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रविवार, 12 जुलाई 2020

लंगर


     क्या आप चिंता करने वाले हैं? मैं तो हूँ। मैं लगभग प्रतिदिन चिंता के साथ संघर्ष करता हूँ। मैं छोटी-छोटी बातों के लिए भी चिंता करता हूँ। कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे मैं हर बात के लिए चिंता करता हूँ। एक बार, अपनी किशोरावस्था में, मैंने पुलिस को बुला लिया जब मेरे माता-पिता को घर लौटने में चार घंटे का विलंब हुआ।

     पवित्र शास्त्र हमें बारंबार स्मरण दिलाता है कि हम भयभीत न हों। परमेश्वर की भलाई और सामर्थ्य के कारण, क्योंकि उसने हमारे उद्धार के लिए बलिदान होने को प्रभु यीशु मसीह को भेजा, और क्योंकि उसने हमारे मार्गदर्शन के लिए अपने पवित्र आत्मा को हमें दिया है, इसलिए हमें हमारे भय को हमारे जीवनों पर राज्य नहीं करने देना चाहिए। बहुत संभव है कि हमें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़े, परन्तु परमेश्वर ने प्रतिज्ञा की है कि वह सभी परिस्थितियों में हमारे साथ रहेगा।

     एक खण्ड जिसने भयपूर्ण समयों में मेरी बहुत सहायता की है, यशायाह 51:12-16 है। यहाँ, परमेश्वर ने अपने लोगों को, जिन्होंने बहुत सताव को झेला था, स्मरण करवाया, कि वह हमेशा उनके साथ है, और उनके साथ सदा बनी रहने वाली उसकी शान्तिदायक उपस्थिति ही वास्तविक अंतिम सच्चाई है। परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी खराब क्यों न लगें, परमेश्वर ने अपने लोगों को यशायाह में होकर कहा, “मैं, मैं ही तेरा शांतिदाता हूँ” (पद 12)।

     मुझे यह प्रतिज्ञा बहुत पसंद है। ये शब्द मेरी आत्मा के लिए भावनाओं को स्थिर करने वाले लंगर के समान हैं। मैंने बारंबार इन शब्दों को थामा है, जब भी जीवन अभिभूत करने वाला प्रतीत हुआ है; जब भी मेरे अपने भय ने (पद 13) मुझे अभिभूत किया है। इस खण्ड के द्वारा परमेश्वर हमें स्मरण दिलाता है कि हम अपने भय पर से आँख उठा कर विश्वास तथा निर्भरता के साथ उसकी ओर देखें, वह जो आकाश का ताननेवाला है, जो हमें शान्ति देने का वायदा करता है, जो हमारे जीवन का स्थिर लंगर है। - एडम होल्ज़

 

परमेश्वर की शान्तिदायक उपस्थिति हमारे सभी भय से अधिक प्रबल है।


और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ्य मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्‍दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्‍त होता हूं। - 2 कुरिन्थियों 12:9-10

बाइबल पाठ: यशायाह 51:12-16

यशायाह 51:12 मैं, मैं ही तेरा शान्तिदाता हूं; तू कौन है जो मरने वाले मनुष्य से, और घास के समान मुर्झाने वाले आदमी से डरता है,

यशायाह 51:13 और आकाश के तानने वाले और पृथ्वी की नेव डालने वाले अपने कर्ता यहोवा को भूल गया है, और जब द्रोही नाश करने को तैयार होता है तब उसकी जलजलाहट से दिन भर लगातार थरथराता है? परन्तु द्रोही की जलजलाहट कहां रही?

यशायाह 51:14 बंधुआ शीघ्र ही स्वतन्त्र किया जाएगा; वह गड़हे में न मरेगा और न उसे रोटी की कमी होगी।

यशायाह 51:15 जो समुद्र को उथल-पुथल करता जिस से उसकी लहरों में गरजन होती है, वह मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूं मेरा नाम सेनाओं का यहोवा है। और मैं ने तेरे मुंह में अपने वचन डाले,

यशायाह 51:16 और तुझे अपने हाथ की आड़ में छिपा रखा है; कि मैं आकाश को तानूं और पृथ्वी की नेव डालूं, और सिय्योन से कहूं, तुम मेरी प्रजा हो।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 4-6
  • प्रेरितों 17:16-34


