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बुधवार, 24 मार्च 2021

संगीत

 

          बीसवीं सदी के आरंभिक समय में इंग्लैंड में हुए वेल्श मसीही-पुनर्जागरण के समय में बाइबल शिक्षक और लेखक जी. कैम्पबेल मॉर्गन ने जो होते हुए देखा, उसका वर्णन किया। उनका मानना था कि परमेश्वर का पवित्र आत्मा, “पवित्र भजनों की उफनती हुई लहरों” पर होकर लोगों में कार्य कर रहा था। मॉर्गन ने लिखा कि उन्होंने उन सभाओं में संगीत के एकता लाने वाले प्रभाव को देखा था, जिन में स्वेच्छा से प्रार्थना करना, पाप अंगीकार करना, और भजन गाना प्रोत्साहित किया जाता था। यदि कोई भावनाओं में बहकर बहुत लंबी प्रार्थना करने लगता था, या ऐसा बोलने लगता था जो उस माहौल में औरों के साथ तालमेल नहीं रखता था, तो कोई भी जन धीरे से कोई भजन गाना आरंभ कर देता था। धीरे धीरे अन्य लोग भी उस भजन के गाने में जुड़ते चले जाते थे, और शीघ्र ही उस संगीत की आवाज़ इतनी ऊँची हो जाती थी कि उस में अन्य सभी आवाजें दब जाती थीं।

          मॉर्गन ने संगीत के द्वारा जिस पुनः जागृत होने का वर्णन किया है, उसका आधार परमेश्वर के वचन बाइबल में से है, जहाँ पर संगीत की कई बातों में प्रमुख भूमिका दिखाई गई है। बाइबल में हम देखते हैं कि संगीत का प्रयोग विजय के उत्सव मनाने के लिए किया गया (निर्गमन 15:1-21); आराधना के साथ मंदिर के परमेश्वर को समर्पित किए जाने के लिए किया गया (2 इतिहास 5:12-14); और शत्रुओं पर विजयी होने के लिए सैनिक रणनीति के समान किया गया (2 इतिहास 20:21-23)। बाइबल के ठीक मध्य में हम 150 भजनों के संकलन की पुस्तक, भजन संहिता, को पाते हैं। और पौलुस ने इफिसुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें एक दूसरे के साथ वार्तालाप में भी भजनों का प्रयोग करने के लिए लिखा (इफिसियों 5:19)।

          चाहे संघर्ष हों, चाहे आराधना करनी हो, जीवन की चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो, हमारे मसीही विश्वास का संगीत हम सभी को एक स्वर में होकर बोलने वाला बना सकता है। नए और पुराने गीतों और भजनों के द्वारा, हम बारंबार पुनः जागृत किए जाते हैं – न तो बल से, न शक्ति से, परन्तु परमेश्वर के आत्मा और परमेश्वर की स्तुति के संगीत के द्वारा। - मार्ट डीहान

 

जिनके पास सुनने के कान हों, उनके लिए पवित्र आत्मा के पास उपयुक्त संगीत है।


और आपस में भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के सामने गाते और कीर्तन करते रहो। - इफिसियों 5:19

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 5:7-14

2 इतिहास 5:7 तब याजकों ने यहोवा की वाचा का सन्दूक उसके स्थान में, अर्थात भवन की भीतरी कोठरी में जो परम पवित्र स्थान है, पहुंचा कर, करूबों के पंखों के तले रख दिया।

2 इतिहास 5:8 सन्दूक के स्थान के ऊपर करूब तो पंख फैलाए हुए थे, जिससे वे ऊपर से सन्दूक और उसके डंडों को ढांपे थे।

2 इतिहास 5:9 डण्डे तो इतने लम्बे थे, कि उनके सिरे सन्दूक से निकले हुए भीतरी कोठरी के सामने देख पड़ते थे, परन्तु बाहर से वे दिखाई न पड़ते थे। वे आज के दिन तक वहीं हैं।

