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बुधवार, 15 नवंबर 2017

धन्यवादी


   अपनी जीवनी में कोरी टेन बूम ने अपने तथा अपनी बहन बेट्सी तथा अन्य बन्दियों पर जर्मन सेनाओं द्वारा 1940 के दशक के आरंभिक भाग में नज़रबन्दी शिविर में किए गए दिल दहला देने वाले अत्याचारों का वर्णन किया है। एक बार उन्हें एक जाँच के दौरान निर्वस्त्र होकर पंक्ति में खड़े होने को कहा गया; उस नग्नावस्था में कोरी अपने आप को भ्रष्ट किया और त्यागा हुआ अनुभव कर रही थी। तभी उसे स्मरण हो आया कि सारे संसार का उद्धारकर्ता प्रभु यीशु भी, सारे संसार के सभी लोगों के पापों के दण्ड को सहते हुए निर्वस्त्र अवस्था में क्रूस पर टंगा रहा था। तुरंत कोरी का मन प्रभु के प्रति धन्यवाद और आराधना से भर आया, और उसने साथ खड़ी अपनी बहन बेट्सी से फुसफुसा कर कहा, "बेट्सी, उन्होंने प्रभु को भी निर्वस्त्र कर दिया था।" यह सुनते ही बेट्सी भी चौंक गई और लंबी सांस लेकर बोली, "ओह कोरी, और मैंने कभी उसे इसके लिए धन्यवाद व्यक्त नहीं किया।"

   इस परेशानी, संघर्ष, और दुःखों से भरे संसार में बिना धन्यवाद दिए रहना बहुत सरल है। हमारे पास प्रतिदिन कितनी ही बातों के लिए शिकायतें करने के कितने ही कारण होते हैं। किंतु परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 100 पाठकों को उभारता है कि परमेश्वर के लोग सदा आनन्दित, मग्न, और धन्यवादी रहें, क्योंकि "...उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं" (पद 3)। जब हम यह स्मरण रखेंगे कि हम कौन हैं, और साथ ही हमें यह दर्जा देने के लिए प्रभु यीशु मसीह द्वारा हमारे लिए दिए गए बलिदान को और उसके महान प्रेम को भी स्मरण रखेंगे, तो हम उसके प्रति अपनी हर परिस्थिति में धन्यवादी भी रह सकेंगे।

   संसार की निर्ममता और क्रुरता आपके अन्दर से धन्यवादी मन को छीनने न पाए; सदा स्मरण रखें कि प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के कारण आप परमेश्वर की सन्तान हैं। उसने आपके प्रति अपने प्रेम, अनुग्रह और भलाई का प्रमाण क्रूस पर दिखाया है; प्रत्युत्तर में हमें उसके इस बलिदान और प्रेम के लिए धन्यवादी बने रहना चाहिए। - ऐल्बर्ट ली


जब आप प्रभु से मिली आशीषें गिनने लगते हैं, 
तो मन से आराधना स्वतः ही निकलने लगती है।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। - फिलिप्पियों 4:6-7

बाइबल पाठ: भजन 100
Psalms 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो! 
Psalms 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ! 
Psalms 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
Psalms 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो! 
Psalms 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 1-2
  • इब्रानियों 11:1-19


मंगलवार, 14 नवंबर 2017

सामर्थी


   वह खतरे का पूर्वाभास लिए हुए दूर से आने वाली ध्वनि के साथ आरंभ हुआ, और शीघ्र ही बढ़कर धरती कंपा देने वाले अनिष्ट-सूचक कोलाहाल में परिवर्तित हो गया। शीघ्र ही शत्रु के सैकड़ों युद्ध टैंक और हज़ारों सैनिक फ़िनलैंड के  उन थोड़े से सैनिकों को दिखाई देने लगे। सामने खड़ी मौत को देखकर फ़िनलैंड के एक सैनिक ने अपने साथियों का हौंसला बढ़ाने के उद्देश्य से कहा, "अब इतने लोगों को दफन करने के लिए स्थान कहाँ से लाएंगे?"

