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गुरुवार, 23 अगस्त 2018

वार्तालाप



      हाल ही में मेरा दामाद, ईविंग, मेरी पोती, मैगी, से बातें कर रहा था और उसे समझा रहा था कि हम परमेश्वर के साथ वार्तालाप कर सकते हैं, और वह हम से बात-चीत करता है। जब ईविंग ने मैगी से कहा कि परमेश्वर हम से अपने वचन बाइबल के द्वारा वार्तालाप करता है, तो मैगी ने निःसंकोच कहा: “उसने मुझसे तो आज तक कुछ नहीं कहा है। मैंने तो आज तक परमेश्वर को मुझसे वार्तालाप करते नहीं सुना है।”

      हम में से अधिकांश मैगी की बात से सहमत होंगे, यदि हमारे साथ परमेश्वर के वार्तालाप करने का अर्थ हम यह समझते हैं कि कोई सुनाई देने वाली आवाज़ हमें निर्देश देगी, जैसे कि “अपना घर बेच दो और दूर देश में जाकर अनाथों की देखभाल करो।” परन्तु जब हम परमेश्वर द्वारा हमसे कुछ “बोलने” की बात करते हैं, तब हमारा अभिप्राय कुछ भिन्न होता है।

      हम पवित्र-शास्त्र के अध्ययन द्वारा परमेश्वर की आवाज़ को “सुनते” हैं। बाइबल हमें प्रभु यीशु के बारे में बताती है, और यह भी बताती है कि परमेश्वर ने “हम से पुत्र के द्वारा बातें की” जो “उसकी महिमा का प्रकाश और उसके तत्व की छाप है” (इब्रानियों 1:2-3)। पवित्र-शास्त्र हमें बताता है कि प्रभु यीशु मसीह में होकर हम उद्धार कैसे प्राप्त कर सकते हैं, और हम परमेश्वर को भावता हुआ जीवन कैसे व्यतीत कर सकते हैं (2 तिमुथियुस 3:14-17)। पवित्र-शास्त्र के अतिरिक्त, हमारे साथ पवित्र-आत्मा है। पहला कुरिन्थियों 2:12 कहता है कि हमें पवित्र-आत्मा इसलिए दिया गया है जिससे हम उन बातों को जान सकें जो परमेश्वर ने हमें दी हैं।

      क्या आपको परमेश्वर की आवाज़ को सुने काफी समय हो गया है? उसके वचन बाइबल के साथ समय बिताएं, उसकी पवित्र-आत्मा को सुनें जो वचन में होकर प्रभु यीशु को हम पर प्रगट करता है। परमेश्वर से होने वाले अद्भुत वार्तालाप के प्रति संवेदनशील बनें, शान्त होकर उसकी बातों को ध्यान से सुनें। - डेव ब्रैनन


जब हम सुनने के लिए समय निकालते हैं, 
तब परमेश्वर अपने वचन में होकर हम से वार्तालाप करता है।

परन्तु हम ने संसार की आत्मा नहीं, परन्तु वह आत्मा पाया है, जो परमेश्वर की ओर से है, कि हम उन बातों को जानें, जो परमेश्वर ने हमें दी हैं। - 1 कुरिन्थियों 2:12

बाइबल पाठ: इब्रानियों 1:1-12
Hebrews 1:1 पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप-दादों से थोड़ा थोड़ा कर के और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर के।
Hebrews 1:2 इन दिनों के अन्‍त में हम से पुत्र के द्वारा बातें की, जिसे उसने सारी वस्‍तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उसने सारी सृष्‍टि रची है।
Hebrews 1:3 वह उस की महिमा का प्रकाश, और उसके तत्‍व की छाप है, और सब वस्‍तुओं को अपनी सामर्थ के वचन से संभालता है: वह पापों को धोकर ऊंचे स्थानों पर महामहिमन के दाहिने जा बैठा।
Hebrews 1:4 और स्‍वर्गदूतों से उतना ही उत्तम ठहरा, जितना उसने उन से बड़े पद का वारिस हो कर उत्तम नाम पाया।
Hebrews 1:5 क्योंकि स्‍वर्गदूतों में से उसने कब किसी से कहा, कि तू मेरा पुत्र है, आज तू मुझ से उत्पन्न हुआ? और फिर यह, कि मैं उसका पिता होऊँगा, और वह मेरा पुत्र होगा?
Hebrews 1:6 और जब पहिलौठे को जगत में फिर लाता है, तो कहता है, कि परमेश्वर के सब स्वर्गदूत उसे दण्‍डवत करें।
Hebrews 1:7 और स्‍वर्गदूतों के विषय में यह कहता है, कि वह अपने दूतों को पवन, और अपने सेवकों को धधकती आग बनाता है।
Hebrews 1:8 परन्तु पुत्र से कहता है, कि हे परमेश्वर तेरा सिंहासन युगानुयुग रहेगा: तेरे राज्य का राजदण्‍ड न्याय का राजदण्‍ड है।
Hebrews 1:9 तू ने धर्म से प्रेम और अधर्म से बैर रखा; इस कारण परमेश्वर तेरे परमेश्वर ने तेरे साथियों से बढ़कर हर्ष रूपी तेल से तुझे अभिषेक किया।
Hebrews 1:10 और यह कि, हे प्रभु, आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और स्वर्ग तेरे हाथों की कारीगरी है।
Hebrews 1:11 वे तो नाश हो जाएंगे; परन्तु तू बना रहेगा: और वे सब वस्‍त्र के समान पुराने हो जाएंगे।
Hebrews 1:12 और तू उन्हें चादर के समान लपेटेगा, और वे वस्‍त्र के समान बदल जाएंगे: पर तू वही है और तेरे वर्षों का अन्‍त न होगा।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 113-115
  • 1कुरिन्थियों 6



