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शुक्रवार, 11 मई 2018

नया आरंभ



   मेरे बचपन की मनपसंद पुस्तकों में से एक थी Anne of Green Gables, जिसकी लेखिका थीं लूसी मौड मौन्टगोमरी। उस पुस्तक के एक रोचक भाग में, किशोर ऐनी, केक बनाते समय, गलती से वैनीला के स्थान पर त्वचा के दवाई डाल देती है। बाद में इस गलती के लिए वह अपनी कठोर संरक्षिका के क्रोधपूर्ण हाव-भाव को देखकर बड़ी आशा के साथ उन से कहती है, “कितना अच्छा है कि कल का दिन एक नया दिन होगा, जिसमें अभी तक कोई भी गलती नहीं है।”

   मुझे यह विचार बहुत अच्छा लगा: कल का दिन एक नया दिन है, जब हम सब एक नई शुरूआत कर सकते हैं। गलती हम सब से होती है; परन्तु यह परमेश्वर का अनुग्रह और क्षमा ही है जो हमें प्रत्येक नई भोर का आरंभ एक साफ़ स्लेट के साथ करवाता है। हम जैसे ही पश्चाताप करते हैं, वह हमारे पापों को स्मरण न करने का निर्णय ले लेता है (यिर्मयाह 31:34; इब्रानियों 8:12)।

   हम में से कुछ ने अपने जीवनों में गलत चुनाव किए हैं, परन्तु परमेश्वर की नज़रों में हमारी गलतियाँ, हमारे अतीत के शब्द और कार्य, हमारे भविष्य को परिभाषित नहीं करते हैं। एक नए आरंभ का अवसर सदैव रहता है। हम जब भी प्रभु परमेश्वर से क्षमायाचना करते हैं, तो उसके तथा औरों के साथ अपने संबंधों को पुनःस्थापित करने के लिए हम अपना पहला कदम उठाते हैं, क्योंकि, “यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है” (1 यूहन्ना 1:9)।

   परमेश्वर की करुणा और विश्वासयोग्यता प्रति प्रातः नई होती है (विलापगीत 3:23); इसीलिए हम प्रत्येक नए दिन का नया आरंभ करने पाते हैं। - सिंडी हैस कैस्पर


प्रत्येक नया दिन हमें परमेश्वर की स्तुति और आराधना 
करने के नए अवसर प्रदान करता है।

हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है। - विलापगीत 3:23

बाइबल पाठ: भजन 86:5-15
Psalms 86:5 क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करने वाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है।
Psalms 86:6 हे यहोवा मेरी प्रार्थना की ओर कान लगा, और मेरे गिड़गिड़ाने को ध्यान से सुन।
Psalms 86:7 संकट के दिन मैं तुझ को पुकारूंगा, क्योंकि तू मेरी सुन लेगा।
Psalms 86:8 हे प्रभु देवताओं में से कोई भी तेरे तुल्य नहीं, और न किसी के काम तेरे कामों के बराबर हैं।
Psalms 86:9 हे प्रभु जितनी जातियों को तू ने बनाया है, सब आकर तेरे साम्हने दण्डवत करेंगी, और तेरे नाम की महिमा करेंगी।
Psalms 86:10 क्योंकि तू महान और आश्चर्य कर्म करने वाला है, केवल तू ही परमेश्वर है।
Psalms 86:11 हे यहोवा अपना मार्ग मुझे दिखा, तब मैं तेरे सत्य मार्ग पर चलूंगा, मुझ को एक चित्त कर कि मैं तेरे नाम का भय मानूं।
Psalms 86:12 हे प्रभु हे मेरे परमेश्वर मैं अपने सम्पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा, और तेरे नाम की महिमा सदा करता रहूंगा।
Psalms 86:13 क्योंकि तेरी करूणा मेरे ऊपर बड़ी है; और तू ने मुझ को अधोलोक की तह में जाने से बचा लिया है।
Psalms 86:14 हे परमेश्वर अभिमानी लोग तो मेरे विरुद्ध उठे हैं, और बलात्कारियों का समाज मेरे प्राण का खोजी हुआ है, और वे तेरा कुछ विचार नहीं रखते।
Psalms 86:15 परन्तु प्रभु तू दयालु और अनुग्रहकारी ईश्वर है, तू विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 13-14
  • यूहन्ना 2



