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शनिवार, 16 अप्रैल 2016

सदस्य


   मॉरिस ग्रिफिन 32 वर्ष की आयु में लेपालक पुत्र बना। ऐसा होने से 20 वर्ष पहले वह लीसा और चार्ल्स गॉडबोल्ड के साथ कुछ समय मूँह-बोले पुत्र के समान रहा था, लेकिन फिर वह उन से अलग हो गया था। अब आधिकारिक रूप से लेपालक पुत्र बन सकने से पहले मॉरिस अकेला ही रह रहा था, किंतु उसकी तथा लीसा और चार्ल्स की भी यही लालसा रहती थी कि वह परिवार का सदस्य बन सके। अब जब मॉरिस पुनः लीसा और चार्ल्स के संपर्क में आया और जब उसका दत्तकपुत्र होना आधिकारिक हो गया, तो मॉरिस ने कहा, "संभवतः यह मेरे जीवन का सबसे अधिक खुशी का पल है....मैं अपनी घर-वापसी से बहुत प्रसन्न हूँ।"

   हम में से जो लोग परमेश्वर के परिवार के सदस्य बन चुके हैं, मॉरिस के समान ही कह सकते हैं कि "संभवतः यह मेरे जीवन का सबसे अधिक खुशी का पल है।" जब हम प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास लाकर, उससे अपने पापों की क्षमा माँगकर, अपने जीवन को उसे समर्पित कर देते हैं, तब हम उद्धार पा लेते हैं और परमेश्वर की सन्तान तथा परमेश्वर के परिवार के सदस्य हो जाते हैं और वह हमारा स्वर्गीय पिता हो जाता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हम सभी मसीही विश्वासियों को आश्वस्त करता है कि "क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो" (गलतियों 3:26)।

   परमेश्वर के लेपालक सन्तान हो जाने के बाद हमारे साथ हमारे आत्मिक भाई-बहिन जुड़ जाते हैं, और हम सब एक ही आत्मिक मीरास के वारिस हो जाते हैं: "और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में संभागी हों" (कुलुस्सियों 1:12)। साथ ही परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमारे अन्दर आकर निवास करने लगता है और हमें परमेश्वर को "अब्बा, पिता" कहकर संबोधित करने तथा उससे उसकी सन्तान होने के अधिकार के साथ प्रार्थना करने के लिए सक्षम करता है (गलतियों 4:6)।

   परमेश्वर की सन्तान होने का तात्पर्य है अपने स्वर्गीय पिता की उस निकटता, प्रेम और सुरक्षा को अनुभव करना जो हमसे प्रेम करता है, हमें हमारी कमियों-घटियों के बावजूद ग्रहण करता है, हमें अपने निकट रखना और हमें निकटता से जानना चाहता है। परमेश्वर के परिवार का सदस्य हो जाना एक अद्भुत घर-वापसी का अनुभव करना है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


किसी को भी पुनः घर में ले लेने के लिए परमेश्वर की बाहें सदा खुली रहती हैं।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: गलतियों 3:26-4:7
Galatians 3:26 क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो। 
Galatians 3:27 और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है। 
Galatians 3:28 अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो। 
Galatians 3:29 और यदि तुम मसीह के हो, तो इब्राहीम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो।
Galatians 4:1 मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्‍तुओं का स्‍वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं। 
Galatians 4:2 परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक रक्षकों और भण्‍डारियों के वश में रहता है। 
Galatians 4:3 वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में हो कर दास बने हुए थे। 
Galatians 4:4 परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। 
Galatians 4:5 ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले। 
Galatians 4:6 और तुम जो पुत्र हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को, जो हे अब्‍बा, हे पिता कह कर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है। 
Galatians 4:7 इसलिये तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है; और जब पुत्र हुआ, तो परमेश्वर के द्वारा वारिस भी हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 30-31
  • लूका 13:23-35


