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रविवार, 16 जून 2019

जिलाए



      मेरे पिता युवावस्था में, अपने मित्रों के साथ शहर से बाहर जा रहे थे, कि वर्षा से गीली सड़क पर उनकी कार के टायर फिसलने से कार की भयानक दुर्घटना हो गई, जिससे उनके एक मित्र की मृत्यु हो गई, दूसरे को लकवा मार गया, और मेरे पिता को मृतक कह कर शव-ग्रह में डाल दिया गया। उनके स्तब्ध और शोक-संतप्त माता-पिता उनकी देह की पहचान करने के लिए शव-ग्रह पहुँचे, तो पता चला कि वो गहरी बेहोशी में हैं, जिसमें से फिर उन्हें निकाला और बचाया जा सका। उनके परिवार का विलाप आनन्द में परिवर्तित हो गया।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इफिसियों 2 अध्याय में प्रेरित पौलुस हमें स्मरण करवाता है कि मसीह यीशु के बिना हम “अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे” (पद 1)। परन्तु हमारे प्रति उसके महान प्रेम के अन्तर्गत, “परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया। जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है)” (पद 4-5)। मसीह यीशु में होकर हम मृत्यु से जिलाए गए हैं।

      इसलिए प्रत्येक दृष्टिकोण से हमारे जीवनों के लिए हम अपने स्वर्गीय पिता के आभारी हैं। पिता परमेशर ने अपने महान प्रेम में होकर हमारे लिए, जो पाप में मरे हुए थे, उसके पुत्र प्रभु यीशु द्वारा हमें जिलाया और हमारे जीवन को उद्देश्य दिया। - बिल क्राउडर


हम ऐसे क़र्ज़ से दबे थे जिसे चुका नहीं सकते थे; 
हमारे लिए प्रभु यीशु ने वो क़र्ज़ चुका दिया जो उसका नहीं था।

और वह [प्रभु यीशु] इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। - 2 कुरिन्थियों 5:15

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया।
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।

एक साल में बाइबल:  
  • नहेम्याह 4-6
  • प्रेरितों 2:22-47



शनिवार, 15 जून 2019

एक मन



      मेरी एक सहेली के साथ एक विषय को लेकर विचारों में भिन्नता थी, जिसके  लिए मैंने उसे ई-मेल से संपर्क किया; किन्तु उसने कोई प्रत्युत्तर नहीं दिया। उसकी खामोशी देखकर मैं सोचने लगी कि क्या मैंने सीमाएं लाँघ दीन हैं? मैं बारंबार उसे इस बात के लिए संपर्क करके परेशान भी नहीं करना चाहती थी, और मुद्दे को ऐसे ही भी नहीं छोड़ना चाहती थी, यह जानते हुए कि शीघ्र ही वह एक विदेश यात्रा पर जाने वाली है। अगले कुछ दिनों में वह मेरे विचारों में निरन्तर आती रही, और मैं उसके लिए प्रार्थना करती रही, किन्तु आगे बढ़ने के मार्ग को लेकर असमंजस बना रहा। फिर एक प्रातः मैं अपने स्थानीय उद्यान में टहलने गई, तो उसे वहाँ देखा; जैसे ही उसकी नज़र मुझ पर पड़ी, उसके चेहरे पर पीड़ा के भाव उभर आए। किन्तु मैं उसकी ओर चेहरे पर अभिन्दन के भाव के साथ बड़ी सी मुस्कराहट लिए हुई बढ़ी, और मन में ही परमेश्वर का धन्यवाद किया कि मुझे उसके साथ वार्तालाप करने का अवसर मिल गया। हमने खुलकर सभी बातों के विषय बातचीत की, और अपने मतभेदों का समाधान कर सके।

