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शनिवार, 24 मार्च 2018

सामर्थ्य


   प्राचीन बैबिलॉन के सैनिकों को कोई भी, गलती से भी, संभ्रांत कतई स्वीकार नहीं कर सकता था। वे निर्दयी, शक्तिशाली, और शातिर थे; और वे दूसरे राष्ट्रों पर ऐसे प्रहार करते थे जैसे उकाब पक्षी अपने शिकार पर करता है। न केवल वे बलवान थे, वरन घमण्डी भी थे। अपने युद्ध कौशल के वे मानो उपासक थे। वास्तव में, परमेश्वर का वचन बाइबल बताती है कि “उनका बल ही उनका देवता था” (हबक्कूक 1:11)।

   जब इस्राएलियों का मिद्यानियों का सामना करने का समय आया, तब परमेश्वर नहीं चाहता था कि बैबिलॉन के सैनिकों के समान घमण्ड इस्राएलियों में भी आए। इसलिए परमेश्वर ने इस्राएलियों के सेनानायक, गिदौन से कहा कि “तब यहोवा ने गिदोन से कहा, जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं” (न्यायियों 7:2)। परिणामस्वरूप, गिदोन ने इस्राएलियों से कहा कि जो भी युद्ध से भयभीत हो वह वापस लौट जाए, और बाईस-हज़ार इस्राएली घर लौट गए, और दस हज़ार रह गए। परमेश्वर इस्राएली सेना को और भी छांटता चला गया, और अन्ततः केवल 300 इस्राएली ही युद्ध करने के लिए शेष रह गए।

   इतने कम सैनिकों के शेष रह जाने का अर्थ था कि इस्राएली अपने शत्रु की सेना के सामने नाटकीय रूप से कम हो गए थे। शत्रु, “टिड्डियों के समान” (पद 12), निकट की तराई में फैले हुए थे, परन्तु इस्राएली मुट्ठी भर ही रह गए थे। परन्तु इस स्थिति के बावजूद, परमेश्वर ने गिदोन की सेना को विजयी किया।

   कभी-कभी परमेश्वर हमारे अपने संसाधनों को इतना कम हो लेने देता है कि हमारे पास केवल परमेश्वर पर भरोसा रखने के और कोई विकल्प नहीं रह जाता है। हमारी आवश्यकताएं उसकी सामर्थ्य को प्रदर्शित करती हैं; उसका आश्वासन है कि “मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा” (यशायाह 41:10)।


परमेश्वर चाहता है कि हम अपनी नहीं वरन उसकी सामर्थ्य पर निर्भर रहें।

यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। - भजन 23:1

बाइबल पाठ: न्यायियों 7:1-8
Judges 7:1 तब गिदोन जो यरूब्बाल भी कहलाता है और सब लोग जो उसके संग थे सवेरे उठे, और हरोद नाम सोते के पास अपने डेरे खड़े किए; और मिद्यानियों की छावनी उनकी उत्तरी ओर मोरे नाम पहाड़ी के पास तराई में पड़ी थी।
Judges 7:2 तब यहोवा ने गिदोन से कहा, जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं।
Judges 7:3 इसलिये तू जा कर लोगों में यह प्रचार कर के सुना दे, कि जो कोई डर के मारे थरथराता हो, वह गिलाद पहाड़ से लौटकर चला जाए। तब बाईस हजार लोग लौट गए, और केवल दस हजार रह गए।
Judges 7:4 फिर यहोवा ने गिदोन से कहा, अब भी लोग अधिक हैं; उन्हें सोते के पास नीचे ले चल, वहां मैं उन्हें तेरे लिये परखूंगा; और जिस जिसके विषय में मैं तुझ से कहूं, कि यह तेरे संग चले, वह तो तेरे संग चले; और जिस जिसके विषय मे मैं कहूं, कि यह तेरे संग न जाए, वह न जाए।
Judges 7:5 तब वह उन को सोते के पास नीचे ले गया; वहां यहोवा ने गिदोन से कहा, जितने कुत्ते की नाईं जीभ से पानी चपड़ चपड़ कर के पीएं उन को अलग रख; और वैसा ही उन्हें भी जो घुटने टेककर पीएं।
Judges 7:6 जिन्होंने मुंह में हाथ लगा चपड़ चपड़ कर के पानी पिया उनकी तो गिनती तीन सौ ठहरी; और बाकी सब लोगों ने घुटने टेककर पानी पिया।
Judges 7:7 तब यहोवा ने गिदोन से कहा, इन तीन सौ चपड़ चपड़ कर के पीने वालों के द्वारा मैं तुम को छुड़ाऊंगा, और मिद्यानियों को तेरे हाथ में कर दूंगा; और सब लोग अपने अपने स्थान को लौट जाएं।
Judges 7:8 तब उन लोगों ने हाथ में भोजन सामग्री ली और अपने अपने नरसिंगे लिये; और उसने इस्राएल के सब पुरूषों को अपने अपने डेरे की ओर भेज दिया, परन्तु उन तीन सौ पुरूषों को अपने पास रख छोड़ा; और मिद्यान की छावनी उसके नीचे तराई में पड़ी थी।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 16-18
  • लूका 2:1-24


