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शुक्रवार, 22 सितंबर 2017

पाठ


   मैं झील के शान्त पानी में, एक हरी घास के झुरमुट के निकट मछली पकड़ रहा था। मैंने देखा कि एक बड़ी सी मछली, घास के उस झुरमुट में से निकलकर आई और निरीक्षण करने लगी। मेरी बंसी की डोर के अन्त में लगे चारे की ओर उसने ध्यान से देखा, फिर वापस घास के उस झुरमुट में चली गई। उसने ऐसा कई बार तब तक किया जब तक उसे चारे में लगा काँटा नहीं दिख गया। काँटा देखते ही वह तुरंत मुड़ी, और अपनी दुम झटक कर वापस घास के झुरमुट में जाकर छिप गई, और फिर बाहर नहीं निकली।

   शैतान भी इसी प्रकार हमारे सामने, मछली पकड़ने के डोरी और काँटे के समान, प्रलोभन लटकाता है। चारे के समान वह आकर्षक प्रतीत होता है; लगता है कि उससे तृप्ति मिलेगी, परन्तु वह सारा प्रयोजन हमें फंसाने के लिए होता है। लेकिन उस डोरी और काँटे के समान, शैतान के प्रलोभन के वश की भी सीमा है - वह हमें डोरी के अन्त में लगा चारा और उसमें छिपा काँटा दिखा तो सकता है, परन्तु उसे खा लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। उसकी सामर्थ्य का, हमारी इच्छा-शक्ति, हमारी निर्णय लेने के बिन्दु पर आकर अन्त हो जाता है। जब परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमें सचेत करे और हम प्रलोभन को स्वीकार करने से इन्कार कर दें, तो शैतान इससे आगे और कुछ नहीं कर सकता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब लिखता है कि जब हम शैतान का सामना करते हैं तो वह हमारे पास से भाग जाता है (याकूब 4:7)।

   हम मसीही विश्वासी प्रेरित पतरस के शब्दों से, जिसने स्वयं भी बहुत बड़ी परीक्षा का सामना किया था (मत्ती 26:33-35), बहुत सांत्वना पा सकते हैं। पतरस ने लिखा, "सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए। विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका साम्हना करो..." (1 पतरस 5:8-9)। जिस प्रकार उस बड़ी मछली ने मेरी डोरी और काँटे की उपेक्षा की, परमेश्वर की सहायता और सामर्थ्य से हम भी शैतान के बड़े से बड़े प्रलोभन का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं। - डेव एग्नर


शैतान के झूठ का परमेश्वर के वचन के सत्य से सामना करें।

इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा। - याकूब 4:7

बाइबल पाठ: 1 पतरस 5:1-9
1 Peter 5:1 तुम में जो प्राचीन हैं, मैं उन के समान प्राचीन और मसीह के दुखों का गवाह और प्रगट होने वाली महिमा में सहभागी हो कर उन्हें यह समझाता हूं। 
1 Peter 5:2 कि परमेश्वर के उस झुंड की, जो तुम्हारे बीच में हैं रखवाली करो; और यह दबाव से नहीं, परन्तु परमेश्वर की इच्छा के अनुसार आनन्द से, और नीच-कमाई के लिये नहीं, पर मन लगा कर। 
1 Peter 5:3 और जो लोग तुम्हें सौंपे गए हैं, उन पर अधिकार न जताओ, वरन झुंड के लिये आदर्श बनो। 
1 Peter 5:4 और जब प्रधान रखवाला प्रगट होगा, तो तुम्हें महिमा का मुकुट दिया जाएगा, जो मुरझाने का नहीं। 
1 Peter 5:5 हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, वरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्‍धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। 
1 Peter 5:6 इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। 
1 Peter 5:7 और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। 
1 Peter 5:8 सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए। 
1 Peter 5:9 विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका साम्हना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुख भुगत रहे हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12
  • गलतियों 1



