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गुरुवार, 7 दिसंबर 2017

भरोसा


   मैडेलेनो व्यवसाय से एक राज मिस्त्री है। सोमवार से गुरुवार तक वह लोगों के घरों की दीवारें बनाता तथा छतों की मरम्मत करता है। वह स्वभाव का शान्त, तथा अपने काम में भरोसेमन्द और मेहनती है। फिर वह शुक्रवार से इतवार तक पहाड़ों पर चला जाता है जहाँ वह लोगों को परमेश्वर का वचन सिखाता है। मैडेलेनो मैक्सिको के उस इलाके की बोली बोलना जानता है, इसलिए वह सरलता से उस इलाके के लोगों तक प्रभु यीशु का शुभ सन्देश पहुँचा सकता है। उसकी आयु 70 वर्ष की है, परन्तु वह अभी भी लोगों के घर और परमेश्वर के घराने को बनाने के लिए अपने हाथों से मेहनत करता है।

   अनेकों बार उसका जीवन खतरों में पड़ा है। उसे खुले आकाश के नीचे सोना पड़ा है, और कार दुर्घटनाओं तथा ढलानों से गिरने के कारण उसने मृत्यु का सामना भी किया है। परन्तु उसका मानना है कि उसे परमेश्वर ने वही करने के लिए बुलाया है, जो वह कर रहा है, और वह सहर्ष इस सेवकाई को पूरा कर रहा है। उसका विश्वास है कि लोगों को प्रभु के बारे में जानना चाहिए, और इस सेवकाई को करने के लिए वह परमेश्वर की सामर्थ्य पर निर्भर रहता है।

   मैडेलेनो की विश्वासयोग्यता से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई कालेब और यहोशु की विश्वासयोग्यता स्मरण हो आती है, जिन्हें अन्य लोगों के साथ वाचा किए हुए देश की टोह लेने और वापस आकर इस्त्राएलियों को उसके बारे में बताने के लिए भेजा गया था (गिनती 13; यहोशू 14:6-13)। इन दोनों के साथी तो उस देश में रहने वाले लोगों के डील-डौल को देख कर डर गए, और उन्होंने इस्त्राएलियों को भी घबरा दिया; परन्तु यहोशू और कालेब ने परमेश्वर पर भरोसा रखा और इस्त्राएलियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया कि वे परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखें, और परमेश्वर उन्हें उस देश के लोगों पर विजयी होने और उसमें बस जाने के लिए उनकी सहायता करेगा।

   आज जो कार्य हमें सौंपा गया है वह मैडेलेनो, या यहोशू और कालेब से भिन्न हो सकता है; परन्तु परमेश्वर पर हमारा भरोसा उनके जैसा ही होना चाहिए। दुसरों तक प्रभु यीशु के सुसमाचार के साथ पहुँचने के लिए हमें अपनी नहीं वरन परमेश्वर की सामर्थ्य पर भरोसा रखना चाहिए।


जब हम परमेश्वर की आज्ञाकरिता में उसकी सेवकाई करते हैं,
 वह हमें सामर्थी भी करता जाता है।

यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानों परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। आमीन। - 1 पतरस 4:11

