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रविवार, 1 अक्टूबर 2017

शंका


   एक बार मैं ट्रेन में बैठकर एक आवश्यक कार्य के लिए जा रहा था; मेरे मन में विचार उठने लगे कि क्या मैं सही ट्रेन में हूँ? मैं उस ओर ट्रेन से कभी गया नहीं था और मैंने चलने से पहले किसी से सहायता के लिए कुछ पूछा भी नहीं था। अन्ततः शंका और अनिश्चितता से अभिभूत होकर, मैं अगले स्टेशन पर उतर गया, लेकिन उतरने के बाद मुझे पता चला कि मैं वास्तव में सही ट्रेन में ही था।

   यह घटना मुझे स्मरण करवाती है कि कैसे शंका हम से हमारे विश्वास और शान्ति को चुरा सकती है। एक समय मैं अपने उध्दार की निश्चितता को लेकर असमंजस में था, उससे संघर्ष कर रहा था, परन्तु परमेश्वर ने इस असमंजस से निकलने में मेरी सहायता की। इसके पश्चात मैं प्रभु यीशु मसीह के प्रति अपने परिवर्तन की कहानी और अपने स्वर्ग जाने के आश्वासन को बाँट रहा था, तो किसी ने मुझ से पूछा, "आप इतने निश्चित कैसे हो सकते हैं कि आपने उध्दार पा लिया है और आप स्वर्ग जाएंगे ही?" मैंने तुरंत नम्रता के साथ उसे परमेश्वर के वचन बाइबल से वह पद दिखाया, परमेश्वर ने जिसका प्रयोग मेरे असमंजस को दूर करने के लिए किया था: "मैं ने तुम्हें, जो परमेश्वर के पुत्र के नाम पर विश्वास करते हो, इसलिये लिखा है; कि तुम जानो, कि अनन्त जीवन तुम्हारा है" (1 यूहन्ना 5:13)।

   परमेश्वर ने संसार के सभी मनुष्यों से प्रतिज्ञा की है कि उसके पुत्र प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा हमें अनन्त जीवन दे दिया गया है: "परमेश्वर ने हमें अनन्त जीवन दिया है: और यह जीवन उसके पुत्र में है" (पद 11)। परमेश्वर का यह अटल आश्वासन हमारे विश्वास को चोखा करता है, जब हम निराश होते हैं तो हमें उभारता है, और शंका के समय में हमें साहस प्रदान करता है। - लॉरेंस दरमानी


परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं को स्मरण करने से शंका मिट जाती है।

परन्तु ये इसलिये लिखे गए हैं, कि तुम विश्वास करो, कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र मसीह है: और विश्वास कर के उसके नाम से जीवन पाओ। - यूहन्ना 20:31

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 5:9-13
1 John 5:9 जब हम मनुष्यों की गवाही मान लेते हैं, तो परमेश्वर की गवाही तो उस से बढ़कर है; और परमेश्वर की गवाही यह है, कि उसने अपने पुत्र के विषय में गवाही दी है। 
1 John 5:10 जो परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करता है, वह अपने ही में गवाही रखता है; जिसने परमेश्वर की प्रतीति नहीं की, उसने उसे झूठा ठहराया; क्योंकि उसने उस गवाही पर विश्वास नहीं किया, जो परमेश्वर ने अपने पुत्र के विषय में दी है। 
1 John 5:11 और वह गवाही यह है, कि परमेश्वर ने हमें अनन्त जीवन दिया है: और यह जीवन उसके पुत्र में है। 
1 John 5:12 जिस के पास पुत्र है, उसके पास जीवन है; और जिस के पास परमेश्वर का पुत्र नहीं, उसके पास जीवन भी नहीं है।
1 John 5:13 मैं ने तुम्हें, जो परमेश्वर के पुत्र के नाम पर विश्वास करते हो, इसलिये लिखा है; कि तुम जानो, कि अनन्त जीवन तुम्हारा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 11-13
  • इफिसियों 4