   फ़िनलैंड के उन सैनिकों द्वारा दूसरे विश्वयुद्ध में ऐसी दिलेरी दिखाने से लगभग 2600 वर्ष पूर्व, यहूदी नागरिकों ने अपने ऊपर आई ऐसी ही अभिभूत कर देने वाली परिस्थिति के प्रति इससे भिन्न प्रतिक्रिया दी। परमेश्वर का वचन बाइबल बताती है कि अश्शूर की सेना ने यरुशलेम की घेराबन्दी करके यरुशलेम के निवासियों को शहर की दीवारों के अन्दर फंसा लिया था, जहाँ भुखमरी फैलने लगी थी और उसके कारण मौत लोगों के समक्ष मंडरा रही थी। राजा हिज़किय्याह घबरा गया। परन्तु फिर उसने परमेश्वर से प्रार्थना की: "हे सेनाओं के यहोवा, हे करूबों पर विराजमान इस्राएल के परमेश्वर, पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है; आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है" (यशायाह 37:16)।

   प्रत्युत्तर में परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता यशायाह के द्वारा अश्शूर के राजा सन्हेरीब के विरुद्ध कठोर शब्दों में कहा, "तू ने किस की नामधराई और निन्दा की है? और तू जो बड़ा बोल बोला और घमण्ड किया है, वह किस के विरुद्ध किया है? इस्राएल के पवित्र के विरुद्ध!" (पद 23); और यरुशलेम के लोगों को सांत्वना दी, "क्योंकि मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त, इस नगर की रक्षा कर के उसे बचाऊंगा" (पद 35)। फिर परमेश्वर ने सन्हेरीब को पराजित और अश्शूर की सेना को नाश कर दिया (पद 36-38)।

   आज आपके सामने चाहे जो भी खतरा मंडरा रहा हो, स्मरण रखें कि हिज़किय्याह और यशायाह का परमेश्वर अभी भी राज्य कर रहा है, सभी परिस्थितियां उसके वश में हैं। वह हमारी आवाज़ को सुनना चाहता है जिससे कि अपने आप को हमारे पक्ष में सामर्थी दिखा सके। - टिम गुस्टफसन


परमेश्वर हमारी सबसे बड़ी समस्या से भी कहीं अधिक बड़ा है।

और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार वा भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा। - 1 शमूएल 17:47

बाइबल पाठ: यशायाह 37:18-23; 31-38
Isaiah 37:18 हे यहोवा, सच तो है कि अश्शूर के राजाओं ने सब जातियों के देशों को उजाड़ा है 
Isaiah 37:19 और उनके देवताओं को आग में झोंका है; क्योंकि वे ईश्वर न थे, वे केवल मनुष्यों की कारीगरी, काठ और पत्थर ही थे; इस कारण वे उन को नाश कर सके। 
Isaiah 37:20 अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा, तू हमें उसके हाथ से बचा जिस से पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।
Isaiah 37:21 तब आमोस के पुत्र यशायाह ने हिजकिय्याह के पास यह कहला भेजा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू ने जो अश्शूर के राजा सन्हेरीब के विषय में मुझ से प्रार्थना की है, 
Isaiah 37:22 उसके विषय यहोवा ने यह वचन कहा है, सिय्योन की कुमारी कन्या तुझे तुच्छ जानती है और ठट्ठों में उड़ाती है; यरूशलेम की पुत्री तुझ पर सिर हिलाती है।
Isaiah 37:23 तू ने किस की नामधराई और निन्दा की है? और तू जो बड़ा बोल बोला और घमण्ड किया है, वह किस के विरुद्ध किया है? इस्राएल के पवित्र के विरुद्ध! 
Isaiah 37:31 और यहूदा के घराने के बचे हुए लोग फिर जड़ पकड़ेंगे और फूलें-फलेंगे; 
Isaiah 37:32 क्योंकि यरूशलेम से बचे हुए और सिय्योन पर्वत से भागे हुए लोग निकलेंगे। सेनाओं का यहोवा अपनी जलन के कारण यह काम करेगा।
Isaiah 37:33 इसलिये यहोवा अश्शूर के राजा के विषय यों कहता है कि वह इस नगर में प्रवेश करने, वरन इस पर एक तीर भी मारने न पाएगा; और न वह ढाल ले कर इसके साम्हने आने वा इसके विरुद्ध दमदमा बान्धने पाएगा। 
Isaiah 37:34 जिस मार्ग से वह आया है उसी से वह लौट भी जाएगा और इस नगर में प्रवेश न करने पाएगा, यहोवा की यही वाणी है। 
Isaiah 37:35 क्योंकि मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त, इस नगर की रक्षा कर के उसे बचाऊंगा।
Isaiah 37:36 तब यहोवा के दूत ने निकलकर अश्शूरियों की छावनी में एक लाख पचासी हजार पुरूषों को मारा; और भोर को जब लोग सवेरे उठे तब क्या देखा कि लोथ ही लोथ पड़ी हैं। 
Isaiah 37:37 तब अश्शूर का राजा सन्हेरीब चल दिया और लौटकर नीनवे में रहने लगा। 
Isaiah 37:38 वहां वह अपने देवता निस्रोक के मन्दिर में दण्डवत कर रहा था कि इतने में उसके पुत्र अद्रम्मेलेक और शरेसेन ने उसको तलवार से मारा और अरारात देश में भाग गए। और उसका पुत्र एसर्हद्दोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