शुक्रवार, 23 मार्च 2018

कहानी



   वह पुराना कमरा हाथ से कटी हुई लकड़ी से दक्ष हाथों द्वारा बनाया गया था, और किसी भी पत्रिका के प्रथम पृष्ठ की फोटो में दिखाए जाने के योग्य था। परन्तु उसका निर्माण और ढाँचा केवल आधी ही कहानी थे। कमरे के अन्दर पारिवारिक विरासत की वस्तुएँ दीवारों पर टंगी हुई थीं, जिससे वह सारा घर एक यादगार बन गया था। मेज़ पर हाथ से बुनी हुई अंडे रखने की टोकरी, बिस्किट बनाने की पुरानी तख्ती, और तेल से जलने वाली एक लालटेन रखी हुई थी। सामने के दरवाज़े पर एक पुरानी टोपी टंगी हुई थी। उस कमरे और घर के मालिक ने गर्व से कहा, “प्रत्येक वस्तु की पीछे एक कहानी है।”

   परमेश्वर के वचन बाइबल में जब परमेश्वर ने मूसा को मिलापवाला तम्बू बनाने के निर्देश दिए, तो वहाँ की प्रत्येक वस्तु के पीछे भी एक कहानी थी (निर्गमन 25-27)। उस तम्बू का केवल एक ही  प्रवेश द्वार था, जैसे कि हमारे पास परमेश्वर तक पहुँचने के लिए केवल एक ही मार्ग है (प्रेरितों 4:12)। अन्दर टंगा मोटा पर्दा लोगों को परमेश्वर की उपस्थिति के परम-पवित्र स्थान तक पहुँचने से रोकता था, जैसे हमारा पाप हमें परमेश्वर की उपस्थिति में आने से रोकता है। उस परम-पवित्र स्थान में वाचा का संदूक था, जो परमेश्वर की उपस्थिति का सूचक था। वहाँ जाकर बलिदान चढ़ाने और सेवा करने वाला महायाजक उस आने वाले महान याजक – प्रभु यीशु मसीह का अग्रदूत था। बलिदानों का लहू मसीह यीशु के उस सिद्ध बलिदान की छाया था: “...अपने ही लोहू के द्वारा एक ही बार पवित्र स्थान में प्रवेश किया, और अनन्त छुटकारा प्राप्त किया” (इब्रानियों 9:12)।

   ये सभी बातें मसीह यीशु और उसके द्वारा हमारे उद्धार के लिए किए जाने वाले कार्य की कहानी बताते हैं। मसीह यीशु ने यह सब इसलिए किया ताकि “...बुलाए हुए लोग प्रतिज्ञा के अनुसार अनन्त मीरास को प्राप्त करें” (पद 15)। आज सँसार के सभी लोगों के लिए मसीह यीशु का खुला निमंत्रण है कि वे स्वेच्छा से आएं और उसके साथ जुड़कर इस कहानी का एक भाग बना जाएँ। - टिम गुस्टफसन