गुरुवार, 10 मई 2018

सुरक्षा



   परमेश्वर के वचन बाइबल में नहेम्याह की पुस्तक में विस्थापित इस्राएलियों के लौट कर यरूशलेम को आने और नहेम्याह के नेतृत्व में शहर की दीवार के पुनःनिर्माण के बारे में पढ़ते हैं। दीवार के निर्माण का कार्य लगभग आधा हो चुका था जब उन्हें ज्ञात हुआ कि उनके शत्रु यरुशलेम पर हमले की तैयारी कर रहे हैं। दीवार निर्माण में लगे, थके हुए श्रमिकों के लिए यह समाचार बहुत हतोसाहित कर देने वाला था। नहेम्याह को इसके विषय कुछ करना था। उसने सबसे पहले प्रार्थना की, फिर सामरिक महत्व के स्थानों पर पहरेदारों को नियुक्त किया, और उसके बाद कार्य करने वाले श्रमिकों को हथियारबंद किया: “शहरपनाह के बनाने वाले और बोझ के ढोने वाले दोनों भार उठाते थे, अर्थात एक हाथ से काम करते थे और दूसरे हाथ से हथियार पकड़े रहते थे। और राज अपनी अपनी जांघ पर तलवार लटकाए हुए बनाते थे। और नरसिंगे का फूंकने वाला मेरे पास रहता था” (नहेम्याह4:17-18)।

   आज, हम मसीही विश्वासी जो परमेश्वर के स्वर्गीय राज्य के निर्माण में लगे हैं, हमें भी शैतान के हमलों के विरुद्ध हथियारबंद होना आवश्यक है। हमारा हथियार है परमेश्वर के आत्मा की तलवार, अर्थात परमेश्वर का वचन बाइबल “और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो” (इफिसियों 6: 17)। बाइबल के भागों को कंठस्त करना, उन पर मनन करना और उन्हें अपने व्यावहारिक जीवन में लागू करना हमें सामर्थ्य देता है “...कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको” (इफिसियों 6:11)।

   यदि हम यह सोचते हैं कि परमेश्वर के लिए कार्य करना व्यर्थ है, तो हमें उस वचन को स्मरण करना चाहिए कि जो कुछ हम प्रभु यीशु के लिए करते हैं, उसके प्रतिफल अनन्तकाल तक बने रहेंगे (1 कुरिन्थियों 3:11-15)।यदि हमें भय है कि हमने इतने और ऐसे पाप किए हैं कि परमेश्वर हमें अपने लिए इस्तेमाल नहीं करेगा, तो हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे सारे पाप क्षमा कर दिए गए है और हम प्रभु यीशु के लहू से धो दिए गए हैं (मत्ती 26:28)। यदि हमें भय है कि हम परमेश्वर द्वारा सौंपे गए कार्य को करने में असफल रहेंगे, तो हमें प्रभु यीशु के उस आश्वासन को नहीं भूलना चाहिए कि यदि हम उसमें बने रहेंगे तो फलवन्त भी होंगे (यूहन्ना 15:5)।

   प्रत्येक परिस्थति और संभावना के लिए परमेश्वर का वचन हमारी सुरक्षा और मार्गदर्शक है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


