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मंगलवार, 3 दिसंबर 2019

प्रतीक्षा



      जब मेरे बच्चे छोटे थे तो वे अधीर होकर बारंबार प्रश्न किया करते थे, “क्रिसमस में अभी और कितना समय शेष है?” यद्यपि हम कैलेंडर के द्वारा उन्हें बताते रहते थे कि क्रिसमस कब आएगा, परन्तु फिर भी उनके लिए यह प्रतीक्षा का समय बहुत कष्टदायक होता था।

      प्रतीक्षा करने के लिए बच्चों की अधीरता को तो हम समझ सकते हैं, परन्तु परमेश्वर के लोगों के लिए प्रतिज्ञा किए हुए मुक्तिदाता की प्रतीक्षा करना कितना चुनौतीपूर्ण रहा होगा, शायद इसका सही आंकलन करना हमारे लिए संभव न हो। ज़रा उन लोगों के विषय विचार कीजिए, जिनके पास मीका नबी की भविष्यवाणी पहुँची थी कि बैतलहम से इस्राएल पर प्रभुता करने वाला एक पुरुष निकलेगा (मीका 5:2) जो खड़ा होकर परमेश्वर के लोगों की चरवाही करेगा (पद 4)। इस भविष्यवाणी की आरंभिक पूर्ति प्रभु यीशु के बैतलहम में जन्म के साथ पूरी हुई (मत्ती 2:1) – लोगों के 700 वर्ष तक प्रतीक्षा करने के बाद। परन्तु इस भविष्यवाणी की पूर्ण पूर्ति अभी शेष है; अभी हम प्रभु यीशु मसीह के दूसरे आगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जब परमेश्वर के सभी लोग “सुरक्षित रहेंगे” और “वह पृथ्वी के छोर तक महान ठहरेगा” (मीका 5:4)। तब हम सभी मसीही विश्वासी अत्यंत आनंदित होंगे, क्योंकि हमारी इस लंबी प्रतीक्षा का अंत हो जाएगा।

      हम में से अधिकाँश के लिए प्रतीक्षा करना सरल नहीं होता है, परन्तु हम विश्वास रख सकते हैं कि हमारी प्रतीक्षा का अंत होगा और परमेश्वर हमारे साथ रहने की अपनी प्रतिज्ञा का आदर करेगा, उसे पूरी करेगा (मत्ती 28:20)। यह इसलिए क्योंकि जब प्रभु यीशु ने शिशु रूप में बैतलहम में जन्म लिया तो उसने हमारे लिए भरपूरी के जीवन का द्वारा खोल दिया (यूहन्ना 10:10) – ऐसा जीवन जिसमें कोई दण्ड या दोष नहीं होगा। अब जब हम उसके पुनःआगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उसकी उपस्थिति हमारे साथ अभी भी बनी हुई है, और हम अपनी प्रतीक्षा के समय में भी उसकी आशीषों का आनन्द ले सकते हैं। - एमी बाउचर पाई

हम परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं की प्रतीक्षा करते हैं, इस विशवास के साथ कि वे पूरी होंगी।

इसलिये, हे प्रियो, जब कि तुम इन बातों की आस देखते हो तो यत्‍न करो कि तुम शान्‍ति से उसके साम्हने निष्‍कलंक और निर्दोष ठहरो। और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसे हमारे प्रिय भाई पौलुस न भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है। - 2 पतरस 3:14-15

बाइबल पाठ: मीका 5: 2-4
Micah 5:2 हे बैतलहम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हजारों में गिना नहीं जाता, तौभी तुझ में से मेरे लिये एक पुरूष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करने वाला होगा; और उसका निकलना प्राचीन काल से, वरन अनादि काल से होता आया है।
Micah 5:3 इस कारण वह उन को उस समय तक त्यागे रहेगा, जब तक जच्चा उत्पन्न न करे; तब इस्राएलियों के पास उसके बचे हुए भाई लौट कर उन से मिल जाएंगे।
Micah 5:4 और वह खड़ा हो कर यहोवा की दी हुई शक्ति से, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम के प्रताप से, उनकी चरवाही करेगा। और वे सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि अब वह पृथ्वी की छोर तक महान ठहरेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 45-46
  • 1 यूहन्ना 2