बुधवार, 22 अगस्त 2018

मार्ग



      जब मेरी एक सहेली गिर जाने द्वारा लगी गंभीर चोटों से उभर रही थी, अस्पताल के एक कार्यकर्ता ने उसकी कलाई पर एक चटकीले पीले रंग की पट्टी बाँध दी जिस पर लिखा था : गिरने का जोखिम। इस वाक्याँश को लिखकर लगाने का अभिप्राय था लोगों को सचेत करना कि वे इस व्यक्ति का ध्यान रखें, क्योंकि वह अपने पैरों पर अस्थिर हो सकती है, गिर सकती है; एक से दूसरे स्थान पर जाने में लोग उसकी सहायता करें।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पहला कुरिन्थियों के 10 अध्याय में मसीही विश्वासियों के लिए “गिर जाने के जोखिम” जैसी कुछ  चेतावनियाँ हैं। अपने पुरखाओं की ओर मुड़कर देखते हुए, पौलुस ने ध्यान किया कि मनुष्यों में पाप में गिर जाने की प्रवृत्ति है। मिस्र से परमेश्वर के अद्भुत कार्यों द्वारा बंधुवाई से निकाले जाने और कनान देश में जाकर बसने की यात्रा के मार्ग में, वे इस्राएली परमेश्वर के विरुद्ध कुड़कड़ाए, उन्होंने मूर्तिपूजा की, और अनैतिक संबंध बनाए। परमेश्वर उनसे अप्रसन्न हुआ, और उनके गलत कार्यों के परिणामों को उन्हें भुगतने दिया। लेकिन पौलुस ने उन बातों के विषय में लिखा कि “परन्तु यें सब बातें, जो उन पर पड़ी, दृष्‍टान्‍त की रीति पर भी: और वे हमारी चितावनी के लिये जो जगत के अन्‍तिम समय में रहते हैं लिखी गईं हैं। इसलिये जो समझता है, कि मैं स्थिर हूं, वह चौकस रहे; कि कहीं गिर न पड़े” (पद 11-12)।

      हमारे द्वारा अपने आप को इस भ्रम में बनाए रखना सरल होता है कि हम किसी पाप पर हमेशा के लिए जयवंत हो गए हैं। चाहे हम उस पाप से संबंधित सबसे बुरे दौर से निकल चुके हों, अपनी उस समस्या का अंगीकार कर लिया हो, उसके लिए पश्चाताप कर लिया हो और परमेश्वर को समर्पित जीवन व्यतीत करने के लिए अपने आप को पुनः अर्पित कर दिया हो, किन्तु उन्ही बातों को लेकर प्रलोभन और परीक्षाएं हम पर फिर भी आ सकती हैं।

      परमेश्वर हमारे लिए यह संभव करता है कि हम फिर से उन्हीं परीक्षाओं में पड़ने पर गिर न पड़ें; वह हमारे लिए उस पापमय स्वभाव में से निकल पाने का मार्ग बना कर देता है। अब यह हम पर होता है कि हम उसके द्वारा बना कर दिए गए मार्ग पर चलने के लिए तैयार हों, और उसके निर्देशानुसार उस मार्ग पर चलें भी। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर की आशीषों के बाद बहुधा बड़ी परीक्षाएं आती हैं।

धर्मी पर बहुत सी विपत्तियां पड़ती तो हैं, परन्तु यहोवा उसको उन सब से मुक्त करता है। - भजन 34:19

