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सोमवार, 23 मार्च 2020

दोहरा आश्वासन



      कई वर्ष पहले पता चले कैंसर का सामना करते-करते, और अनेकों ऑपरेशनों तथा उपचारों को लेने के कारण, रूथ अब पहले के समान नहीं रह गई है, वह अपने पहले स्वरूप की परछाईं मात्र रह गयी है। वह ठीक से खा, पी, या निगल नहीं सकती है। उसका शारीरक बल क्षीण हो गया है। किन्तु रूथ अभी भी परमेश्वर की स्तुति और आराधना कर सकती है; उसका विश्वास दृढ़ है, और उसमें जो आनन्द है वह औरों को भी प्रभावित करता है। वह प्रति दिन परमेश्वर पर निर्भर रहती है, और इस आशा को थामे रहती है कि एक दिन वह पूर्णतः चंगी हो जाएगी। वह अपने चंगे होने की प्रार्थना करते है और वह पूर्णतः आश्वस्त है कि परमेश्वर कभी-न-कभी उसकी प्रार्थना का उत्तर अवश्य ही देगा।  कैसा अद्भुत विश्वास!

      रूथ ने बताया कि वह क्या है जो उसके विश्वास को दृढ़ बनाए रखता है – उसका आश्वस्त होना कि परमेश्वर अपने समय में अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करेगा, और ऐसा होने तक उसे संभाले भी रहेगा। यह वही आशा है जो परमेश्वर के वचन बाइबल में हम परमेश्वर के लोगों में देखते हैं, जब वे लोग परमेश्वर द्वारा उसकी योजनाओं के पूरा किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे थे (यशायाह 25:1), कि वह उन्हें उनके शत्रुओं से छुड़ाएगा (पद 2), उनके आँसू पोंछ देगा, उनकी नामधराई को दूर करेगा, और मृत्यु का सदा के लिए नाश करेगा (पद 8)।

      ऐसा होने तक, परमेश्वर ने अपने लोगों को, उनकी प्रतीक्षा के समय में, शरण और आश्रय प्रदान किया (पद 4)। उनकी कठिनाईयों में उन्हें दिलासा दी, और उन्हें आश्वासन दिया की वह उनके साथ बना हुआ है। यही वह दोहरा आश्वासन है जो हम मसीही विश्वासियों के पास है – एक दिन हम छुड़ाए जाएंगे, और तब तक हमें परमेश्वर की शान्ति, सामर्थ्य, और आश्रय निरंतर मिलता रहेगा। - लेस्ली कोह

परमेश्वर की विश्वासयोग्यता पर भरोसा रखने से हमारे भय दूर हो जाते हैं।

हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूं कि खोल कर उनकी चर्चा करूं, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती। - भजन 40:5