सोमवार, 2 दिसंबर 2019

समर्पण



      मुझे मुर्गी और बकरे की एक कहानी सुनाई गयी थी, जिसमें वे दोनों मिलकर एक रेस्टोरेंट खोलने पर विचार कर रहे हैं। रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले भोजन के विषय चर्चा करते समय मुर्गी सुझाव देती है कि वे वहाँ गोष्त और अन्डे परोसा करेंगे। बकरा तुरंत यह कहते हुए मना कर देता है कि ऐसा करने पर उसे तो अपने आप को पूर्णतः समर्पित कर देना पड़ेगा, परन्तु मुर्गी इसमें केवल सम्मिलित होने भर के द्वारा ही बच निकलेगी।

      यद्यपि वह बकरा अपने आप को थाली में परोसा हुआ नहीं देखना चाहता था, किन्तु समर्पण के प्रति उसका विचार मेरे लिए शिक्षाप्रद है, जो मुझे परमेश्वर का अपने पूरे मन से अनुसरण करने वाला होना सिखाता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि यहूदा के राजा आसा ने अपने राज्य की रक्षा करने के लिए इस्राएल और अराम के राजा के मध्य हुई संधि को तोड़ने की योजना बनाई। उसने अराम के राजा बेन-हदद के पास अपनी व्यक्तिगत संपत्ति के साथ परमेश्वर के भवन से भी सोना और चांदी निकालकर भेजी (2 इतिहास 16:2-3)। यह सब पाकर बेन-हदद ने यहूदा के साथ संधि कर ली और फिर उन दोनों ने इस्राएल पर हमला करके उसे भगा दिया।

      परन्तु परमेश्वर के नबी, हनानी ने आसा को परमेश्वर के स्थान पर, जिसने उसके हाथों में अन्य शत्रुओं को भी कर दिया था (पद 8), अब इस परिस्थिति में मनुष्य पर निर्भर हो जाने के लिए मूर्ख कहा। हनानी ने बल दे कर कहा, “देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ्य दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों में फंसा रहेगा” (पद 9)।

      जब हम अपने जीवनों में चुनौतियों और संघर्षों का सामना करते हैं, तो हमें स्मरण रखना चाहिए कि हमारा सबसे विश्वासयोग्य और उत्तम साथी परमेश्वर ही है। वह हमारी सहायता करता है और हमें सामर्थी करता है, जब हम उसे पूर्ण समर्पण करके उसकी आज्ञाकारिता में चलते रहते हैं। - कर्स्टिन होल्मबर्ग

जब हम अपने आप को परमेश्वर के हाथों में छोड़ देते हैं
 तो वह हम में होकर कार्य करता रहता है – ओस्वौल्ड चेम्बर्स

तो तुम्हारा मन हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर ऐसी पूरी रीति से लगा रहे, कि आज के समान उसकी विधियों पर चलते और उसकी आज्ञाएं मानते रहो। - 1 राजाओं 8:61

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 16:1-9
2 Chronicles 16:1 आसा के राज्य के छत्तीसवें वर्ष में इस्राएल के राजा बाशा ने यहूदा पर चढ़ाई की और रामा को इसलिये दृढ़ किया, कि यहूदा के राजा आसा के पास कोई आने जाने न पाए।
2 Chronicles 16:2 तब आसा ने यहोवा के भवन और राजभवन के भणडारों में से चान्दी-सोना निकाल दमिश्कवासी अराम के राजा बेन-हदद के पास दूत भेज कर यह कहा,
2 Chronicles 16:3 कि जैसे मेरे-तेरे पिता के बीच वैसे ही मेरे-तेरे बीच भी वाचा बन्धे; देख मैं तेरे पास चान्दी-सोना भेजता हूं, इसलिये आ, इस्राएल के राजा बाशा के साथ की अपनी वाचा को तोड़ दे, ताकि वह मुझ से दूर हो।
2 Chronicles 16:4 बेन-हदद ने राजा आसा की यह बात मान कर, अपने दलों के प्रधानों से इस्राएली नगरों पर चढ़ाई करवा कर इय्योन, दान, आबेल्मैम और नप्ताली के सब भणडार वाले नगरों को जीत लिया।
2 Chronicles 16:5 यह सुनकर बाशा ने रामा को दृढ़ करना छोड़ दिया, और अपना वह काम बन्द करा दिया।
2 Chronicles 16:6 तब राजा आसा ने पूरे यहूदा देश को साथ लिया और रामा के पत्थरों और लकड़ी को, जिन से बाशा काम करता था, उठा ले गया, और उन से उसने गेवा, और मिस्पा को दृढ़ किया।
2 Chronicles 16:7 उस समय हनानी दर्शी यहूदा के राजा आसा के पास जा कर कहने लगा, तू ने जो अपने परमेश्वर यहोवा पर भरोसा नहीं रखा वरन अराम के राजा ही पर भरोसा रखा है, इस कारण अराम के राजा की सेना तेरे हाथ से बच गई है।
2 Chronicles 16:8 क्या कूशियों और लूबियों की सेना बड़ी न थी, और क्या उस में बहुत ही रथ, और सवार न थे? तौभी तू ने यहोवा पर भरोसा रखा था, इस कारण उसने उन को तेरे हाथ में कर दिया।
2 Chronicles 16:9 देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों में फंसा रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 42-44
  • 1 यूहन्ना 1