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 10:1-13
1 Corinthians 10:1 हे भाइयों, मैं नहीं चाहता, कि तुम इस बात से अज्ञात रहो, कि हमारे सब बाप-दादे बादल के नीचे थे, और सब के सब समुद्र के बीच से पार हो गए।
1 Corinthians 10:2 और सब ने बादल में, और समुद्र में, मूसा का बपतिस्मा लिया।
1 Corinthians 10:3 और सब ने एक ही आत्मिक भोजन किया।
1 Corinthians 10:4 और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चट्टान से पीते थे, जो उन के साथ-साथ चलती थी; और वह चट्टान मसीह था।
1 Corinthians 10:5 परन्तु परमेश्वर उन में के बहुतेरों से प्रसन्न न हुआ, इसलिये वे जंगल में ढेर हो गए।
1 Corinthians 10:6 ये बातें हमारे लिये दृष्‍टान्‍त ठहरी, कि जैसे उन्होंने लालच किया, वैसे हम बुरी वस्‍तुओं का लालच न करें।
1 Corinthians 10:7 और न तुम मूरत पूजने वाले बनों; जैसे कि उन में से कितने बन गए थे, जैसा लिखा है, कि लोग खाने-पीने बैठे, और खेलने-कूदने उठे।
1 Corinthians 10:8 और न हम व्यभिचार करें; जैसा उन में से कितनों ने किया: एक दिन में तेईस हजार मर गये ।
1 Corinthians 10:9 और न हम प्रभु को परखें; जैसा उन में से कितनों ने किया, और सांपों के द्वारा नाश किए गए।
1 Corinthians 10:10 और न तुम कुड़कुड़ाओ, जिस रीति से उन में से कितने कुड़कुड़ाए, और नाश करने वाले के द्वारा नाश किए गए।
1 Corinthians 10:11 परन्तु यें सब बातें, जो उन पर पड़ी, दृष्‍टान्‍त की रीति पर भी: और वे हमारी चितावनी के लिये जो जगत के अन्‍तिम समय में रहते हैं लिखी गईं हैं।
1 Corinthians 10:12 इसलिये जो समझता है, कि मैं स्थिर हूं, वह चौकस रहे; कि कहीं गिर न पड़े।
1 Corinthians 10:13 तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 110-112
  • 1कुरिन्थियों 5



मंगलवार, 21 अगस्त 2018

साथ


      लोगों की पंक्ति में खड़े रहकर डिजनीलैंड के एक लोकप्रिय आकर्षण के अनुभव की प्रतीक्षा करते हुए मैंने ध्यान किया कि पंक्ती में खड़े होकर देर तक प्रतीक्षा करने के बावजूद लोग मुस्कुरा रहे थे, प्रसन्नता के साथ बातचीत कर रहे थे। मैं सोचने लगा कि ऐसा क्या है जिसके कारण ऐसे खड़े रहकर प्रतीक्षा करना भी उनके लिए आनंदायक था। मुझे लगा कि इस बात की कुंजी यह तथ्य था कि वहाँ बहुत ही कम ऐसे लोग थे जो अकेले थे, अन्यथा लगभग सभी वहाँ पर मित्रों, परिवार जनों, समूहों में थे या विवाहित जोड़े थे, और यह साथ किसी का होना ही था जो कि पंक्ति में खड़े होकर प्रतीक्षा करने को अकेले प्रतीक्षा करने से भिन्न अनुभव बना दे रहा था।

      यही बात मसीही जीवन पर भी लागू होती है; मसीही जीवन भी अन्य मसीही विश्वासियों के साथ संगति में बिताए जाने के लिए होता है, अकेले व्यतीत करने के लिए नहीं। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों 10:19-25 हमें प्रभु यीशु के अन्य अनुयायियों के साथ जीवन बिताने का आग्रह करता है: “और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो” (पद 25)। जब हम एक साथ, एक समाज बनाकर रहते हैं, तब हम एक-दूसरे को आश्वस्त और प्रोत्साहित करते हैं, एक-दूसरे को उभारते और संभालते रहते हैं।

      ऐसे एक साथ मिलकर समय बिताने से हमारे सबसे कठिन दिन भी हमारी मसीही विश्वास की जीवन यात्रा में अर्थपूर्ण बन जाते हैं जब हम अपने अनुभवों को एक-दूसरे के साथ बांटते हैं, और एक-दूसरे के सहायक होते हैं। जीवन का सामना अकेले नहीं करें; साथ मिलकर चलें। - डेविड मैकैस्लैंड


मसीह में जीवन अनुभवों को परस्पर साझा करने का जीवन है।

इस कारण एक दूसरे को शान्‍ति दो, और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो, निदान, तुम ऐसा करते भी हो। - 1 थिस्सलुनीकियों 5:11

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:19-25
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है।
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है,
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।
Hebrews 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है।
Hebrews 10:24 और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें।
Hebrews 10:25 और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 107-109
  • 1कुरिन्थियों 4