बाइबल पाठ: यशायाह 25:1-9
यशायाह 25:1 हे यहोवा, तू मेरा परमेश्वर है; मैं तुझे सराहूंगा, मैं तेरे नाम का धन्यवाद करूंगा; क्योंकि तू ने आश्चर्यकर्म किए हैं, तू ने प्राचीनकाल से पूरी सच्चाई के साथ युक्तियां की हैं।
यशायाह 25:2 तू ने नगर को ढेर बना डाला, और उस गढ़ वाले नगर को खण्डहर कर डाला है; तू ने परदेशियों की राजपुरी को ऐसा उजाड़ा कि वह नगर नहीं रहा; वह फिर कभी बसाया न जाएगा।
यशायाह 25:3 इस कारण बलवन्त राज्य के लोग तेरी महिमा करेंगे; भयंकर अन्यजातियों के नगरों में तेरा भय माना जाएगा।
यशायाह 25:4 क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका भीत पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ।
यशायाह 25:5 जैसे निर्जल देश में बादल की छाया से तपन ठण्डी होती है वैसे ही तू परदेशियों का कोलाहल और क्रूर लोगों को जयजयकार बन्द करता है।
यशायाह 25:6 सेनाओं का यहोवा इसी पर्वत पर सब देशों के लोगों के लिये ऐसी जेवनार करेगा जिस में भांति भांति का चिकना भोजन और निथरा हुआ दाखमधु होगा; उत्तम से उत्तम चिकना भोजन और बहुत ही निथरा हुआ दाखमधु होगा।
यशायाह 25:7 और जो पर्दा सब देशों के लोगों पर पड़ा है, जो घूंघट सब अन्यजातियों पर लटका हुआ है, उसे वह इसी पर्वत पर नाश करेगा।
यशायाह 25:8 वह मृत्यु को सदा के लिये नाश करेगा, और प्रभु यहोवा सभों के मुख पर से आंसू पोंछ डालेगा, और अपनी प्रजा की नामधराई सारी पृथ्वी पर से दूर करेगा; क्योंकि यहोवा ने ऐसा कहा है।
यशायाह 25:9 और उस समय यह कहा जाएगा, देखो, हमारा परमेश्वर यही है; हम इसी की बाट जोहते आए हैं, कि वह हमारा उद्धार करे। यहोवा यही है; हम उसकी बाट जोहते आए हैं। हम उस से उद्धार पाकर मगन और आनन्दित होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 13-15
  • लूका 1:57-80



रविवार, 22 मार्च 2020

विरासत



      मेरे फोन पर संदेश प्राप्त होने का संकेत बजा; मेरी बेटी को मेरी दादी द्वारा बनाए जाने वाले पेपरमिंट आईसक्रीम पाई बनाने की विधि चाहिए थी। मैंने उसे ढूँढ़ने के लिए विभिन भोजन वस्तुओं को बनाने के लिखित पारिवारिक नुस्खों के डब्बे को निकाला और उस नुस्खे को ढूँढने लगी। मुझे उस नुस्खे के कागज़ पर अपनी दादी की विशिष्ट लिखाई तुरंत पहचान में आ गई और उसके साथ ही मेरी माँ के द्वारा उनकी अपनी विशिष्ट लिखाई में लिखे गए कुछ नोट्स भी थे। मुझे आभास हुआ कि मेरी बेटी के इस अनुरोध के साथ, पेपरमिंट आईसक्रीम पाई बनाने का वह नुस्खा हमारे परिवार की चौथी पीढ़ी में प्रवेश करेगा।

      साथ ही मैं यह भी सोचने लगी, परिवार की ऐसी और क्या बातें हैं जिन्हें विरासत में एक से दूसरी पीढ़ी को दिया जाना चाहिए? हमारे मसीही विश्वास से संबंधित विकल्पों और चुनाव की बातों को बताना क्या हमारा दायित्व नहीं है? उस मिठाई के अतिरिक्त, क्या मेरी दादी, और मेरा अपने मसीही विश्वास की बातें मेरी बेटी और उसकी संतानों के जीवनों में स्थान पाएंगे?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, भजन 79 में, भजनकार पथ-भ्रष्ट इस्राएल को लेकर दुखी होता है क्योंकि वे अपने विश्वास से भटक गए थे, इधर-उधर बहकने लगे थे। भजनकार परमेश्वर से विनती करता है कि वह अपने लोगों की अन्यजाति लोगों से रक्षा करे और यरूशलेम की सुरक्षा को पुनः लौटा कर दे। ऐसा होने के बाद, वह परमेश्वर के मार्गों पर लौट आने और उन पर बने रहने के प्रतिबद्धता होने की प्रतिज्ञा करता है, “तब हम जो तेरी प्रजा और तेरी चराई की भेड़ें हैं, तेरा धन्यवाद सदा करते रहेंगे; और पीढ़ी से पीढ़ी तक तेरा गुणानुवाद करते रहेंगें” (पद 13)।

