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मंगलवार, 4 दिसंबर 2018

खज़ाना



      मेक्सिको के पुरातत्ववेता,एल्फोंसो कासो ने 1932 में मोंटे एल्बन, ओक्साका में कब्र 7 को खोजा था। वहाँ उसे चार सौ से भी अधिक शिल्पकृतियाँ मिली, जिनमें मेक्सिको पर स्पेन के कब्ज़े से पहले के सैंकड़ों भी जवाहरात हैं। उसने इस खज़ाने को “मोंटे एल्बन का खज़ाना” कहा। यह मेक्सिको की पुरातत्व खोज के इतिहास में एक प्रमुख खोज है। हम कासो की उत्तेजना की कल्पना कर सकते हैं जब उसने उस खज़ाने के जवाहरात को अपने हाथों में उठाया होगा।

      इससे भी सदियों पहले परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने ऐसे खज़ाने के विषय लिखा था जो सोने या स्फटिक से भी अधिक मूल्यवान है। भजनकार ने कहा, “जैसे कोई बड़ी लूट पा कर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूं” (भजन 119:162)। भजन 119 में लेखक जानता था कि परमेश्वर के निर्देश और प्रतिज्ञाएँ हमारे जीवनों के लिए कितने बहुमूल्य हैं, इसलिए उसने उनकी तुलना विजयी शासक को लूट में मिलने वाले खज़ाने से की।

      आज कासो का नाम उसके द्वारा कब्र 7 को खोज निकालने के लिए किया जाता है। उसके द्वारा खोजे गए खज़ाने को देखने का आनन्द हम ओक्साका के संग्रहालय में जाकर ही ले सकते हैं। परन्तु भजनकार का खज़ाना हमारे हाथों में उपलब्ध है। हम दिन-प्रतिदिन पवित्र शास्त्र में खोज कर परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं, आशा और बुद्धिमता के बहुमूल्य रत्न प्राप्त कर सकते हैं। परन्तु जो सबसे महान और बहुमूल्य बात हम बाइबल में पाते हैं वह है प्रभु यीशु मसीह का व्यक्तित्व, जिसके बारे में बाइबल बयान करती है, क्योंकि वही तो बाइबल का लेखक है।

      हम इस भरोसे के साथ कि हम उससे समृद्ध हो जाएँगे, मेहनत से प्रतिदिन बाइबल के खज़ाने को तलाशें; जैसा कि भजनकार ने कहा, “मैं ने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भाग कर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण हैं” (भजन 119:111)।  - केला ओकोआ


परमेश्वर का वचन बहुमूल्य संपत्ति और जीवन का मार्गदर्शक है।

आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। यही आदि में परमेश्वर के साथ था। सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई। - यूहन्ना 1:1-3

बाइबल पाठ: भजन 119:161-168
Psalms 119:161 हाकिम व्यर्थ मेरे पीछे पड़े हैं, परन्तु मेरा हृदय तेरे वचनों का भय मानता है।
Psalms 119:162 जैसे कोई बड़ी लूट पा कर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूं।
Psalms 119:163 झूठ से तो मैं बैर और घृणा रखता हूं, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूं।
Psalms 119:164 तेरे धर्ममय नियमों के कारण मैं प्रतिदिन सात बार तेरी स्तुति करता हूं।
Psalms 119:165 तेरी व्यवस्था से प्रीति रखने वालों को बड़ी शान्ति होती है; और उन को कुछ ठोकर नहीं लगती।
Psalms 119:166 हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की आशा रखता हूं; और तेरी आज्ञाओं पर चलता आया हूं।
Psalms 119:167 मैं तेरी चितौनियों को जी से मानता हूं, और उन से बहुत प्रीति रखता आया हूं।
Psalms 119:168 मैं तेरे उपदेशों और चितौनियों को मानता आया हूं, क्योंकि मेरी सारी चालचलन तेरे सम्मुख प्रगट है।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 47-48
  • 1 यूहन्ना 3