रविवार, 1 दिसंबर 2019

ऊँचा



      हाल ही में एक हवाई-यात्रा करते समय मैं विमान में चढ़ने वाले यात्रियों की पंक्ति में सबसे अंत में खड़ा था। मुझे बैठने के लिए दो सीटों के मध्य में सीट मिली थी, किन्तु अपना सामान रखने के लिए मुझे सीटों की सबसे अंतिम पंक्ति के ऊपर स्थित स्थान में सामान रखना पड़ा। इसका तात्पर्य यह हुआ कि मुझे अपना सामान लेकर विमान से बाहर निकलने के लिए सबसे अंत तक प्रतीक्षा करनी थी, जब अन्य सभी लोग अपने सामान को लेकर निकल चुकें।

      अपनी इस परिस्थिति पर मन ही में हँसते हुए मैं अपनी सीट पर बैठ गया, और फिर मुझे एक विचार आया, जो मुझे लगा कि प्रभु ने मुझे दिया: “इन बातों से कोई हानि नहीं होगी; वरन लाभ ही होगा।” इसलिए मैंने निर्णय लिया कि जो यह कुछ अतिरिक्त समय मुझे विमान में मिलेगा, इसे मैं औरों की सहायता के लिए प्रयोग करूंगा, और मैंने यही किया – विमान के उतरने के बाद मैंने अन्य यात्रियों को उनका सामान निकालने में तथा सफाई करने में विमान परिचारिका की सहायता करने में समय बिताया। जब तक मेरा सामान ले सकने की मेरी बारी आई, मुझे फिर से हंसी आ गई, क्योंकि एक व्यक्ति को लगा कि मैं भी विमान कर्मचारी हूँ।

      उस दिन के अनुभव ने मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए प्रभु यीशु के शब्दों पर विचार करने को बाध्य किया, जो उन्होंने अपने शिष्यों से कहे थे: “तब उसने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने” (मरकुस 9:35)। मुझे तो प्रतीक्षा इसलिए करनी पड़ी क्योंकि मेरी मजबूरी थी, परन्तु इस संसार की मान्यताओं और धारणाओं से उल्ट प्रभु यीशु के राज्य में, उन लोगों के लिए प्रभु की ओर से आदर का स्थान है जो औरों की सहायता के लिए स्वेच्छा से अपनी सेवा अर्पित करते हैं।

      हमारे उतावलेपन और ‘पहले मैं’ की भावना से भरे संसार में, प्रभु यीशु ने अपने आने के उद्देश्य के विषय कहा, “जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल करी जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपने प्राण दे” (मत्ती 20:28)। औरों की सेवा करने के द्वारा ही हम प्रभु की उत्तम सेवा करते हैं। हम जितना नीचे झुकते हैं, हम उतने उसके निकट आते हैं, और वह उतना ही हमें ऊँचा उठाता है।