बाइबल पाठ: यहोशू 14:6-15
Joshua 14:6 तब यहूदी यहोशू के पास गिलगाल में आए; और कनजी यपुन्ने के पुत्र कालेब ने उस से कहा, तू जानता होगा कि यहोवा ने कादेशबर्ने में परमेश्वर के जन मूसा से मेरे और तेरे विषय में क्या कहा था। 
Joshua 14:7 जब यहोवा के दास मूसा ने मुझे इस देश का भेद लेने के लिये कादेशबर्ने से भेजा था तब मैं चालीस वर्ष का था; और मैं सच्चे मन से उसके पास सन्देश ले आया। 
Joshua 14:8 और मेरे साथी जो मेरे संग गए थे उन्होंने तो प्रजा के लोगों को निराश कर दिया, परन्तु मैं ने अपने परमेश्वर यहोवा की पूरी रीति से बात मानी। 
Joshua 14:9 तब उस दिन मूसा ने शपथ खाकर मुझ से कहा, तू ने पूरी रीति से मेरे परमेश्वर यहोवा की बातों का अनुकरण किया है, इस कारण नि:सन्देह जिस भूमि पर तू अपने पांव धर आया है वह सदा के लिये तेरा और तेरे वंश का भाग होगी। 
Joshua 14:10 और अब देख, जब से यहोवा ने मूसा से यह वचन कहा था तब से पैतालीस वर्ष हो चुके हैं, जिन में इस्राएली जंगल में घूमते फिरते रहे; उन में यहोवा ने अपने कहने के अनुसार मुझे जीवित रखा है; और अब मैं पचासी वर्ष का हूं। 
Joshua 14:11 जितना बल मूसा के भेजने के दिन मुझ में था उतना बल अभी तक मुझ में है; युद्ध करने, वा भीतर बाहर आने जाने के लिये जितनी उस समय मुझ में सामर्थ्य थी उतनी ही अब भी मुझ में सामर्थ्य है। 
Joshua 14:12 इसलिये अब वह पहाड़ी मुझे दे जिसकी चर्चा यहोवा ने उस दिन की थी; तू ने तो उस दिन सुना होगा कि उस में अनाकवंशी रहते हैं, और बड़े बड़े गढ़ वाले नगर भी हैं; परन्तु क्या जाने सम्भव है कि यहोवा मेरे संग रहे, और उसके कहने के अनुसार मैं उन्हें उनके देश से निकाल दूं। 
Joshua 14:13 तब यहोशू ने उसको आशीर्वाद दिया; और हेब्रोन को यपुन्ने के पुत्र कालेब का भाग कर दिया। 
Joshua 14:14 इस कारण हेब्रोन कनजी यपुन्ने के पुत्र कालेब का भाग आज तक बना है, क्योंकि वह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का पूरी रीति से अनुगामी था। 
Joshua 14:15 पहिले समय में तो हेब्रोन का नाम किर्यतर्बा था; वह अर्बा अनाकियों में सब से बड़ा पुरूष था। और उस देश को लड़ाई से शान्ति मिली।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 5-7
  • 2 यूहन्ना


बुधवार, 6 दिसंबर 2017

आज्ञाकारी


   जब जिब्राइल स्वर्गदूत जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के जन्म के विषय में संसार के लिए शुभ सन्देश को लेकर मरियम के पास पहुँचा (लूका 1:26-27; 2:10), तो क्या यह सन्देश उस युवती मरियम के लिए भी शुभ था? संभवतः मरियम के मन में कई विचार उठे होंगे: मैं अपने गर्भवती होने के बारे में अपने परिवार को क्या बाताऊँगी? कहीं मेरा मंगेतर इस मंगनी को तोड़ तो नहीं देगा? नगर के लोग क्या कहेंगे? यदि मुझे क्षमा भी कर दिया गया और मुझे जीवन जीने भी दिया गया, तो मैं अकेली माँ के रूप में कैसे निर्वाह करूँगी?

   जब यूसुफ को मरियम के गर्भवती होने का पता चला, तो वह परेशान हुआ; उसके सामने तीन विकल्प थे। मरियम के साथ अपनी मंगनी को वैसे ही रहने दे और उससे विवाह कर ले; या, उसे त्याग दे और उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित होने दे; या फ़िर चुपचाप मंगनी तोड़ दे और मरियम पर कोई सार्वजनिक अपमान न आने दे। यूसुफ ने तीसरा विकल्प चुना, परन्तु परमेश्वर ने हस्तक्षेप किया और उसे स्वपन में दर्शन देकर उससे कहा, "जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है" (मत्ती 1:20)।

