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रविवार, 8 अप्रैल 2018

स्थानांतरण


   अफ्रीका के घाना देश में लोग सामान्यतः निधन हो जाने की सूचनाएं दीवारों और विज्ञापन पट्टिकाओं पर लगा देते हैं। किसी प्रिय जन के निधन की या उसके अंतिम संस्कार की सूचना की भाषा भी ध्यान आकर्षित करने वाली होती है, जैसे कि “शीघ्र चले गए”, “जीवन का उत्सव”, “बहुत बड़ा सदमा”, आदि। एक बार ऐसी ही एक सूचना का शीर्षक था, “स्थानांतरित हुए” – जो कब्र से आगे के जीवन के लिए संकेत था।

   जब किसी निकट संबंधी अथवा मित्र का देहांत होता है, हम शोकित होते हैं, जैसे कि परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में यूहन्ना रचित सुसमाचार में अपने भाई लाजार की मृत्यु को लेकर मार्था और मरियम हुए थे (यूहन्ना 11:17-27)। हमें दिवंगत प्रिय जन की कमी इतनी खलती है कि हमारे हृदय टूटते हैं और हम विलाप करते, रोते हैं, जैसे कि लाज़रस की मृत्यु के समय प्रभु यीशु भी रोए थे (पद 35)।

   परन्तु ऐसे ही दुखी करने वाले अवसर पर प्रभु यीशु ने मृत्योपरांत जीवन के संबंध में यह आनन्दित करने वाला कथन दिया: “...पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा” (यूहन्ना 11:25)। प्रभु यीशु के इस आश्वासन के आधार पर हम मसीही विश्वासी अपने दिवंगत सह-विश्वासियों को अस्थायी विदा ही कहते हैं। क्योंकि, जैसे पौलुस ने कहा, “...हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे” (1 थिस्सलुनीकियों 4:17)। निःसंदेह, विदा कहना कष्टदायक होता है, परन्तु हम आश्वस्त रह सकते हैं कि जिन्हें हम विदा दे रहे हैं वे प्रभु के सुरक्षित हाथों में हैं।

   स्थानान्तरण आभास देता है कि हम केवल अपना निवास-स्थान बदल रहे हैं। चाहे हमारे लिए पृथ्वी पर जीवन का अन्त है, परन्तु हम अनंतकाल तक बेहतर स्थान और हालात में, वहाँ जहाँ प्रभु यीशु हैं, जीवित रहेंगे; इसीलिए, “इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो” (1 थिस्सलुनीकियों 4:18)। - लॉरेंस दर्मानी


प्रभु यीशु के कारण हम सदा के लिए जीवित रह सकते हैं।

इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं। - 2 कुरिन्थियों 5:8

बाइबल पाठ: यूहन्ना 11:17-27
John 11:17 सो यीशु को आकर यह मालूम हुआ कि उसे कब्र में रखे चार दिन हो चुके हैं।
John 11:18 बैतनिय्याह यरूशलेम के समीप कोई दो मील की दूरी पर था।
John 11:19 और बहुत से यहूदी मारथा और मरियम के पास उन के भाई के विषय में शान्‍ति देने के लिये आए थे।
John 11:20 सो मारथा यीशु के आने का समाचार सुनकर उस से भेंट करने को गई, परन्तु मरियम घर में बैठी रही।
John 11:21 मारथा ने यीशु से कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता, तो मेरा भाई कदापि न मरता।
John 11:22 और अब भी मैं जानती हूं, कि जो कुछ तू परमेश्वर से मांगेगा, परमेश्वर तुझे देगा।
John 11:23 यीशु ने उस से कहा, तेरा भाई जी उठेगा।
John 11:24 मारथा ने उस से कहा, मैं जानती हूं, कि अन्‍तिम दिन में पुनरुत्थान के समय वह जी उठेगा।
John 11:25 यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा।
John 11:26 और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?
John 11:27 उसने उस से कहा, हां हे प्रभु, मैं विश्वास कर चुकी हूं, कि परमेश्वर का पुत्र मसीह जो जगत में आनेवाला था, वह तू ही है।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62


शनिवार, 7 अप्रैल 2018

इच्छा एवं योजना



   मेरे पति जब 18 वर्ष के थे तब उन्होंने कारों की सफाई करने का व्यवसाय आरंभ किया था। उन्होंने एक गैराज को किराए पर लिया, सहायकों को वेतन पर रखा, और विज्ञापन के लिए पर्चे छपवा कर बंटवाए। उनका यह व्यवसाय चल निकला। उनका उद्देश्य था कि वे इस व्यवसाय को बेचकर उससे मिलने वाले धन से अपनी कॉलेज की पढाई का खर्चा उठाएंगे। इसलिए जब एक ग्राहक ने व्यवसाय को खरीदने में रुचि दिखाई तो वे बहुत प्रसन्न हुए। कुछ बातचीत और मोल-भाव के बाद ऐसा लगा कि यह सौदा सफल हो जाएगा; परन्तु एन मौके पर आकर सौदा चूक गया। फिर इसके सात महीन बाद ही व्यवसाय बेचने की उनकी योजना सफल हुई।

