ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

सोमवार, 6 मई 2019

क्षमा



      एक कार्यक्रम की तैयारी करने के लिए मैं अपने चर्च कुछ जल्दी पहुँच गई थी। चर्च की वेदी की दूसरी ओर एक महिला खड़ी रो रही थी। बीते समय में वह मेरे प्रति निर्दयी रही थी और मेरी पीठ पीछे मेरे विषय में उल्टी-सीधी बातें करती रही थी, इसलिए मैंने वैक्यूम क्लीनर लिया और उसकी सिसकियों की आवाज़ को उस क्लीनर की आवाज़ से दबा दिया। मैं क्यों उस व्यक्ति की परवाह करूं जो मुझे पसन्द नहीं करता था।

      फिर परमेश्वर पवित्र आत्मा ने मुझे स्मरण दिलाया कि परमेश्वर ने मुझे कितना अधिक क्षमा किया था, और मैं उस महिला के पास गई और उससे उसके दुःख का कारण पूछा। उसने बताया कि उसकी बच्ची कई महीनों से अस्पताल में भर्ती थी। हम दोनों गले मिलकर रोए,और हमने साथ मिलकर उस बच्ची के लिए प्रार्थना की। कुछ समय में हमने परस्पर मतभेदों और गलतफहमियों को भी मिटा लिया, और अब हम अच्छे मित्र हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती 18 में प्रभु यीशु ने परमेश्वर के राज्य के संबंध में एक दृष्टांत बताया; एक राजा ने अपने कर्मचारियों के लेन-देन का हिसाब किया। एक कर्मचारी ऐसा पाया गया जिसे राजा का बहुत बड़ा क़र्ज़ चुकाना शेष था, किन्तु वह चुका नहीं पा रहा था। उस कर्मचारी ने राजा से क्षमा माँगी, और राजा ने उसका क़र्ज़ क्षमा कर दिया। तब वह कर्मचारी जब बाहर निकला तो उसका सामना उसके अन्य सह-कर्मचारी से हुआ, जिसे उसका थोड़ा सा क़र्ज़ चुकाना था। उसने अपने साथी से तुरंत क़र्ज़ चुकाने की माँग की, और उसके न चुका पाने पर उसे बंदीगृह में डलवा दिया। जब राजा को यह बात पता चली तो राजा ने उस क्षमा न करने वाले कर्मचारी को भी पकड़ कर बंदीगृह में डाल देने की आज्ञा दी (पद 23-34)।

      क्षमा कर देने का अर्थ पाप की, या हमारे प्रति की गई गलतियों की अनदेखी करना नहीं है, और न ही इससे हमें पहुंचाया गया दुःख कम हो जाता है। क्षमा करने से हम परमेश्वर की क्षमा का आनन्द लेने योग्य हो जाते हैं, वह हमारे जीवन में अपने अनुग्रह, शान्ति और संबंधों की बहाली को करने पाता है। - जोशील डिक्सन


औरों को क्षमा करने से हम उसकी सिद्धता तथा भलाई के अनुसार 
परमेश्वर द्वारा न्याय किए जाने में भरोसा व्यक्त करते हैं।

इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा। - मत्ती 6:14-15

बाइबल पाठ: मत्ती 18:23-35
Matthew 18:23 इसलिये स्वर्ग का राज्य उस राजा के समान है, जिसने अपने दासों से लेखा लेना चाहा।
Matthew 18:24 जब वह लेखा लेने लगा, तो एक जन उसके साम्हने लाया गया जो दस हजार तोड़े धारता था।
Matthew 18:25 जब कि चुकाने को उसके पास कुछ न था, तो उसके स्‍वामी ने कहा, कि यह और इस की पत्‍नी और लड़के बाले और जो कुछ इस का है सब बेचा जाए, और वह कर्ज चुका दिया जाए।
Matthew 18:26 इस पर उस दास ने गिरकर उसे प्रणाम किया, और कहा; हे स्‍वामी, धीरज धर, मैं सब कुछ भर दूंगा।
Matthew 18:27 तब उस दास के स्‍वामी ने तरस खाकर उसे छोड़ दिया, और उसका धार क्षमा किया।
Matthew 18:28 परन्तु जब वह दास बाहर निकला, तो उसके संगी दासों में से एक उसको मिला, जो उसके सौ दीनार धारता था; उसने उसे पकड़कर उसका गला घोंटा, और कहा; जो कुछ तू धारता है भर दे।
Matthew 18:29 इस पर उसका संगी दास गिरकर, उस से बिनती करने लगा; कि धीरज धर मैं सब भर दूंगा।
Matthew 18:30 उसने न माना, परन्तु जा कर उसे बन्‍दीगृह में डाल दिया; कि जब तक कर्ज को भर न दे, तब तक वहीं रहे।
Matthew 18:31 उसके संगी दास यह जो हुआ था देखकर बहुत उदास हुए, और जा कर अपने स्‍वामी को पूरा हाल बता दिया।
Matthew 18:32 तब उसके स्‍वामी ने उसको बुलाकर उस से कहा, हे दुष्‍ट दास, तू ने जो मुझ से बिनती की, तो मैं ने तो तेरा वह पूरा कर्ज क्षमा किया।
Matthew 18:33 सो जैसा मैं ने तुझ पर दया की, वैसे ही क्या तुझे भी अपने संगी दास पर दया करना नहीं चाहिए था?
Matthew 18:34 और उसके स्‍वामी ने क्रोध में आकर उसे दण्‍ड देने वालों के हाथ में सौंप दिया, कि जब तक वह सब कर्जा भर न दे, तब तक उन के हाथ में रहे।
Matthew 18:35 इसी प्रकार यदि तुम में से हर एक अपने भाई को मन से क्षमा न करेगा, तो मेरा पिता जो स्वर्ग में है, तुम से भी वैसा ही करेगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 21-22
  • लूका 23:26-56



रविवार, 5 मई 2019

स्मृति



      कठिनाइयों तथा हानि के हमारे अनुभव हमें असमंजस में, क्रोधित, और दोषी कर सकते हैं। चाहे हमारे द्वारा किए गए चुनावों ने हमारे लिए कुछ द्वार बन्द कर दिए हों जो अब फिर कभी नहीं खुल सकेंगे, या, हमारा कोई दोष न होते हुए भी हमारे जीवनों में कोई त्रासदी आ गई हो; जो भी हो, परिणाम वही होता है जिसे ओस्वौल्ड चैम्बर्स ने “‘हो सकता था’ का अगाध दुःख कहा।” हम उन दुखदायी स्मृतियों को दबाने के प्रयास तो कर सकते हैं किन्तु पाते हैं कि ऐसा कर नहीं पाते हैं।

      चैम्बर्स हमें स्मरण करवाते हैं कि प्रभु हमारे जीवनों में सदा सक्रीय रहते हैं। उन्होंने कहा, “जब परमेश्वर बीते समय की स्मृतियाँ जीवन में लाए तो कभी भयभीत न हों। उस स्मृति को अपना कार्य करने दें। उसके साथ जुड़ी डाँट, ताड़ना, और दुःख के साथ वह परमेश्वर की सेवक है। परमेश्वर ‘हो सकता था’ को अद्भुत भविष्य के निर्माण के लिए प्रयोग कर सकता है।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पुराने नियम के दिनों में जब परमेश्वर ने इस्राएल को देश से निष्कासित कर के बाबुल में भेजा, तब उसने उन से उस परदेश में भी तब तक उसकी उपासना करते रहने और विश्वास में बढ़ते रहने के लिए कहा, जब तक कि वह उन्हें वापस उनके देश लौटा नहीं लाता। परमेश्वर ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन परिस्थितियों में भी, जिनमें वे थे, वह उनकी भलाई की योजनाएं रखता था, “क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा” (यिर्मयाह 29:11)।