2 इतिहास 5:10 सन्दूक में पत्थर की उन दो पटियाओ को छोड़ कुछ न था, जिन्हें मूसा ने होरेब में उसके भीतर उस समय रखा, जब यहोवा ने इस्राएलियों के मिस्र से निकलने के बाद उनके साथ वाचा बान्‍धी थी।

2 इतिहास 5:11 जब याजक पवित्रस्थान से निकले ( जितने याजक उपस्थित थे, उन सभों ने तो अपने अपने को पवित्र किया था, और अलग अलग दलों में हो कर सेवा न करते थे;

2 इतिहास 5:12 और जितने लेवीय गवैये थे, वे सब के सब अर्थात पुत्रों और भाइयों समेत आसाप, हेमान और यदूतून सन के वस्त्र पहने झांझ, सारंगियां और वीणाएँ लिये हुए, वेदी के पूर्व की ओर खड़े थे, और उनके साथ एक सौ बीस याजक तुरहियां बजा रहे थे।)

2 इतिहास 5:13 तो जब तुरहियां बजाने वाले और गाने वाले एक स्वर से यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, और तुरहियां, झांझ आदि बाजे बजाते हुए यहोवा की यह स्तुति ऊंचे शब्द से करने लगे, कि वह भला है और उसकी करुणा सदा की है, तब यहोवा के भवन में बादल छा गया,

2 इतिहास 5:14 और बादल के कारण याजक लोग सेवा-टहल करने को खड़े न रह सके, क्योंकि यहोवा का तेज परमेश्वर के भवन में भर गया था।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहोशू 16-18
  • लूका 2:1-24

मंगलवार, 23 मार्च 2021

भरोसा

 

          नवम्बर 2016 में एक बहुत ही कम दिखाई देने वाली अद्भुत खगोलीय घटना हुई – चन्द्रमा अधिक बड़ा और तेज़ चमकता हुआ दिखाई दिया। पृथ्वी के चारों और घूमने की अपनी परिधि में चाँद साठ वर्षों में पहली बार पृथ्वी के निकट से होकर निकला, और इसलिए सामान्य से अधिक बड़ा तथा अधिक चमकीला दिखाई दिया। परन्तु मेरे लिए तो उस दिन आकाश अंधियारा ही रहा – मेरे रहने के स्थान के ऊपर घने बादल छाए हुए थे, इसलिए मैं तो केवल भरोसा ही कर सकी कि चाँद वैसा ही दिख रहा होगा जैसा अन्य स्थानों से मेरे मित्रों ने उसकी फोटो लेकर मुझे भेजी थीं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने अपने मसीही विश्वास के जीवन में अनेकों कठिनाइयों और परेशानियों का सामना किया था; किन्तु उसका दृष्टिकोण यही थी कि जो अभी अदृश्य है, वह चिरस्थाई है, अनन्तकाल तक बना रहेगा। उसने कोरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखा, क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है” (2 कुरिन्थियों 4:17)। इस प्रकार से वह अपनी दृष्टि “देखी हुई वस्तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्तुओं” पर लगाए रख सका क्योंकि जो अनदेखा है, वह अनन्त और चिरस्थाई भी है (पद 18)। पौलुस की लालसा थी कि कोरिन्थ के उन मसीही विश्वासियों का, और हमारा मसीही विश्वास भी, और अधिक बढ़े तथा उन्नति कर सके। और चाहे हमें अपने मसीही विश्वास के लिए दुःख भी उठाने पड़ें, फिर भी हम उस के समान परमेश्वर में भरोसा बनाए रखें। हम आज चाहे परमेश्वर को अपनी शारीरिक आँखों से देख नहीं पा रहे हैं, परन्तु हमारा भरोसा है कि वह हमें दिन-प्रति-दिन और नया एवं बेहतर करता जा रहा है (पद 16)।