एक साल में बाइबल: 
  • विलापगीत 3-5
  • इब्रानियों 10:19-39


सोमवार, 13 नवंबर 2017

मुर्दा फूल


   अगस्त 2013 में, पेन्सिल्वेनिया की फिप्प्स संरक्षिका में एक उष्णकटिबंधीय पौधे के फूल को खिलते हुए देखने के लिए एक बड़ी भीड़ एकत्रित हुई। इस फूल को मुर्दा फूल (Corpse Flower) कहते हैं क्योंकि जब यह खिलता है तो उसमें से सड़ते हुए माँस जैसी दुर्गन्ध आती है। इस पौधे का मूल स्थान इंडोनेशिया है, और यह कई वर्षों में एक ही बार खिलता है। इसे खिलते देखना भी एक अनुभव होता है। उसके फूलों की बहुत विशाल, लाल, सुन्दर और नोकीली पंखुड़ियाँ होती हैं; परन्तु उससे निकलने वाली दुर्गन्ध के कारण मक्खियाँ और अन्य माँस-भक्षी कीट पतंगे उसकी ओर आकर्षित होते हैं, परन्तु उसके निकट आने पर उन्हें कुछ नहीं मिलता है क्योंकि उसमें कोई रस नहीं होता है।

   उस मुर्दा फूल के समान, पाप भी हमारे सामने आकर्षक और लुभावनी बातें रखता है, परन्तु देता कुछ भी नहीं है। अदन की वाटिका में हमारे आदि माता-पिता, आदम और हव्वा ने यह कटु अनुभव से सीखा। अदन की वाटिका परमेश्वर ने उन्हें बना कर दी थी और बहुत सुन्दर थी; तब तक जब तक कि आदम और हव्वा के पाप ने उसे बिगाड़ नहीं दिया। परमेश्वर ने उन्हें केवल एक कार्य को करने के लिए मना किया था; उसके अतिरिक्त उस वाटिका में उन्हें हर प्रकार से पूरी स्वतंत्रता थी। परमेश्वर की भलाईयों के प्रति शंका में पड़कर, वे परमेश्वर की चेतावनी को नज़रन्दाज़ कर बैठे और उन्होंने वह किया जो मना किया गया था; वे परमेश्वर के अनाज्ञाकारी हो गए, और अपने निर्दोश होने को सदा के लिए खो दिया। परमेश्वर द्वारा भले और बुरे के ज्ञान के वृक्ष और उसके फल को दी गई सुन्दरता, उनके लिए मुर्दा फूल के समान हो गई - वे उससे आकर्षित तो हुए, परन्तु उन्हें मिला कुछ भी नहीं; वरन उनके इस अनाज्ञाकारिता के पाप की सड़ान्द से सारी मानव जाति दूषित हो गई। उनके इस पाप के परिणामस्वरूप उनके तथा उनकी सनतान के जीवनों में परमेश्वर से दूरी, पीड़ा, खालीपन, परिश्रम और मृत्यु आ गए।

