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मंगलवार, 3 सितंबर 2019

आराधना



      मैं लेखन के द्वारा परमेश्वर की सेवा और आराधना करती हूँ; अब यह मेरे लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण इसलिए हो गया है क्योंकि अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मेरा चलना-फिरना और एक से दूसरे स्थान को जाना बहुत सीमित हो गया है। इसलिए जब एक जानकार ने मुझ से कहा कि उसे मेरे लेखों में कुछ भी महत्व का नहीं मिलता है तो मैं बहुत निराश हुई। मुझे परमेश्वर को अर्पित की गई अपनी इस छोटी आराधना के महत्व पर संदेह होने लगा।

      लेकिन मेरे पति, परिवार-जनों, और मित्रों ने मुझे प्रोत्साहित किया, और उनकी सहायता तथा परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन, और प्रार्थना के द्वारा मैंने प्रभु परमेश्वर से पुष्टि प्राप्त की, कि केवल मेरा प्रभु परमेश्वर ही है जो मेरी उस आराधना का आँकलन और महत्व निर्धारित कर सकता है तथा करता है – किसी भी मनुष्य की आंकलन और राय का उसमें कोई स्थान नहीं है। फिर मैंने सभी उपहारों को देने वाले मेरे प्रभु परमेश्वर से प्रार्थना की, कि वह मेरी सहायता करता रहे, लिखने के मेरे इस कौशल को और अधिक विक्सित करने तथा उसके द्वारा मुझे प्रदान किए जा रहे संसाधनों को औरों के साथ बाँटने में मुझे और उन्नत करे।

      बाइबल में हम प्रभु यीशु द्वारा परमेश्वर के आँकलन के माप-दण्ड का मनुष्यों के माप-दण्ड से भिन्न होने के संबंध में एक घटना पढ़ते हैं (मरकुस 12:41-44)। प्रभु मंदिर में लोगों द्वारा दीए जा रहे दान को देख रहे थे। धनी लोग तो मंदिर के खजाने में बहुत धन डाल रहे थी, परन्तु एक कंगाल विधवा ने अपना सब कुछ – दो दमड़ी – ही डाला। परन्तु प्रभु यीशु ने कहा कि उस विधवा ने सबसे अधिक दान डाला है, यद्यपि सांसारिक मानकों के आधार पर उसके द्वारा डाला गया पैसा न के बराबर था।

      यद्यपि उस विधवा की यह घटना दान में डाले गए धन की मात्रा पर केंद्रित है, परन्तु परमेश्वर को दिया गया कुछ भी उसके प्रति प्रेम, आदर और आराधना का सूचक हो सकता है। उस विधवा के समान, जब हम परमेश्वर द्वारा हमें दिए गए संसाधनों में से  स्वेच्छा से उदार और बलिदान रूपी भाग परमेश्वर को अर्पित करते हैं, तो हम उस से उसका आदर और आराधना करते हैं। हमारे द्वारा परमेश्वर को अपने समय, कौशल, और धन का सर्वोत्तम भाग दिया जाना, उसके प्रति हमारी आराधना का स्वरूप है। - जोशील डिक्सन


परमेश्वर के प्रति हमारे प्रेम के अन्तर्गत उसे अर्पित की गई बलिदान रूपी भेंटें, 
हमारी आराधना की अमूल्य अभिव्यक्ति हैं।

यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट ले कर उसके आंगनों में आओ! – भजन 96:8

बाइबल पाठ: मरकुस  12:38-44
Mark 12:38 उसने अपने उपदेश में उन से कहा, शस्‍त्रियों से चौकस रहो, जो लम्बे वस्‍त्र पहिने हुए फिरना।
Mark 12:39 और बाजारों में नमस्‍कार, और आराधनालयों में मुख्य मुख्य आसन और जेवनारों में मुख्य मुख्य स्थान भी चाहते हैं।
Mark 12:40 वे विधवाओं के घरों को खा जाते हैं, और दिखाने के लिये बड़ी देर तक प्रार्थना करते रहते हैं, ये अधिक दण्‍ड पाएंगे।
Mark 12:41 और वह मन्दिर के भण्‍डार के साम्हने बैठकर देख रहा था, कि लोग मन्दिर के भण्‍डार में किस प्रकार पैसे डालते हैं, और बहुत धनवानों ने बहुत कुछ डाला।
Mark 12:42 इतने में एक कंगाल विधवा ने आकर दो दमडिय़ां, जो एक अधेले के बराबर होती है, डालीं।
Mark 12:43 तब उसने अपने चेलों को पास बुलाकर उन से कहा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि मन्दिर के भण्‍डार में डालने वालों में से इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़कर डाला है।
Mark 12:44 क्योंकि सब ने अपने धन की बढ़ती में से डाला है, परन्तु इस ने अपनी घटी में से जो कुछ उसका था, अर्थात अपनी सारी जीविका डाल दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 140-142
  • 1 कुरिन्थियों 14:1-20



