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शुक्रवार, 9 अगस्त 2019

प्रेम और बलिदान



      ऑस्ट्रेलिया के एक पत्रकार ने 400 दिन जेल में बिताने के बाद छोड़े जाने पर मिलीजुली भावनाएं व्यक्त कीं। उसने रिहा होने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, जेल में ही पीछे छूट गए अपने मित्रों के लिए भी चिन्ता व्यक्त की। उसने कहा कि उसके लिए अपने संगी पत्रकारों से, जो उसके साथ ही बन्दी बनाए गए थे, विदा लेना बहुत कठिन था क्योंकि यह ज्ञात नहीं था कि उन्हें और कितना समय जेल में रहना पड़ेगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा ने भी अपने मित्रों और साथियों को छोड़ देने को लेकर बहुत चिन्ता व्यक्त की। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि मूसा जब सीनै पर्वत पर परमेश्वर के साथ था, तो नीचे उसके भाई, बहन और उसके साथी इस्रालियों ने एक सोने का बछड़ा बना कर उसकी उपासना करनी आरंभ कर दी (निर्गमन 32:11-14)। उनकी इस मूर्तिपूजा से क्रोधित होकर परमेश्वर ने इस्राएलियों का नाश करके मूसा से एक नई जाति बनाने के लिए कहा। परन्तु मूसा ने इसके लिए मना किया और इस्राएलियों के लिए परमेश्वर से विनती की। यह दिखाते हुए कि मूसा अपने लोगों की कितनी अधिक चिंता करता था, उसने परमेश्वर से कहा, “तौभी अब तू उनका पाप क्षमा कर नहीं तो अपनी लिखी हुई पुस्तक में से मेरे नाम को काट दे” (पद 32)।

      प्रेरित पौलुस ने भी अपने परिवार, मित्रों और संगी इस्राएलियों के लिए ऐसी ही चिंता व्यक्त की। प्रभु यीशु मसीह में उनके अविश्वास से दुखी होकर, पौलुस ने कहा कि यदि उसके प्रभु यीशु मसीह के साथ संबंध विच्छेद करने से वह अपने लोगों को बचा पाए, तो वह यह भी करने को तैयार है (रोमियों 9:3)।

      दोनों, मूसा और पौलुस ने वैसे ही प्रेम को व्यक्त किया जैसा प्रभु यीशु मसीह ने हमसे किया है। परन्तु जिस प्रेम और बलिदान को वे दोनों कह कर व्यक्त कर रहे थे, उसे प्रभु यीशु ने हमारे लिए कर के दिखाया। प्रभु का यह प्रेम और बलिदान ही उन्हें हमारा और जगत का उद्धारकर्ता बनाता है। - मार्ट डीहौन


हमारे द्वारा औरों की देखभाल और चिंता करना, 
हमारे प्रति प्रभु यीशु के प्रेम को प्रतिबिंबित करता है।

हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलातियों 6:1-2

बाइबल पाठ: निर्गमन 32:21-32
Exodus 32:21 तब मूसा हारून से कहने लगा, उन लोगों ने तुझ से क्या किया कि तू ने उन को इतने बड़े पाप में फंसाया?
Exodus 32:22 हारून ने उत्तर दिया, मेरे प्रभु का कोप न भड़के; तू तो उन लोगों को जानता ही है कि वे बुराई में मन लगाए रहते हैं।
Exodus 32:23 और उन्होंने मुझ से कहा, कि हमारे लिये देवता बनवा जो हमारे आगे आगे चले; क्योंकि उस पुरूष मूसा को, जो हमें मिस्र देश से छुड़ा लाया है, हम नहीं जानते कि उसे क्या हुआ?
Exodus 32:24 तब मैं ने उन से कहा, जिस जिसके पास सोने के गहनें हों, वे उन को तोड़कर उतार लाएं; और जब उन्होंने मुझ को दिया, मैं ने उन्हें आग में डाल दिया, तब यह बछड़ा निकल पड़ा
Exodus 32:25 हारून ने उन लोगों को ऐसा निरंकुश कर दिया था कि वे अपने विरोधियों के बीच उपहास के योग्य हुए,
Exodus 32:26 उन को निरंकुश देखकर मूसा ने छावनी के निकास पर खड़े हो कर कहा, जो कोई यहोवा की ओर का हो वह मेरे पास आए; तब सारे लेवीय उस के पास इकट्ठे हुए।
Exodus 32:27 उसने उन से कहा, इस्त्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि अपनी अपनी जांघ पर तलवार लटका कर छावनी से एक निकास से दूसरे निकास तक घूम घूमकर अपने अपने भाइयों, संगियों, और पड़ोसियों घात करो।
Exodus 32:28 मूसा के इस वचन के अनुसार लेवियों ने किया और उस दिन तीन हजार के अटकल लोग मारे गए।
Exodus 32:29 फिर मूसा ने कहा, आज के दिन यहोवा के लिये अपना याजकपद का संस्कार करो, वरन अपने अपने बेटों और भाइयों के भी विरुद्ध हो कर ऐसा करो जिस से वह आज तुम को आशीष दे।
Exodus 32:30 दूसरे दिन मूसा ने लोगों से कहा, तुम ने बड़ा ही पाप किया है। अब मैं यहोवा के पास चढ़ जाऊंगा; सम्भव है कि मैं तुम्हारे पाप का प्रायश्चित्त कर सकूं।
Exodus 32:31 तब मूसा यहोवा के पास जा कर कहने लगा, कि हाय, हाय, उन लोगों ने सोने का देवता बनवाकर बड़ा ही पाप किया है।
Exodus 32:32 तौभी अब तू उनका पाप क्षमा कर नहीं तो अपनी लिखी हुई पुस्तक में से मेरे नाम को काट दे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 77-78
  • रोमियों 10



गुरुवार, 8 अगस्त 2019

उपलब्ध



      ख्याति-प्राप्त लोगों के प्रति अत्याधिक रुचि रखने वाले आज के समाज में कोई अचरज की बात नहीं है कि कुछ लोगों ने उन ख्याति-प्राप्त लोगों को उत्पाद के समान प्रयोग करना आरंभ कर दिया है और उनके व्यक्तिगत समय और संगति को बेचने लगे हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से संबंधित एक पत्रिका में छ्पे एक लेख में बताया गया कि 15,000 डॉलर में आपकी गायिका शकीरा के साथ व्यक्तिगत मुलाक़ात हो सकती है; 12,000 डॉलर में आप अपने ग्यारह अन्य अतिथियों के साथ प्रसिद्ध शेफ माइकल शियारेलो के बंगले में उसके साथ भोजन कर सकते हैं।

      प्रभु यीशु मसीह का भी बहुत से लोगों ने एक ख्याति-प्राप्त व्यक्तित्व के समान ही उपयोग किया – वे एक से दूसरे स्थान पर उनके पीछे-पीछे जाते थे, उनकी शिक्षाओं को सुनते थे, उनके आश्चर्यकर्मों को देखते थे, और उनके छुए जाने के द्वारा चंगाई प्राप्त करने की लालसा रखते थे। परन्तु प्रभु यीशु कभी भी न तो अभिमानी हुए और न ही आम लोगों से अलग रहे, वे सदैव सब के लिए उपलब्ध रहते थे। जब उनके शिष्य, याकूब और यूहन्ना ने उनके आने वाले स्वर्गीय राज्य में उनसे उत्तम स्थान प्राप्त करना निश्चित करने का प्रयास किया, तो प्रभु यीशु ने उन्हें स्मरण दिलाया कि “जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने। और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने” (मरकुस 10:43-44)।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि प्रभु द्वारा यह कहे जाने के तुरंत बाद ही प्रभु ने उनके पीछे चली आ रही भीड़ को रोक कर एक अंधे भिखारी से पूछा, “तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिये करूं?” और जब उसने उत्तर दिया कि “हे रब्बी, यह कि मैं देखने लगूं” (पद 51); तो प्रभु ने तुरंत ही उसे चंगाई दी और वह प्रभु के पीछे हो लिया (पद 52)।

      प्रभु यीशु ने अपनी सेवकाई के विषय स्वयँ कहा, “क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे” (पद 45)। हम मसीही विश्वासी भी अपने प्रभु के समान करुणा रखने वाले तथा सबकी सहायता के लिए उपलब्ध रहने वाले बनें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु का अनुसरण करे; औरों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाएँ।