          उस दिन जब उस चाँद को देखने की लालसा से मैं बादलों की ओर देख रही थी, यह जानते हुए कि चाहे मुझे वह अद्भुत चाँद दिखा नहीं रहा है किन्तु वह विद्यमान है, तब मुझे यह भी ध्यान आया कि इसी प्रकार से परमेश्वर चाहे दिखाई न दे, किन्तु हमारे साथ विद्यमान है। और मेरी आशा है कि अगली बार जब मैं यह सोचने के प्रलोभन में पड़ूँ कि परमेश्वर मुझसे कहीं दूर और मेरी परिस्थिति से अनभिज्ञ है, तब मैं अपना ध्यान अदृश्य पर लगाऊँ और उसकी मेरे साथ उपस्थिति पर भरोसा बनाए रखूँ। - एमी बाउचर पाई

 

चाहे हम परमेश्वर की उपस्थिति अनुभव करें या न करें, वहाँ सदा अपने बच्चों के साथ बना रहता है।


तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:13-18

2 कुरिन्थियों 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय में लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।

2 कुरिन्थियों 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने सामने उपस्थित करेगा।

2 कुरिन्थियों 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।

2 कुरिन्थियों 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।

2 कुरिन्थियों 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।

2 कुरिन्थियों 4:18 और हम तो देखी हुई वस्तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहोशू 10-12
  • लूका 1:39-56

सोमवार, 22 मार्च 2021

अनुग्रह

 

          जनवरी 30, 2018 को मलकॉल्म एलेग्जेंडर को निरपराध और स्वतंत्र घोषित किया जाकर, जेल में लगभग अड़तीस वर्ष बिताने के बाद, रिहा कर दिया गया। डीएनए के प्रमाण के द्वारा एलेग्जेंडर पर लगे अभियोग हटाए जा सके, यद्यपि इस सारे समय एलेग्जेंडर यह कहता रहा था कि वह दोषी नहीं है। उसके विरुद्ध चली जाँच और न्यायालय की प्रक्रिया में कई खामियाँ थीं – सरकारी वकील अयोग्य था (वह बाद में पद से बरखास्त कर दिया गया था), जो प्रमाण प्रस्तुत किए गए वो संदेहास्पद थे, जाँच करने के लिए जिन तरीकों को अपनाया गया वो भी ठीक नहीं थे। इन सभी का परिणाम यही हुआ कि एक निर्दोष व्यक्ति को दोषी बताया गया और जेल में डाल दिया गया, जहाँ पर वह लगभग चर दशक तक पड़ा रहा। अन्ततः जब उसे मुक्त किया गया, तो एलेग्जेंडर ने अद्भुत अनुग्रह दिखाते हुए कहा, “आप क्रोधित नहीं हो सकते हैं; क्रोधित होने के लायक समय ही नहीं है।”

          एलेग्जेंडर के शब्दों से गहरे अनुग्रह का प्रमाण मिलता है। यदि अन्याय पूर्वक हम से हमारे जीवन के अड़तीस वर्ष छीन लिए जाते, और हमारी इज्ज़त बर्बाद कर दी जाती, तो संभवतः हम अवश्य ही खिसियाए हुए और क्रोधित होते। यद्यपि एलेग्जेंडर ने अनेकों लम्बे, दिल तोड़ने वाले वर्ष अपने ऊपर जबरन थोपे गए अनुचित दोष का बोझ उठाए और उनके अनुचित परिणाम भोगते हुए बिताए थे, किन्तु वह उस अन्याय के कारण टूट नहीं गया। बजाए इसके कि वह अपनी शक्ति बदला लेने में लगाता, उसने परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना अधिक उचित और उपयुक्त समझा। अपने मसीही विश्वास के कारण अनुचित और अन्यायपूर्ण सताव और ताड़ना झेल रहे लोगों को पतरस ने अपनी पहली पत्री में लिखा, बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो” (1 पतरस 3:9)।