सोमवार, 2 सितंबर 2019

साथी



      मेरे पति, जैक 26 मील की लंबी दूरी की दौड़ में भाग ले रहे थे और जब वे 25वें मील पर थे तो उनकी शक्ति जवाब दे गई। यह उनकी लंबी दूरी की पहली दौड़ थी, और वे अकेले ही दौड़ रहे थे। सहायता के लिए बने स्थानों में से एक पर पानी पीने के लिए रुकने पर उन्हें बहुत थकान महसूस हुई और वे वहीं मार्ग के पास की घास पर बैठ गए। कुछ मिनिट बीत गए किन्तु उनसे खड़ा नहीं हुआ गया। उन्होंने दौड़ से हट जाने की लगभग ठान ही ली थी कि दो अधेड़ आयु की महिलाएँ वहाँ से दौड़ती हुई निकलीं। वे और जैक एक-दूसरे के लिए बिलकुल अपरिचित थे, परन्तु फिर भी उन्होंने जैक से पूछा कि क्या वे उनके साथ दौड़ना पसन्द करेंगे। तुरंत ही जैक में एक नई स्फूर्ति आ गई और वे खड़े हो गए तथा उन दोनों महिलाओं के साथ दौड़ते हुए उन्होंने अपनी दौड़ को पूरा कर लिया।

      उन दो महिलाओं द्वारा जैक को मिली सहायता से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा को हारून और हूर द्वारा मिली सहायता की याद हो आई। मूसा इस्राएलियों की अगुवाई करता हुआ उन्हें मिस्र के दासत्व से निकाल कर प्रतिज्ञा किए हुए कनान देश को ले जा रहा था। इस यात्रा में एक समय ऐसा आया जब इस्राएलियों को अमालेकियों से युद्ध लड़ना पड़ा (निर्गमन 17:8-13), और मूसा निकट के एक टीले पर चढ़ गया, जब तक मूसा हाथ उठाए हुए अपनी लाठी को ऊँचा किए रहता, इस्राएली युद्ध में विजयी होते जाते थे (पद 11)। परन्तु हाथ उठाए-उठाए जब वह थक कर हाथ नीचे कर लेता तो अमालेकी विजयी होने लगते। इसलिए जब मूसा की शक्ति क्षीण होने लगी तो हारून और हूर उसके दोनों ओर खड़े हो गए और उसके हाथों को सूर्यास्त होने ऊँचा उठाए रहे (पद 12), और इस्राएली अमालेकियों के विरुद्ध वह युद्ध जीत गए।

      परमेश्वर का अनुयायी होकर जीना जीवन मार्ग पर अकेले चलने का प्रयास नहीं है; परमेश्वर ने हमें जीवन की दौड़ अकेले ही दौड़ने के लिए नहीं सृजा है। परमेश्वर ने हमें जिस कार्य के लिए बनाया और बुलाया है, उसमें न केवल वह हमें वह साथी प्रदान करता रहता है कि जीवन के विभिन्न पड़ावों पर हमारी सहायता होती रहे, वरन हमारा प्रभु परमेश्वर भी सदा हमारे साथ बना रहता है। - एमी पीटर्सन


आज मैं किसे कठिनाई का सामना करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता हूँ?