प्रभु यीशु का राज्य, संसार के राज्यों से उलट है।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: मरकुस 9:33-37
Mark 9:33 फिर वे कफरनहूम में आए; और घर में आकर उसने उन से पूछा कि रास्‍ते में तुम किस बात पर विवाद करते थे?
Mark 9:34 वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्होंने आपस में यह वाद-विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
Mark 9:35 तब उसने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने।
Mark 9:36 और उसने एक बालक को ले कर उन के बीच में खड़ा किया, और उसे गोद में ले कर उन से कहा।
Mark 9:37 जो कोई मेरे नाम से ऐसे बालकों में से किसी एक को भी ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो कोई मुझे ग्रहण करता, वह मुझे नहीं, वरन मेरे भेजने वाले को ग्रहण करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 40-41
  • 2 पतरस 3



शनिवार, 30 नवंबर 2019

अपूर्ण



      जापान में भोजन वस्तुएं बड़े ध्यान और शुद्धता से बनाई जाती हैं, और बेचने के लिए आकर्षक रीति से पैक भी की जाती हैं। न केवल उनका स्वाद अच्छा होना चाहिए, परन्तु उनका स्वरूप भी अच्छा होना चाहिए। उन्हें खरीदते समय मैं अकसर सोचता हूँ कि मैं भोजन वस्तु खरीद रहा हूँ या वह पैकिंग! अच्छी गुणवत्ता पर जापान में दिए जाने वाले बल के कारण, ज़रा से भी त्रुटि वाले उत्पादों को अकसर हटा दिया जाता है। परन्तु हाल ही के वर्षों में ‘वेकियारी’ उत्पाद लोकप्रीय होने लगे हैं। जापानी भाषा में ‘वेकियारी’ शब्द का अर्थ है “कारण है”। इन उत्पादों को फेंका नहीं जाता है, वरन उन्हें सस्ते दामों पर बेच दिया जाता है – उदाहरण के लिए वे बिस्किट जो टूट गए हैं।

      मेरा एक मित्र ने, जो जापान में रहता है, मुझे बताया कि ‘वेकियारी’ शब्द प्रत्यक्ष रूप में अपूर्ण दिखने वाले लोगों के लिए भी प्रयोग किया जाता है।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि प्रभु यीशु सभी से प्रेम करते हैं; उन से भी जिन्हें समाज ने वेकियारी कहकर तिरिस्कृत कर दिया है। जब एक पापिनी स्त्री को मालूम हुआ कि प्रभु यीशु एक फरीसी के घर में भोजन कर रहे हैं, तो वह वहाँ गयी, और प्रभु यीशु के पांवों पर झुककर रोने लगी (लूका 7:37-38)। फरीसी ने तो उसे “पापिनी” कहा (पद 39), परन्तु प्रभु यीशु ने उसे स्वीकार किया। प्रभु ने उससे कोमलता से बात की, और उसे आश्वस्त किया कि उसके पाप क्षमा किए गए हैं (पद 48)।

      प्रभु यीशु अपूर्ण, वेक्यारी लोगों से भी प्रेम करते हैं – जिनमें मैं और आप भी सम्मिलित हैं। और प्रभु के प्रेम का सबसे महान प्रगटीकरण है: “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा” (रोमियों 5:8)। उसके प्रेम को प्राप्त करने वाले पात्र होने के कारण, हम मसीही विश्वासियों को प्रभु के इस प्रेम को औरों तक पहुंचाने का माध्यम भी बन जाना है, जिससे इस संसार के अपूर्ण और वेक्यरी लोग भी जान सकें कि उनकी अपूर्णता और त्रुटियों के बावजूद, प्रभु यीशु पर लाए गए विश्वास और उससे माँगी गई पापों की क्षमा के द्वारा वे भी परमेश्वर के प्रेम को प्राप्त करने वाले हो सकते हैं।
 - एल्बर्ट ली

परमेश्वर के प्रेम के द्वारा पाप के कारण टूटे हुए लोग भी पूर्ण बनाए जा सकते हैं।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। - यूहन्ना 3:16-17

