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मंगलवार, 27 दिसंबर 2016

निकल आना


   एक बार जब हमारा परिवार यात्रा में था, तो यात्रा के दौरान जिस स्थान पर जहाँ हम पहुँचे ही थे, वहाँ भीषण चक्रवादी तूफान आने की चेतावनी ज़ारी की गई। हमारे लिए अचानक ही सब कुछ बदल गया क्योंकि हमें लगा कि हमारे बच्चे खतरे में हैं।

   मैंने इस घटना का उल्लेख इसलिए किया है जिससे कि हम समझ सकें कि यूसुफ और मरियम के लिए कैसा रहा होगा जब वे अपने साथ छोटे बालक यीशु को लेकर मिस्त्र को गए। उन पर किसी चक्रवादी तूफान नहीं वरन राजा हेरोदेस का खतरा था, जो उनके बालक को मार डालना चाहता था। कल्पना कीजिए कि उनके लिए कितना भयावह रहा होगा, यह जानते हुए यात्रा करते जाना कि "...हेरोदेस इस बालक को ढूंढ़ने पर है कि उसे मरवा डाले" (मत्ती 2:13)।

   सामान्यतः हम क्रिसमस के समय का बड़ा साधारण और सुचारू दृष्टिकोण रखते हैं - शान्तिमय दृश्य में रंभाते हुए गाय-बैल, प्रभु यीशु की चरनी के पास दण्डवत करते हुए चरवाहे, आदि। परन्तु प्रभु यीशु के परिवार के लिए, हेरोदेस के भय से भागते हुए, ऐसी कोई शान्ति नहीं थी। जब तक स्वर्गदूत ने उन्हें सुरक्षित हो जाने तथा मिस्त्र से निकल आने के लिए नहीं कहा वे वापस अपने घर नासरत नहीं आ सके (पद 20-23)।

   प्रभु यीशु के देहधारण करने के लिए हमारे अन्दर कैसी श्रद्धा होनी चाहिए; वह प्रभु जो अपने पिता परमेश्वर के साथ स्वर्ग की महिमा का पात्र था, उस स्वर्गीय महिमा को छोड़कर पृथ्वी पर आ गया, उसने निर्धनता में जन्म लिया, यद्यपि वह सदा ही सच्चा, खरा और निर्दोष था और सबका भला करता था फिर भी उसने जीवन में अनेकों कठिन परिस्थितियों, झूठे दोषारोपणों और प्राण के खतरों का सामना किया, और अन्ततः हमारे पापों की क्षमा तथा उद्धार के लिए स्वेच्छा से क्रूस पर बलिदान हो गया।

   मिस्त्र से निकल आना तो एक बात है, परन्तु स्वर्ग की महिमा और आदर छोड़कर हम पापी मनुष्यों के लिए अपमानित होने और मारे जाने के लिए निकल आना और ही बात है - यही इस घटना का महान और विलक्षण भाग है। - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु हमारे लिए पृथ्वी पर आ गया जिससे हम उसके साथ स्वर्ग जा सकें।

किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। - रोमियों 5:7-8

बाइबल पाठ: मत्ती 2:13-23
Matthew 2:13 उन के चले जाने के बाद देखो, प्रभु के एक दूत ने स्‍वप्‍न में यूसुफ को दिखाई देकर कहा, उठ; उस बालक को और उस की माता को ले कर मिस्र देश को भाग जा; और जब तक मैं तुझ से न कहूं, तब तक वहीं रहना; क्योंकि हेरोदेस इस बालक को ढूंढ़ने पर है कि उसे मरवा डाले। 
Matthew 2:14 वह रात ही को उठ कर बालक और उस की माता को ले कर मिस्र को चल दिया। 
Matthew 2:15 और हेरोदेस के मरने तक वहीं रहा; इसलिये कि वह वचन जो प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था कि मैं ने अपने पुत्र को मिस्र से बुलाया पूरा हो। 
Matthew 2:16 जब हेरोदेस ने यह देखा, कि ज्योतिषियों ने मेरे साथ ठट्ठा किया है, तब वह क्रोध से भर गया; और लोगों को भेज कर ज्योतिषियों से ठीक ठीक पूछे हुए समय के अनुसार बैतलहम और उसके आस पास के सब लड़कों को जो दो वर्ष के, वा उस से छोटे थे, मरवा डाला। 
Matthew 2:17 तब जो वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हुआ, 
Matthew 2:18 कि रामाह में एक करूण-नाद सुनाई दिया, रोना और बड़ा विलाप, राहेल अपने बालकों के लिये रो रही थी, और शान्‍त होना न चाहती थी, क्योंकि वे हैं नहीं।
Matthew 2:19 हेरोदेस के मरने के बाद देखो, प्रभु के दूत ने मिस्र में यूसुफ को स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहा। 
Matthew 2:20 कि उठ, बालक और उस की माता को ले कर इस्राएल के देश में चला जा; क्योंकिं जो बालक के प्राण लेना चाहते थे, वे मर गए। 
Matthew 2:21 वह उठा, और बालक और उस की माता को साथ ले कर इस्राएल के देश में आया। 
Matthew 2:22 परन्तु यह सुनकर कि अरिखलाउस अपने पिता हेरोदेस की जगह यहूदिया पर राज्य कर रहा है, वहां जाने से डरा; और स्‍वप्‍न में चितौनी पाकर गलील देश में चला गया। 
Matthew 2:23 और नासरत नाम नगर में जा बसा; ताकि वह वचन पूरा हो, जो भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा कहा गया था, कि वह नासरी कहलाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 18


सोमवार, 26 दिसंबर 2016

निवास स्थान


   हमारे पड़ौस में यह चर्चा का विषय हो गया था; एक प्रसिद्ध व्यवसायिक फुटबॉल खिलाड़ी हमारे पड़ौस में रहने के लिए आया था, उसका घर हमारे घर से बस दो घर छोड़कर था। हम ने उसे टेलिविज़न पर देखा था और खेल के मैदान पर उसके कौशल के बारे में पढ़ा था; परन्तु हमने कभी यह सोचा भी नहीं था कि वह हमारे पड़ौस में आकर रहने लगेगा। आरंभ में हमारी आशा थी कि अपने पड़ौस में हम उसका स्वागत करेंगे, और हम उसके साथ अच्छे मित्र हो जाएंगे। परन्तु उसकी दिनचर्या इतनी व्यस्त थी कि हम में से कोई भी उसे व्यक्तिगत रीति से जान भी नहीं पाया।

 अब ज़रा इस पर विचार कीजिए: प्रभु यीशु - इस सृष्टि के प्रभु और सृष्टिकर्ता - ने चुना कि वह हमारे मध्य निवास करेगा! वह स्वर्ग छोड़कर इस पृथ्वी पर आ गया। जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना द्वारा लिखा गया, "और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा" (यूहन्ना 1:14)। प्रभु यीशु ने चुना कि प्रत्येक उस जन के साथ, जो उसमें लाए गए विश्वास के साथ उसके निकट आएगा, वह एक बहुत निकट का संबंध बनाएगा। और इससे भी बढ़कर, हम में से प्रत्येक के लिए, जिन्होंने पापों से मुक्ति देने वाले उसके प्रेम को स्वीकार कर लिया है, प्रभु यीशु का पवित्र आत्मा उनके हृदयों में अपना निवास स्थान बना लेता है जिससे कि हमें सांत्वना, परामर्श, मार्गदर्शन एवं शिक्षा दे सके और प्रत्येक बुराई के विषय सचेत तथा कायल कर सके।

   जब आप चरनी में जन्में उस शिशु यीशु के बारे में विचार करें, तो इस बात पर भी विचार करें कि यह कितना विशेष है कि ना केवल वह हमारे "पड़ौस" में आया है, वरन यह कि वह इसलिए आया कि हमारे साथ निकट संबंध बना सके, हमें आशीषित कर सके, हमारे हृदयों के अन्दर अपना निवास स्थान पा सके। - जो स्टोवैल


