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शनिवार, 30 नवंबर 2019

अपूर्ण



      जापान में भोजन वस्तुएं बड़े ध्यान और शुद्धता से बनाई जाती हैं, और बेचने के लिए आकर्षक रीति से पैक भी की जाती हैं। न केवल उनका स्वाद अच्छा होना चाहिए, परन्तु उनका स्वरूप भी अच्छा होना चाहिए। उन्हें खरीदते समय मैं अकसर सोचता हूँ कि मैं भोजन वस्तु खरीद रहा हूँ या वह पैकिंग! अच्छी गुणवत्ता पर जापान में दिए जाने वाले बल के कारण, ज़रा से भी त्रुटि वाले उत्पादों को अकसर हटा दिया जाता है। परन्तु हाल ही के वर्षों में ‘वेकियारी’ उत्पाद लोकप्रीय होने लगे हैं। जापानी भाषा में ‘वेकियारी’ शब्द का अर्थ है “कारण है”। इन उत्पादों को फेंका नहीं जाता है, वरन उन्हें सस्ते दामों पर बेच दिया जाता है – उदाहरण के लिए वे बिस्किट जो टूट गए हैं।

      मेरा एक मित्र ने, जो जापान में रहता है, मुझे बताया कि ‘वेकियारी’ शब्द प्रत्यक्ष रूप में अपूर्ण दिखने वाले लोगों के लिए भी प्रयोग किया जाता है।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि प्रभु यीशु सभी से प्रेम करते हैं; उन से भी जिन्हें समाज ने वेकियारी कहकर तिरिस्कृत कर दिया है। जब एक पापिनी स्त्री को मालूम हुआ कि प्रभु यीशु एक फरीसी के घर में भोजन कर रहे हैं, तो वह वहाँ गयी, और प्रभु यीशु के पांवों पर झुककर रोने लगी (लूका 7:37-38)। फरीसी ने तो उसे “पापिनी” कहा (पद 39), परन्तु प्रभु यीशु ने उसे स्वीकार किया। प्रभु ने उससे कोमलता से बात की, और उसे आश्वस्त किया कि उसके पाप क्षमा किए गए हैं (पद 48)।

      प्रभु यीशु अपूर्ण, वेक्यारी लोगों से भी प्रेम करते हैं – जिनमें मैं और आप भी सम्मिलित हैं। और प्रभु के प्रेम का सबसे महान प्रगटीकरण है: “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा” (रोमियों 5:8)। उसके प्रेम को प्राप्त करने वाले पात्र होने के कारण, हम मसीही विश्वासियों को प्रभु के इस प्रेम को औरों तक पहुंचाने का माध्यम भी बन जाना है, जिससे इस संसार के अपूर्ण और वेक्यरी लोग भी जान सकें कि उनकी अपूर्णता और त्रुटियों के बावजूद, प्रभु यीशु पर लाए गए विश्वास और उससे माँगी गई पापों की क्षमा के द्वारा वे भी परमेश्वर के प्रेम को प्राप्त करने वाले हो सकते हैं।
 - एल्बर्ट ली

परमेश्वर के प्रेम के द्वारा पाप के कारण टूटे हुए लोग भी पूर्ण बनाए जा सकते हैं।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। - यूहन्ना 3:16-17