      कभी-कभी जब पीड़ा या खामोशी हमारे संबंधों में बाधा डालने लगते हैं, तो संबंधों को सुधार पाना हमें अपने नियंत्रण के बाहर प्रतीत होता है। किन्तु जैसे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफिसुस की मसीही मण्डली के विश्वासियों को लिखा, हमें परमेश्वर की आत्मा की सहायता से शान्ति और एक मनता में रहने के लिए बुलाया गया है। हमने दीनता, नम्रता, और धैर्य को धारण किए हुए अपने संबंधों को परमेश्वर द्वारा ठीक किए जाने के खोजी रहना है। प्रभु परमेश्वर की लालसा है कि हम मसीही विश्वासी एक मनता में रहें, और अपने पवित्र आत्मा के द्वारा वह लोगों को एक साथ, एक मनता में भी ला सकता है, अनेपक्षित रीति से भी, जैसे तब, जब हम टहलने के लिए निकले हों। - एमी बाउचर पाई


परमेश्वर मसीही विश्वासियों में एकता चाहता है।

देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें! – भजन 133:1

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:1-6
Ephesians 4:1 सो मैं जो प्रभु में बन्‍धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, उसके योग्य चाल चलो।
Ephesians 4:2 अर्थात सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो।
Ephesians 4:3 और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्‍न करो।
Ephesians 4:4 एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है।
Ephesians 4:5 एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बपतिस्मा।
Ephesians 4:6 और सब का एक ही परमेश्वर और पिता है, जो सब के ऊपरऔर सब के मध्य में, और सब में है।

एक साल में बाइबल:  
  • नहेम्याह 1-3
  • प्रेरितों 2:1-21



शुक्रवार, 14 जून 2019

अनुग्रह



      एक मित्र और उसकी पत्नि ने, जो अब नब्बे वर्ष से अधिक के हैं और वैवाहिक जीवन के छियासठ वर्ष पूरे कर चुके हैं, अपने बच्चों, नाती-पोतों, और आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने पारिवारिक इतिहास को लिखा। उनकी पुस्तक का अंतिम अध्याय था, “माता और पिता की ओर से एक पत्र” जिसमें उनके द्वारा अपने जीवनों से सीखे महत्वपूर्ण पाठ थे। इनमें से एक ने मुझे रुक कर अपने जीवन पर विचार करने के लिए विवश किया: “यदि आपको लगने लगे कि मसीही विश्वास आपको थका दे रहा है, आपकी स्फूर्ति को छीन ले रहा है, तो फिर आप प्रभु यीशु मसीह के साथ संबंध का आनन्द लेने के स्थान पर एक धर्म का निर्वाह करने लगे हैं। प्रभु के साथ जीने से आप थकेंगे नहीं; वरन वह आपके लिए स्फूर्तिदायक, आपकी सामर्थ्य को बढ़ाने वाला और जीवन को और क्रियाशील कर देने वाला होगा” (मत्ती 11:28-29)।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के इस खण्ड की यूजीन पीटरसन द्वारा की गई व्याख्या के आरंभ में प्रभु यीशु का निमंत्रण इस प्रकार से कहा गया है, “क्या आप थके हुए हैं? थक कर चूर-चूर हो गए हैं? धर्म के निर्वाह करते करते निष्क्रीय हो गए हैं?...मेरे साथ चलो और मेरे साथ काम करो...मेरे अनुग्रह की सहज लय से परिचित हो जाओ। (The Message)”

      यदि मैं यह सोचने लगूँ कि परमेश्वर की सेवा करना मेरे अपने प्रयासों से है, तो मैंने उसके साथ चलने के स्थान, पर उसके लिए काम करना आरंभ कर दिया; इन दोनों में एक बहुत महत्वपूर्ण भिन्नता है। यदि मैं मसीह यीशु के साथ चल नहीं रहा हूँ तो मेरी आत्मा रूखी और सरलता से टूटने वाली हो जाती है। तब लोग खीज दिलाने वाले  हो जाते हैं, न कि परमेश्वर के स्वरूप में बने साथी मनुष्य। तब कुछ भी सही नहीं लगता है।