और जैसा तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो। - लूका 6:31

बाइबल पाठ: मरकुस 10:42-52
Mark 10:42 और यीशु ने उन को पास बुला कर उन से कहा, तुम जानते हो, कि जो अन्यजातियों के हाकिम समझे जाते हैं, वे उन पर प्रभुता करते हैं; और उन में जो बड़ें हैं, उन पर अधिकार जताते हैं।
Mark 10:43 पर तुम में ऐसा नहीं है, वरन जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने।
Mark 10:44 और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने।
Mark 10:45 क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे।
Mark 10:46 और वे यरीहो में आए, और जब वह और उसके चेले, और एक बड़ी भीड़ यरीहो से निकलती थी, तो तिमाई का पुत्र बरतिमाई एक अन्‍धा भिखारी सड़क के किनारे बैठा था।
Mark 10:47 वह यह सुनकर कि यीशु नासरी है, पुकार पुकार कर कहने लगा; कि हे दाऊद की सन्तान, यीशु मुझ पर दया कर।
Mark 10:48 बहुतों ने उसे डांटा कि चुप रहे, पर वह और भी पुकारने लगा, कि हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर।
Mark 10:49 तब यीशु ने ठहरकर कहा, उसे बुलाओ; और लोगों ने उस अन्धे को बुलाकर उस से कहा, ढाढ़स बान्‍ध, उठ, वह तुझे बुलाता है।
Mark 10:50 वह अपना कपड़ा फेंककर शीघ्र उठा, और यीशु के पास आया।
Mark 10:51 इस पर यीशु ने उस से कहा; तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिये करूं? अन्धे ने उस से कहा, हे रब्बी, यह कि मैं देखने लगूं।
Mark 10:52 यीशु ने उस से कहा; चला जा, तेरे विश्वास ने तुझे चंगा कर दिया है: और वह तुरन्त देखने लगा, और मार्ग में उसके पीछे हो लिया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 74-76
  • रोमियों 9:16-33



बुधवार, 7 अगस्त 2019

सेवा



      मैं अपनी बहन के यहाँ उन लोगों से मिलने गई थी; वहाँ मेरे भानजों ने मुझे अपना नया “कार्य-आँकलन” करने का इलेक्ट्रौनिक यंत्र – ‘कोरोपोली’ बोर्ड्स (तख्तियाँ) दिखाया। वे रंगीन बोर्ड्स थे जिनकी सहायता से उनके दवा किए गए कार्यों का हिसाब रखा जाता था। यदि कोई कार्य समय से या भली-भांति कर दिया जाता तो वे बच्चे हरे बटन को दबा कर अपने “जेब-खर्च” में अंक जोड़ सकते थे। किन्तु यदि कोई गलती करते, जैसे कि घर के पीछे का दरवाज़ा खुला छोड़ देना, तो उनके “जेब-खर्च” में से कुछ अंक कम हो जाते थे। जितने अधिक अंक एकत्रित होते थे, उतना ही अच्छा प्रतिफल, जैसे कि कंप्यूटर पर समय बिताना, उनको मिलता था। इससे अब मेरे वे भांजे अपने कार्यों को भली-भांति करने तथा दरवाज़े को बन्द रखने के लिए बहुत प्रेरित रहते हैं।

      उनकी इस प्रणाली को देखकर मैंने मजाक में कहा कि काश मेरे पास भी ऐसा उत्साहित करने वाली कोई प्रणाली होती। परन्तु परमेश्वर ने हमें उत्साहित और प्रेरित करने के लिए कुछ दिया है। हमें बस आज्ञाकारिता का जीवन जीने का आदेश मात्र देने के स्थान पर प्रभु यीशु ने हमें प्रतिज्ञा दी है कि उसका अनुसरण करने वालों को बहुतायत का जीवन मिलेगा (यूहन्ना 10:10), चाहे उसका अनुसरण करना लगन और सच्चा समर्पण माँगता है। उसके राज्य में जीवन जीने का प्रतिफल कीमत से “सौ गुना” प्राप्त करना है (मरकुस 10:29-30)।

      हम आनन्दित हो सकते हैं कि हमारा परमेश्वर एक उदार परमेश्वर पिता है, जो हमें वह प्रतिफल नहीं देता जिसके हम योग्य हैं। वह हमारे सबसे दुर्बल प्रयासों को भी स्वीकार करता है, अपने राज्य में देर से आने वालों का भी वैसी ही स्वागत करता है जैसे के उसने पहले आने वालों का किया था (मत्ती 20:1-16)। यह हमें आनन्द के साथ उसकी सेवा करने के लिए प्रेरित करता है। - मोनिका ब्रैंड्स