      मैंने बड़ी खुशी के साथ अपनी दादी का वह नुस्खा अपने बेटी के साथ साझा किया, यह जानते हुए कि मेरी दादी की यह मीठी विरासत हमारे परिवार की एक और पीढ़ी को आनन्द प्रदान करेगी। साथ ही मैंने बड़ी लगन से यह प्रार्थना भी की, कि हमारे परिवार की सबसे महत्वपूर्ण विरासत, हमारा मसीही विश्वास में रहना, भी हमारे परिवार में हर पीढ़ी में बनी रहे। - एलिसा मॉर्गन

अपने विश्वास को जी कर दिखाना और उसे बाँटना, 
विरासत कायम रखने की सर्वोत्तम विधि है।

मैं ऐसा करूंगा, कि तेरी नाम की चर्चा पीढ़ी से पीढ़ी तक होती रहेगी; इस कारण देश देश के लोग सदा सर्वदा तेरा धन्यवाद करते रहेंगे। - भजन 45:17

बाइबल पाठ: भजन 79:8-13
भजन संहिता 79:8 हमारी हानि के लिये हमारे पुरखाओं के अधर्म के कामों को स्मरण न कर; तेरी दया हम पर शीघ्र हो, क्योंकि हम बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं।
भजन संहिता 79:9 हे हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, अपने नाम की महिमा के निमित हमारी सहायता कर; और अपने नाम के निमित हम को छुड़ा कर हमारे पापों को ढांप दे।
भजन संहिता 79:10 अनयजातियां क्यों कहने पाएं कि उनका परमेश्वर कहां रहा? अन्यजातियों के बीच तेरे दासों के खून का पलटा लेना हमारे देखते उन्हें मालूम हो जाए।
भजन संहिता 79:11 बन्धुओं का कराहना तेरे कान तक पहुंचे; घात होने वालों को अपने भुजबल के द्वारा बचा।
भजन संहिता 79:12 और हे प्रभु, हमारे पड़ोसियों ने जो तेरी निन्दा की है, उसका सातगुणा बदला उन को दे!
भजन संहिता 79:13 तब हम जो तेरी प्रजा और तेरी चराई की भेड़ें हैं, तेरा धन्यवाद सदा करते रहेंगे; और पीढ़ी से पीढ़ी तक तेरा गुणानुवाद करते रहेंगें।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 10-12
  • लूका 1:39-56



शनिवार, 21 मार्च 2020

ढाढ़स



      एक अत्याधिक ठंडी शरद ऋतु के समय में, मैं मिशिगन झील के किनारे गई, और उसका पानी जम चुका था। झील के किनारे गर्म कपड़ों में लिपटे हुए बैठकर धूप का आनंद लेना मुझे अच्छा लगता है, वहां से दृश्य बहुत सुन्दर था। झील का पानी लहरों के उठते हुए जम गया था, जिससे एक अद्भुत बर्फीली कलाकृति बन गई थी।

      क्योंकि किनारे के पास झील का पानी जम कर बहुत ठोस हो चुका था, मुझे अवसर मिला कि मैं ‘पानी’ पर चल सकूँ! यह जानते हुए भी कि बर्फ इतनी मोटी और ठोस थी कि मेरा भार उठा सके, मैंने अपने पहले कुछ कदम सावधानी-पूर्वक उठाए। मुझे भय था की बर्फ शायद मेरा भार न उठाने पाए। मैं जब सावधानी के साथ उस अनजाने धरातल का निरीक्षण कर रही थी, तो मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा पतरस को गालील की झील के पानी पर चलने के लिए कहने की बात स्मरण हो आई।

