र हो उठती है जब शैतान और उसकी दुष्टता सदा के लिए नाश कर दी जाएगी, संसार के इतिहास का अन्तिम पन्ना लिख दिया जाएगा और धर्म तथा न्याय के साथ परमेश्वर का अनन्त राज्य स्थापित हो जाएगा। लेकिन वह दिन आने तक परमेश्वर हमें अनुग्रह और सामर्थ प्रदान करता है कि हम उसके राज्य की बाट जोहते हुए, उसके गवाह बन कर उस पर लाए गए विश्वास के उद्देश्यपूर्ण जीवन व्यतीत करें। इस जीवन को जीने से संबंधित कुछ निर्देश हमें परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पत्री के 10वें अध्याय में मिलते हैं:
  • हमें सच्चे मन से परमेश्वर के निकट आना है (पद 22);
  • हमें अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामे रहना है (पद 23);
  • हमें एक दूसरे को प्रेम तथा भले कार्यों के लिए प्रोत्साहित करते रहना है (पद 24);
  • और परमेश्वर के उस दिन को निकट आता देख एक दूसरे को उभारने के लिए एक दूसरे के साथ और भी अधिक सहभागिता रखनी है (पद 25);

   प्रभु यीशु मसीह में होकर परमेश्वर ने सारे संसार के सभी लोगों के पाप क्षमा और उद्धार के लिए शैतान की योजनाओं को नियंत्रित कर दिया है। अब जब तक परमेश्वर उस दुष्टता की आग को सदा के लिए बुझा नहीं देता, हमें उसके अनुग्रह और सामर्थ से प्रभु के पुनःआगमन की बाट जोहते हुए जीवन की परीक्षाओं की लपटों का सामना करना है, क्योंकि उन लपटों से बचाव का मार्ग उसने हमें तैयार कर के दे दिया है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


प्रभु यीशु शीघ्र आने वाला है - संभवतः आज ही!

प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। - 2 पतरस 3:9

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:19-39
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है। 
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है, 
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है। 
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं। 
Hebrews 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है। 
Hebrews 10:24 और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें। 
Hebrews 10:25 और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।। 
Hebrews 10:26 क्योंकि सच्चाई की पहिचान प्राप्त करने के बाद यदि हम जान बूझ कर पाप करते रहें, तो पापों के लिये फिर कोई बलिदान बाकी नहीं। 
Hebrews 10:27 हां, दण्‍ड का एक भयानक बाट जोहना और आग का ज्‍वलन बाकी है जो विरोधियों को भस्म कर देगा। 
Hebrews 10:28 जब कि मूसा की व्यवस्था का न मानने वाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है। 
Hebrews 10:29 तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्‍ड के योग्य ठहरेगा, जिसने परमेश्वर के पुत्र को पांवों से रौंदा, और वाचा के लोहू को जिस के द्वारा वह पवित्र ठहराया गया था, अपवित्र जाना है, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया। 
Hebrews 10:30 क्योंकि हम उसे जानते हैं, जिसने कहा, कि पलटा लेना मेरा काम है, मैं ही बदला दूंगा: और फिर यह, कि प्रभु अपने लोगों का न्याय करेगा। 
Hebrews 10:31 जीवते परमेश्वर के हाथों में पड़ना भयानक बात है।
Hebrews 10:32 परन्तु उन पहिले दिनों को स्मरण करो, जिन में तुम ज्योति पाकर दुखों के बड़े झमेले में स्थिर रहे। 
Hebrews 10:33 कुछ तो यों, कि तुम निन्‍दा, और क्‍लेश सहते हुए तमाशा बने, और कुछ यों, कि तुम उन के साझी हुए जिन की र्दुदशा की जाती थी। 
Hebrews 10:34 क्योंकि तुम कैदियों के दुख में भी दुखी हुए, और अपनी संपत्ति भी आनन्द से लुटने दी; यह जान कर, कि तुम्हारे पास एक और भी उत्तम और सर्वदा ठहरने वाली संपत्ति है। 
Hebrews 10:35 सो अपना हियाव न छोड़ो क्योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है। 
Hebrews 10:36 क्योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी कर के तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ। 
Hebrews 10:37 क्योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है जब कि आने वाला आएगा, और देर न करेगा। 
Hebrews 10:38 और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा। 
Hebrews 10:39 पर हम हटने वाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करने वाले हैं, कि प्राणों को बचाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 94-96
  • रोमियों 15:14-33