   मरियम और यूसुफ के लिए क्रिसमस, अपने सामने कल्पना से परे गंभीर भावनात्मक चुनौतियों के होते हुए भी, परमेश्वर की आज्ञाकारिता के साथ आरंभ हुआ। उन्होंने अपने विषय परमेश्वर पर भरोसा किया, और ऐसा करने में उन्होंने 1 यूहन्ना 2:5, "पर जो कोई उसके वचन पर चले, उस में सचमुच परमेश्वर का प्रेम सिद्ध हुआ है: हमें इसी से मालूम होता है, कि हम उस में हैं" को अपने जीवन में जी कर दिखाया।

   क्रिसमस के इस मौसम में अपने मनों को परमेश्वर के प्रेम से भर लें, उसके प्रति विश्वासयोग्य बनें, हर बात और हर परिस्थिति के लिए उस पर अपना भरोसा बनाए रखें। जब हम परमेश्वर की आज्ञाकारिता में बने रहेंगे, वह हमारे लिए मार्ग भी बनाता चला जाएगा। - एल्बर्ट ली


परमेश्वर के प्रति प्रेम से भरे हृदय से ही 
परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता प्रवाहित होती है।

वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। - मत्ती 1:21

बाइबल पाठ: लूका 1:26-38
Luke 1:26 छठवें महीने में परमेश्वर की ओर से जिब्राईल स्वर्गदूत गलील के नासरत नगर में एक कुंवारी के पास भेजा गया। 
Luke 1:27 जिस की मंगनी यूसुफ नाम दाऊद के घराने के एक पुरूष से हुई थी: उस कुंवारी का नाम मरियम था। 
Luke 1:28 और स्वर्गदूत ने उसके पास भीतर आकर कहा; आनन्द और जय तेरी हो, जिस पर ईश्वर का अनुग्रह हुआ है, प्रभु तेरे साथ है। 
Luke 1:29 वह उस वचन से बहुत घबरा गई, और सोचने लगी, कि यह किस प्रकार का अभिवादन है? 
Luke 1:30 स्वर्गदूत ने उस से कहा, हे मरियम; भयभीत न हो, क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह तुझ पर हुआ है। 
Luke 1:31 और देख, तू गर्भवती होगी, और तेरे एक पुत्र उत्पन्न होगा; तू उसका नाम यीशु रखना। 
Luke 1:32 वह महान होगा; और परमप्रधान का पुत्र कहलाएगा; और प्रभु परमेश्वर उसके पिता दाऊद का सिंहासन उसको देगा। 
Luke 1:33 और वह याकूब के घराने पर सदा राज्य करेगा; और उसके राज्य का अन्‍त न होगा। 
Luke 1:34 मरियम ने स्वर्गदूत से कहा, यह क्योंकर होगा? मैं तो पुरूष को जानती ही नहीं। 
Luke 1:35 स्वर्गदूत ने उसको उत्तर दिया; कि पवित्र आत्मा तुझ पर उतरेगा, और परमप्रधान की सामर्थ तुझ पर छाया करेगी इसलिये वह पवित्र जो उत्पन्न होने वाला है, परमेश्वर का पुत्र कहलाएगा। 
Luke 1:36 और देख, और तेरी कुटुम्बिनी इलीशिबा के भी बुढ़ापे में पुत्र होने वाला है, यह उसका, जो बांझ कहलाती थी छठवां महीना है। 
Luke 1:37 क्योंकि जो वचन परमेश्वर की ओर से होता है वह प्रभावरिहत नहीं होता। 
Luke 1:38 मरियम ने कहा, देख, मैं प्रभु की दासी हूं, मुझे तेरे वचन के अनुसार हो: तब स्वर्गदूत उसके पास से चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 3-4
  • 1 यूहन्ना 5