      जब शिष्यों ने प्रभु को पानी पर चलते हुए देखा, तो उनकी प्रतिक्रया भी भय की ही थी। परन्तु, “यीशु ने तुरन्त उन से बातें की, और कहा; ढाढ़स बान्‍धो; मैं हूं; डरो मत” (मत्ती 14:27)। और पतरस ने अपने भय को काबू किया तथा प्रभु से आश्वासन पाकर नाव से निकलकर पानी पर आ गया क्योंकि वह जानता था कि प्रभु वहां उसके पास है। परन्तु जब उसके साहसी कदम लहरों और तेज़ हवाओं को देखकर लड़खड़ाए, तो पतरस ने तुरंत प्रभु को पुकारा। प्रभु वहीं उसी के पास था, और उसने हाथ बढ़ाकर पतरस को थाम लिया।

      यदि आज आप किसी ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं जहां आपको लगता है की प्रभु आपको कुछ ऐसा करने के लिए कह रहा है जो पानी पर चलने के समान असंभव प्रतीत होता है, तो ढाढ़स बनाए रखें। जिसने आपको बुलाया है, वह आपके साथ ही बना भी रहेगा। - लीसा सैमरा

हम जब भी परमेश्वर को पुकारते हैं, वह हमारी सुनता है।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: मत्ती 14:25-33
मत्ती 14:25 और वह रात के चौथे पहर झील पर चलते हुए उन के पास आया।
मत्ती 14:26 चेले उसको झील पर चलते हुए देखकर घबरा गए! और कहने लगे, वह भूत है; और डर के मारे चिल्ला उठे।
मत्ती 14:27 यीशु ने तुरन्त उन से बातें की, और कहा; ढाढ़स बान्‍धो; मैं हूं; डरो मत।
मत्ती 14:28 पतरस ने उसको उत्तर दिया, हे प्रभु, यदि तू ही है, तो मुझे अपने पास पानी पर चलकर आने की आज्ञा दे।
मत्ती 14:29 उसने कहा, आ; तब पतरस नाव पर से उतरकर यीशु के पास जाने को पानी पर चलने लगा।
मत्ती 14:30 पर हवा को देखकर डर गया, और जब डूबने लगा, तो चिल्लाकर कहा; हे प्रभु, मुझे बचा।
मत्ती 14:31 यीशु ने तुरन्त हाथ बढ़ाकर उसे थाम लिया, और उस से कहा, हे अल्प-विश्वासी, तू ने क्यों सन्‍देह किया?
मत्ती 14:32 जब वे नाव पर चढ़ गए, तो हवा थम गई।
मत्ती 14:33 इस पर जो नाव पर थे, उन्होंने उसे दण्‍डवत कर के कहा; सचमुच तू परमेश्वर का पुत्र है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 7-9
  • लूका 1:21-38



शुक्रवार, 20 मार्च 2020

धन्यवादी



      हमारे विवाह के दिन, मैंने और मेरी पत्नी ने खुशी-खुशी शपथ ली कि हम एक दूसरे के प्रति विश्वासयोग्य बने रहेंगे, “अच्छे समय में और बुरे में भी, स्वास्थ्य में और अस्वस्थ होने की दशा में भी, अमीरी में और गरीबी में भी।” यह विचित्र लग सकता है कि बुरे समय, अस्वस्थतता, और निर्धनता के उदास समयों को भी विवाह के आनन्द के समय में शपथ में सम्मिलित किया गया है। परन्तु यह इस बात का ध्यान करवाता है कि जीवन में “बुरे” समय भी आते हैं।

      जब हमें जीवन की अवश्यंभावी कठिनाइयों का सामना करना पड़े, तो हमें क्या करना चाहिए? परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस प्रेरित हम से मसीह की ओर से आग्रह करता है कि, “हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है” (1 थिस्स्लुनीकियों 5:18)। यह करना चाहे कितना भी कठिन प्रतीत हो, परमेश्वर द्वारा हमें धन्यवादी तथा कृतज्ञ बने रहने के लिए कहने के पीछे ठोस कारण हैं। कृतज्ञ होना इस सत्य पर आधारित है कि हमारा प्रभु भला है, और उसकी करुणा सदा की है (भजन 118:1)। वह कठिनाइयों में भी हमारे साथ बना रहता है और हमें बल देता है (इब्रानियों 13:5, 6), और वह हमारे क्लेषों का भी सप्रेम उपयोग करता है कि हमारा चरित्र उसी के समान बनता चला जाए (रोमियों 5:3-4)।

