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सोमवार, 9 अक्टूबर 2017

रचियता


   मन को छू लेने वाले संगीत को भी सभी लोग भिन्न सुनते हैं। उसका रचियता उस संगीत को अपनी कल्पना के कक्ष में सुनता है। श्रोता उसे अपनी इन्द्रियों तथा भावनाओं के साथ सुनते हैं। उससे संबंधित वाद्यों को बजाने वाले कलाकार अपने सबसे निकट के संगीत वाद्य को ही सबसे स्पष्ट सुन पाते हैं।

   एक प्रकार से हम सब परमेश्वर के वाद्य-वृन्द के सदस्य हैं; और हम अपने सबसे निकट बज रहे संगीत को ही सबसे स्पष्ट सुनने पाते हैं। क्योंकि हम उसे एक संतुलित रचना के समान नहीं सुनने पाते हैं, इसलिए हम परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र अय्युब के समान ही अपनी परिस्थितियों के प्रति प्रतिक्रीया देते हैं। अय्युब ने अपने दुःख में विलाप किया, "ऐसे ही लोग अब मुझ पर लगते गीत गाते, और मुझ पर ताना मारते हैं" (अय्युब 30:9)। उसने स्मरण किया कि कैसे जवान और हाकिम उसका आदर किया करते थे, और "मैं अपने पगों को मलाई से धोता था और मेरे पास की चट्टानों से तेल की धाराएं बहा करती थीं" (अय्युब 29:6)। किंतु अब वह ठट्ठा करने वालों का निशाना बन गया था। उसने विलाप किया, "इस कारण मेरी वीणा से विलाप और मेरी बांसुरी से रोने की ध्वनि निकलती है" (अय्युब 30:31)। लेकिन अय्युब उस पूरी संगीत रचना को नहीं सुन पा रहा था, यद्यपि उस रचना में और बहुत कुछ भी था।

   हो सकता है कि आज आप अपने जीवन के संगीत के केवल उदास सुर ही सुनने पा रहे हैं; परन्तु निराश नहीं हों। आपके जीवन की हर बात परमेश्वर की रचना है, वही आपके जीवन के हर सुर, हर लय-ताल, उतार-चढ़ाव का रचियता है। या, यदि आप अपने जीवन में प्रसन्न करने वाले सुरों को सुन रहें हैं तो उसके लिए परमेश्वर की स्तुति कीजिए, अपने आनन्द को औरों के साथ बाँटिए।

   हम मसीही विश्वासी प्रभु परमेश्वर द्वारा हमें सेंत-मेंत उपलब्ध करवाई गई पाप क्षमा और उध्दार की संगीत रचना को बजा रहे हैं, उसे संसार के लोगों को अपने जीवनों से सुना रहे हैं। परमेश्वर हमारे जीवन-संगीत का रचियता है और अन्ततः सब कुछ मिलकर उसके भले उद्देश्यों की पूर्ति तथा हमारी भलाई के लिए कार्य करेगा। वह ऐसा रचियता है जिसकी रचना सदैव ही सिध्द होती है; हम हर बात के भले परिणाम के लिए उस पर भरोसा रख सकते हैं। - कीला ओकोआ