शनिवार, 11 जुलाई 2020

परिवार


     जब मैं और मेरे पति, उनकी बहन के निकट रहने के लिए एक दूसरे शहर को स्थानांतरित हुए, तो हमें पता नहीं था कि हम कहाँ रहेंगे या काम करेंगे। एक किराए का घर ढूँढने में स्थानीय चर्च ने हमारी सहायता की, और उस घर में कई शयन-कक्ष थे। हम एक कमरे में रह सकते थे, और अन्य कमरों को वहाँ अध्ययन के लिए आने वाले अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को किराए पर दे सकते थे। अगले तीन वर्षों तक हम ऐसे परदेशी थे, जो संसार भर से आने वाले अन्य परदेशियों का स्वागत करते थे, उनके साथ अपने घर और भोजन को साझा करते थे। और वे लोग हमारे साथ परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन में सम्मिलित होने के लिए हर शुक्रवार को अन्य दर्जनों अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को लाया करते थे।

     परमेश्वर के लोग जानते हैं कि घर से दूर होने का क्या अर्थ होता है। सैंकड़ों वर्षों तक, इस्राएली मिस्र में परदेशी थे, दास थे। लैव्यव्यवस्था 19 में, अन्य चिर-परिचित निर्देशों जैसे कि “अपने माता और पिता का आदर करना” और “चोरी न करना” (पद 3, 11) के साथ परमेश्वर ने अपने लोगों को स्मरण दिलाया कि वे दयालु होकर परदेशियों की देखभाल करें, क्योंकि उन्हें परदेशी तथा आतंकित होने का अनुभव था (पद 33-34)।

     आज प्रभु परमेश्वर के अनुयायी होते हुए हम में से अधिकाँश ने वास्तव में निर्वासित होने के अनुभव को नहीं जाना है, परन्तु हम सभी यह जानते हैं की पृथ्वी पर “परदेशी” होकर रहने (1 पतरस 2:11) का क्या अनुभव होता है – वे लोग जो यहाँ पर भी अपने आप को बाहर का अनुभव करते हैं, परमेश्वर के स्वर्गीय राज्य के साथ संबंधित होने के कारण। हमें पहुनाई करने वाले समुदाय के निर्माण के लिए कहा गया है, जहाँ परदेशी परमेश्वर के परिवार के सदस्य बनने के लिए अन्य परदेशियों का स्वागत करते हैं।

     उस नए शहर में जो उदार और प्रेमपूर्ण स्वागत मुझे और मेरे पति को मिला, उसने हमें उस स्वागत को औरों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया, और यही परमेश्वर के परिवार का सदस्य होने का मर्म है (रोमियों 12:13)।

 

आज हम किसे पहुनाई दिखा सकते हैं?


पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2

बाइबल पाठ: लैव्यव्यवस्था 19:1-9, 33-34

लैव्यव्यवस्था 19:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

लैव्यव्यवस्था 19:2 इस्त्राएलियों की सारी मण्डली से कह, कि तुम पवित्र बने रहो; क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा पवित्र हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:3 तुम अपनी अपनी माता और अपने अपने पिता का भय मानना, और मेरे विश्राम दिनों को मानना; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:4 तुम मूरतों की ओर न फिरना, और देवताओं की प्रतिमाएं ढालकर न बना लेना; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:5 जब तुम यहोवा के लिये मेलबलि करो, तब ऐसा बलिदान करना जिससे मैं तुम से प्रसन्न हो जाऊं।

लैव्यव्यवस्था 19:6 उसका मांस बलिदान के दिन और दूसरे दिन खाया जाए, परन्तु तीसरे दिन तक जो रह जाए वह आग में जला दिया जाए।

लैव्यव्यवस्था 19:7 और यदि उस में से कुछ भी तीसरे दिन खाया जाए, तो यह घृणित ठहरेगा, और ग्रहण न किया जाएगा।

लैव्यव्यवस्था 19:8 और उसका खानेवाला यहोवा के पवित्र पदार्थ को अपवित्र ठहराता है, इसलिये उसको अपने अधर्म का भार स्वयं उठाना पड़ेगा; और वह प्राणी अपने लोगों में से नाश किया जाएगा।

लैव्यव्यवस्था 19:9 फिर जब तुम अपने देश के खेत काटो तब अपने खेत के कोने कोने तक पूरा न काटना, और काटे हुए खेत की गिरी पड़ी बालों को न चुनना।