      जब जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में डाले, तो प्रभु परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ और धन्यवादी होना हमारे ध्यान को परमेश्वर की ओर केन्द्रित करता है और हमें सामर्थ्य देता है कि हम अपने संघर्षों में से होकर पार निकल सकें। भजनकार के साथ हम भी गा सकते हैं, “यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा बनी रहेगी” (भजन 118:29)।

धन्यवादी होना एक सद्गुण है, जो अभ्यास के साथ बढ़ता जाता है।

केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। और धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। - रोमियों 5:3-4

बाइबल पाठ: 1 थिस्स्लुनीकियों 5:1-14, 26-29
भजन संहिता 118:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा की है!
भजन संहिता 118:2 इस्राएल कहे, उसकी करूणा सदा की है।
भजन संहिता 118:3 हारून का घराना कहे, उसकी करूणा सदा की है।
भजन संहिता 118:4 यहोवा के डरवैये कहें, उसकी करूणा सदा की है।
भजन संहिता 118:5 मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुन कर, मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया।
भजन संहिता 118:6 यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?
भजन संहिता 118:7 यहोवा मेरी ओर मेरे सहायकों में है; मैं अपने बैरियों पर दृष्टि कर सन्तुष्ट हूंगा।
भजन संहिता 118:8 यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है।
भजन संहिता 118:9 यहोवा की शरण लेनी, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।
भजन संहिता 118:10 सब जातियों ने मुझ को घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा!
भजन संहिता 118:11 उन्होंने मुझ को घेर लिया है, नि:सन्देह घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा!
भजन संहिता 118:12 उन्होंने मुझे मधुमक्खियों के समान घेर लिया है, परन्तु कांटों की आग के समान वे बुझ गए; यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा!
भजन संहिता 118:13 तू ने मुझे बड़ा धक्का दिया तो था, कि मैं गिर पडूं परन्तु यहोवा ने मेरी सहायता की।
भजन संहिता 118:14 परमेश्वर मेरा बल और भजन का विषय है; वह मेरा उद्धार ठहरा है।
भजन संहिता 118:26 धन्य है वह जो यहोवा के नाम से आता है! हम ने तुम को यहोवा के घर से आशीर्वाद दिया है।
भजन संहिता 118:27 यहोवा ईश्वर है, और उसने हम को प्रकाश दिया है। यज्ञ पशु को वेदी के सींगों से रस्सियों बान्धो!
भजन संहिता 118:28 हे यहोवा, तू मेरा ईश्वर है, मैं तेरा धन्यवाद करूंगा; तू मेरा परमेश्वर है, मैं तुझ को सराहूंगा।
भजन संहिता 118:29 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा बनी रहेगी!

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 4-6
  • लूका 1:1-20



गुरुवार, 19 मार्च 2020

समय



      संसार के उत्तरी गोलार्ध में आज बसंत ऋतु का पहला दिन है, और दक्षिणी गोलार्ध में यह पतझड़ का पहला दिन है। आज के दिन सूर्य भूमध्य रेखा पर सीधा चमकता है और सारे संसार में दिन और रात लगभग समान समय के होते हैं। बहुत से लोगों के लिए नए मौसम महत्वपूर्ण होते हैं। वे मौसम बदलने के दिन गिनते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि नया समय कुछ नया और अच्छा लेकर आएगा। हो सकता है कि, यदि आप उत्तरी गोलार्ध में हैं तो शरद ऋतु की समाप्ति और बसंत तथा ग्रीष्म ऋतु के आगमन की प्रतीक्षा में हों; या यदि दक्षिणी गोलार्ध में हैं, तो ग्रीष्म ऋतु के अंत और पतझड़ तथा शरद ऋतु के आगमन की प्रतीक्षा में हों।