शुक्रवार, 15 अप्रैल 2016

मधुर सत्य


   जब वास्तव में उनकी आवश्यकता होती है तो मेरी पॉपिन्स कहाँ होती हैं? मैं मानता हूँ मेरा यह प्रश्न उन पुराने भले दिनों की याद दिलाता है जब बच्चों की कहानियों पर बनी फिल्में हमें कालपनिक और जादूई पात्रों और उनके अवास्तविक कार्यों द्वारा समस्याओं को पलक झपकते ही सरलता से सुलझा लेने को दिखाकर खुश करती थीं। लेकिन मेरे मन की अभिलाषा है ऐसे लोगों के लिए जो वास्तविक, आशापूर्ण भविष्य के दर्शन को लेकर कार्य करें। मेरी लालसा है उन लोगों के लिए जो रचनात्मक हैं, आनन्द से भरे हैं और जिन बातों को हम नकारात्मक दृष्टि से देखते हैं, उन्ही बातों के सकारात्मक पहलुओं को भी हमें दिखा सकें; जो हमें एहसास करवा सकें कि कड़ुवी दवाई भी एक चम्मच चीनी के साथ आसानी से निगली जा सकती है!

   परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने अपने एक भजन में ऐसे ही विचारों को लेकर एक प्रभावी सत्य लिखा: "यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं" (भजन 19:9-10)। आज हम बहुत ही कम यह सुनने पाते हैं कि सत्य मधुर भी हो सकता है; आम धारणा और सामान्यतः कही जाने वाली बात तो यह है कि सत्य कड़ुवा होता है, निगलने या स्वीकार करने में कठोर होता है। लेकिन सत्य का एक महत्वपूर्ण परन्तु कम स्वीकार किया जाने वाला पहलु यह भी है कि सत्य ऐसा आहार है जिससे अनेक रोगों से बचाव होता है। सत्य कोई बीमारी रोधक टीका या दवा नहीं है; सत्य तो भरपूरी से सामर्थ देने वाला पौष्टिक भोजन है जिसे ऐसे परोसा जाना चाहिए जिससे वह भूखों को आकर्षित करके उन्हें उसे चखने के लिए लालायित करे (भजन 34:8)।

   हम आराधना का एक गीत "यीशु सबसे मधुर नाम" तो गाते हैं किंतु यीशु के नाम और जीवन को संसार के समक्ष ऐसे प्रस्तुत करते हैं मानो वह नाम खट्टा पड़ गया हो। जो लोग आत्मिक भोजन के लिए तरसते हैं, उनके लिए प्रभु यीशु का निर्मल सत्य, जो यदि हमारे अहंकार या कटु व्यवहार अथवा स्वभाव से कलंकित नहीं हुआ है, सबसे मधुर स्वाद और तरोताज़गी देनेवाला होता है। हम मसीही विश्वासियों को यह आदर है कि हम इस मधुर सत्य को, पाप की कड़ुवाहट झेल रहे संसार के सामने प्रस्तुत करें। - जूली ऐकैरमैन लिंक


क्योंकि उसकी करूणा हमारे ऊपर प्रबल हुई है; और यहोवा की सच्चाई सदा की है याह की स्तुति करो! - भजन 117:2

परखकर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। - भजन 34:8

बाइबल पाठ: भजन 19:7-14
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; 
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है; 
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। 
Psalms 19:10 वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। 
Psalms 19:11 और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है। 
Psalms 19:12 अपनी भूलचूक को कौन समझ सकता है? मेरे गुप्त पापों से तू मुझे पवित्र कर। 
Psalms 19:13 तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वह मुझ पर प्रभुता करने न पाएं! तब मैं सिद्ध हो जाऊंगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूंगा।
Psalms 19:14 मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करने वाले!

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 27-29
  • लूका 13:1-22


गुरुवार, 14 अप्रैल 2016

कार्यरत


   विवियन और डॉन 90-100 के मध्य की आयु में हैं, और उनके वैवाहिक जीवन के 70 वर्ष पूरे हो चुके हैं। हाल ही में विवियन का कूल्हा टूट जाने से वे कठिनाई में आ गए; उनके लिए यह और भी अधिक दुःखी करने वाली बात इसलिए थी क्योंकि कई वर्षों से वे इस बात को लेकर दुःखी हैं कि अपनी उम्र के कारण वे नियमित चर्च नहीं जा पा रहे हैं और चर्च की गतिविधियों में भाग नहीं लेने पा रहे हैं।

