ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2016

प्रमाण


   महारानी एलिज़बेथ द्वितीय ब्रिटिश सामराज्य पर 60 वर्ष से भी अधिक समय से राज्य कर रही हैं। उनके शासन का यह समय शालीनता और उच्च कोटि के राजकीय व्यवहार का समय रहा है। उन्होंने अपने जीवन को अपने लोगों की अच्छी सेवा करते रहने के लिए समर्पित किया है, और परिणामस्वरूप उनकी प्रजा उन से बहुत प्रेम करती है, उनका बहुत आदर करती है। इसलिए आप उनके राजमहल, बकिंघम पैलेस के ऊपर फैहराने वाले झण्डे के महत्व को समझ सकते हैं। जब वह झण्डा फहरा रहा होता है तो यह संकेत है कि वे लंदन के मध्य में स्थित अपने महल में हैं; महारानी अपने लोगों के साथ मौजूद हैं।

   जब मैं इसके बारे में सोच रहा था, तो मुझे ध्यान आया कि मसीह यीशु भी हम मसीही विश्वासियों के हृदयों में निवास करता है, और उसका वायदा है कि वह हमें छोड़कर कभी नहीं जाएगा, सदा हमारे साथ बना रहेगा (इब्रानियों 13:5)। यह बात हम सब के लिए व्यक्तिगत रीति से महत्वपूर्ण और अद्भुत तो है, परन्तु क्या हमारे आस-पास के लोग हमारे चाल-चलन और व्यवहार से कभी यह जानने पाते हैं कि मसीह यीशु हमारे साथ, हमारे अन्दर निवास करता है? यदि वह हमारे अन्दर है तो फिर उसकी यह उपस्थिति हमारे जीवन द्वारा बाहर भी प्रकट होनी चाहिए।

   इसके लिए जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कहा है, हमें परमेश्वर का अनुकरण करने वाला, और जैसे मसीह यीशु ने हम से प्रेम किया है वैसे ही हमें भी औरों के साथ प्रेम करने वाला होना चाहिए (इफिसियों 5:1-2)। जब हम ऐसा करेंगे तो हम उन आत्मा के फलों को भी प्रकट करेंगे जो परमेश्वर पवित्र आत्मा की हमारे अन्दर उपस्थिति से हम में उत्पन्न होते हैं (गलतियों 5:22-23)। इसलिए आईए हम प्रभु परमेश्वर की हमारे अन्दर रहने वाली उपस्थिति के झण्डे - उसके अनुग्रह, धार्मिकता और प्रेम के प्रदर्शन, को बुलन्द करें जिससे औरों के सामने हमारे अन्दर उसकी उपस्थिति का प्रमाण स्पष्ट प्रकट हो। - जो स्टोवैल


मसीह यीशु की उपस्थिति के झण्डे को अपने जीवनों में फहराएं,
 ताकि लोग जान सकें कि महाराजा अपने सिंहासन पर विराजमान है।

पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं। - गलतियों 5:22-23

बाइबल पाठ: इफिसियों 5:1-13
Ephesians 5:1 इसलिये प्रिय, बालकों की नाईं परमेश्वर के सदृश बनो। 
Ephesians 5:2 और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। 
Ephesians 5:3 और जैसा पवित्र लोगों के योग्य है, वैसा तुम में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो। 
Ephesians 5:4 और न निर्लज्ज़ता, न मूढ़ता की बातचीत की, न ठट्ठे की, क्योंकि ये बातें सोहती नहीं, वरन धन्यवाद ही सुना जाएं। 
Ephesians 5:5 क्योंकि तुम यह जानते हो, कि किसी व्यभिचारी, या अशुद्ध जन, या लोभी मनुष्य की, जो मूरत पूजने वाले के बराबर है, मसीह और परमेश्वर के राज्य में मीरास नहीं। 
Ephesians 5:6 कोई तुम्हें व्यर्थ बातों से धोखा न दे; क्योंकि इन ही कामों के कारण परमेश्वर का क्रोध आज्ञा ना मानने वालों पर भड़कता है। 
Ephesians 5:7 इसलिये तुम उन के सहभागी न हो। 
Ephesians 5:8 क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाईं चलो। 
Ephesians 5:9 (क्योंकि ज्योति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)। 
Ephesians 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है 
Ephesians 5:11 और अन्धकार के निष्‍फल कामों में सहभागी न हो, वरन उन पर उलाहना दो। 
Ephesians 5:12 क्योंकि उन के गुप्‍त कामों की चर्चा भी लाज की बात है। 
Ephesians 5:13 पर जितने कामों पर उलाहना दिया जाता है वे सब ज्योति से प्रगट होते हैं, क्योंकि जो सब कुछ को प्रगट करता है, वह ज्योति है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 28-29
  • फिलिप्पियों 3