बाइबल पाठ: लूका 7:36-50
Luke 7:36 फिर किसी फरीसी ने उस से बिनती की, कि मेरे साथ भोजन कर; सो वह उस फरीसी के घर में जा कर भोजन करने बैठा।
Luke 7:37 और देखो, उस नगर की एक पापिनी स्त्री यह जानकर कि वह फरीसी के घर में भोजन करने बैठा है, संगमरमर के पात्र में इत्र लाई।
Luke 7:38 और उसके पांवों के पास, पीछे खड़ी हो कर, रोती हुई, उसके पांवों को आंसुओं से भिगाने और अपने सिर के बालों से पोंछने लगी और उसके पांव बारबार चूमकर उन पर इत्र मला।
Luke 7:39 यह देखकर, वह फरीसी जिसने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान लेता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है? क्योंकि वह तो पापिनी है।
Luke 7:40 यह सुन यीशु ने उसके उत्तर में कहा; कि हे शमौन मुझे तुझ से कुछ कहना है वह बोला, हे गुरू कह।
Luke 7:41 किसी महाजन के दो देनदार थे, एक पांच सौ, और दूसरा पचास दीनार धारता था।
Luke 7:42 जब कि उन के पास पटाने को कुछ न रहा, तो उसने दोनों को क्षमा कर दिया: सो उन में से कौन उस से अधिक प्रेम रखेगा।
Luke 7:43 शमौन ने उत्तर दिया, मेरी समझ में वह, जिस का उसने अधिक छोड़ दिया: उसने उस से कहा, तू ने ठीक विचार किया है।
Luke 7:44 और उस स्त्री की ओर फिरकर उसने शमौन से कहा; क्या तू इस स्त्री को देखता है मैं तेरे घर में आया परन्तु तू ने मेरे पांव धोने के लिये पानी न दिया, पर इस ने मेरे पांव आंसुओं से भिगाए, और अपने बालों से पोंछा!
Luke 7:45 तू ने मुझे चूमा न दिया, पर जब से मैं आया हूं तब से इस ने मेरे पांवों का चूमना न छोड़ा।
Luke 7:46 तू ने मेरे सिर पर तेल नहीं मला; पर इस ने मेरे पांवों पर इत्र मला है।
Luke 7:47 इसलिये मैं तुझ से कहता हूं; कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।
Luke 7:48 और उसने स्त्री से कहा, तेरे पाप क्षमा हुए।
Luke 7:49 तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने अपने मन में सोचने लगे, यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है?
Luke 7:50 पर उसने स्त्री से कहा, तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया है, कुशल से चली जा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 37-39
  • 2 पतरस 2



शुक्रवार, 29 नवंबर 2019

हमदर्द



      यदि आप एक विशेष पोशाक – R70i को पहिनेंगे, तो तुरंत अपने आप को चालीस वर्ष अधिक आयु का अनुभव करेंगे – आप की दृष्टि धुंधली हो जाएगी, सुनाई काम देगा, और चलने फिरने में कठिनाई होगी। यह विशेष पोशाक वृद्धों की देखभाल करने वालों को प्रशिक्षित करने के लिए बनाई गई है जिससे वे अपने मरीज़ों और उनकी आवश्यकताओं को बेहतर समझ सकें और उनकी देखभाल करने में सक्षम हो सकें। Wall Street Journal के पत्रकार, ज्योफ्री फाउलर ने उस पोशाक को पहिनने के बाद अपने अनुभव के विषय लिखा, “उस अविस्मरणीय और तकलीफदेह अनुभव ने न केवल बुढ़ापे की समस्याओं पर प्रकाश डाला, वरन यह भी दिखाया कि तकनीकी के द्वारा बनाई गई कृत्रिम वास्तविकता किस प्रकार से हमें हमदर्दी रखना सिखा सकती है और अपने आस-पास के संसार के प्रति हमारे दृष्टिकोण को किस प्रकार से प्रभावित कर सकती है।”

      हमदर्दी, किसी दूसरे की भावनाओं को समझने और उन्हें साझा करने की सामर्थ्य है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों पर आए कठोर सताव के समय में, इब्रानियों के लेखक ने अपने पाठकों से आग्रह किया कि वे, “कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है” (13:3)।

      हमारे प्रभु और समस्त जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह ने हमारे लिए यही किया है। प्रभु यीशु हमारे समान मनुष्य बनकर इस धरती पर आए, “इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्‍ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वास योग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्‍चित्त करे। क्योंकि जब उसने परीक्षा की दशा में दुख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है” (2:17-18)।