   लेकिन फिर भी विवियन और डॉन प्रभु परमेश्वर के लिए सतत कार्यरत हैं; चाहे वे चर्च या अन्य स्थानों पर ना जा पाते हों किंतु वे प्रार्थना-योद्धा हैं। चर्च के तथा अन्य लोगों के लिए वे घर पर ही प्रार्थनाएं करते रहते हैं, अपनी प्रार्थनाओं में उनका ध्यान रखते हैं, उनके लिए परमेश्वर से सहायाता और आशीष जुटाते हैं। वे इस उम्र में भी, चाहे पृष्ठभूमि में ही सही, किंतु परमेश्वर के कार्य में कार्यरत हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती रचित सुसमाचार के 25वें अध्याय में प्रभु यीशु द्वारा दिया गया ’तोड़ों’ का दृष्टांत है, जिसके द्वारा उन्होंने सिखाया कि जो भी गुण, आशीष और योग्यता परमेश्वए ने हमें प्रदान करी है, उसका सदुपयोग परमेश्वर के राज्य की बढ़ोतरी के लिए सबको बुद्धिमानी से करना है, ना कि उन्हें ऐसे ही दबा कर निषक्रीय रखना है; और परमेश्वर ने अपने प्रत्येक जन को कुछ-ना-कुछ दिया है।

   परमेश्वर हमें केवल हमारी सामर्थ के वर्षों ही में उपयोग नहीं करता; परन्तु यदि हम उसे करने दें तो वह हमारे बचपन, बुढ़ापे, हमारी कमज़ोरियों और बीमारियों में भी हमें अपने लिए इस्तेमाल करता है। विवियन और डॉन इस बात का सजीव उदाहरण हैं, जो अपनी उम्र और अस्वस्थता के बावजूद आज भी परमेश्वर के लिए कार्यरत हैं। उन के समान, अपने उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर की सेवकाई के लिए अपने गुणों, आशीषों और योग्यताओं का सदुपयोग करके हम परमेश्वर का आदर और उपासना करते हैं। - डेव ब्रैनन


यदि आप इच्छुक हैं, तो परमेश्वर किसी भी उम्र या परिस्थिति में आपका उपयोग कर सकता है।

जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आनेवाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। - यूहन्ना 9:4

बाइबल पाठ: मत्ती 25:14-21
Matthew 25:14 क्योंकि यह उस मनुष्य की सी दशा है जिसने परदेश को जाते समय अपने दासों को बुलाकर, अपनी संपत्ति उन को सौंप दी। 
Matthew 25:15 उसने एक को पांच तोड़े, दूसरे को दो, और तीसरे को एक; अर्थात हर एक को उस की सामर्थ के अनुसार दिया, और तब पर देश चला गया। 
Matthew 25:16 तब जिस को पांच तोड़े मिले थे, उसने तुरन्त जा कर उन से लेन देन किया, और पांच तोड़े और कमाए। 
Matthew 25:17 इसी रीति से जिस को दो मिले थे, उसने भी दो और कमाए। 
Matthew 25:18 परन्तु जिस को एक मिला था, उसने जा कर मिट्टी खोदी, और अपने स्‍वामी के रुपये छिपा दिए। 
Matthew 25:19 बहुत दिनों के बाद उन दासों का स्‍वामी आकर उन से लेखा लेने लगा। 
Matthew 25:20 जिस को पांच तोड़े मिले थे, उसने पांच तोड़े और लाकर कहा; हे स्‍वामी, तू ने मुझे पांच तोड़े सौंपे थे, देख मैं ने पांच तोड़े और कमाए हैं। 
Matthew 25:21 उसके स्‍वामी ने उस से कहा, धन्य हे अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा; मैं तुझे बहुत वस्‍तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्‍वामी के आनन्द में संभागी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 25-26
  • लूका 12:32-59