बाइबल पाठ: लूका 7:36-50
Luke 7:36 फिर किसी फरीसी ने उस से बिनती की, कि मेरे साथ भोजन कर; सो वह उस फरीसी के घर में जा कर भोजन करने बैठा।
Luke 7:37 और देखो, उस नगर की एक पापिनी स्त्री यह जानकर कि वह फरीसी के घर में भोजन करने बैठा है, संगमरमर के पात्र में इत्र लाई।
Luke 7:38 और उसके पांवों के पास, पीछे खड़ी हो कर, रोती हुई, उसके पांवों को आंसुओं से भिगाने और अपने सिर के बालों से पोंछने लगी और उसके पांव बारबार चूमकर उन पर इत्र मला।
Luke 7:39 यह देखकर, वह फरीसी जिसने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान लेता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है? क्योंकि वह तो पापिनी है।
Luke 7:40 यह सुन यीशु ने उसके उत्तर में कहा; कि हे शमौन मुझे तुझ से कुछ कहना है वह बोला, हे गुरू कह।
Luke 7:41 किसी महाजन के दो देनदार थे, एक पांच सौ, और दूसरा पचास दीनार धारता था।
Luke 7:42 जब कि उन के पास पटाने को कुछ न रहा, तो उसने दोनों को क्षमा कर दिया: सो उन में से कौन उस से अधिक प्रेम रखेगा।
Luke 7:43 शमौन ने उत्तर दिया, मेरी समझ में वह, जिस का उसने अधिक छोड़ दिया: उसने उस से कहा, तू ने ठीक विचार किया है।
Luke 7:44 और उस स्त्री की ओर फिरकर उसने शमौन से कहा; क्या तू इस स्त्री को देखता है मैं तेरे घर में आया परन्तु तू ने मेरे पांव धोने के लिये पानी न दिया, पर इस ने मेरे पांव आंसुओं से भिगाए, और अपने बालों से पोंछा!
Luke 7:45 तू ने मुझे चूमा न दिया, पर जब से मैं आया हूं तब से इस ने मेरे पांवों का चूमना न छोड़ा।
Luke 7:46 तू ने मेरे सिर पर तेल नहीं मला; पर इस ने मेरे पांवों पर इत्र मला है।
Luke 7:47 इसलिये मैं तुझ से कहता हूं; कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।
Luke 7:48 और उसने स्त्री से कहा, तेरे पाप क्षमा हुए।
Luke 7:49 तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने अपने मन में सोचने लगे, यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है?
Luke 7:50 पर उसने स्त्री से कहा, तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया है, कुशल से चली जा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 37-39
  • 2 पतरस 2



शुक्रवार, 29 नवंबर 2019

हमदर्द



      यदि आप एक विशेष पोशाक – R70i को पहिनेंगे, तो तुरंत अपने आप को चालीस वर्ष अधिक आयु का अनुभव करेंगे – आप की दृष्टि धुंधली हो जाएगी, सुनाई काम देगा, और चलने फिरने में कठिनाई होगी। यह विशेष पोशाक वृद्धों की देखभाल करने वालों को प्रशिक्षित करने के लिए बनाई गई है जिससे वे अपने मरीज़ों और उनकी आवश्यकताओं को बेहतर समझ सकें और उनकी देखभाल करने में सक्षम हो सकें। Wall Street Journal के पत्रकार, ज्योफ्री फाउलर ने उस पोशाक को पहिनने के बाद अपने अनुभव के विषय लिखा, “उस अविस्मरणीय और तकलीफदेह अनुभव ने न केवल बुढ़ापे की समस्याओं पर प्रकाश डाला, वरन यह भी दिखाया कि तकनीकी के द्वारा बनाई गई कृत्रिम वास्तविकता किस प्रकार से हमें हमदर्दी रखना सिखा सकती है और अपने आस-पास के संसार के प्रति हमारे दृष्टिकोण को किस प्रकार से प्रभावित कर सकती है।”

      हमदर्दी, किसी दूसरे की भावनाओं को समझने और उन्हें साझा करने की सामर्थ्य है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों पर आए कठोर सताव के समय में, इब्रानियों के लेखक ने अपने पाठकों से आग्रह किया कि वे, “कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है” (13:3)।

      हमारे प्रभु और समस्त जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह ने हमारे लिए यही किया है। प्रभु यीशु हमारे समान मनुष्य बनकर इस धरती पर आए, “इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्‍ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वास योग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्‍चित्त करे। क्योंकि जब उसने परीक्षा की दशा में दुख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है” (2:17-18)।

      मसीह जो प्रभु है, हमारे समान बन गए, और हमें आह्वान करते हैं कि हम औरों के साथ उनकी आवश्यकता के समयों में ऐसे खड़े हों, जैसे हम उस परिस्थिति में उनके साथ ही हों। - डेविड मैक्कैस्लैंड

प्रभु यीशु चाहते हैं कि हम औरों के साथ ऐसे खड़े रहें, 
मानो उनके स्थान पर उस परिस्थित में हम ही हैं।

जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। - फिलिप्पियों 2:5

बाइबल पाठ: इब्रानियों 2:14-18; 13:1-3
Hebrews 2:14 इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे।
Hebrews 2:15 और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले।
Hebrews 2:16 क्योंकि वह तो स्‍वर्गदूतों को नहीं वरन इब्राहीम के वंश को संभालता है।
Hebrews 2:17 इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्‍ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वास योग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्‍चित्त करे।
Hebrews 2:18 क्योंकि जब उसने परीक्षा की दशा में दुख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है।
Hebrews 13:1 भाईचारे की प्रीति बनी रहे।
Hebrews 13:2 पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।
Hebrews 13:3 कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 35-36
  • 2 पतरस 1