शनिवार, 15 अगस्त 2015

लंगर


   मैं अपने दो मित्रों के साथ एक झील में मछली पकड़ने के लिए गया हुआ था। हम तीनों एक छोटी नाव में थे, और जहाँ लाकर हमने नाव को झील में रखा था वहाँ मछलियाँ चारा लेने के लिए बहुतायत से आ रही थीं, और हम काँटे पर चारा लगाने और मछली फंसाने में व्यस्त हो गए। कुछ देर में हमने देखा कि चारे पर आने वाली मछलियाँ धीरे धीरे कम होती जा रही हैं; चारों ओर ध्यान से देखने पर हमें कारण पता चल गया - नाव वहाँ नहीं थी जहाँ लाकर हमने उसे रखा था। हुआ यह था कि तेज़ हवा ने नाव को धकेल कर पानी में और आगे कर दिया था, जो लंगर हमने नाव को एक स्थान पर स्थिर करने के लिए डाला था वह नीचे झील के तले में पकड़ नहीं ले पाया था और नाव के साथ खिसक गया था। हमने लंगर को ऊपर उठाया और पुनः उस स्थान पर आ गए जहाँ मछलियाँ बहुतायत से थीं; लेकिन थोड़ी देर में फिर वही हुआ जो पहले हुआ था। हमने एक और बार वापस लौट कर लंगर डाला, लेकिन लंगर नीचे कोई पकड ले नहीं पा रहा था, इसलिए हम वापस किनारे पर लौट आए।

   जब बात हमारे उद्धार की आती है, तो हम मसीही विश्वासियों की आशा परमेश्वर की प्रतिज्ञा तथा प्रभु यीशु मसीह के अटल कार्य पर स्थिर है। शैतान द्वारा हम पर भेजे गए सन्देह, निराशा, आत्मिक आक्रमण आदि के तेज़ झोंके हमारे अन्दर यह विचार उत्पन्न कर सकते हैं कि हमारा जीवन असुरक्षित इधर-उधर हिचकोले ले रहा है, हमारा उद्धार निश्चित नहीं है। लेकिन ऐसा कदापि नहीं है! परमेश्वर ने हमें प्रतिज्ञा दी है कि हमारा उद्धार सुरक्षित है (इब्रानियों 6:18-19) और परमेश्वर कभी झूठ नहीं बोल सकता। हमारी आशा प्रभु यीशु के साथ दृढ़ता से जुड़ी हुई है; उस प्रभु के साथ जिसने अपने बलिदान, क्रूस की मृत्यु, पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के द्वारा एक ही बार सदा-सर्वदा के लिए पाप और पाप के दण्ड से हमारा छुटकारा कर दिया।

   हमारे जीवन और अनन्तकाल का लंगर एक अटल चट्टान - प्रभु यीशु है। उसका असीम प्रेम हमें स्थिर और दृढ़ रीति से थामे रहता है; शैतान का कोई दाँव हमें उसकी निकटता से हिला नहीं सकता। - डेविड एग्नर


हमारा स्थिर लंगर चट्टान प्रभु यीशु है।

क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है। वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा। - भजन 146:5-6

बाइबल पाठ: इब्रानियों 6:13-20
Hebrews 6:13 और परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा देते समय जब कि शपथ खाने के लिये किसी को अपने से बड़ा न पाया, तो अपनी ही शपथ खाकर कहा। 
Hebrews 6:14 कि मैं सचमुच तुझे बहुत आशीष दूंगा, और तेरी सन्तान को बढ़ाता जाऊंगा। 
Hebrews 6:15 और इस रीति से उसने धीरज धर कर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्त की। 
Hebrews 6:16 मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उन के हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है। 
Hebrews 6:17 इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया। 
Hebrews 6:18 ताकि दो बे-बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्‍होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें। 
Hebrews 6:19 वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है। 
Hebrews 6:20 जहां यीशु मलिकिसिदक की रीति पर सदा काल का महायाजक बन कर, हमारे लिये अगुआ की रीति पर प्रवेश हुआ है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 91-93
  • रोमियों 15:1-13


शुक्रवार, 14 अगस्त 2015

निराशा


   जब मैं कॉलेज मे था तो मैंने कॉलेज के एक ऐसे संगीत दल में सम्मिलित होने के लिए परीक्षण दिया जो स्थान स्थान पर जाकर गीत और भजनों द्वारा प्रभु यीशु की सेवकाई और सुसमाचार प्रचार करता था। मैं इस भ्रमण के अवसर को लेकर बहुत उत्साहित था, किंतु जब परीक्षण के परिणाम आए तो मुझे यह जानकर बहुत निराशा हुई कि मुझे उस संगीत दल का भाग होने के लिए चुना नहीं गया। अपनी इस निराशा में मैं केवल इस विश्वास से सांत्वना पा सका कि परमेश्वर के उद्देश्य मेरे उद्देश्यों से बेहतर और बढ़कर हैं।