गुरुवार, 6 अक्टूबर 2016

सहायक


   मेरे पिता का बचपन एक फार्म पर बीता, जहाँ उन्हें सौंपा गया कार्य था एकत्रित करे गए बचे हुए भोजन और झूठन को सूअरों को डालना। उन्हें यह कार्य बहुत नापसन्द था क्योंकि उनके बाड़े में झूठन लिए हुए घुसते ही सारे सूअर वह खाना खाने के लिए उनकी ओर आते और धक्का-मुक्की करने लगते जिससे मेरे पिता के उनके बीच में गिर जाने का खतरा रहता था। उनके लिए यह कार्य असंभव हो जाता यदि उनके साथ सूअरों के बाड़े में जाने के लिए एक वफादार सहायक ना होता; उनकी सहायक जर्मन शेपर्ड जाति की एक बड़ी सी कुतिया थी जो उनके साथ जाया करती थी और अपने आप को सूअरों और पिताजी के बीच में बनाए रखती थी, जब तक की पिताजी अपना कार्य पूरा करके बाड़े और खतरे से बाहर नहीं आ जाते थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर के एक भविश्यद्वक्ता, यिर्मयाह को भी इस्त्राएलियों को परमेश्वर का वचन पहुंचाने का कठिन कार्य सौंपा गया था। इस ज़िम्मेदारी को पूरा करने के लिए यिर्मयाह को शारीरिक यात्नाएं, निन्दा और बुराई, कैद होना और सबसे अलग किए जा के ’कालापनी’ की सज़ा सहना पड़ा। यिर्मयाह को गहरी निराशा के साथ संघर्ष भी करना पड़ा (यिर्मयाह 20:7), लेकिन यिर्मयाह ने यह भी माना कि इस सारे संघर्ष में परमेश्वर उसका सहायक बनकर सदा साथ बना रहा (यिर्मयाह 20:11), जैसा कि परमेश्वर ने यह ज़िम्मेदारी देते समय उससे वायदा किया था: "वे तुझ से लड़ेंगे तो सही, परन्तु तुझ पर प्रबल न होंगे, क्योंकि बचाने के लिये मैं तेरे साथ हूँ, यहोवा की यही वाणी है" (यिर्मयाह 1:19)।

   परमेश्वर अपने वायदे पर अडिग रहा और यिर्मयाह को कभी अकेला या निःसहाय नहीं होने दिया। परमेश्वर का हम मसीही विश्वासियों से भी ऐसा ही वायदा है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा, कभी नहीं त्यागेगा (इब्रनियों 13:5)। हमारी सहायता के लिए परमेश्वर ने अपने पवित्र आत्मा को हमें दिया है जो प्रत्येक मसीही विश्वासी के अन्दर निवास करता है: "और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा" (यूहन्ना 14:16-17)। हमारा यह सहायक हमें आशा देता है (रोमियों 15:13); हमें आत्मिक सत्यों की ओर ले जाता है (यूहन्ना 16:13) और हमारे हृदयों में परमेश्वर का प्रेम उंडेलता है (रोमियों 5:5)।