गुरुवार, 28 नवंबर 2019

धन्यवाद



      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि कई हज़ार वर्ष पहले परमेश्वर ने मूसा के माध्यम से अपने लोगों, इस्राएल को अपनी विधियां, नियम और पर्व दिए। उनमें से फसल से संबंधित पर्व भी थे – कटनी का पर्व और बटोरने का पर्व, जिनके विषय परमेश्वर ने कहा, “और जब तेरी बोई हुई खेती की पहिली उपज तैयार हो, तब कटनी का पर्ब्ब मानना। और वर्ष के अन्त में जब तू परिश्रम के फल बटोर के ढेर लगाए, तब बटोरन का पर्ब्ब मानना” (निर्गमन 23:16)।

      आज सारे संसार में इस प्रकार का पर्व कभी-न-कभी मनाया जाता है, धरती से होने वाली उपज के उपलक्ष्य में। अफ्रीका के घाना देश में लोग फसल की कटनी के समय यैम का पर्व मनाते हैं; ब्राजील में Dia de Acao de Gracas फसल के लिए धन्यवादी होने का समय है; चीन में पतझड़ के समय मून पर्व मनाया जाता है; और अमेरिका तथा कैनाडा में थैंक्सगिविंग (Thanksgiving) का पर्व मनाया जाता है।

      फसल की कटनी के पर्व के उद्देश्य को समझने के लिए हम जल प्रलय के तुरंत बाद परमेश्वर द्वारा नूह से कही गई बात पर चलते हैं। परमेश्वर ने नूह और उसके परिवार को – और उसमें होकर आज हमें – हमारे फलते-फूलते अस्तित्व के लिए उसके प्रावधानों का स्मरण करवाया। परमेश्वर ने कहा कि पृथ्वी पर ऋतुएँ, दिन और रात, तथा बोने और काटने के समय सदा होते रहेंगे (उत्पत्ति 8:22)। उस फसल के लिए जिससे हम भरण-पोषण पाते हैं, हमारा धन्यवाद और कृतज्ञता का एकमात्र पात्र केवल परमेश्वर ही है।

      आप चाहे जहां भी रहते हों, या अपने स्थान पर धरती से होने वाली उपज को चाहे जैसे भी मनाते हों, आज कुछ समय निकाल कर परमेश्वर का धन्यवाद करें – यदि उसकी कृपा न हो तो हमारे पास कोई उपज नहीं होगी, और न ही उसके प्रावधानों के लिए आनंदित होने के अवसर। परमेश्वर के धन्यवादी रहें। - डेव ब्रैनन

कृतज्ञता एक धन्यवादी हृदय द्वारा किया गया स्मरण है।

परन्तु सचमुच मसीह मुर्दों में से जी उठा है, और जो सो गए हैं, उन में पहिला फल हुआ। - 1 कुरिन्थियों 15:20