शत्रु के हमलों के विरुद्ध परमेश्वर का वचन हमारी सुरक्षा है।

हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। - इफिसियों 1:7

बाइबल पाठ: नहेम्याह 4:7-18
Nehemiah 4:7 जब सम्बल्लत और तोबियाह और अरबियों, अम्मोनियों और अशदोदियों ने सुना, कि यरूशलेम की शहरपनाह की मरम्मत होती जाती है, और उस में के नाके बन्द होने लगे हैं, तब उन्होंने बहुत ही बुरा माना;
Nehemiah 4:8 और सभों ने एक मन से गोष्ठी की, कि जा कर यरूशलेम से लड़ें, और उस में गड़बड़ी डालें।
Nehemiah 4:9 परन्तु हम लोगों ने अपने परमेश्वर से प्रार्थना की, और उनके डर के मारे उनके विरुद्ध दिन रात के पहरुए ठहरा दिए।
Nehemiah 4:10 और यहूदी कहने लगे, ढोने वालों का बल घट गया, और मिट्टी बहुत पड़ी है, इसलिये शहरपनाह हम से नहीं बन सकती।
Nehemiah 4:11 और हमारे शत्रु कहने लगे, कि जब तक हम उनके बीच में न पहुंचे, और उन्हें घात कर के वह काम बन्द न करें, तब तक उन को न कुछ मालूम होगा, और न कुछ दिखाई पड़ेगा।
Nehemiah 4:12 फिर जो यहूदी उनके आस पास रहते थे, उन्होंने सब स्थानों से दस बार आ आकर, हम लोगों से कहा, तुम को हमारे पास लौट आना चाहिये।
Nehemiah 4:13 इस कारण मैं ने लोगों को तलवारें, बछिर्यां और धनुष देकर शहरपनाह के पीछे सब से नीचे के खुले स्थानों में घराने घराने के अनुसार बैठा दिया।
Nehemiah 4:14 तब मैं देखकर उठा, और रईसों और हाकिमों और और सब लोगों से कहा, उन से मत डरो; प्रभु जो महान और भययोग्य है, उसी को स्मरण कर के, अपने भाइयों, बेटों, बेटियों, स्त्रियों और घरों के लिये युद्ध करना।
Nehemiah 4:15 जब हमारे शत्रुओं ने सुना, कि यह बात हम को मालूम हो गई है और परमेश्वर ने उनकी युक्ति निष्फल की है, तब हम सब के सब शहरपनाह के पास अपने अपने काम पर लौट गए।
Nehemiah 4:16 और उस दिन से मेरे आधे सेवक तो उस काम मे लगे रहे और आधे बछिर्यों, तलवारों, धनुषों और झिलमों को धारण किए रहते थे; और यहूदा के सारे घराने के पीछे हाकिम रहा करते थे।
Nehemiah 4:17 शहरपनाह के बनाने वाले और बोझ के ढोने वाले दोनों भार उठाते थे, अर्थात एक हाथ से काम करते थे और दूसरे हाथ से हथियार पकड़े रहते थे।
Nehemiah 4:18 और राज अपनी अपनी जांघ पर तलवार लटकाए हुए बनाते थे। और नरसिंगे का फूंकने वाला मेरे पास रहता था।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51



बुधवार, 9 मई 2018

प्रोत्साहन



   रिचर्ड को प्रोत्साहन की आवश्यकता थी, और उसे मिल भी गया। वह अपने मित्र केविन के साथ पहाड़ पर चढ़ रहा था, और चढ़ाई करते करते थक गया था तथा चढ़ना बन्द करके अब वापस लौट जाना चाहता था। लेकिन केविन ने उसे समझाया कि इतना चढ़ लेने के पश्चात, अब छोड़ कर वापस लौट जाना उचित नहीं है, उसे और आगे बढ़ते जाने का प्रयास करते रहना चाहिए। इस प्रोत्साहन से उसमें नई हिम्मत आई, और वह पहाड़ की चढ़ाई को पूरी कर सका।

   प्रारंभिक चर्च में,मसीह यीशु के अनुयायी एक दूसरे को प्रोत्साहित करते रहते थी कि वे प्रभु का अनुसरण करते रहें और अपने जीवन तथा व्यवहार से प्रभु की करुणा को लोगों को दिखाते रहें। अनैतिकता से भरे समाज में वे एक-दूसरे से आग्रह करते रहते थे कि पवित्रता का जीवन व्यतीत करें (रोमियों 12:1; 1 थिस्सुलुनीकियों 4:1)। जैसे परमेश्वर उन्हें प्रतिदिन उभारता था, वे मसीही विश्वासी भी एक दूसरे को प्रोत्साहित करते रहते थे (प्रेरितों 13:15)। वे मसीह की देह अर्थात उसके विश्वासियों की मण्डली के लिए एक-दूसरे से प्रार्थना के लिए गुहार लगाते थे (रोमियों 15:30), प्रयास करते थे कि सभी मसीही मण्डली के साथ जुड़े रहें (इब्रानियों 10:25), और एक-दूसरे के प्रति प्रेम में बढ़ते जाएँ (1 थिस्सुलुनीकियों 4:10)।

   अपने मारे जाने और पुनरुत्थान के द्वारा प्रभु यीशु ने हम विश्व भर के मसीही विश्वासियों को एक-दूसरे के साथ जोड़ दिया है। इसलिए यह हमारा विशेषाधिकार और दायित्व है कि प्रभु परमेश्वर की सहायता एवँ मार्गदर्शन के द्वारा अपने सह-विश्वासियों को प्रोत्साहित करते रहें जिससे वे मसीह यीशु में विश्वास और उसकी आज्ञाकारिता की जिम्मेदारी को भली-भांति पूरा करते रहें। - मारविन विलियम्स