   कुछ महीनों के बाद मुझे एक अन्य संगीत दल में सम्मिलित होने का अवसर मिला, लेकिन मेरी इच्छा से भिन्न भूमिका - एक बाइबल शिक्षक के रूप में। आगे चलकर उस समूह के साथ उस भूमिका में सेवकाई करने के जो परिणाम निकलकर आए वे मेरी कलपना से भी कहीं अधिक उत्तम थे। ना केवल भविष्य में चलकर मेरी पत्नि बनने वाली युवती उस समूह का भाग थी, जिसके साथ प्रभु यीशु की सेवकाई करने के कई अवसर मुझे मिले, वरन अगले तीन वर्षों तक मैं अनेक स्थानों पर प्रचार भी करने पाया, जो मेरे लिए मेरी आने वाले सेवकाई के जीवन की तैयारी करने का एक बहुमूल्य अवसर था।

   कई बार हम इस सच्चाई के साथ संघर्ष करते हैं कि परमेश्वर पिता को हमारी आवश्यकताएं सबसे बेहतर पता हैं। हम अकसर यही सोच कर चलते हैं कि जो हम चाहते हैं, जो हमारे विचार हैं वे ही सबसे अच्छे और उचित हैं। लेकिन जब हम परमेश्वर पर भरोसा रख कर सब कुछ उसके हाथों में छोड़ देते हैं, तो उसकी योजनाएं, उसके तरीके हमारे लिए सर्वोत्तम ठहरते हैं और उसकी महिमा के कारण बन जाते हैं। लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि ऐसा कहना तब तो सरल होता है जब परिणाम हमारी आशा से बढ़कर अच्छे निकल आएं; परन्तु जब परिणाम सामने ना हों, या कठिनाईयों का समय चल रहा हो, या उस भलाई को देखने के लिए हमें स्वर्ग पहुँचने की प्रतीक्षा करनी पड़े तो यही दृष्टिकोण रख पाना कठिन हो जाता है।

   इसीलिए हमें बुद्धिमान राजा सुलेमान की बात सदा स्मरण रखनी चाहिए: "तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा" (नीतिवचन 3:5-6)। - बिल क्राउडर


आज की घटनाओं में निहित परमेश्वर के उद्देश्य शायद कल भी दिखाई ना दें, लेकिन वे होंगे हमारी भलाई ही के लिए।

ऐसा भी मार्ग है, जो मनुष्य को सीधा देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है। - नीतिवचन 16:25

बाइबल पाठ: नीतिवचन 3:1-12
Proverbs 3:1 हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना; 
Proverbs 3:2 क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा। 
Proverbs 3:3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं; वरन उन को अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदय रूपी पटिया पर लिखना। 
Proverbs 3:4 और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा। 
Proverbs 3:5 तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। 
Proverbs 3:6 उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। 
Proverbs 3:7 अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना। 
Proverbs 3:8 ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा, और तेरी हड्डियां पुष्ट रहेंगी। 
Proverbs 3:9 अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना; 
Proverbs 3:10 इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा। 
Proverbs 3:11 हे मेरे पुत्र, यहोवा की शिक्षा से मुंह न मोड़ना, और जब वह तुझे डांटे, तब तू बुरा न मानना, 
Proverbs 3:12 क्योंकि यहोवा जिस से प्रेम रखता है उसको डांटता है, जैसे कि बाप उस बेटे को जिसे वह अधिक चाहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 89-90
  • रोमियों 14


गुरुवार, 13 अगस्त 2015

नीची नज़र


   मेरी आँख का एक छोटा ऑपरेशन होने के बाद नर्स ने मुझ से कहा, "दो सपताह तक नज़र नीचे करके मत देखना। तब तक कोई खाना नहीं पकाना और कोई सफाई नहीं करना।" ऑपरेशन के बाद लगे टांकों को भरने के लिए समय चाहिए था, जिस दौरान उन पर कोई ज़ोर नहीं आना था, इसीलिए नर्स ने मुझे ये निर्देश दिए। उन निर्देशों के दूसरे भाग का पालन करना तो आसान था, किंतु पहले भाग का पालन कुछ कठिन था।