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 8:15-9:3
Genesis 8:15 तब परमेश्वर ने, नूह से कहा,
Genesis 8:16 तू अपने पुत्रों, पत्नी, और बहुओं समेत जहाज में से निकल आ।
Genesis 8:17 क्या पक्षी, क्या पशु, क्या सब भांति के रेंगने वाले जन्तु जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, जितने शरीरधारी जीवजन्तु तेरे संग हैं, उस सब को अपने साथ निकाल ले आ, कि पृथ्वी पर उन से बहुत बच्चे उत्पन्न हों; और वे फूलें-फलें, और पृथ्वी पर फैल जाएं।
Genesis 8:18 तब नूह, और उसके पुत्र, और पत्नी, और बहुएं, निकल आईं:
Genesis 8:19 और सब चौपाए, रेंगने वाले जन्तु, और पक्षी, और जितने जीवजन्तु पृथ्वी पर चलते फिरते हैं, सो सब जाति जाति कर के जहाज में से निकल आए।
Genesis 8:20 तब नूह ने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई; और सब शुद्ध पशुओं, और सब शुद्ध पक्षियों में से, कुछ कुछ ले कर वेदी पर होमबलि चढ़ाया।
Genesis 8:21 इस पर यहोवा ने सुखदायक सुगन्ध पाकर सोचा, कि मनुष्य के कारण मैं फिर कभी भूमि को शाप न दूंगा, यद्यपि मनुष्य के मन में बचपन से जो कुछ उत्पन्न होता है सो बुरा ही होता है; तौभी जैसा मैं ने सब जीवों को अब मारा है, वैसा उन को फिर कभी न मारूंगा।
Genesis 8:22 अब से जब तक पृथ्वी बनी रहेगी, तब तक बोने और काटने के समय, ठण्ड और तपन, धूपकाल और शीतकाल, दिन और रात, निरन्तर होते चले जाएंगे।
Genesis 9:1 फिर परमेश्वर ने नूह और उसके पुत्रों को आशीष दी और उन से कहा कि फूलो-फलो, और बढ़ो, और पृथ्वी में भर जाओ।
Genesis 9:2 और तुम्हारा डर और भय पृथ्वी के सब पशुओं, और आकाश के सब पक्षियों, और भूमि पर के सब रेंगने वाले जन्तुओं, और समुद्र की सब मछलियों पर बना रहेगा: वे सब तुम्हारे वश में कर दिए जाते हैं।
Genesis 9:3 सब चलने वाले जन्तु तुम्हारा आहार होंगे; जैसा तुम को हरे हरे छोटे पेड़ दिए थे, वैसा ही अब सब कुछ देता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 33-34
  • 1 पतरस 5



बुधवार, 27 नवंबर 2019

समझ



      जब हम विदेश से अपने दत्तक पुत्र को घर लेकर आए तो मैं उस पर अपना प्रेम न्योछावर करने और उसे वह सब देने के लिए लालायित थी जो उसने अभी तक नहीं पाया था, विशेषकर अच्छा भोजन, क्योंकि उसमें पोषण का अभाव था। परन्तु हमारे यथासंभव प्रयासों और विशेषज्ञों की सलाह लेने के बावजूद वह बहुत कम बढ़ रहा था। हमें लगभग तीन वर्ष के बाद पता चला कि उसे कुछ प्रकार की भोजन सामग्री नहीं पचा पाने की समस्या है। जैसे ही हमने उसके भोजन में से वह सामग्री निकाल दी, वह कुछ ही महीनों में पाँच इंच बढ़ गया। यद्यपि मुझे इस बात का दुःख था कि अनजाने में मैं उसे वह भोजन सामग्री खिलाती रही जिससे उसकी बढ़ोतरी बाधित हो रही थी, परन्तु मुझे इस बात की प्रसन्नता भी थी कि अब उसका स्वास्थ्य अच्छा हो रहा है, वह बढ़ रहा है।

      मुझे लगता है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा योशिय्याह को भी कुछ ऐसा ही लगा होगा जब परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक कई वर्षों तक मंदिर में खोई रहने के बाद पाई गई। जिस प्रकार मुझे दुःख हुआ कि अनजाने में मैं अपने बेटे की बढ़ोतरी में बाधा बनी रही, उसी प्रकार योशिय्याह भी परमेश्वर की अपने लोगों के लिए भली और सम्पूर्ण इच्छा की जानकारी न होने के लिए दुखी हुआ (2 राजाओं 22:11)। यद्यपि राजा योशिय्याह की सराहना की गयी है कि उसने वह किया जो प्रभु परमेश्वर की दृष्टि में भला था (पद 2), परन्तु व्यवस्था की पुस्तक को पा लेने के पश्चात उसने और भी अच्छे से परमेश्वर का आदर किया। जो ज्ञान और समझ उसे उस पुस्तक से मिले, उनके द्वारा उसने अपनी प्रजा को परमेश्वर की वैसी आराधना करना सिखाया, जैसी परमेश्वर चाहता है (23:22-23)।

      हम बाइबल में होकर सीखते, समझते हैं कि हम परमेश्वर को वह उचित आदर जिसके वह योग्य है, कैसे दें। परन्तु संभव है कि हम इस बात के लिए भी दुखी होते हैं कि परमेश्वर की हमारे लिए जो इच्छा है, हम उस पर पूरे नहीं उतरे हैं। परन्तु हम इस बात से सांत्वना प्राप्त कर सकते हैं कि वह हमें सही करके पुनःस्थापित करता है, और धैर्य तथा कोमलता के साथ अपनी समझ की गहराईयों में लिए चलता है। - कर्स्टिन होल्मबर्ग