      परमेश्वर ने अपने लोगों से कहा कि वे बीते समय की घटनाओं को न तो नज़रंदाज़ करें, और न ही उनमें फंसे रहें; परन्तु केवल परमेश्वर ही पर अपना ध्यान केंद्रित करें और आगे की ओर देखते रहें। परमेश्वर की क्षमा दुःख की स्मृतियों को भी उसके अनन्त प्रेम में भरोसा करने का माध्यम बना सकती है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर हमारे गहरी निराशाओं को भी 
हमारे विश्वास को उसमें पोषित करने के लिए प्रयोग कर सकता है।

क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है। - यशायाह 55:8-9

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 29:4-14
Jeremiah 29:1 उसी वर्ष यिर्मयाह नबी ने इस आशय की पत्री, उन पुरनियों और भविष्यद्वक्ताओं और साधारण लोगों के पास भेजीं जो बंधुओं में से बचे थे, जिन को नबूकदनेस्सर यरूशलेम से बाबुल को ले गया था।
Jeremiah 29:2 यह पत्री उस समय भेजी गई, जब यकोन्याह राजा और राजमाता, खोजे, यहूदा और यरूशलेम के हाकिम, लोहार और अन्य कारीगर यरूशलेम से चले गए थे।
Jeremiah 29:3 यह पत्री शापान के पुत्र एलासा और हिल्किय्याह के पुत्र गमर्याह के हाथ भेजी गई, जिन्हें यहूदा के राजा सिदकिय्याह ने बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के पास बाबुल को भेजा।
Jeremiah 29:4 उस में लिखा था कि जितने लोगों को मैं ने यरूशलेम से बंधुआ कर के बाबुल में पहुंचवा दिया है, उन सभों से इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता हे:
Jeremiah 29:5 घर बना कर उन में बस जाओ; बारियां लगा कर उनके फल खाओ।
Jeremiah 29:6 ब्याह कर के बेटे-बेटियां जन्माओ; और अपने बेटों के लिये स्त्रियां ब्याह लो और अपनी बेटियां पुरुषों को ब्याह दो, कि वे भी बेटे-बेटियां जन्माएं; और वहां घटो नहीं वरन बढ़ते जाओ।
Jeremiah 29:7 परन्तु जिस नगर में मैं ने तुम को बंधुआ करा के भेज दिया है, उसके कुशल का यत्न किया करो, और उसके हित के लिये यहोवा से प्रार्थना किया करो। क्योंकि उसके कुशल से तुम भी कुशल के साथ रहोगे।
Jeremiah 29:8 क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा तुम से यों कहता है कि तुम्हारे जो भविष्यद्वक्ता और भावी कहने वाले तुम्हारे बीच में हैं, वे तुम को बहकाने न पाएं, और जो स्वप्न वे तुम्हारे निमित्त देखते हैं उनकी ओर कान मत धरो,
Jeremiah 29:9 क्योंकि वे मेरे नाम से तुम को झूठी भविष्यद्वाणी सुनाते हैं; मैं ने उन्हें नहीं भेजा, मुझ यहोवा की यह वाणी है।
Jeremiah 29:10 यहोवा यों कहता है कि बाबुल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूंगा, और अपना यह मनभवना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊंगा, पूरा करूंगा।
Jeremiah 29:11 क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा।
Jeremiah 29:12 तब उस समय तुम मुझ को पुकारोगे और आकर मुझ से प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूंगा।
Jeremiah 29:13 तुम मुझे ढूंढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि तुम अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे।
Jeremiah 29:14 मैं तुम्हें मिलूंगा, यहोवा की यह वाणी है, और बंधुआई से लौटा ले आऊंगा; और तुम को उन सब जातियों और स्थानों में से जिन में मैं ने तुम को बरबस निकाल दिया है, और तुम्हें इकट्ठा कर के इस स्थान में लौटा ले आऊंगा जहां से मैं ने तुम्हें बंधुआ करवा के निकाल दिया था, यहोवा की यही वाणी है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 19-20
  • लूका 23:1-25