          पवित्र शास्त्र इससे एक कदम और आगे जाता है, जब पतरस इससे आगे लिखता है कि प्रतिशोध की बजाए हम मसीही विश्वासियों को अपने सताने वालों को आशीष देनी चाहिए (पद 9)। जिन्होंने हमारे साथ अनुचित और अन्यायपूर्ण व्यवहार किया है, हमें उनकी ओर क्षमा और उनकी भलाई की कामना का भाव रखना चाहिए। ऐसा करने से हम उनके अनुचित कार्यों को उचित नहीं ठहराते हैं, वरन परमेश्वर के अनुग्रह और प्रेम से उनका परिचय करवाते हैं। कलवरी के क्रूस पर प्रभु यीशु मसीह ने हमारी बुराइयों और पापों के दोष को अपनी ऊपर ले लिया और उनका दण्ड सह लिया, जिससे कि हम परमेश्वर के अनुग्रह के न केवल भागी हों, वरन उसे औरों तक पहुँचाए भी – उन तक भी जिन्होंने हमारे प्रति अनुचित किया है। - विन्न कोलीएर

 

हे परमेश्वर अपने सताने वालों के लिए उनके किए के अनुसार 

सताने की कामना न करना बहुत कठिन होता है; 

मेरी सहायता करें कि मैं आपके अनुग्रह और दया को जी कर दिखा सकूँ।


परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। - मत्ती 5:44

बाइबल पाठ: 1 पतरस 3:8-14

1 पतरस 3:8 निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करुणामय, और नम्र बनो।

1 पतरस 3:9 बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।

1 पतरस 3:10 क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।

1 पतरस 3:11 वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्न में रहे।

1 पतरस 3:12 क्योंकि प्रभु की आँखें धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उन की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करने वालों के विमुख रहता है।

1 पतरस 3:13 और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है?

1 पतरस 3:14 और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहोशू 10-12
  • लूका 1:39-56

रविवार, 21 मार्च 2021

हस्तकला

 

          मेरी दादी, मुन्ना, सिलाई की कार्य करने में बहुत निपुण थीं, और अपने निवासस्थान में उन्होंने अनेकों प्रतियोगिताएँ भी जीती थीं। मेरे जीवन भर, मेरे हर विशेष अवसर पर उन्होंने मुझे कोई न कोई उपहार दिया, प्रत्येक उनकी हस्तकला का सुन्दर नमूना। मेरे हाई-स्कूल उत्तीर्ण करने पर महीन और चिकने ऊन से बना एक गहरे जामुनी रंग का एक स्वेटर। मेरे विवाह पर एक विशेष फिरोजी रज़ाई। उनके हर उपहार के किसी एक कोने में उनके हाथों से कढ़ाई करके लिखा होता था “मुन्ना द्वारा तुम्हारे लिए अपने हाथों से बनाया हुआ।” कढ़ाई किया गया उनका प्रत्येक शब्द मुझे मेरे प्रति मेरी दादी के प्रेम का एहसास करवाता था, और मेरे उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरे प्रति उनके विश्वास का प्रबल कथन था।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफिसुस के मसीही विश्वासियों को संसार में उनके होने के उद्देश्य के बारे में लिखा, और उन्हें बताया कि वे “क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया” (इफिसियों 2:10)। यहाँ पर “उसके बनाए गए” किसी उत्कृष्ट कलाकृति या कला के उत्तम उदाहरण को दिखाता है। पौलुस आगे वर्णन करता है कि परमेश्वर द्वारा अपनी हस्तकला द्वारा हमें बनाना, हमारे द्वारा उसके भले कार्यों की हस्तकला – अर्थात प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ हमारे बहाल किए गए संबंधों के चिह्नों को प्रदर्शित करेगा, जो संसार में परमेश्वर की महिमा के कारण ठहरेंगे। हम कभी भी अपने ही किन्हीं प्रयासों या भले कर्मों के द्वारा उद्धार नहीं पा सकते हैं, परन्तु जब परमेश्वर अपने हाथों से हमें अपने उद्देश्यों के लिए बनाता है, तो वह औरों को अपने महान प्रेम के निकट लाने के लिए हमें प्रयोग कर सकता है।