परमेश्वर हमें पुनःआरंभ करने के अवसर देता है।

अपने वस्त्र नहीं, अपने मन ही को फाड़ कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछतानेहारा है। - योएल 2:13

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 22:1-4, 8-13
2 Kings 22:1 जब योशिय्याह राज्य करने लगा, तब वह आठ वर्ष का था, और यरूशलेम में एकतीस वर्ष तक राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम यदीदा था जो बोस्कतवासी अदाया की बेटी थी।
2 Kings 22:2 उसने वह किया, जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है और जिस मार्ग पर उसका मूलपुरुष दाऊद चला ठीक उसी पर वह भी चला, और उस से न तो दाहिनी ओर और न बाईं ओर मुड़ा।
2 Kings 22:3 अपने राज्य के अठारहवें वर्ष में राजा योशिय्याह ने असल्याह के पुत्र शापान मंत्री को जो मशुल्लाम का पोता था, यहोवा के भवन में यह कह कर भेजा, कि हिलकिय्याह महायाजक के पास जा कर कह,
2 Kings 22:4 कि जो चान्दी यहोवा के भवन में लाई गई है, और द्वारपालों ने प्रजा से इकट्ठी की है,
2 Kings 22:8 और हिलकिय्याह महायाजक ने शापान मंत्री से कहा, मुझे यहोवा के भवन में व्यवस्था की पुस्तक मिली है; तब हिलकिय्याह ने शापान को वह पुस्तक दी, और वह उसे पढ़ने लगा।
2 Kings 22:9 तब शापान मंत्री ने राजा के पास लौट कर यह सन्देश दिया, कि जो चांदी भवन में मिली, उसे तेरे कर्मचारियो ने थैलियों में डाल कर, उन को सौंप दिया जो यहोवा के भवन में काम कराने वाले हैं।
2 Kings 22:10 फिर शपान मंत्री ने राजा को यह भी बता दिया, कि हिलकिय्याह याजक ने उसे एक पुस्तक दी है। तब शपान उसे राजा को पढ़कर सुनाने लगा।
2 Kings 22:11 व्यवस्था की उस पुस्तक की बातें सुन कर राजा ने अपने वस्त्र फाड़े।
2 Kings 22:12 फिर उसने हिलकिय्याह याजक, शापान के पुत्र अहीकाम, मीकायाह के पुत्र अकबोर, शापान मंत्री और असाया नाम अपने एक कर्मचारी को आज्ञा दी,
2 Kings 22:13 कि यह पुस्तक जो मिली है, उसकी बातों के विष्य तुम जा कर मेरी और प्रजा की और सब यहूदियों की ओर से यहोवा से पूछो, क्योंकि यहोवा की बड़ी ही जलजलाहट हम पर इस कारण भड़की है, कि हमारे पुरखाओं ने इस पुस्तक की बातें न मानी कि कुछ हमारे लिये लिखा है, उसके अनुसार करते।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 30-32
  • 1 पतरस 4



मंगलवार, 26 नवंबर 2019

जानता



      जब अपने चर्च में डेनीस की मुलाक़ात एक दुखी युवती से हुई तो उसके हृदय में उसके लिए भावनाएं उठीं, और डेनीस ने सोचा कि मैं उसकी सहायता करने का प्रयास करूंगी। प्रति सप्ताह वह उसके साथ प्रार्थना करने और उसे परामर्श देने के लिए समय लगाती; डेनीस उसकी सलाहकार, मार्गदर्शिका बन गई। परन्तु चर्च के कुछ अगुवों का ध्यान डेनीस के इस कार्य की और नहीं गया, और उन्होंने उस युवती को परामर्श देने और सहायता करने के लिए एक चर्च कर्मचारी को नियुक्त कर दिया; इस टिप्पणी के साथ कि कोई उस युवती पर ध्यान नहीं दे रहा था।

      यद्यपि डेनीस अपने कार्य के लिए किसी ख्याति की चाह में तो नहीं थी, परन्तु उसे कुछ निराशा अवश्य हुई। उसने मुझे बताया कि उसे लगा कि “यह ऐसा था, मानो मैं कुछ कर ही नहीं रही थी।” परन्तु एक दिन उस युवती ने डेनीस को बताया कि वह डेनीस से उसे मिली सांत्वना एवं सहायता के लिए बहुत धन्यवादी है। यह सुनकर डेनीस को प्रोत्साहन मिला। उसे ऐसा लगा जैसे परमेश्वर उस से कह रहा है, “मैं जानता हूँ कि तुम उसकी सहायता और सांत्वना के लिए उसके साथ हो।” डेनीस अभी भी उस युवती के साथ नियमित मिलती है।