   हम विश्वास रख सकते हैं कि परमेश्वर हर कठिनाई में हमारी सहायता करता है जिससे कि हम उस परिस्थिति को झेल सकें और यिर्मयाह के समान ही हम भी कह सकें, "परन्तु यहोवा मेरे साथ है, वह भयंकर वीर के समान है; इस कारण मेरे सताने वाले प्रबल न होंगे, वे ठोकर खाकर गिरेंगे। वे बुद्धि से काम नहीं करते, इसलिये उन्हें बहुत लज्जित होना पड़ेगा। उनका अपमान सदैव बना रहेगा और कभी भूला न जाएगा" (यिर्मयाह 20:11)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


यहां नीचे इस धरती पर हमारी सबसे बड़ी आशा ऊपर हमारे परमेश्वर पिता से है।

परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। - यूहन्ना 16:13 

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 20:7-13
Jeremiah 20:7 हे यहोवा, तू ने मुझे धोखा दिया, और मैं ने धोखा खाया; तू मुझ से बलवन्त है, इस कारण तू मुझ पर प्रबल हो गया। दिन भर मेरी हंसी होती है; सब कोई मुझ से ठट्ठा करते हैं। 
Jeremiah 20:8 क्योंकि जब मैं बातें करता हूँ, तब मैं जोर से पुकार पुकारकर ललकारता हूँ कि उपद्रव और उत्पात हुआ, हां उत्पात! क्योंकि यहोवा का वचन दिन भर मेरे लिये निन्दा और ठट्ठा का कारण होता रहता है। 
Jeremiah 20:9 यदि मैं कहूं, मैं उसकी चर्चा न करूंगा न उसके नाम से बोलूंगा, तो मेरे हृदय की ऐसी दशा होगी मानो मेरी हड्डियों में धधकती हुई आग हो, और मैं अपने को रोकते रोकते थक गया पर मुझ से रहा नहीं जाता। 
Jeremiah 20:10 मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना है। चारों ओर भय ही भय है! मेरी जान पहचान के सब जो मेरे ठोकर खाने की बाट जोहते हैं, वे कहते हैं, उसके दोष बताओ, तब हम उनकी चर्चा फैला देंगे। कदाचित वह धोखा खाए, तो हम उस पर प्रबल हो कर, उस से बदला लेंगे। 
Jeremiah 20:11 परन्तु यहोवा मेरे साथ है, वह भयंकर वीर के समान है; इस कारण मेरे सताने वाले प्रबल न होंगे, वे ठोकर खाकर गिरेंगे। वे बुद्धि से काम नहीं करते, इसलिये उन्हें बहुत लज्जित होना पड़ेगा। उनका अपमान सदैव बना रहेगा और कभी भूला न जाएगा। 
Jeremiah 20:12 हे सेनाओं के यहोवा, हे धर्मियों के परखने वाले और हृदय और मन के ज्ञाता, जो बदला तू उन से लेगा, उसे मैं देखूं, क्योंकि मैं ने अपना मुक़द्दमा तेरे ऊपर छोड़ दिया है। 
Jeremiah 20:13 यहोवा के लिये गाओ; यहोवा की स्तुति करो! क्योंकि वह दरिद्र जन के प्राण को कुकमिर्यों के हाथ से बचाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 26-27
  • फिलिप्पियों 2


बुधवार, 5 अक्टूबर 2016

चिन्ह


   मैं स्कॉटलैंड में ग्लासगो से एडिनबरा की ओर सड़क से यात्रा कर रहा था, और उस इलाके में सड़क के दोनों ओर चारागाहों के सुन्दर दृश्य का आनन्द ले रहा था कि तभी एक हास्यास्पद दृश्य ने मेरा ध्यान अपनी ओर खींचा। कुछ दूरी पर, एक टीले के ऊपर गुलाबी रंग दी गई भेड़ों का एक झुण्ड चर रहा था!