प्रभु यीशु ने हमारे पापों को अपने ऊपर ले लिया जिससे हमें उद्धार मिल सके।

और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें। - प्रेरितों 4:12

बाइबल पाठ: इब्रानियों 9:11-15
Hebrews 9:11 परन्तु जब मसीह आने वाली अच्छी अच्छी वस्‍तुओं का महायाजक हो कर आया, तो उसने और भी बड़े और सिद्ध तम्बू से हो कर जो हाथ का बनाया हुआ नहीं, अर्थात इस सृष्‍टि का नहीं।
Hebrews 9:12 और बकरों और बछड़ों के लोहू के द्वारा नहीं, पर अपने ही लोहू के द्वारा एक ही बार पवित्र स्थान में प्रवेश किया, और अनन्त छुटकारा प्राप्त किया।
Hebrews 9:13 क्योंकि जब बकरों और बैलों का लोहू और कलोर की राख अपवित्र लोगों पर छिड़के जाने से शरीर की शुद्धता के लिये पवित्र करती है।
Hebrews 9:14 तो मसीह का लोहू जिसने अपने आप को सनातन आत्मा के द्वारा परमेश्वर के साम्हने निर्दोष चढ़ाया, तुम्हारे विवेक को मरे हुए कामों से क्यों न शुद्ध करेगा, ताकि तुम जीवते परमेश्वर की सेवा करो।
Hebrews 9:15 और इसी कारण वह नई वाचा का मध्यस्थ है, ताकि उस मृत्यु के द्वारा जो पहिली वाचा के समय के अपराधों से छुटकारा पाने के लिये हुई है, बुलाए हुए लोग प्रतिज्ञा के अनुसार अनन्त मीरास को प्राप्त करें।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 13-15
  • लूका 1:57-80



गुरुवार, 22 मार्च 2018

सर्वोत्तम


   हमारे परिवार में मार्च महीने का अर्थ केवल शरद ॠतु का अन्त ही नहीं होता है। इसका अर्थ होता ही कॉलेज के बास्केट-बौल के प्रदर्शन के लिए “मार्च की दीवानगी” का आगमन हो चुका है। उत्साही प्रशंसकों के समान हम बास्केट-बौल स्पर्धाओं को देखते हैं; अपनी पसंदीदा टीम को लेकर उत्साहित होते हैं। यदि हम रेडियो अथवा टीवी पर प्रसारण को थोड़ा सा पहले से सुनना या देखना आरंभ करते  हैं, तो हमें खेल के बारे में प्रसारकों की टिप्पणियाँ और आने वाले खेल का विश्लेषण सुनने, देखने को मिलता है। साथ ही खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे खेल से पहले के अभ्यास को भी देखने और सुनने पाते हैं जिसमें खिलाड़ी अपने टीम के सदस्यों के साथ अभ्यास करते हुए दिखाई देते हैं।

   इस पृथ्वी पर हमारे जीवन बास्केट-बौल के मुख्य खेल से पहले के पूर्व के खेल के समान होने वाले अभ्यास के समान हैं। जीवन रोचक और आने वाली बातों की प्रतिज्ञाओं से भरा पड़ा है, परन्तु हम मसीही विश्वासियों के लिए हमारे परमेश्वर पिता ने जो कुछ आते समय के लिए रख छोड़ा है, उसके सामने वर्तमान की बातें कुछ भी नहीं हैं। यह जानने के आनन्द के विषय थोड़ा विचार कीजिए, कि आज यदि जीवन सुखद भी है तो भी सर्वोत्तम तो अभी आना शेष है। या, जब हम उदारता और आनन्द के साथ उनकी आर्थिक सहायता करते हैं जो किसी कमी-घटी से होकर निकल रहे हैं, तो यह हमारी ओर से स्वर्गीय खजाने को पाने के लिए किए गए उस निवेश के समान है, जिसका प्रतिफल हमें आने वाले अनन्तकाल में मिलेगा। दुःख और पीड़ा के समयों में हम इस तथ्य पर मनन करने से आनन्द और शान्ति प्राप्त कर सकते हैं कि हम मसीही विश्वासियों के लिए पीड़ा और आंसुओं से मुक्त अनन्तकाल प्रतीक्षा कर रहा है। इसलिए इसमें कोई अचरज की बात नहीं के पौलुस हमें उभारते हुए कहता है, “पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ” (कुलुस्सियों 3:2)।

   जिस भविष्य की परमेश्वर हम से प्रतिज्ञा करता है, वह हमें जीवन को सभी आयामों में नए दृष्टिकोण से देखने के लिए सक्षम करता है। हो सकता है कि यह जीवन उत्तम हो, परन्तु सर्वोत्तम आना तो अभी शेष है। यह एक अद्भुत सौभाग्य है कि हम आज यहाँ उस आने वाले सर्वोत्तम की प्रत्याशा में जीवन व्यतीत कर सकते हैं। - जो स्टोवैल


भविष्य के लिए जीना, वर्तमान को सही परिपेक्ष्य में ले आता है।

परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुनीं, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। - 1 कुरिन्थियों 2:9