गुरुवार, 21 सितंबर 2017

स्मरण


   जिस छोटे दफ्तर को किराए पर लेकर मैं अब कार्य कर रही हूँ, वहाँ केवल कुछ मक्खियाँ ही रहा करती थीं; और उन में से अनेक मर चुकी थीं। वे मरी हुई मक्खियाँ चारों ओर, फर्श पर और खिड़कियों की दहलीज़ पर बिखरी पड़ी थीं। काम आरंभ करने से पहले मैंने वहाँ की सफाई करते हुए उन सभी मरी हुई मक्खियों को भी हटा दिया, सिवाए एक के। उस एक मक्खी को मैंने अपने सामने स्पष्ट दिखाई देने वाले स्थान पर रख दिया। वह मरी हुई मक्खी मुझे स्मरण दिलाती है कि मैं प्रत्येक दिन को भली-भांति व्यतीत करूँ। जीवन को स्मरण दिलाने के लिए मृत्यु एक बहुत अच्छा साधन है, और जीवन परमेश्वर से मिला उपहार है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा सुलेमान ने अपनी सभोपदेशक नामक पुस्तक में लिखा, "जो सब जीवतों में है, उसे आशा है" (सभोपदेशक 9:4)। पृथ्वी पर हमारा जीवन हमें अपने आस-पास के संसार को प्रभावित करने और उसका आनन्द लेने का अवसर देता है। हम अच्छे से खा-पी सकते हैं, अपने संबंधों का आनन्द उठा सकते हैं (पद 7, 9)। हम अपने कार्य से भी आनन्द ले सकते हैं। सुलेमान ने यह भी लिखा, "जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुध्दि है" (पद 10)। जीवन में हमारा जो भी कार्य या जीविका का साधन हो, हम उसमें प्रभावी हो सकते हैं, और उन सभी कार्यों को अच्छे से कर सकते हैं। हम लोगों को प्रोत्साहित कर सकते हैं, प्रार्थना कर सकते हैं, लोगों के प्रति निष्ठा और प्रेम प्रगट कर सकते हैं।

   सभोपदेशक का लेखक लिखता है, "...वे सब समय और संयोग के वश में हैं। क्योंकि मनुष्य अपना समय नहीं जानता।" (पद 11-12)। हमारे लिए यह जानना कि पृथ्वी पर हमारा जीवन कब समाप्त होगा असंभव है, परन्तु परमेश्वर की सामर्थ्य और प्रभु यीशु द्वारा अनन्त जीवन की प्रतिज्ञा में होकर जीवन में आज आनन्द और उद्देश्य पाना, और भरपूरी का जीवन जीना संभव है, जैसा कि प्रभु यीशु ने कहा: "...मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं" (यूहन्ना 10:10)। हम अपने जीवन की अनिश्चितता को स्मरण रखते हुए, जो जीवन मिला है उसे प्रभु यीशु में होकर भरपूरी से जीएं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


आज का यह दिन परमेश्वर का उपहार है। इसमें आनन्दित हों, इसे भरपूरी से जीएं।

हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुध्दिमान हो जाएं। - भजन 90:12

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 9:4-12
Ecclesiastes 9:4 उसको परन्तु जो सब जीवतों में है, उसे आशा है, क्योंकि जीवता कुत्ता मरे हुए सिंह से बढ़कर है। 
Ecclesiastes 9:5 क्योंकि जीवते तो इतना जानते हैं कि वे मरेंगे, परन्तु मरे हुए कुछ भी नहीं जानते, और न उन को कुछ और बदला मिल सकता है, क्योंकि उनका स्मरण मिट गया है। 
Ecclesiastes 9:6 उनका प्रेम और उनका बैर और उनकी डाह नाश हो चुकी, और अब जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उस में सदा के लिये उनका और कोई भाग न होगा।
Ecclesiastes 9:7 अपने मार्ग पर चला जा, अपनी रोटी आनन्द से खाया कर, और मन में सुख मान कर अपना दाखमधु पिया कर; क्योंकि परमेश्वर तेरे कामों से प्रसन्न हो चुका है।
Ecclesiastes 9:8 तेरे वस्त्र सदा उजले रहें, और तेरे सिर पर तेल की घटी न हो।
Ecclesiastes 9:9 अपने व्यर्थ जीवन के सारे दिन जो उसने सूर्य के नीचे तेरे लिये ठहराए हैं अपनी प्यारी पत्नी के संग में बिताना, क्योंकि तेरे जीवन और तेरे परिश्रम में जो तू सूर्य के नीचे करता है तेरा यही भाग है। 
Ecclesiastes 9:10 जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।
Ecclesiastes 9:11 फिर मैं ने धरती पर देखा कि न तो दौड़ में वेग दौड़ने वाले और न युध्द में शूरवीर जीतते; न बुध्दिमान लोग रोटी पाते न समझ वाले धन, और न प्रवीणों पर अनुग्रह होता है, वे सब समय और संयोग के वश में हैं। 
Ecclesiastes 9:12 क्योंकि मनुष्य अपना समय नहीं जानता। जैसे मछलियां दुखदाई जाल में बझतीं और चिड़ियें फन्दे में फंसती हैं, वैसे ही मनुष्य दुखदाई समय में जो उन पर अचानक आ पड़ता है, फंस जाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 7-9
  • 2 कुरिन्थियों 13