      मसीह जो प्रभु है, हमारे समान बन गए, और हमें आह्वान करते हैं कि हम औरों के साथ उनकी आवश्यकता के समयों में ऐसे खड़े हों, जैसे हम उस परिस्थिति में उनके साथ ही हों। - डेविड मैक्कैस्लैंड

प्रभु यीशु चाहते हैं कि हम औरों के साथ ऐसे खड़े रहें, 
मानो उनके स्थान पर उस परिस्थित में हम ही हैं।

जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। - फिलिप्पियों 2:5

बाइबल पाठ: इब्रानियों 2:14-18; 13:1-3
Hebrews 2:14 इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे।
Hebrews 2:15 और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले।
Hebrews 2:16 क्योंकि वह तो स्‍वर्गदूतों को नहीं वरन इब्राहीम के वंश को संभालता है।
Hebrews 2:17 इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्‍ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वास योग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्‍चित्त करे।
Hebrews 2:18 क्योंकि जब उसने परीक्षा की दशा में दुख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है।
Hebrews 13:1 भाईचारे की प्रीति बनी रहे।
Hebrews 13:2 पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।
Hebrews 13:3 कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 35-36
  • 2 पतरस 1



गुरुवार, 28 नवंबर 2019

धन्यवाद



      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि कई हज़ार वर्ष पहले परमेश्वर ने मूसा के माध्यम से अपने लोगों, इस्राएल को अपनी विधियां, नियम और पर्व दिए। उनमें से फसल से संबंधित पर्व भी थे – कटनी का पर्व और बटोरने का पर्व, जिनके विषय परमेश्वर ने कहा, “और जब तेरी बोई हुई खेती की पहिली उपज तैयार हो, तब कटनी का पर्ब्ब मानना। और वर्ष के अन्त में जब तू परिश्रम के फल बटोर के ढेर लगाए, तब बटोरन का पर्ब्ब मानना” (निर्गमन 23:16)।

      आज सारे संसार में इस प्रकार का पर्व कभी-न-कभी मनाया जाता है, धरती से होने वाली उपज के उपलक्ष्य में। अफ्रीका के घाना देश में लोग फसल की कटनी के समय यैम का पर्व मनाते हैं; ब्राजील में Dia de Acao de Gracas फसल के लिए धन्यवादी होने का समय है; चीन में पतझड़ के समय मून पर्व मनाया जाता है; और अमेरिका तथा कैनाडा में थैंक्सगिविंग (Thanksgiving) का पर्व मनाया जाता है।

      फसल की कटनी के पर्व के उद्देश्य को समझने के लिए हम जल प्रलय के तुरंत बाद परमेश्वर द्वारा नूह से कही गई बात पर चलते हैं। परमेश्वर ने नूह और उसके परिवार को – और उसमें होकर आज हमें – हमारे फलते-फूलते अस्तित्व के लिए उसके प्रावधानों का स्मरण करवाया। परमेश्वर ने कहा कि पृथ्वी पर ऋतुएँ, दिन और रात, तथा बोने और काटने के समय सदा होते रहेंगे (उत्पत्ति 8:22)। उस फसल के लिए जिससे हम भरण-पोषण पाते हैं, हमारा धन्यवाद और कृतज्ञता का एकमात्र पात्र केवल परमेश्वर ही है।

      आप चाहे जहां भी रहते हों, या अपने स्थान पर धरती से होने वाली उपज को चाहे जैसे भी मनाते हों, आज कुछ समय निकाल कर परमेश्वर का धन्यवाद करें – यदि उसकी कृपा न हो तो हमारे पास कोई उपज नहीं होगी, और न ही उसके प्रावधानों के लिए आनंदित होने के अवसर। परमेश्वर के धन्यवादी रहें। - डेव ब्रैनन

कृतज्ञता एक धन्यवादी हृदय द्वारा किया गया स्मरण है।

परन्तु सचमुच मसीह मुर्दों में से जी उठा है, और जो सो गए हैं, उन में पहिला फल हुआ। - 1 कुरिन्थियों 15:20