          मेरी दादी मुन्ना, कढ़ाई करने के लिए सुई-धागे के साथ कपड़े पर झुकी हुई, मेरे लिए चीजों को बनाती रही, जो मेरे प्रति उसके प्रेम की अभिव्यक्ति भी थे, और उनकी अभिलाषा भी कि मैं इस पृथ्वी पर होने के अपने उद्देश्य को समझ सकूँ। परमेश्वर भी, हमारे हृदयों में अपने हाथों से अपने प्रेम और उद्देश्य को सिल देता है जिससे हम स्वयं ही उसे अनुभव कर सकें, और उसकी इस हस्तकला को औरों को दिखा सकें। - एलिसा मॉर्गन

 

पिता परमेश्वर मुझे अपनी हस्तकला का नमूना बनाने के लिए धन्यवाद; 

मेरी सहायता करने कि मैं इसे संसार को दिखा सकूँ।


क्योंकि जब उसके सन्तान मेरा काम देखेंगे, जो मैं उनके बीच में करूंगा, तब वे मेरे नाम को पवित्र मानेंगे, और इस्राएल के परमेश्वर का अति भय मानेंगे। - यशायाह 29:23

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10

इफिसियों 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।

इफिसियों 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।

इफिसियों 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।

इफिसियों 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया।

इफिसियों 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)

इफिसियों 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।

इफिसियों 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।

इफिसियों 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।

इफिसियों 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्ड करे।

इफिसियों 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहोशू 7-9
  • लूका 1:21-38 

शनिवार, 20 मार्च 2021

विलाप से आराधना

 

          किम का स्तन कैंसर के साथ संघर्ष 2013 में आरंभ हुआ था; उसके इलाज के पूरा होने के चार दिन पश्चात डॉक्टरों ने उसमें एक अन्य रोग के बारे में बताया – निरंतर बढ़ते जाने वाला फेफड़ों का रोग, जिसके कारण उसका जीवन-काल तीन से पाँच वर्ष और ही होने की संभावना है। यह जानने के बाद, पहले वर्ष भर तो वह दुखी होती और परमेश्वर से रो-रोकर प्रार्थनाएँ करती रही, उसके सामने अपनी भावनाओं का ब्यान करती रही। जब 2015 में मेरी मुलाक़ात किम से हुई, तब तक वह अपनी परिस्थिति को परमेश्वर के हाथों में सौंप चुकी थी और अब उसमें ऐसा आनन्द और शान्ति थे जो दूसरों को भी प्रभावित करते थे। यद्यपि उसके लिए कुछ दिन कठिन अवश्य होते हैं, किन्तु परमेश्वर आज भी उसके हृदय-विदारक तकलीफों को एक आशा से भरी स्तुति की गवाही बनाकर प्रयोग कर रहा है, जिससे वह औरों को प्रोत्साहित करती रहती है।

          हम चाहे असंभव या बहुत कठिन लगने वाली परिस्थितियों में ही क्यों न हों, हमारा प्रभु परमेश्वर हमारे विलाप को भी आराधना में बदल सकता है। चाहे उसकी चंगाई हमेशा ही वैसी न लगे जैसी हमने चाही थी या जिसकी हमने आशा रखी थी, लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 30 हमें आश्वस्त करता है कि हम परमेश्वर के मार्गों को लेकर हमेशा भरोसा बनाए रख सकते हैं (भजन 30:1-3)। हमारे मार्ग चाहे जितने भी आँसुओं से भरे हुए हों, फिर भी हमारे पास उसकी स्तुति करने के लिए अनगिनत कारण उपलब्ध रहते है (पद 4)। उसे हमारे विश्वास के भरोसे को और भी दृढ़ करने देते हुए, हम परमेश्वर में सदा आनन्दित रह सकते हैं (पद 5-7)। हम उसकी दया के लिए दुहाई दे सकते हैं (पद 8-10), उस आनन्द का उत्सव मना सकते हैं जो वह अनेकों रोने वाले आराधकों के जीवनों में लेकर आया है। केवल हमारा प्रभु परमेश्वर ही है जो हमारे विलाप की निराशा को भी ऐसे अद्भुत आनन्द में परिवर्तित कर सकता है, जिसे परिस्थितियों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होती है (पद 11-12)।