   पाप आकर्षक लगता है, ऊपरी तौर से अच्छा और सुन्दर भी लग सकता है, परन्तु परमेश्वर कि आज्ञाकारिता से मिलने वाली आशीष, सुन्दरता और सुगन्ध के सामने पाप के प्रतिफल बहुत दुःखदाई और कड़ुवे हैं। परमेश्वर ने हमें अपने साथ रहने और उससे आशीषित होने के लिए बनाया है; वह हमें अपने आनन्द से भर देना चाहता है। उसके प्रति समर्पित और आज्ञाकारी होकर इस आनन्द से अपने जीवन को भर लें। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर की आज्ञाएं शैतान के सुझावों को पराजित कर सकती हैं।

इन विधियों में अपनी इच्छा के अनुसार गढ़ी हुई भक्ति की रीति, और दीनता, और शारीरिक योगाभ्यास के भाव से ज्ञान का नाम तो है, परन्तु शारीरिक लालसाओं को रोकने में इन से कुछ भी लाभ नहीं होता। - कुलुस्सियों 2:23

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 3:6-13; 22-24
Genesis 3:6 सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उसने भी खाया। 
Genesis 3:7 तब उन दोनों की आंखे खुल गई, और उन को मालूम हुआ कि वे नंगे है; सो उन्होंने अंजीर के पत्ते जोड़ जोड़ कर लंगोट बना लिये। 
Genesis 3:8 तब यहोवा परमेश्वर जो दिन के ठंडे समय बाटिका में फिरता था उसका शब्द उन को सुनाई दिया। तब आदम और उसकी पत्नी बाटिका के वृक्षों के बीच यहोवा परमेश्वर से छिप गए। 
Genesis 3:9 तब यहोवा परमेश्वर ने पुकार कर आदम से पूछा, तू कहां है? 
Genesis 3:10 उसने कहा, मैं तेरा शब्द बारी में सुन कर डर गया क्योंकि मैं नंगा था; इसलिये छिप गया। 
Genesis 3:11 उसने कहा, किस ने तुझे चिताया कि तू नंगा है? जिस वृक्ष का फल खाने को मैं ने तुझे मना किया था, क्या तू ने उसका फल खाया है? 
Genesis 3:12 आदम ने कहा जिस स्त्री को तू ने मेरे संग रहने को दिया है उसी ने उस वृक्ष का फल मुझे दिया, और मैं ने खाया। 
Genesis 3:13 तब यहोवा परमेश्वर ने स्त्री से कहा, तू ने यह क्या किया है? स्त्री ने कहा, सर्प ने मुझे बहका दिया तब मैं ने खाया। 
Genesis 3:22 फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, मनुष्य भले बुरे का ज्ञान पाकर हम में से एक के समान हो गया है: इसलिये अब ऐसा न हो, कि वह हाथ बढ़ा कर जीवन के वृक्ष का फल भी तोड़ के खा ले और सदा जीवित रहे। 
Genesis 3:23 तब यहोवा परमेश्वर ने उसको अदन की बाटिका में से निकाल दिया कि वह उस भूमि पर खेती करे जिस में से वह बनाया गया था। 
Genesis 3:24 इसलिये आदम को उसने निकाल दिया और जीवन के वृक्ष के मार्ग का पहरा देने के लिये अदन की बाटिका के पूर्व की ओर करुबों को, और चारों ओर घूमने वाली ज्वालामय तलवार को भी नियुक्त कर दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • विलापगीत 1-2
  • इब्रानियों 10:1-18


रविवार, 12 नवंबर 2017

कठिन लोग


   हम जब अपने वर्तमान घर में आए, तो मैं निकट ही स्थित हंसों और उनके घोंसलों की सुन्दरता को निहार्ता था। जिस प्रकार वे एक दुसरे का ध्यान रखते थे और पानी में एक सीधी पंक्ति में तैरते थे तथा हवा में V का आकार बनाकर उडते थे, मुझे वह सब देखना अच्छा लगता था। उन्हें अपने बच्चों की देखभाल करके बड़ा करते हुए देखना भी बहुत आनन्दायक था। फिर ग्रीष्म ऋतु आई, और मुझे उन हंसों के बारे में कुछ कम रुचिकर बातें पता लगीं। हंसों को घास खाना अच्छा लगता है, और ऐसा करने के लिए उन्हें कोई चिन्ता नहीं होती है कि वे किसी के परिश्रम से लगाए और बना कर रखे गए लॉन को खराब कर रहे हैं। इससे भी बुरी बात यह है कि जो गन्दगी वे अपने पीछे छोड़ जाते हैं उसके कारण लॉन पर टहलना एक अप्रिय अनुभव हो जाता है।