परमेश्वर का निवास स्थान बन जाने के उपहार का लाभ अवश्य ही उठाएं।

द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं। - यूहन्ना 10:9-10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-14
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। 
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था। 
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई। 
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी। 
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया। 
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था। 
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं। 
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था। 
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी। 
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना। 
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया। 
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर की सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। 
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। 
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।

एक साल में बाइबल: 
  • हाग्गै 1-2
  • प्रकाशितवाक्य 17


रविवार, 25 दिसंबर 2016

ज्योति


   एक गौशाला? भला जगत के मसीहा के जन्म के लिए यह कैसा स्थान? हमारे तथा समस्त संसार के उद्धारकर्ता, मुक्तिदाता का अपने मानवीय शरीर में पहला अनुभव गौशाला की गन्ध तथा ध्वनियाँ थीं। अन्य शिशुओं के समान ही, वहाँ के जानवरों की आवाज़ों तथा उसके अस्थायी पालने के आस-पास आने-जाने वाले अपरिचित लोगों के कारण संभव है कि, वह भी रोया होगा। यदि वह रोया था, तो आने वाले समय के साथ बहने वाले आँसुओं में उसके ये पहले आँसू थे। समय के साथ प्रभु यीशु ने मानवीय हानि और दुःख को, तथा उस सन्देह को जो उसके भाई और परिवार जन उसके प्रति रखते थे, अनुभव किया था। उन्होंने उस वेदना को भी देखा तथा अनुभव किया जो उनके सताए जाने तथा क्रूस पर बलिदान किए जाने के समय में उनकी माता ने अनुभव की थी।

   अपने जीवन की पहली रात्रि में सो जाने का प्रयास कर रहे उस शिशु के सामने उपरोक्त सभी तथा अनेक अन्य कठिनाईयाँ मुँह बाए खड़ी थीं। लेकिन फिर भी, अपने जन्म के पहले पल से ही, प्रभु यीशु समस्त मानव जाति के लिए "परमेश्वर हमारे साथ" (मत्ति 1:23) थे; और वे जानते थे कि मनुष्य होने का अर्थ क्या होता है। मनुष्य होने के उनके ये अनुभव तीन दशक से अधिक समय तक ज़ारी रहे, और क्रूस पर उनकी मृत्यु के साथ समाप्त हुए।

   मेरे और आपके प्रति उनके प्रेम के कारण ही प्रभु यीशु पूर्णतः मनुष्य बने। उनके मनुष्य होने के और मनुष्यों के सभी अनुभवों से होकर निकलने के कारण वे हमारी प्रत्येक परिस्थिति भली-भांति समझते हैं और उनके तथा हमारे मध्य एकात्मता संभव है। हम यह कभी नहीं कह सकते हैं कि कोई हमें तथा हमारी व्यथा को समझ नहीं सकता है; क्योंकि प्रभु यीशु सब जानते और समझते हैं।

   जीवन की वह ज्योति जो उस रात मानव रूप में अवतरित होकर संसार में आई, आपके जीवन के प्रत्येक स्थान, आत्मा के छिपे हुए गहरे से गहरे कोने को भी रौशन कर दे, अपनी शान्ति और प्रेम की ज्योति से भर दे, और वह शान्ति प्रदान करे जिस के बारे में उस रात स्वर्गदूतों ने कहा था। - रैंडी किलगोर


प्रभु यीशु सब जानता और समझता है

कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”। - मत्ती 1:23

बाइबल पाठ: लूका 2:6-20
Luke 2:6 उन के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए। 
Luke 2:7 और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा: क्योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी। 
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।
Luke 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें। 
Luke 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा। 
Luke 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की। 
Luke 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया। 
Luke 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही। 
Luke 2:20 और गड़ेरिये जैसा उन से कहा गया था, वैसा ही सब सुनकर और देखकर परमेश्वर की महिमा और स्‍तुति करते हुए लौट गए।