   मैं जानता हूँ कि अपने झुण्ड की पहचान करने के लिए चरवाहे अपने जानवरों पर एक विशेष रंग से कुछ चिन्ह बना देते हैं - लेकिन यहाँ तो चरवाहे ने प्रत्येक भेड़ को पूरा का पूरा ही गुलाबी रंग से रंग दिया था, और वे भेड़ें बिलकुल अलग ही दिखाई दे रही थीं। उस इलाके में सभी जानते होंगे कि उन भेड़ों का चरवाहा कौन है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों को भी अपने भेड़ें कहा है, और उनकी पहचान के लिए एक विशेष चिन्ह भी दिया है। मसीह यीशु के अनुयायी का यह विशेष चिन्ह क्या है? कैसे पहचान करी जा सकती है कि कौन प्रभु यीशु का जन है?

   यूहन्ना रचित सुसमाचार में, उस अच्छे चरवाहे - प्रभु यीशु ने यह पहचान चिन्ह बताया है - प्रेम: "मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो" (यूहन्ना 13:34-35)। अपने व्यवहार और वचन, दोनों ही से एक मसीही विश्वासी को अपने आस-पास के सभी लोगों से प्रेम दिखाना चाहिए, जैसा कि प्रेरित युहन्ना ने अपनी पत्री में लिखा है (1 यूहन्ना 4:11)।

   औरों के प्रति एक मसीही विश्वासी का प्रेम वैसा ही प्रत्यक्ष और सर्वविदित पहचान चिन्ह होना चाहिए जैसा स्कॉटलैंड की उन भेड़ों का गुलाबी रंग उनके चरवाहे का था। - डेव ब्रैनन


मसीही विशवासी होने के नाते, हमारा प्रेम भरा आचरण 
हमें भीड़ में अलग ही प्रकट करने वाला होना चाहिए।

हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए। - 1 यूहन्ना 4:11 

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:7-18
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं। 
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी। 
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। 
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं। 
John 10:11 अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है। 
John 10:12 मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िय़ा उन्हें पकड़ता और तित्तर बित्तर कर देता है। 
John 10:13 वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्‍ता नहीं। 
John 10:14 अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं। 
John 10:15 इसी तरह मैं अपनी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं। 
John 10:16 और मेरी और भी भेड़ें हैं, जो इस भेड़शाला की नहीं; मुझे उन का भी लाना अवश्य है, वे मेरा शब्द सुनेंगी; तब एक ही झुण्ड और एक ही चरवाहा होगा। 
John 10:17 पिता इसलिये मुझ से प्रेम रखता है, कि मैं अपना प्राण देता हूं, कि उसे फिर ले लूं। 
John 10:18 कोई उसे मुझ से छीनता नहीं, वरन मैं उसे आप ही देता हूं: मुझे उसके देने का अधिकार है, और उसे फिर लेने का भी अधिकार है: यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 23-25
  • फिलिप्पियों 1


मंगलवार, 4 अक्टूबर 2016

स्थाई


   हम आज एक ऐसी संस्कृति में रह रहे हैं जिसमें ’प्रयोग करो और फेंक दो’ का चलन अधिकाधिक होता जा रहा है। थोड़ा थम कर दैनिक उपयोग की उन वस्तुओं के बारे में सोचें जो उपयोग हो चुकने के बाद फेंके जाने के लिए ही बनाई जाती हैं - उस्तरे, पानी की बोतलें, लाईटर, कागज़ की प्लेटें, भोजन करने के लिए प्लास्टिक के बर्तन इत्यादि, सभी ऐसी वस्तुएं हैं जिनका प्रयोग करके उन्हें फेंक दिया जाता है और उनके स्थान पर ऐसा ही करने के लिए नई वस्तुएं ले ली जाती हैं।

   यह ’प्रयोग करो और फेंक दो’ का चलन हमारे परस्पर व्यवहार एवं संबंधों में भी दिखने और बढ़ने लगा है। कई बार रिश्तों में परस्पर सच्चा समर्पण एच्छिक प्रतीत होता है; विवाह संबंध स्थाई बने रहने के लिए संघर्षों से निकलते रहते हैं। लंबे समय से कार्य करने वाले कर्मचारी मालिकों या अधिकारियों द्वारा सेवानिवृति से पहले बर्खास्त कर दिए जाते हैं ताकि उनका स्थान सस्ते विकल्प ले सकें। उच्च कोटि के खिलाड़ी अधिक कमाई के लिए अपनी टीम छोड़ कर दूसरी टीम में चले जाते हैं। ऐसा लगता है कि कुछ भी स्थाई नहीं है।