   प्रसिद्ध लेखक सी. एस. ल्यूईस ने अपनी पुस्तक Mere Christianity में एक अन्य प्रकार की नीची नज़र के बारे में लिखा, जिसके कारण भी लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा, "परमेश्वर में हम एक ऐसी हस्ती के समक्ष आते हैं जो हर बात में, हर रीति से, अपने प्रत्येक विचार में, हम से असीम श्रेष्ठ है...जब तक घमण्ड आपके अन्दर है, आप परमेश्वर को नहीं जान सकते। एक घमण्डी व्यक्ति सदा दूसरों को नीची नज़रों से देखता है, और जब तक नज़र नीची रहेगी आप अपने से ऊपर का कुछ भी देख नहीं सकेंगे।"

   प्रभु यीशु ने, परमेश्वर के मन्दिर में खड़े एक फरीसी (धर्मगुरु) के व्यवहार के दृष्टांत द्वारा यही बात समझाई (लूका 18:9-14)। उस फरीसी को अपने धर्मी होने का घमण्ड था, मन्दिर में खड़ा होकर वह प्रार्थना कर रहा था और उसका घमण्ड उसकी प्रार्थना से प्रकट हो रहा था - उसने परमेश्वर का धन्यवाद किया कि वह अन्य लोगों के समान नहीं था; उसने अन्धेर करने वालों, अन्यायियों, व्यभिचारियों और पास ही खड़े प्रार्थना कर रहे एक महसूल लेने वाले को नीच दृष्टि से देखा और अपने आप को परमेश्वर के समक्ष उन से उत्तम प्रस्तुत किया। इसकी तुलना में उस महसूल लेने वाले ने स्वीकार किया कि वह पापी है और परमेश्वर से क्षमा और दया की प्रार्थना करी। प्रभु यीशु ने बताया कि उस मन्दिर में वह फरीसी नहीं वरन वह महसूल लेने वाला धर्मी ठहराया गया।

   घमण्ड हम सब के लिए एक समस्या हो सकता है। ना हो कि हम दूसरों को नीची नज़रों से देखें, वरन हम सदा परमेश्वर के सम्मुख अपनी नज़रें नीची रखें, अपने मन नम्र बनाए रखें। - ऐनी सेटास


आत्मिक घमण्ड सब प्रकार के घमण्डों से बढ़कर विनाशकारी होता है।

क्योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूं, कि जैसा समझना चाहिए, उस से बढ़कर कोई भी अपने आप को न समझे पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बांट दिया है, वैसा ही सुबुद्धि के साथ अपने को समझे। - रोमियों 12:3

बाइबल पाठ: लूका 18:9-14
Luke 18:9 और उसने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्‍छ जानते थे, यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luke 18:10 कि दो मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए; एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेने वाला। 
Luke 18:11 फरीसी खड़ा हो कर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाईं अन्‍धेर करने वाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेने वाले के समान हूं। 
Luke 18:12 मैं सप्‍ताह में दो बार उपवास करता हूं; मैं अपनी सब कमाई का दसवां अंश भी देता हूं। 
Luke 18:13 परन्तु चुंगी लेने वाले ने दूर खड़े हो कर, स्वर्ग की ओर आंखें उठाना भी न चाहा, वरन अपनी छाती पीट-पीटकर कहा; हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर। 
Luke 18:14 मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जा कर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 87-88
  • रोमियों 13


बुधवार, 12 अगस्त 2015

धन्य आशा


   परमेश्वर के वचन बाइबल में वर्णित संसार के अन्त के बारे में अनेक मनुष्यों द्वारा कही गई अनेक भविष्यवाणियाँ गलत साबित हो चुकी हैं। ये भविष्यवाणियाँ लोगों के मन में भय उत्पन्न करती हैं, उन्हें अस्थिर करती हैं, और जब वे पूरी नहीं होतीं, तो परमेश्वर के वचन के प्रति मन में शक और उपहास भी उत्पन्न करती हैं। लेकिन बाइबल एक ऐसे दिन के बारे में अवश्य बताती है, जिसे "प्रभु का दिन" कहा गया, जिस दिन प्रभु यीशु का पुनःआगमन होगा, अनेक दिल दहला देने वाली घटनाएं घटेंगी और फिर संसार के न्याय का समय भी आएगा; लेकिन यह सब कब होगा? बाइबल बड़ी स्पष्टता से बताती है कि उस दिन के बारे में सिवाय परमेश्वर के और कोई नहीं जानता, इसलिए किसी भी मनुष्य द्वारा उस दिन के विषय में अटकलें लगाना और भविष्यवाणियाँ करना लोगों को धोखा देना है।