प्रभु यीशु का अनुसरण करना समृद्ध एवं संतोषजनक जीवन का मार्ग है।

यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है। भजन 145:9

बाइबल पाठ: मरकुस 10:28-31; यूहन्ना 10:9-10
Mark 10:28 पतरस उस से कहने लगा, कि देख, हम तो सब कुछ छोड़कर तेरे पीछे हो लिये हैं।
Mark 10:29 यीशु ने कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि ऐसा कोई नहीं, जिसने मेरे और सुसमाचार के लिये घर या भाइयों या बहिनों या माता या पिता या लड़के-बालों या खेतों को छोड़ दिया हो।
Mark 10:30 और अब इस समय सौ गुणा न पाए, घरों और भाइयों और बहिनों और माताओं और लड़के-बालों और खेतों को पर उपद्रव के साथ और परलोक में अनन्त जीवन।
Mark 10:31 पर बहुतेरे जो पहिले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, वे पहिले होंगे।
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा।
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 72-73
  • रोमियों 9:1-15



मंगलवार, 6 अगस्त 2019

प्रमाण



      मेरी माँ के अंतिम दिनों में ये मेरा सौभाग्य था कि कैंसर के मरीजों की देखभाल करने वाले केन्द्र में मैं उनके साथ रह सकी और उनकी देखरेख कर सकी। अपने सबसे कठिन दिनों में भी वे प्रतिदिन बिस्तर से निकलने से पहले परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ा करती थीं और दूसरों के लिए प्रार्थना किया करती थीं। वे इस प्रकार से प्रतिदिन प्रभु यीशु के साथ समय बिताया करती थीं, और अपने मसीही विश्वास को परमेश्वर पर निर्भर रहने, अपने भले कार्यों, तथा दूसरों को प्रोत्साहित करने और उनके लिए प्रार्थनाएँ करने के द्वारा प्रमाणित किया करती थीं। उन्हें इस बात का कुछ पता नहीं था कि उनका चेहरा प्रभु के प्रेमपूर्ण अनुग्रह से कितना दमकता था जब वे उनके आस-पास के लोगों के साथ परमेश्वर के प्रेम को बाँटती रहती थीं। वे ऐसा उस दिन तक करती रहीं जब तक कि प्रभु ने उन्हें अपने पास स्वर्ग नहीं बुला लिया।

      बाइबल में हम देखते हैं कि जब मूसा परमेश्वर के साथ चालीस दिन और चालीस रात समय बिता कर, सीनै पर्वत से उतरकर आया, तो उसे स्वयँ नहीं पता था कि उसके चहरे पर एक चमक आ गई थी (निर्गमन 34:28-29)। परन्तु उसके रूप को देखकर इस्राएली यह कह सकते थे कि मूसा ने परमेश्वर के साथ संगति में समय बिताया है (पद 30-32)। वह परमेश्वर के साथ इसी प्रकार से समय बिताता रहा और लोगों को प्रभावित करता रहा (पद 33-35)।

      हम चाहे स्वयँ यह न देखने पाएँ कि परमेश्वर के साथ संगति में रहने से हमारे अन्दर क्या परिवर्तन आ रहा है, और चाहे हमारे अन्दर आना वाला यह परिवर्तन मूसा में आए उस परिवर्तन के समान कदापि न हो; परन्तु जब हम परमेश्वर के साथ समय बिताएंगे, और अपने जीवन उसे दिन-प्रतिदिन अधिकाधिक समर्पित करते रहेंगे, तो हम भी अपने जीवनों तथा व्यवहार के द्वारा परमेश्वर के प्रेम को प्रतिबिंबित करेंगे। हमारे जीवन और व्यवहार में आने वाले इस परिवर्तन के प्रमाण के द्वारा परमेश्वर औरों को प्रभावित करेगा, तथा उन्हें अपनी ओर आकर्षित करेगा। - जोशील डिक्सन