   लेकिन हमारे कभी ना बदलने वाले प्रभु परमेश्वर का यह वायदा है कि उसका प्रेम भरा अनुग्रह उसके बच्चों के साथ सदा स्थाई बना रहेगा। परमेश्वर के वचन बाइबल के भजन 136 में भजनकार परमेश्वर के इसी स्थाई होने के वायदे का जश्न उसके कार्य, चरित्र और हैसियत के अचरज से संबंधित कथनों के द्वारा मनाता है। परमेश्वर से संबंधित अपने हर कथन के बाद भजनकार दोहराता है, "उसकी करुणा सदा की है"; चाहे वह कथन परमेश्वर की अद्भुत सृष्टि पर हो (पद 4-9), या अपने लोगों को बचाने के लिए किए गए उसके कार्य पर हो (पद 10-22) या फिर अपने लोगों के प्रति उसकी करुणापूर्ण देखभाल से संबंधित हो (पद 23-26)। हम परमेश्वर में सदा अपना भरोसा बनाए रख सकते हैं क्योंकि उसकी करुणा कभी कम नहीं होती; परमेश्वर की करुणा का स्थाई होना हमें हर परिस्थिति में आशा प्रदान करता रहता है।

   इसीलिए हम भी भजनकार के साथ यह कह सकते हैं: "यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है, और उसकी करूणा सदा की है" (पद 1)।


परमेश्वर का अनुग्रह अथाह; उसकी करुणा अनन्त और उसकी शांति अवर्णनीय है।

क्योंकि मैं यहोवा बदलता नहीं; इसी कारण, हे याकूब की सन्तान तुम नाश नहीं हुए। - मलाकी 3:6

बाइबल पाठ: भजन 136:1-11; 23-26
Psalms 136:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है, और उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:2 जो ईश्वरों का परमेश्वर है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:3 जो प्रभुओं का प्रभु है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:4 उसको छोड़कर कोई बड़े बड़े अशचर्यकर्म नहीं करता, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:5 उसने अपनी बुद्धि से आकाश बनाया, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:6 उसने पृथ्वी को जल के ऊपर फैलाया है, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:7 उसने बड़ी बड़ी ज्योतियों बनाईं, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:8 दिन पर प्रभुता करने के लिये सूर्य को बनाया, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:9 और रात पर प्रभुता करने के लिये चन्द्रमा और तारागण को बनाया, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:10 उसने मिस्त्रियों के पहिलौठों को मारा, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:11 और उनके बीच से इस्राएलियों को निकाला, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:23 उसने हमारी दुर्दशा में हमारी सुधि ली, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:24 और हम को द्रोहियों से छुड़ाया है, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:25 वह सब प्राणियों को आहार देता है, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 136:26 स्वर्ग के परमेश्वर का धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है। 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 20-22
  • इफिसियों 6


सोमवार, 3 अक्टूबर 2016

प्रकाश


   कोलेराडो स्प्रिंग्स के चित्रकार बॉब सिमपिच के एक चित्र, A Trail of Light में एस्पन पेड़ों के एक झुरमुट को दिखाया गया है जिस पर सूर्य चमक रहा है। पतझड़ ऋतु में पेड़ों के सबसे ऊपर के पत्ते सुनहले होकर सूर्य के प्रकाश में चमक रहे हैं, परन्तु पेड़ों के नीचे की ज़मीन पर कहीं परछाईं तो कहीं प्रकाश का मिश्रण है। इस तुलना के बारे में चित्रकार ने कहा, "मैं वन के पेड़ों में से छनकर आने वाले प्रकाश द्वारा धरती पर किए गए इस जादूई प्रभाव से बहुत प्रभावित हुआ।"