परमेश्वर की भलाई पर भरोसे रखने से हृदय में मधुर संगीत बजता रहता है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: अय्युब 29:1-6; 30:1-9
Job 29:1 अय्यूब ने और भी अपनी गूढ़ बात उठाई और कहा, 
Job 29:2 भला होता, कि मेरी दशा बीते हुए महीनों की सी होती, जिन दिनों में ईश्वर मेरी रक्षा करता था, 
Job 29:3 जब उसके दीपक का प्रकाश मेरे सिर पर रहता था, और उस से उजियाला पाकर मैं अन्धेरे में चलता था। 
Job 29:4 वे तो मेरी जवानी के दिन थे, जब ईश्वर की मित्रता मेरे डेरे पर प्रगट होती थी। 
Job 29:5 उस समय तक तो सर्वशक्तिमान मेरे संग रहता था, और मेरे लड़के-बाले मेरे चारों ओर रहते थे। 
Job 29:6 तब मैं अपने पगों को मलाई से धोता था और मेरे पास की चट्टानों से तेल की धाराएं बहा करती थीं। 
Job 30:1 परन्तु अब जिनकी अवस्था मुझ से कम है, वे मेरी हंसी करते हैं, वे जिनके पिताओं को मैं अपनी भेड़ बकरियों के कुत्तों के काम के योग्य भी न जानता था। 
Job 30:2 उनके भुजबल से मुझे क्या लाभ हो सकता था? उनका पौरुष तो जाता रहा। 
Job 30:3 वे दरिद्रता और काल के मारे दुबले पड़े हुए हैं, वे अन्धेरे और सुनसान स्थानों में सूखी धूल फांकते हैं। 
Job 30:4 वे झाड़ी के आसपास का लोनिया साग तोड़ लेते, और झाऊ की जड़ें खाते हैं। 
Job 30:5 वे मनुष्यों के बीच में से निकाले जाते हैं, उनके पीछे ऐसी पुकार होती है, जैसी चोर के पीछे। 
Job 30:6 डरावने नालों में, भूमि के बिलों में, और चट्टानों में, उन्हें रहना पड़ता है। 
Job 30:7 वे झाड़ियों के बीच रेंकते, और बिच्छू पौधों के नीचे इकट्ठे पड़े रहते हैं। 
Job 30:8 वे मूढ़ों और नीच लोगों के वंश हैं जो मार मार के इस देश से निकाले गए थे। 
Job 30:9 ऐसे ही लोग अब मुझ पर लगते गीत गाते, और मुझ पर ताना मारते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 32-33
  • कुलुस्सियों 1


रविवार, 8 अक्टूबर 2017

प्रत्युत्तर


   मुझे गाड़ी चलाते हुए लगभग आधा घंटा ही हुआ था कि पिछली सीट पर बैठी मेरी बेटी ऊँची आवाज़ में रोने लगी। मैंने पूछा, "क्या हो गया?" तो उत्तर मिला कि साथ बैठे उसके भाई ने उसकी बाँह ज़ोर से पकड़ ली थी। भाई का कहना था कि उसे ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि बहन चुटकी भर रही थी। बहन ने कहा कि उसने चुटकी इसलिए भरी क्योंकि भाई ने कुछ ऐसा कहा था जो उसे बुरा लगा था।

   दुर्भाग्यवश, बच्चों में सामान्यतः पाया जाने वाली यह बात, बड़ों के बीच के संबंधों में भी दिखाई देती है। एक व्यक्ति किसी दूसरे को आहत करता है, जिसके प्रत्युत्तर में आहत व्यक्ति कोई अपमानजनक बात कह देता है। फिर एक दूसरे के प्रति चोट पहुँचाने वाले व्यवहार और बातों के उत्तर-प्रत्युत्तर का सिलसिला आरंभ हो जाता है, और समय रहते बात संभाली नहीं गई तो कटु शब्दों तथा ठेस लगाने वाले व्यवहार के कारण संबंध बिगड़ जाते हैं।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि "ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोच विचार का बोलना तलवार के समान चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं" (नीतिवचन 12:18); और यह कि "कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है" (नीतिवचन 15:1)। बाइबल यह भी सिखाती है कि कभी-कभी कोई प्रत्युत्तर न देना ही किसी बुरे व्यवहार या कटु शब्दों से निपटने का सर्वोत्तम तरीका होता है।

   प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले, धर्म के अधिकारियों ने अपने शब्दों के द्वारा उसे उकसाना चाहा (मत्ती 27:41-43); परन्तु, "वह गाली सुन कर गाली नहीं देता था, और दुख उठा कर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था" (1 पतरस 2:23)।

   प्रभु यीशु का उदाहरण और उसकी आत्मा से मिलने वाली सामर्थ हमें उन लोगों को, जो हमें ठेस पहुँचाना चाहते हैं, सही प्रकार का प्रत्युत्तर देने की सदबुध्दि देते हैं। यदि हमारा भरोसा अपने प्रभु परमेश्वर पर है तो फिर हमें अपने शब्दों और व्यवहार के प्रत्युत्तर को अपने हथियार नहीं बनाना पड़ेगा। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


