ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

मंगलवार, 14 जनवरी 2020

जानना और प्रेम



      मसीही आराधना के सबसे प्रचलित गीतों, विशेषकर बच्चों के लिए, में से एक है “Jesus loves me this I know, for the Bible tells me so” (“यीशु मुझ से प्यार करता, यह मैं जानता हूँ, क्योंकि बाइबल मुझे बताती है”)। इस गीत को एन्ना बी. वार्नर ने लगभग 200 वर्ष पहले लिखा था, और इस गीत के बोल बड़ी कोमलता से प्रभु के साथ हमारे संबंध को बताते हैं।

      किसी ने मेरी पत्नी को एक पट्टिका भेंट में दी, जिसमें इस गीत के शब्दों को आगे-पीछे करके उन्हें एक नया अर्थ दिया गया है। उस पट्टिका पर लिखा है, “यीशु मुझे जानता है, और मैं इस से प्यार करता हूँ।” यह प्रभु के साथ हमारे संबंध को एक बिलकुल नया दृष्टिकोण प्रदान करता है – वह हमें जानता है!

      प्राचीन इस्राएल में एक सच्चे चरवाहे और भाड़े के मज़दूर में फर्क उनके भेड़ों को जानने से प्रकट हो जाता था; भेड़ों को जानने वाला और उनसे प्रेम करने वाला ही सच्चा चरवाहा होता था। सच्चा चरवाहा भेड़ों के साथ इतना समय बिताता था कि वह अपनी भेड़ों के बारे में बहुत कुछ जानकारी रखता था और उनकी बहुत दिल से देखभाल करता था। इसी लिए हम परमेश्वर के वचन बाइबल में देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह ने अपने विषय कहा, “अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं...मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं” (यूहन्ना 10:14, )।

      हमारा प्रभु हमें जानता है और हम से बहुत प्रेम करता है! हमारे प्रति प्रभु के उद्देश्यों पर हम पूर्णतः भरोसा रख सकते हैं और हमारे लिए उसकी देखभाल को लेकर निश्चिन्त रह सकते हैं क्योंकि परमेश्वर पिता का आश्वासन है कि “...क्योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्या क्या आवश्यक्ता है” (मत्ती 6:8)। जब आप आज जीवन के उतार-चढ़ाव का सामना करें, तो शांत तथा आश्वस्त रहें, आपका सच्चा चरवाहा आपको जानता है और आपसे प्रेम रखता है। - बिल क्राउडर

कितनी अद्भुत बात है – प्रभु यीशु मुझ से प्रेम करता है!

यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है। - यिर्मयाह 31:3

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:7-16
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं।
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी।
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा।
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं।
John 10:11 अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है।
John 10:12 मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िय़ा उन्हें पकड़ता और तित्तर बित्तर कर देता है।
John 10:13 वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्‍ता नहीं।
John 10:14 अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं।
John 10:15 इसी तरह मैं अपनी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं।
John 10:16 और मेरी और भी भेड़ें हैं, जो इस भेड़शाला की नहीं; मुझे उन का भी लाना अवश्य है, वे मेरा शब्द सुनेंगी; तब एक ही झुण्ड और एक ही चरवाहा होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 33-35
  • मत्ती 10:1-20



सोमवार, 13 जनवरी 2020

परमेश्वर


      जब मैंने कॉलेज में यूनानी और रोमी पौराणिक कथाएँ पढ़ीं, तो मैं हैरान थी, कि उन कथाओं के देवता कितने तुनक-मिज़ाज थे, और कितनी सरलता से क्रोधित हो जाते थे। जो लोग उनके क्रोध के पात्र बनते थे उनके जीवन नाश हो जाते थे, कभी-कभी तो उन देवताओं की एक सनक के कारण ही।

      उनकी इन बातों को पढ़ने के बाद मैंने उपहास करते हुए सोचा कि कोई ऐसे देवताओं पर कैसे विश्वास कर सकता था? परन्तु फिर मैंने अपने आप से भी प्रश्न किया, “जिस एकमात्र और वास्तविक परमेश्वर पर मैं विश्वास रखती हूँ, क्या उसके प्रति मेरा दृष्टिकोण इससे कुछ विशेष भिन्न है? क्या मैं भी यही नहीं सोचती हूँ कि यदि मैं उसपर कुछ संदेह करूं तो वह भी शीघ्र ही क्रोधित हो जाएगा?” मुझे दुःख के साथ स्वीकार करना पड़ता है कि अपने उन प्रश्नों के लिए मेरा उत्तर था “हाँ!”