एक साल में बाइबल: 
  • सपन्याह 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 16


शनिवार, 24 दिसंबर 2016

स्थायी शान्ति


   प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, 1914 के क्रिसमस की पूर्व-संध्या पर, पश्चिमी मोर्चे के एक तीस मील लंबी सरहद पर बन्दूकें शान्त हो गईं। सैनिकों ने सावधानी पूर्वक अपनी खंदकों के ऊपर होकर झांका, और फिर कुछ अपनी खंदकों से बाहर निकलकर अपने स्थानों की मरम्मत करने लगे तो कुछ अन्य मृतकों को दफनाने लगे। जब अंधेरा हुआ, कुछ जर्मन सैनिकों ने लालटेनें जलाईं और क्रिसमस के गीत गाने लगे। दूसरी ओर के अंग्रेज़ी सैनिकों ने इसे सराहा, तलाई बजाई और ऊँची आवाज़ में पुकार कर अपने अभिनदन उन तक सरहद पार पहुँचाए।

   अगले दिन जर्मन, फ्रैंच और अंग्रेज़ी सैनिक एक दूसरे के साथ तटस्थ भूमि पर मिले, परस्पर हाथ मिलाए, एक-दूसरे के साथ भोजन सामग्री बाँटी, और भेंटों का आदान-प्रदान किया। यह युद्ध से थोड़ी देर का अवकाश था, जो शीघ्र ही समाप्त भी हो गया और तोपें तथा मशीन गनें फिर से एक दूसरे पर प्रहार करने लग गईं। लेकिन जितनों ने उस अनाधिकारिक ’क्रिसमस युद्धविराम’ का, जैसा कि वह जाना गया, अनुभव किया, वे कभी ना तो अपने उस अनुभव को, और ना ही शान्ति के लिए उनके मनों में उससे जागृत हुई लालसा को भुला पाए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता द्वारा आने वाले मसीहा के संबंध में की गई भविष्यवाणी में उसके विषय में लिखा गया है: "क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा" (यशायाह 9:6)। क्रूस पर अपने बलिदान के द्वारा प्रभु यीशु ने हमारे तथा परमेश्वर के मध्य आई दूरी को पाट दिया, और स्वयं हमारी शान्ति, हमारा मेल-मिलाप करवाने वाला बन गया (इफिसियों 2:14)।

   प्रभु यीशु मसीह में हम परमेश्वर के तथा परस्पर एक-दूसरे के साथ स्थायी शान्ति और मिल-मिलाप पाते हैं। यही क्रिसमस का जीवन परिवर्तित कर देने वाला सन्देश है। - डेविड मैक्कैसलैंड


केवल मसीह यीशु में ही सच्ची शान्ति प्राप्त हो सकती है।

सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। - रोमियों 5:1

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:13-19
Ephesians 2:13 पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो। 
Ephesians 2:14 क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। 
Ephesians 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। 
Ephesians 2:16 और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। 
Ephesians 2:17 और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। 
Ephesians 2:18 क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है। 
Ephesians 2:19 इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्‍वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए।

एक साल में बाइबल: 
  • हबक्कूक 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 15


शुक्रवार, 23 दिसंबर 2016

उपहार


   जब हमारे बच्चे छोटे थे और हमारे साथ घर पर रहा करते थे, तब क्रिसमस की प्रातः की हमारी पारिवारिक परंपरा बड़ी साधारण परन्तु बहुत अर्थपूर्ण होती थी। हम अपने परिवार को क्रिसमस ट्री के चारों ओर एकत्रित करते, जहाँ वे सारे उपहार रखे होते थे जिन्हें हम एक दूसरे को देने के लिए लाए थे; और हम सब मिलकर क्रिसमस की कहानी को पढ़ते थे। यह एक कोमल स्मरण करवाना होता था कि हम एक दूसरे को उपहार इसलिए नहीं देते हैं क्योंकि मसीह यीशु के जन्म के समय उससे मिलने आने वाले लोग उपहार लेकर आए थे। वरन, हमारा एक दूसरे को प्रेम की भेंटों का उपहार देना, परमेश्वर के हमारे प्रति व्यक्त किए गए अति महान प्रेम की एक छोटी झलक को दिखाना था।