   प्रेरित पौलुस ने कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखा, "इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिसने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो" (2 कुरिन्थियों 4:6)। फिर आगे पौलुस अपने जीवन के अनुभव के यथार्त को लिखता है, "हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते। सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते" (पद 8-9)।

   जीवन में ऐसे समय भी आते हैं जब कठिनाईयों, दुःख और हानि आदि के कारण प्रतीत होता है कि परमेश्वर की हमारे साथ सहभागिता तथा उपस्थिति का प्रकाश धूमिल पड़ गया है। परन्तु यदि ध्यान से देखें तो इन गहरी परछाईंयों के समयों में भी उसके प्रकाश की किरणें यहाँ-वहाँ हमारे जीवनों को प्रकाशित करती हुई दिखाई देती हैं। यदि आप आज इस परछाईं और प्रकाश के मिश्रण के समय से होकर निकल रहे हैं, तो विश्वास रखें कि परमेश्वर का प्रकाश - प्रभु यीशु मसीह, सदा हमारे साथ बना रहेगा, हमारे जीवनों को प्रकाशमान करता रहेगा। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परिस्थितियों के अन्धकार में, परमेश्वर का प्रकाश 
सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहता है।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:1-12
2 Corinthians 4:1 इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते। 
2 Corinthians 4:2 परन्तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट कर के, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं। 
2 Corinthians 4:3 परन्तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है। 
2 Corinthians 4:4 और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके। 
2 Corinthians 4:5 क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और अपने विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं। 
2 Corinthians 4:6 इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिसने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।। 
2 Corinthians 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे। 
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते। 
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते। 
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो। 
2 Corinthians 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो। 
2 Corinthians 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 17-19
  • इफिसियों 5:17-33


रविवार, 2 अक्टूबर 2016

तूफान


   एक भयानक तूफान के आने के लक्षण साफ दिख रहे थे - केवल क्षितिज़ पर ही नहीं, वरन मेरे एक मित्र के घर में भी। उस मित्र ने बताया कि जब वह हाँग-काँग में थी तो स्थानीय मौसम विभाग ने चेतावनी ज़ारी करी कि एक तीव्र तूफान आने को है। लेकिन घर की खिड़की के बाहर दस्तक दे रहे उस तूफान से भी बड़ा तूफान घर के अन्दर आने की तैयारियाँ कर रहा था। उस मित्र के पिता बीमार थे, अस्पताल में भरती थे, और उनकी देखभाल में लगे परिवार के लोग अपनी पारिवारिक तथा कार्य संबंधी ज़िम्मेदारियों को निभाने और उन ज़िम्मेदारियों में परस्पर संतुलन बनाए रखने तथा घर एवं अस्पताल के बीच आने-जाने की कशमकश में लगे हुए थे। सब थक रहे थे, सबका धैर्य कमज़ोर पड़ रहा था और घर के अन्दर की परिस्थिति तनावपूर्ण होती जा रही थी।

   जब बदकिस्मती, दुःख और तनाव के थपेड़े हमें इधर से उधर पटकते हैं, तब जीवन एक तूफान के समान प्रतीत हो सकता है। ऐसे में हम किस ओर मुड़ें? परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि जब प्रभु यीशु के चेले नाव द्वारा झील पार करते समय एक तूफान में फंस गए, और नाव भयानक रीति से हिचकोले लेने लगी, और उन्हें लगा कि वे अब डूबने पर हैं, तब उनके मन में उनके साथ यात्रा कर रहे प्रभु यीशु को लेकर विचार आया कि क्या प्रभु को उनकी कोई चिन्ता नहीं है? अर्थात, उस विकट परिस्थिति में भी चेले जानते थे कि उन्हें किसकी ओर मुड़ना है; उनकी सहायता कौन कर सकता है। और प्रभु यीशु ने उस तूफान को शांत करके अपनी सामर्थ उन पर प्रकट करी (मरकुस 4:38-39)।

