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बुधवार, 25 सितंबर 2019

भरोसा



      अपनी भांजी से विदा कहते हुए, उस संध्या को मेरा गला रुंधा हुआ था। अगले दिन उसने अपने स्नातकोत्तर कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए हमसे 800 मील दूर चले जाना था। पिछले चार वर्ष से वह स्नातक डिग्री के लिए कॉलेज में हम से दूर तो थी, परन्तु फिर भी उसके कॉलेज और हमारे घर के मध्य केवल ढाई घंटे की यात्रा की दूरी थी, और हमारा मिलना तथा साथ होना काफी सहज था। परन्तु अब ऐसा नहीं होने पाएगा; अब हम वैसे नियमित नहीं मिलने पाएँगे, जैसे अभी तक मिल रहे थे। बस अब मुझे यही भरोसा रखना था कि परमेश्वर वहां पर भी उसकी वैसे ही देखभाल करता रहेगा, जैसे यहाँ पर कर रहा था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, इफिसुस की मसीही विश्वासियों की मण्डली के अगुवों से विदा लेते समय, संभवतः पौलुस को भी ऐसा ही लगा होगा। उसने इफसुस में मसीही मण्डली को स्थापित किया था, वह उन्हें तीन वर्ष तक सिखाता रहा था। पौलुस के लिए वे अगुवे उसके परिवार के समान ही निकट थे। अब जब पौलुस को यरूशलेम जाना था, और वह जानता था कि अब वह दोबारा उनसे इस शरीर में नहीं मिलेगा।

      इफिसुस के मसीही विश्वासियों के लिए पौलुस के पास कुछ परामर्श था। चाहे अब से पौलुस उनके पास उनके शिक्षक के रूप में नहीं रहेगा, फिर भी इफसुस की मण्डली के लोगों को अपने आप को त्यागा हुआ नहीं समझना था। पौलुस ने उन्हें समझाया कि परमेश्वर आगे भी उन्हें अपने “अनुग्रह के वचन” के द्वारा सिखाता रहेगा (प्रेरितों 20:32) कि मसीही विश्वासियों की मण्डली की अगुवाई कैसे करें। पौलुस तो उनके साथ हमेशा नहीं रह सकता था, किन्तु परमेश्वर हमेशा उनके साथ बना रहेगा।

      चाहे वे हमारे बच्चे हों, जिन्हें हम घर से बाहर आगे के जीवन के लिए भेजते हैं, या कोई अन्य परिवार अथवा मित्रगण हों जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए कहीं और जाते हैं – किसी भी प्रिय जन से विदा लेना बहुत कष्टदायक होता है। वे हमारे प्रभाव से निकलकर अपने नए जीवन में चले जाते हैं। जब हम अपने हाथों में से उनके हाथों को छोड़ते हैं, तब हम भरोसा रख सकते हैं कि परमेश्वर उन्हें थामे हुए है। वह उनकी देखभाल करता रहेगा, उनका मार्गदर्शन करता रहेगा, और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करता रहेग – हमसे भी कहीं अधिक भली रीति से। - लिंडा वॉशिंगटन

अपने प्रिय जनों से चाहे हम दूर हों, किन्तु परमेश्वर उनसे कभी दूर नहीं होता है।

और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूं; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, और सब पवित्रों में साझी कर के मीरास दे सकता है। - प्रेरितों 20:32

बाइबल पाठ: प्रेरितों 20:17-20, 35-38
Acts 20:17 और उसने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया।
Acts 20:18 जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा।
Acts 20:19 अर्थात बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्‍त्र के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा।
Acts 20:20 और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका।
Acts 20:35 मैं ने तुम्हें सब कुछ कर के दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उसने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है।
Acts 20:36 यह कहकर उसने घुटने टेके और उन सब के साथ प्रार्थना की।
Acts 20:37 तब वे सब बहुत रोए और पौलुस के गले में लिपट कर उसे चूमने लगे।
Acts 20:38 वे विशेष कर के इस बात का शोक करते थे, जो उसने कही थी, कि तुम मेरा मुंह फिर न देखोगे; और उन्होंने उसे जहाज तक पहुंचाया।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 6-8
  • गलातियों 4