   यदि हमारी योजनाओं के संबंध में परमेश्वर की योजनाएं और पूर्ति के समय हमारी इच्छा के अनुसार नहीं होते हैं, तो निराश होना स्वाभाविक होता है। हम परमेश्वर के वचन बाइबल में देखते हैं कि जब राजा दाऊद ने परमेश्वर के मंदिर को बनवाना चाहा, तो उसका उद्देश्य सही था, उसका नेतृत्व सही था, और उसके पास इसके लिए आवश्यक सभी संसाधन थी उपलब्ध थे। परन्तु परमेश्वर ने उसे मंदिर बनावाने से मना किया, क्योंकि उसने युद्ध में बहुत से लोगों का खून बहाया था (1 इतिहास 22:8)।

   परमेश्वर की इस बात को सुनकर दाऊद क्रोधित हो सकता था, खीज कर मुँह फुला सकता था, या फिर अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए परमेश्वर की बात को अनदेखा कर के आगे बढ़ सकता था। परन्तु उसने ऐसा कुछ नहीं किया, वरन दीनता से परमेश्वर के सामने झुक गया और कहा, “...हे यहोवा परमेश्वर! मैं क्या हूँ? और मेरा घराना क्या है? कि तू ने मुझे यहां तक पहुंचाया है” (1 इतिहास 17:16)। इसके आगे दाऊद ने परमेश्वर की आराधना की, और उसके प्रति अपने समर्पण और भक्ति की पुष्टि की। अपनी इच्छाओं से अधिक, वह परमेश्वर के साथ अपने संबंध को महत्व एवँ मूल्य देता था।

   हमारे लिए यह विचार करने की बात है कि हमारे लिए किस का अधिक महत्व और कीमत है – हमारी अपनी इच्छाओं एवँ योजनाओं की पूर्ति होने की, या परमेश्वर के प्रति हमारे प्रेम, समर्पण और आज्ञाकारिता की? – जेनिफर बेन्सन शुल्ट


सच्ची संतुष्टि परमेश्वर की इच्छा के प्रति समर्पित होने से मिलती है।

हे यहोवा, मनुष्य क्या है कि तू उसकी सुधि लेता है, या आदमी क्या है, कि तू उसकी कुछ चिन्ता करता है? – भजन 144:3