   जब भी मुझे कुछ कठिन लोगों के साथ व्यवहार करना होता है, मैं उन हंसों के बारे में सोचता हूँ। कभी-कभी मैं चाहता हूँ कि ऐसे लोगों को अपने जीवन से बाहर वैसे ही भगा दूँ, जैसे कि उन हंसों को अपने लॉन से भगाता हूँ। जब ऐसी भावना मेरे अन्दर उठती है तब परमेश्वर मुझे स्मरण दिलाता है कि कठिन व्यक्तियों में भी कुछ सुन्दरता अवश्य ही होती है, यदि हम उनके निकट आकर उसे देखने का प्रयास करें; यह भी संभव है कि जो पीड़ा वे दूसरों को दे रहे हैं वह उस पीड़ा का भाग है जिसे वे स्वयं अनुभव कर रहे हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में लिखा, "जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो" (रोमियों 12:18)। इसलिए मैं परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि औरों के "कठिन" स्वभाव का सामना करते समय मुझे धीरजवन्त रखें। इससे सदा ही अच्छा परिणाम तो नहीं आता है, परन्तु उल्लेखनीय बात यह है कि इस धीरज एक कारण परमेश्वर ने कितने ही संबंधों को बचा कर रखा है।

   जब भी हमारा सामना कठिन लोगों से हो, तो परमेश्वर के अनुग्रह तथा दृष्टिकोण के द्वारा हम उनसे प्रेम कर सक्ते हैं, उनके साथ निभा सकते हैं। - रैंडी किलगोर


यदि हम नम्र उत्तर दें तो शांति स्थापित रह सकती है।

जो मनुष्य बुद्धि से चलता है वह विलम्ब से क्रोध करता है, और अपराध को भुलाना उसको सोहता है। - नीतिवचन 19:11

बाइबल पाठ: रोमियों 12:12-21
Romans 12:12 आशा मे आनन्दित रहो; क्लेश मे स्थिर रहो; प्रार्थना मे नित्य लगे रहो। 
Romans 12:13 पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उस में उन की सहायता करो; पहुनाई करने में लगे रहो। 
Romans 12:14 अपने सताने वालों को आशीष दो; आशीष दो श्राप न दो। 
Romans 12:15 आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ। 
Romans 12:16 आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो। 
Romans 12:17 बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो। 
Romans 12:18 जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। 
Romans 12:19 हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। 
Romans 12:20 परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। 
Romans 12:21 बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 51-52
  • इब्रानियों 9


शनिवार, 11 नवंबर 2017

संगति


   हमारा एक मित्र किसी कार्य से हमारे शहर में आ रहा था। वह बहुत व्यस्त व्यक्ति था, और हमारे शहर में उसका कार्यक्रम भी बहुत व्यस्त था; परन्तु सारे दिन के कार्य के बाद वह हमारे साथ रात्रि का भोजन करने के लिए आधे घंटे के लिए आया। हमें उसके साथ बिताए गए इस समय से आनन्द मिला, परन्तु मुझे स्मरण है कि भोजन के दौरान मैं सोच रही थी कि हमें उसके समय के कुछ बचे हुए छोटे टुकड़े ही मिले। फिर मुझे ध्यान आया कि कितनी ही बार परमेश्वर को भी मेरे समय के बचे हुए कुछ छोटे टुकड़े ही मिलते हैं - कभी-कभी तो सोने से पहले के कुछ थकान भरे मिनिट ही।

   परमेश्वर के वचन बाइबल का एक पात्र, दानिय्येल, बहुत व्यस्त व्यक्ति था; वह बाबुल के राज्य का उच्च प्रशासनिक अधिकारी था, और मुझे पूरा विश्वास है कि उसका दिन भी अनेकों कार्यों से भरा रहता होगा। परन्तु उसने परमेश्वर के साथ समय बिताने की आदत बना रखी थी - वह प्रतिदिन तीन बार प्रार्थना करने, परमेश्वर की आराधना करने और उसका धन्यवाद करने में समय बिताता था। उसकी इस दिनचर्या ने उसे परमेश्वर में दृढ़ विश्वास विकसित करने में सहायता की; ऐसा विश्वास जो किसी भी सताव में हिला नहीं (दानिय्येल 6)।