   लेकिन कई बार प्रभु तुरंत ही तूफान को शांत नहीं करता है, जिससे उस समय उन चेलों के समान, आज हम भी यही सोचने लगते हैं कि क्या प्रभु को हमारी चिंता है भी? अपने भय को शांत करने के लिए हमें अपने उस विश्वास को थामे रहना है कि परमेश्वर कौन है और क्या कुछ कर सकता है। हम उसमें शरण ले सकते हैं: "जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा" (भजन 91:1)। हम उसकी सहायता से, उसके अनुग्रह के द्वारा दूसरों को सांत्वना और शांति दे सकते हैं। हम सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञानी, प्रेम करने वाले सबसे बुद्धिमान पिता परमेश्वर की शरण में आकर शांत होकर बैठ सकते हैं; क्योंकि वह जीवन के हर तूफान में हमारे साथ बना रहता है, और उस तूफान में से हमें सुरक्षित निकाल भी लाता है। - पोह फैंग चिया


किसी को ज़ोर से चिल्लाकर उसे पुकारने की आवश्यकता नहीं है; 
प्रभु हमारे सोचने से भी अधिक निकट है। - भाई लॉरेंस

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! - भजन 46:10

बाइबल पाठ: मरकुस 4:35-41
Mark 4:35 उसी दिन जब सांझ हुई, तो उसने उन से कहा; आओ, हम पार चलें,। 
Mark 4:36 और वे भीड़ को छोड़कर जैसा वह था, वैसा ही उसे नाव पर साथ ले चले; और उसके साथ, और भी नावें थीं। 
Mark 4:37 तब बड़ी आन्‍धी आई, और लहरें नाव पर यहां तक लगीं, कि वह अब पानी से भरी जाती थी। 
Mark 4:38 और वह आप पिछले भाग में गद्दी पर सो रहा था; तब उन्होंने उसे जगाकर उस से कहा; हे गुरू, क्या तुझे चिन्‍ता नहीं, कि हम नाश हुए जाते हैं? 
Mark 4:39 तब उसने उठ कर आन्‍धी को डांटा, और पानी से कहा; “शान्‍त रह, थम जा”: और आन्‍धी थम गई और बड़ा चैन हो गया। 
Mark 4:40 और उन से कहा; तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं? 
Mark 4:41 और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 14-16
  • इफिसियों 5:1-16


शनिवार, 1 अक्टूबर 2016

रिवाज़


   मेरी बढ़ती उम्र में हमारे घर के जिन नियमों का हमें पालन करना होता था उन में से एक नियम था कि हम क्रोध को साथ लिए हुए सोने के लिए बिस्तर में नहीं जा सकते थे, जो कि परमेश्वर के वचन बाइबल में इफिसियों 4:26 पर आधारित था। सोने जाने से पहले हमें अपने सारे झगड़ों और परस्पर असहमतियों का निवारण करना होता था। इसके साथ का एक दूसरा नियम था कि सोने जाते समय हमारे माता-पिता हम भाई बहनों से कहते थे, "शुभ-रात्रि। हम तुम से प्रेम करते हैं" और प्रत्युत्तर में हम भी कहते थे, "शुभ-रात्रि। हम भी आपसे प्रेम करते हैं।"

   इस पारिवारिक रिवाज़ के महत्व को मैं हाल ही में और गहराई से समझने पाई। मेरी माँ फेफड़े के कैंसर के साथ मरणासन रोगियों की देखभाल करने वाले एक अस्पताल में भरती थीं, और उनकी उत्तर देने की क्षमता दिन-प्रतिदिन घटती जा रही थी। लेकिन प्रति-रात्रि उनके पास से जाने के समय मैं उन से कहती थी, "माँ, मैं आप से प्रेम करती हूँ।" और यद्यपि वे और कुछ कह पाने में असमर्थ थीं, लेकिन फिर भी वे उत्तर देतीं, "मैं भी तुम से प्रेम करती हूँ।" अपनी उस बढ़ती उम्र के समय में मैंने कभी नहीं सोचा था कि घर का यह रिवाज़, इतने वर्षों के बाद, मेरे लिए इतना बहुमूल्य उपहार बन जाएगा।