बुधवार, 20 सितंबर 2017

हाथों में


   मैं अस्पताल में ऑपरेशन के स्थान के प्रतीक्षालय में बैठा हुआ था; मेरे पास विचार करने के लिए समय था। कुछ समय पहले भी मैं यहीं पर था, और तब हमें हिला देने वाला समाचार दिया गया था, मेरा एकलौता भाई, जो मुझ से बहुत छोटा था, उसके मस्तिष्क ने काम करना बन्द कर दिया था। आज मैं यहाँ अपनी पत्नि के लिए बैठा हुआ था जिसे एक गंभीर ऑपरेशन से होकर निकलना पड़ रहा था, और मैं उसके परिणाम को सुनने के लिए वहाँ प्रतीक्षा में था, परमेश्वर की शान्त वाणी को सुन रहा था।

   अचानक ही समाचार आया; ऑपरेशन करने वाला सर्जन मुझ से मिलना चाहता था। मैं मिलने के उस एकान्त कमरे में गया। वहाँ मेज़ पर टिशू के दो डिब्बे रखे हुए थे। वे केवल बहती नाक पोंछने के लिए नहीं रखे गए थे, वरन उन कठोर भयावह वाक्यांशों के लिए रखे गए थे, जैसे कि मुझे तब सुनने पड़े थे जब मेरे भाई की मृत्यु हुई थी - "मस्तिष्क मर गया है", "हम कुछ नहीं कर सकते हैं।"

   दुःख और अनिश्चितता के ऐसे समयों में, परमेश्वर का वचन बाइबल दिलासा का अनुपम स्त्रोत है, विशेषकर उसमें भजन संहिता नामक खण्ड। ऐसी स्थिति में खराई से लिखे गए उन भजनों की ओर मुड़ना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक भजन है, भजन 31, जो दाऊद द्वारा घोर दुःख के समय में लिखा गया है। दाऊद लिखता है, "मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है" (पद 10); उसके इस दुःख को और अधिक बढ़ा देने वाली बात थी कि उसके मित्रों और पड़ौसियों ने उसे छोड़ दिया था (पद 11)।

   परन्तु दाऊद का दृढ़ भरोसा उस सच्चे और जीवते परमेश्वर पर था, जिसके हाथों में उसने अपने आप को छोड़ दिया था: "परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है। मेरे दिन तेरे हाथ में है;" (पद 14-15)। इस कारण दुःखों का उसका विलाप, एक उत्साह और आशा की पुकार के साथ समाप्त होता है: "हे यहोवा पर आशा रखने वालों हियाव बान्धो और तुम्हारे हृदय दृढ़ रहें!" (भजन 31:24)।

   अब की बार, उस प्रतीक्षालय में सर्जन ने हमें अच्छा समाचार दिया: मेरी पत्नि के पूर्णतः ठीक होने की संभावना थी। परन्तु चाहे यह समाचार न भी आता, फिर भी हम जानते और मानते हैं कि हमारा समस्त समय परमेश्वर के सबल हाथों में सर्वदा सुरक्षित है। - टिम गुस्टाफसन


जब हम अपनी समस्याएं परमेश्वर के हाथों में डाल देते हैं, 
तब वह अपनी शान्ति हमारे हृदयों में डाल देता है।

अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे संभालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। - भजन 55:22 

बाइबल पाठ: भजन 31:9-18
Psalms 31:9 हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं। 
Psalms 31:10 मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, और मेरी हडि्डयां घुल गई।
Psalms 31:11 अपने सब विरोधियों के कारण मेरे पड़ोसियों में मेरी नामधराई हुई है, अपने जान पहिचान वालों के लिये डर का कारण हूं; जो मुझ को सड़क पर देखते है वह मुझ से दूर भाग जाते हैं। 
Psalms 31:12 मैं मृतक के समान लोगों के मन से बिसर गया; मैं टूटे बर्तन के समान हो गया हूं। 
Psalms 31:13 मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना, चारों ओर भय ही भय है! जब उन्होंने मेरे विरुद्ध आपस में सम्मति की तब मेरे प्राण लेने की युक्ति की।
Psalms 31:14 परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है। 
Psalms 31:15 मेरे दिन तेरे हाथ में है; तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सताने वालों के हाथ से छुड़ा। 
Psalms 31:16 अपने दास पर अपने मुंह का प्रकाश चमका; अपनी करूणा से मेरा उद्धार कर।
Psalms 31:17 हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे क्योंकि मैं ने तुझ को पुकारा है; दुष्ट लज्जित हों और वे पाताल में चुपचाप पड़े रहें। 
Psalms 31:18 जो अंहकार और अपमान से धर्मी की निन्दा करते हैं, उनके झूठ बोलने वाले मुंह बन्द किए जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6
  • 2 कुरिन्थियों 12