मंगलवार, 24 सितंबर 2019

निवास-स्थान



      मेरा पालन-पोषण अमेरिका के मिनिसोटा प्रदेश में हुआ, जो अपनी अनेकों सुन्दर झीलों के लिए प्रसिद्ध है। परमेश्वर की उस अनुपम सृष्टि की सुन्दरता का आनन्द लेने के लिए हम खुले इलाकों में कैम्पिंग के लिए जाया करते थे, परन्तु पतले कपड़े से बने तम्बुओं में सोना मुझे पसन्द नहीं था, विशेषकर तब जब बारिश हो और रिस कर तम्बू में आया पानी सारे स्लीपिंग बैग या बिस्तर को गीला कर दे।

      इसलिए मुझे अचरज होता है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में विश्वास के एक नायक अब्राहम ने लगभग सौ वर्ष तम्बुओं में बिताए। जब अब्राहम की आयु पचहत्तर वर्ष की थी तब उसने परमेश्वर की बुलाहट को सुना, कि वो अपने देश को छोड़कर उस स्थान को जाए जहाँ पर परमेश्वर उसे आशीषित करेगा और उससे एक बड़ी जाति बनाएगा (उत्पत्ति 12:1-2)। अब्राहम ने परमेश्वर की बात पर विश्वास किया, उसकी आज्ञाकारिता में अपने घर और देश से अनजाने स्थान की ओर निकल पड़ा, इस विश्वास के साथ कि परमेश्वर अपनी कही हुई बात को पूरा भी करेगा। और अपने शेष जीवन भर, जब तक कि वह एक सौ पचहत्तर वर्ष की आयु में मर नहीं गया (25:7), वह अपने देश से दूर, तम्बुओं में ही निवास करता रहा।

      आज हमारी वह बुलाहट चाहे न हो जो अब्राहम की थी, कि वह खानाबदोशों का जीवन जीए, परन्तु जब हम इस सँसार और उसके लोगों के मध्य रहते और सेवा करते हैं, उनसे प्रेम करते हैं, तो हमें भी अपने किसी स्थाई निवास-स्थान की लालसा हो सकती है, जिसके साथ हम अपने आप को जुड़ा हुआ अनुभव कर सकें। जब कठिन परिस्थितियाँ और परेशानियां हमारे ‘तम्बुओं’ में दिक्कतें पैदा करें, तो अब्राहम के समान ही हम भी विश्वास के साथ अपने उस स्थाई निवास-स्थान की ओर देखें जिसका “बनानेवाला परमेश्वर है” (इब्रानियों 11:10)। और अब्राहम के समान ही, हम भी उस आशा पर भरोसा बनाए रखें कि परमेश्वर अपनी सृष्टि को नया कर रहा है, प्रभु यीशु मसीह में विश्वास द्वारा उसकी सन्तान बने हुओं के लिए एक उत्तम और स्वर्गीय निवास-स्थान  तैयार कर रहा है। - एमी बाउचर पाई

परमेश्वर हमारे जीवनों के लिए हमें दृढ़ आधार देता है।

तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। - यूहन्ना 14:1-2

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 12:4-9; इब्रानियों 11:8-12
Genesis 12:4 यहोवा के इस वचन के अनुसार अब्राम चला; और लूत भी उसके संग चला; और जब अब्राम हारान देश से निकला उस समय वह पचहत्तर वर्ष का था।
Genesis 12:5 सो अब्राम अपनी पत्नी सारै, और अपने भतीजे लूत को, और जो धन उन्होंने इकट्ठा किया था, और जो प्राणी उन्होंने हारान में प्राप्त किए थे, सब को ले कर कनान देश में जाने को निकल चला; और वे कनान देश में आ भी गए।
Genesis 12:6 उस देश के बीच से जाते हुए अब्राम शकेम में, जहां मोरे का बांज वृक्ष है, पंहुचा; उस समय उस देश में कनानी लोग रहते थे।
Genesis 12:7 तब यहोवा ने अब्राम को दर्शन देकर कहा, यह देश मैं तेरे वंश को दूंगा: और उसने वहां यहोवा के लिये जिसने उसे दर्शन दिया था, एक वेदी बनाई।
Genesis 12:8 फिर वहां से कूच कर के, वह उस पहाड़ पर आया, जो बेतेल के पूर्व की ओर है; और अपना तम्बू उस स्थान में खड़ा किया जिसकी पच्छिम की ओर तो बेतेल, और पूर्व की ओर ऐ है; और वहां भी उसने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई: और यहोवा से प्रार्थना की
Genesis 12:9 और अब्राम कूच कर के दक्खिन देश की ओर चला गया।