और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। - यूहन्ना 14:16

बाइबल पाठ: निर्गमन 17:8-13
Exodus 17:8 तब अमालेकी आकर रपीदीम में इस्राएलियों से लड़ने लगे।
Exodus 17:9 तब मूसा ने यहोशू से कहा, हमारे लिये कई एक पुरूषों को चुनकर छांट ले, ओर बाहर जा कर अमालेकियों से लड़; और मैं कल परमेश्वर की लाठी हाथ में लिये हुए पहाड़ी की चोटी पर खड़ा रहूंगा।
Exodus 17:10 मूसा की इस आज्ञा के अनुसार यहोशू अमालेकियों से लड़ने लगा; और मूसा, हारून, और हूर पहाड़ी की चोटी पर चढ़ गए।
Exodus 17:11 और जब तक मूसा अपना हाथ उठाए रहता था तब तक तो इस्राएल प्रबल होता था; परन्तु जब जब वह उसे नीचे करता तब तब अमालेक प्रबल होता था।
Exodus 17:12 और जब मूसा के हाथ भर गए, तब उन्होंने एक पत्थर ले कर मूसा के नीचे रख दिया, और वह उस पर बैठ गया, और हारून और हूर एक एक अलंग में उसके हाथों को सम्भाले रहें; और उसके हाथ सूर्यास्त तक स्थिर रहे।
Exodus 17:13 और यहोशू ने अनुचरों समेत अमालेकियों को तलवार के बल से हरा दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 137-139
  • 1 कुरिन्थियों 13



रविवार, 1 सितंबर 2019

अवसर



      मैं हाल ही में एक मसीहियों के चर्चा-समूह में थी; उस समूह के अगुए ने हमारे सम्मुख प्रश्न रखा, “क्या परमेश्वर आपके जीवन में कुछ नया कर रहा है?” मेरे सहेली मिंडी, जो जीवन में कुछ कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही है, ने इस प्रश्न का उत्तर दिया। उसने अपने जीवन के अनुभव के आधार पर अपने वृद्ध माता-पिता की देख-भाल करते हुए और अधिक धैर्य की आवश्यकता, उसके पति की स्वास्थ्य समस्याओं में उनकी सहायता करने के लिए और अधिक शक्ति, और अपने बच्चों तथा नाती-पोतों के प्रति जिन्होंने अभी तक प्रभु यीशु को अपना मुक्तिदाता ग्रहण नहीं किया था, और अधिक समझ-बूझ बनाए रखने के बारे में बताया। फिर उसने एक गंभीर टिप्पणी की, जो स्वाभाविक विचार-धारा के अनुरूप नहीं थी; उसने कहा, “मेरा विश्वास है कि जो नया काम परमेश्वर मेरे जीवन में कर रहा है वह है प्रेम करने की मेरी क्षमता और मेरे अवसरों को वह बढ़ा रहा है।”

      यह परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस की उस प्रार्थना के साथ बहुत मेल खाता है, जो उसने थिस्सुलुनीके के मसीही विश्वासियों के लिए की। पौलुस ने उन्हें लिखी अपनी पत्री में लिखा, “और प्रभु ऐसा करे, कि जैसा हम तुम से प्रेम रखते हैं; वैसा ही तुम्हारा प्रेम भी आपस में, और सब मनुष्यों के साथ बढ़े, और उन्नति करता जाए” (1 थिस्सलुनीकियों 3:12)। पौलुस ने उन्हें प्रभु यीशु मसीह के विषय बताया था, किन्तु वहाँ उसके विरुद्ध भड़के प्रतिरोध और दंगे के कारण उसे अचानक से वहाँ से जाना पड़ा था (प्रेरितों 17:1-9)। अब अपने लिखी पत्री में वह उन्हें प्रोत्साहित कर रहा था कि वे अपने मसीही विश्वास में स्थिर होकर खड़े रहें (1 थिस्सलुनीकियों 3:7-8); और उनके लिए प्रार्थना की, कि प्रभु सभी के लिए उनके प्रेम को और बढ़ाए।

      कठिन समयों में हम बहुधा कुड़कुड़ाते हैं और प्रश्न करते हैं कि मेरे ही साथ ऐसा क्यों हो रहा है? ऐसे समयों की परिस्थितियों का सामना करने का, हम मसीही विश्वासियों के लिए, एक और तरीका यह भी हो सकता है कि हम प्रभु से प्रार्थना करें कि वह हमारे हृदयों में अपने प्रेम को और बढ़ाए तथा हमारी सहायता करे कि औरों के प्रति प्रेम प्रकट करने के नए अवसरों का हम सदुपयोग कर सकें। - ऐनी सेटास


हमारी समस्याएँ, हमारी प्रार्थनाओं में, औरों के प्रति प्रेम और सहानुभूति को बढ़ा सकती हैं।

तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलातियों 6:2

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 3:6-13
1 Thessalonians 3:6 पर अभी तिमुथियुस ने जो तुम्हारे पास से हमारे यहां आकर तुम्हारे विश्वास और प्रेम का सुसमाचार सुनाया और इस बात को भी सुनाया, कि तुम सदा प्रेम के साथ हमें स्मरण करते हो, और हमारे देखने की लालसा रखते हो, जैसा हम भी तुम्हें देखने की।
1 Thessalonians 3:7 इसलिये हे भाइयों, हम ने अपनी सारी सकेती और क्‍लेश में तुम्हारे विश्वास से तुम्हारे विषय में शान्‍ति पाई।
1 Thessalonians 3:8 क्योंकि अब यदि तुम प्रभु में स्थिर रहो तो हम जीवित हैं।
1 Thessalonians 3:9 और जैसा आनन्द हमें तुम्हारे कारण अपने परमेश्वर के सामने है, उसके बदले तुम्हारे विषय में हम किस रीति से परमेश्वर का धन्यवाद करें?
1 Thessalonians 3:10 हम रात दिन बहुत ही प्रार्थना करते रहते हैं, कि तुम्हारा मुंह देखें, और तुम्हारे विश्वास की घटी पूरी करें।
1 Thessalonians 3:11 अब हमारा परमेश्वर और पिता आप ही और हमारा प्रभु यीशु, तुम्हारे यहां आने के लिये हमारी अगुवाई करे।
1 Thessalonians 3:12 और प्रभु ऐसा करे, कि जैसा हम तुम से प्रेम रखते हैं; वैसा ही तुम्हारा प्रेम भी आपस में, और सब मनुष्यों के साथ बढ़े, और उन्नति करता जाए।
1 Thessalonians 3:13 ताकि वह तुम्हारे मनों को ऐसा स्थिर करे, कि जब हमारा प्रभु यीशु अपने सब पवित्र लोगों के साथ आए, तो वे हमारे परमेश्वर और पिता के साम्हने पवित्रता में निर्दोष ठहरें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 135-136
  • 1 कुरिन्थियों 12



शनिवार, 31 अगस्त 2019

सुन्दरता



      ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी समुद्र-तट के निकट लॉर्ड होवे द्वीप साफ़ पानी में स्थित तथा साफ़ सफ़ेद रेत का एक छोटा सा टापू है। कुछ वर्ष पहले जब मैं वहाँ गया था तो मैं उसकी सुन्दरता देखकर चकित और मुग्ध हो गया। यहाँ आप समुद्र के पानी में बड़े कछुओं और विभिन्न प्रकार की अति सुन्दर मछलियों के साथ तैर सकते थे। वहाँ मैंने मूंगे की चट्टानों में कई प्रकार की रंगीन सुन्दर मछलियों को भी देखा जो मेरे हाथों को छूना चाह रही थीं। ऐसी विलक्षण सुंदरता से अभिभूत होकर मैं परमेश्वर की स्तुति और आराधना किए बिना नहीं रह सका।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम प्रेरित पौलुस द्वारा कही गई एक बात के द्वारा मेरी इस प्रतिक्रिया के कारण को समझ सकते हैं। पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें बताया कि सृष्टि अपने सृष्टिकर्ता को प्रकट करती है (रोमियों 1:20)। लॉर्ड होवे द्वीप के अद्भुत सुन्दर नज़ारे मुझे परमेश्वर की सामर्थ्य एवँ सुन्दरता का दर्शन करवा रहे थे।

      जब यहेजकेल नबी ने परमेश्वर का दर्शन पाया तो उसे नीलम से बने और चमकते हुए सिंहासन पर एक प्रकाशमान स्वरूप दिखाई दिया (यहेजकेल 1:25-28)। प्रेरित यूहन्ना ने भी इसी से मिलता-जुलता कुछ देखा: परमेश्वर कीमती रत्नों के समान ज्योतिर्मय स्वरूप में चमक रहा था, और उसके चारों ओर मरकत का सा एक मेघ-धनुष था (प्रकाशितवाक्य 4:2-3)। परमेश्वर जब अपने आप को प्रगट करता है, तो वह न केवल भला और सामर्थी पाया जाता है परन्तु बहुत सुन्दर भी। सृष्टि उसकी सुन्दरता को वैसे ही प्रतिबिंबित करती है जैसे कलाकृति अपने कलाकार को करती है।

