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रविवार, 15 अप्रैल 2018

बलिदान



   डब्ल्यू. टी. स्टेड एक अंग्रेज़ी पत्रकार थे जो 19वीं शताब्दी के अन्त तथा 20वीं शताब्दी के आरंभिक समय में कुछ नया करने की रुचि के साथ कार्य करते थे, और विवादास्पद बातों के बारे में लिखने के लिए जाने जाते थे। उनके द्वारा लिखे गए दो लेख जलयानों में, सवारियों की संख्या के अनुपात में कम रक्षा-नौकाओं के रखे जाने के बारे में थे। विडंबना की बात है कि स्टेड भी टाईटेनिक में यात्रा कर रहे थे जब 15 अप्रैल 1912 को वह एक बर्फ की चट्टान से टकराया और डूब गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं और बच्चों की रक्षा-नौकाओं में चढ़ने में सहायता करने के पश्चात, स्टेड ने रक्षा-नौका में अपने स्थान तथा डूबने से बचाने वाली जैकेट को दूसरे को देने के द्वारा अपने जीवन को भी बलिदान कर दिया।

   दूसरों के लिए स्वयं अपना बलिदान कर देने की बात में कुछ खलबली मचा देने वाला होता है। स्वयं अपना बलिदान कर देने का सर्वोत्तम उदाहरण प्रभु यीशु मसीह हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों का लेखक प्रभु के इस बलिदान के विषय में लिखता है, “पर यह व्यक्ति तो पापों के बदले एक ही बलिदान सर्वदा के लिये चढ़ा कर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। क्योंकि उसने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है” (इब्रानियों 10:12, 14)। गलातिया के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री के आरंभ में प्रेरित पौलुस ने प्रभु यीशु के इस महान बलिदान के विषय में लिखा, “परमेश्वर पिता, और हमारे प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे। उसी ने अपने आप को हमारे पापों के लिये दे दिया, ताकि हमारे परमेश्वर और पिता की इच्छा के अनुसार हमें इस वर्तमान बुरे संसार से छुड़ाए” (गलतियों 1:3-4)।

   प्रभु यीशु का अपने आप को हमारे पापों के लिए बलिदान कर देना, जिससे हम पापों की क्षमा और उद्धार पा सकें, हमारे प्रति उसके प्रेम का प्रमाण और माप है। उनका यह स्वेच्छा से दिया गया बलिदान आज भी लोगों को बचा रहा है, परमेश्वर के साथ परम-आनन्द में अनन्तकाल व्यतीत करने का मार्ग दे रहा है। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु ने हमारे प्रति अपने प्रेम के अन्तर्गत 
हमारे लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।

इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। यूहन्ना 15:13

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:5-18
Hebrews 10:5 इसी कारण वह जगत में आते समय कहता है, कि बलिदान और भेंट तू ने न चाही, पर मेरे लिये एक देह तैयार किया।
Hebrews 10:6 होम-बलियों और पाप-बलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ।
Hebrews 10:7 तब मैं ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूं।
Hebrews 10:8 ऊपर तो वह कहता है, कि न तू ने बलिदान और भेंट और होम-बलियों और पाप-बलियों को चाहा, और न उन से प्रसन्न हुआ; यद्यपि ये बलिदान तो व्यवस्था के अनुसार चढ़ाए जाते हैं।
Hebrews 10:9 फिर यह भी कहता है, कि देख, मैं आ गया हूं, ताकि तेरी इच्छा पूरी करूं; निदान वह पहिले को उठा देता है, ताकि दूसरे को नियुक्त करे।
Hebrews 10:10 उसी इच्छा से हम यीशु मसीह की देह के एक ही बार बलिदान चढ़ाए जाने के द्वारा पवित्र किए गए हैं।
Hebrews 10:11 और हर एक याजक तो खड़े हो कर प्रति दिन सेवा करता है, और एक ही प्रकार के बलिदान को जो पापों को कभी भी दूर नहीं कर सकते; बार बार चढ़ाता है।
Hebrews 10:12 पर यह व्यक्ति तो पापों के बदले एक ही बलिदान सर्वदा के लिये चढ़ा कर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।
Hebrews 10:13 और उसी समय से इस की बाट जोह रहा है, कि उसके बैरी उसके पांवों के नीचे की पीढ़ी बनें।
Hebrews 10:14 क्योंकि उसने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है।
Hebrews 10:15 और पवित्र आत्मा भी हमें यही गवाही देता है; क्योंकि उसने पहिले कहा था
Hebrews 10:16 कि प्रभु कहता है; कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद उन से बान्‍धूंगा वह यह है कि मैं अपनी व्यवस्थाओं को उनके हृदय पर लिखूंगा और मैं उन के विवेक में डालूंगा।
Hebrews 10:17 (फिर वह यह कहता है, कि) मैं उन के पापों को, और उन के अधर्म के कामों को फिर कभी स्मरण न करूंगा।
Hebrews 10:18 और जब इन की क्षमा हो गई है, तो फिर पाप का बलिदान नहीं रहा।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 27-29
  • लूका 13:1-22