लैव्यव्यवस्था 19:33 और यदि कोई परदेशी तुम्हारे देश में तुम्हारे संग रहे, तो उसको दु:ख न देना।

लैव्यव्यवस्था 19:34 जो परदेशी तुम्हारे संग रहे वह तुम्हारे लिये देशी के समान हो, और उस से अपने ही समान प्रेम रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।     

 एक साल में बाइबल: 

  • भजन 1-3
  • प्रेरितों 17:1-15

शुक्रवार, 10 जुलाई 2020

अद्भुत


     समुद्री जीवों के एक जीव-विज्ञानी ने कहा, “आप जब भी समुद्र की गहराईयों से कोई नमूने एकत्रित करते हैं, आप को कोई-न-कोई नई प्रजाति मिलती है।” अभी हाल ही के एक वर्ष में, वैज्ञानिकों ने 1,451 प्रकार के समुद्री जीवों की प्रजातियों की पहचान की। उन गहराईयों में क्या कुछ छिपा है, हम इसका आधा भी नहीं जानते हैं।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्यूब की पुस्तक के अध्याय 38-40 में परमेश्वर ने अय्यूब के लाभ के लिए अपनी सृष्टि की समीक्षा की। इन तीन काव्यात्मक अध्यायों में परमेश्वर ने मौसम के आश्चर्यों, सृष्टि की विशालता, और उनके विभिन्न निवास स्थानों में प्राणियों की विविधता के बारे में बातें कीं। फिर परमेश्वर ने रहस्यमयी लिव्यतान के बारे में बताया – एक पूरे अध्याय में। लिव्यातान के समान कोई अन्य प्राणी नहीं है; उस पर भालों को विफल कर देने वाली कवच समान चमड़ी है (अय्यूब 41:7, 13), वह प्रबल किन्तु मनोहर है (पद 12), उसके दांत डरावने हैं (पद 14), उसके मुंह से जलते हुए पलीते निकलते हैं, उसके नथुनों से धुआं निकलता है (पद 19, 20); धरती पर उसके तुल्य और कोई नहीं है (पद 33)।

     चलिए ठीक है; परमेश्वर किसी ऐसे विशाल जन्तु के विषय बात करता है जिसे हमने नहीं देखा है। क्या अय्यूब 41 अध्याय का यही महत्त्व है?

     नहीं! अय्यूब 41 परमेश्वर के अद्भुत चरित्र के प्रति हमारी समझ को और विस्तृत कर देता है। भजनकार ने इसे और समझा कर लिखते हुए कहा, “इसी प्रकार समुद्र बड़ा और बहुत ही चौड़ा है, और उस में अनगिनित जलचर जीव- जन्तु, क्या छोटे, क्या बड़े भरे पड़े हैं। उस में जहाज भी आते जाते हैं, और लिव्यातान भी जिसे तू ने वहां खेलने के लिये बनाया है” (भजन संहिता 104:25-26)। अय्यूब में दिए गए लिव्यतान के भयावह वर्णन के बाद, हम सीखते हैं कि परमेश्वर ने अपने सबसे भयावह जीव के खेलने के लिए भी एक स्थान बनाया है।

     हमारे पास वर्तमान में खोजने के लिए समुद्र है; और हमारे अनन्तकाल में हम हमारे भव्य परमेश्वर की रहस्यमय, अद्भुत सृष्टि को खोजेंगे। - टिम गुस्ताफ्सन

 

सृष्टि के जीव-जंतुओं की खोज हमें हमारे सृष्टिकर्ता के बारे में सिखाती है।


सर्वशक्तिमान जो अति सामार्थी है, और जिसका भेद हम पा नहीं सकते, वह न्याय और पूर्ण धर्म को छोड़ अत्याचार नहीं कर सकता। - अय्यूब 37:23

बाइबल पाठ: अय्यूब 41:12-34

अय्युब 41:12 मैं उसके अंगों के विषय, और उसके बड़े बल और उसकी बनावट की शोभा के विषय चुप न रहूंगा।

अय्युब 41:13 उसके ऊपर के पहिरावे को कौन उतार सकता है? उसके दांतों की दोनों पांतियों के अर्थात जबड़ों के बीच कौन आएगा?