   समय और पुनरावृति अकसर हमारे रिवाज़ों से उनके अर्थ और महत्व को चुरा लेते हैं; लेकिन कुछ रिवाज़ बहुमूल्य आत्मिक सत्यों को स्मरण दिलाते रहने के माध्यम होते हैं। आज के समान ही, प्रथम शताब्दी के मसीही विश्वासियों ने भी प्रभु-भोज का दुरुपयोग किया था, जिससे उनके लिए उसका अर्थ और महत्व हल्का पड़ने लग गया था। लेकिन प्रेरित पौलुस ने उन लोगों से इसे बन्द कर देने के लिए नहीं कहा; वरन उन्हें स्मरण करवाया कि, "क्योंकि जब कभी तुम यह रोटी खाते, और इस कटोरे में से पीते हो, तो प्रभु की मृत्यु को जब तक वह न आए, प्रचार करते हो" (1 कुरिन्थियों 11:26)।

   ऐसे अर्थपूर्ण और महत्वपूर्ण रिवाज़ों को छोड़ नहीं देना चाहिए; वरन उनके सच्चे अर्थ और महत्व को लोगों के सामने लाना चाहिए, उन्हें पुनःस्थापित करना चाहिए। - जूली ऐकैरमैन लिंक


किसी भी रिवाज़ का अर्थ और महत्व खो सकता है; 
लेकिन इसका यह तात्पर्य नहीं है कि वह अर्थहीन या महत्वहीन हो गया है।

क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे। - इफिसियों 4:26

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 11:23-34
1 Corinthians 11:23 क्योंकि यह बात मुझे प्रभु से पहुंची, और मैं ने तुम्हें भी पहुंचा दी; कि प्रभु यीशु ने जिस रात वह पकड़वाया गया रोटी ली। 
1 Corinthians 11:24 और धन्यवाद कर के उसे तोड़ी, और कहा; कि यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिये है: मेरे स्मरण के लिये यही किया करो। 
1 Corinthians 11:25 इसी रीति से उसने बियारी के पीछे कटोरा भी लिया, और कहा; यह कटोरा मेरे लोहू में नई वाचा है: जब कभी पीओ, तो मेरे स्मरण के लिये यही किया करो। 
1 Corinthians 11:26 क्योंकि जब कभी तुम यह रोटी खाते, और इस कटोरे में से पीते हो, तो प्रभु की मृत्यु को जब तक वह न आए, प्रचार करते हो। 
1 Corinthians 11:27 इसलिये जो कोई अनुचित रीति से प्रभु की रोटी खाए, या उसके कटोरे में से पीए, वह प्रभु की देह और लोहू का अपराधी ठहरेगा। 
1 Corinthians 11:28 इसलिये मनुष्य अपने आप को जांच ले और इसी रीति से इस रोटी में से खाए, और इस कटोरे में से पीए। 
1 Corinthians 11:29 क्योंकि जो खाते-पीते समय प्रभु की देह को न पहिचाने, वह इस खाने और पीने से अपने ऊपर दण्‍ड लाता है। 
1 Corinthians 11:30 इसी कारण तुम में से बहुत से निर्बल और रोगी हैं, और बहुत से सो भी गए। 
1 Corinthians 11:31 यदि हम अपने आप में जांचते, तो दण्‍ड न पाते। 
1 Corinthians 11:32 परन्तु प्रभु हमें दण्‍ड देकर हमारी ताड़ना करता है इसलिये कि हम संसार के साथ दोषी न ठहरें। 
1 Corinthians 11:33 इसलिये, हे मेरे भाइयों, जब तुम खाने के लिये इकट्ठे होते हो, तो एक दूसरे के लिये ठहरा करो। 
1 Corinthians 11:34 यदि कोई भूखा हो, तो अपने घर में खा ले जिस से तुम्हारा इकट्ठा होना दण्‍ड का कारण न हो: और शेष बातों को मैं आकर ठीक कर दूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 11-13
  • इफिसियों 4