शनिवार, 30 सितंबर 2017

तराई से प्रार्थना


   एक कविता रूप में परमेश्वर से की गई प्रार्थना है, जो The Valley of Vision के नाम से जानी जाती है। इस प्रार्थना-कविता का विषय पापी मनुष्य और उसके पवित्र परमेश्वर के मध्य की दूरी है। मनुष्य परमेश्वर से कहता है, "आप मुझे दर्शन की तराई में लेकर आए हैं...; चारों ओर पाप के पहाड़ों से घिरा होकर भी मैं ऊपर आपकी महिमा को देखता हूँ।" मनुष्य को अपनी गलतियों का बोध है, परन्तु फिर भी वह आशावादी है। वह आगे कहता है, "गहरे कूओं से भी सितारे दिखाई देते हैं; और कूआँ जितना गहरा होगा, सितारे उतने अधिक चमकीले दिखेंगे।" इस प्रार्थना-कविता का अन्त निवेदन के साथ होता है: "होने दें कि मैं अपने अन्धकार में आपकी ज्योति को...अपनी तराई में आपकी महिमा को पा सकूँ।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि योना ने परमेश्वर की महिमा को सागर की गहराई में पाया। वह परमेश्वर से बलवा कर के भाग रहा था, और अपने पाप से अभिभूत, वह एक बड़ी मछली के पेट में पहुँच गया। वहाँ से योना ने परमेश्वर को पुकारा: "तू ने मुझे गहिरे सागर में समुद्र की थाह तक डाल दिया...मैं जल से यहां तक घिरा हुआ था कि मेरे प्राण निकले जाते थे" (योना 2:3, 5)। अपनी विकट परिस्थिति के बावजूद योना ने कहा, "जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैं ने यहोवा को स्मरण किया; और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन तेरे पवित्र मन्दिर में पहुंच गई" (योना 2:7)। परमेश्वर ने योना की प्रार्थना सुनी और उसे मछली के पेट से स्वतंत्र किया।

   यद्यपि हमारे पाप, हमारे तथा परमेश्वर के मध्य दूरी लाते हैं, तो भी अपने जीवन के न्यूनतम स्तर से भी हम परमेश्वर की ओर देख सकते हैं - उसकी पवित्रता, भलाई, और अनुग्रह को, और प्रार्थना में उसे पुकार सकते हैं, और वह सच्चे हृदय से की गई हमारी प्रार्थना को सुनता है। यदि हम सच्चे पश्चाताप के साथ अपने पापों से मन फिराएं, परमेश्वर के समक्ष पापों का अंगीकार कर लें, तो वह हमें क्षमा कर देगा (1 यूहन्ना 1:9)। परमेश्वर तराई से की गई प्रार्थना को भी सुनता है, उसका उत्तर देता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


पाप का अन्धकार परमेश्वर के अनुग्रह की ज्योति को 
और अधिक चमकदार बना देता है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: योना 2:1-10
Jonah 2:1 तब योना ने उसके पेट में से अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर के कहा, 
Jonah 2:2 मैं ने संकट में पड़े हुए यहोवा की दोहाई दी, और उसने मेरी सुन ली है; अधोलोक के उदर में से मैं चिल्ला उठा, और तू ने मेरी सुन ली। 
Jonah 2:3 तू ने मुझे गहिरे सागर में समुद्र की थाह तक डाल दिया; और मैं धाराओं के बीच में पड़ा था, तेरी भड़काई हुई सब तरंग और लहरें मेरे ऊपर से बह गईं। 
Jonah 2:4 तब मैं ने कहा, मैं तेरे साम्हने से निकाल दिया गया हूं; तौभी तेरे पवित्र मन्दिर की ओर फिर ताकूंगा। 
Jonah 2:5 मैं जल से यहां तक घिरा हुआ था कि मेरे प्राण निकले जाते थे; गहिरा सागर मेरे चारों ओर था, और मेरे सिर में सिवार लिपटा हुआ था। 
Jonah 2:6 मैं पहाड़ों की जड़ तक पहुंच गया था; मैं सदा के लिये भूमि में बन्द हो गया था; तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने मेरे प्राणों को गड़हे में से उठाया है। 
Jonah 2:7 जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैं ने यहोवा को स्मरण किया; और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन तेरे पवित्र मन्दिर में पहुंच गई। 
Jonah 2:8 जो लोग धोखे की व्यर्थ वस्तुओं पर मन लगाते हैं, वे अपने करूणानिधान को छोड़ देते हैं। 
Jonah 2:9 परन्तु मैं ऊंचे शब्द से धन्यवाद कर के तुझे बलिदान चढ़ाऊंगा; जो मन्नत मैं ने मानी, उसको पूरी करूंगा। उद्धार यहोवा ही से होता है। 
Jonah 2:10 और यहोवा ने मच्छ को आज्ञा दी, और उसने योना को स्थल पर उगल दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 9-10
  • इफिसियों 3