अय्युब 41:14 उसके मुख के दोनों किवाड़ कौन खोल सकता है? उसके दांत चारों ओर से डरावने हैं।

अय्युब 41:15 उसके छिलकों की रेखाएं घमण्ड का कारण हैं; वे मानो कड़ी छाप से बन्द किए हुए हैं।

अय्युब 41:16 वे एक दूसरे से ऐसे जुड़े हुए हैं, कि उन में कुछ वायु भी नहीं पैठ सकती।

अय्युब 41:17 वे आपस में मिले हुए और ऐसे सटे हुए हैं, कि अलग अलग नहीं हो सकते।

अय्युब 41:18 फिर उसके छींकने से उजियाला चमक उठता है, और उसकी आंखें भोर की पलकों के समान हैं।

अय्युब 41:19 उसके मुंह से जलते हुए पलीते निकलते हैं, और आग की चिनगारियां छूटती हैं।

अय्युब 41:20 उसके नथुनों से ऐसा धुआं निकलता है, जैसा खौलती हुई हांड़ी और जलते हुए नरकटों से।

अय्युब 41:21 उसकी सांस से कोयले सुलगते, और उसके मुंह से आग की लौ निकलती है।

अय्युब 41:22 उसकी गर्दन में सामर्थ्य बनी रहती है, और उसके साम्हने डर नाचता रहता है।

अय्युब 41:23 उसके मांस पर मांस चढ़ा हुआ है, और ऐसा आपस में सटा हुआ है जो हिल नहीं सकता।

अय्युब 41:24 उसका हृदय पत्थर सा दृढ़ है, वरन चक्की के निचले पाट के समान दृढ़ है।

अय्युब 41:25 जब वह उठने लगता है, तब सामर्थी भी डर जाते हैं, और डर के मारे उनकी सुध बुध लोप हो जाती है।

अय्युब 41:26 यदि कोई उस पर तलवार चलाए, तो उस से कुछ न बन पड़ेगा; और न भाले और न बर्छी और न तीर से।

अय्युब 41:27 वह लोहे को पुआल सा, और पीतल को सड़ी लकड़ी सा जानता है।

अय्युब 41:28 वह तीर से भगाया नहीं जाता, गोफन के पत्थर उसके लिये भूसे से ठहरते हैं।

अय्युब 41:29 लाठियां भी भूसे के समान गिनी जाती हैं; वह बर्छी के चलने पर हंसता है।

अय्युब 41:30 उसके निचले भाग पैने ठीकरे के समान हैं, कीच पर मानो वह हेंगा फेरता है।

अय्युब 41:31 वह गहिरे जल को हंडे के समान मथता है: उसके कारण नील नदी मरहम की हांडी के समान होती है।

अय्युब 41:32 वह अपने पीछे चमकीली लीक छोड़ता जाता है। गहिरा जल मानो श्वेत दिखाई देने लगता है।

अय्युब 41:33 धरती पर उसके तुल्य और कोई नहीं है, जो ऐसा निर्भय बनाया गया है।

अय्युब 41:34 जो कुछ ऊंचा है, उसे वह ताकता ही रहता है, वह सब घमणिडयों के ऊपर राजा है।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 41-42
  • प्रेरितों 16:22-40


गुरुवार, 9 जुलाई 2020

शान्त


     एक माँ की कल्पना कीजिए, अपने छोटे से बच्चे पर प्रेम के साथ झुकी हुई, उसकी ऊँगली हलके से बच्चे की नाक और होठों पर रखी हुई है, और वह नम्र आवाज़ में बच्चे से कह रही है “श्श!, शांत!”, कोमलता से उसे सान्तवना दे रही है। उस माँ का हाव-भाव, और साधारण शब्द, उस बच्चे की निराशा, परेशानी, या दुःख के समय में उसकी व्याकुलता को शांत करने के लिए हैं। इस प्रकार के दृश्य सभी स्थानों पर देखे जाते हैं, सदा देखे जाते हैं, और हम में से अधिकाँश ने या तो यह किया है, या ऐसे प्रेम भरी अभिव्यक्तियों से शान्ति पाई है। जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 131 पर विचार करता हूँ, तो मेरे मन में यही चित्रण उभर कर आता है।