किसी कठोर हृदय को तोड़ने वाला बहुधा एक नम्र उत्तर होता है।

हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो। - रोमियों 12:19-21

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:13-25
1 Peter 2:13 प्रभु के लिये मनुष्यों के ठहराए हुए हर एक प्रबन्‍ध के आधीन में रहो, राजा के इसलिये कि वह सब पर प्रधान है। 
1 Peter 2:14 और हाकिमों के, क्योंकि वे कुकिर्मयों को दण्‍ड देने और सुकिर्मयों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं। 
1 Peter 2:15 क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम भले काम करने से निर्बुद्धि लोगों की अज्ञानता की बातों को बन्‍द कर दो। 
1 Peter 2:16 और अपने आप को स्‍वतंत्र जानो पर अपनी इस स्‍वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझ कर चलो। 
1 Peter 2:17 सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।
1 Peter 2:18 हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्‍वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी। 
1 Peter 2:19 क्योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार कर के अन्याय से दुख उठाता हुआ क्‍लेश सहता है, तो यह सुहावना है। 
1 Peter 2:20 क्योंकि यदि तुम ने अपराध कर के घूंसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्या बड़ाई की बात है? पर यदि भला काम कर के दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है। 
1 Peter 2:21 और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुख उठा कर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो। 
1 Peter 2:22 न तो उसने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली। 
1 Peter 2:23 वह गाली सुन कर गाली नहीं देता था, और दुख उठा कर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था। 
1 Peter 2:24 वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिये हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर कर के धामिर्कता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। 
1 Peter 2:25 क्योंकि तुम पहिले भटकी हुई भेड़ों के समान थे, पर अब अपने प्राणों के रखवाले और अध्यक्ष के पास फिर आ गए हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 30-31
  • फिलिप्पियों 4


शनिवार, 7 अक्टूबर 2017

समझ


   मेरी सहेली मिघन बहुत अच्छी घुड़सवार है, और मैं उससे घोड़ों के बारे में कुछ रोचक बातें सीखती रहती हूँ। उदाहरण के लिए, पृथ्वी पर रहने वाले सभी स्तनधारियों में सबसे बड़ी आँखें होते हुए भी, घोड़ों की दृष्टि कमज़ोर होती है, और वे मनुष्यों से कम प्रकार के रंग देख सकते हैं। इस कारण से वे धरती पर पड़ी हुई सभी वस्तुओं को पहचान नहीं पाते हैं। जब उन्हें धरती पर कोई डण्डा दिखाई देता है तो वे यह नहीं समझ पाते हैं कि यह लाँघ लेने लायक डण्डा है या हानि पहुँचाने की क्षमता रखने वाला साँप। इस कारण जब तक वे भली-भाँति प्रशिक्षित न हों, घोड़े सरलता से भयभीत होकर भाग लेते हैं।

   हम भी भयावह परिस्थितियों से भाग जाने का प्रयास करते हैं। हमें परमेश्वर के वचन बाइबल के पात्र, अय्युब के समान लग सकता है, जिसने अपनी कठिनाईयों का गलत अर्थ निकाला और इच्छा की कि उसका जन्म ही नहीं हुआ होता। क्योंकि वह यह नहीं देख पाया कि उसे तोड़ डालने का प्रयास करने वाला वास्तव में शैतान है, इसलिए उसने समझा कि जिस परमेश्वर में उसने विश्वास किया था, वही उसे नष्ट करने के प्रयास कर रहा है। अपनी विकट परिस्थितियों से अभिभूत होकर वह पुकार उठा, "तो यह जान लो कि ईश्वर ने मुझे गिरा दिया है, और मुझे अपने जाल में फंसा लिया है" (अय्युब 19:6)।

   अय्युब की दृष्टि के समान, हमारी दृष्टि भी सीमित होती है। हम उन कठिन परिस्थितियों से जो हमें डराती हैं, भाग जाना चाहते हैं। परन्तु परमेश्वर के दृष्टिकोण से हम मसीही वि९श्वासी कभी अकेले नहीं हैं। उसे समझ है कि हमें व्यग्र करने वाला और डराने वाला क्या है। वह यह भी समझता है कि जब तक हम उसके पास, उसके साथ बने रहते हैं, हम सुरक्षित रहते हैं। हमारी परिस्थितियाँ, हमारा दैनिक जीवन हमारे लिए अवसर होते हैं कि हम सदा उस पर अपना भरोसा बनाए रखते हुए, अपनी समझ के स्थान पर अपने प्रभु परमेश्वर की समझ का सहारा लें, जिससे हमारे सब कार्य परमेश्वर की इच्छा के अनुसार करें और सफल तथा आशीषित हों। - ऐनी सेटास


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता पर भरोसा रखने से हमारे भय दूर हो जाते हैं।