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 8:15-9:3
Genesis 8:15 तब परमेश्वर ने, नूह से कहा,
Genesis 8:16 तू अपने पुत्रों, पत्नी, और बहुओं समेत जहाज में से निकल आ।
Genesis 8:17 क्या पक्षी, क्या पशु, क्या सब भांति के रेंगने वाले जन्तु जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, जितने शरीरधारी जीवजन्तु तेरे संग हैं, उस सब को अपने साथ निकाल ले आ, कि पृथ्वी पर उन से बहुत बच्चे उत्पन्न हों; और वे फूलें-फलें, और पृथ्वी पर फैल जाएं।
Genesis 8:18 तब नूह, और उसके पुत्र, और पत्नी, और बहुएं, निकल आईं:
Genesis 8:19 और सब चौपाए, रेंगने वाले जन्तु, और पक्षी, और जितने जीवजन्तु पृथ्वी पर चलते फिरते हैं, सो सब जाति जाति कर के जहाज में से निकल आए।
Genesis 8:20 तब नूह ने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई; और सब शुद्ध पशुओं, और सब शुद्ध पक्षियों में से, कुछ कुछ ले कर वेदी पर होमबलि चढ़ाया।
Genesis 8:21 इस पर यहोवा ने सुखदायक सुगन्ध पाकर सोचा, कि मनुष्य के कारण मैं फिर कभी भूमि को शाप न दूंगा, यद्यपि मनुष्य के मन में बचपन से जो कुछ उत्पन्न होता है सो बुरा ही होता है; तौभी जैसा मैं ने सब जीवों को अब मारा है, वैसा उन को फिर कभी न मारूंगा।
Genesis 8:22 अब से जब तक पृथ्वी बनी रहेगी, तब तक बोने और काटने के समय, ठण्ड और तपन, धूपकाल और शीतकाल, दिन और रात, निरन्तर होते चले जाएंगे।
Genesis 9:1 फिर परमेश्वर ने नूह और उसके पुत्रों को आशीष दी और उन से कहा कि फूलो-फलो, और बढ़ो, और पृथ्वी में भर जाओ।
Genesis 9:2 और तुम्हारा डर और भय पृथ्वी के सब पशुओं, और आकाश के सब पक्षियों, और भूमि पर के सब रेंगने वाले जन्तुओं, और समुद्र की सब मछलियों पर बना रहेगा: वे सब तुम्हारे वश में कर दिए जाते हैं।
Genesis 9:3 सब चलने वाले जन्तु तुम्हारा आहार होंगे; जैसा तुम को हरे हरे छोटे पेड़ दिए थे, वैसा ही अब सब कुछ देता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 33-34
  • 1 पतरस 5



बुधवार, 27 नवंबर 2019

समझ



      जब हम विदेश से अपने दत्तक पुत्र को घर लेकर आए तो मैं उस पर अपना प्रेम न्योछावर करने और उसे वह सब देने के लिए लालायित थी जो उसने अभी तक नहीं पाया था, विशेषकर अच्छा भोजन, क्योंकि उसमें पोषण का अभाव था। परन्तु हमारे यथासंभव प्रयासों और विशेषज्ञों की सलाह लेने के बावजूद वह बहुत कम बढ़ रहा था। हमें लगभग तीन वर्ष के बाद पता चला कि उसे कुछ प्रकार की भोजन सामग्री नहीं पचा पाने की समस्या है। जैसे ही हमने उसके भोजन में से वह सामग्री निकाल दी, वह कुछ ही महीनों में पाँच इंच बढ़ गया। यद्यपि मुझे इस बात का दुःख था कि अनजाने में मैं उसे वह भोजन सामग्री खिलाती रही जिससे उसकी बढ़ोतरी बाधित हो रही थी, परन्तु मुझे इस बात की प्रसन्नता भी थी कि अब उसका स्वास्थ्य अच्छा हो रहा है, वह बढ़ रहा है।