सोमवार, 20 अगस्त 2018

भरोसा और प्रतीक्षा



      सीनै पर्वत के निकट दो वर्ष तक छावनी डाले रहने के पश्चात अब इस्राएल के लोग परमेश्वर द्वारा उन्हें प्रतिज्ञा किए हुए कनान देश में प्रवेश करने की कगार पर थे। परमेश्वर ने उन्हें कहा कि वे बारह लोगों को उस देश और वहाँ रहने वालों के बारे में जानकारी लेने के लिए भेजें। जब उन भेदियों ने वहाँ रहने वाले कनानियों के बल और उनके नगरों के आकार को देखा तो उनमें से दस ने कहा कि “हम नहीं कर पाएँगे!” परन्तु दो ने कहा “हम कर लेंगे!”

      उनके आंकलन में यह अन्तर क्यों था?

      जिन दस ने मान लिया था कि हम नहीं कर सकते हैं, वे कनान देश में रहने वाले विशालकाय मानवों और उनके बल की तुलना अपने आप से कर रहे थे, और विशालकाय मानव और उनकी सामर्थ्य उन्हें बड़ी लगी। लेकिन दो – कालेब और यहोशू ने, उन विशालकाय मानवों और उनकी सामर्थ्य की तुलना परमेश्वर के साथ करी, और तब वे विशालकाय मानव विशालकाय नहीं रह गए। यहोशू और कालेब ने अन्य इस्राएलियों को भी समझाया कि “केवल इतना करो कि तुम यहोवा के विरुद्ध बलवा न करो; और न तो उस देश के लोगों से डरो, क्योंकि वे हमारी रोटी ठहरेंगे; छाया उनके ऊपर से हट गई है, और यहोवा हमारे संग है; उन से न डरो” (गिनती 14:9), लेकिन इस्राएली नहीं माने।

      अविश्वास हमें कभी कठिनाइयों – अभेद्य नगर, असाध्य विशालकाय मनुष्य, से परे नहीं जाने देता है। अविश्वास हमारे मनों को जड़ कर देता है, उन परिस्थितियों पर ही विचार करते रहने में फंसा देता है, हमें अपनी ही सामर्थ्य से बाहर कभी सोचने ही नहीं देता है।

      किन्तु परमेश्वर में विश्वास, उन कठिनाइयों और परिस्थितियों को कम करके तो नहीं आंकता है, किन्तु उन्हें परमेश्वर से बढ़कर भी नहीं समझता है। विश्वास उन कठिनाइयों और परिस्थियों पर विचार करते रहने के स्थान पर परमेश्वर की ओर देखता है, हमारे साथ सदा बनी रहने वाली उसकी उपस्थिति और उसकी अजेय सामर्थ्य की ओर देखता है, और उन विचलित कर देने वाली बातों को समाधान के लिए परमेश्वर के हाथों में सौंप देता है।

      आज आपके जीवन में कौन सी असाध्य विशालकाय बातें हैं? कोई ऐसी आदत जिसे आप छोड़ नहीं पा रहे हैं? कोई ऐसा प्रलोभन जिसका आप सामना नहीं करने पाते हैं? कोई कठिन वैवाहिक परिस्थिति? किसी व्यसन अथवा नशे की लत में पड़ी सन्तान? यदि हम अपनी कठिनाइयों की तुलना अपने आप से करेंगे तो सदा ही अभिभूत होंगे। परन्तु परमेश्वर में विश्वास उन कठिनाइयों की महानता से दृष्टि हटाकर उस सर्व-सामर्थी, सदा उपस्थित प्रभु परमेश्वर की महानता पर लगाता है, और उसके समय तथा समाधान पर भरोसा रखता है, उसकी प्रतीक्षा करता है। - डेविड रोपर


जब भय अभिभूत करे, तो विश्वास द्वारा उसका सामना करें।

दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिये हुए मेरे पास आता है; परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है। - 1 शमूएल 17:45