जिस समय मुझे डर लगेगा, मैं तुझ पर भरोसा रखूंगा। परमेश्वर की सहायता से मैं उसके वचन की प्रशंसा करूंगा, परमेश्वर पर मैं ने भरोसा रखा है, मैं नहीं डरूंगा। कोई प्राणी मेरा क्या कर सकता है? - भजन 56:3-4

बाइबल पाठ: अय्युब 19:1-21
Job 19:1 तब अय्यूब ने कहा, 
Job 19:2 तुम कब तक मेरे प्राण को दु:ख देते रहोगे; और बातों से मुझे चूर चूर करोगे? 
Job 19:3 इन दसों बार तुम लोग मेरी निन्दा ही करते रहे, तुम्हें लज्जा नहीं आती, कि तुम मेरे साथ कठोरता का बरताव करते हो? 
Job 19:4 मान लिया कि मुझ से भूल हुई, तौभी वह भूल तो मेरे ही सिर पर रहेगी। 
Job 19:5 यदि तुम सचमुच मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई करते हो और प्रमाण देकर मेरी निन्दा करते हो, 
Job 19:6 तो यह जान लो कि ईश्वर ने मुझे गिरा दिया है, और मुझे अपने जाल में फंसा लिया है। 
Job 19:7 देखो, मैं उपद्रव! उपद्रव! यों चिल्लाता रहता हूँ, परन्तु कोई नहीं सुनता; मैं सहायता के लिये दोहाई देता रहता हूँ, परन्तु कोई न्याय नहीं करता। 
Job 19:8 उसने मेरे मार्ग को ऐसा रूंधा है कि मैं आगे चल नहीं सकता, और मेरी डगरें अन्धेरी कर दी हैं। 
Job 19:9 मेरा वैभव उसने हर लिया है, और मेरे सिर पर से मुकुट उतार दिया है। 
Job 19:10 उसने चारों ओर से मुझे तोड़ दिया, बस मैं जाता रहा, और मेरा आसरा उसने वृक्ष के समान उखाड़ डाला है। 
Job 19:11 उसने मुझ पर अपना क्रोध भड़काया है और अपने शत्रुओं में मुझे गिनता है। 
Job 19:12 उसके दल इकट्ठे हो कर मेरे विरुद्ध मोर्चा बान्धते हैं, और मेरे डेरे के चारों ओर छावनी डालते हैं। 
Job 19:13 उसने मेरे भाइयों को मुझ से दूर किया है, और जो मेरी जान पहचान के थे, वे बिलकुल अनजान हो गए हैं। 
Job 19:14 मेरे कुटुंबी मुझे छोड़ गए हैं, और जो मुझे जानते थे वह मुझे भूल गए हैं। 
Job 19:15 जो मेरे घर में रहा करते थे, वे, वरन मेरी दासियां भी मुझे अनजाना गिनने लगीं हैं; उनकी दृष्टि में मैं परदेशी हो गया हूँ। 
Job 19:16 जब मैं अपने दास को बुलाता हूँ, तब वह नहीं बोलता; मुझे उस से गिड़गिड़ाना पड़ता है। 
Job 19:17 मेरी सांस मेरी स्त्री को और मेरी गन्ध मेरे भाइयों की दृष्टि में घिनौनी लगती है। 
Job 19:18 लड़के भी मुझे तुच्छ जानते हैं; और जब मैं उठने लगता, तब वे मेरे विरुद्ध बोलते हैं। 
Job 19:19 मेरे सब परम मित्र मुझ से द्वेष रखते हैं, और जिन से मैं ने प्रेम किया सो पलटकर मेरे विरोधी हो गए हैं। 
Job 19:20 मेरी खाल और मांस मेरी हड्डियों से सट गए हैं, और मैं बाल बाल बच गया हूं। 
Job 19:21 हे मेरे मित्रो! मुझ पर दया करो, दया, क्योंकि ईश्वर ने मुझे मारा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 28-29
  • फिलिप्पियों 3


शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2017

आग


   मेरे बचपन में मेरी माँ ने मुझे सचेत किया कि मैं कभी आग से न खेलूँ। फिर भी एक दिन मैंने यह देखना चाहा कि यदि मैं खेलूँगा तो क्या हो जाएगा। मैंने कुछ कागज़ और माचिस ली और घर के पिछले आँगन में प्रयोग करने के लिए चला गया। मैंने कागज़ों को भूमि पर रखा, और तेज़ धड़कते हृदय के साथ माचिस को जलाया और कागज़ों में आग लगा दी। तभी मैंने अपनी माँ को आते हुए देखा। पकड़े जाने के डर से मैंने अपने किए को छिपाने के लिए अपने पैर लपटों के ऊपर रख दिए। तुरंत माँ ने चिल्ला कर कहा, "डेन्नी अपने पैर वहाँ से हटाओ! पैरों के नीचे आग है!" सौभाग्यवश मैंने अपने पैर तुरंत हटा लिए और जला नहीं। मुझे तब यह एहसास हुआ कि आग से न खेलने का मेरी माँ का नियम मेरे मज़े को खराब करने के लिए नहीं परन्तु मुझे सुरक्षित रखने के लिए था।

   कभी-कभी हम परमेश्वर के नियमों के पीछे उसके कारणों को समझ नहीं पाते हैं। हमें यह भी लगता है मानो वह हमारे आनन्द को बिगाड़ने की इच्छा रखने वाली आकाशीय शक्ति है, जो हमारे लिए नियम और कानून बना कर हमारे मज़े को खराब करना चाहती है। परन्तु क्योंकि परमेश्वर हमारा भला ही चाहता है, इसीलिए वह चाहता है कि हम उसके आज्ञाकारी हों। जब हम आज्ञाकारी होते हैं, हम उसके प्रेम में बने रहते हैं, और उसकी आशीषों तथा आनन्द से परिपूर्ण रहते हैं (यूहन्ना 15:10-11)।

   इसलिए जब परमेश्वर यह कहता है कि हम पाप न करें तो वह इसलिए जिससे हमारा भला हो सके। वह वास्तव में हमें आग से जलने से बचाए रखना चाहता है, वह हमें नरक की आग की अनन्त पीड़ा से दूर रखना चाहता है। - डेनिस फिशर


परमेश्वर हमें सुरक्षित रखने के लिए अपने वचन द्वारा हमें सप्रेम सचेत करता है।

भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! - व्यवस्थाविवरण 5:29

बाइबल पाठ: यूहन्ना 15:10-20
John 15:10 यदि तुम मेरी आज्ञाओं को मानोगे, तो मेरे प्रेम में बने रहोगे: जैसा कि मैं ने अपने पिता की आज्ञाओं को माना है, और उसके प्रेम में बना रहता हूं। 
John 15:11 मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए। 
John 15:12 मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो। 
John 15:13 इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। 
John 15:14 जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्र हो। 
John 15:15 अब से मैं तुम्हें दास न कहूंगा, क्योंकि दास नहीं जानता, कि उसका स्‍वामी क्या करता है: परन्तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं। 
John 15:16 तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जा कर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे। 
John 15:17 इन बातें की आज्ञा मैं तुम्हें इसलिये देता हूं, कि तुम एक दूसरे से प्रेम रखो। 
John 15:18 यदि संसार तुम से बैर रखता है, तो तुम जानते हो, कि उसने तुम से पहिले मुझ से भी बैर रखा। 
John 15:19 यदि तुम संसार के होते, तो संसार अपनों से प्रीति रखता, परन्तु इस कारण कि तुम संसार के नहीं, वरन मैं ने तुम्हें संसार में से चुन लिया है इसी लिये संसार तुम से बैर रखता है। 
John 15:20 जो बात मैं ने तुम से कही थी, कि दास अपने स्‍वामी से बड़ा नहीं होता, उसको याद रखो: यदि उन्होंने मुझे सताया, तो तुम्हें भी सताएंगे; यदि उन्होंने मेरी बात मानी, तो तुम्हारी भी मानेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 26-27
  • फिलिप्पियों 2


गुरुवार, 5 अक्टूबर 2017

समय


   मेरे मित्र बॉब बोर्डमैन ने लिखा, "यदि मनुष्य की संभावित सामान्य आयु को 70 वर्ष मानकर, उसे 24 घंटे के एक दिन में सीमित कर दिया जाए तो मेरे जीवन में अभी संध्या के 8:30 बज रहे हैं...समय बड़ी तेज़ी से निकलता चला जा रहा है।"