      कभी-कभी, जब हमारे प्रयासों की कोई पहचान या सराहना नहीं होती है, तो हमें निराशा होती है। परन्तु पवित्र शास्त्र हमें स्मरण करवाता है कि हम जो भी करते हैं, परमेश्वर वह सब कुछ जानता है; उसे वह भी पता होता है जो अन्य किसी को पता नहीं होता है। जब हम उसके नाम में होकर औरों की सेवा करते हैं, किसी मनुष्य से प्रशंसा पाने के लिए नहीं, वरन बस उसके लिए, तो यह परमेश्वर को प्रसन्न करता है।

      इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने हमें यह कहा है कि हम अपने दान गुप्त में दें, ताकि हमें प्रतिफल परमेश्वर पिता से मिले (मत्ती 6:4)। हमें किसी की भी ओर ख्याति अथवा प्रशंसा पाने के लिए देखने की आवश्यकता नहीं है। हम इस बात से संतुष्ट रह सकते हैं कि जब हम उसकी तथा उसके नाम में औरों की सेवा करते हैं, तब हमारा परमेश्वर पिता उसे जानता है। - लेस्ली कोह

परमेश्वर सब कुछ देखता और जानता है।

हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है। तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। - भजन 139:1-2

बाइबल पाठ: मत्ती 6: 1-4
Matthew 6:1 सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे।
Matthew 6:2 इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके।
Matthew 6:3 परन्तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए।
Matthew 6:4 ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 27-29
  • 1 पतरस 3



सोमवार, 25 नवंबर 2019

मनुष्य



      जब एक न्यायाधिकारी से कहा गया कि वह समाज में अपनी भूमिका के बारे में कुछ कहे, तो उसने न तो अपने पद का हवाला दिया, और न ही अपने अधिकारों का वर्णन किया। वरन उसने नम्रता से कहा, “हम मनुष्य हैं, जो संकट में पड़े अन्य मनुष्यों के साथ काम करते हैं।”

      उसकी यह नम्रता – उसके द्वारा यह स्वीकार करना कि वह अन्य मनुष्यों के समान ही है – मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में पतरस के शब्दों को स्मरण करवाता है, जो उसने रोमी शासन के आधीन सताव झेल रहे प्रथम शताब्दी के मसीही विश्वासियों को लिखे थे। पतरस ने कहा: “निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो” (1 पतरस 3:8)। प्रतीत होता है कि पतरस कह रहा था कि संकट में पड़े मनुष्यों के प्रति सबसे उत्तम प्रतिक्रिया है मनुष्य ही के समान होना, इस बात का बोध रखना कि हम सभी समान ही हैं। क्या परमेश्वर ने भी यही नहीं किया जब उसने अपने पुत्र को भेजा – वह मनुष्य बन कर आया ताकि हम मनुष्यों की सहायता कर सके (फिलिप्पियों 2: 5-7)।

      यदि हम केवल अपने पतित हृदयों की गहराइयों में ही झांकते रहेंगे, तो हम अपने मनुष्य होने को तुच्छ समझने का खतरा उठाते हैं। परन्तु क्या हो यदि हम अपने मनुष्य होने को संसार के लिए उपयोगी होना समझें? प्रभु यीशु हमें सिखाते हैं कि हम कैसे पूर्णतः मनुष्यों की समानता का जीवन जी सकते हैं, सेवकों के समान, इस बोध के साथ कि हम सभी समान हैं। परमेश्वर ने हमें “मनुष्य” ही बनाया है, किन्तु अपने स्वरूप में, और फिर हमारे प्रति अपने बिना किसी शर्त के प्रेम के अंतर्गत हमारा उद्धार भी किया है।

      यह निश्चित है कि हमारा सामना विभिन्न संघर्षों में पड़े मनुष्यों से होगा। उस प्रभाव की कल्पना करें जो हम लाने पाएंगे जब उनके प्रति मनुष्य के समान ही प्रत्युत्तर दें – ऐसे मनुष्य जो अन्य मनुष्यों के साथ मिलकर संकट में पड़े मनुष्यों की सहायता करने वाले साथी होते हैं। - एलीसा मॉर्गन

