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सोमवार, 24 फ़रवरी 2020

फलवन्त


      मेरे पिता ने मुझे खुरपी देते हुए कहा, “जहाँ उसे नहीं होना चाहिए, वहां पर उगने वाला हर पौधा ‘जंगली’ होता है” और मटर की क्यारी में अपने आप से उग रहे उस अकेले मक्की के पौधे को उखाड़ने के लिए कहा। मैं तो उस मक्की के पौधे को छोड़ना चाहता था, किन्तु मेरे पिता, जिनकी परवरिश किसानी करने वाले परिवार में हुई थी, ने कहा की उसे उखाड़ दूँ, क्योंकि वह अकेला पौधा कुछ लाभ नहीं देगा, वरन मटर के पौधों को दबाएगा और उनके पोषक तत्वों को व्यर्थ करेगा।

      मनुष्य पौधे नहीं होते हैं – हमारे पास अपने मन और भावनाएं होती हैं और परमेश्वर ने हमें स्वेच्छा भी दी है। परन्तु कभी-कभी हम परमेश्वर द्वारा दी गई इन बातों के अंतर्गत उस स्थान पर फलवन्त होने का प्रयास करते हैं, जहां परमेश्वर नहीं चाहता है कि हम हों।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, हम इस्राएल के प्रथम राजा, राजा शाऊल, के योद्धा-राजकुमार योनातान के लिए देखते हैं कि वह भी वहाँ रहने का प्रयास कर सकता था जहाँ परमेश्वर किसी और को रखना चाहता था। योनातान के पास भावी राजा होने की आशा रखने के लिए सब कुछ था। परन्तु योनातान ने दाऊद पर परमेश्वर की आशीष को देखा, और उसने अपने पिता के घमंड और ईर्ष्या को भी पहचाना (1 शमुएल 18:12-15)। इसलिए, बजाए इसके कि उस गद्दी को थामे रखने के प्रयास करे जो कभी उसकी नहीं होती, योनातन दाऊद का परम मित्र बन गया, और उसके प्राणों की भी रक्षा की (19:1-6; 20:1-4)।

      कुछ लोग कहेंगे कि योनातन ने आवश्यकता से अधिक ही छोड़ दिया; परन्तु हम क्या चाहेंगे कि हमें कैसे स्मरण किए जाए? महत्वाकांक्षी शाऊल के समान जो अपने राज्य से चिपका रहा, किन्तु उसे बचा नहीं सका; या योनातन के समान, जिसने उस व्यक्ति का साथ दिया और उसके प्राणों की रक्षा की जो संसार के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह का सम्मानित पूर्वज हुआ?

      परमेश्वर की योजनाएं सदा ही हमारी अपने योजनाओं से बेहतर होती हैं। हम उसकी योजनाओं का प्रतिरोध करके अनुपयुक्त स्थान पर उगने वाला ‘जंगली पौधा’ हो सकते हैं, जो अन्ततः उखाड़ कर फेंका ही जाएगा। या हम उसके दिशा निर्देशों का पालन करते हुए, उसकी इच्छा के अनुसार उसके बगीचे के फलवन्त पौधे बन सकते हैं। वह यह निर्णय हम पर छोड़ देता है। - टिम गुस्ताफ्सन

परमेश्वर हमें निमंत्रण देता है कि उसके साथ मिलकर 
सुसमाचार को संसार के सभी स्थानों में पहुंचाएं।

मैं [प्रभु यीशु] दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। - यूहन्ना 15:5

बाइबल पाठ: 1 शमुएल 20:30-34
1 Samuel 20:30 तब शाऊल का कोप योनातन पर भड़क उठा, और उसने उस से कहा, हे कुटिला राजद्रोही के पुत्र, क्या मैं नहीं जानता कि तेरा मन तो यिशै के पुत्र पर लगा है? इसी से तेरी आशा का टूटना और तेरी माता का अनादर ही होगा।
1 Samuel 20:31 क्योंकि जब तक यिशै का पुत्र भूमि पर जीवित रहेगा, तब तक न तो तू और न तेरा राज्य स्थिर रहेगा। इसलिये अभी भेज कर उसे मेरे पास ला, क्योंकि निश्चय वह मार डाला जाएगा।
1 Samuel 20:32 योनातन ने अपने पिता शाऊल को उत्तर देकर उस से कहा, वह क्यों मारा जाए? उसने क्या किया है?
1 Samuel 20:33 तब शाऊल ने उसको मारने के लिये उस पर भाला चलाया; इससे योनातन ने जान लिया, कि मेरे पिता ने दाऊद को मार डालना ठान लिया है।
1 Samuel 20:34 तब योनातन क्रोध से जलता हुआ मेज पर से उठ गया, और महीने के दूसरे दिन को भोजन न किया, क्योंकि वह बहुत खेदित था, इसलिये कि उसके पिता ने दाऊद का अनादर किया था।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 9-11
  • मरकुस 5:1-20