   इस तथ्य को मान लेने की कठिनाई ने कि पृथ्वी पर हमारा समय बहुत सीमित है, और जो है वह बहुत तेज़ी से बीतता चला जा रहा है, "टिक्कर" नामक कलाई-घड़ी को बनाने की प्रेरणा दी, जो आपके जीवन का अनुमानित शेष समय बताती है। इसे बनाने वाले इसके प्रचार के लिए दिए गए विज्ञापन में इसके विषय में कहते हैं कि "यह वह घड़ी है जो आपके जीवन के पल गिनती है, जिससे आप हर पल का महत्व जान सकें।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, भजन 39 में दाऊद ने जीवन के अल्पकालीन होने का सामना किया। दाऊद ने कहा, "हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं" (पद 4)। उसने अपने जीवन काल को एक हाथ की बालिश्त भर का बताया, परमेश्वर के समक्ष क्षण भर का, और मात्र एक श्वास कहा (पद 5)। दाऊद का निष्कर्ष था, "और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है" (पद 7)

   समय बीत रहा है। परमेश्वर हमें जिस प्रकार के लोग देखना चाहता है वैसे होने के लिए परमेश्वर की सामर्थ्य को खोजने, तथा उसकी सहायता से वैसे बन जाने का समय अभी है। हमारे शाश्वत प्रभु परमेश्वर यीशु मसीह में सच्चे पश्चाताप और समर्पण द्वारा अपनी अनन्त आशा को सुदृढ़ कर लेना ही हमारे जीवनों को सार्थक बना सकता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु के लिए जीवन जीने का समय अभी है।

हे भाइयो, चौकस रहो, कि तुम में ऐसा बुरा और अविश्वासी मन न हो, जो जीवते परमेश्वर से दूर हट जाए। वरन जिस दिन तक आज का दिन कहा जाता है, हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो, ऐसा न हो, कि तुम में से कोई जन पाप के छल में आकर कठोर हो जाए। - इब्रानियों 3:12-13

बाइबल पाठ: भजन 39
Psalms 39:1 मैं ने कहा, मैं अपनी चाल चलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे साम्हने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा। 
Psalms 39:2 मैं मौन धारण कर गूंगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई, 
Psalms 39:3 मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था। सोचते सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा; 
Psalms 39:4 हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! 
Psalms 39:5 देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं। 
Psalms 39:6 सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा! 
Psalms 39:7 और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है। 
Psalms 39:8 मुझे मेरे सब अपराधों के बन्धन से छुड़ा ले। मूढ़ मेरी निन्दा न करने पाए। 
Psalms 39:9 मैं गूंगा बन गया और मुंह न खोला; क्योंकि यह काम तू ही ने किया है। 
Psalms 39:10 तू ने जो विपत्ति मुझ पर डाली है उसे मुझ से दूर कर दे, क्योंकि मैं तो तरे हाथ की मार से भस्म हुआ जाता हूं। 
Psalms 39:11 जब तू मनुष्य को अधर्म के कारण डाँट डपटकर ताड़ना देता है; तब तू उसकी सुन्दरता को पतंगे की नाईं नाश करता है; सचमुच सब मनुष्य व्यर्थ अभिमान करते हैं।
Psalms 39:12 हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन, और मेरी दोहाई पर कान लगा; मेरा रोना सुनकर शांत न रह! क्योंकि मैं तेरे संग एक परदेशी यात्री के समान रहता हूं, और अपने सब पुरखाओं के समान परदेशी हूं। 
Psalms 39:13 आह! इस से पहिले कि मैं यहां से चला जाऊं और न रह जाऊं, मुझे बचा ले जिस से मैं प्रदीप्त जीवन प्राप्त करूं!

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 23-25
  • फिलिप्पियों 1


बुधवार, 4 अक्टूबर 2017

प्रार्थना


   चीन के युनान प्रांत के पहाड़ी इलाके में रहने वाले लोगों के लिए जीवन कठिन रहता है। उनके भोजन की मुख्य वस्तुएं हैं मक्का तथा चावल। परन्तु मई 2012 में एक कठोर सूखे ने उस इलाके को प्रभावित किया, और फसलें मुर्झा गईं। सब लोग बहुत चिंतित थे, और सूखे का अन्त करवाने के लिए अनेकों अन्धविश्वास के अनुष्ठानों को किया गया, रिवाज़ों को निभाया गया, परन्तु सब असफल रहा। तब लोग उस इलाके में रहने वाले पाँच मसीही लोगों को दोषी ठहराने लगे, कि उनके कारण पित्रों की आत्माएं नाराज़ हो गई हैं जिससे यह स्थिति हो गई है।