      जब मैं यह देखता हूँ कि मैं प्रभु यीशु के साथ संबंध का आनन्द लेने के स्थान पर धर्म का निर्वाह करने लग गया हूँ, तो फिर यह समय है कि उस बोझ को उतार कर प्रभु के चरणों में रख दूँ, और उसके अनुग्रह की लय में प्रवाहित होने लगूँ। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु चाहता है कि हम उसके साथ चलें।

यदि दो मनुष्य परस्पर सहमत न हों, तो क्या वे एक संग चल सकेंगे? – अमोस 3:3

बाइबल पाठ: मत्ती 11:25-30
Matthew 11:25 उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
Matthew 11:26 हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
Matthew 11:27 मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंपा है, और कोई पुत्र को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पुत्र और वह जिस पर पुत्र उसे प्रगट करना चाहे।
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।

एक साल में बाइबल:  
  • एज्रा 9-10
  • प्रेरितों 1



गुरुवार, 13 जून 2019

महिमा


      बहुत साल पहले मैं अपने पुत्रों के साथ आँगन में लेटा हुआ आकाश में बादलों को तैरते हुए देख रहा था। मेरे एक बेटे ने पूछा, “पिताजी, बादल ऐसे तैरते क्यों हैं?” मैंने उसे अपने व्यापक ज्ञान को दिखाने के लिए बोलना आरंभ किया, “देखो बेटा...,” किन्तु फिर शान्त हो गया। फिर मैंने स्वीकार किया “मुझे अभी पता नहीं है, परन्तु मैं तुम्हारे लिए उत्तर को पता करके बता दूँगा।”

      मैंने पाया कि इस प्रश्न का उत्तर था, वायुमण्डल की नमी का भाप से जल का द्रवीकरण होने के बाद, वह गुरत्वाकर्षण से नीचे धरती की ओर आने लगती है, और गरम धरती से उठ रही गरम हवा से मिलने के बाद वह फिर से भाप बनाकर वायुमण्डल में ऊपर उठ जाती है। यह इस प्रक्रिया का प्राकृतिक स्पष्टीकरण है।

      परन्तु प्राकृतिक स्पष्टिकरण अंतिम उत्तर नहीं होते हैं। बादल इसलिए तैरते हैं क्योंकि परमेश्वर ने अपनी बुद्धिमत्ता के अन्तर्गत प्रकृति के ऐसे नियम बनाए हैं कि उनसे उस “सर्वज्ञानी के आश्चर्यकर्म” प्रगट होते हैं (अय्यूब 37:16)। इसलिए बादलों को हम एक चिन्ह के समान देख सकते हैं  - सृष्टि में विदित परमेश्वर की भलाई और अनुग्रह का दृश्य और प्रगट चिन्ह।

      इसलिए यदि किसी दिन आप समय निकालकर बादलों में दिखने वाली छवियों पर ध्यान लगा रहे हों, तो यह स्मरण रखें: वह जो सब कुछ को सुन्दर बनाता है, उस ही ने बादलों को हवा में तैरने की क्षमता प्रदान की है। वह ऐसा इसलिए करता है जिससे हम उसकी रचना पर आश्चर्य करें और उसकी आराधना करें।
      आकाश भी परमेश्वर की महिमा का बयान करता है। - डेविड रोपर