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 17:1-20
1 Chronicles 17:1 जब दाऊद अपने भवन में रहने लगा, तब दाऊद ने नातान नबी से कहा, देख, मैं तो देवदारु के बने हुए घर में रहता हूँ, परन्तु यहोवा की वाचा का सन्दूक तम्बू में रहता है।
1 Chronicles 17:2 नातान ने दाऊद से कहा, जो कुछ तेरे मन में हो उसे कर, क्योंकि परमेश्वर तेरे संग है।
1 Chronicles 17:3 उसी दिन रात को परमेश्वर का यह वचन नातान के पास पहुंचा, जा कर मेरे दास दाऊद से कह,
1 Chronicles 17:4 यहोवा यों कहता है, कि मेरे निवास के लिये तू घर बनवाने न पाएगा।
1 Chronicles 17:5 क्योंकि जिस दिन से मैं इस्राएलियों को मिस्र से ले आया, आज के दिन तक मैं कभी घर में नहीं रहा; परन्तु एक तम्बू से दूसरे तम्बू को ओर एक निवास से दूसरे निवास को आया जाया करता हूँ।
1 Chronicles 17:6 जहां जहां मैं ने सब इस्राएलियों के बीच आना जाना किया, क्या मैं ने इस्राएल के न्यायियों में से जिन को मैं ने अपनी प्रजा की चरवाही करने को ठहराया था, किसी से ऐसी बात कभी कही, कि तुम लोगों ने मेरे लिये देवदारु का घर क्यों नहीं बनवाया?
1 Chronicles 17:7 सो अब तू मेरे दास दाऊद से ऐसा कह, कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तो तुझ को भेड़शाला से और भेड़-बकरियों के पीछे पीछे फिरने से इस मनसा से बुला लिया, कि तू मेरी प्रजा इस्राएल का प्रधान हो जाए;
1 Chronicles 17:8 और जहां कहीं तू आया और गया, वहां मैं तेरे संग रहा, और तेरे सब शत्रुओं को तेरे साम्हने से नष्ट किया है। अब मैं तेरे नाम को पृथ्वी के बड़े बड़े लोगों के नामों के समान बड़ा कर दूंगा।
1 Chronicles 17:9 और मैं अपनी प्रजा इस्राएल के लिये एक स्थान ठहराऊंगा, और उसको स्थिर करूंगा कि वह अपने ही स्थान में बसी रहे और कभी चलायमान न हो; और कुटिल लोग उन को नाश न करने पाएंगे, जैसे कि पहिले दिनों में करते थे;
1 Chronicles 17:10 उस समय भी जब मैं अपनी प्रजा इस्राएल के ऊपर न्यायी ठहराता था; सो मैं तेरे सब शत्रुओं को दबा दूंगा। फिर मैं तुझे यह भी बताता हूँ, कि यहोवा तेरा घर बनाये रखेगा।
1 Chronicles 17:11 जब तेरी आयु पूरी हो जायेगी और तुझे अपने पितरों के संग जाना पड़ेगा, तब मैं तेरे बाद तेरे वंश को जो तेरे पुत्रों में से होगा, खड़ा कर के उसके राज्य को स्थिर करूंगा।
1 Chronicles 17:12 मेरे लिये एक घर वही बनाएगा, और मैं उसकी राजगद्दी को सदैव स्थिर रखूंगा।
1 Chronicles 17:13 मैं उसका पिता ठहरूंगा और वह मेरा पुत्र ठहरेगा; और जैसे मैं ने अपनी करुणा उस पर से जो तुझ से पहिले था हटाई, वैसे मैं उस पर से न हटाऊंगा,
1 Chronicles 17:14 वरन मैं उसको अपने घर और अपने राज्य में सदैव स्थिर रखूंगा और उसकी राजगद्दी सदैव अटल रहेगी।
1 Chronicles 17:15 इन सब बातों और इस दर्शन के अनुसार नातान ने दाऊद को समझा दिया।
1 Chronicles 17:16 तब दाऊद राजा भीतर जा कर यहोवा के सम्मुख बैठा, और कहने लगा, हे यहोवा परमेश्वर! मैं क्या हूँ? और मेरा घराना क्या है? कि तू ने मुझे यहां तक पहुंचाया है?
1 Chronicles 17:17 और हे परमेश्वर! यह तेरी दृष्टि में छोटी सी बात हुई, क्योंकि तू ने अपने दास के घराने के विषय भविष्य के बहुत दिनों तक की चर्चा की है, और हे यहोवा परमेश्वर! तू ने मुझे ऊंचे पद का मनुष्य सा जाना है।
1 Chronicles 17:18 जो महिमा तेरे दास पर दिखाई गई है, उसके विषय दाऊद तुझ से और क्या कह सकता है? तू तो अपने दास को जानता है।
1 Chronicles 17:19 हे यहोवा! तू ने अपने दास के निमित्त और अपने मन के अनुसार यह बड़ा काम किया है, कि तेरा दास उसको जान ले।
1 Chronicles 17:20 हे यहोवा! जो कुछ हम ने अपने कानों से सुना है, उसके अनुसार तेरे तुल्य कोई नहीं, और न तुझे छोड़ और कोई परमेश्वर है।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 7-9
  • लूका 9:18-36



शुक्रवार, 6 अप्रैल 2018

क्रूस


   अमेरिका की सबसे अधिक जानी-पहचानी छवियों में से एक है दक्षिणी कैलिफोर्निया में लगा HOLLYWOOD (हॉलीवुड) चिन्ह। सैलानियों के लिए हॉलीवुड के निकट की पहाड़ी पर लगे उस चिन्ह को देखने से चूकना कठिन है। सँसार भर से लोग इस चमक-धमक से भरे शहर की चकाचौंध, वहाँ के मार्ग में सीमेंट में सिनेमा स्टारों के पैरों के निशान देखने कि लिए आते हैं, और उन्हें आशा रहती है कि संभवतः वे मार्ग में चलते हुए किसी सिनेमा स्टार की एक झलक देखने पाएँगे।

   हॉलीवुड की पहाड़ियों में ही लगा किन्तु कम चर्चित एक और चिन्ह भी है “हॉलीवुड पिलग्रिमेज मेमोरियल मॉन्यूमेंट”, जो अनन्त महत्व का एक बहुत ही जाने पहचाने चिन्ह के द्वारा है – एक 32 फुट ऊँचा क्रूस जो पहाड़ी से शहर की ओर रुख किए हुए है। वह क्रूस वहाँ क्रिस्टीन वेदारिल स्टीवेंसन की यादगार में लगाया गया है, जो एक धनी उत्तराधिकारी थीं और जिन्होंने 1920 में पिलग्रिमेज थयेटर की स्थापना की थी, जिसे आज जौन एनसन फोर्ड थयेटर के नाम से जाना जाता है। उसी स्थान पर मसीह यीशु के बारे में नाटक, ‘द पिलग्रिमेज प्ले’ का मंचन होता था।

   ये दोनों चिन्ह एक रोचक तुलना सामने रखते हैं। सिनेमा, अच्छा या बुरा, जैसा भी हो, आता-जाता ही रहेगा। सिनेमा की मनोरंजन के क्षमता, उसके कलाकारों का योगदान, और उसके विषय का समसामयिक होना सदा अस्थायी ही रहेगा।