इस कारण एक दूसरे को शान्‍ति दो
और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो
निदान, तुम ऐसा करते भी हो। -  1 थिस्सुलुनीकियों 5:11

सो जिन्हों ने उसका वचन ग्रहण किया उन्होंने बपतिस्मा लिया; और उसी दिन तीन हजार मनुष्यों के लगभग उन में मिल गए। और वे प्रेरितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने में और रोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे। - प्रेरितों 2:41-42

बाइबल पाठ: 1 थिस्सुलुनीकियों 4:1-12
1 Thessalonians 4:1 निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ।
1 Thessalonians 4:2 क्योंकि तुम जानते हो, कि हम ने प्रभु यीशु की ओर से तुम्हें कौन कौन सी आज्ञा पहुंचाई।
1 Thessalonians 4:3 क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम पवित्र बनो: अर्थात व्यभिचार से बचे रहो।
1 Thessalonians 4:4 और तुम में से हर एक पवित्रता और आदर के साथ अपने पात्र को प्राप्त करना जाने।
1 Thessalonians 4:5 और यह काम अभिलाषा से नहीं, और न उन जातियों के समान, जो परमेश्वर को नहीं जानतीं।
1 Thessalonians 4:6 कि इस बात में कोई अपने भाई को न ठगे, और न उस पर दांव चलाए, क्योंकि प्रभु इन सब बातों का पलटा लेने वाला है; जैसा कि हम ने पहिले तुम से कहा, और चिताया भी था।
1 Thessalonians 4:7 क्योंकि परमेश्वर ने हमें अशुद्ध होने के लिये नहीं, परन्तु पवित्र होने के लिये बुलाया है।
1 Thessalonians 4:8 इस कारण जो तुच्‍छ जानता है, वह मनुष्य को नहीं, परन्तु परमेश्वर को तुच्‍छ जानता है, जो अपना पवित्र आत्मा तुम्हें देता है।
1 Thessalonians 4:9 किन्‍तु भाईचारे की प्रीति के विषय में यह अवश्य नहीं, कि मैं तुम्हारे पास कुछ लिखूं; क्योंकि आपस में प्रेम रखना तुम ने आप ही परमेश्वर से सीखा है।
1 Thessalonians 4:10 और सारे मकिदुनिया के सब भाइयों के साथ ऐसा करते भी हो, पर हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि और भी बढ़ते जाओ।
1 Thessalonians 4:11 और जैसी हम ने तुम्हें आज्ञा दी, वैसे ही चुपचाप रहने और अपना अपना काम काज करने, और अपने अपने हाथों से कमाने का प्रयत्न करो।
1 Thessalonians 4:12 कि बाहर वालों के साथ सभ्यता से बर्ताव करो, और तुम्हें किसी वस्तु की घटी न हो।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 7-9
  • यूहन्ना 1:1-28



मंगलवार, 8 मई 2018

अनदेखा



   ब्लॉगिंग समुदाय के अन्य लोगों के समान, मैं भी उस व्यक्ति से कभी नहीं मिला था, जिसे हम ‘ब्रूस सी’ के नाम से जानते थे। परन्तु फिर भी जब  उसकी पत्नि ने हम सबको ब्लॉग पर एक नोट लिखकर सूचित किया कि ब्रूस का देहांत हो है, अनेकों स्थानों से आने वाले प्रतिउत्तरों ने हमें अवगत करवा दिया कि हम सब ने एक मित्र खो दिया है।

   ‘ब्रूस सी’ हम सब से दिल खोल कर वार्तालाप करता था। औरों के प्रति अपनी चिन्ता के विषय तथा उसके विषय जो उसे महत्वपूर्ण लगता था, वह उन्मुक्त होकर कहता था। हम में से अनेकों को लगता था कि हम उसे निकटता से जानते हैं। कानून का पालन करवाने और मसीह यीशु में विश्वास के वर्षों के अनुभव से आने वाली उसकी समझदारी तथा कोमल बुद्धिमता के अभाव का एहसास अब हमारे साथ बना रहेगा।