परमेश्वर के साथ बिताया गया समय हमें बदलेगा, तथा दूसरों को उसकी ओर आकर्षति करेगा।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: निर्गमन 34:28-35
Exodus 34:28 मूसा तो वहां यहोवा के संग चालीस दिन और रात रहा; और तब तक न तो उसने रोटी खाई और न पानी पिया। और उसने उन तख्तियों पर वाचा के वचन अर्थात दस आज्ञाएं लिख दीं।
Exodus 34:29 जब मूसा साक्षी की दोनों तख्तियां हाथ में लिये हुए सीनै पर्वत से उतरा आता था तब यहोवा के साथ बातें करने के कारण उसके चेहरे से किरणें निकल रही थी।, परन्तु वह यह नहीं जानता था कि उसके चेहरे से किरणें निकल रही हैं।
Exodus 34:30 जब हारून और सब इस्त्राएलियों ने मूसा को देखा कि उसके चेहरे से किरणें निकलती हैं, तब वे उसके पास जाने से डर गए।
Exodus 34:31 तब मूसा ने उन को बुलाया; और हारून मण्डली के सारे प्रधानों समेत उसके पास आया, और मूसा उन से बातें करने लगा।
Exodus 34:32 इसके बाद सब इस्त्राएली पास आए, और जितनी आज्ञाएं यहोवा ने सीनै पर्वत पर उसके साथ बात करने के समय दी थीं, वे सब उसने उन्हें बताईं।
Exodus 34:33 जब तक मूसा उन से बात न कर चुका तब तक अपने मुंह पर ओढ़ना डाले रहा।
Exodus 34:34 और जब जब मूसा भीतर यहोवा से बात करने को उसके साम्हने जाता तब तब वह उस ओढ़नी को निकलते समय तक उतारे हुए रहता था; फिर बाहर आकर जो जो आज्ञा उसे मिलती उन्हें इस्त्राएलियों से कह देता था।
Exodus 34:35 सो इस्त्राएली मूसा का चेहरा देखते थे कि उस से किरणें निकलती हैं; और जब तक वह यहोवा से बात करने को भीतर न जाता तब तक वह उस ओढ़नी को डाले रहता था।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 70-71
  • रोमियों 8:22-39



सोमवार, 5 अगस्त 2019

अनुग्रह



      अमेरिका की मास्टर्स गोल्फ स्पर्धा का आरंभ 1934 में हुआ था, और तब से लेकर अब तक केवल तीन ही ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने इसे लगातार दो वर्षों तक जीता हो। अप्रैल 10, 2016 को ऐसा लगा कि बाईस-वर्षीय जॉर्डन स्पिथ ऐसा करने वाले चौथे खिलाड़ी बन जाएँगे। परंन्तु ऐसा नहीं होने पाया और उन्हें दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। अपनी हार के बाद, उस वर्ष के विजेता डैनी विल्लेट के प्रति, स्पिथ के व्यवहार में कोई कटुता नहीं थी; उन्होंने डैनी को जीतने की शुभकामनाएँ भी दीं, तथा “गोल्फ से भी अधिक महत्वपूर्ण” एक और उपलब्धि, डैनी के पहले बच्चे के जन्म के लिए उन्हें बधाई भी दी।

      इस विषय पर न्यूयॉर्क टाईम्स में लिखते हुए कैरेन क्राउस ने लिखा, “विजेता को ट्राफी दिए जाने और किसी अन्य की फोटो खींचते देखने के इतने कम समय के पश्चात एक उदार रवैया अपनाने के लिए अनुग्रह की आवश्यकता होती है। प्रतियोगिता के इस सारे सप्ताह चाहे स्पिथ गेंद को निशाने पर ठीक से नहीं खेलने पाए, किन्तु उनका चरित्र और व्यवहार सही निशाने पर ही रहा।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि कुलुस्से में स्थित मसीह यीशु के अनुयायियों को लिखते हुए पौलुस ने कहा, “अवसर को बहुमूल्य समझ कर बाहर वालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो। तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए” (कुलुस्सियों 4:5-6)।

      क्योंकि हम मसीही विश्वासियों को परमेश्वर की क्षमा और अनुग्रह सेंत-मेंत बहुतायत से मिली है, इसलिए यह हमारा सौभाग्य तथा दायित्व है कि हम अपने जीवनों से परमेश्वर के इस अनुग्रह की प्रगट गवाही दें और जीवन की प्रत्येक परोस्थिति में, चाहे हम विजयी हों अथवा हारें, औरों के प्रति उस अनुग्रह को अपने जीवनों से प्रदर्शित करें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