बुधवार, 13 अप्रैल 2016

एकमात्र


   एक लेखक और वक्ता मार्टिन लिंडस्ट्रॉम का मानना है कि बहुत से लोगों के लिए उनके सेलफोन उन के परम मित्र के समान हो गए हैं। लिंडस्ट्रॉम ने इस विचार को लेकर कुछ प्रयोग किए और उन्होंने मस्तिष्क के MRI द्वारा इसका कारण पा लिया। लिंडस्ट्रॉम द्वारा किए गए प्रयोगों में पाया गया कि सेलफोन के साथ परम मित्र के समान व्यवहार करने वाले लोग जब भी अपने सेलफोन की घंटी को बजते हुए सुनते, या अपने सेलफोन को देखते तो उनके मस्तिष्क के उस भाग में प्रतिक्रिया होती हुई दिखाई देती जो भाग प्रेम, करुणा आदि भावनाओं के साथ जुड़ा होता है। लिंडस्ट्रॉम का कहना है, "यह प्रतिक्रिया ऐसी थी मानो वे लोग अपनी गर्ल-फ्रेंड, बॉय-फ्रेंड या परिवार जन के साथ हो गए हों।"

   हमारा प्रेम, समय और ध्यान पाने के लिए अनेक बातें होती हैं, और हमें बारंबार इस बात का निर्णय करना पड़ता है कि हम किस को प्राथमिकता देंगे। परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र यहोशु ने अपने संगी इस्त्राएलियों से, जिनके ऊपर परमेश्वर ने उसे अगुवा ठहराया था, कहा कि उन्हें केवल परमेश्वर को ही अपना प्रेम और उपासना देनी चाहिए, और वह तथा उसका परिवार ऐसा ही करेंगे "इसलिये अब यहोवा का भय मानकर उसकी सेवा खराई और सच्चाई से करो; और जिन देवताओं की सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार और मिस्र में करते थे, उन्हें दूर कर के यहोवा की सेवा करो। और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो कि तुम किस की सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा की सेवा नित करूंगा" (यहोशु 24:14-15)। उन दिनों उनके आस-पास के लोगों में प्रचलित मूर्तिपूजा के संदर्भ में यहोशु की यह बात बहुत महत्वपूर्ण थी। ये मूर्तियाँ मनुष्यों के हाथों द्वारा धातु से बनाई जाती थीं (भजन 115:4); और जीवते परमेश्वर की तुलना में बिलकुल सामर्थहीन थीं (भजन 115:5-7)। इसीलिए परमेश्वर के लोगों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया गया कि वे परमेश्वर में ही अपनी सुरक्षा ढूँढ़ें ना कि अन्य देवी-देवताओं में (न्यायियों 10:13-16)।

   प्रभु यीशु ने भी परमेश्वर के नियमों की चर्चा के समय परमेश्वर से ही पूर्णतया प्रेम रखने की बात को दोहराया: "उसने उस से कहा, तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख" (मत्ती 22:37)। हमारा सहायक और हमारी ढाल परमेश्वर ही है; केवल वह ही हमारे प्रेम, आराधाना और उपासना के योग्य एकमात्र परमेश्वर है। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर ही हमारे प्रत्येक प्रेम-भाव के योग्य है।

तू मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर कर के न मानना। तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है। तू उन को दण्डवत न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं, और जो मुझ से प्रेम रखते और मेरी आज्ञाओं को मानते हैं, उन हजारों पर करूणा किया करता हूं। - निर्गमन 20:3-6