बाइबल पाठ: कुल्लुस्सियों 3:1-11
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है।
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ।
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है।
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे।
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है।
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है।
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे।
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 10-12
  • लूका 1:39-56


बुधवार, 21 मार्च 2018

ज्योति



   मैं अच्छे से जानती हूँ, लेकिन फिर भी प्रयास करते रहती हूँ। बीज के पैकिट पर दिए गए निर्देश स्पष्ट हैं: “सूर्य के भरपूर प्रकाश की आवश्यकता है” परन्तु मेरे आँगन में मुख्यतः छाँव ही रहती है। मुझे वह पौधा पसंद है; उसका रंग, उसके पत्तों का आकार, उसकी सुगंध, आदि। इसलिए मैं उसके बीज खरीदती हूँ, उन्हें घर लेकर आती हूँ, उन्हें बो कर उनकी बहुत देखभाल करती हूँ। परन्तु वह पौधा मेरे घर में सुखी नहीं रहता है। उसके लिए मेरी देखभाल काफी नहीं है। उसे सूर्य का प्रकाश चाहिए, जो मैं उसके लिए उपलब्ध नहीं करवा पाती हूँ। मुझे लगा कि उस ज्योति की कमी की मैं अन्य प्रकार की देखभाल के द्वारा पूर्ति करने पाऊंगी, परन्तु ऐसा होता नहीं है; पौधों को जो चाहिए, बस वही चाहिए।

   इसी प्रकार लोगों को भी। यद्यापी हम सही से कम स्थितियों में भी कुछ समय तक जीवित रह सकते हैं, हम उनमें फलते-फूलते नहीं हो सकते हैं। हमारी बुनियादी शारीरिक आवश्यकताओं के अतिरिक्त, हमारी आत्मिक आवश्यकताएं भी हैं, जिनकी पूर्ति किसी अन्य विकल्प के द्वारा नहीं हो सकती है।

   पवित्र-शास्त्र कहता है कि मसीही विश्वासी ज्योति की सन्तान हैं। इसका तात्पर्य है कि हमें बढ़ते रहने और फलते-फूलते होने के लिए परमेश्वर की उपस्थिति की पूर्णता में रहना चाहिए (भजन 89:15)। यदि हम परमेश्वर से दूरी के अन्धकार में जीएंगे, तो हम “निष्फल कार्यों” (देखिए इफिसियों 5:3-4, 11) के अतिरिक्त और कुछ उत्पन्न नहीं करने पाएंगे।

   परन्तु यदि हम प्रभु यीशु की ज्योति में, जो जगत की ज्योति भी है, जीएंगे, तो हम उसकी ज्योति के अनुसार फल भी लाएंगे, जो अच्छा, विश्वासयोग्य और सच्चा होता है। - जूली एैकरमैन लिंक


ज्योति की सन्तान प्रभु की ज्योति में चलते हैं।

क्या ही धन्य है वह समाज जो आनन्द के ललकार को पहिचानता है; हे यहोवा, वे लोग तेरे मुख के प्रकाश में चलते हैं – भजन 89:15

बाइबल पाठ: इफिसियों 5:1-16
Ephesians 5:1 इसलिये प्रिय, बालकों के समान परमेश्वर के सदृश बनो।
Ephesians 5:2 और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया।
Ephesians 5:3 और जैसा पवित्र लोगों के योग्य है, वैसा तुम में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो।
Ephesians 5:4 और न निर्लज्ज़ता, न मूढ़ता की बातचीत की, न ठट्ठे की, क्योंकि ये बातें सोहती नहीं, वरन धन्यवाद ही सुना जाएं।
Ephesians 5:5 क्योंकि तुम यह जानते हो, कि किसी व्यभिचारी, या अशुद्ध जन, या लोभी मनुष्य की, जो मूरत पूजने वाले के बराबर है, मसीह और परमेश्वर के राज्य में मीरास नहीं।
Ephesians 5:6 कोई तुम्हें व्यर्थ बातों से धोखा न दे; क्योंकि इन ही कामों के कारण परमेश्वर का क्रोध आज्ञा ने मानने वालों पर भड़कता है।
Ephesians 5:7 इसलिये तुम उन के सहभागी न हो।
Ephesians 5:8 क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान के समान चलो।
Ephesians 5:9 (क्योंकि ज्योति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)।
Ephesians 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है
Ephesians 5:11 और अन्धकार के निष्‍फल कामों में सहभागी न हो, वरन उन पर उलाहना दो।
Ephesians 5:12 क्योंकि उन के गुप्‍त कामों की चर्चा भी लाज की बात है।
Ephesians 5:13 पर जितने कामों पर उलाहना दिया जाता है वे सब ज्योति से प्रगट होते हैं, क्योंकि जो सब कुछ को प्रगट करता है, वह ज्योति है।
Ephesians 5:14 इस कारण वह कहता है, हे सोने वाले जाग और मुर्दों में से जी उठ; तो मसीह की ज्योति तुझ पर चमकेगी।
Ephesians 5:15 इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों के समान नहीं पर बुद्धिमानों के समान चलो।
Ephesians 5:16 और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 7-9
  • लूका 1:21-38