   परमेश्वर हमारे साथ एक संबंध चाहता है। प्रति प्रातः हम उसे अपने दिन में आमंत्रित कर सकते हैं, और उसकी स्तुति आराधना के साथ उससे निवेदन कर सकते हैं कि वह दिन भर, हमारी सहायता और मार्गदर्शन के लिए, हमारे साथ बना रहे। अन्य समयों पर हम एकान्त में मनन के साथ कुछ समय उसके साथ बिता सकते हैं, उससे अपने मन की बातें कह सकते हैं, हमारे प्रति बनी रहने वाली उसकी विश्वासयोग्यता पर मनन कर सकते हैं। हम परमेश्वर के साथ संगति और उसके वचन के अध्ययन तथा मनन में जितना अधिक समय बिताएंगे, हम उसकि संगति तथा समानता में उतना अधिक बढ़ेंगे।

   जब परमेश्वर के साथ बिताया गया समय हमारी प्राथमिकता होगा, हम उसकी संगति से और अधिक आनन्दित होते जाएंगे। - कीला ओकोआ


परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे - यशायाह 40:31

परन्तु मैं तो परमेश्वर को पुकारूंगा; और यहोवा मुझे बचा लेगा। सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा। भजन 55:16-17

बाइबल पाठ: दनिय्येल 6:10-23
Daniel 6:10 जब दानिय्येल को मालूम हुआ कि उस पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के साम्हने घुटने टेक कर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा। 
Daniel 6:11 तब उन पुरूषों ने उतावली से आकर दानिय्येल को अपने परमेश्वर के सामने बिनती करते और गिड़गिड़ाते हुए पाया। 
Daniel 6:12 सो वे राजा के पास जा कर, उसकी राजआज्ञा के विषय में उस से कहने लगे, हे राजा, क्या तू ने ऐसे आज्ञापत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया कि तीस दिन तक जो कोई तुझे छोड़ किसी मनुष्य वा देवता से बिनती करेगा, वह सिंहों की मान्द में डाल दिया जाएगा? राजा ने उत्तर दिया, हां, मादियों और फारसियों की अटल व्यवस्था के अनुसार यह बात स्थिर है। 
Daniel 6:13 तब उन्होंने राजा से कहा, यहूदी बंधुओं में से जो दानिय्येल है, उसने, हे राजा, न तो तेरी ओर कुछ ध्यान दिया, और न तेरे हस्ताक्षर किए हुए आज्ञापत्र की ओर; वह दिन में तीन बार बिनती किया करता है।
Daniel 6:14 यह वचन सुनकर, राजा बहुत उदास हुआ, और दानिय्येल को बचाने के उपाय सोचने लगा; और सूर्य के अस्त होने तक उसके बचाने का यत्न करता रहा। 
Daniel 6:15 तब वे पुरूष राजा के पास उतावली से आकर कहने लगे, हे राजा, यह जान रख, कि मादियों और फारसियों में यह व्यवस्था है कि जो जो मनाही वा आज्ञा राजा ठहराए, वह नहीं बदल सकती।
Daniel 6:16 तब राजा ने आज्ञा दी, और दानिय्येल लाकर सिंहों की मान्द में डाल दिया गया। उस समय राजा ने दानिय्येल से कहा, तेरा परमेश्वर जिसकी तू नित्य उपासना करता है, वही तुझे बचाए! 
Daniel 6:17 तब एक पत्थर लाकर उस गड़हे के मुंह पर रखा गया, और राजा ने उस पर अपनी अंगूठी से, और अपने प्रधानों की अंगूठियों से मुहर लगा दी कि दानिय्येल के विषय में कुछ बदलने ने पाए। 
Daniel 6:18 तब राजा अपने महल में चला गया, और उस रात को बिना भोजन पड़ा रहा; और उसके पास सुख विलास की कोई वस्तु नहीं पहुंचाई गई, और उसे नींद भी नहीं आई।
Daniel 6:19 भोर को पौ फटते ही राजा उठा, और सिंहों के गड़हे की ओर फुर्ती से चला गया। 
Daniel 6:20 जब राजा गड़हे के निकट आया, तब शोक भरी वाणी से चिल्लाने लगा और दानिय्येल से कहा, हे दानिय्येल, हे जीवते परमेश्वर के दास, क्या तेरा परमेश्वर जिसकी तू नित्य उपासना करता है, तुझे सिंहों से बचा सका है? 
Daniel 6:21 तब दानिय्येल ने राजा से कहा, हे राजा, तू युगयुग जीवित रहे! 
Daniel 6:22 मेरे परमेश्वर ने अपना दूत भेज कर सिंहों के मुंह को ऐसा बन्द कर रखा कि उन्होंने मेरी कुछ भी हानि नहीं की; इसका कारण यह है, कि मैं उसके साम्हने निर्दोष पाया गया; और हे राजा, तेरे सम्मुख भी मैं ने कोई भूल नहीं की। 
Daniel 6:23 तब राजा ने बहुत आनन्दित हो कर, दानिय्येल को गड़हे में से निकालने की आज्ञा दी। सो दानिय्येल गड़हे में से निकाला गया, और उस पर हानि का कोई चिन्ह न पाया गया, क्योंकि वह अपने परमेश्वर पर विश्वास रखता था।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 50
  • इब्रानियों 8