   तब ये पाँच मसीही विश्वासी एक स्थान पर एकत्रित होकर प्रार्थना करने लगे। कुछ समय में घने बादल आ गए, आकाश अन्धियारा हो गया, बादल ज़ोर से गड़गड़ाने लगे और तेज़ वर्षा आरंभ हो गई जो सारी दोपहर और रात्रि चलती रही। फसलें बच गईं! अधिकांश गाँव वासियों ने यह नहीं माना कि परमेश्वर ने प्रार्थना के उत्तर में बारिश भेजी थी, परन्तु कुछ ने माना और वे ऐसे परमेश्वर तथा प्रभु यीशु के बारे में और जानकारी लेने के लिए उत्सुक्त हुए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में 1 राजा 17, 18 अध्याय में हम इस्त्राएल पर आए भयंकर अकाल के बारे में पढ़ते हैं। लेकिन बाइबल हमें बताती है कि यह अकाल अपने लोगों पर परमेश्वर के न्याय के कारण था (17:1)। इस्त्राएलियों ने कनानियों के देवता बाल की उपासना करनी आरंभ कर दी थी, क्योंकि उनको लगता था कि उनकी फसलों के लिए वर्षा बाल देवता ही भेजेगा। तब परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता एलिय्याह के द्वारा दिखा दिया कि वर्षा होने को निर्धारित करने वाला कौन है।

   हमारा सर्वसामर्थी परमेश्वर हमारी प्रार्थनाओं को सुनने और हमारी याचनाओं का उत्तर देने के लिए इच्छुक रहता है। यद्यपि हम उसके समय और उद्देश्यों को सदा समझ नहीं पाते हैं, परमेश्वर सदा हमारे लिए सर्वोत्तम ही करता है। - पो फैंग चिया


प्रार्थना द्वारा हम सर्वसामर्थी परमेश्वर की सामर्थ्य से प्राप्त करते हैं।

तेरा परमेश्वर यहोवा मैं हूं, जो तुझे मिस्त्र देश से निकाल लाया है। तू अपना मुंह पसार, मैं उसे भर दूंगा। - भजन 81:10

बाइबल पाठ: 1 राजा 18:1, 41-46
1 Kings 18:1 बहुत दिनों के बाद, तीसरे वर्ष में यहोवा का यह वचन एलिय्याह के पास पहुंचा, कि जा कर अपने आप को अहाब को दिखा, और मैं भूमि पर मेंह बरसा दूंगा। 
1 Kings 18:41 फिर एलिय्याह ने अहाब से कहा, उठ कर खा पी, क्योंकि भारी वर्षा की सनसनाहट सुन पडती है। 
1 Kings 18:42 तब अहाब खाने पीने चला गया, और एलिय्याह कर्म्मेल की चोटी पर चढ़ गया, और भूमि पर गिर कर अपना मुंह घुटनों के बीच किया। 
1 Kings 18:43 और उसने अपने सेवक से कहा, चढ़कर समुद्र की ओर दृष्टि कर देख, तब उसने चढ़ कर देखा और लौट कर कहा, कुछ नहीं दीखता। एलिय्याह ने कहा, फिर सात बार जा। 
1 Kings 18:44 सातवीं बार उसने कहा, देख समुद्र में से मनुष्य का हाथ सा एक छोटा बादल उठ रहा है। एलिय्याह ने कहा, अहाब के पास जा कर कह, कि रथ जुतवा कर नीचे जा, कहीं ऐसा न हो कि तू वर्षा के कारण रुक जाए। 
1 Kings 18:45 थोड़ी ही देर में आकाश वायु से उड़ाई हुई घटाओं, और आन्धी से काला हो गया और भारी वर्षा होने लगी; और अहाब सवार हो कर यिज्रेल को चला। 
1 Kings 18:46 तब यहोवा की शक्ति एलिय्याह पर ऐसी हुई; कि वह कमर बान्धकर अहाब के आगे आगे यिज्रेल तक दौड़ता चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 20-22
  • इफिसियों 6