शनिवार, 14 अप्रैल 2018

आज का दिन



   सन 1940 में, 27 वर्षीय डॉ. वर्जिनिया कौनाली, बहुत विरोध और आलोचना का सामना करते हुए, एबीलीन, टेक्सास की पहली महिला चिकित्सक बन गईं। सन 2012  में, उनके 100वें जन्मदिन से कुछ माह पहले, टेक्सास मेडिकल एस्सोशिएशन ने उन्हें टेक्सास के सर्वोच्च चिकित्सा पुरूस्कार, विशिष्ट सेवा पुरूस्कार, से सम्मानित किया। इन दो ऐतिहासिक घटनाओं के मध्य, डॉ. कौनाली ने अपनी अनेकों चिकित्सा मिशन यात्राओं के दौरान, बड़े उत्साह के साथ सँसार भर में सुसमाचार के प्रचार के कार्य को किया। दिन-प्रतिदिन के अनुसार जीवन जीते हुए, वे सदा परमेश्वर और मनुष्यों की सेवा के लिए अपना जीवन बिताती रहीं ।
   डॉ. कौनाली के पास्टर, फिल क्रिस्टोफर ने कहा, “उनके लिए प्रत्येक दिन एक उपहार है।” उन्होंने उनके द्वारा लिखे गए एक पत्र को स्मरण करते हुए वह बताया जो उन्होंने लिखा था: “मैं सोचती हूँ कि प्रत्येक यात्रा, प्रत्येक प्रयास, मेरा अंतिम तथा निर्णायक हो सकता है। केवल परमेश्वर ही जानता है। और मेरे लिए यही पर्याप्त है।”

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा, “आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इस में मगन और आनन्दित हों” (भजन 118:24)। कितनी ही बार हम बीते हुए कल की निराशाओं पर, या फिर आने वाले कल की अनिश्चितताओं पर अपने ध्यान केंद्रित करे रहते हैं, और परमेश्वर के अद्भुत उपहार, आज के दिन, के बारे में भूल जाते हैं।

   डॉ. कौनाली ने मसीह के साथ अपनी यात्रा के विषय में कहा, “जब आप विश्वास का जीवन व्यतीत करते हैं तो आप यह नहीं देखते रहते हैं कि आपको परिणाम मिल रहे हैं कि नहीं। मैं तो बस वही करती रही जो परमेश्वर ने मेरे मन और जीवन में उस दिन के लिए डाला।”

   परमेश्वर ने आज के दिन को बनाया है; हम इस दिन का उत्सव मनाएं, और परमेश्वर तथा दूसरों की सेवा के प्रत्येक अवसर का सदुपयोग करें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रत्येक दिन का स्वागत परमेश्वर से मिले उपहार के समान करें।

जैसा कहा जाता है, कि यदि आज तुम उसका शब्द सुनो, तो अपने मनों को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय किया था। - इब्रानियों 3:15