मंगलवार, 19 सितंबर 2017

क्लेष


   उस विशाल पर्दे पर निकट से लिया गया चित्र बड़ा तथा स्पष्ट था, इसलिए हम उस मनुष्य के शरीर के गहरे घावों को देख पा रहे थे। एक सैनिक उसे पीट रहा था, जबकि वहाँ खड़ी क्रुध्द भीड़ उस का उपहास कर रही थी; उस मनुष्य का चेहरा खून से लथपथ था। वह दृश्य इतना सजीव प्रतीत हो रहा था कि मैं उस खुले सिनेमा स्थान की शान्ति में बैठा, ऐसे मूँह बना रहा और कसमसा रहा था कि मानो वह यातना मुझे ही दी जा रही थी। परन्तु यह तो केवल एक फिल्म थी जिसमें हम मनुष्यों के लिए प्रभु यीशु द्वारा सही गई यातना और उठाए गए क्लेष का एक सजीव चित्रण किया गया था।

   प्रभु यीशु मसीह द्वारा हमारे लिए उठाए गए दुःखों को स्मरण करवाते हुए, परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने लिखा, "और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुःख उठा कर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो" (1 पतरस 2:21)। जबकि क्लेष विभिन्न प्रकार और तीव्रता में आते हैं, वे अनपेक्षित नहीं हैं। हो सकता है कि हमारे दुःख उतने तीव्र न हों जैसे पौलुस ने सहे थे, जिसने प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास रखने के लिए बेंतों से पीटा जाना, पत्थरवाह किया जाना, और जलयान के टूट जाने के कारण समुद्र में जान का जोखिम उठाना पड़ा। उसे डाकुओं ने घेरा, तथा उसने भूख और प्यास भी सही (2 कुरिन्थियों 11:24-27)। इसी प्रकार संभव है कि हमें वैसे क्लेष भी न उठाने पड़ें जैसे कि उन देशों में लोग उठाते हैं जहाँ मसीही विश्वास स्वीकार्य नहीं है।

   परन्तु हम मसीही विश्वासियों के लिए किसी न किसी रूप में क्लेष आएंगे; चाहे हमें अपना इन्कार करना पड़े, उत्पीड़न सहना पड़े, अपमान सहना पड़े, या ऐसे कार्यों को करने से इन्कार करना पड़े जो प्रभु यीशु को आदर नहीं देते हैं। जब हम इन और ऐसी अनेकों परिस्थितियों में धैर्य दिखाते हैं, अपना बदला नहीं लेते हैं, दूसरों को क्षमा कर देते हैं, अपने भरसक औरों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने का प्रयास करते हैं, तब हम प्रभु यीशु का अनुसरण कर रहे होते हैं।

   हमें जब भी क्लेषों का सामना करना पड़े, तो कोई भी प्रतिक्रीया देने से पूर्व हम थोड़ा थम कर विचार कर लें कि प्रभु यीशु ने हमारे लिए क्या कुछ और कैसे सहा। वह अपने सताने वालों के साथ क्या कुछ कर सकता था, परन्तु उसने उनके लिए क्या कुछ कर के दे दिया। हमारे क्लेष हमें हमारे प्रभु की समानता में ढालने का माध्यम हैं। - लॉरेंस दरमानी


दुःख की पाठशाला में हम वो पाठ सीखते हैं 
जिन्हें हम अन्य किसी पाठशाला में कभी नहीं सीख सकते हैं।

बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो। जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। - रोमियों 12:17-19

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 11:22-30
2 Corinthians 11:22 क्या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही इस्त्राएली हैं? मैं भी हूँ: क्या वे ही इब्राहीम के वंश के हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही मसीह के सेवक हैं? 
2 Corinthians 11:23 (मैं पागल के समान कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाने में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में। 
2 Corinthians 11:24 पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्‍तालीस उन्‍तालीस कोड़े खाए। 
2 Corinthians 11:25 तीन बार मैं ने बेंतें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक रात दिन मैं ने समुद्र में काटा। 
2 Corinthians 11:26 मैं बार बार यात्राओं में; नदियों के जोखिमों में; डाकुओं के जोखिमों में; अपने जाति वालों से जोखिमों में; अन्यजातियों से जोखिमों में; नगरों में के जाखिमों में; जंगल के जोखिमों में; समुद्र के जोखिमों में; झूठे भाइयों के बीच जोखिमों में; 
2 Corinthians 11:27 परिश्रम और कष्‍ट में; बार बार जागते रहने में; भूख-प्यास में; बार बार उपवास करने में; जाड़े में; उघाड़े रहने में। 
2 Corinthians 11:28 और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रति दिन मुझे दबाती है। 
2 Corinthians 11:29 किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता? किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता? 
2 Corinthians 11:30 यदि घमण्ड करना अवश्य है, तो मैं अपनी निर्बलता की बातों पर करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 1-3
  • 2 कुरिन्थियों 11:16-33