   परन्तु प्रभु यीशु मसीह का क्रूस हमें इतिहास की वास्तविकता के एक ऐसे नाटक का स्मरण करवाता है जो अपने प्रयोजन तथा महत्व में अनन्त है। मसीह यीशु का कार्य हमारे प्रेमी परमेश्वर पिता की कहानी है जो हम पापी मनुष्यों को पाप से छुड़ाने के लिए हमारे पीछे-पीछे आता है, और हमें सेंट-मेंत में अपनी क्षमा का दान देने की पेशकश करता है। प्रभु के पुनरुत्थान ने मृत्यु को सदा के लिए हरा दिया और हम सबके लिए अनन्त काल का प्रभाव छोड़ा है। प्रभु यीशु के जीवन और मृत्यु तथा मृतकों में से पुनरुत्थान के इस उच्च स्तरीय नाटक की वास्ताविकता की जड़ें इतिहास में जमी हुई है। प्रभु यीशु का क्रूस कभी अपने अर्थ और सामर्थ्य को नहीं खोएगा। - डेनिस फिशर


क्रूस का अर्थ समझने के लिए आपको उसे जानना होगा जो उस पर बलिदान हुआ।

पर ऐसा न हो, कि मैं और किसी बात का घमण्‍ड करूं, केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह के क्रूस का जिस के द्वारा संसार मेरी दृष्टि में और मैं संसार की दृष्टि में क्रूस पर चढ़ाया गया हूं। - गलतियों 6:14

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 1:18-31
1 Corinthians 1:18 क्योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है।
1 Corinthians 1:19 क्योंकि लिखा है, कि मैं ज्ञानवानों के ज्ञान को नाश करूंगा, और समझदारों की समझ को तुच्‍छ कर दूंगा।
1 Corinthians 1:20 कहां रहा ज्ञानवान? कहां रहा शास्त्री? कहां इस संसार का विवादी? क्या परमेश्वर ने संसार के ज्ञान को मूर्खता नहीं ठहराया?
1 Corinthians 1:21 क्योंकि जब परमेश्वर के ज्ञान के अनुसार संसार ने ज्ञान से परमेश्वर को न जाना तो परमेश्वर को यह अच्छा लगा, कि इस प्रचार की मूर्खता के द्वारा विश्वास करने वालों को उद्धार दे।
1 Corinthians 1:22 यहूदी तो चिन्ह चाहते हैं, और यूनानी ज्ञान की खोज में हैं।
1 Corinthians 1:23 परन्तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है।
1 Corinthians 1:24 परन्तु जो बुलाए हुए हैं क्या यहूदी, क्या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है।
1 Corinthians 1:25 क्योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।
1 Corinthians 1:26 हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए।
1 Corinthians 1:27 परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे।
1 Corinthians 1:28 और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्‍छों को, वरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए।
1 Corinthians 1:29 ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के साम्हने घमण्‍ड न करने पाए।
1 Corinthians 1:30 परन्तु उसी की ओर से तुम मसीह यीशु में हो, जो परमेश्वर की ओर से हमारे लिये ज्ञान ठहरा अर्थात धर्म, और पवित्रता, और छुटकारा।
1 Corinthians 1:31 ताकि जैसा लिखा है, वैसा ही हो, कि जो घमण्‍ड करे वह प्रभु में घमण्‍ड करे।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 4-6
  • लूका 9:1-17


गुरुवार, 5 अप्रैल 2018

छोड़ न दें



   सन 1986 में जौन पाईपर ने एक बड़े चर्च के पादरी होने के पद को लगभग छोड़ ही दिया था। उन्होंने अपनी डायरी में उस समय के विषय में लिखा, “मैं बहुत निराश हो चुका हूँ। मैं अपने आप को बिलकुल खाली अनुभव करता हूँ। मुझे लगता है कि मेरे चारों ओर विरोधी भरे पड़े हैं।” लेकिन पाईपर ने छोड़ नहीं दिया, और परमेश्वर ने उसे एक फलती-फूलती सेवकाई का, जिसके प्रभाव उसके अपने चर्च से बहुत बाहर तक अनुभव किए गए, नेतृत्व करने के लिए सक्षम और प्रयोग किया।

   यद्यपि सफलता एक ऐसा शब्द है जिसे सरलता से गलत समझा जा सकता है, लेकिन हम जौन पाईपर की सेवकाई को एक सफल सेवकाई कह सकते हैं। परन्तु यदि उसकी सेवकाई कभी फलती-फूलती न हुई होती तो?