मंगलवार, 5 दिसंबर 2017

क्रिसमस


   50 से भी अधिक वर्ष पूर्व, अमेरिका के टेलिविज़न पर, प्रसिद्ध कार्टून पात्र चार्ली ब्राउन से संबंधित A Charlie Brown Christmas (चार्ली ब्राउन का एक क्रिसमस) नामक नाटक सबसे पहली बार प्रसारित किया गया। प्रसारण करने वाली कंपनी के कुछ अधिकारियों का मानना था कि दर्शकों द्वारा उस नाटक की उपेक्षा की जाएगी, तो कुछ अन्य का मानना था कि बाइबल से उद्धृत करने के कारण कुछ दर्षक कुंठित होंगे। कुछ चाहते थे कि चार्ली ब्राउन कार्टून के रचियता, चार्ल्स शुल्टज़ क्रिसमस की कहानी को ही हटा दें, परन्तु शुल्टज़ ने ज़ोर दिया कि वह नहीं हटाई जाए। प्रसारण के साथ ही उस कार्यक्रम को तुरंत बहुत सफलता और सराहना मिली, और तब (1965) से लेकर आज तक इसे प्रति वर्ष प्रसारित किया जाता है।

   उस नाटक में दिखाया गया है कि जब बच्चों को क्रिसमस का नाटक करवाने का प्रयास करने में, माहौल में श्रद्धा के स्थान पर व्याप्त कारोबारी भावनाओं को लेकर खिसिया हुआ नाटक निर्देशक चार्ली ब्राउन, पूछता है कि क्या कोई उसे क्रिसमस का वास्तविक अर्थ बता सकता है? तब एक पात्र लाइनस परमेश्वर के वचन बाइबल से लूका 2:8-14 को दोहराता है, जिनमें ये शब्द भी होते हैं: "आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो" (पद 11-14)। लाइनस फिर कहता है, "चार्ली ब्राउन, क्रिसमस का यही अर्थ है।"

   वर्ष के इस समय में, जब हम अपने सपनों और शंकाओं से भरे हों, तो यूसुफ, मरियम, शिशु यीशु, और स्वर्गदूतों की इस जानी-पहचानी कहानी पर एक बार फिर विचार करें; विचार करें परमेश्वर के महान, निःस्वार्थ प्रेम के सदेह प्रकटिकरण पर; आपके पापों को अपने ऊपर लेकर बलिदान होने के लिए जन्में प्रभु यीशु पर और उस अनन्त आनन्द के जीवन पर जो उसमें लाए गए विश्वास से सेंत-मेंत प्राप्त होता है। यही क्रिसमस का अर्थ है। - डेविड मैक्कैसलैंड


हमें उद्धार और पापों की क्षमा की भेंट देने के लिए 
परमेश्वर ने मानव इतिहास में प्रवेश किया।

जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है। वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। - मत्ती 1:20-21

बाइबल पाठ: लूका 2:8-14
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 1-2
  • 1 यूहन्ना 4


सोमवार, 4 दिसंबर 2017

निश्चिंत


   सामयिक घटनाओं की जानकारी रखने के अपने नकारात्मक पहलू हैं, क्योंकि बुरा समाचार अच्छे समाचार से अधिक रुचिकर होता है, अधिक तेज़ी से फैलता है। व्यक्तियों, भीड़, या प्रशासन, जिनपर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता है, के आपाराधिक कार्यों के विषय चिंतित होना सरल है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 37 ऐसे दैनिक समाचार के प्रति सही रवैया रखने का मार्ग देता है। भजनकार दाऊद इस भजन का आरंभ यह कह कर करता है, "कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करने वालों के विषय डाह न कर" (पद 1)। फिर वह हमारे लिए चिंता से अभीभूतित होने के विकल्प प्रस्तुत करता है। उसके द्वारा दिए गए इन विकल्पों का सार है कि अपने संसार के नकारात्मक समाचारों को चिंता के नहीं वरन परमेश्वर पर रखे गए भरोसे की एक बेहतर सोच के साथ देखें।