   ‘ब्रूस सी’ के साथ होने वाले ऑनलाइन संवादों को याद करने से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के एक प्रथम शताब्दी के गवाह द्वारा लिखे गए शब्द स्मरण हो आए। प्रभु यीशु के शिष्य, प्रेरित पतरस ने बाइबल के नए नियम खण्ड में लिखी अपनी पहली पत्री में रोमी साम्राज्य में तित्तर-बित्तर होकर रहने वाले मसीही विश्वासियों को संबोधित करते हुए कहा, “उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है” (1 पतरस 1:8)।

   प्रभु यीशु मसीह का शिष्य तथा निकट मित्र होने के नाते पतरस उन लोगों को लिख रहा था जिन्होंने प्रभु यीशु मसीह के विषय में केवल सुना ही था लेकिन फिर भी उससे अपने कष्टों में भी शान्ति और सांत्वना प्राप्त की थी। वे मसीही विश्वासियों के वृहत समुदाय का भाग थे और उस समुदाय के अन्य लोगों के समान, मसीह से प्रेम रखते थे। वे जानते थे कि मसीह यीशु ने अपने प्राणों की कीमत देकर उन्हें परमेश्वर के अनन्त परिवार में सम्मिलित किया है।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए चाहे मसीह यीशु अनदेखा है, परन्तु अनजाना नहीं है; हम प्रतिदिन उसे और उसकी देखरेख को अनुभव करते हैं। - मार्ट डीहॉन


मसीह यीशु के प्रति हमारा प्रेम, 
हमारे पड़ौसी के प्रति हमारे प्रेम के जितना ही वास्तविक है।

यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया। - यूहन्ना 20:29

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:1-9
1 Peter 1:1 पतरस की ओर से जो यीशु मसीह का प्रेरित है, उन परदेशियों के नाम, जो पुन्‍तुस, गलतिया, कप्‍पदुकिया, आसिया, और बिथुनिया में तित्तर बित्तर हो कर रहते हैं।
1 Peter 1:2 और परमेश्वर पिता के भविष्य ज्ञान के अनुसार, आत्मा के पवित्र करने के द्वारा आज्ञा मानने, और यीशु मसीह के लोहू के छिड़के जाने के लिये चुने गए हैं। तुम्हें अत्यन्‍त अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया।
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये।
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है।
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो।
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे।
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 4-6
  • लूका 24:36-53



सोमवार, 7 मई 2018

आशीष



   परमेश्वर के वचन बाइबल का एक भविष्यद्वक्ता, एलीशा दृढ़ता और साहस से भरा था। एलीशा ने एलिय्याह भविष्यद्वक्ता की शिष्यता में समय बिताया था, उसने परमेश्वर के सामर्थ्य द्वारा एलिय्याह को झूठ से भरे समाज में निडर होकर सत्य को कहते और आश्चर्यकर्म करते हुए देखा था। बाइबल में 2 राजा 2:1 बताता है कि अब वह समय आ पहुँचा था जब एलिय्याह को परमेश्वर के पास स्वर्ग की ओर उठाया जाना था, और एलीशा उसे जाते हुए देखना नहीं चाहता था।

   लेकिन वह अलग होने की घड़ी आ पहुँची थी और एलीशा जानता था कि उस सेवकाई को सफलतापूर्वक चलाते रहने के लिए जो एलिय्याह करता आया था, एलीशा को भी उसी सामर्थ्य के आवश्यकता होगी जो एलिय्याह के पास थी। इस लिए एलीशा ने एल्लियाह के सामने अपने लिए एक दबंग माँग रखी: “...एलीशा ने कहा, तुझ में जो आत्मा है, उसका दूना भाग मुझे मिल जाए” (2 राजा 2:9)। उसकी यह साहसी माँग, परमेश्वर की व्यवस्था के अन्तर्गत पहलौठे को दूना भाग विरासत में दिए जाने पर आधारित थी (व्यवस्थाविवरण 21:17)। एलीशा चाहता था कि उसे एलिय्याह का वारिस होने की पहचान मिले, और परमेश्वर ने उसकी माँग स्वीकार की।