सृष्टि सृष्टिकर्ता परमेश्वर की ओर संकेत करने वाले चिन्हों से भरी पड़ी है।

क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। - रोमियों 1:20

बाइबल पाठ: अय्यूब 37: 1-16
Job 37:1 फिर इस बात पर भी मेरा हृदय कांपता है, और अपने स्थान से उछल पड़ता है।
Job 37:2 उसके बोलने का शब्द तो सुनो, और उस शब्द को जो उसके मुंह से निकलता है सुनो।
Job 37:3 वह उसको सारे आकाश के तले, और अपनी बिजली को पृथ्वी की छोर तक भेजता है।
Job 37:4 उसके पीछे गरजने का शब्द होता है; वह अपने प्रतापी शब्द से गरजता है, और जब उसका शब्द सुनाईं देता है तब बिजली लगातार चमकने लगती है।
Job 37:5 ईश्वर गरज कर अपना शब्द अद्भूत रीति से सुनाता है, और बड़े बड़े काम करता है जिन को हम नहीं समझते।
Job 37:6 वह तो हिम से कहता है, पृथ्वी पर गिर, और इसी प्रकार मेंह को भी और मूसलाधार वर्षा को भी ऐसी ही आज्ञा देता है।
Job 37:7 वह सब मनुष्यों के हाथ पर मुहर कर देता है, जिस से उसके बनाए हुए सब मनुष्य उसको पहचानें।
Job 37:8 तब वनपशु गुफाओं में घुस जाते, और अपनी अपनी मांदों में रहते हैं।
Job 37:9 दक्खिन दिशा से बवण्डर और उतरहिया से जाड़ा आता है।
Job 37:10 ईश्वर की श्वास की फूंक से बरफ पड़ता है, तब जलाशयों का पाट जम जाता है।
Job 37:11 फिर वह घटाओं को भाफ़ से लादता, और अपनी बिजली से भरे हुए उजियाले का बादल दूर तक फैलाता है।
Job 37:12 वे उसकी बुद्धि की युक्ति से इधर उधर फिराए जाते हैं, इसलिये कि जो आज्ञा वह उन को दे, उसी को वे बसाई हुई पृथ्वी के ऊपर पूरी करें।
Job 37:13 चाहे ताड़ना देने के लिये, चाहे अपनी पृथ्वी की भलाई के लिये वा मनुष्यों पर करुणा करने के लिये वह उसे भेजे।
Job 37:14 हे अय्यूब! इस पर कान लगा और सुन ले; चुपचाप खड़ा रह, और ईश्वर के आश्चर्यकर्मों का विचार कर।
Job 37:15 क्या तू जानता है, कि ईश्वर क्योंकर अपने बादलों को आज्ञा देता, और अपने बादल की बिजली को चमकाता है?
Job 37:16 क्या तू घटाओं का तौलना, वा सर्वज्ञानी के आश्चर्यकर्म जानता है?

एक साल में बाइबल:  
  • एज्रा 6-8
  • यूहन्ना 21




बुधवार, 12 जून 2019

व्यर्थ



      तीन साल से शारीरिक अक्षमताओं और सदा बने रहने वाले दर्द से जूझते रहने के कारण निराशा और अवसाद से संघर्ष करते हुए मैंने अपनी एक सहेली से कहा, “मेरा शरीर बिखर रहा है, मुझे लगता है कि मेरे पास परमेश्वर को अर्पित करने या किसी अन्य को देने के लिए अब कुछ शेष नहीं रहा है।” उसने अपने हाथ मुझपर रखे और कहा, “क्या तुम यह कह रही हो कि जब मैं मुस्कुराहट के साथ तुम्हारा अभिनन्दन करती हूँ, या तुम्हारी बात को सुनती हूँ तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है? क्या तुम यह कहोगी कि मेरा तुम्हारे लिए प्रार्थना करना या तुम्हें सांत्वना के शब्द बोलना सब व्यर्थ है?”

      मैंने अपनी आरामकुर्सी में धंसते हुए उसे उत्तर दिया, “नहीं! ऐसा कदापि नहीं है।

      फिर उसने भौंहें चढ़ाकर कहा, “तो फिर तुम अपने आप से ये झूठ क्यों बोल रही हो? तुम भी तो यह सब मेरे और अपने अन्य मित्रों के लिए करती हो!”