शनिवार, 4 मई 2019

प्रार्थना



      मैंने एक माँ द्वारा अपने परिवार में लागू किए गए पाँच-मिनिट के नियम के बारे में पढ़ा। उस परिवार के बच्चों को रोज सुबह स्कूल जाने से पाँच मिनिट पहले माँ के पास एकत्रित होना होता था और फिर माँ उन सब के लिए नाम ले-लेकर प्रार्थना करती थी, उन पर परमेश्वर की सुरक्षा और आशीष मांगती थी, और फिर प्यार करके उन्हें स्कूल के लिए रवाना कर देती थी। यदि उस समय पड़ौस का कोई बच्चा आया हुआ होता था, तो उसके लिए भी वैसे ही प्रार्थना की जाती थी। एक बच्चे ने वर्षों बाद बताया कि उसने इस अनुभव से सीखा था कि प्रार्थना उसके लिए कितनी आवश्यक है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 102 का लेखक प्रार्थना के महत्व को जानता था। इस भजन का शीर्षक है “दीन जन की उस समय की प्रार्थना जब वह दुःख का मारा अपने शोक की बातें यहोवा के सामने खोलकर कहता हो।” उस भजनकार ने परमेश्वर को पुकार कर कहा, “हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे! मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले” (पद 1-2), और बताया कि, “यहोवा ने अपने ऊंचे और पवित्र स्थान से दृष्टि कर के स्वर्ग से पृथ्वी की ओर देखा है” (पद 19)।

      परमेश्वर आपकी चिंता करता है और आपकी बात को सुनना चाहता है। चाहे आप अपने दिन पर आशीष माँगने के लिए पाँच-मिनिट के नियम का पालन करें, या गहरी परेशानी में उसके सामने अपनी बात कहने में अधिक समय लगाना चाहें, परन्तु परमेश्वर के साथ प्रार्थना में समय अवश्य बिताएं। आपकी प्रार्थना न केवल आपके लिए सहायक होगी, वरन उससे आपके परिवार या किसी अन्य व्यक्ति पर गहरा प्रभाव भी पड़ सकता है। - ऐनी सेटास


प्रार्थना इसकी स्वीकृति है कि हमें परमेश्वर की आवश्यकता है।

निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो। - 1 थिस्सलुनीकियों 5:17

बाइबल पाठ: भजन 102:1-17
Psalms 102:1 हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे!
Psalms 102:2 मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले!
Psalms 102:3 क्योंकि मेरे दिन धुएं की नाईं उड़े जाते हैं, और मेरी हडि्डयां लुकटी के समान जल गई हैं।
Psalms 102:4 मेरा मन झुलसी हुई घास की नाईं सूख गया है; और मैं अपनी रोटी खाना भूल जाता हूं।
Psalms 102:5 कराहते कराहते मेरा चमड़ा हडि्डयों में सट गया है।
Psalms 102:6 मैं जंगल के धनेश के समान हो गया हूं, मैं उजड़े स्थानों के उल्लू के समान बन गया हूं।
Psalms 102:7 मैं पड़ा पड़ा जागता रहता हूं और गौरे के समान हो गया हूं जो छत के ऊपर अकेला बैठता है।
Psalms 102:8 मेरे शत्रु लगातार मेरी नामधराई करते हैं, जो मेरे विराध की धुन में बावले हो रहे हैं, वे मेरा नाम ले कर शपथ खाते हैं।
Psalms 102:9 क्योंकि मैं ने रोटी की नाईं राख खाई और आंसू मिला कर पानी पीता हूं।
Psalms 102:10 यह तेरे क्रोध और कोप के कारण हुआ है, क्योंकि तू ने मुझे उठाया, और फिर फेंक दिया है।
Psalms 102:11 मेरी आयु ढलती हुई छाया के समान है; और मैं आप घास की नाईं सूख चला हूं।
Psalms 102:12 परन्तु हे यहोवा, तू सदैव विराजमान रहेगा; और जिस नाम से तेरा स्मरण होता है, वह पीढ़ी से पीढ़ी तक बना रहेगा।
Psalms 102:13 तू उठ कर सिय्योन पर दया करेगा; क्योंकि उस पर अनुग्रह करने का ठहराया हुआ समय आ पहुंचा है।
Psalms 102:14 क्योंकि तेरे दास उसके पत्थरों को चाहते हैं, और उसकी धूलि पर तरस खाते हैं।
Psalms 102:15 इसलिये अन्यजातियां यहोवा के नाम का भय मानेंगी, और पृथ्वी के सब राजा तेरे प्रताप से डरेंगे।
Psalms 102:16 क्योंकि यहोवा ने सिय्योन को फिर बसाया है, और वह अपनी महिमा के साथ दिखाई देता है;
Psalms 102:17 वह लाचार की प्रार्थना की ओर मुंह करता है, और उनकी प्रार्थना को तुच्छ नहीं जानता।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 16-18
  • लूका 22:47-71