सोमवार, 18 सितंबर 2017

दृढ़ मित्र


   मेरे एक मित्र ने मुझे कुछ ऐसे लोगों के समूह के विषय में बताया जो मसीह में व्यक्तिगत विश्वास के दृढ़ बंधन से परस्पर बंधे हुए थे। उन में से एक 93 वर्षीय महिला का कहना था, "मुझे लगता है कि मैं आप में से किसी को भी, आवश्यकता पड़ने पर, रात के दो बजे भी बुला सकती हूँ, और आपकी इस सहायता के लिए मुझे क्षमा-प्रार्थी भी नहीं होना पड़ेगा।" आवश्यकता चाहे प्रार्थना के लिए हो या फिर किसी व्यावाहरिक विषय के लिए, या आवश्यकता के समय किसी के साथ होने के लिए, ये मित्र एक दूसरे के प्रति बिना किसी शर्त के समर्पित हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, पौलुस द्वारा कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी पत्री में भी ऐसा ही समर्पण दिखाई देता है। पौलुस ने यह पत्री रोम से लिखी थी, जहाँ वह अपने मसीही विश्वास के कारण बन्दीगृह में पड़ा हुआ था। वहाँ से पौलुस ने कुलुस्से के विश्वासियों को लिखा कि वह उनके प्रोत्साहन के लिए तुखिकुस और उनेसिमुस को भेज रहा है (कुलुस्सियों 4:7-9)। साथ ही उसने लिखा कि अरिस्तर्खुस, मरकुस, और यूस्तुस उन्हें अपना अभिनन्दन और शुभकामनाएं भेज रहे हैं (पद 10-11)। फिर पौलुस ने उन्हें इपफ्रास के विषय में लिखा कि वह, "...सदा तुम्हारे लिये प्रार्थनाओं में प्रयत्न करता है, ताकि तुम सिद्ध हो कर पूर्ण विश्वास के साथ परमेश्वर की इच्छा पर स्थिर रहो" (पद 12)। ये सभी व्यावाहरिक सहायता और गहरे प्रेम के दृढ़ आश्वासन हैं।

   क्या आप भी किसी के दृढ़ मित्र, या किसी ऐसे मित्र समूह का अंग हैं? यदि हाँ, तो परमेश्वर का धन्यवाद करें आपको ऐसे मित्रों के साथ मिला कर रखने के लिए। यदि नहीं, तो परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह आपको किसी अन्य ऐसे जन के साथ संपर्क में लाए जिसके साथ आप प्रार्थना तथा सहायता करने के लिए समर्पित रह सकें। मेरा मानना है कि शीघ्र ही आप के साथ ऐसे और भी लोग जुड़ते चले जाएंगे। एक दूसरे के साथ मसीह के प्रेम को बाँटें, अपना कुछ भी, कभी भी, कहीं भी प्रभु यीशु के नाम में बाँटने के लिए समर्पित बने रहें। - डेविड मैक्कैसलैंड


इससे बड़ा प्रेम कोई और नहीं है कि 
कोई अपने मित्रों के लिए अपने प्राण दे। - प्रभु यीशु

हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। - 1 यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 4:1-15
Colossians 4:1 हे स्‍वामियों, अपने अपने दासों के साथ न्याय और ठीक ठीक व्यवहार करो, यह समझकर कि स्वर्ग में तुम्हारा भी एक स्‍वामी है।
Colossians 4:2 प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो। 
Colossians 4:3 और इस के साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें जिस के कारण मैं कैद में हूं। 
Colossians 4:4 और उसे ऐसा प्रगट करूं, जैसा मुझे करना उचित है। 
Colossians 4:5 अवसर को बहुमूल्य समझ कर बाहर वालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो। 
Colossians 4:6 तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए। 
Colossians 4:7 प्रिय भाई और विश्वासयोग्य सेवक, तुखिकुस जो प्रभु में मेरा सहकर्मी है, मेरी सब बातें तुम्हें बता देगा। 
Colossians 4:8 उसे मैं ने इसलिये तुम्हारे पास भेजा है, कि तुम्हें हमारी दशा मालूम हो जाए और वह तुम्हारे हृदयों को शान्‍ति दे। 
Colossians 4:9 और उसके साथ उनेसिमुस को भी भेजा है जो विश्वास योग्य और प्रिय भाई और तुम ही में से है, ये तुम्हें यहां की सारी बातें बता देंगे।
Colossians 4:10 अरिस्‍तर्खुस जो मेरे साथ कैदी है, और मरकुस जो बरनबा का भाई लगता है। (जिस के विषय में तुम ने आज्ञा पाई थी कि यदि वह तुम्हारे पास आए, तो उस से अच्छी तरह व्यवहार करना।) 
Colossians 4:11 और यीशु जो यूस्‍तुस कहलाता है, तुम्हें नमस्‍कार कहते हैं। खतना किए हुए लोगों में से केवल ये ही परमेश्वर के राज्य के लिये मेरे सहकर्मी और मेरी शान्‍ति का कारण रहे हैं। 
Colossians 4:12 इपफ्रास जो तुम में से है, और मसीह यीशु का दास है, तुम से नमस्‍कार कहता है और सदा तुम्हारे लिये प्रार्थनाओं में प्रयत्न करता है, ताकि तुम सिद्ध हो कर पूर्ण विश्वास के साथ परमेश्वर की इच्छा पर स्थिर रहो। 
Colossians 4:13 मैं उसका गवाह हूं, कि वह तुम्हारे लिये और लौदीकिया और हियरापुलिस वालों के लिये बड़ा यत्‍न करता रहता है। 
Colossians 4:14 प्रिय वैद्य लूका और देमास का तुम्हें नमस्‍कार। 
Colossians 4:15 लौदीकिया के भाइयों को और तुमफास और उन के घर की कलीसिया को नमस्‍कार कहना।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 30-31
  • 2 कुरिन्थियों 11:1-15


रविवार, 17 सितंबर 2017

परिप्रेक्ष्य


   ऐसा क्यों होता है कि नशे में धुत वाहन चालक दुर्घटना होने पर बिना किसी गंभीर चोट के बच जाता है, जबकि बिना कोई नशा किए हुए उस दुर्घटना का शिकार होने वाला व्यक्ति गंभीर चोटों के साथ जान बचाने के संघर्ष में चला जाता है? क्यों बुरे लोग फलते-फूलते हैं, जबकि भले लोग दुःख उठाते हैं? आपके साथ ऐसा कितनी बार हुआ है कि आप अपने जीवन में हो रही बातों को लेकर उलझनों में पड़ जाते हैं, और पुकार कर परमेश्वर से पूछते हैं, ""क्या परमेश्वर चिंता नहीं करता है?"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि परमेश्वर का एक भविष्यद्वक्ता हबक्कूक, इसी प्रश्न से जूझ रहा था, क्योंकि वह अपने चारों ओर परमेश्वर के लोगों, यहूदा, में व्याप्त दुराचार और अन्याय को लेकर परेशान था (हबक्कूक 1:1-4)। उसकी इस उलझन ने उसे बाध्य किया कि वह परमेश्वर से पूछे कि परमेश्वर इस परिस्थिति को कब सुधारेगा? परन्तु परमेश्वर का उत्तर भी कम उलझन उत्पन्न करने वाला नहीं था।

   परमेश्वर ने कहा कि वह यहूदा को सुधारने के लिए कसदियों का उपयोग करेगा। हबक्कूक के लिए यह असमंजस की बात थी क्योंकि कसदी अपनी क्रूरता के लिए जाने जाते थे (पद 7)। वे हिंसक प्रवृत्ति के थे (पद 9), और वे न तो किसी मानवीय अधिकार को और न ही परमेश्वर को, वरन केवल अपनी सैन्य सामर्थ्य को मानते थे (पद 10-11)।

   जब भी ऐसे पल आएं जब हम परमेश्वर के मार्गों को समझ नहीं पाएं, तब हमें उसके भले, सिध्द और अपरिवर्तनीय चरित्र पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। हबक्कूक ने भी यही किया; उसने विश्वास किया कि परमेश्वर न्याय, करुणा और सत्य का परमेश्वर है: "तेरे सिंहासन का मूल, धर्म और न्याय है; करूणा और सच्चाई तेरे आगे आगे चलती है" (भजन 89:14)। ऐसा करने से वह अपनी परिस्थितियों को एक नए परिप्रेक्ष्य से देख सका। उसने परमेश्वर के चरित्र को अपनी परिस्थितियों में होकर समझने के स्थान पर, परिस्थितियों को परमेश्वर के चरित्र में होकर समझना सीखा। ऐसा करने पर वह इस निषकर्ष पर पहुँचा कि, "यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पांव हरिणों के समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊंचे स्थानों पर चलाता है" (हबक्कूक 3:19)। - पो फैंग चिया