   जब हम क्रिसमस कथा की उन परिचित घटनाओं - स्वर्गदूतों का सन्देश देना, चरवाहों का आना, चरनी का दृश्य आदि को दोहराते थे, हमारी आशा होती थी कि उस प्रथम क्रिसमस पर जो परमेश्वर ने हमारे लिए किया उसकी महानता और महत्वता का एहसास, एक दूसरे के प्रति हमारे प्रेम प्रदर्शित करने के प्रत्येक प्रयास से कहीं अधिक बढ़कर होने पाए।

   अपने पुत्र को हमारे पापों से छुटकारे के लिए बलिदान होने भेजने के उपहार के सामने अन्य प्रत्येक उपहार बहुत छोटा और नगण्य है; यह वह यथार्थ है जिसे प्रेरित पौलुस ने कुरिन्थुस की मण्डली को लिखी अपने पत्री व्यक्त करते हुए कहा: "परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो" (2 कुरिन्थियों 9:15)।

   स्पष्ट है कि परमेश्वर का अपने पुत्र को हमारा मुक्तिदाता, उद्धारकर्ता बनाकर भेजना एक ऐसा उपहार है जिसे हम शब्दों में कभी पूर्णतया बयान नहीं कर सकेंगे। लेकिन हम इसी उपहार के उपलक्ष्य में क्रिसमस का उत्सव मनाते हैं; क्रिसमस पर महत्वपूर्ण वे उपहार नहीं है जो हम एक दूसरे को देते हैं, वरन सबसे अधिक महत्वपूर्ण वह उपहार है जो परमेश्वर ने हम मनुष्यों को दिया है। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु स्वयं वह सर्वोत्तम तथा महानतम उपहार हैं 
जो मानव जाति को कभी भी दिया गया हो।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: रोमियों 8:28-35
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। 
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। 
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है। 
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? 
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा? 
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है। 
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है। 
Romans 8:35 कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार?

एक साल में बाइबल: 
  • नहूम 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 14


गुरुवार, 22 दिसंबर 2016

आवरण


   हमारे घर में क्रिसमस से जुड़ी कुछ बातें प्रत्येक वर्ष एक समान ही रहती हैं। उनमें से एक है मेरी पत्नि मार्टी द्वारा बच्चों और नाती-पोतों से उपहार खोलते हुए आग्रह करना कि वे उपहार पर लपेटे गए आवरण को ध्यान से खोलें और संभाल कर रखें क्योंकि उन्हें फिर से उपयोग किया जा सकता है। मार्टी को अच्छे उपहार देना बहुत पसन्द है, परन्तु उसे उन उपहारों पर चढ़ाया जाने वाला आवरण भी अच्छा लगता है। उपहार की सुन्दरता का एक भाग उसका वह आवरण है जिसमें लपेट कर उसे दिया जाता है।

   यह मेरा ध्यान उस आवरण पर ले जाता है जिस में लिपट कर मसीह यीशु संसार का उद्धारकर्ता बन कर आया ताकि हम मनुष्यों को हमारे पापों से छुड़ा सके। अपने आगमन को प्रभु यीशु अपने विलक्षण बल-सामर्थ के प्रदर्शन तथा आकाश-मण्डल को अपनी स्वर्गीय महिमा की दिव्य ज्योति से प्रकाशित कर देने के आवरण से भी लपेट सकते थे। परन्तु, इसके स्थान पर उन्होंने अपनी सारी स्वर्गीय सामर्थ और महिमा छोड़कर, हम मनुष्यों की समानता में आना पसन्द किया (फिलिप्पियों 2:7)।