शुक्रवार, 29 सितंबर 2017

प्रकाश


   मैंने उन्हें सबसे पहले तब देखा था जब मैं एक कॉलेज विद्यार्थी थी। एक शरद ऋतु की ठंडी संध्या के समय, शहर के प्रकाश से दूर, मैं भूसे से लदी एक गाड़ी पर अपने मित्रों के साथ बैठी, शोर मचाती हुई जा रहा थी कि अचानक ही आकाश प्रकाशमान हो गया और क्षितिज पर रंग चमकने लगे। मैं मंत्रमुग्ध हो गई। उस रात के बाद से मैं इस उत्तरी ध्रूवीय प्रकाश से मोहित रही हूँ। अधिकांशतः यह मेरे निवास स्थान से बहुत उत्तर में ही दिखाई देते हैं, परन्तु कभी-कभी वे थोड़ा सा दक्षिण में भी दिख जाते हैं। उन्हें एक बार देख लेने के पश्चात, मैं उन्हें बारंबार देखने के लिए लालायित रहती हूँ। जब कभी वातावरण की परिस्थितियाँ अनुकूल प्रतीत होती हैं, मैं मेरे समान ही मंत्रमुग्ध अपने मित्रों से कहती हूँ, "शायद आज रात को..."

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रकाश और महिमा को प्रभु के आगमन के वर्णन के साथ जोड़ा गया है। वह समय आ रहा है जब सूर्य और चन्द्रमा की आवश्यकता नहीं रहेगी (यशायाह 60:19)। प्रेरित यूहन्ना ने परमेश्वर के स्वर्गीय सिंहासन पर विराजमान होने के विवरण में लिखा, "और जो उस पर बैठा है, वह यशब और मानिक सा दिखाई पड़ता है, और उस सिंहासन के चारों ओर मरकत सा एक मेघधनुष दिखाई देता है" (प्रकाशितवाक्य 4:3)।

   मरकत सा मेघधनुष उस उत्तरी ध्रुवीय प्रकाश का सटीक वर्णन है। इसलिए मैं जब भी ऊपर आकाश में प्रकाश का महिमामय प्रदर्शन देखती हूँ - चाहे स्वयं, या फिर किसी चित्र अथवा वीडियो में, तो मैं उसे आने वाले प्रकाश और महिमा का पूर्वाभास मानती हूँ, और परमेश्वर की महिमा करती हूँ कि उसका प्रकाश कैसे हमारे अन्धकार को बेध देता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु यीशु पाप के अन्धकार से भरे संसार को 
क्षमा और उध्दार का प्रकाश देने आया था।

उठ, प्रकाशमान हो; क्योंकि तेरा प्रकाश आ गया है, और यहोवा का तेज तेरे ऊपर उदय हुआ है। - यशायाह 60:1