बाइबल पाठ: भजन 118:19-29
Psalms 118:19 मेरे लिये धर्म के द्वार खोलो, मैं उन से प्रवेश कर के याह का धन्यवाद करूंगा।
Psalms 118:20 यहोवा का द्वार यही है, इस से धर्मी प्रवेश करने पाएंगे।
Psalms 118:21 हे यहोवा मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, क्योंकि तू ने मेरी सुन ली है और मेरा उद्धार ठहर गया है।
Psalms 118:22 राजमिस्त्रियों ने जिस पत्थर को निकम्मा ठहराया था वही कोने का सिरा हो गया है।
Psalms 118:23 यह तो यहोवा की ओर से हुआ है, यह हमारी दृष्टि में अद्भुत है।
Psalms 118:24 आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इस में मगन और आनन्दित हों।
Psalms 118:25 हे यहोवा, बिनती सुन, उद्धार कर! हे यहोवा, बिनती सुन, सफलता दे!
Psalms 118:26 धन्य है वह जो यहोवा के नाम से आता है! हम ने तुम को यहोवा के घर से आशीर्वाद दिया है।
Psalms 118:27 यहोवा ईश्वर है, और उसने हम को प्रकाश दिया है। यज्ञपशु को वेदी के सींगों से रस्सियों बान्धो!
Psalms 118:28 हे यहोवा, तू मेरा ईश्वर है, मैं तेरा धन्यवाद करूंगा; तू मेरा परमेश्वर है, मैं तुझ को सराहूंगा।
Psalms 118:29 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा बनी रहेगी!


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 25-26
  • लूका 12:32-59



शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

हृदय



   जब भी मैं शिकागो में ट्रेन से यात्रा करता हूँ, तो मैं “व्यवहार के मौखिक नियमों,” जैसे कि, अपने पास बैठे किसी भी व्यक्ति से कोई बातचीत नहीं करनी यदि आप उनसे पहले से ही परिचित नहीं हैं, आदि का अवश्य ही पालन करता हूँ। लेकिन ऐसा करना मेरे जैसे व्यक्ति के लिए बहुत कठिन होता है क्योंकि मैं अपरिचितों से भी वार्तालाप आरंभ कर लेता हूँ, उन्हें अपरिचित नहीं रहने देता हूँ। यद्यपि मैं खामोश रहने के नियम का पालन करता हूँ, लेकिन मैं ने सीखा है कि बिना बात किए हुए भी, उनके समाचार-पत्र पढ़ने के तरीके से, इसपर ध्यान देने से कि वे समाचार-पत्र का कौन सा भाग पहले और अधिक रुचि के साथ पढ़ते हैं, मैं उनके बारे में काफी जानकारी एकत्रित कर सकता हूँ।

   हमारे चुनाव हमारे व्यवहार को प्रगट करते हैं, परन्तु परमेश्वर को हमारे हृदय की दशा जानने के लिए हमारे चुनावों को देखने की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होती है। हमारे समय और ध्यान को आकर्षित करने और उपयोग करने वाली बातें हमारे बारे में बहुत कुछ कहती हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में प्रभु यीशु ने कहा, “क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा” (लूका 12:34)। हम चाहे अपने आप को कैसा भी दिखाना चाहे, परन्तु अपने समय, धन, योग्यताओं आदि का हम कैसे और किन बातों में निवेश करते हैं, हमारे हृदय की दशा को स्पष्ट प्रगट कर देता है। जब हम अपने व्यवहार की इन बातों को परमेश्वर की बातों और कार्यों में लगाते हैं तो यह दिखाता है कि हमारे हृदय उसके साथ जुड़े हुए हैं, उसको समर्पित हैं।

   परमेश्वर का हृदय अपने लोगों की आवश्यकताओं और अपनी महिमा के प्रति लगा रहता है। आपका व्यवहार और आपके चुनाव आपके हृदय के बारे में क्या प्रगट करते हैं? – जो स्टोवैल


आपका धन क्या और कहाँ है?

इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: लूका 12:22-34
Luke 12:22 फिर उसने अपने चेलों से कहा; इसलिये मैं तुम से कहता हूं, अपने प्राण की चिन्‍ता न करो, कि हम क्या खाएंगे; न अपने शरीर की कि क्या पहिनेंगे।
Luke 12:23 क्योंकि भोजन से प्राण, और वस्‍त्र से शरीर बढ़कर है।
Luke 12:24 कौवों पर ध्यान दो; वे न बोते हैं, न काटते; न उन के भण्‍डार और न खत्ता होता है; तौभी परमेश्वर उन्हें पालता है; तुम्हारा मूल्य पक्षियों से कहीं अधिक है।
Luke 12:25 तुम में से ऐसा कौन है, जो चिन्‍ता करने से अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है?
Luke 12:26 इसलिये यदि तुम सब से छोटा काम भी नहीं कर सकते, तो और बातों के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो?
Luke 12:27 सोसनों के पेड़ों पर ध्यान करो कि वे कैसे बढ़ते हैं; वे न परिश्रम करते, न कातते हैं: तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में, उन में से किसी एक के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
Luke 12:28 इसलिये यदि परमेश्वर मैदान की घास को जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा पहिनाता है; तो हे अल्प विश्वासियों, वह तुम्हें क्यों न पहिनाएगा?
Luke 12:29 और तुम इस बात की खोज में न रहो, कि क्या खाएंगे और क्या पीएंगे, और न सन्‍देह करो।
Luke 12:30 क्योंकि संसार की जातियां इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहती हैं: और तुम्हारा पिता जानता है, कि तुम्हें इन वस्‍तुओं की आवश्यकता है।
Luke 12:31 परन्तु उसके राज्य की खोज में रहो, तो ये वस्‍तुऐं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
Luke 12:32 हे छोटे झुण्ड, मत डर; क्योंकि तुम्हारे पिता को यह भाया है, कि तुम्हें राज्य दे।
Luke 12:33 अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता।
Luke 12:34 क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 22-24
  • लूका 12:1-31



गुरुवार, 12 अप्रैल 2018

पाप और परीक्षा



   वीनस फ्लाए ट्रैप नामक पौधा अपने अन्दर फंसे किसी कीट को 10 दिन में पचा लेता है। यह प्रक्रिया आरंभ होती है जब कोई कीड़ा, संदेह किए बिना उस पौधे के फंदे को बनाने वाले पत्तों पर लगे मधुरस की गंध से आकर्षित होकर उन पत्तों पर आकर बैठता है, और उस मधुरस का स्वाद लेते हुए और अधिक पाने के प्रयास में पत्तों के फंदे में और अन्दर तक चला जाता है, और अन्दर पहुँचकर फंदे में फंस जाता है, आधे सेकेंड के अन्दर पत्ते उस पर बन्द हो जाते हैं और वह कीट अन्दर ही फंसा रह जाता है, जहाँ उसे पचाने वाले पदार्थ होते हैं जो उसे समाप्त कर देते हैं।

   यह मांसाहारी पौधा मुझे पाप की याद दिलाता है जो हमारे लिए भूखा रहता है और यदि हम आकर्षित होकर उसमें फंस जाएँ  तो हमें नाश कर देता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर ने कैन को सचेत किया, “यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा” (उत्पत्ति 4:7); परन्तु इसके कुछ समय बाद ही कैन ने जाकर अपने भाई हाबिल की हत्या कर दी और सदा के लिए श्रापित हो गया।

   हमें फंसाने के लिए पाप हमें किसी नए अनुभव का आनन्द लेने के लिए लुभाता है, हमें आश्वस्त करने का प्रयास करता है कि सही और ईमानदारी का जीवन जीने से कोई लाभ नहीं होता, या हमारे शरीर की इन्द्रियों के आकर्षणों के द्वारा हमें परीक्षाओं में डालने के प्रयास करता है। परन्तु बाइबल हमें मार्ग बताती है कि हम पाप को अपने ऊपर जयवंत होने देने के स्थान पर किस प्रकार पाप पर जयवंत रह सकते हैं। बाइबल कहती है, “पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे” (गलतियों 5:16); “पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर” (1 तिमुथियुस 6:11)।

