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मंगलवार, 28 जून 2016

आकर्षक


   पुराने दिनों की कहानी है, एक युवक जीविका कमाने के लिए ट्रेन में सेब बेचने का प्रयास कर रहा था। वह युवक सेबों से भरा हुआ थैला लिए हुए, ट्रेन के डब्बे के एक छोर से दुसरे तक कहता हुआ निकला, "सेब! क्या आप सेब खरिदना चाहेंगे?" डब्बे के दूसरे छोर तक पहुँचने पर उसका थैला सेबों से भरा हुआ था और जेब पैसों से खाली थी। एक व्यक्ति ने उसकी निराश हालत देखकर, उसे एक तरफ बुलाया और उससे एक सेब माँगा; उस सेब को लेकर वह डब्बे के अगले छोर पर गया, सेब को रुमाल से अच्छी तरह पोंछकर चमकता हुआ साफ किया और फिर उसे खाता हुआ डब्बे की दूसरे छोर की ओर चल निकला, साथ ही बोलता गया कि वह सेब कितना ताज़ा और अच्छे स्वाद का था। अब उसने उस युवक से कहा कि अब वह उन सेबों को बेचने का दोबारा प्रयास करे; इस बार उस युवक के सारे सेब बिक गए। अन्तर? एक व्यक्ति के व्यावाहरिक उदाहरण ने सेबों को खरीददारों के लिए आकर्षक कर दिया था।

   यह कहानी प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास से मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार को लोगों तक पहुँचाने का एक मार्ग सिखाती है - इस अद्भुत सुसमाचार को लोगों के लिए आकर्षक बनाएं; लोगों को दिखाएं कि इस सुसमाचार पर लाए गए विश्वास ने कैसे आपके जीवन में परिवर्तन किया है। परमेश्वर के वचन बाइबल की भी यही शिक्षा है; प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखा: "अवसर को बहुमूल्य समझ कर बाहर वालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो" (कुलुस्सियों 4:5)। जब हम अपने जीवनों में हमारे मसीही विश्वास में आने से आए परिवर्तन और सदगुणों जैसे, दया, प्रेम और अनुकंपा को दूसरों को प्रदर्शित करते हैं, तो हमारा जीवन औरों के लिए आकर्षक हो जाता है, उन्हें सोचने पर बाध्य करता है कि ऐसा परिवर्तन कैसे आया; और यही हमें उनसे समस्त संसार के सभी लोगों के लिए प्रभु यीशु के प्रेम, क्षमा, बलिदान और अनुग्रह का बयान करने का अवसर प्रदान करता है।

   व्यावाहरिक जीवन में प्रभु यीशु मसीह के सुसमाचार को जी कर दिखाएं; इससे ना केवल आपका जीवन भला तथा आकर्षक बनेगा, वरन सुसमाचार के प्रसार का कारण भी बनेगा। - डेव ब्रैनन


बदले हुए जीवन की सुन्दरता, लोगों को अन्दर से बदलने वाले की ओर आकर्षित करती है।

और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे। यहां तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने। क्योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की, जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं। - 1 थिस्सुलुनीकियों 1:6-8

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 4:2-6
Colossians 4:2 प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो। 
Colossians 4:3 और इस के साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें जिस के कारण मैं कैद में हूं। 
Colossians 4:4 और उसे ऐसा प्रगट करूं, जैसा मुझे करना उचित है। 
Colossians 4:5 अवसर को बहुमूल्य समझ कर बाहर वालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो। 
Colossians 4:6 तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21


सोमवार, 27 जून 2016

सिद्धांत


   यह माना जाता है कि युनानी चिकित्सक हिपोक्रेटिस वर्तमान एलोपैथिक चिकित्सा विज्ञान के जनक हैं। उन्होंने चिकित्सा में नैतिक मूल्यों का पालन करने के महत्व को समझा, और एक शपथ को लिखा जिसे आज भी चिकित्सकों के लिए नैतिक मार्गदर्शिका की तरह देखा जाता है। इस शपथ का मुख्य आधार है किसी का नुकसान नहीं करने का सिद्धांत; जिसका तात्पर्य है कि चिकित्सक केवल वही करेगा जिससे उसके मरीज़ों का भला हो।