बाइबल पाठ: यशायाह 60:19-22
Isaiah 60:19 फिर दिन को सूर्य तेरा उजियाला न होगा, न चान्दनी के लिये चन्द्रमा परन्तु यहोवा तेरे लिये सदा का उजियाला और तेरा परमेश्वर तेरी शोभा ठहरेगा। 
Isaiah 60:20 तेरा सूर्य फिर कभी अस्त न होगा और न तेरे चन्द्रमा की ज्योति मलिन होगी; क्योंकि यहोवा तेरी सदैव की ज्योति होगा और तरे विलाप के दिन समाप्त हो जाएंगे। 
Isaiah 60:21 और तेरे लोग सब के सब धर्मी होंगे; वे सर्वदा देश के अधिकारी रहेंगे, वे मेरे लगाए हुए पौधे और मेरे हाथों का काम ठहरेंगे, जिस से मेरी महिमा प्रगट हो। 
Isaiah 60:22 छोटे से छोटा एक हजार हो जाएगा और सब से दुर्बल एक सामर्थी जाति बन जाएगा। मैं यहोवा हूं; ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 7-8
  • इफिसियों 2


गुरुवार, 28 सितंबर 2017

सहायता


   सहायता करने वाले अनेकों धर्मार्थ संस्थान अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए लोगों द्वारा दिए गए आर्थिक दान या उन लोगों के लिए अब अनुपयोगी हो गए कपड़ों या घर के काम की चीज़ों के दान किए जाने पर निर्भर रहते हैं। यह अच्छा है कि हम अनुपयोगी वस्तुओं को उनके लिए दे दें जिनके वे काम आ सकती हैं। परन्तु किसी मूल्यवान या उपयोग में आ रही वस्तु को दान करने में हमें हिचकिचाहट होती है, हम उसे देना नहीं चाहते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब प्रेरित पौलुस अपने मसीही विश्वास के लिए बन्दीगृह में था, तो उसे निरंतर विश्वासयोग्य साथियों की संगति और उनसे उत्साहवर्धन की आवश्यकता थी। परन्तु फिर भी उसने अपने दो सबसे निकट के और उपयोगी साथियों को फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों की सहायता के लिए भेजा (फिलिप्पियों 2:19-30)। फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस ने लिखा, "मुझे प्रभु यीशु में आशा है, कि मैं तीमुथियुस को तुम्हारे पास तुरन्त भेजूंगा, ताकि तुम्हारी दशा सुनकर मुझे शान्‍ति मिले। क्योंकि मेरे पास ऐसे स्‍वाभाव का कोई नहीं, जो शुद्ध मन से तुम्हारी चिन्‍ता करे" (पद 19-20)। और, "पर मैं ने इपफ्रदीतुस को जो मेरा भाई, और सहकर्मी और संगी योद्धा और तुम्हारा दूत, और आवश्यक बातों में मेरी सेवा टहल करने वाला है, तुम्हारे पास भेजना अवश्य समझा" (पद 25)। पौलुस को जिस की सबसे अधिक आवश्यकता थी, उसने उसे ही उनमुक्त भाव से दूसरों की सहायता के लिए दे दिया।

   जिस भी चीज़ को हम अपने जीवनों में "अति आवश्यक" या "बहुमूल्य" समझते हैं, वही हमारे किसी जानकार के लिए भी बहुत लाभकारी या उपयोगी हो सकती है। यह हमारा समय, हमारी मित्रता, हमारा प्रोत्साहन, उनकी बात सुनने के लिए दिया गया समय और ध्यान, या किसी भी अन्य प्रकार की सहायता के लिए बढ़ाया गया हाथ, इत्यादि कुछ भी हो सकता है। जब जो प्रभु ने हमें दिया है, हम उसे दूसरों की सहायता के लिए दे देते हैं, तो हमारे प्रभु परमेश्वर का आदर और महिमा होती है, और हम परमेश्वर से आशीष के पात्र बन जाते हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