   हम जब भी परीक्षाओं का सामना करें, हमें पाप से अकेले संघर्ष करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसके लिए हमारे प्रभु परमेश्वर ने हमें अलौकिक सामर्थ्य प्रदान की है। परमेश्वर के आत्मा की सामर्थ्य पर भरोसा रखने और उसके निर्देशों के पालन के द्वारा हम परमेश्वर की महिमा के लिए पाप और परीक्षाओं पर विजयी जीवन जी सकते हैं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


यदि हम परीक्षाओं से भागेंगे नहीं, तो उनमें गिर जाएँगे।

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 4:1-8
Genesis 4:1 जब आदम अपनी पत्नी हव्वा के पास गया तब उसने गर्भवती हो कर कैन को जन्म दिया और कहा, मैं ने यहोवा की सहायता से एक पुरूष पाया है।
Genesis 4:2 फिर वह उसके भाई हाबिल को भी जन्मी, और हाबिल तो भेड़-बकरियों का चरवाहा बन गया, परन्तु कैन भूमि की खेती करने वाला किसान बना।
Genesis 4:3 कुछ दिनों के पश्चात कैन यहोवा के पास भूमि की उपज में से कुछ भेंट ले आया।
Genesis 4:4 और हाबिल भी अपनी भेड़-बकरियों के कई एक पहिलौठे बच्चे भेंट चढ़ाने ले आया और उनकी चर्बी भेंट चढ़ाई; तब यहोवा ने हाबिल और उसकी भेंट को तो ग्रहण किया,
Genesis 4:5 परन्तु कैन और उसकी भेंट को उसने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुंह पर उदासी छा गई।
Genesis 4:6 तब यहोवा ने कैन से कहा, तू क्यों क्रोधित हुआ? और तेरे मुंह पर उदासी क्यों छा गई है?
Genesis 4:7 यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा।
Genesis 4:8 तब कैन ने अपने भाई हाबिल से कुछ कहा: और जब वे मैदान में थे, तब कैन ने अपने भाई हाबिल पर चढ़ कर उसे घात किया।
 Genesis 4:9 तब यहोवा ने कैन से पूछा, तेरा भाई हाबिल कहां है? उसने कहा मालूम नहीं: क्या मैं अपने भाई का रखवाला हूं?
Genesis 4:10 उसने कहा, तू ने क्या किया है? तेरे भाई का लोहू भूमि में से मेरी ओर चिल्ला कर मेरी दोहाई दे रहा है!
Genesis 4:11 इसलिये अब भूमि जिसने तेरे भाई का लोहू तेरे हाथ से पीने के लिये अपना मुंह खोला है, उसकी ओर से तू शापित है।
Genesis 4:12 चाहे तू भूमि पर खेती करे, तौभी उसकी पूरी उपज फिर तुझे न मिलेगी, और तू पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा होगा।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 19-21
  • लूका 11:29-54