Hebrews 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।
Hebrews 11:9 विश्वास ही से उसने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया।
Hebrews 11:10 क्योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है।
Hebrews 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उसने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्चा जाना था।
Hebrews 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 4-5
  • गलातियों 3



सोमवार, 23 सितंबर 2019

कहा



      रिफ्यूज रबिन्द्रनाथ नामक एक व्यक्ति, श्री लंका में, दस वर्ष से भी अधिक समय से जवानों के मध्य में काम कर रहा है। वह अकसर जवानों के साथ देर रात तक बातचीत करता रहता है, उनके साथ खेलता है, उनकी सुनता है, उन्हें सिखाता है और परामर्श देता है। उसे उन जवानों के मध्य काम करना अच्छा लगता है किन्तु कभी-कभी निराशाजनक भी हो जाता है जब ऐसे विद्यार्थी जिन पर भरोसा रखा गया था, वे विश्वास से मुड़कर चले जाते हैं। कुछ दिन ऐसे भी होते हैं जब उसे वैसा अनुभव होता है जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका की पुस्तक के पाँचवें अध्याय में शमौन पतरस को हुआ था।

      शमौन सारी रात परिश्रम करता रहा था, परन्तु उसने कोई मछली नहीं पकड़ी (पद 5); वह थका हुआ और निराश अनुभव कर रहा था। परन्तु फिर भी जब प्रभु यीशु ने उससे कहा कि वह गहरे में जाकर जाल डाले (पद 4), तो शमौन ने उत्तर दिया कि “तौभी तेरे कहने से जाल डालूँगा” (पद 5)।

      यहाँ शमौन द्वारा प्रभु की कही बात का पालन करना अद्भुत है। शमौन अनुभवी मछुआरा था, और जानता था कि जब सूरज चढ़ने लगता है तो मछलियाँ झील की गहराइयों में चली जाती हैं, और उनके पास जो जाल थे वे उतनी गहराई से मछलियों को पकड़ नहीं सकते थे।

      शमौन द्वारा प्रभु की कही गई बात को मानने से, उसे अच्छा परिणाम मिला। न केवल शमौन ने ढेर सारी मछलियाँ पकड़ीं, वरन उसे प्रभु यीशु मसीह की और गहरी पहचान भी मिली। वह पहले प्रभु यीशु को “स्वामी” कहकर संबोधित करता था (पद 5), परन्तु अब इस घटना के बाद वह “प्रभु” कहने लगा (पद 8)। निःसंदेह, परमेश्वर की सुनने से हम उसकी निकटता में बढ़ते हैं और उसके कार्यों को निकट से देखने भी लगते हैं।

      हो सकता है कि परमेश्वर आपको कह रहा है कि आप भी अपने “जाल फिर से डालें” जैसा कि उसने शमौन से कहा था। और होनें दें कि हम भी शमौन के समान ही प्रभु से कहें, “तेरे कहने से जाल डालूँगा।” – पो फैंग चिया

परमेश्वर के प्रति हमारी आज्ञाकारिता 
अज्ञात मार्गों में भी हमारा मार्गदर्शन करेगी, 
और हमें उसकी निकटता में लाएगी।

भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! – व्यवस्थाविवरण 5:29

बाइबल पाठ: लूका 5:1-11
Luke 5:1 जब भीड़ उस पर गिरी पड़ती थी, और परमेश्वर का वचन सुनती थी, और वह गन्नेसरत की झील के किनारे पर खड़ा था, तो ऐसा हुआ।
Luke 5:2 कि उसने झील के किनारे दो नावें लगी हुई देखीं, और मछुवे उन पर से उतरकर जाल धो रहे थे।
Luke 5:3 उन नावों में से एक पर जो शमौन की थी, चढ़कर, उसने उस से बिनती की, कि किनारे से थोड़ा हटा ले चले, तब वह बैठकर लोगों को नाव पर से उपदेश देने लगा।
Luke 5:4 जब वे बातें कर चुका, तो शमौन से कहा, गहिरे में ले चल, और मछिलयां पकड़ने के लिये अपने जाल डालो।
Luke 5:5 शमौन ने उसको उत्तर दिया, कि हे स्‍वामी, हम ने सारी रात मिहनत की और कुछ न पकड़ा; तौभी तेरे कहने से जाल डालूंगा।
Luke 5:6 जब उन्होंने ऐसा किया, तो बहुत मछिलयां घेर लाए, और उन के जाल फटने लगे।
Luke 5:7 इस पर उन्होंने अपने साथियों को जो दूसरी नाव पर थे, संकेत किया, कि आकर हमारी सहायता करो: और उन्होंने आकर, दोनों नाव यहां तक भर लीं कि वे डूबने लगीं।
Luke 5:8 यह देखकर शमौन पतरस यीशु के पांवों पर गिरा, और कहा; हे प्रभु, मेरे पास से जा, क्योंकि मैं पापी मनुष्य हूं।
Luke 5:9 क्योंकि इतनी मछिलयों के पकड़े जाने से उसे और उसके साथियों को बहुत अचम्भा हुआ।
Luke 5:10 और वैसे ही जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना को भी, जो शमौन के सहभागी थे, अचम्भा हुआ: तब यीशु ने शमौन से कहा, मत डर: अब से तू मनुष्यों को जीवता पकड़ा करेगा।
Luke 5:11 और व नावों को किनारे पर ले आए और सब कुछ छोड़कर उसके पीछे हो लिए।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-3
  • गलातियों 2



रविवार, 22 सितंबर 2019

स्वाद



      जब हमारे बेटे ज़ेवियर ने, जिसने चलना अभी ही सीखा था, पहली बार नीबू में दाँत मारे, तो उसने तुरंत नाक सिकोडी और जीभ बाहर निकाल कर तुतला कर बोला, “खट्टा”! मैंने हँसते हुए उससे नीबू लेकर फेंकना चाहा, तो ज़ेवियर मुझ से दूर होने के लिए रसोई से बाहर की ओर दौड़ा, और बोला “अभी और।” नीबू का रस चूसते हुए वह अपने होंठ बिचकाता रहा, किन्तु जब तक नीबू में रस रहा वह उसे चूसता ही रहा, और फिर अन्त में मेरे हाथों में चुसे हुए नीबू का छिलका पकड़ा कर चला गया।

      मेरी जीभ की स्वाद-कोशिकाएं मेरे जीवन के मधुर पलों के मीठे स्वाद के प्रति मेरे लगाव को वास्तविक रीति से दिखती है। मेरा प्रत्येक कड़ुवी वस्तु के प्रति अलगाव मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्यूब की पत्नि को समरण करवाता है, जो मेरे ही समान दुःख उठाने के खट्टे अनुभव से बचे रहना चाहती थी।

      निःसंदेह, अय्यूब को कठिनाई या क्लेश पसन्द नहीं थे, परन्तु उसने फिर भी अपनी अत्यंत पीड़ादायक परिस्थितियों में भी परमेश्वर को आदर दिया (अय्यूब 1:1-22)। जब अय्यूब की देह पीड़ादायक घावों से भर गई, तब भी वह उस पीड़ा को सहता रहा (2:7-8)। उसकी पत्नि ने उसे उकसाया कि वह परमेश्वर पर भरोसा करने के स्थान पर उसकी निन्दा करे (पद 9), परन्तु, अय्यूब का प्रत्युत्तर क्लेश और कष्ट में भी परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखना था (पद 10)।

      यह स्वाभाविक है कि हम जीवन के कडुवे घूंटों को पीना नहीं चाहते हैं। ऐसी परिस्थितियों में हम पर यह प्रलोभन भी आ सकता है कि हम अपनी पीड़ाओं के लिए परमेश्वर को उलाहना दें। परन्तु परमेश्वर परीक्षाओं और कष्टपूर्ण परिस्थितियों के द्वारा हमें उस पर भरोसा बनाए रखना, उस पर निर्भर रहना, और उसे समर्पित रहना सिखाता है; हमें सक्षम करता है कि हम कठिनाइयों में से धीरज के साथ पार निकल सकें। हमारे लिए यह आवश्यक नहीं है कि अय्यूब के समान हम भी दुखों में आनन्दित हों जिससे पीड़ाओं के कडुवे स्वाद के समयों में, परमेश्वर की विश्वासयोग्यता की अप्रत्याशित मिठास का स्वाद अनुभव करें – जिससे परमेश्वर में हमारा विश्वास और दृढ़ हो जाता है। - जोशील डिक्सन