   हाल ही में मेरी एक सलाहकार और आत्मिक बातों में देखरेख करने वाली महिला – जो प्रभु यीशु मसीह में पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार के प्रचार में लगी रहती थीं, की मृत्यु हुई। वह पिछले कई वर्षों से ख़राब स्वास्थ्य से जूझती रही थीं, और अब उसका समय हो गया था कि वह प्रभु के पास अनन्त आनन्द में प्रवेश करें। हम में से जो उन्हें जानते थे, इस बात के लिए कृतज्ञ थे कि अब वह पीड़ा से दूर थीं, परमेश्वर के साथ आनन्द में थीं, परन्तु उनकी अनुपस्थिति और प्रेम तथा उदाहरण की कमी बुरी लग रही थी। अपनी विदाई के बावजूद उन्होंने हमें अकेला नहीं छोड़ा था – अब हमारे साथ भी परमेश्वर की उपस्थिति थी।

   एलीशा ने एलिय्याह की आत्मा का दोगुना भाग पाया था – जो एक बहुत महान विशेषाधिकार और आशीष थी। हम जो अब प्रभु यीशु के जीवन, मारे जाने, और पुनरुत्थान के बाद के समय में जीवित हैं, यदि हम प्रभु यीशु में विश्वास ले आएँ, तो हमारे लिए प्रभु की ओर से परमेश्वर पवित्र-आत्मा के साथ रहने की प्रतिज्ञा है; हम मसीही विश्वासियों के लिए अद्भुत आशीष है कि त्रिएक परमेश्वर सदा हमारे साथ बना रहता है। - एमी बाउचर पाई


जब प्रभु यीशु का अपने पिता के पास स्वर्गारोहण हुआ, 
तब उन्होंने अपना पवित्र-आत्मा हमारे लिए भेजा।

क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है; ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुंह से निकलती हैं। - नीतिवचन 2:6

बाइबल पाठ: 2 राजा 2:5-12
2 Kings 2:5 और यरीहोवासी भविष्यद्वक्ताओं के चेले एलीशा के पास आकर कहने लगे, क्या तुझे मालूम है कि आज यहोवा तेरे स्वामी को तेरे ऊपर से उठा लेने पर है? उसने उत्तर दिया, हां मुझे भी मालूम है, तुम चुप रहो।
2 Kings 2:6 फिर एलिय्याह ने उस से कहा, यहोवा मुझे यरदन तक भेजता है, सो तू यहीं ठहरा रह; उसने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का; सो वे दोनों आगे चले।
2 Kings 2:7 और भविष्यद्वक्ताओं के चेलों में से पचास जन जा कर उनके साम्हने दूर खड़े हुए, और वे दोनों यरदन के तीर खड़े हुए।
2 Kings 2:8 तब एलिय्याह ने अपनी चद्दर पकड़ कर ऐंठ ली, और जल पर मारा, तब वह इधर उधर दो भाग हो गया; और वे दोनों स्थल ही स्थल पार उतर गए।
2 Kings 2:9 उनके पार पहुंचने पर एलिय्याह ने एलीशा से कहा, उस से पहिले कि मैं तेरे पास से उठा लिये जाऊं जो कुछ तू चाहे कि मैं तेरे लिये करूं वह मांग; एलीशा ने कहा, तुझ में जो आत्मा है, उसका दूना भाग मुझे मिल जाए।
2 Kings 2:10 एलिय्याह ने कहा, तू ने कठिन बात मांगी है, तौभी यदि तू मुझे उठा लिये जाने के बाद देखने पाए तो तेरे लिये ऐसा ही होगा; नहीं तो न होगा।
2 Kings 2:11 वे चलते चलते बातें कर रहे थे, कि अचानक एक अग्नि मय रथ और अग्निमय घोड़ों ने उन को अलग अलग किया, और एलिय्याह बवंडर में हो कर स्वर्ग पर चढ़ गया।
2 Kings 2:12 और उसे एलीशा देखता और पुकारता रहा, हाय मेरे पिता! हाय मेरे पिता! हाय इस्राएल के रथ और सवारो! जब वह उसको फिर देख न पड़ा, तब उसने अपने वस्त्र पाड़े और फाड़कर दो भाग कर दिए।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 1-3
  • लूका 24:1-35