बुधवार, 11 अप्रैल 2018

बुद्धिमता



   हेनरी प्रति सप्ताह 70  घंटे कार्य करता था। वह अपने कार्य को पसन्द करता था और अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपने कार्य द्वारा अच्छी आय प्राप्त करता था। वह सदा ही अपने कार्य में बिताए गए समय को कुछ कम करना चाहता था, परन्तु उसने कभी ऐसा किया नहीं। एक संध्या वह एक बड़े अच्छे समाचार के साथ अपने घर आया – उसे अपनी कंपनी का सर्वोच्च पद दिया गया था; परन्तु घर पर कोई नहीं था। समय के साथ, उसके बच्चे बड़े होकर अलग निकल गए थे; उसकी पत्नि ने भी अपने लिए एक जीविका खोज ली थी और वह उसमें व्यस्त हो गई थी। अब हेनरी के साथ उसके आनन्द को बाँटने वाला, उसके अच्छे समाचार को सुनकर हर्षित होने वाला कोई भी नहीं था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा सुलेमान ने कार्य और जीवन के मध्य संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। सुलेमान ने लिखा, “मूर्ख छाती पर हाथ रखे रहता और अपना मांस खाता है” (सभोपदेशक 4:5)। हमें अपने कार्य और जिम्मेदारियों में आलसी होने की सीमा तक भी नहीं जाना चाहिए, परन्तु साथ ही हमें अन्य सभी जिम्मेदारियों को अनदेखा कर के कार्य ही करते रहने की धुन में लगे रहने वाला भी नहीं हो जाना चाहिए, “चैन के साथ एक मुट्ठी उन दो मुट्ठियों से अच्छा है, जिनके साथ परिश्रम और मन का कुढ़ना हो” (सभोपदेशक 4:6)। कहने का अभिप्राय है कि कम कमा कर भी अपनी कमाई का आनन्द लेना कहीं अधिक भला है। सफलता की वेदी पर संबंधों को बलि चढ़ाना मूर्खता है। सँसार की कोई भी उपलब्धि हो, वह अस्थायी ही होती है, जबकि हमारे संबंध ही हैं जो हमारे जीवनों को सार्थक, आनंदमय, और लाभप्रद बनाते हैं (पद 7-12)।

   व्यतीत करने के लिए अपने समय को ठीक से विभिन्न गतिविधियों के लिए बाँटने के द्वारा हम जीने के लिए कार्य करना सीख सकते हैं, न कि कार्य करते रहने के लिए जीते रहना। यदि हम प्रभु परमेश्वर को अपना स्वामी मानकर उसपर भरोसा रखें, उससे प्रार्थना में यह आशीष माँगें, तो अवश्य ही वह हमें जीने के लिए कार्य करने की बुद्धिमता प्रदान करेगा। - पो फंग चिया


समय को बुद्धिमता से बिताने के लिए उसे परमेश्वर के अनन्तकाल में निवेश करें।

पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। - याकूब 1:5

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 4:4-16
Ecclesiastes 4:4 तब में ने सब परिश्रम के काम और सब सफल कामों को देखा जो लोग अपने पड़ोसी से जलन के कारण करते हैं। यह भी व्यर्थ और मन का कुढ़ना है।
Ecclesiastes 4:5 मूर्ख छाती पर हाथ रखे रहता और अपना मांस खाता है।
Ecclesiastes 4:6 चैन के साथ एक मुट्ठी उन दो मुट्ठियों से अच्छा है, जिनके साथ परिश्रम और मन का कुढ़ना हो।
Ecclesiastes 4:7 फिर मैं ने धरती पर यह भी व्यर्थ बात देखी।
Ecclesiastes 4:8 कोई अकेला रहता और उसका कोई नहीं है; न उसके बेटा है, न भाई है, तौभी उसके परिश्रम का अन्त नहीं होता; न उसकी आंखें धन से सन्तुष्ट होती हैं, और न वह कहता है, मैं किस के लिये परिश्रम करता और अपने जीवन को सुखरहित रखता हूं? यह भी व्यर्थ और निरा दु:खभरा काम है।
Ecclesiastes 4:9 एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है।
Ecclesiastes 4:10 क्योंकि यदि उन में से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा; परन्तु हाय उस पर जो अकेला हो कर गिरे और उसका कोई उठाने वाला न हो।
Ecclesiastes 4:11 फिर यदि दो जन एक संग सोए तो वे गर्म रहेंगे, परन्तु कोई अकेला क्योंकर गर्म हो सकता है?
Ecclesiastes 4:12 यदि कोई अकेले पर प्रबल हो तो हो, परन्तु दो उसका साम्हना कर सकेंगे। जो डोरी तीन तागे से बटी हो वह जल्दी नहीं टूटती।
Ecclesiastes 4:13 बुद्धिमान लड़का दरिद्र होने पर भी ऐसे बूढ़े और मूर्ख राजा से अधिक उत्तम है जो फिर सम्मति ग्रहण न करे,
Ecclesiastes 4:14 चाहे वह उसके राज्य में धनहीन उत्पन्न हुआ या बन्दीगृह से निकलकर राजा हुआ हो।
Ecclesiastes 4:15 मैं ने सब जीवतों को जो धरती पर चलते फिरते हैं देखा कि वे उस दूसरे लड़के के संग हो लिये हैं जो उनका स्थान लेने के लिये खड़ा हुआ।
Ecclesiastes 4:16 वे सब लोग अनगिनित थे जिन पर वह प्रधान हुआ था। तौभी भविष्य में होने वाले लोग उसके कारण आनन्दित न होंगे। नि:सन्देह यह भी व्यर्थ और मन का कुढ़ना है।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 17-18
  • लूका 11:1-28