सोमवार, 3 दिसंबर 2018

कार्यकर्त्ता



      रात में मेरे पति, जो चर्च में पादरी हैं, के फोन की घंटे बजी। हमारे चर्च की एक प्रार्थना योद्धा, एक महिला को जो 70 से अधिक वर्ष की आयु की थी और अकेली रहती थी, अस्पताल ले जाया जा रहा था। वह इतनी अस्वस्थ थी कि वह कुछ खा-पी नहीं रही थी, न ही देखने या चलने पा रही थी। न जानते हुए कि वह जीवित रहेगी कि नहीं, उस महिला के हालचाल के प्रति चिन्तित होते हुए, हमने परमेश्वर से उसकी दया और सहायता के लिए प्रार्थना की। चर्च के लोग भी सक्रीय हो गए और उसकी देखभाल तथा उससे मिलने के लिए आनेवाले आगंतुकों की सहायता के लिए, तथा अन्य मरीजों एवँ चिकित्सा से संबंधित कर्मचारियों की सहायता के लिए कोई-न-कोई 24 घंटे वहाँ उस बीमार महिला के साथ रहता था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रारंभिक यहूदी मसीहियों को लिखी अपनी पत्री में याकूब ने चर्च के लोगों को प्रोत्साहित किया कि वे ज़रूरतमंदों की सहायता किया करें। याकूब चाहता था कि मसीही केवल परमेश्वर के वचन को सुनने वाले ही न बनें परन्तु उस वचन को, और अपने मसीही विश्वास को अपने कार्यों द्वारा व्यावाहारिक उपयोग में लाएँ और लोगों को दिखाएँ (याकूब 1:22-25)। अनाथों और विधवाओं की देखभाल करने के लिए कहकर (पद 27) उसने एक कमज़ोर समूह की ओर ध्यान खींचा, क्योंकि उन प्राचीन समयों में परिवार के सदस्यों को ही उनकी देखभाल करनी होती थी।

      हमारे चर्च और समाज में जो लोग आवश्यकता तथा जोखिम में होते हैं, उनके प्रति हमारा क्या व्यवहार होता है? क्या हमारे लिए विधवाओं और अनाथों की देखभाल करना हमारे मसीही विश्वास को कार्यकारी रूप में दिखाने का महत्वपूर्ण भाग होते हैं? परमेश्वर हमारी आँखों को खोले कि हम हमारे आस-पास के लोगों की सहायता करने के लिए मसीही कार्यकर्ता बनाकर उपयोगी हो सकें। - एमी बाउचर पाई


वास्तविक मसीही विश्वास केवल हमारे वचन ही नहीं, परन्तु कार्य भी माँगता है।

वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्‍वभाव में मरा हुआ है। - याकूब 2:17

बाइबल पाठ: याकूब 1:22-27
James 1:22 परन्तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं।
James 1:23 क्योंकि जो कोई वचन का सुनने वाला हो, और उस पर चलने वाला न हो, तो वह उस मनुष्य के समान है जो अपना स्‍वाभाविक मुंह दर्पण में देखता है।
James 1:24 इसलिये कि वह अपने आप को देख कर चला जाता, और तुरन्त भूल जाता है कि मैं कैसा था।
James 1:25 पर जो व्यक्ति स्‍वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है।
James 1:26 यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है।
James 1:27 हमारे परमेश्वर और पिता के निकट शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है, कि अनाथों और विधवाओं के क्‍लेश में उन की सुधि लें, और अपने आप को संसार से निष्‍कलंक रखें।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 45-46
  • 1 यूहन्ना 2



रविवार, 2 दिसंबर 2018

स्मरण



      क्या आप कभी अपने आप से बातें करते हैं? कभी-कभी यदि मैं किसी योजना पर कार्य कर रहा होता हूँ – सामान्यतः कार के इंजन की मरम्मत का – तो मुझे सुविधाजनक लगता है कि मैं अपने विचारों को बोलकर व्यक्त करता रहूँ, मरम्मत करने के विकल्पों और सबसे उचित तरीके के बारे में बोल कर विचार और निर्णय करूँ। यदि ऐसे में कोई आ जाए और मुझे अकेले ही बातें करते हुए देख ले तो कुछ अटपटा अवश्य लगता है – चाहे अपने आप से बोलना हम में से बहुतेरे प्रतिदिन करते रहते हों।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार भजनों में बहुधा अपने आप से बातें करते थे। भजन 116 का लेखक इसका अपवाद नहीं है। पद 7 में वह वह लिखता है, “हे मेरे प्राण तू अपने विश्राम स्थान में लौट आ; क्योंकि यहोवा ने तेरा उपकार किया है।” बीते समयों में अनुभव की गई परमेश्वर की दयालुता और विश्वासयोग्यता का स्मरण, वर्तमान में भजनकार के लिए व्यावाहारिक सुख और सहायता है। हम भजनों में इस प्रकार के संवादों को बहुधा देखते हैं। भजन 103:1 में दाऊद अपने आप से कहता है, “हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!” और भजन 62:5 में वह कहता है “हे मेरे मन, परमेश्वर के साम्हने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है।”