बाइबल पाठ: गिनती 13:25-14:9
Numbers 13:25 चालीस दिन के बाद वे उस देश का भेद ले कर लौट आए।
Numbers 13:26 और पारान जंगल के कादेश नाम स्थान में मूसा और हारून और इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के पास पहुंचे; और उन को और सारी मण्डली को संदेशा दिया, और उस देश के फल उन को दिखाए।
Numbers 13:27 उन्होंने मूसा से यह कहकर वर्णन किया, कि जिस देश में तू ने हम को भेजा था उस में हम गए; उस में सचमुच दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, और उसकी उपज में से यही है।
Numbers 13:28 परन्तु उस देश के निवासी बलवान्‌ हैं, और उसके नगर गढ़ वाले हैं और बहुत बड़े हैं; और फिर हम ने वहां अनाकवंशियों को भी देखा।
Numbers 13:29 दक्षिण देश में तो अमालेकी बसे हुए हैं; और पहाड़ी देश में हित्ती, यबूसी, और एमोरी रहते हैं; और समुद्र के किनारे किनारे और यरदन नदी के तट पर कनानी बसे हुए हैं।
Numbers 13:30 पर कालेब ने मूसा के साम्हने प्रजा के लोगों को चुप कराने की मनसा से कहा, हम अभी चढ़ के उस देश को अपना कर लें; क्योंकि नि:सन्देह हम में ऐसा करने की शक्ति है।
Numbers 13:31 पर जो पुरूष उसके संग गए थे उन्होंने कहा, उन लोगों पर चढ़ने की शक्ति हम में नहीं है; क्योंकि वे हम से बलवान्‌ हैं।
Numbers 13:32 और उन्होंने इस्त्राएलियों के साम्हने उस देश की जिसका भेद उन्होंने लिया था यह कहकर निन्दा भी की, कि वह देश जिसका भेद लेने को हम गये थे ऐसा है, जो अपने निवासियों निगल जाता है; और जितने पुरूष हम ने उस में देखे वे सब के सब बड़े डील डौल के हैं।
Numbers 13:33 फिर हम ने वहां नपीलों को, अर्थात नपीली जाति वाले अनाकवंशियों को देखा; और हम अपनी दृष्टि में तो उनके साम्हने टिड्डे के सामान दिखाई पड़ते थे, और ऐसे ही उनकी दृष्टि में मालूम पड़ते थे।
Numbers 14:1 तब सारी मण्डली चिल्ला उठी; और रात भर वे लोग रोते ही रहे।
Numbers 14:2 और सब इस्त्राएली मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगे; और सारी मण्डली उसने कहने लगी, कि भला होता कि हम मिस्र ही में मर जाते! वा इस जंगल ही में मर जाते!
Numbers 14:3 और यहोवा हम को उस देश में ले जा कर क्यों तलवार से मरवाना चाहता है? हमारी स्त्रियां और बाल-बच्चे तो लूट में चलें जाएंगे; क्या हमारे लिये अच्छा नहीं कि हम मिस्र देश को लौट जाएं?
Numbers 14:4 फिर वे आपस में कहने लगे, आओ, हम किसी को अपना प्रधान बना लें, और मिस्र को लौट चलें।
Numbers 14:5 तब मूसा और हारून इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के साम्हने मुंह के बल गिरे।
Numbers 14:6 और नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालिब, जो देश के भेद लेने वालों में से थे, अपने अपने वस्त्र फाड़कर,
Numbers 14:7 इस्त्राएलियों की सारी मण्डली से कहने लगे, कि जिस देश का भेद लेने को हम इधर उधर घूम कर आए हैं, वह अत्यन्त उत्तम देश है।
Numbers 14:8 यदि यहोवा हम से प्रसन्न हो, तो हम को उस देश में, जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, पहुंचाकर उसे हमे दे देगा।
Numbers 14:9 केवल इतना करो कि तुम यहोवा के विरुद्ध बलवा न करो; और न तो उस देश के लोगों से डरो, क्योंकि वे हमारी रोटी ठहरेंगे; छाया उनके ऊपर से हट गई है, और यहोवा हमारे संग है; उन से न डरो।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 105-106
  • 1कुरिन्थियों 3



रविवार, 19 अगस्त 2018

तुलना



      थॉमस जे. डीलॉन्ग, हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल के प्राध्यापक हैं, और उन्होंने अपने छात्रों और सहकर्मियों में एक विचलित करने वाली प्रवृत्ति देखी है – तुलना करने की धुन। उन्होंने लिखा, “पहले से कहीं अधिक बढ़कर...व्यवसाय मैनेजरों, आर्थिक विश्लेषकों, वकीलों, चिकित्सकों, और अन्य व्यावसायिक लोगों में यह प्रवृत्ति देखी जा रही है कि वे अपनी उपलब्धियों की तुलना दूसरों की उपलब्धियों के साथ करते हैं, ...यह व्यक्तियों और कंपनियों, दोनों के लिए हानिकारक है। जब आप सफलता की परिभाषा अपने स्वयँ के आतंरिक नहीं वरन औरों के बाहरी मापदण्डों के आधार पर करने लगते हैं, तब आप अपनी संतुष्टि और लगन को हलका करने लगते हैं।”