      मुझे लगता है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा योशिय्याह को भी कुछ ऐसा ही लगा होगा जब परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक कई वर्षों तक मंदिर में खोई रहने के बाद पाई गई। जिस प्रकार मुझे दुःख हुआ कि अनजाने में मैं अपने बेटे की बढ़ोतरी में बाधा बनी रही, उसी प्रकार योशिय्याह भी परमेश्वर की अपने लोगों के लिए भली और सम्पूर्ण इच्छा की जानकारी न होने के लिए दुखी हुआ (2 राजाओं 22:11)। यद्यपि राजा योशिय्याह की सराहना की गयी है कि उसने वह किया जो प्रभु परमेश्वर की दृष्टि में भला था (पद 2), परन्तु व्यवस्था की पुस्तक को पा लेने के पश्चात उसने और भी अच्छे से परमेश्वर का आदर किया। जो ज्ञान और समझ उसे उस पुस्तक से मिले, उनके द्वारा उसने अपनी प्रजा को परमेश्वर की वैसी आराधना करना सिखाया, जैसी परमेश्वर चाहता है (23:22-23)।

      हम बाइबल में होकर सीखते, समझते हैं कि हम परमेश्वर को वह उचित आदर जिसके वह योग्य है, कैसे दें। परन्तु संभव है कि हम इस बात के लिए भी दुखी होते हैं कि परमेश्वर की हमारे लिए जो इच्छा है, हम उस पर पूरे नहीं उतरे हैं। परन्तु हम इस बात से सांत्वना प्राप्त कर सकते हैं कि वह हमें सही करके पुनःस्थापित करता है, और धैर्य तथा कोमलता के साथ अपनी समझ की गहराईयों में लिए चलता है। - कर्स्टिन होल्मबर्ग

परमेश्वर हमें पुनःआरंभ करने के अवसर देता है।

अपने वस्त्र नहीं, अपने मन ही को फाड़ कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछतानेहारा है। - योएल 2:13

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 22:1-4, 8-13
2 Kings 22:1 जब योशिय्याह राज्य करने लगा, तब वह आठ वर्ष का था, और यरूशलेम में एकतीस वर्ष तक राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम यदीदा था जो बोस्कतवासी अदाया की बेटी थी।
2 Kings 22:2 उसने वह किया, जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है और जिस मार्ग पर उसका मूलपुरुष दाऊद चला ठीक उसी पर वह भी चला, और उस से न तो दाहिनी ओर और न बाईं ओर मुड़ा।
2 Kings 22:3 अपने राज्य के अठारहवें वर्ष में राजा योशिय्याह ने असल्याह के पुत्र शापान मंत्री को जो मशुल्लाम का पोता था, यहोवा के भवन में यह कह कर भेजा, कि हिलकिय्याह महायाजक के पास जा कर कह,
2 Kings 22:4 कि जो चान्दी यहोवा के भवन में लाई गई है, और द्वारपालों ने प्रजा से इकट्ठी की है,
2 Kings 22:8 और हिलकिय्याह महायाजक ने शापान मंत्री से कहा, मुझे यहोवा के भवन में व्यवस्था की पुस्तक मिली है; तब हिलकिय्याह ने शापान को वह पुस्तक दी, और वह उसे पढ़ने लगा।
2 Kings 22:9 तब शापान मंत्री ने राजा के पास लौट कर यह सन्देश दिया, कि जो चांदी भवन में मिली, उसे तेरे कर्मचारियो ने थैलियों में डाल कर, उन को सौंप दिया जो यहोवा के भवन में काम कराने वाले हैं।
2 Kings 22:10 फिर शपान मंत्री ने राजा को यह भी बता दिया, कि हिलकिय्याह याजक ने उसे एक पुस्तक दी है। तब शपान उसे राजा को पढ़कर सुनाने लगा।
2 Kings 22:11 व्यवस्था की उस पुस्तक की बातें सुन कर राजा ने अपने वस्त्र फाड़े।
2 Kings 22:12 फिर उसने हिलकिय्याह याजक, शापान के पुत्र अहीकाम, मीकायाह के पुत्र अकबोर, शापान मंत्री और असाया नाम अपने एक कर्मचारी को आज्ञा दी,
2 Kings 22:13 कि यह पुस्तक जो मिली है, उसकी बातों के विष्य तुम जा कर मेरी और प्रजा की और सब यहूदियों की ओर से यहोवा से पूछो, क्योंकि यहोवा की बड़ी ही जलजलाहट हम पर इस कारण भड़की है, कि हमारे पुरखाओं ने इस पुस्तक की बातें न मानी कि कुछ हमारे लिये लिखा है, उसके अनुसार करते।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 30-32
  • 1 पतरस 4