          हमारा करुणामय पिता जब हमारे दुखों में हमें दिलासा देता है, तब वह हमें अपनी शान्ति से घेर भी लेता है और हमें सामर्थ्य देता है कि हम औरों तथा अपने प्रति उसकी शान्ति को दिखाएं। हमारा प्रेमी और विश्वासयोग्य प्रभु हमारे विलाप को आराधना में परिवर्तित कर सकता है और करता भी है। विलाप से आराधना में पहुँच जाना हमारे विश्वास को और अधिक दृढ़ और स्थिर करता है, तथा औरों को प्रोत्साहित करता है। - सोहचील डिक्सन

 

परमेश्वर पिता हमें अपनी बाँहों में भरे रहें; हमारे विलाप को आराधना में बदल दें।


क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई  के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा। - हबक्कूक 3:17-18

बाइबल पाठ: भजन 30

भजन संहिता 30:1 हे यहोवा मैं तुझे सराहूंगा, क्योंकि तू ने मुझे खींचकर निकाला है, और मेरे शत्रुओं को मुझ पर आनन्द करने नहीं दिया।

भजन 30:2 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी और तू ने मुझे चंगा किया है।

भजन 30:3 हे यहोवा, तू ने मेरा प्राण अधोलोक में से निकाला है, तू ने मुझ को जीवित रखा और कब्र में पड़ने से बचाया है।

भजन 30:4 हे यहोवा के भक्तों, उसका भजन गाओ, और जिस पवित्र नाम से उसका स्मरण होता है, उसका धन्यवाद करो।

भजन 30:5 क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित रात को रोना पड़े, परन्तु सबेरे आनन्द पहुंचेगा।

भजन 30:6 मैं ने तो अपने चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का।

भजन 30:7 हे यहोवा अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया।

भजन 30:8 हे यहोवा मैं ने तुझी को पुकारा; और यहोवा से गिड़गिड़ाकर यह बिनती की, कि

भजन 30:9 जब मैं कब्र में चला जाऊंगा तब मेरे लहू से क्या लाभ होगा? क्या मिट्टी तेरा धन्यवाद कर सकती है? क्या वह तेरी सच्चाई का प्रचार कर सकती है?

भजन 30:10 हे यहोवा, सुन, मुझ पर अनुग्रह कर; हे यहोवा, तू मेरा सहायक हो।

भजन 30:11 तू ने मेरे लिये विलाप को नृत्य में बदल डाला, तू ने मेरा टाट उतरवाकर मेरी कमर में आनन्द का पटुका बान्धा है;

भजन 30:12 ताकि मेरी आत्मा तेरा भजन गाती रहे और कभी चुप न हो। हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं सर्वदा तेरा धन्यवाद करता रहूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहोशू 4-6
  • लूका 1:1-20  

शुक्रवार, 19 मार्च 2021

विरासत

 

          उनका नाम लंबा था, किन्तु उनकी आयु और भी बहुत लम्बी थी। मैडिलीन हैरियट ओर्र जैक्सन विलियम्स 101 वर्ष की आयु, और अपने दो पतियों से अधिक लम्बे समय तक जीवित रहीं। उनके दोनों पति मसीही प्रचारक थे, और मैडिलीन मेरी दादी थीं, जिन्हें हम ‘मोम्माख कर संबोधित करते थे। मैं और मेरे भाई-बहन उन्हें बहुत अच्छे से जानते थे, क्योंकि हम उन्हीं के घर में रहा करते थे, जब तक कि उनके दूसरे विवाह के पश्चात उनके पति उन्हें अपने साथ नहीं ले गए। तब भी वे हम से पचास मील दूर ही रहती थीं। हमारी दादी मसीही भजन गाते रहने, धर्म की शिक्षाओं के पाठों को सिखाते रहने, प्यानों बजाने, और परमेश्वर के भय में जीने वाली महिला थीं, और मुझ पर उनके इस मसीही विश्वास की गहरी छाप पड़ी है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में 2 तिमुथियुस 1:3-7 के अनुसार, तिमुथियुस के जीवन पर उसकी नानी लोइस और माता यूनीके की गहरी छाप पड़ी थी। उन दोनों महिलाओं का जीवन पवित्र शास्त्र की शिक्षाओं में स्थापित था (पद 5; 2 तिमुथियुस 3:14-16), और अन्ततः उनका यही विश्वास तिमुथियुस के जीवन में भी फला-फूला। परमेश्वर के वचन के अनुसार की गई उसकी परवरिश न केवल उसके परमेश्वर के साथ संबंध का आधार थी, वरन उसके परमेश्वर के लिए उपयोगी होने का बहुत महत्वपूर्ण कारण भी थी (1:6-7)।