      यह हमारे लिए भला रहता है कि हम परमेश्वर की विश्वासयोग्यता और उसमें उपलब्ध आशा को स्मरण करते रहें। हम भजनकार के उदाहरण का अनुसरण कर सकते हैं और कुछ समय उन सब भलाईयों को दोहराने में बिता सकते हैं जो परमेश्वर ने हमारे प्रति की हैं। ऐसे स्मरण करने से हम प्रोत्साहित होंगे कि वही परमेश्वर जो बीते समय में विश्वासयोग्य रहा है, भविष्य में भी हमारे प्रति उसका प्रेम बना रहेगा। - जेम्स बैंक्स


अपने आप को परमेश्वर की भलाई स्मरण करवाने से हम उसकी शान्ति से भरे रह सकते हैं।

हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना। - भजन 103:2

बाइबल पाठ: भजन 116:5-9
Psalms 116:5 यहोवा अनुग्रहकारी और धर्मी है; और हमारा परमेश्वर दया करने वाला है।
Psalms 116:6 यहोवा भोलों की रक्षा करता है; जब मैं बलहीन हो गया था, उसने मेरा उद्धार किया।
Psalms 116:7 हे मेरे प्राण तू अपने विश्राम स्थान में लौट आ; क्योंकि यहोवा ने तेरा उपकार किया है।
Psalms 116:8 तू ने तो मेरे प्राण को मृत्यु से, मेरी आंख को आंसू बहाने से, और मेरे पांव को ठोकर खाने से बचाया है।
Psalms 116:9 मैं जीवित रहते हुए, अपने को यहोवा के साम्हने जान कर नित चलता रहूंगा।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 42-44
  • 1 यूहन्ना 1



शनिवार, 1 दिसंबर 2018

जीवन



      अंतरिक्ष यान दल के एक सदस्य चार्ल्स फ्रैंक बोल्डन जूनियर ने कहा कि “मेरे पहली बार अंतरिक्ष में जाने पर ही पृथ्वी के प्रति मेरा दृष्टिकोण एकदम बदल गया।” पृथ्वी से चार सौ मील की दूरी पर उन्हें पृथ्वी पर सब कुछ शान्त और सुन्दर दिखाई दे रहा था। किन्तु बोल्डन ने बताया कि जब उनका यान मध्य-पूर्व पर से गुज़र रहा था तो उनका ध्यान “वहाँ की वास्तविकता के द्वारा झकझोर दिया गया।” फिल्म निर्माता जारेड लेटो को दिए जाने वाले एक साक्षात्कार में बोल्डन ने कहा कि उस पल उन्होंने पृथ्वी को उस दृष्टिकोण से देखा जैसी वह होनी चाहिए – और उससे उन्हें एक चुनौती की अनुभूति हुई कि पृथ्वी को एक बेहतर स्थान बनाने के लिए जो कुछ संभव होगा उन्हें वह करना है।

      जब प्रभु यीशु का जन्म यरूशलेम में हुआ था तब भी पृथ्वी वैसी नहीं थी जैसी परमेश्वर चाहता था कि हो। पृथ्वी पर पाप के कारण छाए नैतिक और आत्मिक अन्धकार में प्रभु यीशु मसीह सँसार के सभी लोगों के लिए जीवन की ज्योति बनकर आए (यूहन्ना 1:4)। यद्यपि सँसार ने प्रभु को नहीं पहचाना, परन्तु “परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं” (पद 12)।

      जब भी जीवन वैसा नहीं होता है जैसा हम चाहते हैं कि वह हो, जब परिवारों में विच्छेद होते हैं, जब बच्चे भूखे रहते हैं, जब सँसार में युद्ध होते हैं, तो हमारा उदास या निराश होना स्वाभाविक होता है। परन्तु परमेश्वर का यह वायदा है कि प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा प्रत्येक मसीही विश्वासी एक नई और सही दिशा में बढ़ सकता है।