रविवार, 6 मई 2018

आनन्द



   बॉब और इवौन पौट्टर, और उनके तीन किशोर बच्चे एक जिंदादिल परिवार थे, जब उनके जीवन ने एक अद्भुत मोड़ लिया। उन्होंने 1956 में बिली ग्राहम के एक मसीही प्रचार सभा में भाग लिया, और अपने जीवन मसीह यीशु को समर्पित कर दिए। इसके कुछ समय बाद उनके अन्दर अपने विश्वास और मसीह यीशु के बारे में सच्चाई को सँसार के अन्य लोगों को बताने की लालसा उठी, और उन्होंने अपने घर को प्रति शनिवार संध्या को परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन के लिए खोल दिया, तथा बाइबल में रुचि रखने और आने वाले हाई-स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को परमेश्वर के वचन की शिक्षा देने लगे। एक मित्र ने मुझे भी आमंत्रित किया, और मैं भी बाइबल अध्ययन के लिए उनके घर नित्य जाने लगा।

   वहाँ होने वाला बाइबल अध्ययन गंभीर होता था, जिसमें पाठ के विषय तैयारी करना और पवित्र-शास्त्र के भाग कंठस्थ करना सम्मिलित होता था। एक आनन्द, मित्रता और खिलखिलाहट से भरे हुए वातावरण में हम बाइबल के विषय एक-दूसरे को चुनौतियां देते रहते थे, सीखते थे और प्रभु हमारे जीवन बदलता जा रहा था।

   बाद के वर्षों में भी मैं पौट्टर परिवार के संपर्क में बना रहा, और मुझे बॉब से अनेकों पत्र तथा कार्ड मिलते रहे, जो सदा अपने पत्रों और कार्डों को इन शब्दों के साथ अन्त करता था: “मुझे इस से बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूं, कि मेरे लड़के-बाले सत्य पर चलते हैं” (3 यूहन्ना 1:4)। जैसे कि प्रेरित यूहन्ना ने यह पत्री अपने मित्र गयुस को लिखते हुए किया था, बॉब भी, अपने संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रभु परमेश्वर के साथ निष्ठा के साथ चलते रहने के लिए प्रेरित करता था।

   कुछ वर्ष पहले मैं बॉब की यादगारी में रखी गई सभा में भाग लेने के लिए गया। वह एक आनंदपूर्ण समय था जहाँ ऐसे लोग एकत्रित थे जो विश्वास के मार्ग पर निष्ठा के साथ चल रहे थे – क्योंकि एक जवान दंपत्ति ने अपने घर के दरवाजों को औरों के लिए खोला था और अपने सच्चे मन से उनकी सहायाता की थी कि वे प्रभु की निकटता में चलें और बढ़ें, तथा औरों तक प्रभु के सुसमाचार को पहुँचाएँ। - डेविड मैक्कैस्लैंड


आज किसी के लिए प्रोत्साहन की आवाज़ बनें।

वह वहां पहुंचकर, और परमेश्वर के अनुग्रह को देखकर आनन्‍दित हुआ; और सब को उपदेश दिया कि तन मन लगाकर प्रभु से लिपटे रहो। - प्रेरितों 11:23

बाइबल पाठ: 3 यूहन्ना 1:1-8
3 John 1:1 मुझ प्राचीन की ओर से उस प्रिय गयुस के नाम, जिस से मैं सच्चा प्रेम रखता हूं।।
3 John 1:2 हे प्रिय, मेरी यह प्रार्थना है; कि जैसे तू आत्मिक उन्नति कर रहा है, वैसे ही तू सब बातों मे उन्नति करे, और भला चंगा रहे।
3 John 1:3 क्योंकि जब भाइयों ने आकर, तेरे उस सत्य की गवाही दी, जिस पर तू सचमुच चलता है, तो मैं बहुत ही आनन्‍दित हुआ।
3 John 1:4 मुझे इस से बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूं, कि मेरे लड़के-बाले सत्य पर चलते हैं।
3 John 1:5 हे प्रिय, जो कुछ तू उन भाइयों के साथ करता है, जो परदेशी भी हैं, उसे विश्वासी के समान करता है।
3 John 1:6 उन्होंने मण्‍डली के साम्हने तेरे प्रेम की गवाही दी थी: यदि तू उन्हें उस प्रकार विदा करेगा जिस प्रकार परमेश्वर के लोगों के लिये उचित है तो अच्छा करेगा।
3 John 1:7 क्योंकि वे उस नाम के लिये निकले हैं, और अन्यजातियों से कुछ नहीं लेते।
3 John 1:8 इसलिये ऐसों का स्‍वागत करना चाहिए, जिस से हम भी सत्य के पक्ष में उन के सहकर्मी हों।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 21-22
  • लूका 23:26-56