अनुग्रहपूर्ण शब्द सदा ही सही शब्द होते हैं।

इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई; परन्तु अनुग्रह, और सच्चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची। - यूहन्ना 1:17

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 4:1-6
Colossians 4:1 हे स्‍वामियों, अपने अपने दासों के साथ न्याय और ठीक ठीक व्यवहार करो, यह समझकर कि स्वर्ग में तुम्हारा भी एक स्‍वामी है।
Colossians 4:2 प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो।
Colossians 4:3 और इस के साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें जिस के कारण मैं कैद में हूं।
Colossians 4:4 और उसे ऐसा प्रगट करूं, जैसा मुझे करना उचित है।
Colossians 4:5 अवसर को बहुमूल्य समझ कर बाहर वालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो।
Colossians 4:6 तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 68-69
  • रोमियों 8:1-21



रविवार, 4 अगस्त 2019

प्रशिक्षण



      लंबी दूरी के दौड़ के लिए मेरा प्रशिक्षण ठीक नहीं चल रहा था, और हाल ही की मेरी दौड़ बहुत निराशाजनक रही थी। आधे समय तक तो मैं बस चलता ही रहा, और एक समय तो मुझे रुक कर बैठना और विश्राम भी करना पड़ा। मुझे लगा मानों कि मैं एक छोटी-जाँच में अनुतीर्ण रहा हूँ। फिर मुझे ध्यान आया कि प्रशिक्षण का उद्देश ही यह है – कोई जाँच में सफल होना नहीं, और न ही कोई स्थान प्राप्त करना। वरन मेरी सहन-शक्ति सुधरने के लिए बारंबार इसी प्रक्रिया से होकर निकलते रहना।

      संभव है कि आप किसी परिक्षा का सामना कर रहे हों और उसमें अपने प्रदर्शन को लेकर असंतुष्ट हों। परमेश्वर हमें इन परीक्षाओं के समयों से होकर निकलने देता है जिससे हम अपने आत्मिक जीवन और सहनशक्ति में और अधिक मज़बूत तथा दृढ़ हो सकें। वह हमें प्रशिक्षित करता है कि हम और भी अधिक उस पर निर्भर करना, पवित्रता के लिए शुद्ध होना, तथा मसीह यीशु की समानता में बढ़ने वाले हो सकें।

      इसलिए इसमें कोई विस्मय की बात नहीं है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि भजनकार ने परमेश्वर की आराधना की, परमेश्वर के लोगों – इस्राएलियों के दासत्व और निर्वासन में दुःख उठाने में आग और पानी से होकर निकालने के द्वारा परिशुद्ध किए जाने के लिए (भजन 66:10-12)। उस संपूर्ण प्रक्रिया में न केवल परमेश्वर ने उनकी रक्षा की वरन उन्हें एक बहुतायत के स्थान में लेकर भी आया, और ऐसा करते समय उन्हें विशुद्ध भी किया।

      हम जब परीक्षाओं से होकर निकलें, तो अपने बल और दृढ़ बने रहने के लिए परमेश्वर पर निर्भर रहें। वह हमारे कठिन समयों और अनुभवों द्वारा हमें शुद्ध कर रहा है, अपनी उपयोगिता के लिए प्रशिक्षित कर रहा है। - लेस्ली कोह


विश्वास का परखा जाना विश्वास के दृढ़ किए जाने का समय भी हो सकता है।

हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्‍नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझ कर अचम्भा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है। पर जैसे जैसे मसीह के दुखों में सहभागी होते हो, आनन्द करो, जिस से उसकी महिमा के प्रगट होते समय भी तुम आनन्‍दित और मगन हो। - 1 पतरस 4:12-13

बाइबल पाठ: भजन 66:8-12
Psalms 66:8 हे देश देश के लोगो, हमारे परमेश्वर को धन्य कहो, और उसकी स्तुति में राग उठाओ,
Psalms 66:9 जो हम को जीवित रखता है; और हमारे पांव को टलने नहीं देता।
Psalms 66:10 क्योंकि हे परमेश्वर तू ने हम को जांचा; तू ने हमें चान्दी के समान ताया था।
Psalms 66:11 तू ने हम को जाल में फंसाया; और हमारी कटि पर भारी बोझ बान्धा था;
Psalms 66:12 तू ने घुड़चढ़ों को हमारे सिरों के ऊपर से चलाया, हम आग और जल से हो कर गए; परन्तु तू ने हम को उबार के सुख से भर दिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 66-67
  • रोमियों 7