      इसीलिए मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा द्वारा परमेश्वर से किए गए अनुरोध की सराहना करती हूँ। मूसा ने परमेश्वर से निवेदन किया, “मुझे अपना तेज दिखा” (निर्गमन 33:18)। परमेश्वर ने मूसा को एक विशाल जन समूह, इस्राएलियों, का नेतृत्व करने और उन्हें मिस्र की गुलामी से निकालकर ले जाने और कनान में देश में बसाने के लिए चुना था। किन्तु ये इस्राएली अकसर मूसा और परमेश्वर के विरुद्ध कुड़कुड़ाते रहते थे; मूसा जानना चाहता था कि उन इस्राएलियों की प्रवृत्ति को देखते हुए, इस बड़े और कठिन कार्य में क्या परमेश्वर उसकी सहायता करता रहेगा? परमेश्वर ने मूसा के अनुरोध के फलस्वरूप अपनी महिमा को उसपर प्रगट किया, और उसे अपना नाम तथा गुण बताए। परमेश्वर ने अपने विषय कहा, “यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य...” (निर्गमन 34:6)।

      मूसा से कही इस बात के द्वारा मुझे स्मरण आया कि हमारा परमेश्वर पिता आवेश में क्रोधित होकर, लोगों पर टूट पड़ने वाला परमेश्वर नहीं है। यह बहुत शान्तिदायक है, विशेषकर तब जब मैं कितनी ही बार क्रोधित अथवा अधीर होकर उसके विरुद्ध कुछ कटु बोल जाती हूँ या उसपर संदेह करती हूँ। और इसलिए भी क्योंकि उसका आश्वासन है कि वह मुझे धीरे-धीर अपने ही तेजस्वी स्वरुप में ढालता जा रहा है – जिसके लिए उसे मुझे आवश्यकतानुसार काटना, छांटना, और तराशना भी पड़ता है।

      हम अपने जीवनों में ही परमेश्वर की महिमा और हमारे प्रति उसका धैर्य देख सकते हैं – ढलते हुए सूरज का एक सुन्दर दृश्य, किसी मित्र द्वारा प्रोत्साहन और सहारा, और सबसे उत्तम, हमारे अन्दर निवास करने वाले पवित्र-आत्मा की हमारे मार्गदर्शन के लिए कोमल फुसफुसाहट  - ये सभी हमारे जीवनों में परमेश्वर की महिमा और कार्य के चिन्ह हैं। - लिंडा वॉशिंगटन

यद्यपि हम बहुधा बदलते रहते हैं, किन्तु परमेश्वर कभी नहीं बदलता है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: निर्गमन 33:18-19; 34:1-7
Exodus 33:18 उसने कहा मुझे अपना तेज दिखा दे।
Exodus 33:19 उसने कहा, मैं तेरे सम्मुख हो कर चलते हुए तुझे अपनी सारी भलाई दिखाऊंगा, और तेरे सम्मुख यहोवा नाम का प्रचार करूंगा, और जिस पर मैं अनुग्रह करना चाहूं उसी पर अनुग्रह करूंगा, और जिस पर दया करना चांहू उसी पर दया करूंगा।
Exodus 34:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, पहिली तख्तियों के समान पत्थर की दो और तख्तियां गढ़ ले; तब जो वचन उन पहिली तख्तियों पर लिखे थे, जिन्हें तू ने तोड़ डाला, वे ही वचन मैं उन तख्तियों पर भी लिखूंगा।
Exodus 34:2 और बिहान को तैयार रहना, और भोर को सीनै पर्वत पर चढ़कर उसकी चोटी पर मेरे साम्हने खड़ा होना।
Exodus 34:3 और तेरे संग कोई न चढ़ पाए, वरन पर्वत भर पर कोई मनुष्य कहीं दिखाई न दे; और न भेड़-बकरी और गाय-बैल भी पर्वत के आगे चरते पाएं।
Exodus 34:4 तब मूसा ने पहिली तख्तियों के समान दो और तख्तियां गढ़ी; और बिहान को सवेरे उठ कर अपने हाथ में पत्थर की वे दोनों तख्तियां ले कर यहोवा की आज्ञा के अनुसार पर्वत पर चढ़ गया।
Exodus 34:5 तब यहोवा ने बादल में उतर के उसके संग वहां खड़ा हो कर यहोवा नाम का प्रचार किया।
Exodus 34:6 और यहोवा उसके साम्हने हो कर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य,
Exodus 34:7 हजारों पीढिय़ों तक निरन्तर करूणा करने वाला, अधर्म और अपराध और पाप का क्षमा करने वाला है, परन्तु दोषी को वह किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा, वह पितरों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों वरन पोतों और परपोतों को भी देने वाला है।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 31-32 
  • मत्ती 9:18-38