      इसी प्रकार से हमारे जीवनों के समय भी बदलते रहते हैं, और इन परिवर्तनों का मौसम के साथ कोई लेना-देना नहीं होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में सभोपदेशक पुस्तक का लेखक हमें बताता है कि आकाश के नीचे प्रत्येक कार्य के लिए एक समय निर्धारित है – परमेश्वर के द्वारा निर्धारित समय, जिसमें हम अपना जीवन काल व्यतीत करते हैं (3:1-11)।

      मूसा ने अपने जीवन के नए समय के बारे में कहा, जब वह इस्राएलियों को जंगल से कनान तक लेकर आया, और अब उसे उनका नेतृत्व यहोशू को सौंपना था (व्यवस्थाविवरण 31:2)। पौलुस को रोम में घर में बंदी बना कर रखे जाने के समय अकेलेपन के समय का सामना करना पड़ा – उसने मिलने वालों के आने के लिए प्रार्थना की, साथ ही यह भी पहचाना कि परमेश्वर उसके साथ बना हुआ था (2 तीमुथियुस 4:17)।

      हमारे जीवनों में समय कुछ भी चल रहा हो, हमें सदा परमेश्वर के धन्यवादी रहना चाहिए, उसकी महानता, सहायता, और संगति के सदा हमारे साथ बने रहने लिए। - डेव ब्रैनन

हर समय परमेश्वर में आनंदित रहने का समय है।

प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो। - फिलिप्पियों 4:4

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:1-11
सभोपदेशक 3:1 हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।
सभोपदेशक 3:2 जन्म का समय, और मरण का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:3 घात करने का समय, और चंगा करने का भी समय; ढा देने का समय, और बनाने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:4 रोने का समय, और हंसने का भी समय; छाती पीटने का समय, और नाचने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:5 पत्थर फेंकने का समय, और पत्थर बटोरने का भी समय; गले लगाने का समय, और गले लगाने से रुकने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:6 ढूंढ़ने का समय, और खो देने का भी समय; बचा रखने का समय, और फेंक देने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:7 फाड़ने का समय, और सीने का भी समय; चुप रहने का समय, और बोलने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:8 प्रेम का समय, और बैर करने का भी समय; लड़ाई का समय, और मेल का भी समय है।
सभोपदेशक 3:9 काम करने वाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?
सभोपदेशक 3:10 मैं ने उस दु:ख भरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।
सभोपदेशक 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 1-3
  • मरकुस 16



बुधवार, 18 मार्च 2020

वचन



      द्वितीय विश्व-युद्ध के समय, घर से दूर, अमेरिकी सेना में प्रशिक्षण के लिए भरती हुए कुछ रंगरूटों ने अपनी चुनौतियों का सामना करने के लिए मज़ाक और पत्राचार का सहारा लिया। एक नौजवान ने, अपने एक पत्र में, उन्हें बिमारियों से बचने के टीके लगाए जाने की प्रक्रिया को हास्यास्पद रीति से बढ़ा-चढ़ा कर बताया, उसने लिखा, “दो चिकित्सा अधिकारी हमारे पीछे भाले लेकर भागे। उन्होंने हमें पकड़ कर जबरन ज़मीन पर लेटा दिया, और हमारी दोनों बाहों में एक-एक भाला चुभो दिया।”

      परन्तु एक रंगरूट को समझ में आने लगा कि मज़ाक करने के द्वारा वे कुछ सीमा तक ही शान्ति पा सकेंगे। फिर किसी ने उसे परमेश्वर के वचन बाइबल की एक प्रति पढ़ने के लिए दी। कुछ समय बाद उसने पत्र में लिखा, “मैं उसे प्रतिदिन पढ़ता हूँ और मुझे बहुत अच्छा लगता है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि बाइबल से इतना कुछ सीखा जा सकता है।”