      तुलना करने की यह धुन कोई नई नहीं है। पवित्र शास्त्र, परमेश्वर का वचन बाइबल, हमें अपनी तुलना दूसरों के साथ करने के विषय सचेत करता है। हम जब तुलना करने लगते हैं तो, परमेश्वर ने जो हमें दिया है, उस पर और उसके कार्य पर ध्यान लगाने के स्थान पर, हम में घमण्ड आ सकता है, हम औरों को नीची दृष्टि से देखने लग सकते हैं (लूका 18:9-14); या फिर हम ईर्ष्यालु होकर औरों के समान बनने के प्रयास, अथवा, उन सब वस्तुओं की लालसा करने लगते हैं जो औरों के पास है (याकूब 4:1)। प्रभु यीशु ने कहा कि यह तुलना करने की प्रवृत्ति का आधार यह बात है कि परमेश्वर अन्यायी है, और उसे कोई अधिकार नहीं है कि वह हम से अधिक औरों के प्रति उदार हो (मत्ती 20:1-16)।

      परमेश्वर के अनुग्रह से, परमेश्वर ने जो कुछ हमें दिया है उसपर अपना ध्यान केंद्रित करने के द्वारा, हम इस तुलना करने की प्रवृत्ति से ऊपर उठ सकते हैं। जब हम अपनी दैनिक आशीषों के लिए परमेश्वर के धन्यवादी होते हैं, तो हमारे विचार भी परिवर्तित होते हैं, और हम इस पर भी विश्वास करने लगते हैं कि परमेश्वर भला है। - मारविन विलियम्स


परमेश्वर अपनी ही रीति से अपनी भलाई अपने बच्चों पर प्रकट करता है।  

पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्‍हीं पर सन्‍तोष करना चाहिए। पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। - 1 तिमुथियुस 6:6-9

बाइबल पाठ: मत्ती 20:1-16
Matthew 20:1 स्वर्ग का राज्य किसी गृहस्थ के समान है, जो सबेरे निकला, कि अपने दाख की बारी में मजदूरों को लगाए।
Matthew 20:2 और उसने मजदूरों से एक दीनार रोज पर ठहराकर, उन्हें अपने दाख की बारी में भेजा।
Matthew 20:3 फिर पहर एक दिन चढ़े, निकल कर, और औरों को बाजार में बेकार खड़े देखकर,
Matthew 20:4 उन से कहा, तुम भी दाख की बारी में जाओ, और जो कुछ ठीक है, तुम्हें दूंगा; सो वे भी गए।
Matthew 20:5 फिर उसने दूसरे और तीसरे पहर के निकट निकलकर वैसा ही किया।
Matthew 20:6 और एक घंटा दिन रहे फिर निकलकर औरों को खड़े पाया, और उन से कहा; तुम क्यों यहां दिन भर बेकार खड़े रहे? उन्हों ने उस से कहा, इसलिये, कि किसी ने हमें मजदूरी पर नहीं लगाया।
Matthew 20:7 उसने उन से कहा, तुम भी दाख की बारी में जाओ।
Matthew 20:8 सांझ को दाख बारी के स्‍वामी ने अपने भण्‍डारी से कहा, मजदूरों को बुलाकर पिछलों से ले कर पहिलों तक उन्हें मजदूरी दे दे।
Matthew 20:9 सो जब वे आए, जो घंटा भर दिन रहे लगाए गए थे, तो उन्हें एक एक दीनार मिला।
Matthew 20:10 जो पहिले आए, उन्होंने यह समझा, कि हमें अधिक मिलेगा; परन्तु उन्हें भी एक ही एक दीनार मिला।
Matthew 20:11 जब मिला, तो वह गृहस्थ पर कुड़कुड़ा के कहने लगे।
Matthew 20:12 कि इन पिछलों ने एक ही घंटा काम किया, और तू ने उन्हें हमारे बराबर कर दिया, जिन्हों ने दिन भर का भार उठाया और घाम सहा?
Matthew 20:13 उसने उन में से एक को उत्तर दिया, कि हे मित्र, मैं तुझ से कुछ अन्याय नहीं करता; क्या तू ने मुझ से एक दीनार न ठहराया?
Matthew 20:14 जो तेरा है, उठा ले, और चला जा; मेरी इच्छा यह है कि जितना तुझे, उतना ही इस पिछले को भी दूं।
Matthew 20:15 क्या उचित नहीं कि मैं अपने माल से जो चाहूं सो करूं? क्या तू मेरे भले होने के कारण बुरी दृष्टि से देखता है?
Matthew 20:16 इसी रीति से जो पिछले हैं, वह पहिले होंगे, और जो पहिले हैं, वे पिछले होंगे।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1कुरिन्थियों 2