मंगलवार, 20 मार्च 2018

अनुग्रह



   एक महिला घर में नीचे सीफे पर ही सो गई, क्योंकि उसका पति बिस्तर पर पहले ही जाकर सो चुका था। रात में उनके घर में चोर घुस आया और ऊपर सोने के कमरे के टीवी को लेकर जाने लगा, इतने में पति आवाज़ से उठ गया। उसने एक व्यक्ति की आकृत्ति को देखकर समझा कि उसकी पत्नि आई है, और वह धीमी आवाज़ा में बोला, “प्रिय, अब आकर सो जाओ।” वह चोर उसे उठा हुआ देख कर घबरा गया और टीवी को छोड़कर  अलमारी के ऊपर रखी नोटों की एक गड्डी उठाकर भाग निकला।

   उस चोर के लिए एक बहुत चकित होने वाली बात थी, क्योंकि जब उसने उस नोटों की गड्डी को बाहर रौशनी में आकर देखा तो वह मसीही विश्वास के सुसमाचार प्रचार के लिए बांटे जाने वाले पर्चे थे, जो एक ओर $20 के समानता में छपे हुए थे और उनकी दूसरी ओर परमेश्वर के प्रेम और क्षमा के बारे में छापा हुआ था। उस धन की बजाए, जिसकी उस चोर ने उम्मीद की थी, उसे परमेश्वर के प्रेम और पापों से क्षमा के बारे में जानकारी मिली।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड के एक प्रमुख नायक, शाऊल – जो बाद में पौलुस भी कहलाया, का जब प्रभु यीशु के साथ साक्षात्कार हुआ, जब वह दमिश्क मसीही विश्वासियों को बन्दी बनाने के लिए जा रहा था, तब उसके मन में क्या विचार उठे होंगे; क्योंकि वह तो प्रभु यीशु के अनुयायियों को सताने और मार डालने वालों में से एक था (प्रेरितों 9:1-9)। वह भी उसके प्रति परमेश्वर के अनुग्रह से चकित हुआ होगा, क्योंकि उसने इस अनुग्रह को “एक दान” कहा : “और मैं परमेश्वर के अनुग्रह के उस दान के अनुसार, जो उसकी सामर्थ के प्रभाव के अनुसार मुझे दिया गया, उस सुसमाचार का सेवक बना” (इफिसियों 3:7)।

   क्या अपने जीवन में भी परमेश्वर के अनेपक्षित अनुग्रह से आप भी कभी चकित हुए हैं – उसके आपके प्रति प्रेम और क्षमा के द्वारा? परमेश्वर के अनुग्रह के इस अनुभव को दूसरों को अवश्य बताएँ। - ऐनी सेटास


परमेश्वर की असीम सामर्थ्य को अपने सीमित अनुभवों से कभी न तौलें।

परन्तु उसने उसे आज्ञा न दी, और उस से कहा, अपने घर जा कर अपने लोगों को बता, कि तुझ पर दया कर के प्रभु ने तेरे लिये कैसे बड़े काम किए हैं। - मरकुस 5:19