परमेश्वर क्लेशों के द्वारा हमारे विश्वास को दृढ़ करता है।

हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। - याकूब 1:2-3

बाइबल पाठ: अय्यूब 2:1-10
Job 2:1 फिर एक और दिन यहोवा परमेश्वर के पुत्र उसके साम्हने उपस्थित हुए, और उनके बीच शैतान भी उसके साम्हने उपस्थित हुआ।
Job 2:2 यहोवा ने शैतान से पूछा, तू कहां से आता है? शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, कि इधर-उधर घूमते-फिरते और डोलते-डालते आया हूँ।
Job 2:3 यहोवा ने शैतान से पूछा, क्या तू ने मेरे दास अय्यूब पर ध्यान दिया है कि पृथ्वी पर उसके तुल्य खरा और सीधा और मेरा भय मानने वाला और बुराई से दूर रहने वाला मनुष्य और कोई नहीं है? और यद्यपि तू ने मुझे उसको बिना कारण सत्यानाश करते को उभारा, तौभी वह अब तक अपनी खराई पर बना है।
Job 2:4 शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, खाल के बदले खाल, परन्तु प्राण के बदले मनुष्य अपना सब कुछ दे देता है।
Job 2:5 सो केवल अपना हाथ बढ़ाकर उसकी हड्डियां और मांस छू, तब वह तेरे मुंह पर तेरी निन्दा करेगा।
Job 2:6 यहोवा ने शैतान से कहा, सुन, वह तेरे हाथ में है, केवल उसका प्राण छोड़ देना।
Job 2:7 तब शैतान यहोवा के साम्हने से निकला, और अय्यूब को पांव के तलवे से ले सिर की चोटी तक बड़े बड़े फोड़ों से पीड़ित किया।
Job 2:8 तब अय्यूब खुजलाने के लिये एक ठीकरा ले कर राख पर बैठ गया।
Job 2:9 तब उसकी स्त्री उस से कहने लगी, क्या तू अब भी अपनी खराई पर बना है? परमेश्वर की निन्दा कर, और चाहे मर जाए तो मर जा।
Job 2:10 उसने उस से कहा, तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अय्यूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12
  • गलातियों 1



शनिवार, 21 सितंबर 2019

प्रार्थना



      गायक तथा गीत लेखक रॉबर्ट हैमलेट ने “The Lady Who Prays for Me” गाना अपनी माँ के सम्मान में लिखा, जिनका यह नियम था कि प्रति-प्रातः वे अपने बच्चों के लिए, उनके बस स्टॉप पर जाने से पहले, प्रार्थना अवश्य करती थीं। जब एक जवान माँ ने हैमलेट को यह गाना गाते हुए सुना, उन्होंने भी अपने बेटे के साथ प्रार्थना करने का निर्णय किया। इसका परिणाम हृदयस्पर्शी था! उसके बेटे के द्वार से बाहर निकलने से पहले उसकी माँ ने उसके साथ प्रार्थना की। पाँच मिनिट के बाद ही उनका बेटा बस स्टॉप से लौट कर आ गया, और उसके साथ बस स्टॉप से कुछ और बच्चे भी आए! उसकी माँ चकित हो गई, और पूछा कि “क्या हुआ”; तो बेटे ने उत्तर दिया, “इनकी माताओं ने इनके साथ प्रार्थना नहीं की।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इफिसुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस ने सभी से प्रार्थना करने का आग्रह किया, “हर समय, और हर प्रकार से” (6:18)। प्रतिदिन परमेश्वर पर निर्भरता को दिखाना परिवार के लिए अनिवार्य है क्योंकि अनेकों बच्चे परमेश्वर पर भरोसा करना तब ही सीखते हैं जब वे उनके निकट के लोगों में सच्चा विश्वास देखते हैं (2 तिमुथियुस 1:5)। प्रार्थना के अत्यंतावश्यक महत्व को सिखाने का इससे बेहतर और कोई मार्ग नहीं है, कि बच्चों के साथ और उनके लिए प्रार्थना की जाए। यह उन्हें व्यक्तिगत रीति से प्रत्येक आवश्यकता के लिए परमेश्वर की ओर बढ़ने की अनिवार्यता को समझाने का एक तरीका है।