खुले दिल से देने से परमेश्वर का आदर, दूसरों की सहायता और हमारी भलाई होती है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - युहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:19-30
Philippians 2:19 मुझे प्रभु यीशु में आशा है, कि मैं तीमुथियुस को तुम्हारे पास तुरन्त भेजूंगा, ताकि तुम्हारी दशा सुनकर मुझे शान्‍ति मिले। 
Philippians 2:20 क्योंकि मेरे पास ऐसे स्‍वाभाव का कोई नहीं, जो शुद्ध मन से तुम्हारी चिन्‍ता करे। 
Philippians 2:21 क्योंकि सब अपने स्‍वार्थ की खोज में रहते हैं, न कि यीशु मसीह की। 
Philippians 2:22 पर उसको तो तुम ने परखा और जान भी लिया है, कि जैसा पुत्र पिता के साथ करता है, वैसा ही उसने सुसमाचार के फैलाने में मेरे साथ परिश्रम किया। 
Philippians 2:23 सो मुझे आशा है, कि ज्योंही मुझे जान पड़ेगा कि मेरी क्या दशा होगी, त्योंही मैं उसे तुरन्त भेज दूंगा। 
Philippians 2:24 और मुझे प्रभु में भरोसा है, कि मैं आप भी शीघ्र आऊंगा। 
Philippians 2:25 पर मैं ने इपफ्रदीतुस को जो मेरा भाई, और सहकर्मी और संगी योद्धा और तुम्हारा दूत, और आवश्यक बातों में मेरी सेवा टहल करने वाला है, तुम्हारे पास भेजना अवश्य समझा। 
Philippians 2:26 क्योंकि उसका मन तुम सब में लगा हुआ था, इस कारण वह व्याकुल रहता था क्योंकि तुम ने उस की बीमारी का हाल सुना था। 
Philippians 2:27 और निश्‍चय वह बीमार तो हो गया था, यहां तक कि मरने पर था, परन्तु परमेश्वर ने उस पर दया की; और केवल उस ही पर नहीं, पर मुझ पर भी, कि मुझे शोक पर शोक न हो। 
Philippians 2:28 इसलिये मैं ने उसे भेजने का और भी यत्‍न किया कि तुम उस से फिर भेंट कर के आनन्‍दित हो जाओ और मेरा भी शोक घट जाए। 
Philippians 2:29 इसलिये तुम प्रभु में उस से बहुत आनन्द के साथ भेंट करना, और ऐसों का आदर किया करना। 
Philippians 2:30 क्योंकि वही मसीह के काम के लिये अपने प्राणों पर जोखिम उठा कर मरने के निकट हो गया था, ताकि जो घटी तुम्हारी ओर से मेरी सेवा में हुई, उसे पूरा करे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 5-6
  • इफिसियों 1


बुधवार, 27 सितंबर 2017

ध्यान


   वह वर्ष 1780 था, और लंडन में रहने वाले रॉबर्ट रेक्स का मन अपने आस-पास रहने वाले गरीब अनपढ़ बच्चों के लिए कुछ करने को व्याकुल था। उसने देखा था कि उन बच्चों के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा था, इसलिए उसने उनके लिए कुछ करने का बीड़ा उठा लिया। उसने उन बच्चों को पढ़ना सिखाने के लिए इतवार के दिन स्कूल चलाने के लिए कुछ महिलाओं को नियुक्त किया। परमेश्वर के वचन बाइबल को अपनी पाठ्यपुस्तक बनाकर, उन शिक्षिकाओं ने लंडन के सबसे गरीब और अनपढ़ बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाना आरंभ किया, बाइबल की बुध्दिमता से उन बच्चों का परिचय करवाया। शीघ्र ही लगभग 100 बच्चे उन कक्षाओं में आने लगे, और एक सुरक्षित तथा स्वच्छ पर्यावरण में दोपहर का भोजन करने का आनन्द भी लेने लगे।

   ये स्कूल "सन्डे स्कूल" कहलाए जाने लगे, और इनके द्वारा हज़ारों लड़के-लड़कियों के जीवन छूए गए। इंगलैंड ही में, 1831 तक, इन सन्डे स्कूलों में दस लाख बच्चे शिक्षा ले चुके थे - केवल इस कारण क्योंकि एक व्यक्ति ने बाइबल के इस तथ्य को समझा: "धर्मी पुरूष कंगालों के मुकद्दमे [परिस्थिति] में मन लगाता है..." (नीतिवचन 29:7) और उसे व्यावाहरिक रीति से कार्यान्वित किया।

   यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि प्रभु यीशु जीवन के संघर्षों में होकर निकलने वालों की बहुत चिंता करता है। मत्ती के 25वें अध्याय में प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से कहा कि वे भूखों को भोजन, प्यासों को जल, बेघरों को घर, नंगों को वस्त्र उपलब्ध करवा कर तथा बीमारों और बन्दियों की सुधि लेकर, उन्हें आराम दिलवा कर उसके पुनःआगमन की तैयारी करें (पद 35-36)।

   हम जब यह गवाही रखते हैं कि प्रभु यीशु हमारे हृदयों में हैं, और हम उनके लौट कर आने की बाट जोह रहे हैं, तो जिन लोगों का प्रभु परमेश्वर ध्यान रखवाना चाहता है, उसके निर्देषों के अनुसार उनका ध्यान रख कर, अपने प्रभु का आदर और महिमा करें। - डेव ब्रैनन


करुणा सीखने के लिए परमेश्वर के लिए अपने हृदयों को खोलें; 
सहायता करने के लिए अपने हाथों को खोलें।

क्या ही धन्य है वह, जो कंगाल की सुधि रखता है! विपत्ति के दिन यहोवा उसको बचाएगा। यहोवा उसकी रक्षा कर के उसको जीवित रखेगा, और वह पृथ्वी पर भाग्यवान होगा। तू उसको शत्रुओं की इच्छा पर न छोड़। भजन 41:1-2

बाइबल पाठ: मत्ती 25:31-40
Matthew 25:31 जब मनुष्य का पुत्र अपनी महिमा में आएगा, और सब स्वर्ग दूत उसके साथ आएंगे तो वह अपनी महिमा के सिहांसन पर विराजमान होगा। 
Matthew 25:32 और सब जातियां उसके साम्हने इकट्ठी की जाएंगी; और जैसा चरवाहा भेड़ों को बकिरयों से अलग कर देता है, वैसा ही वह उन्हें एक दूसरे से अलग करेगा। 
Matthew 25:33 और वह भेड़ों को अपनी दाहिनी ओर और बकिरयों को बाईं और खड़ी करेगा। 
Matthew 25:34 तब राजा अपनी दाहिनी ओर वालों से कहेगा, हे मेरे पिता के धन्य लोगों, आओ, उस राज्य के अधिकारी हो जाओ, जो जगत के आदि से तुम्हारे लिये तैयार किया हुआ है। 
Matthew 25:35 क्योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को दिया; मैं प्यासा था, और तुम ने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेशी था, तुम ने मुझे अपने घर में ठहराया। 
Matthew 25:36 मैं नंगा था, तुम ने मुझे कपड़े पहिनाए; मैं बीमार था, तुम ने मेरी सुधि ली, मैं बन्‍दीगृह में था, तुम मुझ से मिलने आए। 
Matthew 25:37 तब धर्मी उसको उत्तर देंगे कि हे प्रभु, हम ने कब तुझे भूखा देखा और खिलाया? या प्यासा देखा, और पिलाया? 
Matthew 25:38 हम ने कब तुझे परदेशी देखा और अपने घर में ठहराया या नंगा देखा, और कपड़े पहिनाए? 
Matthew 25:39 हम ने कब तुझे बीमार या बन्‍दीगृह में देखा और तुझ से मिलने आए? 
Matthew 25:40 तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलतियों 6


मंगलवार, 26 सितंबर 2017

नई सृष्टि


   मेरे कार्यकारी जीवन के आरंभिक समय में मेरा एक सहकर्मी परमेश्वर के नाम को गाली के साथ प्रयोग करने और व्यर्थ लेने में हर्षित होता था। जो भी मसीही विश्वास में नया होता था, या उससे प्रभु यीशु मसीह के बारे में बात करने का प्रयास करता था, वह व्यक्ति बड़ी क्रूरता से उसका उपहास करता और ताने मारता था। जिस दिन मैंने वहाँ से काम छोड़कर नए स्थान पर नया काम आरंभ किया, तो मुझे स्मरण है कि मैं सोच रहा था कि वह व्यक्ति कभी मसीह यीशु का अनुयायी नहीं बनेगा।