   किसी का नुकसान ना करने का यह सिद्धांत हमारे दैनिक जीवन में भी लागू होता है। यही सिद्धांत परमेश्वर के वचन बाइबल की दूसरों से प्रेम करने की शिक्षा का आधार भी है। इस प्रकार प्रेम करने के परमेश्वर के इस नियम पर चिंतन करते हुए प्रेरित पौलुस ने पाया कि प्रेम का यह सिद्धांत कई अन्य शिक्षाओं का भी आधार है: "प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिये प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है" (रोमियों 13:10)।

   हमारे तथा समस्त जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के अनुसरण में हमें प्रतिदिन ऐसे चुनाव करने होते हैं जिनका प्रभाव दूसरों के जीवनों पर होता है। इसलिए जब हम कोई निर्णय लेने लगें तो ज़रा थम कर अपने आप से प्रश्न कर लें, "क्या यह प्रभु यीशु मसीह के दूसरों के प्रति चिंता को प्रतिबिंबित करता है, या मैं केवल अपने भले की ही चिंता के आधार पर ऐसा कर रहा हूँ?"

   दूसरों की भलाई के प्रति संवेदनशील होने का यह सिद्धांत, सारे जगत के प्रति प्रभु परमेश्वर के प्रेम को दिखाता है, जिसके अन्तर्गत परमेश्वर सबकी सहायता और सबका भला करना चाहता है (यूहन्ना 3:16)। - डेनिस फिशर


दूसरों के बोझों को उठाने में सहायक रहने की चिंता 
हमें अपने बोझों को भूलने में सहायक होती है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: रोमियों 13:8-14
Romans 13:8 आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदार न हो; क्योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है। 
Romans 13:9 क्योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना; चोरी न करना; लालच न करना; और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। 
Romans 13:10 प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिये प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है। 
Romans 13:11 और समय को पहिचान कर ऐसा ही करो, इसलिये कि अब तुम्हारे लिये नींद से जाग उठने की घड़ी आ पहुंची है, क्योंकि जिस समय हम ने विश्वास किया था, उस समय के विचार से अब हमारा उद्धार निकट है। 
Romans 13:12 रात बहुत बीत गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें। 
Romans 13:13 जैसा दिन को सोहता है, वैसा ही हम सीधी चाल चलें; न कि लीला क्रीड़ा, और पियक्कड़पन, न व्यभिचार, और लुचपन में, और न झगड़े और डाह में। 
Romans 13:14 वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 8-10
  • प्रेरितों 8:26-40


रविवार, 26 जून 2016

सहायक


   मेरा एक जानकार अपने मित्रों के साथ बालमोरल इलाके के पास शिकार करने के लिए गया था; बालमोरल का इलाका इंगलैंड की रानी की जागीर है। चलते-चलते उसके पैर में मोच आ गई और वह चलने से असमर्थ हो गया। उसने अपने मित्रों से कहा कि वे शिकार के लिए आगे चले जाएं और वह वहीं सड़क के किनारे उनके लौटने की प्रतीक्षा करेगा। उसे बैठे कुछ समय हुआ था कि एक कार वहाँ आई और उसे देखकर धीमी हुई फिर रुक गई। कार चलाने वाली महिला ने खिड़की का शीशा नीचे करके उससे पूछा कि वह ठीक तो है? उसने बताया कि उसे मोच आ गई है, वह चलने में असमर्थ है और अपने मित्रों के लौटने की प्रतीक्षा कर रहा है। महिला ने कहा, "कार में आ जाओ; मैं तुम्हें तुम्हारे ठहरने के स्थान पर छोड़ देती हूँ।" वह लंगड़ाता हुआ कार तक पहुँचा और दरवाज़ा खोलकर बैठने को ही था कि उसे एहसास हुआ कि उसकी सहायता करने वाली यह महिला स्वयं इंगलैंड की महारानी इलज़ाबेथ ही हैं!