शुक्रवार, 3 मई 2019

साथ



      अपोलो 15 के अंतरिक्षयात्री एल वॉर्डन को चन्द्रमा की पिछली ओर रहकर अकेले होने का अनुभव था। जब 1971 में उनके दो साथी, हज़ारों मील दूर, चन्द्रमा की सतह पर कार्य कर रहे थे तो एल अकेले ही तीन दिन तक उनके अंतरिक्ष यान को चला रहे थे। उस समय में उनका साथ केवल अंतरिक्ष में स्थित सितारे ही दे रहे थे, और एल को वे इतने घने लगे मानों उन सितारों ने उन्हें रौशनी की एक चादर में लपेट लिया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल का एक प्रमुख पात्र, याकूब, भी बिलकुल अकेले रात बिता रहा था, परन्तु एक भिन्न कारण से। वह अपने बड़े भाई एसव से जान बचा कर भाग रहा था, क्योंकि पहलौठे के लिए निर्धारित आशीषों को याकूब ने अपने लगभग अंधे हो चुके पिता से, धोखे से चुरा लिया था और एसव के स्थान पर स्वयं के लिए ले लिया था। लेकिन सो जाने के पश्चात, याकूब ने पृथ्वी से स्वर्ग तक जाने वाली सीढ़ी का दर्शन देखा। उसने उस सीढ़ी पर स्वर्गदूतों को चढ़ते-उतारते देखा और उससे परमेश्वर ने बात की। परमेश्वर ने याकूब को आश्वस्त किया कि वह सदा उसके साथ रहेगा और उसके वंशजों के द्वारा समस्त पृथ्वी को आशीषित करेगा। जब याकूब नींद से उठा तो उसने कहा, “निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था” (उत्पत्ति 28:16)।

      याकूब ने अपने आप को अपने धोखे के कारण अकेला कर लिया था। किन्तु उसके अकेलेपन की उस अंधेरी रात में भी परमेश्वर उसके साथ था, और परमेश्वर की मनुष्यों की योजनाओं से बहुत अधिक बेहतर और भलाई की दूरगामी योजनाएं उसके साथ थीं। प्रभु यीशु मसीह में होकर आज स्वर्ग हमारे लिए बहुत निकट है, और “याकूब का परमेश्वर” हमारे साथ रहता है। - मार्ट डीहॉन



परमेश्वर हमारे सोचने से अधिक निकट है।

यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है। - भजन 34:18

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 28:10-17
Genesis 28:10 सो याकूब बेर्शेबा से निकल कर हारान की ओर चला।
Genesis 28:11 और उसने किसी स्थान में पहुंच कर रात वहीं बिताने का विचार किया, क्योंकि सूर्य अस्त हो गया था; सो उसने उस स्थान के पत्थरों में से एक पत्थर ले अपना तकिया बना कर रखा, और उसी स्थान में सो गया।
Genesis 28:12 तब उसने स्वप्न में क्या देखा, कि एक सीढ़ी पृथ्वी पर खड़ी है, और उसका सिरा स्वर्ग तक पहुंचा है: और परमेश्वर के दूत उस पर से चढ़ते उतरते हैं।
Genesis 28:13 और यहोवा उसके ऊपर खड़ा हो कर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा।
Genesis 28:14 और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे।
Genesis 28:15 और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा।
Genesis 28:16 तब याकूब जाग उठा, और कहने लगा; निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था।
Genesis 28:17 और भय खा कर उसने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 14-15
  • लूका 22:21-46