बाइबल पाठ: भजन 115
Psalms 115:1 हे यहोवा, हमारी नहीं, हमारी नहीं, वरन अपने ही नाम की महिमा, अपनी करूणा और सच्चाई के निमित्त कर। 
Psalms 115:2 जाति जाति के लोग क्यों कहने पांए, कि उनका परमेश्वर कहां रहा? 
Psalms 115:3 हमारा परमेश्वर तो स्वर्ग में हैं; उसने जो चाहा वही किया है। 
Psalms 115:4 उन लोगों की मूरतें सोने चान्दी ही की तो हैं, वे मनुष्यों के हाथ की बनाईं हुई हैं। 
Psalms 115:5 उनका मुंह तो रहता है परन्तु वे बोल नहीं सकती; उनके आंखें तो रहती हैं परन्तु वे देख नहीं सकतीं। 
Psalms 115:6 उनके कान तो रहते हैं, परन्तु वे सुन नहीं सकतीं; उनके नाक तो रहती हैं, परन्तु वे सूंघ नहीं सकतीं। 
Psalms 115:7 उनके हाथ तो रहते हैं, परन्तु वे स्पर्श नहीं कर सकतीं; उनके पांव तो रहते हैं, परन्तु वे चल नहीं सकतीं; और अपने कण्ठ से कुछ भी शब्द नहीं निकाल सकतीं। 
Psalms 115:8 जैसी वे हैं वैसे ही उनके बनाने वाले हैं; और उन पर भरोसा रखने वाले भी वैसे ही हो जाएंगे।
Psalms 115:9 हे इस्राएल यहोवा पर भरोसा रख! तेरा सहायक और ढाल वही है। 
Psalms 115:10 हे हारून के घराने यहोवा पर भरोसा रख! तेरा सहायक और ढाल वही है। 
Psalms 115:11 हे यहोवा के डरवैयो, यहोवा पर भरोसा रखो! तुम्हारा सहायक और ढाल वही है।
Psalms 115:12 यहोवा ने हम को स्मरण किया है; वह आशीष देगा; वह इस्राएल के घराने को आशीष देगा; वह हारून के घराने को आशीष देगा। 
Psalms 115:13 क्या छोटे क्या बड़े जितने यहोवा के डरवैये हैं, वह उन्हें आशीष देगा।
Psalms 115:14 यहोवा तुम को और तुम्हारे लड़कों को भी अधिक बढ़ाता जाए! 
Psalms 115:15 यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, उसकी ओर से तुम अशीष पाए हो।
Psalms 115:16 स्वर्ग तो यहोवा का है, परन्तु पृथ्वी उसने मनुष्यों को दी है। 
Psalms 115:17 मृतक जितने चुपचाप पड़े हैं, वे तो याह की स्तुति नहीं कर सकते, 
Psalms 115:18 परन्तु हम लोग याह को अब से ले कर सर्वदा तक धन्य कहते रहेंगे। याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 22-24
  • लूका 12:1-31


मंगलवार, 12 अप्रैल 2016

नया आरंभ


   नया आरंभ संभव है! इसके बारे में एक नवयुवक ब्रेयन से पूछिए। ब्रेयन 12 वर्ष का था जब वह घर से भाग गया और 3 वर्ष तक आवारागर्दी और अपराध में लिप्त गिरोह के साथ रहा, उनके जैसे कार्य करता रहा, नशीले पदार्थों के सेवन करने में लिप्त रहा। फिर वह उस गिरोह से निकल कर वापस घर तो आ गया, लेकिन उसके लिए जीवन को वापस पटरी पर लाना कठिन हो रहा था क्योंकि नशीले पदार्थ बेचने के जुर्म में वह स्कूल से निकाला जा चुका था। ब्रेयन ने एक नए स्कूल में दाखिला लिया, जहाँ उसके एक अध्यापक ने उसे प्रेरित और उत्साहित किया कि वह अपने पुराने जीवन को दोहराने की बजाए उसके बारे में लिखना आरंभ करे। ब्रेयन ने यह चुनौती स्वीकार करी और आज वह उस नए आरंभ के आनन्द का अनुभव कर रहा है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी परमेश्वर ने अपने नबी यशायाह द्वारा निर्वासित यहूदियों को एक नए आरंभ के बारे में विचार करने को कहा। परमेश्वर ने उन से कहा, "अब बीती हुई घटनाओं का स्मरण मत करो, न प्राचीनकाल की बातों पर मन लगाओ" (यशायाह 43:18)। परमेश्वर ने उन्हें बीती बातों, उनकी अनाज्ञाकारिता के दण्ड, यहाँ तक कि उन्हें मिस्त्र की गुलामी से निकाल कर लाने के लिए जो सामर्थी कार्य परमेश्वर ने किए थे, उन सब पर थम कर रह जाने से मना किया। इस सब कि बजाए परमेश्वर ने उन्हें परमेश्वर की सहायता द्वारा बाबुल की गुलामी से निकल कर फिर से वापस अपने देश लौट कर बसने पर ध्यान केंद्रित करने और विचार-मग्न रहने को कहा।