      मैंने परमेश्वर का धन्यवाद किया कि उसने मुझे स्मरण दिलाया कि हम उसके लिए जो कुछ भी करते हैं, वह व्यर्थ कतई नहीं होता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में 1 कुरिन्थियों 15 में प्रेरित पौलुस हमें आश्वस्त करता है कि हमारे शरीर वर्तमान में दुर्बल हो सकते हैं, परन्तु हम “सामर्थ्य के साथ जी उठेंगे” (पद 43)। क्योंकि परमेश्वर का यह वायदा है कि हम मसीह यीशु में जी उठेंगे, इसलिए हम उस पर भरोसा रख सकते हैं कि वह हमारी प्रत्येक भेंट, वह चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, उसके लिए किया गया हमारा प्रत्येक प्रयास, वह चाहे छोटा ही क्यों न हो, को महत्व देगा और उसे अपने राज्य के लिए प्रयोग करेगा (पद 58)।

      चाहे हम शारीरिक दुर्बलता को क्यों न झेल रहे हों, हमारी उस परिक्षा की स्थिति में भी दी गई एक मुस्कराहट, प्रोत्साहन का एक शब्द, एक प्रार्थना, या हमारे विश्वास का एक प्रगटीकरण प्रभु की देह, उसकी कलीसिया के विभिन्न और विविध सदस्यों के जीवनों में उपयोगी और महत्वपूर्ण हो सकता है। जब हम प्रभु की सेवा करते हैं तो हमारा कोई भी कार्य, प्रेम की कोई भी अभिव्यक्ति, कभी व्यर्थ नहीं होते हैं, सब का महत्व और उपयोग है। - जोशील डिक्सन


जो भी आपके पास है, उससे जो कुछ भी संभव है वह करें, और परिणाम परमेश्वर पर छोड़ दें।

जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आनेवाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। - यूहन्ना 9:4

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:42-58
1 Corinthians 15:42 मुर्दों का जी उठना भी ऐसा ही है। शरीर नाशमान दशा में बोया जाता है, और अविनाशी रूप में जी उठता है।
1 Corinthians 15:43 वह अनादर के साथ बोया जाता है, और तेज के साथ जी उठता है; निर्बलता के साथ बोया जाता है; और सामर्थ के साथ जी उठता है।
1 Corinthians 15:44 स्‍वाभाविक देह बोई जाती है, और आत्मिक देह जी उठती है: जब कि स्‍वाभाविक देह है, तो आत्मिक देह भी है।
1 Corinthians 15:45 ऐसा ही लिखा भी है, कि प्रथम मनुष्य, अर्थात आदम, जीवित प्राणी बना और अन्‍तिम आदम, जीवनदायक आत्मा बना।
1 Corinthians 15:46 परन्तु पहिले आत्मिक न था, पर स्‍वाभाविक था, इस के बाद आत्मिक हुआ।
1 Corinthians 15:47 प्रथम मनुष्य धरती से अर्थात मिट्टी का था; दूसरा मनुष्य स्‍वर्गीय है।
1 Corinthians 15:48 जैसा वह मिट्टी का था वैसे ही और मिट्टी के हैं; और जैसा वह स्‍वर्गीय है, वैसे ही और भी स्‍वर्गीय हैं।
1 Corinthians 15:49 और जैसे हम ने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्‍वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे।
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है।
1 Corinthians 15:51 देखो, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे।
1 Corinthians 15:52 और यह क्षण भर में, पलक मारते ही पिछली तुरही फूंकते ही होगा: क्योंकि तुरही फूंकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जांएगे, और हम बदल जाएंगे।
1 Corinthians 15:53 क्योंकि अवश्य है, कि यह नाशमान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले।
1 Corinthians 15:54 और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तब वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया।
1 Corinthians 15:55 हे मृत्यु तेरी जय कहां रही?
1 Corinthians 15:56 हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है।
1 Corinthians 15:57 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है।
1 Corinthians 15:58 सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।