   इंगलैंड की महारानी से इस प्रकार अनायास ही सहायता प्राप्त करना चाहे जितना भी आश्चर्यचकित करने वाला हो, लेकिन हमारे पास सहायता का एक इस से भी बढ़कर आश्चर्यचकित कर देने वाला प्रस्ताव है। इस सृष्टि का रचियता परमेश्वर स्वयं हमारे संसार में आया और हमारे समान ही एक बहुत ही सामान्य सा जीवन जिया, उसने हमारे कष्टों और परेशानियों को तथा हमारी परिस्थितियों को स्वयं अनुभव करके जाना, और उसने अपने संसाधानों के साथ हमारी सहायता सेंत-मेंत करने का प्रस्ताव हमारे सामने रखा है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने पूरे भरोसे के साथ लिखा है, "परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक" (भजन 46:1)। हमारा उद्धाकर्ता परमेश्वर हमारी सहायतार्थ सभी बातों को सह पाने के लिए हमें अपना अनुग्रह, हमें दृढ़ और सामर्थी बनाए रखने तथा मार्गदर्शन के लिए अपना जीवता वचन, हमारे प्रोत्साहन तथा हमारे लिए प्रार्थना करने के लिए मित्र देता है साथ ही यह अटल और अडिग आश्वासन भी देता है कि वह सब बातों के द्वारा अन्ततः हमारा भला ही करेगा (रोमियों 8:28)।

   जब कभी आप स्वयं को अकेला और निःसहाय अनुभव करें, अपने सदा उपलब्ध सहायक, प्रभु परमेश्वर का ध्यान करें, उसे पुकारें, उसका मार्गदर्शन लें; वह समस्त संसार के सभी लोगों से प्रेम करता है, उनकी सहायता करना चाहता है। - जो स्टोवैल


आनन्दित हों! प्रभु परमेश्वर सहायता करने वाला अधिपति है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: भजन 46
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। 
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं; 
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है। 
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है। 
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। 
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है। 
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है! 
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! 
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 5-7
  • प्रेरितों 8:1-25


शनिवार, 25 जून 2016

स्वर्गीय बुद्धि


   यदि कियरा विल्मोट ने अपना प्रयोग हाई स्कूल की अपनी विज्ञान कक्षा में किया होता तो संभवतः उसे "A" मिलता; परन्तु अब उस पर विसफोट करने का आरोप आ गया था। यद्यपि कियरा चाहती थी कि उसका वह प्रयोग उसकी विज्ञान शिक्षिका की जानकारी, निगरानी तथा सहमति से किया जाए, किंतु उसके सहपाठियों ने उसे वह प्रयोग कक्षा के बाहर स्वयं ही कर लेने के लिए उकसाया। उन सहपाठियों के उकसाने में आकर कियरा ने कुछ रसायनों को एक प्लास्टिक की बोतल में मिला दिया, जिससे विस्फोट हो गया; इस अप्रत्याशित घटना से उस के कुछ सहपाठी विचलित हो गए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम ऐसे ही दबाव डाल कर कुछ करवाने की घटना पढ़ते हैं। दाऊद और उसके साथी राजा शाऊल से अपनी जान बचाने के लिए एक गुफा में छिपे हुए थे; और अनायास ही उसी गुफा में शाऊल अकेला ही आ गया (1 शमूएल 24)। दाऊद के साथियों ने उसे सलाह दी कि परमेश्वर ने उसके शत्रु को उसके हाथ में कर दिया है, और उकसाया कि दाऊद शाऊल को मार डाले (पद 4, 10)। उन लोगों का सोचना था कि यदि शाऊल मर जाएगा, तो फिर उन्हें छिप कर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और दाऊद राजा बन सकेगा। परन्तु दाऊद ने शाऊल का कुछ भी नुकसान करने से स्पष्ट इन्कार कर दिया क्योंकि शाऊल "यहोवा का अभिषिक्त है" (पद 6)।

   ऐसा हमारे जीवनों में भी अनेकों बार होता है जब लोग हमें कुछ ऐसा कारने की सलाह देते हैं जो उस समय या परिस्थिति में सही, व्यावाहरिक या लाभदायक प्रतीत होता है। किंतु सांसारिक और स्वर्गीय बुद्धि में बहुत अन्तर है: "पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्र होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्‍छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है" (याकूब  3:17)। जैसे प्रेरित पौलुस ने कहा है, परमेश्वर ने हम मसीही विश्वासियों को संसार में संसार की रीति और ज्ञान के लिए नहीं वरन परमेश्वर का ज्ञान दर्शाने के लिए ठहराया है (1 कुरिन्थियों 2:6-7)। जब लोग हमें कोई कार्य करने के लिए उकसाएं, तो हमारे लिए भला होगा कि हम परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह हमें स्वर्गीय बुद्धि दे, सही मार्ग दिखाए और हर गलत कार्य से बचाए, चाहे वह कितना भी व्यावाहरिक अथवा लाभदायक क्यों ना प्रतीत हो। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