      कितने दुःख की बात है कि प्रायः लोग परमेश्वर के स्थान पर उसकी रची हुई प्रकृति की उपासना करने लगते हैं (रोमियों 1:25)। इसके विपरीत होना यह चाहिए कि पृथ्वी और उसके प्राणियों की अद्भुत सुन्दरता द्वारा हम उनके रचियता और उन्हें संभालने वाले सृष्टिकर्ता परमेश्वर को पहचानें कि उससे सुन्दर और सामर्थी और कोई, और कुछ भी नहीं है। - शेरिडन वोएसे


सृष्टि की सुन्दरता, सृष्टिकर्ता की सुन्दरता को प्रतिबिंबित करती है।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: रोमियों 1:18-25
Romans 1:18 परमेश्वर का क्रोध तो उन लोगों की सब अभक्ति और अधर्म पर स्वर्ग से प्रगट होता है, जो सत्य को अधर्म से दबाए रखते हैं।
Romans 1:19 इसलिये कि परमेश्वर के विषय का ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है।
Romans 1:20 क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं।
Romans 1:21 इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्होंने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया।
Romans 1:22 वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए।
Romans 1:23 और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगने वाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।
Romans 1:24 इस कारण परमेश्वर ने उन्हें उन के मन के अभिलाषाओं के अुनसार अशुद्धता के लिये छोड़ दिया, कि वे आपस में अपने शरीरों का अनादर करें।
Romans 1:25 क्योंकि उन्होंने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला, और सृष्टि की उपासना और सेवा की, न कि उस सृजनहार की जो सदा धन्य है। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34



शुक्रवार, 30 अगस्त 2019

स्वच्छ



      मैंने जब बर्तनों की धुलाई हो जाने के पश्चात अपनी बर्तन धोने वाली मशीन को बर्तन निकालने के लिए खोला, तो मैं बर्तनों का हाल देखकर अचरज के साथ सोचने लगी कि मशीन में क्या ख़राब हो गया है? मैंने जो बर्तन बाहर निकाले वे स्वच्छ और चमकदार होने की बजाए चूने के पाउडर के समान एक परत से ढके हुए थे। मैं सोचने लगी कि क्या यह हमारे क्षेत्र के पानी में लवणों के अत्याधिक मात्रा के कारण था या फिर मशीन में कुछ खराबी आ गई थी।

      परमेश्वर जब हमें स्वच्छ करता है तो उस ख़राब मशीन के विपरीत, वह हमारी सारी अशुद्धता को धो डालता है। हम परमेश्वर के वचन बाइबल में यहेजकेल नबी की पुस्तक में पढ़ते हैं कि यहेजकेल में होकर परमेश्वर अपने लोगों को वापस अपने पास बुला रहा है और उन्हें अपने प्रेम और क्षमा का सन्देश दे रहा है। इस्राएलियों ने अन्य देवी-देवताओं तथा अन्य-जातियों के पीछे चल निकलने के द्वारा पाप किया था। परन्तु परमेश्वर उन्हें अपने अनुग्रह और करुणा में होकर वापस उसके पास लौट कर आने का अवसर दे रहा था। परमेश्वर ने उनसे प्रतिज्ञा की, कि जब वे लौट कर उसके पास आएँगे तो वह उन्हें स्वच्छ करेगा (36:25)। वह उनमें अपने आत्मा को डालेगा (पद 27), और उन्हें अकाल के नहीं वरन बहुत फलदायी स्थान पर लाएगा (पद 30)।

      जैसा कि यहेजकेल नबी के दिनों में था, आज भी यदि हम परमेश्वर के मार्ग से भटक जाएँ तो वापस लौट कर आने पर वह हमारा स्वागत करता है। जब हम अपने आप को उसकी इच्छा और विधियों पर छोड़ देते हैं, तो वह हमें धोकर स्वच्छ करता है और हमारे स्वरूप को परिवर्तित करता है। हमारे अन्दर निवास करने वाली परमेश्वर की पवित्र-आत्मा के द्वारा वह हमें पापों के विषय कायल करता है, स्वच्छ रखता है और दिन-प्रतिदिन उसका अनुसरण करने में सहायता करता है। - एमी बाउचर पाई