रविवार, 12 जनवरी 2020

मेल


      ली अपने कार्यस्थल में एक ईमानदार और भरोसेमंद कर्मचारी है। परन्तु फिर भी अपने मसीही विश्वास के निर्वाह के कारण वह अपने आप को औरों से अलग पाता है। और यह उसके व्यावाहारिक जीवन में प्रत्यक्ष दिखाई देता है, जैसे कि जब किसी संगति में कोई अनुचित अथवा भद्दी बातें होने लगती हैं तो वह वहाँ से निकल जाता है। एक बार परमेश्वर के वचन, बाइबल, के अध्ययन के समय उसने अपने मित्रों को बताया कि, “मुझे भय है कि मुझे तरक्की के अवसर नहीं मिल रहे हैं, क्योंकि मैं अन्य सभी के साथ मेल नहीं रखता हूँ।”

      पुराने नियम की अंतिम पुस्तक, मलाकी, के समय में भी परमेश्वर के लोगों के सामने इसी प्रकार की चुनौतियाँ थीं। वे इस्राएली लोग, बाबुल की बन्धुआई से लौट कर आए थे, यरूशलेम का मंदिर बनाया जा चुका था, परन्तु उनके भविष्य के लिए परमेश्वर की योजनाओं को लेकर उन्हें संदेह और असमंजस था। कुछ इस्राएली कहने लग थे, “...परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ? अब से हम अभिमानी लोगों को धन्य कहते हैं; क्योंकि दुराचारी तो सफल बन गए हैं, वरन वे परमेश्वर की परीक्षा करने पर भी बच गए हैं” (मलाकी 3:14-15)।

      हम परमेश्वर के प्रति उस समाज में दृढ़ होकर कैसे खड़े रह सकते हैं जो यह कहता है कि हमसे मेल नहीं रखोगे, और हमारे समान नहीं होगे तो हानि उठाओगे? मलाकी के समय में परमेश्वर के प्रति भरोसेमंद लोगों ने तब उनके सामने आई इस चुनौती का सामना एक-दूसरे के साथ संगति रखने और एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने के द्वारा किया। मलाकी उनकी इस बात के संबंध में एक महत्वपूर्ण बात लिखता है: “तब यहोवा का भय मानने वालों ने आपस में बातें की, और यहोवा ध्यान धर कर उनकी सुनता था...” (पद 16)।

      जितने परमेश्वर का भय मानते और उसका आदर करते हैं, परमेश्वर उनका ध्यान रखता है और उनकी चिंता करता है। उसने हमें संसार से मेल रखने के लिए नहीं बुलाया है, वरन दिन-प्रतिदिन उसकी निकटता में बढ़ते जाने और उस से मेल रखने के लिए बुलाया है। हम मसीही विश्वासी परमेश्वर तथा एक-दूसरे के साथ मेल रखें, एक-दूसरे को प्रोत्साहित करते रहें, और भरोसेमंद बने रहें। - पो फैंग चिया

हमारे विश्वास की परख इसलिए होती है 
ताकि हम परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को जान सकें।