जो अपनी बुद्धिमता परमेश्वर से प्राप्त करता है, वही वास्तव में बुद्धिमान होता है।

फिर भी सिद्ध लोगों में हम ज्ञान सुनाते हैं: परन्तु इस संसार का और इस संसार के नाश होने वाले हाकिमों का ज्ञान नहीं। परन्तु हम परमेश्वर का वह गुप्‍त ज्ञान, भेद की रीति पर बताते हैं, जिसे परमेश्वर ने सनातन से हमारी महिमा के लिये ठहराया। - 1 कुरिन्थियों 2:6-7

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 24:1-10
1 Samuel 24:1 जब शाऊल पलिश्तियों का पीछा कर के लौटा, तब उसको यह समाचार मिला, कि दाऊद एनगदी के जंगल में है। 
1 Samuel 24:2 तब शाऊल समस्त इस्राएलियों में से तीन हजार को छांटकर दाऊद और उसके जनों को बनैले बकरों की चट्टानों पर खोजने गया। 
1 Samuel 24:3 जब वह मार्ग पर के भेड़शालों के पास पहुंचा जहां एक गुफा थी, तब शाऊल दिशा फिरने को उसके भीतर गया। और उसी गुफा के कोनों में दाऊद और उसके जन बैठे हुए थे। 
1 Samuel 24:4 तब दाऊद के जनों ने उस से कहा, सुन, आज वही दिन है जिसके विषय यहोवा ने तुझ से कहा था, कि मैं तेरे शत्रु को तेरे हाथ में सौंप दूंगा, कि तू उस से मनमाना बर्ताव कर ले। तब दाऊद ने उठ कर शाऊल के बागे की छोर को छिपकर काट लिया। 
1 Samuel 24:5 इसके पीछे दाऊद शाऊल के बागे की छोर काटने से पछताया। 
1 Samuel 24:6 और अपने जनों से कहने लगा, यहोवा न करे कि मैं अपने प्रभु से जो यहोवा का अभिषिक्त है ऐसा काम करूं, कि उस पर हाथ चलाऊं, क्योंकि वह यहोवा का अभिषिक्त है। 
1 Samuel 24:7 ऐसी बातें कहकर दाऊद ने अपने जनों को घुड़की लगाई और उन्हें शाऊल की हानि करने को उठने न दिया। फिर शाऊल उठ कर गुफा से निकला और अपना मार्ग लिया। 
1 Samuel 24:8 उसके पीछे दाऊद भी उठ कर गुफा से निकला और शाऊल को पीछे से पुकार के बोला, हे मेरे प्रभु, हे राजा। जब शाऊल ने फिर के देखा, तब दाऊद ने भूमि की ओर सिर झुका कर दण्डवत की। 
1 Samuel 24:9 और दाऊद ने शाऊल से कहा, जो मनुष्य कहते हैं, कि दाऊद तेरी हानि चाहता है उनकी तू क्यों सुनता है? 
1 Samuel 24:10 देख, आज तू ने अपनी आंखों से देखा है कि यहोवा ने आज गुफा में तुझे मेरे हाथ सौंप दिया था; और किसी किसी ने तो मुझ से तुझे मारने को कहा था, परन्तु मुझे तुझ पर तरस आया; और मैं ने कहा, मैं अपने प्रभु पर हाथ न चलाऊंगा; क्योंकि वह यहोवा का अभिषिक्त है।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 3-4
  • प्रेरितों 7:44-60


शुक्रवार, 24 जून 2016

मरम्मत


   अपने इंगलैंड भ्रमण के दौरान मैंने एक स्थान से वहाँ के प्रसिद्ध बोन चाईना से बने कुछ मग स्मृति-चिन्ह के लिए खरीदे। मैं उनका प्रयोग बहुत सावधानी से करती थी, किंतु फिर भी एक गिरकर टूट ही गया। हाल ही में मैंने जापान की एक कला "किंत्सूगी" के विषय में जाना, जो टूटी हुई बहुमूल्य चीज़ों को पुनःसुधारने के लिए काम आती है और मुझे अपना बोन चाईना क वह टूटा हुआ मग स्मरण हो आया। सामान्यतः जब कोई चीज़ टूट जाती है तो हम उसे पुनः प्रयोग योग्य हो जाने तक सुधार पाने में ही प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन कई सदी पहले जापान के एक कलाकार ने ठान लिया कि वह टूटे हुए बोन चाईना को फिर से सुन्दर बनाएगा। ऐसा करने के लिए वह टूटे हुए टुकड़ों को आपस में जोड़े रखने के लिए सुन्हरे गोंद का प्रयोग करने लगा। उसके ईजाद किए तरीकों से जोड़ी गई वस्तुओं में बारीक और सुनहरी धारियाँ होती हैं जो उसकी सुन्दरता को बनाती हैं।