परमेश्वर के परिप्रेक्ष्य से हमें हमारी परिस्थितियाँ बहुत भिन्न दिखाई देंगी।

क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है। - यशायाह 55:8-9

बाइबल पाठ: हबक्कूक 1:1-11
Habakkuk 1:1 भारी वचन जिस को हबक्कूक नबी ने दर्शन में पाया।
Habakkuk 1:2 हे यहोवा मैं कब तक तेरी दोहाई देता रहूंगा, और तू न सुनेगा? मैं कब तक तेरे सम्मुख “उपद्रव”, “उपद्रव” चिल्लाता रहूंगा? क्या तू उद्धार नहीं करेगा? 
Habakkuk 1:3 तू मुझे अनर्थ काम क्यों दिखाता है? और क्या कारण है कि तू उत्पात को देखता ही रहता है? मेरे साम्हने लूट-पाट और उपद्रव होते रहते हैं; और झगड़ा हुआ करता है और वादविवाद बढ़ता जाता है। 
Habakkuk 1:4 इसलिये व्यवस्था ढीली हो गई और न्याय कभी नहीं प्रगट होता। दुष्ट लोग धर्मी को घेर लेते हैं; सो न्याय का खून हो रहा है।
Habakkuk 1:5 अन्यजातियों की ओर चित्त लगा कर देखो, और बहुत ही चकित हो। क्योंकि मैं तुम्हारे ही दिनों में ऐसा काम करने पर हूं कि जब वह तुम को बताया जाए तो तुम उसकी प्रतीति न करोगे। 
Habakkuk 1:6 देखो, मैं कसदियों को उभारने पर हूं, वे क्रूर और उतावली करने वाली जाति हैं, जो पराए वासस्थानों के अधिकारी होने के लिये पृथ्वी भर में फैल गए हैं। 
Habakkuk 1:7 वे भयानक और डरावने हैं, वे आप ही अपने न्याय की बड़ाई और प्रशंसा का कारण हैं। 
Habakkuk 1:8 उनके घोड़े, चीतों से भी अधिक वेग चलने वाले हैं, और सांझ को आहेर करने वाले हुंडारों से भी अधिक क्रूर हैं; उनके सवार दूर दूर कूदते-फांदते आते हैं। हां, वे दूर से चले आते हैं; और आहेर पर झपटने वाले उकाब के समान झपट्टा मारते हैं। 
Habakkuk 1:9 वे सब के सब उपद्रव करने के लिये आते हैं; साम्हने की ओर मुख किए हुए वे सीधे बढ़े चले जाते हैं, और बंधुओं को बालू के किनकों के समान बटोरते हैं। 
Habakkuk 1:10 राजाओं को वे ठट्ठों में उड़ाते और हाकिमों का उपहास करते हैं; वे सब दृढ़ गढ़ों को तुच्छ जानते हैं, क्योंकि वे दमदमा बान्ध कर उन को जीत लेते हैं। 
Habakkuk 1:11 तब वे वायु के समान चलते और मर्यादा छोड़ कर दोषी ठहरते हैं, क्योंकि उनका बल ही उनका देवता है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 27-29
  • 2 कुरिन्थियों 10


शनिवार, 16 सितंबर 2017

त्यागा हुआ


   सुप्रसिध्द मसीही लेखक, सी. एस. ल्युईस की पुस्तक The Screwtape Letters में एक काल्पनिक संवाद है जो शैतान के दो दूतों, एक वरिष्ठ तथा दूसरा कनिष्ठ, के बीच हो रहा है। संवाद का विषय है एक मसीही विश्वासी को भली-भांति प्रलोभन में कैसे लाया जा सकता है, क्योंकि शैतान के वे दोनों दूत मसीही विश्वासियों के परमेश्वर में विश्वास को नष्ट करना चाहते हैं। वरीष्ठ दूत कनिष्ठ को सचेत करते हुए कहता है, "धोखा मत खाना, हमारे प्रयास के लिए सबसे अधिक जोखिम का समय वह होता है जब एक मसीही अपने चारों ओर सृष्टि में परमेश्वर के अस्तित्व के प्रत्येक प्रमाण को लुप्त होता हुआ देखता है, अपने आप को परमेश्वर का त्यागा अनुभव करता है, और फिर भी परमेश्वर पर विश्वास बनाए रखता है, उसका आज्ञाकारी बना रहता है।"