   उनके पृथ्वी पर आगमन के इस साधारण से आवरण का क्या महत्व है? उन्होंने हमारे समान ही ऐसा साधारण बन कर हमें आश्वस्त किया कि वे हमारे जीवन के संघर्षों से अनभिज्ञ नहीं हैं। पृथ्वी के अपने जीवन में उन्होंने गहरे एकाकीपन और अपने निकट-मित्र के जान-लेवा धोखे का अनुभव किया। उन्हें सार्वजनिक रूप से लज्जित किया गया, गलत समझा और समझाया गया, उन पर झूठा दोषारोपण किया गया। संक्षिप्त में, वह हमारी पीड़ाओं को अपने व्यक्तिगत अनुभवों से जानते हैं। परिणामस्वरूप, जैसे इब्रानियों का लेखक हमें बताता है, "क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारी नाईं परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला" (इब्रानियों 4:15); और यही हमें प्रोत्साहित करता है कि हम निर्भीक होकर प्रभु यीशु मसीह के पास आएं, क्योंकि वह हमारी सब बात जानता और समझता है (इब्रानियों 4:16)।

   इस क्रिसमस के समय में जब आप प्रभु यीशु के बारे में विचार करें तो उस आवरण पर भी ध्यान करें जिसमें होकर उन्होंने अपने आप को हमारे लिए प्रस्तुत किया। - जो स्टोवैल


क्रिसमस के सर्वोत्तम उपहार के आवरण की उपेक्षा ना करें।

इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे। - इब्रानियों 4:16

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। 
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। 
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। 
Philippians 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे। 
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। 
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। 
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। 
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली। 
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। 
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। 
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 6-7
  • प्रकाशितवाक्य 13


बुधवार, 21 दिसंबर 2016

तैयार


   संचालक अपने मंच पर खड़ा था, उसकी आँखें संगीत मण्डली और वाद्य-मण्डली के सदस्यों का सर्वेक्षण कर रही थीं। गायकों ने संगीत के अपने कागज़ व्यवस्थित करके सही स्थान पर किए जिससे वे उन कागज़ों के ऊपर से संचालक को देख सकें तथा अपने खड़े रहने के लिए आरामदायक मुद्रा बनाई। वाद्य-मण्डली के सदस्यों ने भी संगीत के अपने कागज़ों को उनके स्थानों पर व्यवस्थित किया, आराम से बैठने के लिए अपने स्थान को ठीक किया; और तैयार होने के पश्चात सब शांत होकर संचालक की ओर देखने लगे। संचालक प्रतीक्षा में था कि सभी तैयार हो जाएं; सब के तैयार होते ही संचालन करने वाली छड़ी के साथ उसका हाथ नीचे को आया, और हैण्डल का प्रसिद्ध संगीत "Overture to Messiah" चर्च भवन में भर गया।

   उस संगीत की धुन को अपने चारों ओर गूँजते हुए सुनकर मुझे ऐसा प्रतीत हुआ मानो मैं क्रिसमस में डूब गई हूँ; जब परमेश्वर के इशारे पर, संसार के इतिहास के सही पल में, मसीहा, जो "...आने वाली अच्छी अच्छी वस्‍तुओं का महायाजक हो कर आया..." (इब्रानियों 9:11) के जन्म की प्रक्रिया का आरंभ हो गया।