   क्या होगा यदि हम अपने नियंत्रण से बाहर घटनाओं के बारे में चिंता करने की बजाए, परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखें? (पद 3)। बस कुड़कुड़ाते ही रहने के स्थान पर यदि हम "यहोवा को अपने सुख का मूल जानें" (पद 4), तो क्या यह हमारे लिए अधिक बेहतर नहीं रहेगा? चिंता से मिलने वाली उस मुक्ति के बारे में ज़रा सोचिए, यदि हम "अपने मार्ग की चिंता यहोवा पर छोड़" दें (पद 5)। और, हम कितने शान्त रह सकते हैं यदि हम "यहोवा के सामने चुपचाप और धीरज से उसकी प्रतीक्षा" करें (पद 7)?

   जिस परेशानी को हम बदल नहीं सकते हैं, उसका समाचार हमें अवसर प्रदान करता है कि हम उससे संबंधित अपनी चिंताओं की सीमाएं निर्धारित कर दें। जब हम परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखेंगे, अपने मार्ग की चिंताएं उसे सौंप देंगे, उसमें विश्राम करेंगे, तो हमारा दृष्टिकोण स्कारात्मक हो जाएगा। वे संघर्ष और परीक्षाएं चाहे न भी जाएं, परन्तु हम पाएंगे कि उन परिस्थितियों में भी परमेश्वर हमें अपनी शान्ति से भर देता है, हमें विपरीत परिस्थितियों में भी निश्चिंत बना देता है। - डेव ब्रैनन


बाधाएं हमें परमेश्वर पर भरोसा रखना सिखाती हैं।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! - भजन 46:10

बाइबल पाठ: भजन 37:1-9
Psalms 37:1 कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करने वालों के विषय डाह न कर! 
Psalms 37:2 क्योंकि वे घास के समान झट कट जाएंगे, और हरी घास के समान मुर्झा जाएंगे। 
Psalms 37:3 यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह। 
Psalms 37:4 यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा।
Psalms 37:5 अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा। 
Psalms 37:6 और वह तेरा धर्म ज्योति के समान, और तेरा न्याय दोपहर के उजियाले के समान प्रगट करेगा।
Psalms 37:7 यहोवा के साम्हने चुपचाप रह, और धीरज से उसका आसरा रख; उस मनुष्य के कारण न कुढ़, जिसके काम सफल होते हैं, और वह बुरी युक्तियों को निकालता है! 
Psalms 37:8 क्रोध से परे रह, और जलजलाहट को छोड़ दे! मत कुढ़, उस से बुराई ही निकलेगी। 
Psalms 37:9 क्योंकि कुकर्मी लोग काट डाले जाएंगे; और जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वही पृथ्वी के अधिकारी होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 47-48
  • 1 यूहन्ना 3


रविवार, 3 दिसंबर 2017

सिद्ध प्रेम


   घाना के अकान लोगों में एक लोकोक्ति है, "गिरगिट उसपर पत्थर फेंकने वालों पर इतना क्रुद्ध नहीं होता है, जितना उन पर होता है जो खड़े होकर उसकी नियति को देखते हुए आनन्दित होने वालों से होता है।" किसी के गिरने या परेशानी में पड़ने पर आनन्दित होना एक प्रकार से उसके उस परिस्थिति में पड़ने के कारण में भागीदार होना है, या फिर उस का और अधिक बुरा होने की इच्छा रखना है।

   यह अम्मोनियों का रवैया था, जो दुर्भावना के साथ आनन्दित हुए जब यरुशलेम में "...तुम ने जो मेरे पवित्रस्थान के विषय जब वह अपवित्र किया गया, और इस्राएल के देश के विषय जब वह उजड़ गया, और यहूदा के घराने के विषय जब वे बंधुआई में गए, अहा, अहा! कहा।" (यहेजकेल 25:3)। इस्त्राएल के दुर्भाग्य पर दुर्भावना के साथ आनन्दित होने के कारण अम्मोनियों को परमेश्वर के प्रकोप को भोगना पड़ा, जिसके भयानक परिणाम हुए (पद 4-7)।