मंगलवार, 10 अप्रैल 2018

मधु



   जब सन 1922 में मिस्र के राजा तूतनखामेन की कब्र मिली, तो उसके अन्दर साथ ही अनेकों ऐसी अन्य वस्तुएँ भी रखी हुई थीं जिन्हें मिस्री परलोक के जीवन के लिए आवश्यक समझते थे, जैसे कि सोने की बनी वेदियाँ, आभूषण, वस्त्र, फर्नीचर, हथियार, और मधु से भरा हुआ एक बर्तन, और 3200 वर्ष के बाद भी वह मधु खाने योग्य था!

   आज हम मधु को मुख्यतः मीठा करने वाली वस्तु समझते हैं, परन्तु प्राचीन सँसार में, उसके अन्य भी उपयोग थे। मधु ही एकमात्र ऐसा भोजन है जिसमें जीवन के लिए आवश्यक सभी तत्व एक साथ मिलते हैं, इसलिए वह पोषण के लिए प्रयोग होता था। इसके अतिरिक्त, मधु में चिकित्सीय गुण भी पाए जाते हैं; इसमें संक्रमण को रोकने की क्षमता होती है, इसलिए इसे घावों की मरहम-पट्टी के लिए भी प्रयोग किया जाता था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब परमेश्वर ने इस्राएलियों को मिस्र से छुड़ाया, तो उसने उनके साथ उन्हें एक ऐसे देश में ले जाकर बसाने की वाचा बांधी जिसमें दूध और मधु की धाराएं बहती थीं (निर्गमन 3:8, 17), जो कि बहुतायत को दिखाने वाला अलंकार है। जब इस्राएलियों के पाप के कारण उनकी यात्रा का समय बढ़ गया, तब जंगल की यात्रा में परमेश्वर ने उन्हें मन्ना खिलाया, जिसका स्वाद मधु के समान था (निर्गमन 16:31)। बाद में इस्राएली एक ही प्रकार के भोजन को लेकर कुड़कड़ाए, परन्तु संभव है कि परमेश्वर उन्हें उस वस्तु के स्वाद का आदि करना चाह रहा था, जिसे वे उस वाचा किए हुए देश में बहुतायत से पाने और उपयोग करने वाले थे।

   परमेश्वर आज भी मधु को अपने वचन और गुणों को हमें स्मरण दिलाने के लिए प्रयोग करता है: “तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं!” (भजन 119:103)। इसलिए हम मसीही विश्वासियों द्वारा बोले गए शब्द भी परमेश्वर द्वारा हमें दिए जाने वाले उसके वचन के मधु के समान ही होने चाहिएँ। - जूली ऐकैर्मैन लिंक


अपना समय अपनी आशीषों को गिनने में लगाएं
 न कि अपनी शिकायतों को व्यक्त करने में।

मन भावने वचन मधु भरे छते के समान प्राणों को मीठे लगते, और हड्डियों को हरी-भरी करते हैं। - नीतिवचन 16:24