      कई सदियों पहले जब दास बनाकर बेबीलोन को निर्वासित किए गए यहूदी दासत्व से छूट कर लौट कर अपने देश में आए, तो उन्होंने पाया कि उनकी समस्याएँ भी उन के साथ ही आईं हैं। जब वे यरूशलेम की शहरपनाह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे तो उन्हें शत्रुओं, भुखमरी, और स्वयं के पापों का सामना करना पड़ा। अपनी इन कठिनाइयों और समस्याओं के मध्य, वे परमेश्वर के वचन की ओर मुड़े। जब याजकों ने उन्हें परमेश्वर की व्यवस्था से पढ़कर सुनाना आरंभ किया, तो उसे सुन कर जो उन्होंने सीखा, उस वचन ने उनके मन और जीवन में जो कार्य किया, उस से वे चकित हो गए; परमेश्वर के वचन की बातों के प्रभाव से वे रोने लगे (नहेम्याह 8:9)। साथ ही, वचन के द्वारा उन्हें शान्ति भी मिली, और उनके अधिपति नहेम्याह ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा, “...उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है” (पद 10)।

      हमें परमेश्वर के वचन को सुनने के लिए किसी समस्या या विकट परिस्थितियों में पड़ने की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। बाइबल में होकर हम परमेश्वर के चरित्र, उसकी क्षमा, और उसकी शान्ति के बारे में जान सकते हैं। जब हम उसके वचन के साथ समय बिताना आरंभ करेंगे, तो परमेश्वर का पवित्र आत्मा जो हमें वचन में से सिखाएगा, वह हमें दंग कर देगा। - टिम गुस्ताफसन

बाइबल हमें दिखाती है कि हम वास्तविकता में क्या हैं; 
और यह भी दिखाती है कि परमेश्वर हम से कितना प्रेम करता है।

परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा। मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:26-27

बाइबल पाठ: नहेम्याह 8: 5-12
नहेम्याह 8:5 तब एज्रा ने जो सब लोगों से ऊंचे पर था, सभों के देखते उस पुस्तक को खोल दिया; और जब उसने उसको खोला, तब सब लोग उठ खड़े हुए।
नहेम्याह 8:6 तब एज्रा ने महान परमेश्वर यहोवा को धन्य कहा; और सब लोगों ने अपने अपने हाथ उठा कर आमेन, आमेन, कहा; और सिर झुका कर अपना अपना माथा भूमि पर टेक कर यहोवा को दण्डवत किया।
नहेम्याह 8:7 और येशू, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्कूब, शब्बतै, होदिय्याह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह नाम लेवीय, लोगों को व्यवस्था समझाते गए, और लोग अपने अपने स्थान पर खड़े रहे।
नहेम्याह 8:8 और उन्होंने परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक से पढ़कर अर्थ समझा दिया; और लोगों ने पाठ को समझ लिया।
नहेम्याह 8:9 तब नहेम्याह जो अधिपति था, और एज्रा जो याजक और शास्त्री था, और जो लेवीय लोगों को समझा रहे थे, उन्होंने सब लोगों से कहा, आज का दिन तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के लिये पवित्र है; इसलिये विलाप न करो और न रोओ। क्योंकि सब लोग व्यवस्था के वचन सुनकर रोते रहे।
नहेम्याह 8:10 फिर उसने उन से कहा, कि जा कर चिकना चिकना भोजन करो और मीठा मीठा रस पियो, और जिनके लिये कुछ तैयार नहीं हुआ उनके पास बैना भेजो; क्योंकि आज का दिन हमारे प्रभु के लिये पवित्र है; और उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है।
नहेम्याह 8:11 यों लेवियों ने सब लोगों को यह कहकर चुप करा दिया, कि चुप रहो क्योंकि आज का दिन पवित्र है; और उदास मत रहो।
नहेम्याह 8:12 तब सब लोग खाने, पीने, बैना भेजने और बड़ा आनन्द मनाने को चले गए, क्योंकि जो वचन उन को समझाए गए थे, उन्हें वे समझ गए थे।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47