   प्रत्येक क्रिसमस पर, जब हम मसीह यीशु के जन्म के उत्सव को संगीत के साथ मनाते हैं, मुझे यह भी स्मरण आता है कि परमेश्वर के लोग अपने आप को तैयार कर रहे हैं हमारे महान संचालक परमेश्वर पिता के उस इशारे का जिस से हमारे उद्धार के संगीत की अन्तिम पंक्ति का आरंभ होगा, और मसीह यीशु अपने विश्वासियों को अपने साथ ले जाने के लिए आ जाएगा, जिसके बाद वह सब कुछ नया कर देगा (प्रकाशितवाक्य 21:5)। उस दिन हम मसीही विश्वासियों के लिए अनन्तकाल तक उसके साथ रहने के आनन्द का आरंभ होगा। जैसे परमेश्वर हमारे तैयार हो जाने की प्रतीक्षा में है, वैसे ही हमें भी अपने संचालक परमेश्वर पिता के उस इशारे के लिए तैयार हो जाना चाहिए। - जूली ऐकैरमैन लिंक


मसीह के आगमन और जन्म का उत्सव उस के पुनःआगमन और 
मसीही विश्वासियों के अनन्त आनन्द की प्रत्याशा है।

और राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार किया जाएगा, कि सब जातियों पर गवाही हो, तब अन्‍त आ जाएगा। - मत्ती 24:14

बाइबल पाठ: इब्रानियों 9:11-22
Hebrews 9:11 परन्तु जब मसीह आने वाली अच्छी अच्छी वस्‍तुओं का महायाजक हो कर आया, तो उसने और भी बड़े और सिद्ध तम्बू से हो कर जो हाथ का बनाया हुआ नहीं, अर्थात इस सृष्‍टि का नहीं। 
Hebrews 9:12 और बकरों और बछड़ों के लोहू के द्वारा नहीं, पर अपने ही लोहू के द्वारा एक ही बार पवित्र स्थान में प्रवेश किया, और अनन्त छुटकारा प्राप्त किया। 
Hebrews 9:13 क्योंकि जब बकरों और बैलों का लोहू और कलोर की राख अपवित्र लोगों पर छिड़के जाने से शरीर की शुद्धता के लिये पवित्र करती है। 
Hebrews 9:14 तो मसीह का लोहू जिसने अपने आप को सनातन आत्मा के द्वारा परमेश्वर के साम्हने निर्दोष चढ़ाया, तुम्हारे विवेक को मरे हुए कामों से क्यों न शुद्ध करेगा, ताकि तुम जीवते परमेश्वर की सेवा करो। 
Hebrews 9:15 और इसी कारण वह नई वाचा का मध्यस्थ है, ताकि उस मृत्यु के द्वारा जो पहिली वाचा के समय के अपराधों से छुटकारा पाने के लिये हुई है, बुलाए हुए लोग प्रतिज्ञा के अनुसार अनन्त मीरास को प्राप्त करें। 
Hebrews 9:16 क्योंकि जहां वाचा बान्‍धी गई है वहां वाचा बान्‍धने वाले की मृत्यु का समझ लेना भी अवश्य है। 
Hebrews 9:17 क्योंकि ऐसी वाचा मरने पर पक्की होती है, और जब तक वाचा बान्‍धने वाला जीवित रहता है, तब तक वाचा काम की नहीं होती। 
Hebrews 9:18 इसी लिये पहिली वाचा भी बिना लोहू के नहीं बान्‍धी गई। 
Hebrews 9:19 क्योंकि जब मूसा सब लोगों को व्यवस्था की हर एक आज्ञा सुना चुका, तो उसने बछड़ों और बकरों का लोहू ले कर, पानी और लाल ऊन, और जूफा के साथ, उस पुस्‍तक पर और सब लोगों पर छिड़क दिया। 
Hebrews 9:20 और कहा, कि यह उस वाचा का लोहू है, जिस की आज्ञा परमेश्वर ने तुम्हारे लिये दी है। 
Hebrews 9:21 और इसी रीति से उसने तम्बू और सेवा के सारे सामान पर लोहू छिड़का। 
Hebrews 9:22 और व्यवस्था के अनुसार प्राय: सब वस्तुएं लोहू के द्वारा शुद्ध की जाती हैं; और बिना लोहू बहाए क्षमा नहीं होती।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 4-5
  • प्रकाशितवाक्य 12