बाइबल पाठ: प्रेरितों 9:1-19
Acts 9:1 और शाऊल जो अब तक प्रभु के चेलों को धमकाने और घात करने की धुन में था, महायाजक के पास गया।
Acts 9:2 और उस से दमिश्क की अराधनालयों के नाम पर इस अभिप्राय की चिट्ठियां मांगी, कि क्या पुरूष, क्या स्त्री, जिन्हें वह इस पंथ पर पाए उन्हें बान्‍ध कर यरूशलेम में ले आए।
Acts 9:3 परन्तु चलते चलते जब वह दमिश्क के निकट पहुंचा, तो एकाएक आकाश से उसके चारों ओर ज्योति चमकी।
Acts 9:4 और वह भूमि पर गिर पड़ा, और यह शब्द सुना, कि हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है?
Acts 9:5 उसने पूछा; हे प्रभु, तू कौन है? उसने कहा; मैं यीशु हूं; जिसे तू सताता है।
Acts 9:6 परन्तु अब उठ कर नगर में जा, और जो कुछ करना है, वह तुझ से कहा जाएगा।
Acts 9:7 जो मनुष्य उसके साथ थे, वे चुपचाप रह गए; क्योंकि शब्द तो सुनते थे, परन्तु किसी को दखते न थे।
Acts 9:8 तब शाऊल भूमि पर से उठा, परन्तु जब आंखे खोलीं तो उसे कुछ दिखाई न दिया और वे उसका हाथ पकड़के दमिश्क में ले गए।
Acts 9:9 और वह तीन दिन तक न देख सका, और न खाया और न पीया।
Acts 9:10 दमिश्क में हनन्याह नाम एक चेला था, उस से प्रभु ने दर्शन में कहा, हे हनन्याह! उसने कहा; हां प्रभु।
Acts 9:11 तब प्रभु ने उस से कहा, उठ कर उस गली में जा जो सीधी कहलाती है, और यहूदा के घर में शाऊल नाम एक तारसी को पूछ ले; क्योंकि देख, वह प्रार्थना कर रहा है।
Acts 9:12 और उसने हनन्याह नाम एक पुरूष को भीतर आते, और अपने ऊपर आते देखा है; ताकि फिर से दृष्टि पाए।
Acts 9:13 हनन्याह ने उत्तर दिया, कि हे प्रभु, मैं ने इस मनुष्य के विषय में बहुतों से सुना है, कि इस ने यरूशलेम में तेरे पवित्र लोगों के साथ बड़ी बड़ी बुराईयां की हैं।
Acts 9:14 और यहां भी इस को महायाजकों की ओर से अधिकार मिला है, कि जो लोग तेरा नाम लेते हैं, उन सब को बान्‍ध ले।
Acts 9:15 परन्तु प्रभु ने उस से कहा, कि तू चला जा; क्योंकि यह, तो अन्यजातियों और राजाओं, और इस्त्राएलियों के साम्हने मेरा नाम प्रगट करने के लिये मेरा चुना हुआ पात्र है।
Acts 9:16 और मैं उसे बताऊंगा, कि मेरे नाम के लिये उसे कैसा कैसा दुख उठाना पड़ेगा।
Acts 9:17 तब हनन्याह उठ कर उस घर में गया, और उस पर अपना हाथ रखकर कहा, हे भाई शाऊल, प्रभु, अर्थात यीशु, जो उस रास्‍ते में, जिस से तू आया तुझे दिखाई दिया था, उसी ने मुझे भेजा है, कि तू फिर दृष्टि पाए और पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो जाए।
Acts 9:18 और तुरन्त उस की आंखों से छिलके से गिरे, और वह देखने लगा और उठ कर बपतिस्मा लिया; फिर भोजन कर के बल पाया।।
Acts 9:19 और वह कई दिन उन चेलों के साथ रहा जो दमिश्क में थे।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 4-6
  • लूका 1:1-20



सोमवार, 19 मार्च 2018

स्मरण



   मुझे समझ नहीं आता है कि ये लोग मुझे कैसे ढूँढ़ लेते हैं, परन्तु मुझे डाक में अधिकाधिक निमंत्रण मिलते जा रहे हैं उन लोगों की ओर से जो मुझे सिखाना चाहते हैं कि नौकरी से सेवानिवृत्ति के पश्चात अधिक से अधिक लाभ कैसे कमाया जाए, और इसके लिए वे चाहते हैं कि मैं उनके द्वारा आयोजित कार्यकर्म का निमंत्रण स्वीकार करके उसमें आऊँ। यह सिलसिला कई वर्ष पहले आरम्भ हुआ था, और तब मुझे निमंत्रण मिलते थे कि मैं सेवानिवृत लोगों के हित के लिए कार्य करने वाली संस्था में सम्मिलित हो जाऊँ। ये सभी निमंत्रण मुझे स्मरण दिलाने के लिए हैं कि “आप वृद्ध हो रहे हैं। वृद्धावस्था के लिए तैयार हो जाईए!”