मंगलवार, 17 मार्च 2020

करुणा



      वह युवक वायुयान के उड़ान भरने से पहले अपनी सीट पर बैठकर भी बेचैन था। उसकी आँखें वायुयान की एक से दूसरी खिड़की को जा रही थीं; फिर उसने अपनी आँखें बंद कर के लम्बी सांस लेकर शांत होना चाहा किन्तु इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ा। जब वायुयान उड़ान भरने लगा तो वह अपनी सीट पर धीरे-धीरे आगे-पीछे हिलने लगा। उसके निकट बैठी एक वृद्ध महिला ने अपना हाथ बढ़ाकर उसकी बांह को थामा और हल्की आवाज़ में फुसफुसा कर उससे वार्तालाप करने लगी जिससे उसका ध्यान उसके तनाव से हट जाए। उस महिला ने उस से उस का नाम, स्थान, गंतव्य, काम आदि के बारे में पूछा, और उसे सांत्वना देते हुए कहा, सब ठीक है और ठीक रहेगा भी। वह महिला उससे खिसिया भी सकती थी, या उसकी अनदेखी भी कर सकती थी। परन्तु उसने उस युवक को छूना, और उससे कुछ बात करना चुना, जो होने को तो छोटी बातें तो थीं, किन्तु उस युवक के लिए बहुत महत्वपूर्ण थीं। तीन घंटे बाद जब उनकी उड़ान पूरी हुई, तो युवक ने उस महिला का, उसकी सहायता के लिए, बहुत धन्यवाद किया।

      करुणा और कोमलता के ऐसे उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं। हम में से बहुतेरों के लिए करुणामय तथा औरों का सहायक होना स्वाभाविक नहीं होता है। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा, “और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो” (इफिसियों 4:32)। पौलुस यह नहीं कह रहा था कि ऐसा करना पूर्णतः हम पर ही निर्भर करता है। मसीह यीशु पर विश्वास कर के, उसे अपना उद्धारकर्ता ग्रहण कर लेने के पश्चात, हमें मसीही विश्वास का एक नया जन्म प्राप्त होता है, और परमेश्वर का आत्मा हम में परिवर्तन लाना आरम्भ कर देता है। कृपालु और करुणामय होना पवित्र आत्मा द्वारा हमारे जीवनों में किए जा रहे परिवर्तन के कार्य का परिणाम है जिससे हमारे विचारों और व्यवहारों का नवीनीकरण होता जाता है (पद 23)।

      करुणा का परमेश्वर हमारे हृदयों में कार्यरत है, और हमें प्रोत्साहित करता है कि हम औरों के जीवनों में प्रोत्साहन तथा करुणा के व्यवहार के द्वारा उन्हें प्रब्भु यीशु की और आकर्षित करें। - ऐनी सेटास

करुणा का अर्थ है औरों के दुखों को समझना तथा उनकी सहायता के लिए आगे बढ़ना।

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:3-4

बाइबल पाठ: इफिसियों 4: 20-32
इफिसियों 4:20 पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई।
इफिसियों 4:21 वरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु में सत्य है, उसी में सिखाए भी गए।
इफिसियों 4:22 कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो।
इफिसियों 4:23 और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ।
इफिसियों 4:24 और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।
इफिसियों 4:25 इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
इफिसियों 4:26 क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे।
इफिसियों 4:27 और न शैतान को अवसर दो।
इफिसियों 4:28 चोरी करनेवाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो।
इफिसियों 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो।
इफिसियों 4:30 और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।
इफिसियों 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए।
इफिसियों 4:32 और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 30-31
  • मरकुस 15:1-25