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:7-17
Exodus 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है ;
Exodus 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।
Exodus 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाईं पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है,
Exodus 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए।
Exodus 3:11 तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं?
Exodus 3:12 उसने कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा भेजने वाला मैं हूं, तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि जब तू उन लोगों को मिस्र से निकाल चुके तब तुम इसी पहाड़ पर परमेश्वर की उपासना करोगे।
Exodus 3:13 मूसा ने परमेश्वर से कहा, जब मैं इस्राएलियों के पास जा कर उन से यह कहूं, कि तुम्हारे पितरों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, तब यदि वे मुझ से पूछें, कि उसका क्या नाम है? तब मैं उन को क्या बताऊं?
Exodus 3:14 परमेश्वर ने मूसा से कहा, मैं जो हूं सो हूं। फिर उसने कहा, तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।
Exodus 3:15 फिर परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा, कि तू इस्राएलियों से यह कहना, कि तुम्हारे पितरों का परमेश्वर, अर्थात इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर और याकूब का परमेश्वर, यहोवा उसी ने मुझ को तुम्हारे पास भेजा है। देख सदा तक मेरा नाम यही रहेगा, और पीढ़ी पीढ़ी में मेरा स्मरण इसी से हुआ करेगा।
Exodus 3:16 इसलिये अब जा कर इस्राएली पुरनियों को इकट्ठा कर, और उन से कह, कि तुम्हारे पितर इब्राहीम, इसहाक, और याकूब के परमेश्वर, यहोवा ने मुझे दर्शन देकर यह कहा है, कि मैं ने तुम पर और तुम से जो बर्ताव मिस्र में किया जाता है उस पर भी चित लगाया है;
Exodus 3:17 और मैं ने ठान लिया है कि तुम को मिस्र के दुखों में से निकाल कर कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी हिब्बी, और यबूसी लोगों के देश में ले चलूंगा, जो ऐसा देश है कि जिस में दूध और मधु की धारा बहती है।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42



सोमवार, 9 अप्रैल 2018

आनन्दित



   मुझे पक्षियों को फुदकते-चहचहाते देखना अच्छा लगता है। इसलिए कई वर्ष पहले मैंने अपने घर के पीछे के आँगन में पक्षियों के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाया, और कई महीनों तक मैं उन्हें वहाँ आकर आनन्दित होते हुए देखता और उनके आनन्द में स्वयं भी आनन्दित होता था।परन्तु एक दिन एक बाज़ पक्षी ने उस स्थान को देख लिया और उसके लिए वह एक निज शिकारगाह हो गया, और वह सुरक्षित स्थान समाप्त हो गया।
   यही जीवन है; जैसे ही हमें लगता है कि सब कुछ ठीक से चल रहा है, हम निश्चिन्त होकर आराम से बैठ सकते हैं, तभी कुछ-न-कुछ हमारे जीवनों को झकझोर देता है। हम बहुधा यही प्रश्न करते हैं कि जीवन का इतना अधिक भाग आंसुओं के साथ क्यों होता है?

   इस पुरातन प्रश्न के मैंने कई उत्तर सुने हैं, परन्तु अब मैं केवल एक उत्तर से संतुष्ट हूँ: “सँसार का सारा अनुशासन हमें ऐसे बच्चे बनाने के लिए है जिनसे होकर परमेश्वर प्रकट होता है” (जॉर्ज मैकडोनाल्ड, Life Essential)। जब हम बच्चों के समान बन जाते हैं, तब हम अपने परमेश्वर पिता पर भरोसा करना, उसके प्रेम में आश्वस्त रहना सीख जाते हैं; उसे और गहराई से जानना चाहते हैं, उसके समान बनना चाहते हैं।

   हमारे जीवनपर्यन्त चिंताए और दुःख हमारे साथ लगे रहेंगे, परन्तु “इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है। और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं” (2 कुरिन्थियों 4:16-18)।

   इसलिए जब ऐसा अन्त हमारे सामने रखा हुआ है, तो क्या हम उस अति-उत्तम अन्त का ध्यान करके, ढाढ़स के साथ आनन्दित नहीं रह सकते हैं? – डेविड रोपर


स्वर्ग के आनन्द पृथ्वी की कठिनाईयों से कहीं अधिक बढ़कर होंगे।

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीन लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4: 8-18
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरणहार शरीर में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
2 Corinthians 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
2 Corinthians 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
2 Corinthians 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
2 Corinthians 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
2 Corinthians 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।
2 Corinthians 4:18 और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 13-14
  • लूका 10:1-24