      क्रिसमस का यह समय हमें स्मरण दिलाता है कि सँसार का उद्धारकर्ता प्रभु यीशु हर उस व्यक्ति को जीवन की ज्योति देता है जो उसे स्वीकार करता है, उसपर विश्वास करता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


हमें वैसा बनाने के लिए, जैसा वह चाहता है, परमेश्वर निरन्तर कार्यरत रहता है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-14
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 40-41
  • 2 पतरस 3



शुक्रवार, 30 नवंबर 2018

मोल



      एक कहानी है कि 75 ईसवीं पूर्व में एक धनी परिवार का रोमी युवक, जूलियस सीज़र, समुद्री डाकुओं द्वारा अगुवा कर लिया गया, और उसे छोड़ने के लिए उन डाकुओं ने 20 तोड़े चांदी, जिसका मूल्य आज 600,000 अमेरिकी डॉलर होता, माँगी। यह सुनकर सीज़र हंसा और उसने उन डाकुओं से कहा कि प्रकट है कि वे नहीं जानते हैं कि वह कौन है। उसने बल दिया कि वे फिरौती की रकम को बढ़ाकर 50 तोड़े चांदी कर दें। ऐसा क्यों? क्योंकि उसे पूरा विश्वास था कि उसकी कीमत 20 तोड़ों से कहीं बढ़कर थी।

      सीज़र के द्वारा अभिमान और अपने मूल्याँकन, तथा परमेश्वर द्वारा हम में से प्रत्येक के मूल्याँकन में हम कितनी भिन्नता देखते है। परमेश्वर हमारे मोल का आँकलन सांसारिक धन से नहीं वरन जो उसने हमारे लिए किया है, उससे करता है। हमारे छुड़ाए जाने के लिए उसने फिरौती में क्या दिया? उसने अपने एकलौते पुत्र को क्रूस पर बलिदान होने के लिए दे दिया, और प्रभु यीशु के इस बलिदान के द्वारा सँसार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए पापों से क्षमा और उद्धार का मार्ग सेंत-मेंत उपलब्ध हो गया है। इसके विषय प्रेरित पतरस लिखता है, “क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्‍तुओं के द्वारा नहीं हुआ। पर निर्दोष और निष्‍कलंक मेम्ने अर्थात मसीह के बहुमूल्य लोहू के द्वारा हुआ” (1 पतरस 1:18-19)।

      परमेश्वर हम सब से इतना अधिक प्रेम करता है कि हमारी फिरौती के लिए उसने अपने पुत्र को क्रूस पर मारे जाने के लिए दे दिया, और वह हमारे छुटकारे के लिए मृतकों में से तीसरे दिन जी भी उठा। प्रभु परमेश्वर की दृष्टि में हमारा यही मोल है। - बिल क्राउडर


हमारे मोल का आँकलन हमारे लिए परमेश्वर द्वारा चुकाई गई कीमत से होता है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:17-23
1 Peter 1:17 और जब कि तुम, हे पिता, कह कर उस से प्रार्थना करते हो, जो बिना पक्षपात हर एक के काम के अनुसार न्याय करता है, तो अपने परदेशी होने का समय भय से बिताओ।
1 Peter 1:18 क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्‍तुओं के द्वारा नहीं हुआ।
1 Peter 1:19 पर निर्दोष और निष्‍कलंक मेम्ने अर्थात मसीह के बहुमूल्य लोहू के द्वारा हुआ।
1 Peter 1:20 उसका ज्ञान तो जगत की उत्‍पत्ति के पहिले ही से जाना गया था, पर अब इस अन्‍तिम युग में तुम्हारे लिये प्रगट हुआ।
1 Peter 1:21 जो उसके द्वारा उस परमेश्वर पर विश्वास करते हो, जिसने उसे मरे हुओं में से जिलाया, और महिमा दी; कि तुम्हारा विश्वास और आशा परमेश्वर पर हो।
1 Peter 1:22 सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्‍कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो।
1 Peter 1:23 क्योंकि तुम ने नाशमान नहीं पर अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीवते और सदा ठहरने वाले वचन के द्वारा नया जन्म पाया है।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 37-39
  • 2 पतरस 2