   यही बात आज हमारे लिए भी लागू है; हम कितनी ही निराशा और कुँठाओं से होकर क्यों ना निकले हों, हमारे मन चाहे कितने भी भारी क्यों ना हों, आज परमेश्वर हमें हमारी इन सब बीती बातों से निकाल कर एक नया आरंभ दे सकता है। जब हम अपने जीवन पश्चाताप के साथ परमेश्वर को समर्पित करके प्रभु यीशु मसीह में होकर उससे अपना नाता जोड़ लेते हैं, उसके आज्ञाकारी हो जाते हैं, वह हमारा हाथ पकड़कर अपने साथ लिए चलता है, हमारे लिए मार्ग बनाता है और अनन्त शांति, आशा तथा आशीष का जीवन प्रदान करता है। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर भीतर से बाहर तक एक पूर्ण्त्या नया आरंभ देता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: यशायाह 43:14-21
Isaiah 43:14 तुम्हारा छुड़ाने वाला और इस्राएल का पवित्र यहोवा यों कहता है, तुम्हारे निमित्त मैं ने बाबुल को भेजा है, और उसके सब रहने वालों को भगोड़ों की दशा में और कसदियों को भी उन्हीं के जहाजों पर चढ़ाकर ले आऊंगा जिन के विषय वे बड़ा बोल बोलते हैं। 
Isaiah 43:15 मैं यहोवा तुम्हारा पवित्र, इस्राएल का सृजनहार, तुम्हारा राजा हूं। 
Isaiah 43:16 यहोवा जो समुद्र में मार्ग और प्रचण्ड धारा में पथ बनाता है, 
Isaiah 43:17 जो रथों और घोड़ों को और शूरवीरों समेत सेना को निकाल लाता है, (वे तो एक संग वहीं रह गए और फिर नहीं उठ सकते, वे बुझ गए, वे सन की बत्ती की नाईं बुझ गए हैं।) वह यों कहता है, 
Isaiah 43:18 अब बीती हुई घटनाओं का स्मरण मत करो, न प्राचीनकाल की बातों पर मन लगाओ। 
Isaiah 43:19 देखो, मैं एक नई बात करता हूं; वह अभी प्रगट होगी, क्या तुम उस से अनजान रहोगे? मैं जंगल में एक मार्ग बनाऊंगा और निर्जल देश में नदियां बहाऊंगा। 
Isaiah 43:20 गीदड़ और शुतर्मुर्ग आदि जंगली जन्तु मेरी महिमा करेंगे; क्योंकि मैं अपनी चुनी हुई प्रजा के पीने के लिये जंगल में जल और निर्जल देश में नदियां बहाऊंगा। 
Isaiah 43:21 इस प्रजा को मैं ने अपने लिये बनाया है कि वे मेरा गुणानुवाद करें।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 19-21
  • लूका 11:29-54


सोमवार, 11 अप्रैल 2016

सामर्थ


   मेरी तीन वर्षीय पोती, केटी, ने एक दिन अपने माता-पिता को परमेश्वर से सम्बंधित अपनी समझ से चकित कर दिया। केटी ने उन से कहा, "आप दोनों की ही बहने थीं जिन का देहान्त हो गया। लेकिन परमेश्वर ने उन्हें अपने साथ स्वर्ग में रहने के लिए बुला लिया; परमेश्वर कितना सामर्थी है!"

   परमेश्वर की असीम सामर्थ रहस्यमय है, लेकिन फिर भी ऐसी सरल है कि एक छोटा बच्चा भी उसे समझ सकता है। उस छोटी बच्ची केटी की विचार क्षमता भी उसे बता रही थी कि ऐसा अद्भुत आश्चर्यकर्म कर पाने का अर्थ है कि परमेश्वर अति सामर्थी है। बिना इस बात की बारीकियां जाने या समझे, केटी इतना समझती थी कि उसकी फूफी और मौसी को अपने पास स्वर्ग ले लेने के द्वारा परमेश्वर ने अपनी अद्भुत सामर्थ का परिचय दिया है।