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:2

बाइबल पाठ: मलाकी 3:13-18
Malachi 3:13 यहोवा यह कहता है, तुम ने मेरे विरुद्ध ढिठाई की बातें कही हैं। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने तेरे विरुद्ध में क्या कहा है?
Malachi 3:14 तुम ने कहा है कि परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ?
Malachi 3:15 अब से हम अभिमानी लोगों को धन्य कहते हैं; क्योंकि दुराचारी तो सफल बन गए हैं, वरन वे परमेश्वर की परीक्षा करने पर भी बच गए हैं।।
Malachi 3:16 तब यहोवा का भय मानने वालों ने आपस में बातें की, और यहोवा ध्यान धर कर उनकी सुनता था; और जो यहोवा का भय मानते और उसके नाम का सम्मान करते थे, उनके स्मरण के निमित्त उसके साम्हने एक पुस्तक लिखी जाती थी।
Malachi 3:17 सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि जो दिन मैं ने ठहराया है, उस दिन वे लोग मेरे वरन मेरे निज भाग ठहरेंगे, और मैं उन से ऐसी कोमलता करूंगा जैसी कोई अपने सेवा करने वाले पुत्र से करे।
Malachi 3:18 तब तुम फिरकर धर्मी और दुष्ट का भेद, अर्थात जो परमेश्वर की सेवा करता है, और जो उसकी सेवा नहीं करता, उन दोनों को भेद पहिचान सकोगे।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 29-30 
  • मत्ती 9:1-17

शनिवार, 11 जनवरी 2020

अन्दर


      मैंने अपनी सहेली, एमिली, से, उसकी बेटी द्वारा अपने छोटे से हाथों में पकड़ी हुई कपड़े की गुडिया की सराहना की, तो उसने मुझ से पूछा, “क्या तुम देखना चाहोगी कि उस गुड़िया के अन्दर क्या है?” तुरंत ही कौतुहल के कारण मैंने कहा, “अवश्य।” एमिली ने उस गुड़िया को लिया, घुमाकर उलटा किया, उसकी पीठ में लगी हुई ज़िप को खोला, और उसके अन्दर से एक खज़ाना निकाला – एमिली की अपनी कपड़े की गुड़िया, जिसे वह दो दशक से भी अधिक पहले, अपने बचपन में हर समय लिए रहती थी और जिससे वह बहुत प्रेम करती थी! वह बाहरी गुड़िया तो एक ढाँचा मात्र थी, जिसे उसके अन्दर छिपी एमिली की गुड़िया बल और रूप प्रदान करती थी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने प्रभु यीशु मसीह के जीवन, मृत्यु, और पुनरुत्थान का वर्णन एक खज़ाने के समान किया है, जिसे परमेश्वर के लोग अपनी कमज़ोर मानवता में लिए फिरते हैं। जो प्रभु पर विश्वास करते हैं, उसे समर्पित रहते हैं, उन्हें यह खज़ाना सामर्थी करता है कि वे जीवन की विषम और अप्रत्याशित परिस्थितियों में भी अपनी सेवा को ज़ारी रख सकें। और जब वे ऐसा करते हैं, तो प्रभु की ज्योति – उसका जीवन – उनकी मानवता के “दरारों” में से चमकता है, औरों को प्रकाशित करता है। पौलुस हम सभी को प्रोत्साहित करता है कि हम हिम्मत न हारें (2 कुरिन्थियों 4:16), क्योंकि परमेश्वर हमें उसका कार्य करने के लिए बलवन्त करता है।

      उस अन्दर की गुड़िया के समान, हमारे अन्दर बसा प्रभु यीशु के सुसमाचार का खज़ाना, हमें इस जीवन के लिए मसीही स्वरूप,  उद्देश्य और संयम प्रदान करता है। जब हमारे अन्दर से परमेश्वर की सामर्थ्य चमकती है, तो वह औरों को यह पूछने के लिए आमंत्रित करती है कि “अन्दर क्या है?” तब हम अपने हृदय को खोल कर उन्हें दिखा सकते हैं कि हमारे अन्दर प्रभु यीशु मसीह से मिला उसका जीवनदायक वचन और उसकी अटल प्रतिज्ञाएं हैं। - कर्स्टन होल्मबर्ग

सत्य का सुसमाचार परमेश्वर के लोगों के टूटेपन में से होकर चमकता है।

क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्‍फल न होने देंगी। - 2 पतरस 1:8