   जब हमारे किसी पड़ौसी पर कोई मुसीबत आती है, या कोई पड़ौसी किसी परेशानी में पड़ता है, तो हमारी प्रतिक्रिया क्या होती है? यदि वह अच्छा और मित्रता का भाव रखने वाला पड़ौसी है तो हम उसके साथ सहानुभूति रखते हैं, उसकी सहायता के लिए जाते हैं। परन्तु यदि वह परेशानियाँ देने वाला, मित्रता न रखने वाला हो, तब? ऐसे में हमारी स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है कि हम उसकी अवहेलना करें, और चुपचाप उसके पतन पर आनन्दित भी हों।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन नामक पुस्तक में चितावनी लिखी है, "जब तेरा शत्रु गिर जाए तब तू आनन्दित न हो, और जब वह ठोकर खाए, तब तेरा मन मगन न हो" (नीतिवचन 24:17)। प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों को इसके विपरीत व्यवहार करना सिखाया, "...अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो" (मत्ती 5:44), जो संसार के प्रति उसके प्रेम का व्यावाहरिक प्रदर्शन होगा (मत्ती 5:45)। जब हम ऐसा प्रेम प्रदर्शित करते हैं, हम अपने प्रभु परमेश्वर के सिद्ध प्रेम का अनुसरण करते हैं। - लॉरेंस दरमानी


अपने पड़ौसी से अपने समान प्रेम रखें।

हे मेरी बैरिन, मुझ पर आनन्द मत कर; क्योंकि ज्योंही मैं गिरूंगा त्योंही उठूंगा; और ज्योंही मैं अन्धकार में पडूंगा त्योंहि यहोवा मेरे लिये ज्योति का काम देगा। - मीका 7:8

बाइबल पाठ: यहेजकेल 25:1-7; मत्ती 5:43-48
Ezekiel 25:1 यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, 
Ezekiel 25:2 हे मनुष्य के सन्तान, अम्मोनियों की ओर मुंह कर के उनके विषय में भविष्यद्वाणी कर। 
Ezekiel 25:3 उन से कह, हे अम्मोनियों, परमेश्वर यहोवा का वचन सुनो, परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि तुम ने जो मेरे पवित्रस्थान के विषय जब वह अपवित्र किया गया, और इस्राएल के देश के विषय जब वह उजड़ गया, और यहूदा के घराने के विषय जब वे बंधुआई में गए, अहा, अहा! कहा। 
Ezekiel 25:4 इस कारण देखो, मैं तुझ को पूरबियों के अधिकार में करने पर हूँ; और वे तेरे बीच अपनी छावनियां डालेंगे और अपने घर बनाएंगे; वे तेरे फल खाएंगे और तेरा दूध पीएंगे। 
Ezekiel 25:5 और मैं रब्बा नगर को ऊंटों के रहने और अम्मोनियों के देश को भेड़-बकरियों के बैठने का स्थान कर दूंगा; तब तुम जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ। 
Ezekiel 25:6 क्योंकि परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तुम ने जो इस्राएल के देश के कारण ताली बजाई और नाचे, और अपने सारे मन के अभिमान से आनन्द किया, 
Ezekiel 25:7 इस कारण देख, मैं ने अपना हाथ तेरे ऊपर बढ़ाया है; और तुझ को जाति जाति की लूट कर दूंगा, और देश देश के लोगों में से तुझे मिटाऊंगा; और देश देश में से नाश करूंगा। मैं तेरा सत्यानाश कर डालूंगा; तब तू जान लेगा कि मैं यहोवा हूँ। 