   आज के अपने इस आधुनिक और जटिल संसार में हम कितनी बार थोड़ा रुक कर परमेश्वर के सामर्थी होने और हमारे आस-पास के उसकी सामर्थ के प्रमाणों पर विचार करते हैं? शायद जितना करना चाहिए उतना तो नहीं करते। हम यह नहीं समझ पाते कि परमेश्वर ने अपने वचन द्वारा कैसे सृष्टि की रचना करी (अय्युब 38-39; भजन 33:9; इब्रानियों 11:3); ना ही हम यह जानने पाते हैं कि कैसे वह सृष्टि को नियंत्रित करता है (नहेमयाह 9:6)। हमें यह भी नहीं पता कि परमेश्वर ने कब प्रभु यीशु के देहधारी होने की योजना बनाई और कार्यान्वित करी; और ना ही यह समझ पाते हैं कि हमारे उद्धार के लिए प्रभु यीशु द्वारा दिया गया बलिदान कैसे पर्याप्त है। लेकिन हम इतना जानते हैं कि यह सब सत्य है और परमेश्वर के द्वारा हुआ है।

   परमेश्वर की सामर्थ: अपनी विलक्षणता में असीम और अगाध, परन्तु फिर भी इतनी सरल कि बच्चा भी उसे पहचान ले, उसे जान ले। ऐसा परमेश्वर के प्रति समर्पण, आज्ञाकारिता और उसकी आराधना हमारा सौभाग्य है। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर का प्रत्येक कार्य सरलता और सामर्थ से चिन्हित होता है।

तू ही अकेला यहोवा है; स्वर्ग वरन सब से ऊंचे स्वर्ग और उसके सब गण, और पृथ्वी और जो कुछ उस में है, और समुद्र और जो कुछ उस में है, सभों को तू ही ने बनाया, और सभों की रक्षा तू ही करता है; और स्वर्ग की समस्त सेना तुझी को दण्डवत करती हैं। - नहेमयाह 9:6 

बाइबल पाठ: भजन 29
Psalms 29:1 हे परमेश्वर के पुत्रों यहोवा का, हां यहोवा ही का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ को सराहो। 
Psalms 29:2 यहोवा के नाम की महिमा करो; पवित्रता से शोभायमान हो कर यहोवा को दण्डवत करो। 
Psalms 29:3 यहोवा की वाणी मेघों के ऊपर सुन पड़ती है; प्रतापी ईश्वर गरजता है, यहोवा घने मेघों के ऊपर रहता है। 
Psalms 29:4 यहोवा की वाणी शक्तिशाली है, यहोवा की वाणी प्रतापमय है। 
Psalms 29:5 यहोवा की वाणी देवदारों को तोड़ डालती है; यहोवा लबानोन के देवदारों को भी तोड़ डालता है। 
Psalms 29:6 वह उन्हें बछड़े की नाईं और लबानोन और शिर्योन को जंगली बछड़े के समान उछालता है।
Psalms 29:7 यहोवा की वाणी आग की लपटों को चीरती है। 
Psalms 29:8 यहोवा की वाणी वन को हिला देती है, यहोवा कादेश के वन को भी कंपाता है।
Psalms 29:9 यहोवा की वाणी से हरिणियों का गर्भपात हो जाता है। और अरण्य में पतझड़ होती है; और उसके मन्दिर में सब कोई महिमा ही महिमा बोलता रहता है।
Psalms 29:10 जलप्रलय के समय यहोवा विराजमान था; और यहोवा सर्वदा के लिये राजा हो कर विराजमान रहता है। 
Psalms 29:11 यहोवा अपनी प्रजा को बल देगा; यहोवा अपनी प्रजा को शान्ति की आशीष देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 17-18
  • लूका 11:1-28


रविवार, 10 अप्रैल 2016

निर्देश तथा नियम


   मेरी परवरिश अमेरिका में हुई है, इसलिए मुझे यह बड़ा विचित्र लगता था कि संसार के अनेक देशों में लोग और वाहन सड़क की बांई ओर चलते हैं ना कि दाहिनी ओर, जैसा अमेरिका में है। फिर, जब मैं इंगलैंड में था, तो लंदन घुमाने वाले हमारे एक गाईड ने सड़क के बांई ओर चलने वाले नियम का एक संभावित कारण बताया; उसने कहा कि "सन 1800 के दशकों में पैदल चलने वाले तथा घोड़ा-गाड़ी वाले, दोनों एक ही सड़क का उपयोग करते थे। यदि घोड़ा-गाड़ी सड़क की दाहिनी ओर होती थी तो कभी-कभी गाड़ी चालक का चाबुक पैदल चल रहे किसी व्यक्ति को भी लग जाता था। इस खतरे को दूर करने के लिए यह नियम बना कर लागू किय गया कि सभी वाहन सड़क की बांई ओर ही चलेंगे जिससे पैदल चलने वालों को कोई खतरा ना रहे।"