          जैसे तिमुथियुस के समय में, वैसे ही आज भी और हमेशा ही, परमेश्वर विश्वासयोग्य लोगों, महिलाओं और पुरुषों, को भावी पीढ़ियों पर छाप छोड़ने के लिए प्रयोग करता है। हमारी प्रार्थनाएँ, शब्द, कार्य, और सेवकाई हमारे जीवन काल में भी और हमारे जीवन के बाद भी प्रभु परमेश्वर के द्वारा बड़ी सामर्थ्य के साथ प्रयोग की जा सकती है। इसीलिए आज भी मैं और मेरे भाई-बहनें उन बातों को स्मरण करते और दोहराते रहते हैं जो हमें मोम्मा ने सिखाई थीं। मेरी प्रार्थना यही है कि मोम्मा की यह विरासत हमारे साथ ही समाप्त न होने पाए, वरन आगे तक चलती चली जाए। - आर्थर जैक्सन

 

हे स्वर्गीय पिता, हमें अपनी जीवित विरासत के समान, 

अपनी महिमा तथा औरों की उन्नति के लिए प्रयोग कर।


और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें; और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। - व्यवस्थाविवरण 6:6, 7

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 1:3-7

2 तीमुथियुस 1:3 जिस परमेश्वर की सेवा मैं अपने बाप दादों की रीति पर शुद्ध विवेक से करता हूं, उसका धन्यवाद हो कि अपनी प्रार्थनाओं में तुझे लगातार स्मरण करता हूं।

2 तीमुथियुस 1:4 और तेरे आंसुओं की सुधि कर कर के रात दिन तुझ से भेंट करने की लालसा रखता हूं कि आनन्द से भर जाऊं।

2 तीमुथियुस 1:5 और मुझे तेरे उस निष्कपट विश्वास की सुधि आती है, जो पहिले तेरी नानी लोइस, और तेरी माता यूनीके में थी, और मुझे निश्चय हुआ है, कि तुझ में भी है।

2 तीमुथियुस 1:6 इसी कारण मैं तुझे सुधि दिलाता हूं, कि तू परमेश्वर के उस वरदान को जो मेरे हाथ रखने के द्वारा तुझे मिला है चमका दे।

2 तीमुथियुस 1:7 क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ्य, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहोशू 1-3
  • मरकुस 16

गुरुवार, 18 मार्च 2021

आनन्द

 

          जब भी मेरी मित्र मेरी फोन कॉल को ले पाने में किसी भी कारण से असमर्थ होती थी, उसकी वोइस मेल रिकॉडिंग मशीन मुझे उसके लिए सन्देश रिकार्ड कर के छोड़ देने के लिए कहती थी, और अपनी बात का अन्त प्रसन्नता के सन्देश, “आपका दिन अच्छा बीते” कहकर करती थी। मैं उस मशीन द्वारा कही गई बात पर मनन कर रही थी, और मुझे ध्यान आया कि यह हमारे हाथ में नहीं है कि हम अपने हर दिन को अच्छा बना सकें – कभी-कभी कुछ परिस्थितियाँ वास्तव में बहुत दुःख देने वाली होती हैं। परन्तु यदि मैं दिन भर की बातों और कार्यों का ध्यान से पुनः अवलोकन करूँ, तो मुझे अपने दिन में कुछ न कुछ मनोहर या अच्छा लगने वाला मिल सकता है, चाहे परिस्थितियाँ भली हों अथवा बुरी।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में हबक्कूक नबी कठिन परिस्थितियों से होकर निकल रहा था। परमेश्वर ने उसे आने वाले वो दिन दिखाए थे जब उनकी निरंतर अनाज्ञाकारिता और पाप के कारण सब बर्बाद हो जाएगा, न फसल और न पशु – जिन पर परमेश्वर के लोग निर्भर करते थे, फलदायी रहेंगे (3:17)। आने वाली कठिन परिस्थितियों को झेल पाने के लिए केवल आशावादी होने भर से ही काम नहीं चलेगा। इस्राएल अत्यधिक निर्धनता की स्थिति से होकर निकलेगा, जो कलेजे को कंपा देने, होंठ थरथरा देने, टाँगों को कंपकंपा देने वाली होगी (पद 16)।