रविवार, 23 फ़रवरी 2020

दया



      मेरे बच्चे आपस में झगड़ा कर के, एक दूसरे की शिकायत करने मेरे पास आए। मैंने दोनों को अलग ले जाकर बारी बारी से दोनों के पक्ष को सुना। क्योंकि दोषी दोनों ही थे, इसलिए हमारी बातचीत के अंत में मैनें दोनों से ही पूछा कि उनके अनुसार दूसरे की गलती के लिए उचित और सही दंड क्या होना चाहिए। दोनों ने ही एक दूसरे के लिए तुरंत ही कठोर दंड दिए जाने के लिए कहा। दोनों ही भौंचक्के रह गए जब मैंने उनके द्वारा सुझाया गया दंड, दूसरे की बजाए उन्हीं पर लागू कर दिया। यह होते ही, तुरंत दोनों इस बात को लेकर विलाप करने लगे कि उन्हें “अनुचित” दंड सहना पड़ रहा है। जब तक वह दंड दूसरे के लिए था, वह उचित था, परन्तु अपने ऊपर आते ही वही दंड तुरंत ही अनुचित हो गया।

      मेरे बच्चों ने परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब द्वारा बताए गए उस “दया रहित निर्णय” का उदाहरण प्रस्तुत किया था, जिसके विरुद्ध परमेश्वर का वचन सचेत करता है (याकूब 2:13)। याकूब हमें स्मरण दिलाता है कि धनी व्यक्तियों या स्वयं अपने प्रति पक्षपात करने के स्थान पर, परमेश्वर यही चाहता है कि हम औरों से भी वैसा ही प्रेम करें जैसा हम अपने आप से करते हैं (पद 8)। बजाए इसके कि हम औरों को स्वार्थ तथा लाभ के लिए प्रयोग करें, या उन की उपेक्षा करें जो हमारे काम का प्रतीत नहीं होता है, याकूब कहता है कि हम उन लोगों के समान बनें जो यह जानते हैं कि उन्हें परमेश्वर की ओर से कितना दिया गया है और कितना कुछ क्षमा किया गया है – और फिर इसी दया को औरों के प्रति भी दिखाएं।

      परमेश्वर ने हम पर उदारता से अपनी दया की है। औरों के प्रति अपने समस्त व्यवहार में, हम उस दया को स्मरण रखें जो हमें प्राप्त हुई है, और उसे दूसरों के प्रति भी दिखाएं। - कर्स्टन होल्मबर्ग