     इस भजन की भाषा और शैली यही संकेत देते हैं कि भजनकार दाऊद ने कुछ ऐसा अनुभव किया था, जिसके कारण उसे कुछ गंभीर विचार करना पड़ा था। क्या आपने किसी ऐसी निराशा, पराजय, या असफलता का सामना किया है, जिसके कारण आप ने गंभीर, विचारमग्न, आंकलन करने वाली प्रार्थना की हो? जब आप किसी परीक्षा में असफल रहते हैं, आपकी कोई नौकरी जाती रहती है, या कोई संबंध टूट जाता है? दाऊद ने अपने मन की बात खुलकर परमेश्वर के सामने रख दी, और ऐसा करते समय उसने अपने मन को भी इमानदारी से टटोला, और मन की बातों को प्रकट किया (भजन 131:1)। अपनी परिस्थितियों के साथ शान्ति स्थापित करने में, उसे वैसी ही संतुष्टि प्राप्त हुई, जैसी उस छोटे बच्चे को अपने माँ के साथ होने से मिलती है (पद 2)।

     जीवन की परिस्थितियाँ बदलती रहती हैं, और कभी कभी वे हमें झुका देती हैं। किन्तु फिर भी हम आशावान और संतुष्ट रह सकते हैं, इस बात में स्थिर और सुदृढ़ कि हमारा परमेश्वर पिता हमें कभी नहीं छोड़ेगा या त्यागेगा। हम शांत होक उस पर सम्पूर्ण भरोसा रख सकते हैं। - आर्थर जैक्सन

 

केवल मसीह यीशु ही में हमें संतुष्टि मिलती है।


चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है। - भजन 46:10-11

बाइबल पाठ: भजन 131

भजन संहिता 131:1 हे यहोवा, न तो मेरा मन गर्व से और न मेरी दृष्टि घमण्ड से भरी है; और जो बातें बड़ी और मेरे लिये अधिक कठिन हैं, उन से मैं काम नहीं रखता।

भजन संहिता 131:2 निश्चय मैं ने अपने मन को शान्त और चुप कर दिया है, जैसे दूध छुड़ाया हुआ लड़का अपनी मां की गोद में रहता है, वैसे ही दूध छुड़ाए हुए लड़के के समान मेरा मन भी रहता है।

भजन संहिता 131:3 हे इस्राएल, अब से ले कर सदा सर्वदा यहोवा ही पर आशा लगाए रह!      

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 38-40
  • प्रेरितों 16:1-21


बुधवार, 8 जुलाई 2020

एकता


     मेरे मूल देश, मैक्सिको, में आम लोगों का मुख्य भोजन मक्का, जिसे भुट्टा भी कहा जाता,  है। मक्का के अनेकों प्रकार हैं, पीला, भूरा, लाल, काला, और ऐसा भी जो अद्भुत चितकबरा होता है। लेकिन शहर के लोग चितकबरे वाले मक्के को प्रयोग नहीं करते हैं। रेस्टोरेंट के मालिक और शोधकर्ता, अमाडो रामिरेज़ समझाते हैं कि लोगों को लगता है कि एक ही रंग का होना गुणवत्ता का प्रतीक होता है। किन्तु, चितकबरे मक्के का स्वाद भी अच्छा होता है और उनसे बढ़िया रोटी भी बनती है।

     मसीह यीशु का चर्च भी उस चितकबरे मक्के के समान है, न कि एक ही रंग के मक्के के। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने शरीर के उदाहरण के द्वारा चर्च का वर्णन किया, क्योंकि यद्यपि हम सभी एक देह तो हैं, और हमारा परमेश्वर भी एक ही है, फिर भी हम में से प्रत्येक को भिन्न वरदान दिए गए हैं। जैसे पौलुस लिखता है, “और सेवा भी कई प्रकार की है, परन्तु प्रभु एक ही है। और प्रभावशाली कार्य कई प्रकार के हैं, परन्तु परमेश्वर एक ही है, जो सब में हर प्रकार का प्रभाव उत्पन्न करता है” (1 कुरिन्थियों 12:5-6)। हमारी एक दूसरे की सहायता करने के लिए भिन्नता परमेश्वर की उदारता और रचनात्मक होने को दिखाता है।

     जब हम अपनी भिन्नताओं को स्वीकार करते हैं, तो साथ ही हम यह भी प्रयास करें कि अपने विश्वास और उद्देश्य की एकता को भी बनाए रखें। हमारी भिन्न पृष्ठभूमि और योग्यताएँ हैं, हम भिन्न भाषाएँ बोलते हैं, हम भिन्न देशों के निवासी हैं, परन्तु हमारा एक ही परमेश्वर है, जो अद्भुत है, सृष्टि में विविधता से, किन्तु अपने लोगों में एकता से आनन्दित होता है। - कीला ओकोआ

 