   प्रभु का वह दिन एक ऐसा दिन है मसीही विश्वासी जिस की आनन्द के साथ बाट जोह सकते हैं क्योंकि वह दिन उनके लिए अनन्त आशीष और सुख को ले कर आएगा, परन्तु जितनों ने प्रभु यीशु पर विश्वास नहीं किया उनके लिए वह दिन अनन्त काल की पीड़ा के आरंभ का दिन हो जाएगा। उस आने वाले दिन के विषय प्रेरित पतरस हमें बताता है कि हम मसीही विश्वासी कैसे आनन्दमय उद्देश्य के साथ उस दिन की बाट जोह सकते हैं (2 पतरस 3:10-18)। परमेश्वर के वचन का यह खण्ड हमें सिखाता है कि हम कैसे मसीह को महिमा देने वाले जीवन व्यतीत करने के द्वारा स्वर्गीय दृष्टिकोण रख सकते हैं (पद 11)। हम अपने अन्दर परमेश्वर के सम्मुख खड़े होने की तैयारी रख सकते हैं (पद 14), और अपने बाहर की बातों का ध्यान रखते हुए चौकस रह सकते हैं जिससे कि किसी गलत शिक्षा या भ्रम ना फंस जाएं (पद 17)।

   यह सब हम कैसे करने पाएंगे? पतरस इसका मार्ग बताता है: "...हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ..." (2 पतरस 3:18)। जब हम परमेश्वर के लिखित वचन के द्वारा अपने चरित्र में उन्नत होते हैं तो हम प्रभु यीशु की, जो परमेश्वर का जीवित वचन है, और भी अधिक निकटता में बढ़ने लगते हैं। परमेश्वर का पवित्र आत्मा परमेश्वर के जीवित तथा लिखित वचन के द्वारा हमारा मार्गदर्शन करता है, हमें खराई से जीना सिखाता है।

   मसीह यीशु के अनुयायियों के लिए प्रभु का वह दिन कोई भयभीत करने वाला दिन नहीं होना चाहिए, क्योंकि उस दिन हमारा प्रभु, हमारा राजा आएगा और सब कुछ जो गलत है उसे सुधार देगा और सच्चे तथा खरे न्याय के साथ राज्य करेगा। हम बड़ी आशा के साथ उस दिन की बाट जोहते हैं; वह हमारी धन्य आशा है (तीतुस 2:13)। - सी. पी. हिया


एक दिन प्रभु यीशु न्याय के साथ राज्य करने के लिए लौट कर अवश्य आएगा।

और उस धन्य आशा की अर्थात अपने महान परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की महिमा के प्रगट होने की बाट जोहते रहें। - तीतुस 2:13 

बाइबल पाठ: 2 पतरस 3:10-18
2 Peter 3:10 परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त हो कर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे। 
2 Peter 3:11 तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए। 
2 Peter 3:12 और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्‍न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्‍त हो कर गल जाएंगे। 
2 Peter 3:13 पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी।
2 Peter 3:14 इसलिये, हे प्रियो, जब कि तुम इन बातों की आस देखते हो तो यत्‍न करो कि तुम शान्‍ति से उसके साम्हने निष्‍कलंक और निर्दोष ठहरो। 
2 Peter 3:15 और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसे हमारे प्रिय भाई पौलुस न भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है। 
2 Peter 3:16 वैसे ही उसने अपनी सब पत्रियों में भी इन बातों की चर्चा की है जिन में कितनी बातें ऐसी है, जिनका समझना कठिन है, और अनपढ़ और चंचल लोग उन के अर्थों को भी पवित्र शास्त्र की और बातों की नाईं खींच तान कर अपने ही नाश का कारण बनाते हैं। 
2 Peter 3:17 इसलिये हे प्रियो तुम लोग पहिले ही से इन बातों को जान कर चौकस रहो, ताकि अधर्मियों के भ्रम में फंस कर अपनी स्थिरता को हाथ से कहीं खो न दो। 
2 Peter 3:18 पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 84-86
  • रोमियों 12