परमेश्वर की दया हमें दयालु होने के लिए प्रेरित करती है।

इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा। - मत्ती 6:14-15

बाइबल पाठ: याकूब 2:1-13
James 2:1 हे मेरे भाइयों, हमारे महिमायुक्त प्रभु यीशु मसीह का विश्वास तुम में पक्षपात के साथ न हो।
James 2:2 क्योंकि यदि एक पुरूष सोने के छल्ले और सुन्‍दर वस्‍त्र पहिने हुए तुम्हारी सभा में आए और एक कंगाल भी मैले कुचैले कपड़े पहिने हुए आए।
James 2:3 और तुम उस सुन्‍दर वस्‍त्र वाले का मुंह देख कर कहो कि तू वहां अच्छी जगह बैठ; और उस कंगाल से कहो, कि तू यहां खड़ा रह, या मेरे पांव की पीढ़ी के पास बैठ।
James 2:4 तो क्या तुम ने आपस में भेद भाव न किया और कुविचार से न्याय करने वाले न ठहरे?
James 2:5 हे मेरे प्रिय भाइयों सुनो; क्या परमेश्वर ने इस जगत के कंगालों को नहीं चुना कि विश्वास में धनी, और उस राज्य के अधिकारी हों, जिस की प्रतिज्ञा उसने उन से की है जो उस से प्रेम रखते हैं
James 2:6 पर तुम ने उस कंगाल का अपमान किया: क्या धनी लोग तुम पर अत्याचार नहीं करते? और क्या वे ही तुम्हें कचहिरयों में घसीट घसीट कर नहीं ले जाते?
James 2:7 क्या वे उस उत्तम नाम की निन्‍दा नहीं करते जिस के तुम कहलाए जाते हो?
James 2:8 तौभी यदि तुम पवित्र शास्त्र के इस वचन के अनुसार, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख, सचमुच उस राज व्यवस्था को पूरी करते हो, तो अच्छा ही करते हो।
James 2:9 पर यदि तुम पक्षपात करते हो, तो पाप करते हो; और व्यवस्था तुम्हें अपराधी ठहराती है।
James 2:10 क्योंकि जो कोई सारी व्यवस्था का पालन करता है परन्तु एक ही बात में चूक जाए तो वह सब बातों में दोषी ठहरा।
James 2:11 इसलिये कि जिसने यह कहा, कि तू व्यभिचार न करना उसी ने यह भी कहा, कि तू हत्या न करना इसलिये यदि तू ने व्यभिचार तो नहीं किया, पर हत्या की तौभी तू व्यवस्था का उलंघन करने वाला ठहरा।
James 2:12 तुम उन लोगों के समान वचन बोलो, और काम भी करो, जिन का न्याय स्‍वतंत्रता की व्यवस्था के अनुसार होगा।
James 2:13 क्योंकि जिसने दया नहीं की, उसका न्याय बिना दया के होगा: दया न्याय पर जयवन्‍त होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 7-8
  • मरकुस 4:21-41



शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

सुरक्षित



      उड़ान के समय यदि वायु यान खराब मौसम के क्षेत्र से होकर निकलता है और उसके डावांडोल होने की संभावना होती है, तो उड़ान-परिचारिका घोषणा करती हैं, “यान के कैपटन ने सीट की पेटी बांधने का संकेत चालू कर दिया है। कृपया तुरंत अपनी सीट पर पहुँच कर सीट की पेटी बाँध कर सुरक्षित होकर बैठ जाएं।” यह घोषणा इसलिए करनी पड़ती है क्योंकि यदि यात्रियों ने पेटी बांधी हुई नहीं है, या चल फिर रहे हैं तो वायु यान के हिलने से वे चोटिल हो सकते हैं। परन्तु सीट में सुरक्षित बैठे रहकर वे इस खराब समय से सुरक्षित निकल सकते हैं।

      अधिकांशतः जीवन हमें हमारी और बढ़ने वाली परेशानियों के विषय चेतावनी नहीं देता है। परन्तु हमारा प्रेमी पिता परमेश्वर हमारी परिस्थितियों और संघर्षों को भली-भांति जानता है और हमारी देखभाल करता है। प्रभु परमेश्वर हमें कहता है कि हम अपनी सारी चिंताएं, दुःख, और भय उसके पास लाएं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वस्त करती है कि, “क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला। इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे” (इब्रानियों 4:15-16)।

      परेशानियों और अनिश्चितता के समयों में, प्रार्थना में प्रभु परमेश्वर के निकट चले जाना ही हमारे लिए सर्वोत्तम होता है। वाक्यांश, “वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे” का अर्थ है कि उसकी उपस्थिति में रहकर हम परेशानियों की स्थिति में भी शान्त रह सकते हैं, क्योंकि हमारी चिंता और देखभाल उसके हाथों में है जो सभी से बड़ा और सामर्थी है। जब भी जीवन बोझिल लगने लगे, तब हम प्रार्थना में परमेश्वर के निकट हो सकते हैं, और उसमें सुरक्षित होकर बैठ सकते हैं। - बिल क्राउडर

यद्यपि हम जीवन की परीक्षाओं का पूर्वाभास तो नहीं पा सकते हैं, 
परन्तु हम पिता परमेश्वर से प्रार्थना अवश्य कर सकते हैं, 
क्योंकि जो कुछ भी होता है उसे वह जानता है।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। - फिलिप्पियों 4:6-7