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के विषय देखते हैं कि उसे लड़कपन में ही परमेश्वर ने अपनी सेवकाई के लिए बुला लिया, और उसे आश्वस्त करने तथा उसकी घबराहट का निवारण करने के लिए परमेश्वर ने यिर्मयाह को बताया कि, “गर्भ में रचने से पहिले ही मैं ने तुझ पर चित्त लगाया, और उत्पन्न होने से पहिले ही मैं ने तुझे अभिषेक किया; मैं ने तुझे जातियों का भविष्यद्वक्ता ठहराया” (यिर्मयाह 1:5)।

   परन्तु बाद में अपनी सेवकाई के विषय, अपने बुलाए जाने को लेकर, यिर्मयाह विलाप करता है, “हे मेरी माता, मुझ पर हाय, कि तू ने मुझ ऐसे मनुष्य को उत्पन्न किया जो संसार भर से झगड़ा और वादविवाद करने वाला ठहरा है!” (यिर्मयाह 15:10), जो कि जन्म से पहले ही परमेश्वर की सेवकाई के लिए चुन लिए और बुलाए गए किसी व्यक्ति के लिए विचित्र बात है।

   परमेश्वर ने, अपने वायदे के अनुसार, यिर्मयाह की रक्षा अवश्य करी, परन्तु उसकी सेवकाई कभी भी फलती-फूलती नहीं हुई। उसके लोगों ने कभी उसकी नहीं सुनी, उन्होंने कभी पश्चाताप नहीं किया; उसने उनका संहार होते हुए, उन्हें गुलाम बनाकर ले जाए जाते हुए, देश से भगाए जाकर इधर-उधर तित्तर-बित्तर होते हुए देखा। परन्तु आजीवन निराशा और तिरिस्कार झेलने के बावजूद वह कभी अपनी सेवकाई छोड़ कर चला नहीं गया। वह जानता था कि परमेश्वर ने उसे सफल होने के लिए नहीं, वरन विश्वासयोग्य रहने के लिए बुलाया है। उसने अपने बुलाने वाले परमेश्वर पर भरोसा किया। विरोध और तिरस्कार के बावजूद यिर्मयाह की अपने लोगों के प्रति बनी रहने वाली करुणा, उसे बुलाने और सक्षम करने वाले परमेश्वर के हृदय को दिखाती है, जो सदा इसी प्रतीक्षा में रहता है कि सब जन अपने पापों से फिरकर उसकी ओर लौट कर आ जाएँ। - टिम गुस्ताफासन


जल्दी ही आशा छोड़ देने से सचेत रहें। 
हमारी भावनाएँ भरोसेमंद मार्गदर्शक नहीं हैं। - जौन पाईपर

मैं एक हठीली जाति के लोगों की ओर दिन भर हाथ फैलाए रहा, जो अपनी युक्तियों के अनुसार बुरे मार्गों में चलते हैं। - यशायाह 65:2

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 1:4-10
Jeremiah 1:4 तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
Jeremiah 1:5 गर्भ में रचने से पहिले ही मैं ने तुझ पर चित्त लगाया, और उत्पन्न होने से पहिले ही मैं ने तुझे अभिषेक किया; मैं ने तुझे जातियों का भविष्यद्वक्ता ठहराया।
Jeremiah 1:6 तब मैं ने कहा, हाय, प्रभु यहोवा! देख, मैं तो बोलना ही नहीं जानता, क्योंकि मैं लड़का ही हूँ।
Jeremiah 1:7 परन्तु यहोवा ने मुझ से कहा, मत कह कि मैं लड़का हूँ; क्योंकि जिस किसी के पास मैं तुझे भेजूं वहां तू जाएगा, और जो कुछ मैं तुझे आज्ञा दूं वही तू कहेगा।
Jeremiah 1:8 तू उनके मुख को देखकर मत डर, क्योंकि तुझे छुड़ाने के लिये मैं तेरे साथ हूँ, यहोवा की यही वाणी है।
Jeremiah 1:9 तब यहोवा ने हाथ बढ़ाकर मेरे मुंह को छुआ; और यहोवा ने मुझ से कहा, देख, मैं ने अपने वचन तेरे मुंह में डाल दिए हैं।
Jeremiah 1:10 सुन, मैं ने आज के दिन तुझे जातियों और राज्यों पर अधिकारी ठहराया है; उन्हें गिराने और ढा देने के लिये, नाश करने और काट डालने के लिये, या उन्हें बनाने और रोपने के लिये।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 1-3
  • लूका 8:26-56



बुधवार, 4 अप्रैल 2018

बुद्धिमता और अनुग्रह



   अप्रैल 4, 1968 के दिन अमेरिका में मानव-अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले अश्वेत नेता, डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या कर दी गई, जिससे लाखों लोग क्रुद्ध और मायूस हो गए। इंडियानापोलिस शहर में अधिकतर अश्वेत नागरिकों की एक बड़ी भीड़, रॉबर्ट एफ. केनेडी को सुनने के लिए एकत्रित हुई थी। उनमें से अधिकांश को अभी डॉक्टर किंग की हत्या के बारे में पता नहीं चला था, इसलिए केनेडी को उन्हें यह दुखद समाचार भी बताना पड़ा। उन्होंने लोगों से शान्ति बनाए रखने का आग्रह करते हुए, इस हत्या के कारण, न केवल उन लोगों की व्यथा को स्वीकारा वरन उन्हें अपने दुःख का भी स्मरण करवाया, जो उनके भाई राष्ट्रपति जौन एफ. केनेडी की हत्या के कारण उन्हें और उनके परिवार को हुआ था।