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमारे सामने ऐसे लोगों के अनेकों उदाहरण रखती है जिन्होंने अपने आप को परमेश्वर का त्यागा अनुभव तो किया परन्तु फिर भी अपने विश्वास में बने रहे और उसी विश्वास में कार्य करते रहे। अब्राहम को लगा कि परमेश्वर ने वारिस की जो प्रतिज्ञा उससे की थी वह पूरी हुए बिना रह जाएगी (उत्पत्ति 15:2-3)। भजनकार ने अपने कठिन समयों मे अपने आपको उपेक्षित अनुभव किया (भजन 10:1)। अय्युब इतनी कठिन परीक्षाओं में पड़ा कि उसे लगा जैसे परमेश्वर उसके प्राण ही ले लेगा (अय्युब 13:15)। और प्रभु यीशु ने क्रूस पर से चिल्लाकर कहा, "... हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?" (मत्ती 27:46)। परन्तु हर बार परमेश्वर ही विश्वासयोग्य पाया गया (उत्पत्ति 21:1-7, भजन 10:16-18, अय्युब 38:1-42:17, मत्ती 28:9-20)।

   चाहे शैतान आपको यह सोचने पर बाध्य कर देने का भरसक प्रयास करे कि परमेश्वर ने आपको त्याग दिया है, यह कभी नहीं भूलें कि परमेश्वर सदा आपके निकट बना रहता है; वह अपने बच्चों को कभी नहीं त्यागता है (इब्रानियों 13:5)। इसलिए हम इब्रानियों के लेखक के साथ सहर्ष और निडर होकर कह सकते हैं, "इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है" (इब्रानियों 13:6)। - डेनिस फिशर


हमारे प्रत्येक भय और आशंका के बावजूद, 
परमेश्वर सदा हमारे निकट और साथ बना रहता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 22:1-21
Psalms 22:1 हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? 
Psalms 22:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता। Psalms 22:3 परन्तु हे तू जो इस्राएल की स्तुति के सिहांसन पर विराजमान है, तू तो पवित्र है। 
Psalms 22:4 हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था। 
Psalms 22:5 उन्होंने तेरी दोहाई दी और तू ने उन को छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।
Psalms 22:6 परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है। 
Psalms 22:7 वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं, 
Psalms 22:8 कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है। 
Psalms 22:9 परन्तु तू ही ने मुझे गर्भ से निकाला; जब मैं दूधपिउवा बच्चा था, तब ही से तू ने मुझे भरोसा रखना सिखलाया। 
Psalms 22:10 मैं जन्मते ही तुझी पर छोड़ दिया गया, माता के गर्भ ही से तू मेरा ईश्वर है। 
Psalms 22:11 मुझ से दूर न हो क्योंकि संकट निकट है, और कोई सहायक नहीं। 
Psalms 22:12 बहुत से सांढ़ों ने मुझे घेर लिया है, बाशान के बलवन्त सांढ़ मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए हैं। 
Psalms 22:13 वह फाड़ने और गरजने वाले सिंह के समान मुझ पर अपना मुंह पसारे हुए है।
Psalms 22:14 मैं जल के समान बह गया, और मेरी सब हडि्डयों के जोड़ उखड़ गए: मेरा हृदय मोम हो गया, वह मेरी देह के भीतर पिघल गया। 
Psalms 22:15 मेरा बल टूट गया, मैं ठीकरा हो गया; और मेरी जीभ मेरे तालू से चिपक गई; और तू मुझे मारकर मिट्टी में मिला देता है। 
Psalms 22:16 क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मण्डली मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए है; वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं। 
Psalms 22:17 मैं अपनी सब हडि्डयां गिन सकता हूं; वे मुझे देखते और निहारते हैं; 
Psalms 22:18 वे मेरे वस्त्र आपस में बांटते हैं, और मेरे पहिरावे पर चिट्ठी डालते हैं। 
Psalms 22:19 परन्तु हे यहोवा तू दूर न रह! हे मेरे सहायक, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर! 
Psalms 22:20 मेरे प्राण को तलवार से बचा, मेरे प्राण को कुत्ते के पंजे से बचा ले! 
Psalms 22:21 मुझे सिंह के मुंह से बचा, हां, जंगली सांढ़ों के सींगो में से तू ने मुझे बचा लिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 25-26
  • 2 कुरिन्थियों 9