एक साल में बाइबल:  
  • एज्रा 3-5
  • यूहन्ना 20



मंगलवार, 11 जून 2019

अवस्था



      हमारे चर्च के स्तुतिगान समूह में जब मेरे पति माउथ-ऑर्गन बजाते हैं तो मैंने ध्यान किया है कि वे कभी-कभी बजाते समय अपनी आँखे बन्द कर लेते हैं। उनका कहना है कि वे यह इसलिए करते हैं जिससे उनका ध्यान बंटाने वाली किसी बात के कारण उनके बजाने में खलल न पड़े और वे पूरी एकाग्रता से बजा सकें; उनका ध्यान केवल उनके माउथ-ऑर्गन, संगीत और स्वयँ पर हो और इन सबके द्वारा वे पूरी लगाने के साथ परमेश्वर की स्तुति कर सकें।

      कुछ लोग सोचते हैं कि प्रार्थना करते समय आँखें बन्द रखना क्या आवश्यक है? क्योंकि हम कभी भी, किसी भी समय प्रार्थना कर सकते हैं, इसलिए सदा ही आँखे बन्द करना शायद संभव न हो – जैसे कि तब, जब हम कहीं टहलने निकले हैं, या बागबानी कर रहे हैं, या गाड़ी चला रहे हैं।

      जब हम परमेश्वर से वार्तालाप कर रहे हों, तो परमेश्वर के वचन बाइबल में हमारे किसी विशेष अवस्था में होने के लिए कोई नियम या अनिवार्यता नहीं है। जब राजा सुलेमान ने मंदिर के समर्पण के समय प्रार्थना की तो उसने घुटने टेक कर और अपने हाथ स्वर्ग की ओर उठाकर प्रार्थना की (2 इतिहास 6:13-14)। बाइबल में घुटने टेक कर (इफिसियों 3:14), खड़े होकर (लूका 18:10-13), औंधे मूँह होकर (मत्ती 26:39) प्रार्थना करने की अवस्थाओं का उल्लेख आया है।

      हम चाहे परमेश्वर के सामने घुटने टेकें या खड़े हों, चाहे अपने हाथ स्वर्ग की ओर उठाएँ, या परमेश्वर पर ध्यान बेहतर केंद्रित करने के लिए आँखों को बन्द करें, मुख्य बात हमारे शरीर की अवस्था नहीं, हमारे मन की दशा है। हम  जो कुछ करते हैं वह सब हमारे हृदय से ही आता है (नीतिवचन 4: 23)। इसलिए जब हम प्रार्थना करें, तो हमारे हृदय सदा ही परमेश्वर के समक्ष श्रद्धा, कृतज्ञता, और नम्रता में झुके रहें, क्योंकि हम जानते हैं कि उसकी आँखे सदा हम पर लगी रहती हैं और उसके कान हमारी प्रार्थनाओं की ओर सदा लगे रहते हैं (2 इतिहास 6:40)। - सिंडी हैस कैस्पर