शनिवार, 18 अगस्त 2018

भरोसा



      सेना का काफिला चलने के लिए तैयार था, एक युवा सैनिक अपने दल का नेतृत्व करने वाले सार्जेंट की गाड़ी पर गया और तेज़ी से उसकी गाड़ी की खिड़की थपथपाने लगा। सार्जेंट ने गाड़ी का शीशा नीचा करके उससे पूछा “क्या हुआ?” सैनिक ने कहा, “आपको वह बात करनी है,” सार्जेंट ने पूछा, “कौन सी बात?” सैनिक बोला, “वही जो आप करते हैं।” तब सार्जेंट को ध्यान आया कि वह हमेशा चलने से पहले दल की सुरक्षा और सहायता के लिए प्रार्थना करता था किन्तु आज करना भूल गया था। इसलिए वह गाड़ी से निकला, अपने साथी सैनिकों के लिए प्रार्थना की, और तब वह दल रवाना हुआ। उस सैनिक ने अपने दल के अगुवे की प्रार्थनाओं के महत्व को समझा था।

      प्राचीन यहूदा में, परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, राजा अबिय्याह में कोई विशेषता नहीं थी, वरन 1 राजा 15:3 में उसके लिए लिखा हुआ है, “वह वैसे ही पापों की लीक पर चलता रहा जैसे उसके पिता ने उस से पहिले किए थे और उसका मन अपने परमेश्वर यहोवा की ओर अपने परदादा दाऊद के समान पूरी रीति से सिद्ध न था”। परन्तु जब यहूदा को इसराएल के विरुद्ध युद्ध का सामना करना पड़ा, और यहूदा की सेना इस्राएल से आधी थी, तो अबिय्याह को इस बात का भरोसा था कि सच्चा जीवता परमेश्वर, जिस की उसके राज्य के विश्वासी लोग उपासना करते आए थे (2 इतिहास 13:10-12), वही उनकी सहायता करेगा। इस्राएल के दस गोत्रों ने परमेश्वर के याजकों (पुरोहितों) को अपने राज्य में से निकाल दिया था और अन्य देवी-देवताओं की उपासना करने लग गए थे, परन्तु यहूदा के गोत्र परमेश्वर के प्रति वफादार बने रहे थे।

      निःसंदेह, अबिय्याह के अनैतिक व्यवहार एवँ कार्यों ने बहुत हानि की थी; परन्तु उसे भली-भांति पता था कि संकट के समय किस के पास जाना है। उसका भरोसा सही था, और इस्राएल की अपने से दोगुनी सेना पर यहूदा की सेना ने विजय प्राप्त की, “...यहूदी इस कारण प्रबल हुए कि उन्होंने अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा पर भरोसा रखा था” (पद 18)। जो कोई हमारे प्रभु परमेश्वर के पास भरोसे के साथ आता है, परमेश्वर उसे कभी निराश नहीं करता है। - टिम गुस्ताफ्सन


जो कोई उसकी ओर भरोसे का साथ मुड़ेगा, परमेश्वर उसे कभी मुँह नहीं मोड़ेगा।

जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा। - यूहन्ना 6:37

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 13:10-18
2 Chronicles 13:10 परन्तु हम लोगों का परमेश्वर यहोवा है और हम ने उसको नहीं त्यागा, और हमारे पास यहोवा की सेवा टहल करने वाले याजक हारून की सन्तान और अपने अपने काम में लगे हुए लेवीय हैं।
2 Chronicles 13:11 और वे नित्य सवेरे और सांझ को यहोवा के लिये होमबलि और सुगन्धद्रव्य का धूप जलाते हैं, और शुद्ध मेज पर भेंट की रोटी सजाते और सोने की दीवट और उसके दीपक सांझ-सांझ को जलाते हैं; हम तो अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं को मानते रहते हैं, परन्तु तुम ने उसको त्याग दिया है।
2 Chronicles 13:12 और देखो, हमारे संग हमारा प्रधान परमेश्वर है, और उसके याजक तुम्हारे विरुद्ध सांस बान्धकर फूंकने को तुरहियां लिये हुए भी हमारे साथ हैं। हे इस्राएलियो अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा से मत लड़ो, क्योंकि तुम कृतार्थ न होगे।
2 Chronicles 13:13 परन्तु यारोबाम ने घातकों को उनके पीछे भेज दिया, वे तो यहूदा के साम्हने थे, और घातक उनके पीछे थे।
2 Chronicles 13:14 और जब यहूदियों ने पीछे को मुंह फेरा, तो देखा कि हमारे आगे और पीछे दोनों ओर से लड़ाई होने वाली है; तब उन्होंने यहोवा की दोहाई दी, और याजक तुरहियों को फूंकने लगे।
2 Chronicles 13:15 तब यहूदी पुरुषों ने जयजयकार किया, और जब यहूदी पुरुषों ने जयजयकार किया, तब परमेश्वर ने अबिय्याह और यहूदा के साम्हने, यारोबाम और सारे इस्राएलियों को मारा।
2 Chronicles 13:16 और इस्राएली यहूदा के साम्हने से भागे, और परमेश्वर ने उन्हें उनके हाथ में कर दिया।
2 Chronicles 13:17 और अबिय्याह और उसकी प्रजा ने उन्हें बड़ी मार से मारा, यहां तक कि इस्राएल में से पांच लाख छंटे हुए पुरुष मारे गए।
2 Chronicles 13:18 उस समय तो इस्राएली दब गए, और यहूदी इस कारण प्रबल हुए कि उन्होंने अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा पर भरोसा रखा था।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 100-102
  • 1कुरिन्थियों 1