नम्रता परमेश्वर को, तथा उसके समक्ष अपने आप को, पहिचानने का परिणाम है।

जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। - फिलिप्पियों 2:5-7

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:11-17; 3:8-9
1 Peter 2:11 हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जान कर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो।
1 Peter 2:12 अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें।
1 Peter 2:13 प्रभु के लिये मनुष्यों के ठहराए हुए हर एक प्रबन्‍ध के आधीन में रहो, राजा के इसलिये कि वह सब पर प्रधान है।
1 Peter 2:14 और हाकिमों के, क्योंकि वे कुकिर्मयों को दण्‍ड देने और सुकिर्मयों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं।
1 Peter 2:15 क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम भले काम करने से निर्बुद्धि लोगों की अज्ञानता की बातों को बन्‍द कर दो।
1 Peter 2:16 और अपने आप को स्‍वतंत्र जानो पर अपनी इस स्‍वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझ कर चलो।
1 Peter 2:17 सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।
1 Peter 3:8 निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
1 Peter 3:9 बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 24-26
  • 1 पतरस 2



रविवार, 24 नवंबर 2019

हृदय



      बहुत वर्षों तक हमारे पास ‘वेस्ट हाइलैंड टेरियर’जाती का एक पालतू कुत्ता था। इस प्रकार के कुत्ते बहुत मज़बूत होते हैं, उन्हें शिकार के लिए इस नसल का बनाया गया है जिससे वे बिज्जू और अन्य जानवरों के बिलों में घुसकर उन्हें पकड़ सकें। हमारा कुत्ता अपनी नसल के मूल कुत्तों से अनेकों पीढ़ी बाद का था, परन्तु फिर भी उसमें वही प्रवृत्ति थी जो अनेकों वर्षों तक प्रजनन के द्वारा उनमें लाई गई थी। एक बार वह हमारे घर के पीछे के आंगन में एक पत्थर के नीचे छिपे किसी जानवर के पीछे पड़ गया, और उसे पकड़ने के लिए उस पत्थर के नीचे खोदने लगा, और कई फीट तक खोदता ही गया।

      अब मेरे प्रश्न पर विचार कीजिए: हम मनुष्य क्यों किसी बात के पीछे पड़कर, फिर उसे पा लेने के लिए उसके पीछे पड़े ही रहते हैं? क्यों हमें उन पहाड़ों पर चढ़ना ही होता है जिनपर कोई और नहीं चढ़ा है; उन बर्फीली खड़ी ढलानों पर स्की करना ही होता है; सबसे खतरनाक पहाड़ी नदियों में होकर नौका चलानी ही होती है; प्रकृति के बल को चुनौतियां देनी ही होती हैं? इस लालसा का कुछ भाग तो रोमांच और आनन्द की अभिलाषा के कारण है, परन्तु इससे बढ़कर भी कुछ है। यह परमेश्वर के प्रति हमारी प्रवृत्ति है जो हम में डाली गई है। ऐसा हो ही नहीं सकता है कि हम परमेश्वर को पाने की लालसा न रखें।

      अवश्य ही हम इसे पहिचानते नहीं हैं; हमें बस इतना पता होता है कि हमें किसी बात की लालसा है। मार्क ट्वेन ने कहा, “आप यह नहीं जानते हैं कि आपको क्या चाहिए; परन्तु आप उसकी इतनी तीव्र लालसा रखते हैं कि उसके लिए आप मृत्यु का जोखिम भी उठा लेते हैं।” हमारा हृदय ही परमेश्वर का सच्चा घर है। जैसे कि चर्च के फादर अगस्टिन ने, उनके प्रसिद्ध कथन में, कहा है: “हे प्रभु आपने हमें अपने लिए बनाया है, और हमारे हृदय तब तक बेचैन रहते हैं जब तक कि वे आप में चैन न पा लें।”

      और हृदय क्या है? वह हमारे अन्दर का एक गहरा रिक्त स्थान है जिसे केवल परमेश्वर ही भर सकता है। - डेविड रोपर

हमारी सभी गहरी लालसाओं के पीछे, परमेश्वर के प्रति हमारी गहरी लालसा है।

आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं! – रोमियों 11:33

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:10-11
Ecclesiastes 3:10 मैं ने उस दु:खभरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।
Ecclesiastes 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 22-23
  • 1 पतरस 1