   अभी तक तो मैं इन सबको अनदेखा करता आ रहा हूँ, परन्तु किसी-न-किसी दिन, मैं इनका कोई निमंत्रण स्वीकार कर बैठूँगा, और उनके किसी कार्यक्रम में चला जाऊँगा। इससे इन्कार नहीं है कि मैं वृद्ध होता जा रहा हूँ, और मुझे इसके बारे में कुछ करने की आवश्यकता है।

   ऐसे ही स्मरण करवाने की बातें मुझे और आपको परमेश्वर के वचन बाइबल से भी मिलती रहती हैं। हम यह जानते और पहचानते हैं कि पवित्र-शास्त्र का वह खण्ड अथवा परिच्छेद जो कह रहा है वह हमारे लिए सही बैठता है, हमें उस पर व्यवहार करना चाहिए। हो सकता ही कि वह परिच्छेद रोमियों 14:13 हो जो हमें एक दूसरे पर दोष लगाने के लिए मना करता है; या फिर 2 कुरिन्थियों 9:6 हो जो हमें उदार मन रखने की शिक्षा देता है; या फिर फिलिप्पियों 1:27-28 जो हमें एकसाथ मिलकर विश्वास और सुसमाचार के लिए कार्य करने को कहता है।

   हम जब परमेश्वर के वचन को पढ़ते हैं, हमारे मार्गदर्शन के लिए हमें स्मरण दिलाने वाली महत्वपूर्ण बातें परमेश्वर की ओर से हमें मिलती रहती हैं। हम परमेश्वर की इन बातों को गंभीरता से लें, और इनका पालन करें, क्योंकि यह स्मरण हमें हमारे प्रेमी परमेश्वर पिता से मिलते हैं जो हमारे लिए भला क्या है हमसे बेहतर जानता है, और सदा हमारा भला ही चाहता है। - डेव ब्रैनन


पवित्रता हमारे अन्दर मसीह द्वारा 
पिता परमेश्वर की इच्छा और आज्ञाओं को पूरा करना है।

सो आगे को हम एक दूसरे पर दोष न लगाएं पर तुम यही ठान लो कि कोई अपने भाई के साम्हने ठेस या ठोकर खाने का कारण न रखे। - रोमियों 14:13

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:27-30
Philippians 1:27 केवल इतना करो कि तुम्हारा चाल-चलन मसीह के सुसमाचार के योग्य हो कि चाहे मैं आकर तुम्हें देखूं, चाहे न भी आऊं, तुम्हारे विषय में यह सुनूं, कि तुम एक ही आत्मा में स्थिर हो, और एक चित्त हो कर सुसमाचार के विश्वास के लिये परिश्रम करते रहते हो।
Philippians 1:28 और किसी बात में विरोधियों से भय नहीं खाते यह उन के लिये विनाश का स्‍पष्‍ट चिन्ह है, परन्तु तुम्हारे लिये उद्धार का, और यह परमेश्वर की ओर से है।
Philippians 1:29 क्योंकि मसीह के कारण तुम पर यह अनुग्रह हुआ कि न केवल उस पर विश्वास करो पर उसके लिये दुख भी उठाओ।
Philippians 1:30 और तुम्हें वैसा ही परिश्रम करना है, जैसा तुम ने मुझे करते देखा है, और अब भी सुनते हो, कि मैं वैसा ही करता हूं।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 1-3
  • मरकुस 16



रविवार, 18 मार्च 2018

भाग निकलें



   जब मेरे पिता अपने बुढ़ापे में मसीह यीशु में विश्वास कर के मसीही बने, तो प्रलोभानों और परीक्षाओं पर जयवंत होने की अपनी योजना से उन्होंने मुझे मुग्ध कर दिया – वे प्रलोभन तथा परीक्षा वाली परिस्थिति से भाग निकलते थे! उदाहरण के लिए यदि किसी पड़ौसी के साथ उनकी कोई असहमति, विवाद में बदलने लगती थी, तो मेरे पिता कुछ समय के लिए वहाँ से चले जाते थे, उस असहमति को झगड़े में बिगड़ने नहीं देते थे। एक दिन वे अपने कुछ पुराने मित्रों के साथ बैठे हुए थे, और उनके मित्रों ने उनकी पसंदीदा स्थानीय मदिरा मँगवाई। अब मसीही विश्वास में आने के बाद क्योंकि पिताजी मदिरापान छोड़ चुके थे, इसलिए उस प्रलोभन के साथ बैठे रहने के स्थान पर, वे उठ कर खड़े हुए, मित्रों को विदा कहा और पुराने मित्रों से उस दिन के लिए अलग चले गए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पढ़ते हैं कि कैसे जब पोतीपर की पत्नि ने यूसुफ पर, जो उसके घर में गुलाम था, डोरे-डालने के प्रयास किए, तो उसने तुरंत पहचाना कि ऐसा करना परमेश्वर के विरुद्ध पाप होगा, और वह वहाँ से भाग गया (उत्पत्ति 39:9-12)।