   इसके दो वर्ष पश्चात मैं अपने उस पुराने कार्यस्थल पर गया। वह व्यक्ति अभी भी वहीं था, परन्तु किसी व्यक्ति में इतना नाटकीय परिवर्तन होना मैंने इससे पहले कभी नहीं देखा था। वह व्यक्ति जो मसीही विश्वास का इतना घोर विरोधी था, अब परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस द्वारा कही गई बात, "सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं" (2 कुरिन्थियों 5:17) की जीती-जागती मिसाल बन गया था। और आज, वर्षों के बाद भी, वह अभी भी औरों को बता रहा है कि कैसे मसीह यीशु उससे उसके पाप और सभी बुराइयों के होते हुए भी सप्रेम मिला और उसे बदल दिया।

   मुझे लगता है कि आरंभिक मसीहियों ने भी पौलुस में कुछ ऐसा ही देखा होगा, उनका उग्र सतानेवाला कैसे मसीह यीशु में एक नई सृष्टि बन गया (प्रेरितों 1-22)। जो अपने आप को पापों की क्षमा और उध्दार पाने से परे समझते हैं, उन के लिए मसीह यीशु द्वारा किए गए ये दोनों जीवन परिवर्तन कितनी महान आशा देने वाले और उत्साहित करने वाले हैं।

   प्रभु यीशु ने पौलुस और मेरे उस भूतपूर्व सहकर्मी को, और मुझे भी खोज कर बदल दिया, अपना कर लिया। प्रभु यीशु आज भी उन तक पहुँचने के प्रयास में लगा है जो उसकी पहुँच से दूर रहना चाहते हैं, और वह हमारे सामने एक उदाहरण रखता है कि हम कैसे इस कार्य में उसकी सहायता करें, लोगों को एक नई सृष्टि होने का मार्ग दिखाएं। - रैंडी किलगोर


प्रभु परमेश्वर की पहुँच से परे कोई नहीं है।

यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं। - 1 तिमुथियुस 1:15

बाइबल पाठ: प्रेरितों 9:10-22
Acts 9:10 दमिश्क में हनन्याह नाम एक चेला था, उस से प्रभु ने दर्शन में कहा, हे हनन्याह! उसने कहा; हां प्रभु। 
Acts 9:11 तब प्रभु ने उस से कहा, उठ कर उस गली में जा जो सीधी कहलाती है, और यहूदा के घर में शाऊल नाम एक तारसी को पूछ ले; क्योंकि देख, वह प्रार्थना कर रहा है। 
Acts 9:12 और उसने हनन्याह नाम एक पुरूष को भीतर आते, और अपने ऊपर आते देखा है; ताकि फिर से दृष्टि पाए। 
Acts 9:13 हनन्याह ने उत्तर दिया, कि हे प्रभु, मैं ने इस मनुष्य के विषय में बहुतों से सुना है, कि इस ने यरूशलेम में तेरे पवित्र लोगों के साथ बड़ी बड़ी बुराईयां की हैं। 
Acts 9:14 और यहां भी इस को महायाजकों की ओर से अधिकार मिला है, कि जो लोग तेरा नाम लेते हैं, उन सब को बान्‍ध ले। 
Acts 9:15 परन्तु प्रभु ने उस से कहा, कि तू चला जा; क्योंकि यह, तो अन्यजातियों और राजाओं, और इस्त्राएलियों के साम्हने मेरा नाम प्रगट करने के लिये मेरा चुना हुआ पात्र है। 
Acts 9:16 और मैं उसे बताऊंगा, कि मेरे नाम के लिये उसे कैसा कैसा दुख उठाना पड़ेगा।
Acts 9:17 तब हनन्याह उठ कर उस घर में गया, और उस पर अपना हाथ रखकर कहा, हे भाई शाऊल, प्रभु, अर्थात यीशु, जो उस रास्‍ते में, जिस से तू आया तुझे दिखाई दिया था, उसी ने मुझे भेजा है, कि तू फिर दृष्टि पाए और पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो जाए। 
Acts 9:18 और तुरन्त उस की आंखों से छिलके से गिरे, और वह देखने लगा और उठ कर बपतिस्मा लिया; फिर भोजन कर के बल पाया।
Acts 9:19 और वह कई दिन उन चेलों के साथ रहा जो दमिश्क में थे। 
Acts 9:20 और वह तुरन्त आराधनालयों में यीशु का प्रचार करने लगा, कि वह परमेश्वर का पुत्र है। 
Acts 9:21 और सब सुनने वाले चकित हो कर कहने लगे; क्या यह वही व्यक्ति नहीं है जो यरूशलेम में उन्हें जो इस नाम को लेते थे नाश करता था, और यहां भी इसी लिये आया था, कि उन्हें बान्‍ध कर महायाजकों के पास ले आए? 
Acts 9:22 परन्तु शाऊल और भी सामर्थी होता गया, और इस बात का प्रमाण दे देकर कि मसीह यही है, दमिश्क के रहने वाले यहूदियों का मुंह बन्‍द करता रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-2
  • गलतियों 5