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:7-18
2 Corinthians 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
2 Corinthians 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
2 Corinthians 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
2 Corinthians 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
2 Corinthians 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
2 Corinthians 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।
2 Corinthians 4:18 और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 27-28 
  • मत्ती 8:18-34

शुक्रवार, 10 जनवरी 2020

सेवक


      दफतर में काम का वह दिन थका देने वाला रहा था; परन्तु घर पहुँच कर मुझे अपने “दूसरे” काम में लग जाना था। घर में आने पर मेरी पत्नि और बच्चों से मिला स्वागत थोड़े समय में ही विभिन्न निवेदनों में बदल गया, “पापा, रात्रि के भोजन के लिए क्या है?”; “पापा, मुझे थोड़ा पानी देना”; “पापा, क्या हम फुटबाल खेल सकते हैं?”

      मेरा मन तो बस बैठकर आराम करने का था; यद्यपि मुझ में कुछ था जो मुझे एक “अच्छा पापा” होने के लिए प्रेरित कर रहा था, परन्तु मैं परिवार का सेवक बन कर उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने वाला बनना नहीं चाह रहा था। तभी मेरी नज़र उस “धन्यवादी कार्ड” पर गयी, जो मेरी पत्नि को किसी ने चर्च में दिया था। उस कार्ड पर एक बर्तन में पानी, एक तौलिया, और कुछ मैले सैंडल बने हुए थे, और उसके नीचे परमेश्वर के वचन बाइबल में से लिए गए ये शब्द “पर मैं तुम्हारे बीच में सेवक के समान हूं” (लूका 22:27) लिखे हुए थे।

      प्रभु यीशु के उनके प्रति, जिन्हें वह खोजने और बचाने आया था (लूका 19:10), उद्देश्य का यह वाक्य मेरी उस समय की आवश्यकता के अनुसार था। यदि प्रभु यीशु अपने अनुयायियों के मैले पैरों को धोकर साफ़ करने (यूहन्ना 13:1-17) के लिए तैयार थे - तो फिर मैं अपने परिवार की सहायता बिना कुड़कुड़ाए क्यों नहीं कर सकता था। उस पल में मुझे स्मरण हो आया कि मेरे परिवारजनों द्वारा उनकी सहायता के लिए किए जा रहे निवेदन केवल मेरा दायित्व ही नहीं थे, वरन मेरे लिए अवसर थे कि प्रभु यीशु के समान प्रेम दिखाने और सेवक होने के उदाहरण को कर के दिखा सकूँ।

      जब हम से सेवा के लिए निवेदन किए जाते हैं, तो वे अवसर होते हैं कि हम अपने प्रभु के और भी अधिक समान बन सकें, उसके समान सेवक हो सकें जिसने अपनी सेवा में हमारे लिए अपने प्राण बलिदान कर दिए। - एडम होल्ज़

हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम हमें औरों की सेवा करने का बल देता है।

क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है। - लूका 19:10

बाइबल पाठ: लूका 22:24-30
Luke 22:24 उन में यह वाद-विवाद भी हुआ; कि हम में से कौन बड़ा समझा जाता है
Luke 22:25 उसने उन से कहा, अन्यजातियों के राजा उन पर प्रभुता करते हैं; और जो उन पर अधिकार रखते हैं, वे उपकारक कहलाते हैं।
Luke 22:26 परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे के समान और जो प्रधान है, वह सेवक के समान बने।
Luke 22:27 क्योंकि बड़ा कौन है; वह जो भोजन पर बैठा या वह जो सेवा करता है? क्या वह नहीं जो भोजन पर बैठा है? पर मैं तुम्हारे बीच में सेवक के समान हूं।
Luke 22:28 परन्तु तुम वह हो, जो मेरी परीक्षाओं में लगातार मेरे साथ रहे।
Luke 22:29 और जैसे मेरे पिता ने मेरे लिये एक राज्य ठहराया है,
Luke 22:30 वैसे ही मैं भी तुम्हारे लिये ठहराता हूं, ताकि तुम मेरे राज्य में मेरी मेज पर खाओ-पिओ; वरन सिंहासनों पर बैठकर इस्त्राएल के बारह गोत्रों का न्याय करो।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 25-26 
  • मत्ती 8:1-17