   मानव इतिहास के प्रारंभ में ही पाप ने संसार में प्रवेश किया (उत्पत्ति 3); मनुष्य के पाप में गिरने की घटना को धर्मशास्त्री "पतन" कहते हैं, जिसका अवश्यंभावी परिणाम टूटना है। जीवन दुःखदायी होता है क्योंकि अपने टूटे जीवन के पैने और धारदार टुकड़ों से हम अपने आप को तथा दूसरों को आहत करते रहते हैं। लेकिन परमेश्वर नहीं चाहता कि हम ऐसे टूटे और दुःखदायी रहें, वह चाहता है कि हम अपने टूटे हुए जीवन को उसे समर्पित कर दें, हमारे जीवनों में उसे अपना कार्य कर लेने दें, जिससे अन्ततः हमारे टूटे जीवन सुधर और निखर कर सुन्दर कलाकृति बन जाएंगे।

   जब हम अपने आप को उसके हाथों में पूर्णतः समर्पित कर देते हैं तो एक किंत्सूगी कलाकार के समान परमेश्वर हमारी मरम्मत करता है। लेकिन हमारी मरम्मत के लिए वह किसी सुनहरे गोंद का नहीं वरन अपने पुत्र, प्रभु यीशु मसीह के कलवरी के क्रूस पर बहे लहू का उपयोग करता है। हमारे जीवनों के टूटे टुकड़े जब प्रभु यीशु के द्वारा मरम्मत कर दिए जाते हैं तब "क्योंकि यदि हम उस की मृत्यु की समानता में उसके साथ जुट गए हैं, तो निश्चय उसके जी उठने की समानता में भी जुट जाएंगे" (रोमियों 6:5) - हम मसीह यीशु की समानता में आकर उसके जैसे ही सुन्दर हो जाते हैं! - जूली ऐकैअरमैन लिंक


पापों के परिणाम से छूटकारे का दाम प्रभु यीशु के बलिदान और लहु द्वारा चुकाया गया है।

पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है। - 1 यूहन्ना 1:7 

बाइबल पाठ: रोमियों 6:1-14
Romans 6:1 सो हम क्या कहें? क्या हम पाप करते रहें, कि अनुग्रह बहुत हो? 
Romans 6:2 कदापि नहीं, हम जब पाप के लिये मर गए तो फिर आगे को उस में क्योंकर जीवन बिताएं? 
Romans 6:3 क्या तुम नहीं जानते, कि हम जितनों ने मसीह यीशु का बपतिस्मा लिया तो उस की मृत्यु का बपतिस्मा लिया 
Romans 6:4 सो उस मृत्यु का बपतिस्मा पाने से हम उसके साथ गाड़े गए, ताकि जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हुओं में से जिलाया गया, वैसे ही हम भी नए जीवन की सी चाल चलें। 
Romans 6:5 क्योंकि यदि हम उस की मृत्यु की समानता में उसके साथ जुट गए हैं, तो निश्चय उसके जी उठने की समानता में भी जुट जाएंगे। 
Romans 6:6 क्योंकि हम जानते हैं कि हमारा पुराना मनुष्यत्व उसके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया, ताकि पाप का शरीर व्यर्थ हो जाए, ताकि हम आगे को पाप के दासत्व में न रहें। 
Romans 6:7 क्योंकि जो मर गया, वह पाप से छूटकर धर्मी ठहरा। 
Romans 6:8 सो यदि हम मसीह के साथ मर गए, तो हमारा विश्वास यह है, कि उसके साथ जीएंगे भी। 
Romans 6:9 क्योंकि यह जानते हैं, कि मसीह मरे हुओं में से जी उठ कर फिर मरने का नहीं, उस पर फिर मृत्यु की प्रभुता नहीं होने की। 
Romans 6:10 क्योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया; परन्तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है। 
Romans 6:11 ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो। 
Romans 6:12 इसलिये पाप तुम्हारे मरनहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के आधीन रहो। 
Romans 6:13 और न अपने अंगो को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमेश्वर को सौंपो, और अपने अंगो को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो। 
Romans 6:14 और तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्योंकि तुम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हो।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 1-2
  • प्रेरितों 7:22-43