   केनेडी ने इस दुःख को व्यक्त करने के लिए एस्क्लेअस (526-456 ईसा पूर्व) की एक प्राचीन  कविता का एक रूप प्रस्तुत किया : 'हमारी निद्रा में भी, पीड़ा जिसे भूला नहीं जा सकता है, बूंद-बूंद करके हमारे हृदयों पर टपकती है, जब तक कि हमारी निराशा में, हमारी इच्छा के न होते हुए भी, परमेश्वर के विस्मयकारी अनुग्रह द्वारा हमें बुद्धिमत्ता प्राप्त होती है'।

   परमेश्वर के विस्मयकारी अनुग्रह द्वारा हमें बुद्धिमत्ता, एक अद्भुत वाक्य है, जिसका अर्थ है कि जीवन की सबसे कठिन परिस्थितियों में भी परमेश्वर का अनुग्रह हमें श्रद्धा से भरकर बुद्धिमत्ता में बढ़ने का अवसर प्रदान करता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने अपनी पत्री में लिखा, “यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी” (याकूब 1:5)। याकूब ने इससे पहले कहा कि यह बुद्धिमत्ता कठिनाई की मिट्टी में उगती है (पद 2-4), क्योंकि तब हम न केवल परमेश्वर से बुद्धिमत्ता सीखते हैं, वरन परमेश्वर के अनुग्रह में विश्राम पाते हैं। - बिल क्राउडर


परीक्षाओं का अन्धकार परमेश्वर के अनुग्रह को और अधिक ज्योतिर्मय बना देता है।

और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। - 2 कुरिन्थियों 12:9

बाइबल पाठ: याकूब 1:1-8
James 1:1 परमेश्वर के और प्रभु यीशु मसीह के दास याकूब की ओर से उन बारहों गोत्रों को जो तित्तर बित्तर हो कर रहते हैं नमस्‍कार पहुंचे।
James 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
James 1:3 तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है।
James 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।
James 1:5 पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी।
James 1:6 पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है।
James 1:7 ऐसा मनुष्य यह न समझे, कि मुझे प्रभु से कुछ मिलेगा।
James 1:8 वह व्यक्ति दुचित्ता है, और अपनी सारी बातों में चंचल है।


एक साल में बाइबल: 
  • रूत 1-4
  • लूका 8:1-25



मंगलवार, 3 अप्रैल 2018

सेवा



   सन 1878 में जब स्कॉटलैंड निवासी एलेक्जेंडर मैके अफ्रीका के उस इलाके में मसीही मिशनरी बनकर सेवा करने के लिए आए जो आज यूगांडा कहलाता है, तो उन्होंने सबसे पहले एक लोहारखाना लगाया। वहाँ के लोग कौतूहल के साथ एकत्रित होकर अपने हाथों से कार्य करने वाले इस अजनबी को अचरज से देखा करते थे, क्योंकि वे “जानते” थे कि कार्य करना तो महिलाओं के लिए है। उस समय यूगांडा के पुरुष कभी कार्य नहीं करते थे। वे अन्य गाँवों पर हमले करते थे उर दास बनाने के लिए लोगों को पकड़ कर उन्हें बाहर वालों को बेच देते थे। परन्तु अब उनके सामने यह विदेशी था जो अपने हाथों से कार्य कर के उनके लिए खेती करने के औज़ार बना रहा था।

    मैके के कार्य और जीवन ने गाँव वालों के साथ उनके समबन्ध विकसित किए और वहाँ के राजा मूतेसा के साथ भी उनका परिचय करवाया। मैके ने मूतेसा को चुनौती दी कि वे दास व्यापार को बन्द करे, और उसने ऐसा कर भी दिया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम बसलेल और ओहोलिआब के विषय में पढ़ते हैं कि वे परमेश्वर द्वारा चुने और विशिष्ट गुणों से भरे गए जिससे कि वे अपने हाथों के कार्य के द्वारा परमेश्वर की उपासना के लिए मिलावाला तम्बू और उसका सारा सामान बना सकें (निर्गमन 31:1-11)। जैसे मैके ने किया था, उन्होंने भी परमेश्वर का आदर तथा उस की सेवा अपनी योग्यताओं और गुणों के अनुसार परिश्रम करने के द्वारा की।

   हम अपने कार्य को या तो चर्च का कार्य अथवा सांसारिक कार्य कह कर वर्गीकृत करना चाहते हैं। लेकिन वास्तव में दोनों में कोई भिन्नता नहीं है। परमेश्वर ने हम में से प्रत्येक को ऐसे बनाया है जिससे उसके राज्य के लिए हमारे योगदान अद्वितीय एवँ सार्थक हों। चाहे हमारे पास कहाँ और क्या कार्य करना है, इसके विषय कोई अधिक विकल्प न भी हों, तो भी परमेश्वर की हमारे लिए बुलाहट रहती है कि हम जहाँ भी हैं, जो भी कर रहे हैं, वहीं और उसी के द्वारा परमेश्वर को और निकटता से तथा भरपूरी से जानें, और वह हमें दिखाएगा कि वहीं पर उसकी सेवा कैसे करनी है। - रैंडी किल्गोर