शुक्रवार, 10 नवंबर 2017

गवाही


   वैंग शाओ-यिंग चीन के यूनान प्रांत के एक ग्रामीण इलाके में रहती है। अस्वस्थ होने के कारण, उसके पति को खेतों में काम करने को नहीं मिला, जिससे परिवार के लिए कठिनाईयाँ होने लगीं। वैंग की सास ने इस सब के लिए वैंग द्वारा प्रभु परमेश्वर में लाए गए विश्वास को ज़िम्मेदार ठहराया; वह वैंग को सताने लगी और उसे बाध्य करने लगी कि वह अपने पुरखाओं के धर्म में लौट आए। परन्तु क्योंकि वैंग के पति ने वैंग के जीवन में आए परिवर्तन को देखा था, इसलिए उसने अपनी माँ से कहा, "माँ, केवल वैंग का प्रभु परमेश्वर में विश्वास करना काफी नहीं है; हम सब को भी उसमें वैसे ही विश्वास करना चाहिए।" अपनी पत्नि में आए प्रगट परिवर्तन को देख कर, अब वैंग का पति भी प्रभु यीशु के सुसमाचार के बारे में गंभीरता से विचार कर रहा है।

   हमारे प्रचार को सुनने से पहले लोग हमारे व्यवहार को देखते हैं। सबसे प्रभावी गवाही वह होती है जिसमें हमारे जीवनों में प्रभु यीशु मसीह द्वारा लाए गए परिवर्तन से संबंधित अच्छा व्यवहार और उपयुक्त शब्द साथ प्रदर्शित होते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में पतरस ने विरोधी संसार के सम्मुख प्रभु यीशु को प्रस्तुत करने के इसी तरीके के बारे में लिखा। पतरस ने अपने पाठकों को प्रोत्साहित किया कि वे "भलाई करने में उत्तेजित रहें" (1 पतरस 3:13), मसीह में आज्ञाकारिता का जीवन व्यतीत करें, अच्छे विवेक के साथ रहें, और अपनी आशा के संबंध में औरों को बताने के लिए सदा तैयार रहें। यदि हम ऐसा करेंगे, तो हमें अपने विश्वास के लिए लोगों से मिलने वाले दुर्व्यवहार और बदनामी के डर के कारण प्रभु यीशु के लिए अपनी गवाही देने से कोई संकोच नहीं रहेगा।

   हमारी परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी क्यों न हों, हमारे प्रभु ने हमें जहाँ और जिस हाल में रखा है, हमें वहीं पर प्रभु यीशु के गवाह बनकर उसके लिए अपने जीवनों से गवाही देनी है। हमारी हर परिस्थिति और आवाश्यकता के अनुसार, हमसे असहमत लोगों तक हमारी गवाही को पहुँचाने के लिए वह पर्याप्त अनुग्रह प्रदान करेगा। - पो फैंग चिया