गुरुवार, 29 नवंबर 2018

धनवान



      संभव है कि आपने टेलिविज़न पर दिखाया जाने वाला वह विज्ञापन देखा होगा जिसमें एक व्यक्ति घर के दरवाज़े पर होने वाली दस्तक के प्रत्युत्तर में दरवाज़ा खोलता है और बाहर खड़ा एक जन उसे एक बहुत बड़ी रकम का चेक पकड़ाता है, जिसे लेकर वह दरवाज़ा खोलने वाला व्यक्ति आनन्द के मारे यह कहते हुए कि “मैं जीत गया, मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा है, मेरी सभी समस्याओं का समाधान हो गया है!” चिल्लाना, उछालना, और सभी को गले लगाने लगता है। धनवान हो जाना बहुत भावनात्मक हो सकता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 119 में, जो बाइबल का सबसे लंबा अध्याय भी है, हम यह अद्भुत वाक्य पढ़ते हैं: “मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं” (पद 14)। कैसी विलक्षण तुलना है; जीवन के लिए परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करना भी धनवान हो जाने के समान ही हर्षित करने वाला हो सकता है। इससे आगे पद 16 में भी भजनकार इसी बात को बल देता है, यह कहते हुए कि “मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा” (पद 16)।

      परन्तु यदि हम ऐसा अनुभव नहीं करें तो क्या? जीवन के लिए परमेश्वर के निर्देशों में आनदित होना धनावान हो जाने के समान ही उत्साहवर्द्धक कैसे हो सकता है? इसका आरंभ कृतज्ञ होने से होता है, और यह करना रवैया भी हो सकता है और चुनाव भी। हम जिसे मूल्यवान आंकते हैं, उस पर ध्यान भी देते हैं। इसलिए हम उन उपहारों पर ध्यान करके जो परमेश्वर ने हमें प्रदान किए हैं, उसका आभारी और धन्यवादी होने के द्वारा आरंभ कर सकते हैं। फिर हम प्रभु परमेश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं कि उसने अपने वचन बाइबल में जो बुद्धिमता, ज्ञान और शान्ति के खज़ाने हमारे लिए रखें हैं, उन्हें पहिचानने के लिए हमारी आँखों को खोल दे।

      प्रभु परमेश्वर के वचन के अध्ययन के साथ जैसे जैसे उसके प्रति हमारा प्रेम बढ़ता जाएगा, हम उसकी निकटता में बढ़ते जाएँगे, उसकी आशीषों और बातों में धनवान होते चले जाएँगे। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर के वचन बाइबल में अद्भुत खज़ाने खोजे जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

जैसे कोई बड़ी लूट पा कर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूं। - भजन 119:162

बाइबल पाठ: भजन 119:9-16
Psalms 119:9 जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से।
Psalms 119:10 मैं पूरे मन से तेरी खोज मे लगा हूं; मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे!
Psalms 119:11 मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं।
Psalms 119:12 हे यहोवा, तू धन्य है; मुझे अपनी विधियां सिखा!
Psalms 119:13 तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैं ने अपने मुंह से किया है।
Psalms 119:14 मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं।
Psalms 119:15 मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा।
Psalms 119:16 मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 35-36
  • 2 पतरस 1



बुधवार, 28 नवंबर 2018

समान



      दो किशोरियों की कलपना कीजिए; उनमें से एक स्वस्थ और सबल है, परन्तु दूसरे ने अपने आप से विचरण करने की स्वतंत्रता को कभी अनुभव नहीं किया। अपनी पहियों वाली कुर्सी पर बैठे-बैठे वह न केवल जीवन में सामान्यतः आने वाली भावनात्मक चुनौतियों का सामना करती रहती है, वरन शारीरिक कष्ट और संघर्षों का भी सामना करती है। परन्तु वे दोनों किशोर युवतियां मुस्कुरा रही हैं, एक दूसरे की संगति का आनन्द ले रही हैं, एक दूसरे में मित्रता के खजाने को देख रही हैं।