मंगलवार, 11 अगस्त 2015

क्षमा


   समाचारों में पहले तो प्रसिद्ध लोगों द्वारा की गई गलतियों को, और फिर उन प्रसिद्ध लोगों की उस गलती के लिए करी गई क्षमा याचना को भी बड़े खुलासे से बयान किया जाता है। गलती करने वाला कोई प्रसिद्ध खिलाड़ी हो सकता है जो नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया; या वह कोई राजनेता हो सकता है जिसके द्वारा करा गया कोई अनुचित कार्य उजागर हो गया हो। मनुष्य के हृदय की वास्तविक दशा तो केवल परमेश्वर ही जानता है, लेकिन जब गलतियों के लिए पकड़े जाने पर हम उन लोगों को हिचकिचाते हुए या अटक अटक कर स्पष्टिकरण देते तथा क्षमा याचना करते हुए सुनते हैं तो यह विचार मन में अवश्य आता है कि क्या वे वास्तव में अपनी गलती के लिए शर्मिंदा हैं या उनका वह शोक मात्र औपचारिकता है, केवल उनके पकड़े जाने के कारण किया गया दिखावा है!

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रसिद्ध पात्र, दाऊद द्वारा अपनी गलती के लिए लिखे गए पश्चताप के भजन, भजन 51 को जब हम पढ़ते हैं तो लगता है जैसे दाऊद वास्तव में अपनी गलती के लिए शोकित था। इस भजन में राजा दाऊद, जिसके जीवन में पहले भी अनेक छुपे हुए पाप थे (2 शमूएल 12:1-13; भजन 32:3-5) अपने पाप का सार्वजनिक अंगीकार करता है, और परमेश्वर से दया की भीख माँगता है। दाऊद ने पहचाना कि उसका पाप ना केवल उसकी प्रजा का वरन सबसे बढ़कर परमेश्वर का अपमान है, और केवल परमेश्वर ही है जो उसका न्याय कर सकता है (भजन 51:1-6)। उसने एहसास किया कि उसे परमेश्वर के हाथों से शुद्ध होने की आवश्यकता है (पद 7-10); और इस शुद्धी के मिलने का उत्सव वह सेवा एवं आराधना द्वारा मनाता है (पद 11-17)।

   हम में से कोई नहीं है जिससे जाने या अनजाने में कभी पाप नहीं होता और जो अपने पाप के कारण परमेश्वर की महिमा से चूक नहीं जाता। जब भी हम जीवन में पाप के दबा देने वाल बोझ को अनुभव करें, तो हमें स्मरण करना चाहिए कि हमारे पास परमेश्वर द्वारा पाप के अंगीकार एवं क्षमा द्वारा आशीषित होने का भी मार्ग उपलब्ध है (1 यूहन्ना 1:9)। यह हमारे परमेश्वर पिता की महानता ही है जो हमारे पापों को भी हमारी आत्मिक बढ़ोतरी का मार्ग बना देता है, उन पापों द्वारा हमें उसके प्रेम और सामर्थ को समझ पाने का माध्यम देता है।

   परमेश्वर से सच्चे और समर्पित मन से क्षमा माँगने में कभी ना हिचकिचाएं; उसकी क्षमा सदा उपलब्ध और सदा भली है। - डेव ब्रैनन


अंगीकार का अर्थ है परमेश्वर के साथ अपने पाप के विषय में सहमत होना।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: 51
Psalms 51:1 हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे। 
Psalms 51:2 मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर! 
Psalms 51:3 मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है। 
Psalms 51:4 मैं ने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे। 
Psalms 51:5 देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
Psalms 51:6 देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा। 
Psalms 51:7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा। 
Psalms 51:8 मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं। 
Psalms 51:9 अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psalms 51:10 हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर। 
Psalms 51:11 मुझे अपने साम्हने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से अलग न कर। 
Psalms 51:12 अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा देकर मुझे सम्भाल।
Psalms 51:13 तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे। 
Psalms 51:14 हे परमेश्वर, हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर, मुझे हत्या के अपराध से छुड़ा ले, तब मैं तेरे धर्म का जयजयकार करने पाऊंगा।
Psalms 51:15 हे प्रभु, मेरा मुंह खोल दे तब मैं तेरा गुणानुवाद कर सकूंगा। 
Psalms 51:16 क्योंकि तू मेलबलि से प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता। 
Psalms 51:17 टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।
Psalms 51:18 प्रसन्न हो कर सिय्योन की भलाई कर, यरूशलेम की शहरपनाह को तू बना, 
Psalms 51:19 तब तू धर्म के बलिदानों से अर्थात सर्वांग पशुओं के होमबलि से प्रसन्न होगा; तब लोग तेरी वेदी पर बैल चढ़ाएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 81-83
  • रोमियों 11:19-36