नम्र हृदय की गहराइयों से ही सर्वोच्च प्रार्थना निकलती है।

सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है। - नीतिवचन 4: 23

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 6:7-9, 12-15
2 Chronicles 6:7 मेरे पिता दाऊद की यह मनसा थी कि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनवाए।
2 Chronicles 6:8 परन्तु यहोवा ने मेरे पिता दाऊद से कहा, तेरी जो मनसा है कि यहोवा के नाम का एक भवन बनाए, ऐसी मनसा कर के तू ने भला तो किया;
2 Chronicles 6:9 तौभी तू उस भवन को बनाने न पाएगा: तेरा जो निज पुत्र होगा, वही मेरे नाम का भवन बनाएगा।
2 Chronicles 6:12 तब वह इस्राएल की सारी सभा के देखते यहोवा की वेदी के साम्हने खड़ा हुआ और अपने हाथ फैलाए।
2 Chronicles 6:13 सुलैमान ने पांच हाथ लम्बी, पांच हाथ चौड़ी और तीन हाथ ऊंची पीतल की एक चौकी बनाकर आंगन के बीच रखवाई थी; उसी पर खड़े हो कर उसने सारे इस्राएल की सभा के सामने घुटने टेक कर स्वर्ग की ओर हाथ फैलाए हुए कहा,
2 Chronicles 6:14 हे यहोवा, हे इस्राएल के परमेश्वर, तेरे समान न तो स्वर्ग में और न पृथ्वी पर कोई ईश्वर है: तेरे जो दास अपने सारे मन से अपने को तेरे सम्मुख जान कर चलते हैं, उनके लिये तू अपनी वाचा पूरी करता और करुणा करता रहता है।
2 Chronicles 6:15 तू ने जो वचन मेरे पिता दाऊद को दिया था, उसका तू ने पालन किया है; जैसा तू ने अपने मुंह से कहा था, वैसा ही अपने हाथ से उसको हमारी आंखों के साम्हने पूरा भी किया है।

एक साल में बाइबल:  
  • एज्रा 1-2
  • यूहन्ना 19:23-42



सोमवार, 10 जून 2019

खोज



      छोटे बच्चों की एक लोकप्रिय पुस्तक श्रंखला है “Where’s Waldo” (वाल्डो कहाँ है?)। वाल्डो एक कार्टून पात्र है और पुस्तक के प्रत्येक पृष्ठ पर बने चित्रों में वह लोगों के मध्य कहीं छिपा होता है, तथा बच्चों को उसे ढूँढना होता है। सँसार के सभी स्थानों पर, वाल्डो को खोज लेने से उनके बच्चों के चेहरे पर आने वाली मुस्कराहट से माता-पि़ता भी हर्षित होते हैं। या, जब बच्चे वाल्डो को खोजने के लिए उनकी सहायता मांगते हैं, तो बच्चों के साथ बिताए गए समय से उन्हें प्रसन्नता होती है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रारंभिक कलीसिया के एक अगुवे, स्तिफ्नुस को मसीह यीशु के नाम का प्रचार करने के लिए पत्थरवाह करके मार डाला गया (प्रेरितों 7), और इसके साथ ही यरूशलेम में मसीही विश्वासियों के विरुद्ध भारी सताव आरंभ हो गया। इस सताव से बचने के लिए बहुत से मसीही विश्वासी यरूशलेम छोड़कर इधर-उधर तित्तर-बित्तर हो गए। एक अन्य मसीही अगुवा, फिलिप्पुस, उन इधर-उधर तित्तर-बित्तर हुए मसीही विशावासियों में से कुछ के पीछे सामरिया में सेवकाई के लिए गया, उसने वहाँ मसीह यीशु का प्रचार किया, और उसे बहुत अच्छे से स्वीकार किया गया। जब वह वहाँ यह कर रहा था तो परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने उसे एक विशेष अभियान पर उसे एक “जंगल के मार्ग” पर भेजा। यह देखते हुए कि उसके प्रचार से कैसा भला प्रतिफल आ रहा था, यह एक विचित्र बात लगती है। परन्तु फिलिप्पुस के आनन्द का अंदाजा कीजिए जब उस जंगल के मार्ग पर उसकी भेंट कुश देश के खजांची के साथ हुई, जो यशायाह नबी की पुस्तक में से प्रभु यीशु मसीह के विषय जानना चाह रहा था, और फिलिप्पुस ने इस खोज में उसकी सहायता की, तथा फिर उस खज़ान्ची ने प्रभु यीशु मसीह को ग्रहण करके बपतिस्मा भी ले लिया (पद 26-40)।