      प्रभु यीशु मसीह ने अपना बहुत समय और ध्यान पहियों वाली कुर्सी पर बैठी हुई उस किशोरी के समान लोगों पर लगाया। ऐसे लोगों पर जिन्हें किसी प्रकार की जीवन भर की अयोग्यता थी अथवा शारीरिक विकार था, या समाज के लोग जिन्हें किसी कारण से तिरिस्कार की नज़रों से देखते थे। वास्तव में प्रभु यीशु ने एक “ऐसी” महिला को अपने ऊपर तेल उंडेलने दिया, जिसे देखकर उस समय के धार्मिक अगुवे घृणा से विचलित हो गए (लूका 7:39)। एक अन्य अवसर पर जब एक अन्य महिला ने प्रभु के प्रति अपने प्रेम को इसी प्रकार से व्यक्त किया, तो आलोचना करने वालों से प्रभु यीशु ने कहा “उसे छोड़ दो; उसे क्यों सताते हो? उसने तो मेरे साथ भलाई की है” (मरकुस 14:6)।

      परमेश्वर प्रत्येक को समान महत्व देता है; उसकी दृष्टि में कोई भेद-भाव नहीं है। सत्य यही है कि हम सब को प्रभु यीशु मसीह के प्रेम और क्षमा की बहुत आवश्यकता है; और इसी कारण उसने सारे सँसार के सभी लोगों के लिए अपने आप को बलिदान किया। हमें भी सभी लोगों को प्रभु के समान दृष्टि से देखना चाहिए – परमेश्वर के स्वरूप में सृजे गए और उसके प्रेम के पात्र।

      हम जितने भी लोगों से मिलें, उन सभी को मसीह यीशु के समान ही देखें और उसके समान ही सब में कुछ सुन्दर एवँ आकर्षक देखने पाएँ। - डेव ब्रैनन


हम जिस से भी मिलें, ध्यान रखें कि वह परमेश्वर के स्वरूप में सृजा गया है।

क्योंकि जो अपनी बड़ाई करता है, वह नहीं, परन्तु जिस की बड़ाई प्रभु करता है, वही ग्रहण किया जाता है। - 2 कुरिन्थियों 10:18

बाइबल पाठ: लूका 7:36-50
Luke 7:36 फिर किसी फरीसी ने उस से बिनती की, कि मेरे साथ भोजन कर; सो वह उस फरीसी के घर में जा कर भोजन करने बैठा।
Luke 7:37 और देखो, उस नगर की एक पापिनी स्त्री यह जानकर कि वह फरीसी के घर में भोजन करने बैठा है, संगमरमर के पात्र में इत्र लाई।
Luke 7:38 और उसके पांवों के पास, पीछे खड़ी हो कर, रोती हुई, उसके पांवों को आंसुओं से भिगाने और अपने सिर के बालों से पोंछने लगी और उसके पांव बारबार चूमकर उन पर इत्र मला।
Luke 7:39 यह देखकर, वह फरीसी जिसने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान लेता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है? क्योंकि वह तो पापिनी है।
Luke 7:40 यह सुन यीशु ने उसके उत्तर में कहा; कि हे शमौन मुझे तुझ से कुछ कहना है वह बोला, हे गुरू कह।
Luke 7:41 किसी महाजन के दो देनदार थे, एक पांच सौ, और दूसरा पचास दीनार धारता था।
Luke 7:42 जब कि उन के पास पटाने को कुछ न रहा, तो उसने दोनों को क्षमा कर दिया: सो उन में से कौन उस से अधिक प्रेम रखेगा।
Luke 7:43 शमौन ने उत्तर दिया, मेरी समझ में वह, जिस का उसने अधिक छोड़ दिया: उसने उस से कहा, तू ने ठीक विचार किया है।
Luke 7:44 और उस स्त्री की ओर फिरकर उसने शमौन से कहा; क्या तू इस स्त्री को देखता है मैं तेरे घर में आया परन्तु तू ने मेरे पांव धाने के लिये पानी न दिया, पर इस ने मेरे पांव आंसुओं से भिगाए, और अपने बालों से पोंछा!
Luke 7:45 तू ने मुझे चूमा न दिया, पर जब से मैं आया हूं तब से इस ने मेरे पांवों का चूमना न छोड़ा।
Luke 7:46 तू ने मेरे सिर पर तेल नहीं मला; पर इस ने मेरे पांवों पर इत्र मला है।
Luke 7:47 इसलिये मैं तुझ से कहता हूं; कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।
Luke 7:48 और उसने स्त्री से कहा, तेरे पाप क्षमा हुए।
Luke 7:49 तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने अपने मन में सोचने लगे, यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है?
Luke 7:50 पर उसने स्त्री से कहा, तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया है, कुशल से चली जा।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 33-34
  • 1 पतरस 5