शुक्रवार, 17 अगस्त 2018

सहायक



      सन 2015 के ग्रीष्म काल में, पन्द्रह वर्षीय हंटर ने, सेरेब्रल पाल्सी नामक मस्तिष्क रोग से पीड़ित लोगों की आवश्यकताओं के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए, अपने आठ वर्षीय भाई ब्रैडन को उठा कर सत्तावन मील की पैदल यात्रा की। ब्रैडन का वज़न साठ पाउंड है, इसलिए हंटर को बार-बार रुक कर आराम करना पड़ा जिसमें और लोगों ने मांसपेशियों में खिंचाव को कम करने में उसकी सहायता की, और ब्रैडन के वज़न को शरीर पर सही रीति से वितरित करने के लिए उसे विशेष हार्नेस दिए। हंटर का कहना था कि यद्यपि उन हार्नेस ने उसके शारीरिक कष्ट को तो कम किया, परन्तु उसे सबसे अधिक सहायता मार्ग के लोगों से मिली। उसने कहा, “यदि हमारे साथ चलने और हमारा उत्साह बढ़ाने वाले लोग नहीं होते तो मैं यह नहीं कर पाता। मेरी टांगें दुःख रही थीं, परन्तु मेरे मित्रों ने मुझे उठाया और अंततः मैं इसे करने पाया।” उसकी माँ ने उसकी इस पैदल यात्रा का नाम “The Cerebral Palsy Swagger” (सेरेब्रल पाल्सी के लिए इतराना) रखा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र, प्रेरित पौलुस, जिसे हम साहसी और बलवान मानते हैं, को भी लोगों द्वारा सहायता की आवश्यकता हुई थी। रोमियों 16 में वह कुछ लोगों के नामों की सूची देता है जिन्होंने उसे प्रोत्साहन दिया, उसकी आवश्यकताओं में सहायक हुए, और उसके लिए प्रार्थनाएं कीं। पौलुस ने फीबे, प्रिस्किल्ला और अक्विला, रूफुस की माँ, जो उसके लिए भी माँ समान ही थी; और गयुस का जिसने उसकी पहुनाई की, तथा अन्यों का उल्लेख किया।

      हम सब को ऐसे मित्रों की आवश्यकता होती है जो हमारी सहायता करें; और हम भी ऐसों को जानते हैं जिन्हें सहायता तथा प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। जैसे प्रभु यीशु हमें उठाए रहता है, हमारी सहायता करता है, हम भी एक-दूसरे के सहायक बनें। - ऐनी सेटास


जब परेशानियां दबाती हैं, तो सहायक उठाते हैं।

हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। - गलतियों 6:1

बाइबल पाठ: रोमियों 16:1-3, 13, 21-23
Romans 16:1 मैं तुम से फीबे की, जो हमारी बहिन और किंख्रिया की कलीसिया की सेविका है, बिनती करता हूं।
Romans 16:2 कि तुम जैसा कि पवित्र लोगों को चाहिए, उसे प्रभु में ग्रहण करो; और जिस किसी बात में उसको तुम से प्रयोजन हो, उस की सहायता करो; क्योंकि वह भी बहुतों की वरन मेरी भी उपकारिणी हुई है।
Romans 16:3 प्रिस्किल्ला और अक्विला को जो मसीह यीशु में मेरे सहकर्मी हैं, नमस्कार।
Romans 16:13 रूफुस को जो प्रभु में चुना हुआ है, और उस की माता को जो मेरी भी है, दोनों को नमस्कार।
Romans 16:21 तीमुथियुस मेरे सहकर्मी का, और लूकियुस और यासोन और सोसिपत्रुस मेरे कुटुम्बियों का, तुम को नमस्कार।
Romans 16:22 मुझ पत्री के लिखने वाले तिरितयुस का प्रभु में तुम को नमस्कार।
Romans 16:23 गयुस का जो मेरी और कलीसिया का पहुनाई करने वाला है उसका तुम्हें नमस्कार।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 97-99
  • रोमियों 16