जो परमेश्वर चाहता है कि हम बनें, उसके लिए हमें एक-दूसरे की आवश्यकता है।


हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्तु एक ही मन और एक ही मत हो कर मिले रहो। - 1 कुरिन्थियों 1:10

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 12:4-14

1 कुरिन्थियों 12:4 वरदान तो कई प्रकार के हैं, परन्तु आत्मा एक ही है।

1 कुरिन्थियों 12:5 और सेवा भी कई प्रकार की है, परन्तु प्रभु एक ही है।

1 कुरिन्थियों 12:6 और प्रभावशाली कार्य कई प्रकार के हैं, परन्तु परमेश्वर एक ही है, जो सब में हर प्रकार का प्रभाव उत्पन्न करता है।

1 कुरिन्थियों 12:7 किन्‍तु सब के लाभ पहुंचाने के लिये हर एक को आत्मा का प्रकाश दिया जाता है।

1 कुरिन्थियों 12:8 क्योंकि एक को आत्मा के द्वारा बुद्धि की बातें दी जाती हैं; और दूसरे को उसी आत्मा के अनुसार ज्ञान की बातें।

1 कुरिन्थियों 12:9 और किसी को उसी आत्मा से विश्वास; और किसी को उसी एक आत्मा से चंगा करने का वरदान दिया जाता है।

1 कुरिन्थियों 12:10 फिर किसी को सामर्थ्य के काम करने की शक्ति; और किसी को भविष्यद्वाणी की; और किसी को आत्माओं की परख, और किसी को अनेक प्रकार की भाषा; और किसी को भाषाओं का अर्थ बताना।

1 कुरिन्थियों 12:11 परन्तु ये सब प्रभावशाली कार्य वही एक आत्मा करवाता है, और जिसे जो चाहता है वह बांट देता है।

1 कुरिन्थियों 12:12 क्योंकि जिस प्रकार देह तो एक है और उसके अंग बहुत से हैं, और उस एक देह के सब अंग, बहुत होने पर भी सब मिलकर एक ही देह हैं, उसी प्रकार मसीह भी है।

1 कुरिन्थियों 12:13 क्योंकि हम सब ने क्या यहूदी हो, क्या युनानी, क्या दास, क्या स्‍वतंत्र एक ही आत्मा के द्वारा एक देह होने के लिये बपतिस्मा लिया, और हम सब को एक ही आत्मा पिलाया गया।

1 कुरिन्थियों 12:14 इसलिये कि देह में एक ही अंग नहीं, परन्तु बहुत से हैं।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 36-37
  • प्रेरितों 15:22-41


मंगलवार, 7 जुलाई 2020

निर्भर


     लौरा की माँ कैंसर से जूझ रही थीं। एक प्रातः लौरा ने उनके लिए अपनी एक सहेली के साथ प्रार्थना की। उसकी वह सहेली कई वर्षों से मस्तिष्क के रोग सेरेब्रल पाल्सी के कारण अपनी हर आवश्यकता के लिए दूसरों की सहायता पर निर्भर रहती थी। लौरा की सहेली ने अपनी प्रार्थना में कहा, “प्रभु आप मेरे लिए सब कुछ करते हैं; लौरा की माँ के लिए भी सब कुछ कर दीजिए।” लौरा अपनी सहेली द्वारा परमेश्वर पर पूर्णतः निर्भर रहने को स्वीकार करने और कहने से बहुत प्रभावित हुई। उसने उस पल पर विचार करते हुए कहा, “मैं कितनी बार यह स्वीकार करती हूँ कि हर बात में मुझे परमेश्वर पर निर्भर होने की आवश्यकता है? यह मुझे प्रतिदिन, हर बात के लिए करना चाहिए!”

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम प्रभु यीशु के विषय देखते हैं, कि अपने पृथ्वी के सेवकाई के समय में उन्होंने स्वर्गीय पिता परमेश्वर पर पूर्ण निर्भरता दिखाई। हम यह सोच रख सकते हैं कि क्योंकि प्रभु यीशु, मानव रूप में परमेश्वर थे, इसलिए उनके पास अपने आप पर निर्भर रहने के सर्वोत्तम और सर्वोचित कारण थे। परन्तु जब धर्म के अगुवों ने उनसे पूछा कि उन्होंने वैधानिक तौर पर घोषित विश्राम के दिन में क्यों कार्य किया, क्योंकि उन्होंने किसी को सबत के दिन चंगा किया था, तो प्रभु ने उन्हें उत्तर दिया, “... मैं तुम से सच सच कहता हूं, पुत्र आप से कुछ नहीं कर सकता, केवल वह जो पिता को करते देखता है, क्योंकि जिन जिन कामों को वह करता है उन्हें पुत्र भी उसी रीति से करता है” (यूहन्ना 5:19)। प्रभु ने भी पिता परमेश्वर पर अपनी पूर्ण निर्भरता व्यक्त की!