Matthew 5:43 तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था; कि अपने पड़ोसी से प्रेम रखना, और अपने बैरी से बैर। 
Matthew 5:44 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। 
Matthew 5:45 जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है। 
Matthew 5:46 क्योंकि यदि तुम अपने प्रेम रखने वालों ही से प्रेम रखो, तो तुम्हारे लिये क्या फल होगा? क्या महसूल लेने वाले भी ऐसा ही नहीं करते? 
Matthew 5:47 और यदि तुम केवल अपने भाइयों ही को नमस्‍कार करो, तो कौन सा बड़ा काम करते हो? क्या अन्यजाति भी ऐसा नहीं करते? 
Matthew 5:48 इसलिये चाहिये कि तुम सिद्ध बनो, जैसा तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता सिद्ध है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 45-46
  • 1 यूहन्ना 2


शनिवार, 2 दिसंबर 2017

रत्न


   कलिफ़ोर्निया प्रांत के फ़ोर्ट ब्रैग क्षेत्र के निवासी, बीसवीं शताब्दी के आरंभिक समय में अपने कूड़े को समुद्र तट के पास की एक ऊँची चट्टान से नीचे समुद्र-तट पर फेंक देते थे। टिन के डिब्बे, काँच की बोतलें, मेज़ के टूटे बर्तन, घर का कूड़ा वहाँ बड़े घृणास्पद ढेरों में एकत्रित हो गया। जब निवासियों ने कूड़ा वहाँ फेंकना बन्द भी कर दिया, वह स्थान तब भी शर्मिन्दगी का कारण बना रहा - एक ऐसा कूड़ेदान जो सुधार से परे था। परन्तु वर्षों बीतने के साथ, वहाँ आने वाले समुद्री लहरों ने काँच और चीनी मिट्टी के बर्तनों को और तोड़ दिया, गन्दगी को समुद्र में बहा दिया। लहरों के वेग के कारण काँच के टुकड़े समुद्र की रेत में लुड़कते और घिसते रहे, उनकी सतह घिस कर समतल होती गई, चमकती गई और वे काँच के टुकड़े मणियों के समान चमकने लगे, सुन्दर दिखने लगे। आज उस समुद्र तट पर इस "समुद्री काँच" को रेत में चमकता हुआ देखा जा सकता है और रेत में पड़े उन रंग-बिरंगे तरह तरह के आकार के काँच के टुकड़ों में अब विलक्षण सुन्दरता देखी जा सकती है।

   हो सकता है कि आज आपको लग रहा हो कि आपका जीवन भी एक कूड़ेदान बन गया है - सुधारे जाने से परे का झंझट। यदि ऐसा है तो आपको जानने की आवश्यकता है कि कोई है जो आपसे बहुत प्रेम करता है, आपके जीवन में आना चाहता है, आपको संवारना और सुधारना चाहता है। अपना हृदय प्रभु यीशु को दे दीजिए, और उससे कहिए कि वह आपको शुद्ध और स्वच्छ करे। जब आप प्रभु यीशु को अपने जीवन में काम करने की अनुमति देंगे तो वह आप के खुरदरे किनारों और सतह को रगड़ कर समतल और चमकीला बनाएगा, हो सकता है कि ऐसा करने के लिए उसे आपको कुछ उलट-पलट करना पड़े, रगड़ना पड़े, और आपको संवारने में कुछ समय लगे, परन्तु वह आपको कभी नहीं छोड़ेगा। वह आपको अपना एक बहुमूल्य रत्न बनाकर, आपकी सुन्दरता को संसार के सामने ला कर रहेगा। - डेविड रोपर


परमेश्वर हम से इतना प्रेम करता है कि हमें हमारे हाल में पड़ा नहीं रहने देता है।

और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिसने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा। - फिलिप्पियों 1:6

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 5:23-24
1 Thessalonians 5:23 शान्‍ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्र करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें। 
1 Thessalonians 5:24 तुम्हारा बुलाने वाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 42-44
  • 1 यूहन्ना 1