गुरुवार, 2 मई 2019

स्पर्ष



      काएली ने पूर्वी अफ्रीका के एक भीतरी इलाके में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए जा रहे अभियान में सम्मिलित होने के अवसर को तुरंत सहर्ष स्वीकार तो कर लिया, किन्तु उसे कुछ बेचैनी भी थी। उसे कोई भी चिकित्सा संबंधित अनुभव नहीं था; वह केवल बुनियादी देखभाल ही प्रदान कर सकती थी।

      उस अभियान के समय वह एक महिला के संपर्क में आई जिसे भयंकर किन्तु साध्य रोग था। उस रोग के कारण उस महिला की ख़राब टांग को देखकर काएली को घृणा तो हुई, परन्तु उसे इस बात का भी एहसास था कि उसके लिए कुछ करना तो पड़ेगा। जब वह उस महिला की टांग की मरहम-पट्टी करने लगी, तो वह महिला रोने लगी। चिन्तित होकर काएली ने पूछा कि क्या उसके कार्य से पीड़ा हो रही है, तो महिला ने उत्तर दिया, “नहीं; लेकिन यह पहली बार हुआ है कि नौ वर्ष में किसी ने मुझे छुआ है।”

      कोढ़ एक ऐसी बीमारी है जिसके रोगियों को देखकर लोगों को घृणा आती है, और प्राचीन यहूदी संस्कृति में कोढ़ को फैलने से रोकने के लिए कोढियों से संबंधित कुछ कठोर नियम लागू किए गए थे। उन्हें छावनी या निवास-स्थलों के बाहर अकेले रहना होता था (लैव्यवस्था 13:46)।

      इसीलिए यह इतना असाधारण है कि एक कोढ़ी ने प्रभु यीशु के पास आकर उससे कहा, “हे प्रभु यदि तू चाहे, तो मुझे शुद्ध कर सकता है” (मत्ती 8:2)। और प्रत्युत्तर में प्रभु यीशु ने उससे कहा “मैं चाहता हूं, तू शुद्ध हो जा और वह तुरन्त कोढ़ से शुद्ध हो गया” (मत्ती 8:3)।

      एक कोढ़ी महिला की रोग-ग्रस्त टांग को छूने के द्वारा काएली ने प्रभु यीशु के उस साहसी, साथ लेकर चलने वाले प्रेम का व्यावहारिक प्रगटीकरण किया। एक स्पर्ष अन्तर ला सकता है। - टिम गुस्ताफ्सन


यदि हम परमेश्वर पर भरोसा रखकर उसे अनुमति दें कि वह हमें प्रयोग करे, 
तो हम कितना अन्तर ला सकते हैं।

और चलते चलते प्रचार कर कहो कि स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है। बीमारों को चंगा करो: मरे हुओं को जिलाओ: कोढिय़ों को शुद्ध करो: दुष्टात्माओं को निकालो: तुम ने सेंतमेंत पाया है, सेंतमेंत दो। - मत्ती 10:7-8

बाइबल पाठ: मत्ती 8:1-4
Matthew 8:1 जब वह उस पहाड़ से उतरा, तो एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली।
Matthew 8:2 और देखो, एक कोढ़ी ने पास आकर उसे प्रणाम किया और कहा; कि हे प्रभु यदि तू चाहे, तो मुझे शुद्ध कर सकता है।
Matthew 8:3 यीशु ने हाथ बढ़ाकर उसे छूआ, और कहा, मैं चाहता हूं, तू शुद्ध हो जा और वह तुरन्त कोढ़ से शुद्ध हो गया।
Matthew 8:4 यीशु ने उस से कहा; देख, किसी से न कहना परन्तु जा कर अपने आप को याजक को दिखला और जो चढ़ावा मूसा ने ठहराया है उसे चढ़ा, ताकि उन के लिये गवाही हो।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 12-13
  • लूका 22:1-20