     प्रभु यीशु का पिता परमेश्वर पर निर्भर रहना इस बात का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत करता है कि परमेश्वर के साथ संबंध में रहने का क्या अर्थ होता है। हमारी हर साँस, हमारे जीवन का हर पल, हमें परमेश्वर के अनुग्रह से मिला उपहार है; और परमेश्वर चाहता है कि हमारे जीवन उसकी सामर्थ्य से भरे हुए हों। जब हम अपने हर पल को प्रार्थना के साथ और उसके वचन की आज्ञाकारिता में होकर, उसके प्रेम को व्यक्त करने तथा उसकी सेवकाई के लिए प्रयोग होने के लिए व्यतीत करते हैं, हम उस पर अपनी निर्भरता को दिखाते हैं। - जेम्स बैंक्स

 

प्रार्थना-विहीन जीवन, परमेश्वर से पृथक होने की घोषणा है। - डैनियल हेन्डरसन


मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। - यूहन्ना 15:5

बाइबल पाठ: यूहन्ना 5:16-23

यूहन्ना 5:16 इस कारण यहूदी यीशु को सताने लगे, क्योंकि वह ऐसे ऐसे काम सब्त के दिन करता था।

यूहन्ना 5:17 इस पर यीशु ने उन से कहा, कि मेरा पिता अब तक काम करता है, और मैं भी काम करता हूं।

यूहन्ना 5:18 इस कारण यहूदी और भी अधिक उसके मार डालने का प्रयत्न करने लगे, कि वह न केवल सब्त के दिन की विधि को तोड़ता, परन्तु परमेश्वर को अपना पिता कह कर, अपने आप को परमेश्वर के तुल्य ठहराता था।

यूहन्ना 5:19 इस पर यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, पुत्र आप से कुछ नहीं कर सकता, केवल वह जो पिता को करते देखता है, क्योंकि जिन जिन कामों को वह करता है उन्हें पुत्र भी उसी रीति से करता है।

यूहन्ना 5:20 क्योंकि पिता पुत्र से प्रीति रखता है और जो जो काम वह आप करता है, वह सब उसे दिखाता है; और वह इन से भी बड़े काम उसे दिखाएगा, ताकि तुम अचम्भा करो।

यूहन्ना 5:21 क्योंकि जैसा पिता मरे हुओं को उठाता और जिलाता है, वैसा ही पुत्र भी जिन्हें चाहता है उन्हें जिलाता है।

यूहन्ना 5:22 और पिता किसी का न्याय भी नहीं करता, परन्तु न्याय करने का सब काम पुत्र को सौंप दिया है।

यूहन्ना 5:23 इसलिये कि सब लोग जैसे पिता का आदर करते हैं वैसे ही पुत्र का भी आदर करें: जो पुत्र का आदर नहीं करता, वह पिता का जिसने उसे भेजा है, आदर नहीं करता।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 34-35
  • प्रेरितों 15:1-21


सोमवार, 6 जुलाई 2020

सतह


     हम लोग कैरेबियन द्वीपों का सपरिवार भ्रमण कर रहे थे। समुद्र में तैरते हुए, सतह से नीचे की बातें देखने के लिए पानी के अन्दर मुंह कर के भी साँस लेते रहने के लिए एक विशेष उपकरण, स्नौरकल की आवश्यकता होती है। पानी में होते हुए भी पानी की सतह के ऊपर सिर रखने से अन्दर की सुन्दरता दिखाई नहीं देती है। टोबागो द्वीप के समुद्र तट पर हमें हमारे बच्चों को यह समझाने और स्नौरकल पहनाने के लिए कुछ प्रयास करना पड़ा। किन्तु एक बार जब उन्होंने स्नौरकल पहन कर पानी की सतह के नीचे झाँका, और वहाँ की अद्भुत सुन्दरता को देखा, तो वे बहुत आनंदित हुए, और कहने लगे, “नीचे हज़ारों मछलियाँ हैं, सभी भिन्न प्रकार की! सब कुछ इतना सुन्दर है! हमने कभी इतनी रंगीन मछलियाँ नहीं देखीं!”