हम जहाँ भी हों, परमेश्वर वहीं पर हमें दिखाएगा कि उसकी सेवा कैसे करें।

यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह। यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा। - भजन 37:3-4

बाइबल पाठ: निर्गमन 31:1-11
Exodus 31:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
Exodus 31:2 सुन, मैं ऊरी के पुत्र बसलेल को, जो हूर का पोता और यहूदा के गोत्र का है, नाम ले कर बुलाता हूं।
Exodus 31:3 और मैं उसको परमेश्वर की आत्मा से जो बुद्धि, प्रवीणता, ज्ञान, और सब प्रकार के कार्यों की समझ देनेवाली आत्मा है परिपूर्ण करता हूं,
Exodus 31:4 जिस से वह कारीगरी के कार्य बुद्धि से निकाल निकाल कर सब भांति की बनावट में, अर्थात सोने, चांदी, और पीतल में,
Exodus 31:5 और जड़ने के लिये मणि काटने में, और लकड़ी के खोदने में काम करे।
Exodus 31:6 और सुन, मैं दान के गोत्र वाले अहीसामाक के पुत्र ओहोलीआब को उसके संग कर देता हूं; वरन जितने बुद्धिमान है उन सभों के हृदय में मैं बुद्धि देता हूं, जिस से जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैं ने तुझे दी है उन सभों को वे बनाएं;
Exodus 31:7 अर्थात मिलापवाला तम्बू, और साक्षीपत्र का सन्दूक, और उस पर का प्रायश्चित्तवाला ढकना, और तम्बू का सारा सामान,
Exodus 31:8 और सामान सहित मेज़, और सारे सामान समेत चोखे सोने की दीवट, और धूपवेदी,
Exodus 31:9 और सारे सामान सहित होमवेदी, और पाए समेत हौदी,
Exodus 31:10 और काढ़े हुए वस्त्र, और हारून याजक के याजक वाले काम के पवित्र वस्त्र, और उसके पुत्रों के वस्त्र,
Exodus 31:11 और अभिषेक का तेल, और पवित्र स्थान के लिये सुगन्धित धूप, इन सभों को वे उन सब आज्ञाओं के अनुसार बनाएं जो मैं ने तुझे दी हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 19-21
  • लूका 7:31-50



सोमवार, 2 अप्रैल 2018

मार्ग



   इटालियन कलाकार माईकलेंजलो मेरिसी डा करावाज्जियो (1571-1610) अपने तीक्षण स्वभाव और अपारंपरिक शैली के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कार्यशील साधारण लोगों को नमूना बनाकर संतों के चित्रों को बनाया, और अपने चित्रों में दर्शकों को उस दृश्य का भाग होने का एहसास करवाते थे। प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान के बाद की घटना पर बनाया गया उनका चित्र Supper at Emmaus (इम्माउस में भोजन) में सराय के मालिक को खड़ा हुआ, और प्रभु यीशु तथा उनके दो चेलों को भोजन के लिए मेज़ पर बैठे हुए दिखाया गया; दृश्य उस समय का है जब उन चेलों ने पहचाना कि जो उनके साथ है वह पुनरुत्थान हुआ प्रभु यीशु ही है (लूका 24:31)। चित्र में एक चेला बैठे से खड़ा हो रहा है, जबकि दूसरे की बाहें फ़ैली हुई और हाथ आश्चर्य में खुले हुए हैं।

   लूका, जिसने परमेश्वर के वचन बाइबल में अपने द्वारा लिखे सुसमाचार में इस घटना को दर्ज किया है, बताता है कि ये दो चेले फिर तुरंत यरूशलेम को लौट आए जहाँ उन्हें शेष चेले तथा अन्य लोग एकत्रित मिले, जो कह रहे थे कि “यह सत्य है, प्रभु वास्तव में जी उठा है और शमौन को दिखाई दिया है।” फिर उन दोनों ने बताया कि उनके साथ मार्ग में क्या हुआ, और कैसे रोटी के तोड़ने के समय उन्होंने प्रभु यीशु को पहचाना (पद 33-35)।

   सुप्रसिद्ध मसीही लेखक और प्रचारक ओस्वौल्ड चैम्बर्स ने कहा, “जहाँ हम उसके होने की आशा रखते हैं, प्रभु यीशु वहाँ शायद ही कभी आता है; वह वहाँ प्रगट होता है जहाँ उसके होने की हम सबसे कम आशा रखते हैं, और सदा सबसे कम तर्कसंगत संदर्भ में। एक सेवक प्रभु के प्रति खरा तब ही हो सकता है जब वह उसके अचानक अनपेक्षित आगमन के लिए सदा तैयार रहे।”