प्रभु परमेश्वर हमें स्वच्छ करता है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। -  1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: यहेजकेल 36:24-32
Ezekiel 36:24 मैं तुम को जातियों में से ले लूंगा, और देशों में से इकट्ठा करूंगा; और तुम को तुम्हारे निज देश में पहुंचा दूंगा।
Ezekiel 36:25 मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूंगा, और तुम शुद्ध हो जाओगे; और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूंगा।
Ezekiel 36:26 मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा।
Ezekiel 36:27 और मैं अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मान कर उनके अनुसार करोगे।
Ezekiel 36:28 तुम उस देश में बसोगे जो मैं ने तुम्हारे पितरों को दिया था; और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे, और मैं तुम्हारा परमेश्वर ठहरूंगा।
Ezekiel 36:29 और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता से छुड़ाऊंगा, और अन्न उपजने की आज्ञा देकर, उसे बढ़ाऊंगा और तुम्हारे बीच अकाल न डालूंगा।
Ezekiel 36:30 मैं वृक्षों के फल और खेत की उपज बढ़ाऊंगा, कि जातियों में अकाल के कारण फिर तुम्हारी नामधराई न होगी।
Ezekiel 36:31 तब तुम अपने बुरे चालचलन और अपने कामों को जो अच्छे नहीं थे, स्मरण कर के अपने अधर्म और घिनौने कामों के कारण अपने आप से घृणा करोगे।
Ezekiel 36:32 परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, तुम जान लो कि मैं इस को तुम्हारे निमित्त नहीं करता। हे इस्राएल के घराने अपने चालचलन के विषय में लज्जित हो और तुम्हारा मुख काला हो जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 129-131
  • 1 कुरिन्थियों 11:1-16



गुरुवार, 29 अगस्त 2019

बाँटना



      बसंत और ग्रीषम ऋतु में, मैं अपने पड़ौसी के आँगन में उगने वाले फलों को सराहता हूँ। हम दोनों के आँगनों के मध्य की बाड़ के किनारे लगाई गई अंगूर की लाता में अंगूर के बड़े-बड़े गुच्छे लटकते हैं। हमारे हाथों की पहुँच के अन्दर ही पेड़ों पर अलूचे और संतरे लगे होते हैं। यद्यपि हम उनके आंगन में न तो मिट्टी की गुड़ाई करते हैं, न बीज बोते हैं, न पोधों में पानी देते या बगीचे की सफाई करते हैं, फिर भी हमारे पड़ौसी उनके आँगन में होने वाली इस बहुतायत की फसल को हमारे साथ बाँटते हैं। उस फसल की देख-रेख करने की जिम्मेदारी वे लेते हैं, परन्तु अपनी फसल से हमें भी आनन्दित होने देते हैं।

      बाड़ की दूसरी ओर के पेड़ों और लता के फलों से मुझे एक और प्रकार के फलों की फसल का स्मरण हो आता है जिससे मैं और परमेश्वर द्वारा मेरे जीवन में रखे गए लोग लाभान्वित होते हैं। वह फसल है आत्मा के फलों की।

      मसीह यीशु के अनुयायियों को नियुक्त किया गया है कि वे परमेश्वर के पवित्र-आत्मा की सामर्थ्य के द्वारा जीवन जीने के लाभों को लें (गलातियों 5:16-21)। जब परमेश्वर के वचन के सत्य के बीज हमारे हृदयों में बढ़ोतरी पाते हैं, तो पवित्र-आत्मा हमारे अन्दर से अपने फलों, “प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम” (पद 22-23) को अधिकाई से प्रगट होने देने में सहायता करता है।

      जब हम अपने जीवन प्रभु यीशु को समर्पित कर देते हैं, तो फिर हमें अपनी स्वार्थी इच्छाओं के द्वारा नियंत्रित नहीं रहना होता है (पद 24)। समय के साथ पवित्र-आत्मा हमारी सोच, व्यवहार, और हमारे कार्यों को बदल देता है। जैसे-जैसे हम मसीह में बढ़ते और परिपक्व होते जाते हैं, तो हम अपने आस-पास के लोगों के साथ पवित्र-आत्मा के फलों की इस उदार फसल की आशीषों को बाँटने के द्वारा, परमेश्वर के उनके प्रति प्रेम को भी उन पर प्रगट कर सकते हैं। - जोशील डिक्सन

पवित्र-आत्मा के फल हमें बदलते हैं, जिससे हम अपने आस-पास के लोगों पर प्रभाव डाल सकें।

तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जा कर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे। - यूहन्ना 15:16