     क्योंकि उन्हें समुद्र की जल-सतह हमारे घर के निकट के मीठे पानी की झीलों की सतह के समान ही लगी, इसलिए उन्हें अन्दर की स्थिति का कोई अंदाज़ा नहीं था, और न ही अन्दर झांकने की जिज्ञासा। यदि वे हमारी बात न मानते तो उस अद्भुत सुन्दरता को देख पाने से रह जाते।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर ने शमूएल भविष्यद्वक्ता को बेतलहेम निवासी यिशे के घर भेजा कि उसके एक पुत्र को इस्राएल का भावी राजा अभिषेक करे। जब शमूएल ने यिशे के सबसे बड़े पुत्र एलीआब को देखा, तो उसके डील-डौल और स्वरूप से बहुत प्रभावित हुआ। शमूएल को लगा कि उसे सही व्यक्ति मिल गया, परन्तु परमेश्वर ने एलिआब को स्वीकार नहीं किया; और इसी प्रकार एक के बाद एक यिशे छः पुत्रों को परमेश्वर ने अस्वीकार कर दिया। परमेश्वर ने शमूएल को स्मरण करवाया कि, “... यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है” (1 शमूएल 16:7)।

     इसलिए शमूएल ने पूछा की क्या कोई और पुत्र भी है? सबसे छोटा पुत्र वहाँ उपस्थित नहीं था; वह परिवार की भेड़ों को चरा रहा था। इस पुत्र, दाऊद, को बुलाया गया, और परमेश्वर ने शमूएल को उसे अभिषेक करने का निर्देश दिया।

     अकसर हम लोगों को सतही रीति से, उनके बाहरी स्वरूप के अनुसार देखते हैं, परन्तु उनके अंदर के हाल, और कभी-कभी उनके अन्दर की छिपी हुई सुन्दरता को नहीं देखते हैं। हम हर उस बात को भी महत्वपूर्ण नहीं समझते हैं, जिसे परमेश्वर महत्वपूर्ण समझता है। परन्तु यदि हम सतह के नीचे झांकने के प्रयास करें, तो संभव है हमें अद्भुत खज़ाने देखने को मिलें। - लीसा सामरा

 

हे परमेश्वर औरों के अन्दर की भीतरी सुन्दरता को देख पाने में मेरी सहायता कर।


और हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा। - 1 इतिहास 28:9

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 16:1-7

1 शमूएल 16:1 और यहोवा ने शमूएल से कहा, मैं ने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भर के चल; मैं तुझ को बेतलेहेमी यिशै के पास भेजता हूं, क्योंकि मैं ने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है।

1 शमूएल 16:2 शमूएल बोला, मैं क्योंकर जा सकता हूं? यदि शाऊल सुन लेगा, तो मुझे घात करेगा। यहोवा ने कहा, एक बछिया साथ ले जा कर कहना, कि मैं यहोवा के लिये यज्ञ करने को आया हूं।

1 शमूएल 16:3 और यज्ञ पर यिशै को न्योता देना, तब मैं तुझे जता दूंगा कि तुझ को क्या करना है; और जिस को मैं तुझे बताऊं उसी को मेरी ओर से अभिषेक करना।

1 शमूएल 16:4 तब शमूएल ने यहोवा के कहने के अनुसार किया, और बेतलहेम को गया। उस नगर के पुरनिये थरथराते हुए उस से मिलने को गए, और कहने लगे, क्या तू मित्रभाव से आया है कि नहीं?

1 शमूएल 16:5 उसने कहा, हां, मित्रभाव से आया हूं; मैं यहोवा के लिये यज्ञ करने को आया हूं; तुम अपने अपने को पवित्र कर के मेरे साथ यज्ञ में आओ। तब उसने यिशै और उसके पुत्रों को पवित्र कर के यज्ञ में आने का न्योता दिया।

1 शमूएल 16:6 जब वे आए, तब उसने एलीआब पर दृष्टि कर के सोचा, कि निश्चय जो यहोवा के साम्हने है वही उसका अभिषिक्त होगा।

1 शमूएल 16:7 परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके डील की ऊंचाई पर, क्योंकि मैं ने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 32-33
  • प्रेरितों 14