गुरुवार, 23 जून 2016

सुधार और संरक्षण


   सदियों से समय या अन्य किसी कारण से जीर्ण होकर खराब हो गई कलाकृतियों को ठीक करने और उन्हें सुरक्षित रखने के अनेक प्रयास होत आए हैं। इनमें से कई प्रयास अपने उद्देश्य में सफल हुए और उन महान कलाकारों की मूल कृतियों को कुशलता से संरक्षित किया जा सके, लेकिन कुछ प्रयास असफल भी हुए जिसके कारण प्रतिभाशाली कलाकारों की कलाकृतियाँ और भी खराब हो गईं; इन खराब हुई कलाकृतियों में कुछ यूनानी मूर्तियाँ और दा-विन्ची के दो चित्र भी हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, प्रेरित पौलुस द्वारा कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखे पत्र में पौलुस ने एक ऐसे सुधार और संरक्षण के कार्य के बारे में बताया है जो संसार द्वारा होने वाले किसी भी सुधार और संरक्षण से संभव नहीं है; यह सुधार और संरक्षण है परमेश्वर के लोगों का। पौलुस ने लिखा: "...क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है" (कुलुस्सियों 3:9-10)। यह किसी मृत कलाकार की सांसारिक कलाकृति के सुधार और संरक्षण का कार्य नहीं है; यह आत्मिक सुधार और संरक्षण का कार्य है जो जीवते और सच्चे परमेश्वर द्वारा किया जाता है; उस परमेश्वर द्वारा जिसने हमें सृजा है, जिसने अपने पुत्र और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु में होकर अनुग्रह से हमें नया जीवन सेंत-मेंत उपहार के रूप में प्रदान किया है। उसकी क्षमा हमारे जीवनों में नए रंग भर देती है और उसका अनुग्रह हमारे जीवनों के लिए उसके उद्देश्यों की रूपरेखा को स्पष्ट और निखरा हुआ कर देता है।

   हमारे जीवन का चित्रपटल हमारे प्रभु के कुशल हाथों में सुरक्षित है; उस प्रभु के जो यह बखूबी जानता है कि उसने हमें किस लिए रचा है, और वह हम से क्या चाहता है। अपने पापों के कारण हम चाहे कितने भी दूषित और बिगड़े हुए क्यों ना हों, जब भी हम पश्चाताप और समर्पण के साथ उसके पास आते हैं, उससे मिलने वाले सुधार और संरक्षण के कारण हमारे उज्जवल भविष्य के लिए आशा सदा बनी रहती है। परमेश्वर वह सर्वोत्त्म और सबसे महान कलाकार है जो स्वयं अपनी कलाकृति का सुधार और संरक्षण करने के लिए उपलब्ध और तत्पर रहता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु मसीह हर किसी के जीवन का सुधार और संरक्षण कर सकने का विशेषज्ञ है।

परन्तु वह जानता है, कि मैं कैसी चाल चला हूँ; और जब वह मुझे ता लेगा तब मैं सोने के समान निकलूंगा। - अय्यूब 23:10

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:5-17
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। 
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। 
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। 
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तेर 9-10
  • प्रेरितों 7:1-21


बुधवार, 22 जून 2016

मुलाकात


   मेरे दादा, मेरे पिता और उनके भाई, सभी कठोर प्रवृति के थे और उन्हें कदापि पसन्द नहीं था कि कोई उनके समक्ष खड़ा रहकर उनसे मसीही विश्वास की बातें करे। जब पता चला कि मेरे पिता को कैंसर है, और ऐसा जो तेज़ी से बढ़ता और फैलता है, तो मुझे उनके अनन्त भविष्य की बहुत चिंता हुई, और मुझे जब भी अवसर मिलता मैं उनसे प्रभु यीशु मसीह और हमारे लिए उसके प्रेम के बारे में बातें करता। लेकिन वे प्रत्येक वार्तालाप को एक शिष्ट किंतु दृढ़ "मुझे जो जानना चाहिए वह मुझे पता है" कह कर अन्त कर देते थे।