सोमवार, 25 सितंबर 2017

अनुभव


   मेरे एक मित्र ने मुझे उत्साहवर्धक समाचार सुनाने के लिए रोका, और अगले दस मिनट तक अपने 1 वर्षीय भतीजे का चलने के लिए पहला कदम लेने का वर्णन करता रहा, उसने चलना आरंभ कर दिया! बाद में मुझे एहसास हुआ कि यदि कोई और हमारे वार्तालाप को सुन रहा होता तो उसे यह सब सुनना कैसा विचित्र लगता। अधिकांश लोग चल सकते हैं; इसमें क्या बड़ी बात है?

   मुझे यह भी एहसास हुआ कि बचपन बातों के विशेष होने के ऐसे अवसर प्रदान करता है जो बाद में लगभग लुप्त हो जाते हैं। अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के अनुभव के बारे में सोचते हुए मैं इस बात की और भी अधिक अधिक सराहना कर सका कि परमेश्वर हमारे और उसके बीच के संबंध को समझाने के लिए, बच्चों के साथ हमारे संबंध का सहारा लेता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में नए नियम खण्ड में परमेश्वर कहता है कि हम मसीही विश्वासी उसके पुत्र और पुत्रियाँ हैं, सारे अधिकारों और सुविधाओं सहित उसके वारिस हैं (रोमियों 8:16-17)। परमेश्वर का एकलौता पुत्र, प्रभु यीशु मसीह, संसार में इसलिए आया कि हमें पापों की क्षमा और हमारे उध्दार उपलब्ध करवाने के द्वारा, हमारा परमेश्वर के परिवार में लेपालक संतान हो जाना संभव कर सके।

   मेरा मानना है कि मसिही विश्वास के जीवन में मेरा हर लड़खड़ाता हुआ कदम लेना परमेश्वर की दृष्टि में वैसा ही है जैसे माता-पिता अपने बच्चों को चलना सीखते हुए देखकर आनन्दित होते हैं। संभवतः जब सृष्टि के रहस्य खुलेंगे, तब ही हम बच्चों को बढ़ते हुए देख पाने के अनुभव के महत्व को समझने पाएंगे। हो सकता है कि परमेश्वर ने हमें बच्चों से संबंधित ये अनुभव लेना इसलिए संभव किया है जिससे कि हम हमारे प्रति उसके असीम प्रेम की विशेषता के प्रति संवेदनशील हो सकें। हमारे ये अनुभव उसके अद्भुत प्रेम की भरपूरी की झलक मात्र हैं। - फिलिप यैन्सी


हम परमेश्वर के प्रेम के पात्र हैं।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: रोमियों 8:14-17
Romans 8:14 इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं। 
Romans 8:15 क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं। 
Romans 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं। 
Romans 8:17 और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्टगीत 6-8
  • गलतियों 4