          लेकिन ऐसा होते हुए भी, हबक्कूक ने कहा कि वह यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहेगा (पद 18)। उसने अपनी आशा परमेश्वर ही को बनाया, जो कठिन स्थानों में भी चलते रहने की सामर्थ्य प्रदान करता है (पद 19)।

          कभी-कभी हम गहरे दुःख और कठिनाइयों के समयों में से होकर निकलते हैं, और जीवन बहुत अभिभूत करने वाला लग सकता है। किन्तु हमने चाहे जो खो दिया हो, या बहुत लालसा रखने के बाद भी कुछ ऐसा ही जिसे हम प्राप्त न कर सके हों, फिर भी हबक्कूक के समान, हम भी प्रेमी पिता परमेश्वर के साथ अपने संबंध को लेकर आनन्दित हो सकते हैं। चाहे हमें ऐसा लगे कि अब हमारे पास कुछ नहीं बचा है, तब भी हमारे पास यह दृढ़ आशा है कि हमारा पिता परमेश्वर न तो हमें अकेला और असहाय छोड़ेगा और न कभी हमें त्यागेगा (इब्रानियों 13:5)। वही हमें हर परिस्थिति में उपलब्ध करवाता है (यशायाह 61:2, 3), वही हमारे आनन्द का कारण है। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

हे प्रभु, मेरी परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, मैं आप में सदा आनन्दित रह सकूँ।


कि यहोवा के प्रसन्न रहने के वर्ष का और हमारे परमेश्वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूं; कि सब विलाप करने वालों को शान्ति दूँ और सिय्योन के विलाप करने वालों के सिर पर की राख दूर कर के सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर कर के हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांज वृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो। - यशायाह 61:2, 3

बाइबल पाठ: हबक्कूक 3:13-19

हबक्कूक 3:13 तू अपनी प्रजा के उद्धार के लिये निकला, हां, अपने अभिषिक्त के संग हो कर उद्धार के लिये निकला। तू ने दुष्ट के घर के सिर को घायल कर के उसे गले से नींव तक नंगा कर दिया।

हबक्कूक 3:14 तू ने उसके योद्धाओं के सिरों को उसी की बरछी  से छेदा है, वे मुझ को तितर-बितर करने के लिये बवंडर की आंधी के समान आए, और दीन लोगों को घात लगा कर मार डालने की आशा से आनन्दित थे।

हबक्कूक 3:15 तू अपने घोड़ों पर सवार हो कर समुद्र से हां, जलप्रलय से पार हो गया।

हबक्कूक 3:16 यह सब सुनते ही मेरा कलेजा कांप उठा, मेरे ओंठ थरथराने लगे; मेरी हड्डियां सड़ने लगीं, और मैं खड़े खड़े कांपने लगा। मैं शान्ति से उस दिन की बाट जोहता रहूंगा जब दल बांध कर प्रजा चढ़ाई करे।

हबक्कूक 3:17 क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई  के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों,

हबक्कूक 3:18 तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा।

हबक्कूक 3:19 यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पांव हरिणों के समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊंचे स्थानों पर चलाता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47