   अन्ततः मैंने उनसे वायदा किया कि मैं यह विषय फिर कभी नहीं उठाऊँगा, और उन्हें पढ़ने के लिए कुछ कार्ड्स का संकलन दिया जो परमेश्वर द्वारा अपने अनुग्रह से हमें प्रदान करी जाने वाली पापों की क्षमा के बारे में थे, और जिन्हें वे अपनी इच्छा और समयानुसार पढ़ सकते थे। मैंने अपने पिता को परमेश्वर पिता के हाथों में समर्पित कर दिया और उनके उद्धार के लिए प्रार्थना करता रहा। मेरा एक मित्र भी परमेश्वर पिता से उनके लिए प्रार्थना कर रहा था कि वे बस इतना तो जीवित रह सकें कि प्रभु यीशु मसीह और उद्धार के बारे में जान लें।

   एक दोपहर वह फोन आ ही गया कि मेरे पिता अब संसार से कूच कर गए हैं। मैं उनके अन्तिम संस्कार के लिए घर गया, जहां मेरा भाई मुझे लेने हवाई-अड्डे पर आया था। भाई ने मुझे बताया कि मेरे पिता ने उसके पास मेरे लिए एक सन्देश छोड़ा था; उससे पिताजी ने कहा था कि वह मुझे बता दे कि उन्होंने प्रभु यीशु से पापों की क्षमा मांग ली थी। मैंने तुरंत पूछा, "कब?" भाई ने उत्तर दिया "उनके देहांत के दिन की प्रातः को" - परमेश्वर ने जैसे हम पर, वैसे ही उन पर भी अपनी दया करी, उन्हें पापों से पश्चताप करने और उन पापों की क्षमा प्राप्त होने का अनुभव होने तक, प्रभु यीशु से उनकी मुलाकात होने तक उन्हें जीवित रखा।

   लोगों तक प्रभु यीशु के प्रेम और उनसे मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के सन्देश को पहुँचाने के लिए हम विभिन्न तरीके अपनाते हैं, जैसे कि सुसमाचार सुनाना, या अपने जीवन और हृदय परिवर्तन की गवाही देना, कभी-कभी केवल प्रभु यीशु के जीवन और शिक्षाओं को अपने जीवन में जी कर दिखाना, आदि लेकिन हर तरीके के साथ हम प्रार्थना का भी सहारा अवश्य लेते हैं क्योंकि हम यह जानते हैं कि अन्ततः पापों की क्षमा और उद्धार देना परमेश्वर का कार्य है, हम अपने प्रयासों से ना तो इसे किसी को दे सकते हैं और ना ही कोई भी व्यक्ति अपने किसी प्रयास अथवा धार्मिकता से इसे परमेश्वर से कमा सकता है।

   परमेश्वर अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है; हमारी प्रर्थनाओं का परिणाम चाहे जो भी हो किंतु प्रभु यीशु से मुलाकात का अवसर परमेश्वर सब को प्रदान करता है। क्या आपने आपको दिए गए इस सुअवसर का सही लाभ उठाया है? क्या आपने प्रभु यीशु से मुलाकात कर ली है? - रैंडी किलगोर


हम बीज बोते और सींचते हैं किंतु उसका उगना और फलवंत होना परमेश्वर की ओर से होता है।

वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें। क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है। - 1 तिमुथियुस 2:4-5

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 1:11-17
1 Timothy 1:11 यही परमधन्य परमेश्वर की महिमा के उस सुसमाचार के अनुसार है, जो मुझे सौंपा गया है।
1 Timothy 1:12 और मैं, अपने प्रभु मसीह यीशु का, जिसने मुझे सामर्थ दी है, धन्यवाद करता हूं; कि उसने मुझे विश्वास योग्य समझकर अपनी सेवा के लिये ठहराया। 
1 Timothy 1:13 मैं तो पहिले निन्‍दा करने वाला, और सताने वाला, और अन्‍धेर करने वाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे। 
1 Timothy 1:14 और हमारे प्रभु का अनुग्रह उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, बहुतायत से हुआ। 
1 Timothy 1:15 यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं। 
1 Timothy 1:16 पर मुझ पर इसलिये दया हुई, कि मुझ सब से बड़े पापी में यीशु मसीह अपनी पूरी सहनशीलता दिखाए, कि जो लोग उस पर अनन्त जीवन के लिये विश्वास करेंगे, उन के लिये मैं एक आदर्श बनूं। 
1 Timothy 1:17 अब सनातन राजा अर्थात अविनाशी अनदेखे अद्वैत परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तेर 6-8
  • प्रेरितों 6