बुधवार, 1 मई 2019

शान्ति



      आप की क्या प्रतिक्रया होगी, यदि दिनचर्या के कार्य करते हुए अचानक ही परमेश्वर आपके समक्ष एक सन्देश लेकर प्रगट हो जाए? परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि ऐसा एक प्राचीन इस्राएली गिदोन के साथ हुआ, “उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है” (न्यायियों 6:12)। गिदोन बस खामोश रहकर, थूक गटक कर, अपना सिर हिलाकर प्रतिक्रया दे सकता था, परन्तु, “गिदोन ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, यदि यहोवा हमारे संग होता, तो हम पर यह सब विपत्ति क्यों पड़ती? और जितने आश्चर्यकर्मों का वर्णन हमारे पुरखा यह कहकर करते थे, कि क्या यहोवा हम को मिस्र से छुड़ा नहीं लाया, वे कहां रहे? अब तो यहोवा ने हम को त्याग दिया, और मिद्यानियों के हाथ कर दिया है” (न्यायियों 6:13)। गिदोन जानना चाहता था कि ऐसा क्यों प्रतीत हो रहा है कि परमेश्वर ने अपने लोगों को त्याग दिया है?

      परमेश्वर ने इस प्रश्न का उसे कोई उत्तर नहीं दिया। सात वर्षों से गिदोन तथा इस्राएली शत्रु के हमले, भुखमरी, और गुफाओं में छिपकर जान बचाना झेल रहे थे, किन्तु परमेश्वर ने कोई स्पष्टिकरण नहीं दिया कि उसने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। परमेश्वर बीते समय में किए गए इस्राएल के पापों को कारण बता सकता था, किन्तु इसके स्थान पर उसने गिदोन को भविष्य के लिए आशा दी। परमेश्वर ने गिदोन से कहा, “तब यहोवा ने उस पर दृष्टि कर के कहा, अपनी इसी शक्ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा;...निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; सो तू मिद्यानियों को ऐसा मार लेगा जैसा एक मनुष्य को” (पद 14, 16)।

      क्या आप कभी विचार करते हैं  कि परमेश्वर आपके जीवन में दुःख और परेशानियों को क्यों आने देता है? इस प्रश्न का उत्तर देने के स्थान पर परमेश्वर आज आपको अपनी निकटता के एहसास द्वारा, तथा यह स्मरण दिलवाकर कि आप जब भी कमज़ोर अनुभव करें, आप उसकी सामर्थ्य पर भरोसा रख सकते हैं, संतुष्ट कर सकता है। जब अन्ततः गिदोन ने यह मान लिया कि परमेश्वर उसके साथ है, और उसकी सहायता करेगा, तब “गिदोन ने वहां यहोवा की एक वेदी बनाकर उसका नाम यहोवा शालोम रखा” (पद 24)।

      यह जानने और इसमें भरोसा रखने में शान्ति है कि हम चाहे कुछ भी करें, हम चाहे जहाँ भी जाएँ, परमेश्वर सदा हमारे साथ बना रहता है, और उसने हम से वायदा किया है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करने से उत्तम क्या हो सकता है? 
भले और सामर्थी परमेश्वर पर विश्वास रखना।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: न्यायियों 6:11-16, 24
Judges 6:11 फिर यहोवा का दूत आकर उस बांजवृझ के तले बैठ गया, जो ओप्रा में अबीएजेरी योआश का था, और उसका पुत्र गिदोन एक दाखरस के कुण्ड में गेहूं इसलिये झाड़ रहा था कि उसे मिद्यानियों से छिपा रखे।
Judges 6:12 उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है।
Judges 6:13 गिदोन ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, यदि यहोवा हमारे संग होता, तो हम पर यह सब विपत्ति क्यों पड़ती? और जितने आश्चर्यकर्मों का वर्णन हमारे पुरखा यह कहकर करते थे, कि क्या यहोवा हम को मिस्र से छुड़ा नहीं लाया, वे कहां रहे? अब तो यहोवा ने हम को त्याग दिया, और मिद्यानियों के हाथ कर दिया है।
Judges 6:14 तब यहोवा ने उस पर दृष्टि कर के कहा, अपनी इसी शक्ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा; क्या मैं ने तुझे नहीं भेजा?
Judges 6:15 उसने कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, मैं इस्राएल को क्योंकर छुड़ाऊ? देख, मेरा कुल मनश्शे में सब से कंगाल है, फिर मैं अपने पिता के घराने में सब से छोटा हूं।
Judges 6:16 यहोवा ने उस से कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; सो तू मिद्यानियों को ऐसा मार लेगा जैसा एक मनुष्य को।
Judges 6:24 तब गिदोन ने वहां यहोवा की एक वेदी बनाकर उसका नाम यहोवा शालोम रखा। वह आज के दिन तक अबीएजेरियों के ओप्रा में बनी है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 10-11
  • लूका 21:20-38