बाइबल पाठ: गलातियों 5:16-25
Galatians 5:16 पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे।
Galatians 5:17 क्योंकि शरीर आत्मा के विरोध में, और आत्मा शरीर के विरोध में लालसा करती है, और ये एक दूसरे के विरोधी हैं; इसलिये कि जो तुम करना चाहते हो वह न करने पाओ।
Galatians 5:18 और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के आधीन न रहे।
Galatians 5:19 शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात व्यभिचार, गन्‍दे काम, लुचपन।
Galatians 5:20 मूर्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म।
Galatians 5:21 डाह, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के जैसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करने वाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे।
Galatians 5:22 पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
Galatians 5:23 और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं।
Galatians 5:24 और जो मसीह यीशु के हैं, उन्होंने शरीर को उस की लालसाओं और अभिलाषाओं समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।
Galatians 5:25 यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 126-128
  • 1 कुरिन्थियों 10:19-33



बुधवार, 28 अगस्त 2019

ध्यान



      जौन न्यूटन ने लिखा था, “यदि घर जाते समय मुझे मार्ग में कोई ऐसा बच्चा मिले जिसका छोटा सिक्का गिर कर खो गया है, और उसे मैं अपनी ओर से एक सिक्का दे कर उसके आँसू पोंछ सकता हूँ, तो मैं समझूँगा कि मैंने कुछ विशेष किया है। मुझे तो इससे भी बड़े काम करने से खुश होना चाहिए; परन्तु मैं यह छोटा काम भी करता रहूँगा।”

      इन दिनों में ऐसे लोगों की कोई कमी नहीं है जिन्हें कुछ सांतवना और शान्ति की आवश्यकता है। उदाहरण के लिए, चिंताओं से दबा हुआ किराने की दूकान में काम करने वाला खजांची, जिसे घर का खर्च चलाने के लिए दो नौकरियां करनी पड़ रही हैं; एक शरणार्थी जिसे घर की तलाश है; एक अकेली माँ जिसकी चिंताओं के बोझ ने उसकी आशा को धूमिल कर दिया है; एक अकेला वृद्ध व्यक्ति जिसे लगता है कि अब उसकी उपयोगिता समाप्त हो गई है; इत्यादि।

      ऐसे में हमें क्या करना चाहिए? परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार दाऊद ने लिखा, “क्या ही धन्य है वह, जो कंगाल की सुधि रखता है” (भजन 41:1)। हम जिनके संपर्क में आते हैं, चाहे हम उनकी गरीबी को हटा न सकें, हम उनकी सुधि रख सकते हैं – सुधि रखना एक क्रिया है जिसका अर्थ होता है उनका ध्यान रखना।

      हम लोगों को अवगत करवा सकते हैं कि हम उनका ध्यान रखते हैं – हम उन्हें आदर और नम्रता का व्यवहार दिखा सकते हैं, चाहे वे चिड़चिड़े और उबा देने वाले ही क्यों न हों। हम उनकी बातों को रुचि के साथ सुन सकते हैं। और हम उनके साथ या उनके लिए प्रार्थना कर सकते हैं – जो सबसे अधिक सहायतापूर्ण और चँगा करने वाला कार्य है।

      प्रभु यीशु द्वारा कही गई विरोधाभास वाली बात “लेने से देना धन्य है” (प्रेरितों 20:35) को स्मरण रखें। ध्यान देने, सुधि रखने से हमारा ही भला होता है क्योंकि हम जितना अपने आप को औरों के लिए खर्च करेंगे, हम उतने अधिक आनन्दित रहेंगे। निर्धनों का ध्यान रखें। - डेविड रोपर


प्रेम के लिए औरों को दिया गया जीवन ही जीने योग्य जीवन है। - फ्रेड्रिक ब्युक्नर

हमारे परमेश्वर और पिता के निकट शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है, कि अनाथों और विधवाओं के क्‍लेश में उन की सुधि लें, और अपने आप को संसार से निष्‍कलंक रखें। - याकूब 1:27

बाइबल पाठ: भजन 41:1-3
Psalms 41:1 क्या ही धन्य है वह, जो कंगाल की सुधि रखता है! विपत्ति के दिन यहोवा उसको बचाएगा।
Psalms 41:2 यहोवा उसकी रक्षा कर के उसको जीवित रखेगा, और वह पृथ्वी पर भाग्यवान होगा। तू उसको शत्रुओं की इच्छा पर न छोड़।
Psalms 41:3 जब वह व्याधि के मारे सेज पर पड़ा हो, तब यहोवा उसे सम्भालेगा; तू रोग में उसके पूरे बिछौने को उलटकर ठीक करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 123-125
  • 1 कुरिन्थियों 10:1-18