      जब हम बच्चों को परमेश्वर के मार्ग पर डालते हैं, उनके समक्ष एक वास्तविक विश्वास का नमूना रखने के द्वारा (नीतिवचन 22:6; 2 तिमुथियुस 1:5), तो हम उन्हें एक विशेष उपहार देते हैं; यह आश्वासन कि परमेश्वर हमारे जीवनों का अभिन्न अंग है, और सदैव हमारे साथ बना रहता है, हमसे सदा प्रेम करता है, हमारा मार्गदर्शन करता है, और हमें सुरक्षा प्रदान करता है। - सिंडी हैस कैस्पर

दैनिक प्रार्थना प्रतिदिन की चिंताओं को कम कर देती है।

लड़के को शिक्षा उसी मार्ग की दे जिस में उसको चलना चाहिये, और वह बुढ़ापे में भी उस से न हटेगा। - नीतिवचन 22:6

बाइबल पाठ: इफिसियों 6:18-19
Ephesians 6:18 और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
Ephesians 6:19 और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 7-9
  • 2 कुरिन्थियों 13



शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

दौड़



      सन 2016 के रियो में आयोजित ओलंपिक खेलों में 5,000 मीटर की दौड़ में भाग ले रहे दो धाविकाओं ने सँसार भर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। दौड़ में लगभग 3,200 मीटर की दूरी तय हो चुकी थी , कि दो धाविकाएं, न्यूज़ीलैंड की निक्की हैमबलिन और अमेरिका की एब्बे दी औगास्तिनों, आपस में टकरा गईं। एब्बे जल्दी से उठ खड़ी हुई, परन्तु उसने रुक कर निक्की को उठने में सहायता की। जैसे ही दोनों धाविकाओं ने फिर से दौड़ना आरंभ किया, एब्बे लंगड़ाने लगी, गिरने के कारण उसके दाहिनी टांग में चोट आई थी। अब निक्की की बारी थी कि रुक कर अपनी साथी धाविका को दौड़ समाप्त करने के लिए प्रोत्साहित करे। जब अन्ततः एब्बे लड़खड़ाती हुई समाप्ति रेखा के पार उतरी, तब वहाँ उसका स्वागत करने उसे गले लगाने के लिए निक्की वहीं खड़ी थी। परस्पर एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने का यह अति-सुन्दर दृश्य था।

      इस घटना से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई एक बात स्मरण आती है: “एक से दो अच्छे हैं...क्योंकि यदि उन में से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा; परन्तु हाय उस पर जो अकेला हो कर गिरे और उसका कोई उठाने वाला न हो” (सभोपदेशक 4:9-10)। एक आत्मिक दौड़ में भागने वाले धावकों के समान, हमें एक-दूसरे की सहायता की आवश्यकता होती है। हम इस दौड़ में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा के कारण नहीं हैं, हम एक ही टीम के सदस्य हैं जो साथ दौड़ रहे हैं। ऐसे पल आएँगे जब हम लड़खड़ाएंगे और हमें औरों की सहायता की आवश्यकता पड़ेगी; और ऐसे भी पल होंगे जब औरों को हमारी सहायता की आवश्यकता पड़ेगी – हमारे प्रोत्साहन, हमारी प्रार्थनाओं, या उनके साथ हमारी उपस्थिति के द्वारा।

      आत्मिक दौड़ अकेले नहीं दौड़ी जाती है। क्या परमेश्वर आपको किसी के लिए निक्की या एब्बी बनने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है? परमेश्वर के द्वारा उकसाए जाने को तुरंत प्रतिक्रया दें और दौड़ को पूरी करने में किसी की सहायता करें। - पोह फैंग चिया

परमेश्वर जहाँ हमें ले जाना चाहता है वहाँ पहुँचने के लिए 
हमें एक-दूसरे की सहायता की आवश्यकता होती है।

हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलातियों 6:1-2

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 4:9-12
Ecclesiastes 4:9 एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है।
Ecclesiastes 4:10 क्योंकि यदि उन में से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा; परन्तु हाय उस पर जो अकेला हो कर गिरे और उसका कोई उठाने वाला न हो।
Ecclesiastes 4:11 फिर यदि दो जन एक संग सोए तो वे गर्म रहेंगे, परन्तु कोई अकेला क्योंकर गर्म हो सकता है?
Ecclesiastes 4:12 यदि कोई अकेले पर प्रबल हो तो हो, परन्तु दो उसका साम्हना कर सकेंगे। जो डोरी तीन तागे से बटी हो वह जल्दी नहीं टूटती।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6
  • 2 कुरिन्थियों 12