मंगलवार, 30 अप्रैल 2019

प्रेम



      हम अपने दैनिक जीवन में देखते हैं कि शायद ही कभी कोई ऐसा दिन होता होगा जिसमें हमें अपमान, उपेक्षा, या अनादर का सामना न करना पड़ता हो। कभी-कभी हम स्वयँ ही यह अपने प्रति कर लेते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि दाऊद के शत्रु उसके साथ ऐसा ही व्यवहार कर रहे थे – वे उसे धमका रहे थे, डरा रहे थे, उसकी निन्दा कर रहे थे। इस कारण उसका आत्म-सम्मान और अपने प्रति भाव बहुत गिर गिया (भजन 4:1-2) और वह इस परेशानी की स्थिति में से निकलने का मार्ग ढूँढ़ रहा था।

      फिर दाऊद को स्मरण आया कि, “यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा” (पद 3)। दाऊद के इस  दृढ़ कथन के भाव को समझाने के लिए भिन्न अंग्रेज़ी अनुवाद भिन्न शब्द प्रयोग करते हैं। यहाँ पर जिस शब्द का अनुवाद “भक्त” हुआ है, मूल इब्रानी भाषा मैं वह है ‘हेसेद’ जिसका अर्थ होता है परमेश्वर द्वारा वाचा में बाँधा गया प्रेम, अर्थात दाऊद के कहने का अभिप्राय था “वह जिससे परमेश्वर सदा काल तक प्रेम करता ही रहेगा।”

      आज हम मसीही विश्वासियों को भी यही बात सदैव स्मरण रखनी चाहिए: परमेश्वर हम से सदा काल का प्रेम करता है, उसने हमें प्रभु यीशु मसीह में होकर एक विशेष स्थान प्रदान किया है, जहाँ हम उसके लिए उतने ही प्रिय हैं जितना प्रभु यीशु। उसने हमें अनन्तकाल के लिए अपनी सन्तान होने के लिए बुलाया है।

      इसलिए परिस्थितियों के कारण निराश होने के स्थान पर, हम अपने आप को परमेश्वर के उस प्रेम के विषय जो वह हमसे करता है, सदा स्मरण दिला सकते हैं। हम परमेश्वर की अति प्रिय सन्तान हैं, और हमारे लिए निराशा नहीं वरन आनन्द और शान्ति निर्धारित है (पद 6, 7)। हमारे प्रति परमेश्वर की आशा सदा बनी रहती है, उसका प्रेम कभी कम नहीं होता है। - डेविड रोपर


परमेश्वर के प्रेम की वास्तविकता है कि उसका प्रेम असीम होता है। - बर्नार्ड क्लैरवौक्स

यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है। - यिर्मयाह 31:3

बाइबल पाठ: भजन 4:1-8
Psalms 4:1 हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।
Psalms 4:2 हे मनुष्यों के पुत्रों, कब तक मेरी महिमा के बदले अनादर होता रहेगा? तुम कब तक व्यर्थ बातों से प्रीति रखोगे और झूठी युक्ति की खोज में रहोगे?
Psalms 4:3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा।
Psalms 4:4 कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो।
Psalms 4:5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ, और यहोवा पर भरोसा रखो।
Psalms 4:6 बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका!
Psalms 4:7 तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था।
Psalms 4:8 मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 8-9
  • लूका 21:1-19