   आज हम जिस भी मार्ग पर हों, हम प्रभु यीशु के अपने आप को हम पर नए और आश्चर्जनक तरीकों ने प्रगट करने के लिए तैयार रहें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु को पाने के लिए हमें उसे ढूँढने के लिए तैयार रहना चाहिए।

मैं यहोवा के पास गया, तब उसने मेरी सुन ली, और मुझे पूरी रीति से निर्भय किया। जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया। - भजन 34:4-5

बाइबल पाठ: लूका 24:13-35
Luke 24:13 देखो, उसी दिन उन में से दो जन इम्माऊस नाम एक गांव को जा रहे थे, जो यरूशलेम से कोई सात मील की दूरी पर था।
Luke 24:14 और वे इन सब बातों पर जो हुईं थीं, आपस में बातचीत करते जा रहे थे।
Luke 24:15 और जब वे आपस में बातचीत और पूछताछ कर रहे थे, तो यीशु आप पास आकर उन के साथ हो लिया।
Luke 24:16 परन्तु उन की आंखे ऐसी बन्‍द कर दी गईं थी, कि उसे पहिचान न सके।
Luke 24:17 उसने उन से पूछा; ये क्या बातें हैं, जो तुम चलते चलते आपस में करते हो? वे उदास से खड़े रह गए।
Luke 24:18 यह सुनकर, उनमें से क्‍लियुपास नाम एक व्यक्ति ने कहा; क्या तू यरूशलेम में अकेला परदेशी है; जो नहीं जानता, कि इन दिनों में उस में क्या क्या हुआ है?
Luke 24:19 उसने उन से पूछा; कौन सी बातें? उन्होंने उस से कहा; यीशु नासरी के विषय में जो परमेश्वर और सब लोगों के निकट काम और वचन में सामर्थी भविष्यद्वक्ता था।
Luke 24:20 और महायाजकों और हमारे सरदारों ने उसे पकड़वा दिया, कि उस पर मृत्यु की आज्ञा दी जाए; और उसे क्रूस पर चढ़वाया।
Luke 24:21 परन्तु हमें आशा थी, कि यही इस्त्राएल को छुटकारा देगा, और इन सब बातों के सिवाय इस घटना को हुए तीसरा दिन है।
Luke 24:22 और हम में से कई स्‍त्रियों ने भी हमें आश्चर्य में डाल दिया है, जो भोर को कब्र पर गई थीं।
Luke 24:23 और जब उस की लोथ न पाई, तो यह कहती हुई आईं, कि हम ने स्‍वर्गदूतों का दर्शन पाया, जिन्हों ने कहा कि वह जीवित है।
Luke 24:24 तब हमारे साथियों में से कई एक कब्र पर गए, और जैसा स्‍त्रियों ने कहा था, वैसा ही पाया; परन्तु उसको न देखा।
Luke 24:25 तब उसने उन से कहा; हे निर्बुद्धियों, और भविष्यद्वक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मन्‍दमतियों!
Luke 24:26 क्या अवश्य न था, कि मसीह ये दुख उठा कर अपनी महिमा में प्रवेश करे?
Luke 24:27 तब उसने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ कर के सारे पवित्र शास्‍त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया।
Luke 24:28 इतने में वे उस गांव के पास पहुंचे, जहां वे जा रहे थे, और उसके ढंग से ऐसा जान पड़ा, कि वह आगे बढ़ना चाहता है।
Luke 24:29 परन्तु उन्होंने यह कहकर उसे रोका, कि हमारे साथ रह; क्योंकि संध्या हो चली है और दिन अब बहुत ढल गया है। तब वह उन के साथ रहने के लिये भीतर गया।
Luke 24:30 जब वह उन के साथ भोजन करने बैठा, तो उसने रोटी ले कर धन्यवाद किया, और उसे तोड़कर उन को देने लगा।
Luke 24:31 तब उन की आंखे खुल गईं; और उन्होंने उसे पहचान लिया, और वह उन की आंखों से छिप गया।
Luke 24:32 उन्होंने आपस में कहा; जब वह मार्ग में हम से बातें करता था, और पवित्र शास्त्र का अर्थ हमें समझाता था, तो क्या हमारे मन में उत्तेजना न उत्पन्न हुई?
Luke 24:33 वे उसी घड़ी उठ कर यरूशलेम को लौट गए, और उन ग्यारहों और उन के साथियों को इकट्ठे पाया।
Luke 24:34 वे कहते थे, प्रभु सचमुच जी उठा है, और शमौन को दिखाई दिया है।
Luke 24:35 तब उन्होंने मार्ग की बातें उन्हें बता दीं और यह भी कि उन्होंने उसे रोटी तोड़ते समय क्योंकर पहचाना।
Luke 24:36 वे ये बातें कह ही रहे ये, कि वह आप ही उन के बीच में आ खड़ा हुआ; और उन से कहा, तुम्हें शान्ति मिले।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 16-18
  • लूका 7:1-30