बाइबल पाठ: इब्रानियों 4:11-16
Hebrews 4:11 सो हम उस विश्राम में प्रवेश करने का प्रयत्न करें, ऐसा न हो, कि कोई जन उन के समान आज्ञा न मान कर गिर पड़े।
Hebrews 4:12 क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग कर के, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है।
Hebrews 4:13 और सृष्‍टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है वरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं।
Hebrews 4:14 सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है, जो स्‍वर्गों से हो कर गया है, अर्थात परमेश्वर का पुत्र यीशु; तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहे।
Hebrews 4:15 क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला।
Hebrews 4:16 इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 4-6
  • मरकुस 4:1-20



शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

निकट



      मकड़ियाँ! मैं किसी भी ऐसे बच्चे को नहीं जानता हूँ जिन्हें वे पसन्द हैं; कम से कम रात को, और वो भी सोने के समय पर। मेरी बेटी सोने जाने की तैयारी कर रही थी, कि उसे एक मकड़ी, उसके बिस्तर के पास कहीं दिखाई दे गई। उसने चिल्ला कर मुझे आवाज़ लगाई – “डैडीईईई! मकड़ीईईईई!” मैं दौड़ कर उसके पास पहुँचा, परन्तु बहुत खोजने पर भी मुझे मकड़ी कहीं दिखाई नहीं दी। मैंने अपनी बेटी को आश्वस्त किया, “डरो मत। वह तुम्हें कुछ नहीं करेगी,” परन्तु उसे शान्ति नहीं हुई। जब तक की मैनें उससे यह नहीं कहा कि मैं उसके पास बना रहूँगा और देखता रहूँगा, वह बिस्तर में जाने के लिए तैयार नहीं हुई।

      जब मेरी बेटी बिस्तर में लेटकर सोने की तैयारी करने लगी, तो मैंने उसका हाथ पकड़ कर उससे कहा, “मैं तुम से बहुत प्यार करता हूँ; मैं यहीं तुम्हारे पास हूँ। परन्तु क्या तुम जानती हो कि प्रभु यीशु तुम्हें मम्मी और डैडी से भी अधिक प्यार करते हैं? वह सदा तुम्हारे निकट रहते हैं; इसलिए जब भी कभी भयभीत हो, तो प्रार्थना में उन्हें बुला सकती हो।” मेरी बात सुनकर वह आश्वस्त और शान्त हो गई, और थोड़ी ही देर में आराम से सो गई।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बार-बार आश्वस्त करती है कि परमेश्वर सदा हमारे साथ बना रहता है (भजन 145:18; रोमियों 8:38-39; जेम्स 4:7-8), परन्तु कभी-कभी व्यावाहरिक जीवन में इसे स्वीकार करने में हम हिचकिचाते हैं। संभवतः इसीलिए पौलुस ने इफिसुस के मसीही विश्वासियों के लिए प्रार्थना की, कि उन्हें इस सत्य को समझने और मानने का उचित सामर्थ्य तथा बल मिले (इफिसियों 3:16)। पौलुस जानता था की हम जब भी भयभीत होते हैं, हम परमेश्वर के हमारे निकट होने के बोध को खो सकते हैं। परन्तु जिस प्रकार से उस रात को मैंने प्रेमपूर्वक अपनी बेटी के हाथ को थामे रखा, जब वह सोने लगी थी, उसी प्रकार से हमारा प्रभु परमेश्वर भी, बस एक प्रार्थना भर की दूरी पर, सदा हमारे निकट बना रहता है। - एडम होल्ज़

हमारे सभी भय के बावजूद, परमेश्वर सदा हमारे निकट बना रहता है।

जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है। - भजन 145:18

बाइबल पाठ: इफिसियों 3:14-19
Ephesians 3:14 मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं,
Ephesians 3:15 जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है।
Ephesians 3:16 कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्‍व में सामर्थ्य पाकर बलवन्‍त होते जाओ।
Ephesians 3:17 और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़ कर और नेव डाल कर।
Ephesians 3:18 सब पवित्र लोगों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है।
Ephesians 3:19 और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 1-3
  • मरकुस 3



गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020

धन्य



      जब डॉक्टर ऋषि मनचंदा किसी मरीज़ से उसके रहने के स्थान के बारे में पूछते हैं, तो वे उनके निवास स्थान के पते से भी कुछ अधिक को जानना चाहते हैं। उन्होंने अपने मरीजों में एक नमूना देखा है। जो उनके पास सहायता के लिए आते हैं वे अकसर तनावपूर्ण पर्यावरण में रहने वाले होते हैं। उस वातावरण के फफूँदी, कीड़े-मकौड़े, और विषैले तत्व उन्हें बीमार बना रहे होते हैं। इसलिए डॉक्टर ऋषि मनचंदा उन लोगों के प्रोत्साहन और कार्यवाही को सम्मिलित करते हैं जिन्हें वे अपस्ट्रीम डॉक्टर कहते हैं। यह वे लोग होते हैं जो त्वरित चिकित्सीय सहायता के साथ-साथ मरीजों और समुदायों को बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के तरीकों और स्त्रोतों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब प्रभु यीशु ने उन्हें चंगाई दी जो उनके पास आ रहे थे (मत्ती 4:23-24), तो साथ ही उसने उनकी दृष्टि उस शारीरिक और भौतिक देखभाल के आवश्यकता से ऊपर भी उठाई। अपने पहाड़ी उपदेश के द्वारा, उसने लोगों को चिकत्सीय चमत्कार से भी बढ़कर पाने का मार्ग दिया (मत्ती 5:1-12)। इस खंड में प्रभु यीशु ने सात बार मन और हृदय के उस रवैये के बारे में बात की जो आत्मिक स्वास्थ्य के द्वारा एक नया दृष्टिकोण और सुखद कल्याण भावना लाता है (पद 3-9)। साथ ही प्रभु ने उन्हें धन्य कहा जो निरंतर सताव सहते हुए भी प्रभु में अपना घर और सांत्वना पाते हैं (पद 10-12)।

      प्रभु यीशु के शब्द मुझे सोचने पर मजबूर करते हैं की मैं कहाँ रह रहा हूँ? क्या मैं अपनी शारीरिक चंगाई और भलाई से भी बढ़कर अपनी आत्मिक भलाई के बारे में सोचता हूँ और उस पाने का प्रयास करता हूँ? मैं अपने लिए कोई आश्चर्यकर्म तो चाहता हूँ किन्तु क्या मैं उस दीन, टूटे, भूखे, कृपालु, और मेल करवाने वाले शांतीप्रीय हृदय की लालसा रखता हूँ जिसे प्रभु यीशु ने धन्य कहा है? – मार्ट डीहॉन

जब प्रभु परमेश्वर हमारा गढ़ हो, तो वही हमारी आशा भी होता है।

तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। - यूहन्ना 15:4

बाइबल पाठ: मत्ती 4:23-5:12
Matthew 4:23 और यीशु सारे गलील में फिरता हुआ उन की सभाओं में उपदेश करता और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और लोगों की हर प्रकार की बीमारी और दुर्बलता को दूर करता रहा।
Matthew 4:24 और सारे सूरिया में उसका यश फैल गया; और लोग सब बीमारों को, जो नाना प्रकार की बीमारियों और दुखों में जकड़े हुए थे, और जिन में दुष्टात्माएं थीं और मिर्गी वालों और झोले के मारे हुओं को उसके पास लाए और उसने उन्हें चंगा किया।
Matthew 4:25 और गलील और दिकापुलिस और यरूशलेम और यहूदिया से और यरदन के पार से भीड़ की भीड़ उसके पीछे हो ली।
Matthew 5:1 वह इस भीड़ को देखकर, पहाड़ पर चढ़ गया; और जब बैठ गया तो उसके चेले उसके पास आए।
Matthew 5:2 और वह अपना मुंह खोल कर उन्हें यह उपदेश देने लगा,
Matthew 5:3 धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है।
Matthew 5:4 धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे।
Matthew 5:5 धन्य हैं वे, जो नम्र हैं, क्योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे।
Matthew 5:6 धन्य हैं वे जो धर्म के भूखे और प्यासे हैं, क्योंकि वे तृप्त किये जाएंगे।
Matthew 5:7 धन्य हैं वे, जो दयावन्‍त हैं, क्योंकि उन पर दया की जाएगी।
Matthew 5:8 धन्य हैं वे, जिन के मन शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।
Matthew 5:9 धन्य हैं वे, जो मेल करवाने वाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएंगे।
Matthew 5:10 धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है।
Matthew 5:11 धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें, और सताएं और झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें।
Matthew 5:12 आनन्‍दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 26-27
  • मरकुस 2



बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

उदार



      हम चर्च से लौट रहे थे, और हमारी छोटी बेटी गाड़ी की पिछली सीट पर बैठी बिस्कुट खा रही थी, जबकि हमारे अन्य बच्चे उससे आग्रह कर रहे थे कि वह अपने बिस्कुट उनके साथ भी बाँटे, जिसके लिए वह कतई राज़ी नहीं हो रही थी। मैंने उस से पूछा, “तुमने आज सन्डे स्कूल क्लास में क्या सीखा?” उसने बताया कि उन्होंने प्रभु यीशु द्वारा पांच रोटी और दो मछली द्वारा पांच हज़ार को खिलाए जाने की कहानी सीखी (यूहन्ना 6:1-13), और फिर रोटी और मछली रखने के लिए एक छोटी टोकरी भी बनाई।

      मैंने इस बात को उपयोग करके उसे उदार होना सिखाने के लिए अपनी बेटी से कहा, “उस छोटे लड़के ने जो यह कार्य किया क्या वह बहुत अच्छा नहीं था? वैसे ही क्यों न वह भी अपने बिस्कुट अपने भाई-बहिनों से बांटे?” तुरंत ही उसने उत्तर दिया, “नहीं मामा” और मेरे बहुत प्रोत्साहित करने के बाद भी वह अपने बिस्कुट बांटने को तैयार नहीं हुई। उसका तर्क था कि उसके पास इतने बिस्कुट हैं ही नहीं जो सबके लिए प्रयाप्त हो सकेंगे।

      औरों के साथ बाँटना कठिन होता है; जो हमारे पास है और हमें दिखाई दे रहा है उसे ही अपने लिए थामे रहना सहज होता है। हम भी मेरी बेटी और संसार के अधिकाँश लोगों के समान यही हिसाब लगाते हैं कि जो हमारे पास है वह सब के लायक पर्याप्त नहीं है, और इसलिए यदि हम उसे बाँट देंगे तो न हमारे पास प्रयाप्त रहेगा और न ही औरों को पर्याप्त मिलेगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस हमें स्मरण करवाता है कि हमारे पास जो कुछ भी है वह हमें परमेश्वर से ही मिला है, जो हमें और भी फलवन्त करना चाहता है, और चाहता है की हम उदार बनें (2 कुरिन्थियों 9:10-11)। स्वर्ग का गणित पृथ्वी के गणित से बहुत भिन्न है; स्वर्ग के गणित के अनुसार, बाँटने से बढ़ोतरी होती है, और देने से बहुतायत आती है। हम निःसंकोच होकर और आनन्द के साथ उदार होकर बाँट सकते हैं, क्योंकि परमेश्वर ने हमारी देखभाल का वायदा किया है, और जैसे हम औरों के प्रति उदार होंगे, वह भी हमारे प्रति उदार बनेगा। - लीसा सामरा

जब हम यह विश्वास करते हैं की परमेश्वर भला है, 
तो हमें उसकी भलाइयों को उदारता के साथ औरों के साथ बाँटना चाहिए।

परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है। - व्यवस्थाविवरण 8:18

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 9:10-15
2 Corinthians 9:10 सो जो बोने वाले को बीज, और भोजन के लिये रोटी देता है वह तुम्हें बीज देगा, और उसे फलवन्‍त करेगा; और तुम्हारे धर्म के फलों को बढ़ाएगा।
2 Corinthians 9:11 कि तुम हर बात में सब प्रकार की उदारता के लिये जो हमारे द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करवाती है, धनवान किए जाओ।
2 Corinthians 9:12 क्योंकि इस सेवा के पूरा करने से, न केवल पवित्र लोगों की घटियां पूरी होती हैं, परन्तु लोगों की ओर से परमेश्वर का बहुत धन्यवाद होता है।
2 Corinthians 9:13 क्योंकि इस सेवा से प्रमाण ले कर वे परमेश्वर की महिमा प्रगट करते हैं, कि तुम मसीह के सुसमाचार को मान कर उसके आधीन रहते हो, और उन की, और सब की सहायता करने में उदारता प्रगट करते रहते हो।
2 Corinthians 9:14 ओर वे तुम्हारे लिये प्रार्थना करते हैं; और इसलिये कि तुम पर परमेश्वर का बड़ा ही अनुग्रह है, तुम्हारी लालसा करते रहते हैं।
2 Corinthians 9:15 परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 25
  • मरकुस 1:23-45



मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020

विश्वासयोग्य



      प्रथम शताब्दी के समय की पृष्ठभूमी में लिखी गई फ्रंसिन रिवर्स की पुस्तक A Voice in the Wind की नायिका, हद्दस्साह, एक गुलाम यहूदी युवती है, जो एक रोमी परिवार में सेविका है, तथा प्रभु यीशु मसीह में विश्वास भी करती है। अपने मसीही विश्वास के कारण उसे भय बना रहता है की उसे सताव का सामना करना पड़ सकता है। उस समय में मसीही विश्वासियों को बहुत तुच्छ समझा जाता था और उन्हें बहुत सताव तथा उत्पीड़न का सामना करना पड़ता था। बहुतेरों को या तो सूली पर चढ़ाकर मार दिया जाता था, या उन्हें अखाड़ों में भूखे शेरों के साम्हने फेंक दिया जाता था। हद्दस्साह को चिंता रहती थी कि यदि वह परखी गई, तो क्या वह सत्य और अपने मसीही विश्वास के लिए दृढ़ खड़ी रहने पाएगी?

      एक दिन उसका यह भय यथार्त में उसके सामने खड़ा हो जाता है, उसकी स्वामिनी और अन्य रोमी अधिकारी, जो मसीहियों से घृणा करते थे, उससे उसके मसीही विश्वास के विषय पूछते हैं। उसके पास दो विकल्प थे, या तो वह प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास से इनकार करे और प्रभु के विरुद्ध बोले, अथवा अखाड़े में फेंके जाने के लिए तैयार हो जाए। उस स्थिति में वह प्रभु यीशु मसीह पर अपना विश्वास व्यक्त करती है, और ऐसा करते हुए उसका भय जाता रहता है, और वह मृत्यु के मुंह में भी प्रभु के लिए दृढ़ खड़ी रहती है।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें स्मरण दिलाती है कि कभी-कभी हमें सत्य का साथ देने के लिए सताव भी झेलना पड़ेगा। यह प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा उद्धार और पापों की क्षमा के सुसमाचार का प्रचार करने के लिए हो सकता है, या फिर वर्तमान प्रचालन के विपरीत, परमेश्वर के भय में सच्चाई और खराई का जीवन जीने का प्रयास करने के लिए हो सकता है। साथ ही बाइबल हमें यह भी कहती है कि ऐसे में हम भयभीत न हों (1 पतरस 3:14), वरन अपने मनों में “मसीह को प्रभु जान कर पवित्र समझें” (पद 15)। हद्दस्साह का मुख्य युद्ध उसके मन में हुआ था; और जब एक बार उसने मन में यीशु मसीह को अपना प्रभु मानना ठान लिया, तो उसे प्रभु के प्रति विश्वासयोग्य बने रहने का साहस भी मिल गया।

      हम जब मसीह यीशु को अपने जीवनों से आदर देने की ठान लेते हैं, तो प्रभु यीशु हमें हमारे विरुद्ध उठने वाले प्रतिरोध का सामना करने और प्रभु के प्रति विश्वासयोग्य होने की सामर्थ्य भी प्रदान करता है। - कीला ओकोआ

विश्वास में दृढ़ तथा प्रभु के विश्वासयोग्य गवाह बनें।

सो जब कि मसीह ने शरीर में हो कर दुख उठाया तो तुम भी उस ही मनसा को धारण कर के हथियार बान्‍ध लो क्योंकि जिसने शरीर में दुख उठाया, वह पाप से छूट गया। - 1 पतरस 4:1

बाइबल पाठ: 1 पतरस 3:13-18
1 Peter 3:13 और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है?
1 Peter 3:14 और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
1 Peter 3:15 पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
1 Peter 3:16 और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में तुम्हारी बदनामी होती है उनके विषय में वे, जो तुम्हारे मसीही अच्‍छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्ज़ित हों।
1 Peter 3:17 क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।
1 Peter 3:18 इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 23-24
  • मरकुस 1:1-22