गुरुवार, 19 सितंबर 2019

रिक्त स्थान



      जब हम छोटे थे तो मैं और मेरा भाई अकसर घर में माँ द्वारा बनाए गए और हमें परोसे गए केक के भाग को लेकर बहस करते थे कि, “उसको मिला भाग मेरे भाग से अधिक है।” एक दिन पिताजी ने भौंहें चढ़ाकर हमारी इस लड़ाई को देखा, और मुस्कुराकर माँ को देखा, फिर अपनी प्लेट उठाकर माँ से कहा, “मुझे अपने हृदय के बराबर का भाग दो।” मेरे भाई और मैंने स्तब्ध होकर खामोशी से देखा कि माँ ने हँसते हुए सबसे बड़ा भाग उठाकर पिताजी को दे दिया।

      यदि हम औरों के भाग पर ध्यान लगाएंगे तो फिर ईर्ष्या उत्पन्न होगी। परन्तु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सांसारिक संपत्ति से कहीं अधिक मूल्यवान वस्तुओं पर आँखें लगाने को कहती है। भजनकार लिखता है, “यहोवा मेरा भाग है; मैं ने तेरे वचनों के अनुसार चलने का निश्चय किया है। मैं ने पूरे मन से तुझे मनाया है; इसलिये अपने वचन के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर” (भजन 119:57-58)। पवित्र आत्मा से प्रेरणा पाकर, लेखक ने इस सत्य को व्यक्त किया कि परमेश्वर की निकटता में होने से बढ़कर और कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है।

      हमारे प्रेमी और असीम सृजनहार से अधिक बेहतर हमारा और क्या भाग हो सकता है? पृथ्वी की कोई बात उसके तुल्य नहीं है, और उसे हम से अलग कुछ भी नहीं कर सकता है। मानवीय लालसाएँ कभी न भरने वाला रिक्त स्थान हैं; व्यक्ति के पास सँसार का सब कुछ हो सकता है, परन्तु वह फिर भी दुखित रह सकता है। परन्तु जब परमेश्वर हमारे आनन्द का स्त्रोत है, तब हम वास्तव में संतुष्ट रहते हैं।

      हमारे अन्दर एक ऐसा रिक्त स्थान है जिसे केवल परमेश्वर ही भर सकता है; केवल वही हमें वह शान्ति दे सकता है जो हमारे हृदय के रिक्त स्थान को भर सके। - जेम्स बैंक्स

जब हम उसके हैं, तो वह सदा काल के लिए हमारा है। 
हे प्रभु आपने हमें अपने लिए बनाया है।
हमारे हृदय अशांत रहते हैं जब तक आप में शान्ति न पाएँ। - ऑगस्टिन ऑफ हिप्पो

यहोवा मेरा भाग और मेरे कटोरे का हिस्सा है; मेरे बाट को तू स्थिर रखता है। - भजन  16:5

बाइबल पाठ: भजन 73:21-28
Psalms 73:21 मेरा मन तो चिड़चिड़ा हो गया, मेरा अन्त:करण छिद गया था,
Psalms 73:22 मैं तो पशु सरीखा था, और समझता न था, मैं तेरे संग रह कर भी, पशु बन गया था।
Psalms 73:23 तौभी मैं निरन्तर तेरे संग ही था; तू ने मेरे दाहिने हाथ को पकड़ रखा।
Psalms 73:24 तू सम्मति देता हुआ, मेरी अगुवाई करेगा, और तब मेरी महिमा कर के मुझ को अपने पास रखेगा।
Psalms 73:25 स्वर्ग में मेरा और कौन है? तेरे संग रहते हुए मैं पृथ्वी पर और कुछ नहीं चाहता।
Psalms 73:26 मेरे हृदय और मन दोनों तो हार गए हैं, परन्तु परमेश्वर सर्वदा के लिये मेरा भाग और मेरे हृदय की चट्टान बना है।
Psalms 73:27 जो तुझ से दूर रहते हैं वे तो नाश होंगे; जो कोई तेरे विरुद्ध व्यभिचार करता है, उसको तू विनाश करता है।
Psalms 73:28 परन्तु परमेश्वर के समीप रहना, यही मेरे लिये भला है; मैं ने प्रभु यहोवा को अपना शरणस्थान माना है, जिस से मैं तेरे सब कामों का वर्णन करूं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 1-3
  • 2 कुरिन्थियों 11:16-33