      बहुधा हमें भी अवसर दिया जाता है कि हम बाइबल में प्रभु यीशु मसीह के विषय खोजने में औरों की सहायता करें, जिससे वे प्रभु को और अधिक निकटता से जान सकें। जैसे माता-पिता के लिए वाल्डो को खोजने और फिलिप्पुस के लिए उस खजांची की सहायता करने से मिले आनन्द की अनुभूति थी, वैसे ही आनन्द का अनुभव हमें भी होता है जब हम उन लोगों के चेहरों पर उस मुस्कराहट, उस संतुष्टि को देखते हैं, जिनकी हम सहायता कर रहे हैं।

      अपने जीवन के दिन बिताते हुए, हम मसीही विश्वासियों को तत्पर और तैयार रहना चाहिए कि हम पवित्र आत्मा की अगुवाई में मसीह यीशु के विषय बाँटने में लोगों के सहायक बनें, उनकी खोज में उनके मार्गदर्शक हों। वे लोग चाहे हमारे परिचित हों, या जीवन में एक बार मिलने वाले हों, प्रभु से मिलने का आनन्द अविस्मरणीय होता है। - रैंडी किल्गोर


एक मसीही विश्वासी जो सबसे महान काम कर सकता है वह है, 
अपने मित्र की प्रभु यीशु मसीह को खोजने में सहायता करे।

यीशु ने उन्हें उत्तर दिया; परमेश्वर का कार्य यह है, कि तुम उस पर, जिसे उसने भेजा है, विश्वास करो। - यूहन्ना 6:29

बाइबल पाठ: प्रेरितों 8:26-40
Acts 8:26 फिर प्रभु के एक स्वर्गदूत ने फिलेप्पुस से कहा; उठ कर दक्‍खिन की ओर उस मार्ग पर जा, जो यरूशलेम से अज्ज़ाह को जाता है, और जंगल में है।
Acts 8:27 वह उठ कर चल दिया, और देखो, कूश देश का एक मनुष्य आ रहा था जो खोजा और कूशियों की रानी कन्‍दाके का मन्‍त्री और खजांची था, और भजन करने को यरूशलेम आया था।
Acts 8:28 और वह अपने रथ पर बैठा हुआ था, और यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ता हुआ लौटा जा रहा था।
Acts 8:29 तब आत्मा ने फिलेप्पुस से कहा, निकट जा कर इस रथ के साथ हो ले।
Acts 8:30 फिलेप्पुस ने उस ओर दौड़ कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है?
Acts 8:31 उसने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्योंकर समझूं और उसने फिलेप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ।
Acts 8:32 पवित्र शास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था; कि वह भेड़ की नाईं वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरने वालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला।
Acts 8:33 उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है।
Acts 8:34 इस पर खोजे ने फिलेप्पुस से पूछा; मैं तुझ से बिनती करता हूं, यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किस विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में।
Acts 8:35 तब फिलेप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया।
Acts 8:36 मार्ग में चलते चलते वे किसी जल की जगह पहुंचे, तब खोजे ने कहा, देख यहां जल है, अब मुझे बपतिस्मा लेने में क्या रोक है।
Acts 8:37 फिलेप्पुस ने कहा, यदि तू सारे मन से विश्वास करता है तो हो सकता है: उसने उत्तर दिया मैं विश्वास करता हूं कि यीशु मसीह परमेश्वर का पुत्र है।
Acts 8:38 तब उसने रथ खड़ा करने की आज्ञा दी, और फिलेप्पुस और खोजा दोनों जल में उतर पड़े, और उसने उसे बपतिस्मा दिया।
Acts 8:39 जब वे जल में से निकलकर ऊपर आए, तो प्रभु का आत्मा फिलेप्पुस को उठा ले गया, सो खोजे ने उसे फिर न देखा, और वह आनन्द करता हुआ अपने मार्ग चला गया।
Acts 8:40 और फिलेप्पुस अशदोद में आ निकला, और जब तक कैसरिया में न पहुंचा, तब तक नगर नगर सुसमाचार सुनाता गया।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 34-36
  • यूहन्ना 19:1-22