शुक्रवार, 1 दिसंबर 2017

उद्देश्य


   न्यू यॉर्क टाईम्स में छपे एक लेख के अनुसार, अनेकों अफ्रीकी देशों में, बच्चों के नाम किसी सुप्रसिद्ध अतिथि, या ऐसी कोई विशेष घटना या परिस्थिति जो माता-पिता के लिए अर्थपूर्ण हो, के आधार पर दिए जाते हैं। जब चिकित्सकों ने एक बच्चे के माता-पिता को यह बताया कि उनके पास उस बच्चे की बीमारी का कोई इलाज नहीं है और केवल परमेश्वर ही जानता है कि वह बच्चा बचेगा कि नहीं, तो उन्होंने बच्चे का नाम ’परमेश्वर जानता है’ रख दिया। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसका नाम ’काफी’ इसलिए रखा गया क्योंकि उसके माँ के 13 बच्चे थे और वह अन्तिम था। प्रत्येक के नाम का कोई न कोई अर्थ होता है, और कभी-कभी उस नाम का अर्थ कुछ विशेष भी बताता है।

   प्रभु यीशु के जन्म से पहले, परमेश्वर के एक स्वर्गदूत ने प्रभु यीशु के साँसारिक पिता को उसके विषय में बताया, "वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा" (मत्ती 1:21)। यीशु यूनानी शब्द यहोशु से आया है, जिसका अर्थ होता है, "प्रभु बचाता है।" उस समय और उस संसकृति में अनेकों बच्चों का नाम यीशु रखा गया होगा, परन्तु केवल एक ही वह अभिषिक्त (मस्सा किया हुआ - मसीह) था जिस ने इस संसार में सबके पापों के लिए बलिदान होने के लिए जन्म लिया, जिससे समस्त सँसार में जो कोई भी उसे स्वीकार करे और उस पर विश्वास लाए, वह पापों की क्षमा पाए, पापों के दास्तव से मुक्त हो जाए और अनन्तकाल तक स्वर्ग में प्रभु के साथ रहे।

   जब क्रिसमस का समय निकट आता है तो हम बहुधा चार्ल्स वेसली द्वारा लिखे गी एक स्तुति गीत को गाते हैं, जिसके भाव हैं: "दीर्घ काल से प्रतीक्षित, अपने लोगों को मुक्त करने के लिए जन्में यीशु आईए; हमें हमारे भय और पापों से छुड़ाईए; जिससे आप में हम अपना विश्राम पाएं।"

   प्रभु यीशु मसीह के जन्म का उद्देश्य था समस्त मानव जाति के लिए पाप के अंधकार से अनन्त जीवन की ज्योति की ओर मुड़ने का मार्ग बनाए; हमारी निराशाओं को आशा में परिवर्तित कर दे, और हमें हमारे पापों से बचा ले। जब हम यीशु को अपना प्रभु स्वीकार कर लेते हैं, उससे अपने पापों की क्षमा माँगकर, अपना जीवन उसे समर्पित कर देते हैं, तो हमारे जीवन में उसका यह उद्देश्य पूरा हो जाता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु मसीह के नाम का अर्थ और उद्देश्य एक ही हैं - हमें बचा लेना।

और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें। - प्रेरितों 4:12

बाइबल पाठ: मत्ती 1:18-25
Matthew 1:18 अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उस की माता मरियम की मंगनी यूसुफ के साथ हो गई, तो उन के इकट्ठे होने के पहिले से वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई। 
Matthew 1:19 सो उसके पति यूसुफ ने जो धर्मी था और उसे बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से त्याग देने की मनसा की। 
Matthew 1:20 जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है। 
Matthew 1:21 वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। 
Matthew 1:22 यह सब कुछ इसलिये हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था; वह पूरा हो। 
Matthew 1:23 कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”। 
Matthew 1:24 सो यूसुफ नींद से जागकर प्रभु के दूत की आज्ञा अनुसार अपनी पत्‍नी को अपने यहां ले आया। 
Matthew 1:25 और जब तक वह पुत्र न जनी तब तक वह उसके पास न गया: और उसने उसका नाम यीशु रखा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 40-41
  • 2 पतरस 3