शनिवार, 3 अगस्त 2019

शान्ति और भरोसा



      मैं छः वर्ष का था जब मैंने अपने भाइयों के साथ पहली बार रोलर कोस्टर की सैर का आनन्द लिया। जैसे ही तीव्र गति के साथ कोई तीक्षण मोड़ आता, मैं हिचकोले के साथ चिल्लाता, “बस, इसे अभी और यहीं रोको; मुझे इससे उतरना है!” परन्तु वह रोलर कोस्टर रुकता नहीं था और मुझे उसकी सैर पूरी होने तक बहुत ज़ोर से उसे पकडे हुए बैठे रहना पड़ा था।

      कभी-कभी जीवन भी एक अनचाहे रोलर-कोस्टर की सैर के समान प्रतीत हो सकता है, जिसमें अप्रत्याशित मोड़ और सीधी ढलान में नीचे को गिरते जाने की अनुभूति हो सकती है। जब अप्रत्याशित कठिनाइयाँ आएँ, तो परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि हमारे लिए सबसे उत्तम विकल्प होता है कि परमेश्वर में भरोसा बनाए रखें। वह एक बहुत अशांत समय था जब उसके देश पर आक्रमण का ख़तरा मंडरा रहा था, ऐसे में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने पवित्र-आत्मा के अगुवाई में होकर, प्रभु से यह प्रतिज्ञा प्राप्त की: “जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है” (यशायाह 26:3)।

      जो शान्ति हमारा उद्धारकर्ता हमें देता है, जब हम उसकी ओर मुड़ते हैं, वह “समझ से परे है” (फिलिप्पियों 4:7)। मैं स्तन कैंसर से जूझ रही उस महिला के शब्द कभी नहीं भूलूंगा। एक संध्या जब हमारे चर्च के लोगों के एक समूह ने उसके लिए प्रार्थना की, तो उसने कहा, “मैं यह तो नहीं जानती हूँ कि आगे क्या होगा, परन्तु मुझे पता है कि मैं ठीक हो जाऊँगी, क्योंकि आज यहाँ प्रभु उपस्थित था।”

      जीवन में कठिन समय आएँगे, परन्तु हमारा उद्धारकर्ता जो हम से जीवन से भी बढ़कर प्रेम करता है, वह उन सभी कठिनाइयों से सामर्थी है; सदा हमारे साथ रहता है, और उसकी शान्ति में हमारा भरोसा हमें हर परिस्थिति से पार लगाता है। - जेम्स बैंक्स


प्रभु यीशु ही हमारी शान्ति है।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: यशायाह 26:1-9
Isaiah 26:1 उस समय यहूदा देश में यह गीत गाया जाएगा, हमारा एक दृढ़ नगर है; उद्धार का काम देने के लिये वह उसकी शहरपनाह और गढ़ को नियुक्त करता है।
Isaiah 26:2 फाटकों को खोलो कि सच्चाई का पालन करने वाली एक धर्मी जाति प्रवेश करे।
Isaiah 26:3 जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।
Isaiah 26:4 यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है।
Isaiah 26:5 वह ऊंचे पद वाले को झुका देता, जो नगर ऊंचे पर बसा है उसको वह नीचे कर देता। वह उसको भूमि पर गिराकर मिट्टी में मिला देता है।
Isaiah 26:6 वह पांवों से, वरन दरिद्रों के पैरों से रौंदा जाएगा।
Isaiah 26:7 धर्मी का मार्ग सच्चाई है; तू जो स्वयं सच्चाई है, तू धर्मी की अगुवाई करता है।
Isaiah 26:8 हे यहोवा, तेरे न्याय के मार्ग में हम लोग तेरी बाट जोहते आए हैं; तेरे नाम के स्मरण की हमारे प्राणों में लालसा बनी रहती है।
Isaiah 26:9 रात के समय मैं जी से तरी लालसा करता हूं, मेरा सम्पूर्ण मन यत्न के साथ तुझे ढूंढ़ता है। क्योंकि जब तेरे न्याय के काम पृथ्वी पर प्रगट होते हैं, तब जगत के रहने वाले धर्म की सीखते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 63-65
  • रोमियों 6