   जैसे सड़क पर यातायात के नियम हमारी सुरक्षा और भलाई के लिए दिए जाते हैं, परमेश्वर के नियम भी हमारी सुरक्षा और भलाई के लिए हैं, क्योंकि वह हम से प्रेम करता है और सदा, हर बात में हमारा भला ही चाहता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने गलतिया की मसीही मण्डली को लिखी पत्री में लिखा: "हे भाइयों, तुम स्‍वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्‍वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन प्रेम से एक दूसरे के दास बनो। क्योंकि सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख" (गलतियों 5:13-14)।

   जैसे-जैसे हम परमेश्वर के वचन को अपने हृदयों में बसाते और अपने जीवनों में लागू करते हैं, हम इस बात का भी ध्यान रखें कि हमारे उस दयालु, करुणामय और अनुग्रहकारी परमेश्वर पिता ने हमारे जानने और मानने के लिए निर्देश तथा नियम भी दिए हैं जिससे हम उसे और निकटता से जान सकें, उसके जीवन को जी कर दिखा सकें और उससे आशीष तथा भलाई पाते रहें। - डेनिस फिशर


बाइबल में खोज कर प्राप्त कर लेने के लिए ज्ञान और बुद्धिमता के असीम खज़ाने परमेश्वर ने हमारे लिए रख छोड़े हैं।

भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! -  व्यवस्थाविवरण 5:29

बाइबल पाठ: गलतियों 5:1-14
Galatians 5:1 मसीह ने स्‍वतंत्रता के लिये हमें स्‍वतंत्र किया है; सो इसी में स्थिर रहो, और दासत्‍व के जूए में फिर से न जुतो।
Galatians 5:2 देखो, मैं पौलुस तुम से कहता हूं, कि यदि खतना कराओगे, तो मसीह से तुम्हें कुछ लाभ न होगा। 
Galatians 5:3 फिर भी मैं हर एक खतना कराने वाले को जताए देता हूं, कि उसे सारी व्यवस्था माननी पड़ेगी। 
Galatians 5:4 तुम जो व्यवस्था के द्वारा धर्मी ठहरना चाहते हो, मसीह से अलग और अनुग्रह से गिर गए हो। 
Galatians 5:5 क्योंकि आत्मा के कारण, हम विश्वास से, आशा की हुई धामिर्कता की बाट जोहते हैं। 
Galatians 5:6 और मसीह यीशु में न खतना, न खतनारिहत कुछ काम का है, परन्तु केवल, जो प्रेम के द्वारा प्रभाव करता है। 
Galatians 5:7 तुम तो भली भांति दौड़ रहे थे, अब किस ने तुम्हें रोक दिया, कि सत्य को न मानो। 
Galatians 5:8 ऐसी सीख तुम्हारे बुलाने वाले की ओर से नहीं। 
Galatians 5:9 थोड़ा सा खमीर सारे गूंधे हुए आटे को खमीर कर डालता है। 
Galatians 5:10 मैं प्रभु पर तुम्हारे विषय में भरोसा रखता हूं, कि तुम्हारा कोई दूसरा विचार न होगा; परन्तु जो तुम्हें घबरा देता है, वह कोई क्यों न हो दण्‍ड पाएगा। 
Galatians 5:11 परन्तु हे भाइयों, यदि मैं अब तक खतना का प्रचार करता हूं, तो क्यों अब तक सताया जाता हूं; फिर तो क्रूस की ठोकर जाती रही। 
Galatians 5:12 भला होता, कि जो तुम्हें डांवाडोल करते हैं, वे काट डाले जाते! 
Galatians 5:13 हे भाइयों, तुम स्‍वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्‍वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन प्रेम से एक दूसरे के दास बनो। 
Galatians 5:14 क्योंकि सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42