हम जितना अधिक प्रभु यीशु के समान जीवन व्यतीत करेंगे,
 उतना ही अधिक लोग प्रभु के प्रति आकर्षित होंगे।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: 1 पतरस 3:13-17
1 Peter 3:13 और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है? 
1 Peter 3:14 और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ। 
1 Peter 3:15 पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ। 
1 Peter 3:16 और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में तुम्हारी बदनामी होती है उनके विषय में वे, जो तुम्हारे मसीही अच्‍छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्ज़ित हों। 
1 Peter 3:17 क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 48-49
  • इब्रानियों 7


गुरुवार, 9 नवंबर 2017

कृपा द्वीप


   अमेरिका में स्थित ह्यूरॉन झील में मिशिगन की ओर स्थित सागीनौ खाड़ी में Charity Island (कृपा द्वीप) सबसे बड़ा द्वीप है। अनेकों वर्षों से उस द्वीप पर एक प्रकाशस्तंभ कार्य कर रहा है और यह द्वीप उस क्षेत्र में जल यात्रा कर रहे लोगों के लिए दिशा निर्देश तथा सुरक्षित बन्दरगाह प्रदान करता है। उस द्वीप को यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि वहाँ के नाविकों का मानना था कि परमेश्वर ने अपनी कृपा में होकर वह द्वीप उनकी भलाई और सहायता लिए वहाँ बनाया है।

   हमें भी जीवन में कभी कठिन परिस्थितियों से होकर निकलना पड़ता है; और उन नाविकों के समान हमें भी किसी सुरक्षित स्थान और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन संहिता पुस्तक में हम पाते हैं कि भजनकार ने यह समझ लिया कि परमेश्वर ही है जो अशान्ति में भी शान्ति ला सकता है, और सुरक्षित स्थानों तक पहुँचने के लिए सही मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है। भजनकार ने लिखा, "वह आंधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं। तब वे उनके बैठने से आनन्दित होते हैं, और वह उन को मन चाहे बन्दर स्थान में पहुंचा देता है" (भजन 107:29-30)।

   यह सत्य है कि कोई अपने जीवन में आंधियाँ, अशान्ति के समय, देखना नहीं चाहता है; परन्तु न चाहते हुए भी उन परिस्थितियों का सामना हमें करना ही पड़ता है। परन्तु यही आंधियाँ परमेश्वर द्वारा प्रदान की जाने वली सहायता और सुरक्षा के प्रति हमारी सराहना को कई गुणा बढ़ा सकते हैं। उसके निःस्वार्थ प्रेम में हम अपेक्षित सुरक्षित बन्दरगाह पाते हैं; उसके वचन से हम मार्गदर्शन पाते हैं, और उसका पवित्र आत्मा हमारे अंधियारों को ज्योतिर्मय करता है। प्रभु परमेश्वर ही हमारा सदैव सहजता से उपलब्ध "कृपा द्वीप" है। - डेनिस फिशर


हमारा जीवित प्रभु परमेश्वर सदैव हमारा सुरक्षित आश्रय-स्थल रहेगा।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:105

बाइबल पाठ: भजन 107:23-32
Psalms 107:23 जो लोग जहाजों में समुद्र पर चलते हैं, और महासागर पर हो कर व्यापार करते हैं; 
Psalms 107:24 वे यहोवा के कामों को, और उन आश्चर्यकर्मों को जो वह गहिरे समुद्र में करता है, देखते हैं। 
Psalms 107:25 क्योंकि वह आज्ञा देता है, वह प्रचण्ड बयार उठ कर तरंगों को उठाती है। 
Psalms 107:26 वे आकाश तक चढ़ जाते, फिर गहराई में उतर आते हैं; और क्लेश के मारे उनके जी में जी नहीं रहता; 
Psalms 107:27 वे चक्कर खाते, और मत वाले के समान लड़खड़ाते हैं, और उनकी सारी बुद्धि मारी जाती है। 
Psalms 107:28 तब वे संकट में यहोवा की दोहाई देते हैं, और वह उन को सकेती से निकालता है। 
Psalms 107:29 वह आंधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं। 
Psalms 107:30 तब वे उनके बैठने से आनन्दित होते हैं, और वह उन को मन चाहे बन्दर स्थान में पहुंचा देता है। Psalms 107:31 लोग यहोवा की करूणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें। 
Psalms 107:32 और सभा में उसको सराहें, और पुरनियों के बैठक में उसकी स्तुति करें।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 46-47
  • इब्रानियों 6