मंगलवार, 3 अक्टूबर 2017

क्षमा


   क्या आप ने कभी ऐसा अनुभव किया है कि आपके द्वारा किए गए किसी निन्दनीय, लज्जाजनक, या आपराधिक कार्य के कारण आपका जीवन बर्बाद हो गया है - और फिर आपकी आँख खुल जाए और आपको पता चले कि यह केवल एक स्वप्न ही था? लेकिन यदि यह एक दुःस्वप्न न हो तो? यदि यह परिस्थिति आपके लिए या आपके किसी प्रीय जन के लिए वास्तविक हो, तो? जॉर्ज मैक्डॉनल्ड के 19वीं शताब्दी में लिखे उपन्यास, The Curate's Awakening में इसी परिस्थिति का सामना किया गया है। यह उपन्यास एक ऐसे पादरी की कहानी है जिसे यह एहसास होता है कि वह एक ऐसे परमेश्वर के पक्ष में बोलता आया है, जिसके विषय उसे यह भी निश्चित नहीं है कि वह वास्तव में उस परमेश्वर में विश्वास रखता है। आगे चलकर उसे एक ऐसे नवयुवक के पास बुलाया जाता है जो उसके द्वारा की गई एक हत्या के कारण अपना मानसिक संतुलन खोता जा रहा है और मरने को हैं।

   इसके बाद होने वाले हृदय-विदारक संघर्ष में वह पादरी उसे पाता है जिसकी हम सब को आवश्यकता है। एक दुःस्वप्न से उठ जाने पर मिलने वाली राहत उस शान्ति और आनन्द के सामने कुछ भी नहीं है जो हमें परमेश्वर की क्षमा की वास्तविकता को पा लेने से होती है, ऐसी क्षमा जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सक्ते थे, जिसके सत्य होने के विषय हम सोच भी नहीं सकते थे।

   हमें यह हमारे लिए अति आवश्यक क्षमा कहाँ मिलेगी? यह क्षमा हमें प्रभु यीशु मसीह में मिलती है; उस प्रभु से जिसने उन लोगों के लिए जो उसे क्रूस पर ठोकते हुए उसका उपहास कर रहे थे परमेश्वर से प्रार्थना में क्षमा माँगी (लूका 23:34), तथा स्वयं उस मरते हुए डाकू से, जो उसकी ओर सहायता के लिए मुड़ा, कहा: "...मैं तुझ से सच कहता हूं; कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा" (लूका 23:43)। - मार्ट डीहॉन


हम अपनी किसी योग्यता द्वारा नहीं परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह द्वारा बचाए जाते हैं।

क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। - इफिसियों 2:8-9

बाइबल पाठ: लूका 23:33-43
Luke 23:33 जब वे उस जगह जिसे खोपड़ी कहते हैं पहुंचे, तो उन्होंने वहां उसे और उन कुकिर्मयों को भी एक को दाहिनी और और दूसरे को बाईं और क्रूसों पर चढ़ाया। 
Luke 23:34 तब यीशु ने कहा; हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहें हैं और उन्होंने चिट्ठियां डालकर उसके कपड़े बांट लिए। 
Luke 23:35 लोग खड़े खड़े देख रहे थे, और सरदार भी ठट्ठा कर कर के कहते थे, कि इस ने औरों को बचाया, यदि यह परमेश्वर का मसीह है, और उसका चुना हुआ है, तो अपने आप को बचा ले। 
Luke 23:36 सिपाही भी पास आकर और सिरका देकर उसका ठट्ठा कर के कहते थे। 
Luke 23:37 यदि तू यहूदियों का राजा है, तो अपने आप को बचा। 
Luke 23:38 और उसके ऊपर एक पत्र भी लगा था, कि यह यहूदियों का राजा है। 
Luke 23:39 जो कुकर्मी लटकाए गए थे, उन में से एक ने उस की निन्‍दा कर के कहा; क्या तू मसीह नहीं तो फिर अपने आप को और हमें बचा। 
Luke 23:40 इस पर दूसरे ने उसे डांटकर कहा, क्या तू परमेश्वर से भी नहीं डरता? तू भी तो वही दण्‍ड पा रहा है। 
Luke 23:41 और हम तो न्यायानुसार दण्‍ड पा रहे हैं, क्योंकि हम अपने कामों का ठीक फल पा रहे हैं; पर इस ने कोई अनुचित काम नहीं किया। 
Luke 23:42 तब उसने कहा; हे यीशु, जब तू अपने राज्य में आए, तो मेरी सुधि लेना। 
Luke 23:43 उसने उस से कहा, मैं तुझ से सच कहता हूं; कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 17-19
  • इफिसियों 5:17-33