   प्रलोभन और परिक्षा बहुधा हमारे समक्ष आते हैं, कभी हमारी अपनी लालसाओं के कारण तो कभी परिस्थितियों या हमारे संपर्क में आने वाले लोगों के कारण। लेकिन परमेश्वर हमें आश्वस्त करता है कि , “तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको” (1 कुरिन्थियों 10:13)।

   यह ‘निकास’ उन प्रलोभन लाने वाली बातों को हटा लेने के द्वारा भी हो सकता है, या उन बातों से हमारे भाग निकलने के द्वारा भी। प्रलोभानों और परीक्षाओं में गिरने से बचने के लिए, हमारे लिए सर्वोत्तम मार्ग होता है उन बातों, लोगों और परिस्थितियों से भाग निकलना। - लॉरेंस दर्मानी


प्रत्येक प्रलोभन परमेश्वर की ओर भागने का अवसर होता है।

पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर। - 1 तिमुथियुस 6:11

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 39:1-12
Genesis 39:1 जब यूसुफ मिस्र में पहुंचाया गया, तब पोतीपर नाम एक मिस्री, जो फिरौन का हाकिम, और जल्लादों का प्रधान था, उसने उसको इश्माएलियों के हाथ, से जो उसे वहां ले गए थे, मोल लिया।
Genesis 39:2 और यूसुफ अपने मिस्री स्वामी के घर में रहता था, और यहोवा उसके संग था; सो वह भाग्यवान पुरूष हो गया।
Genesis 39:3 और यूसुफ के स्वामी ने देखा, कि यहोवा उसके संग रहता है, और जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सफल कर देता है।
Genesis 39:4 तब उसकी अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई, और वह उसकी सेवा टहल करने के लिये नियुक्त किया गया: फिर उसने उसको अपने घर का अधिकारी बना के अपना सब कुछ उसके हाथ में सौप दिया।
Genesis 39:5 और जब से उसने उसको अपने घर का और अपनी सारी सम्पत्ति का अधिकारी बनाया, तब से यहोवा यूसुफ के कारण उस मिस्री के घर पर आशीष देने लगा; और क्या घर में, क्या मैदान में, उसका जो कुछ था, सब पर यहोवा की आशीष होने लगी।
Genesis 39:6 सो उसने अपना सब कुछ यूसुफ के हाथ में यहां तक छोड़ दिया: कि अपने खाने की रोटी को छोड़, वह अपनी सम्पत्ति का हाल कुछ न जानता था। और यूसुफ सुन्दर और रूपवान था।
Genesis 39:7 इन बातों के पश्चात ऐसा हुआ, कि उसके स्वामी की पत्नी ने यूसुफ की ओर आंख लगाई; और कहा, मेरे साथ सो।
Genesis 39:8 पर उसने अस्वीकार करते हुए अपने स्वामी की पत्नी से कहा, सुन, जो कुछ इस घर में है मेरे हाथ में है; उसे मेरा स्वामी कुछ नहीं जानता, और उसने अपना सब कुछ मेरे हाथ में सौप दिया है।
Genesis 39:9 इस घर में मुझ से बड़ा कोई नहीं; और उसने तुझे छोड़, जो उसकी पत्नी है; मुझ से कुछ नहीं रख छोड़ा; सो भला, मैं ऐसी बड़ी दुष्टता कर के परमेश्वर का अपराधी क्योंकर बनूं?
Genesis 39:10 और ऐसा हुआ, कि वह प्रति दिन यूसुफ से बातें करती रही, पर उसने उसकी न मानी, कि उसके पास लेटे वा उसके संग रहे।
Genesis 39:11 एक दिन क्या हुआ, कि यूसुफ अपना काम काज करने के लिये घर में गया, और घर के सेवकों में से कोई भी घर के अन्दर न था।
Genesis 39:12 तब उस स्त्री ने उसका वस्त्र पकड़कर कहा, मेरे साथ सो, पर वह अपना वस्त्र उसके हाथ में छोड़कर भागा, और बाहर निकल गया।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47