शनिवार, 5 मई 2018

प्रार्थना



   क्या आप को व्यवस्थित प्रार्थना का जीवन निभाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है? हम में से बहुतेरों को करना पड़ता है। हम जानते हैं कि प्रार्थना करना महत्वपूर्ण है, परन्तु यह कठिन भी हो सकता है। प्रार्थना में परमेश्वर के साथ गंभीर अंतरंग सहभागिता के पल भी आते हैं और ऐसे समय भी आते हैं जब हमें लगता है मानो हम केवल औपचारिकता ही निभा रहे हैं। हमें प्रार्थना में संघर्ष क्यों करना पड़ता है?

   मसीही विश्वास का जीवन जीना, लंबी दौड़ के समान है। हमारे प्रार्थना के जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, ऊबड़-खाबड़ अथवा समतल मार्ग, इस लंबी दौड़ के जीवन को प्रतिबिंबित करते हैं। जैसे लंबी दौड़ में हमें बदलते मार्ग के होते हुए भी दौड़ते रहना पड़ता है, उसी प्रकार हमें प्रार्थना में भी लगे ही रहना पडता है। कहने का अभिप्राय है, हार न मानें, प्रार्थना में लगे ही रहें।

   परमेश्वर की ओर से भी उसके वचन बाइबल में हमारे लिए यही प्रोत्साहन है। प्रेरित पौलुस ने कहा, “नित्य प्रार्थना में लगे रहो” (1 थिस्सलुनीकियों 5:17); “प्रार्थना में नित्य लगे रहो” (रोमियों 12:12); “प्रार्थना में लगे रहो” (कुलुस्सियों 4:2)। ये सभी कथन दृढ़ होकर प्रार्थना में लगातार लगे रहने को कहते हैं।

   क्योंकि हमारा स्वर्गीय पिता, परमेश्वर, व्यक्तित्व है, हम उसके साथ एक निकट संपर्क और सहभागिता विक्सित कर सकते हैं; उसी प्रकार से जैसे हम मनुष्यों के साथ निकट सहभागिता विकसित करते हैं। ए. डब्ल्यू. टोज़र ने लिखा कि जैसे जैसे हम प्रार्थना करना सीखते हैं, हमारा प्रार्थना का जीवन “एक प्रारंभिक हलके से आकस्मिक स्पर्श से विक्सित होकर मानवीय आत्मा के सबसे अंतरंग संपर्क के सर्वोच्च अनुभव तक जा सकता है।”

   यही वह है जिसकी हमें आवश्यकता है – परमेश्वर के साथ एक गहरी अंतरंग सहभागिता। यह तब ही संभव है जब हम प्रार्थना में लगे ही रहेंगे। - पो फैंग चिया


ऐसा कोई दिन नहीं है जिसमें हमें प्रार्थना की आवश्यकता नहीं होती है।

सो मैं चाहता हूं, कि हर जगह पुरूष बिना क्रोध और विवाद के पवित्र हाथों को उठा कर प्रार्थना किया करें। - 1 तिमुथियुस 2:8

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 5:16-28
1 Thessalonians 5:16 सदा आनन्‍दित रहो।
1 Thessalonians 5:17 निरन्‍तर प्रार्थना में लगे रहो।
1 Thessalonians 5:18 हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।
1 Thessalonians 5:19 आत्मा को न बुझाओ।
1 Thessalonians 5:20 भविष्यद्वाणियों को तुच्‍छ न जानो।
1 Thessalonians 5:21 सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।
1 Thessalonians 5:22 सब प्रकार की बुराई से बचे रहो।
1 Thessalonians 5:23 शान्‍ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्र करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें।
1 Thessalonians 5:24 तुम्हारा बुलाने वाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा।
1 Thessalonians 5:25 हे भाइयों, हमारे लिये प्रार्थना करो।
1 Thessalonians 5:26 सब भाइयों को पवित्र चुम्बन से नमस्‍कार करो।
1 Thessalonians 5:27 मैं तुम्हें प्रभु की शपथ देता हूं, कि यह पत्री सब भाइयों को पढ़कर सुनाईं जाए।
1 Thessalonians 5:28 हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह तुम पर होता रहे।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 19-20
  • लूका 23:1-25