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शनिवार, 29 मई 2021

आनन्द

 

          मैं जमाइका के मोंटेगो बे अस्पताल में लौटकर रेंडेल से फिर से मिलने के लिए बहुत उत्सुक था। रेंडेल ने दो वर्ष पहले उसके लिए प्रभु यीशु के प्रेम को जाना था। हाई-स्कूल के छात्रों की एक मसीही भजन गाने वाली मण्डली की एक किशोर सदस्या, इवी ने रेंडेल के साथ परमेश्वर के वचन बाइबल में से कुछ भाग पढ़ा था, और उसे सुसमाचार समझाया था, और रेंडेल ने प्रभु यीशु मसीह को अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता स्वीकार कर लिया था।

          मैंने जब उस अस्पताल के पुरुषों के भाग में प्रवेश किया, और रेंडेल के पलंग की ओर देखा, तो वह खाली था। मैंने जाकर नर्स से पूछा तो मुझे वह पता चला जो मैं बिलकुल सुनना नहीं चाहता था – रेंडेल का हमारे वहाँ पहुँचने से बस पाँच दिन पहले ही देहांत हो गया था।

          अपने आँसुओं के साथ मैंने इवी को फोन से इस दुखद समाचार का सन्देश भेजा। उसने सहज प्रत्युत्तर में लिखा, “वह अब प्रभु यीशु के साथ आनन्द में है।” बाद में, जब हम मिले तो उसने कहा, “यह अच्छा ही हुआ कि हमने उसे प्रभु यीशु के बारे उस समय बता दिया था।”

          इवी के शब्दों ने मुझे हर समय प्रभु यीशु मसीह में विश्वास के द्वारा पापों की क्षमा और अनन्त जीवन की आशा के सुसमाचार को सप्रेम सुनाते रहने के लिए तैयार रहने का स्मरण करवाया। नहीं, सुसमाचार सुनाना, उस प्रभु के बारे में बताना जो हमेशा हमारे साथ बना रहेगा (मत्ती 28:20), हमेशा ही सरल नहीं होता है। किन्तु जब हम इस पर विचार करते हैं कि जोखिम उठाकर भी जब हम किसी के साथ सुसमाचार बाँटते हैं, और इससे उनके जीवन में भी वही परिवर्तन आता है, जो  हमारे जीवन में आया; उन्हें भी उस अनन्त आनन्द की आशा बंधती है जो हमारे पास है; जब हम रेंडेल जैसे लोगों और उनके जीवनों में आए परिवर्तन के बारे में विचार करते हैं, तो यह हमें प्रोत्साहित करता है कि हम जहाँ कहीं भी जाएँ, प्रभु यीशु के लिए शिष्य बनाने के लिए सदा तैयार रहें (पद 19)।

          मैं उस खाली पलंग को देखने की उदासी को कभी नहीं भूलूँगा; और न ही उस आनन्द की अनुभूति को जो एक किशोरी के द्वारा रेंडेल को सुसमाचार सुनाने के द्वारा उसके जीवन में अनन्त काल के लिए आनन्द से भर देने के द्वारा मुझे मिला। - डेव ब्रैनन

 

प्रभु संसार को आपके सुसमाचार की आवश्यकता है; हमें साहस दें कि हम सभी लोगों को सुसमाचार सुनाएं।


परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। - प्रेरितों 1:8

बाइबल पाठ: मत्ती 28:16-20

मत्ती 28:16 और ग्यारह चेले गलील में उस पहाड़ पर गए, जिसे यीशु ने उन्हें बताया था।

मत्ती 28:17 और उन्होंने उसके दर्शन पाकर उसे प्रणाम किया, पर किसी किसी को सन्देह हुआ।

मत्ती 28:18 यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है।

मत्ती 28:19 इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो।

मत्ती 28:20 और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 11:1-29


शुक्रवार, 28 मई 2021

साथ

 

          इंडोनेशिया के पास्टरों के लिए एक बाइबल मार्गदर्शिका को लिखते समय मेरा एक लेखक मित्र वहाँ के लोगों की एक-दूसरे के साथ रहने की संस्कृति से बहुत प्रभावित हुआ। वहाँ की भाषा में इसे ‘गोटोंग-रोयोंग कहते हैं, जिसका अर्थ होता है परस्पर सहायता। इस प्रथा का पालन गाँवों में भी होता है, जिसके अंतर्गत पड़ौसी साथ मिलकर किसी की छत की मरम्मत करते हैं, या कोई पुल अथवा सड़क को बनाते हैं। शहरों में भी, मेरे मित्र ने बताया, “लोग हमेशा एक-दूसरे के साथ जाते हैं – उदाहरण के लिए, किसी चिकित्सक के पास। ये वहाँ की संस्कृति का नियम है। इसलिए कोई भी कभी भी अकेला नहीं होता है।”

          सारे संसार भर में मसीही विश्वासी भी इस बात में आनन्दित होते हैं कि वे कभी भी अकेले नहीं हैं। हम सभी मसीही विश्वासियों के साथ परमेश्वर का पवित्र आत्मा सदा ही बना रहता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि हमारे परमेश्वर पिता ने हमें अपना आत्मा केवल हमारा मित्र बनकर रहने के लिए ही नहीं दिया है, लेकिन हमारा सहायक और मार्गदर्शक होने के लिए दिया है (यूहन्ना 14:16))।

          प्रभु यीशु मसीह ने शिष्यों से यह वायदा किया कि पृथ्वी पर उनके समय के पूरा हो जाने के बाद भी प्रभु अपने अनुयायियों को अकेला नहीं छोड़ेगा (पद 18)। वरन परमेश्वर का पवित्र आत्मा, जो सत्य का आत्मा है, उनके साथ और उनमें, जिन्होंने प्रभु यीशु को अपना निज उद्धारकर्ता ग्रहण कर लिया है, उसे जीवन समर्पित कर दिया है, सदा बना रहेगा (पद 17)। परमेश्वर पवित्र आत्मा मसीही विश्वासियों का सहायक, सांत्वना देने वाला, प्रोत्साहित करने वाला, और सलाहकार है – हमारा हमेशा का साथी, इस संसार में, जहाँ परस्पर संबंधित लोगों के होते हुए भी एकाकीपन घेर सकता है, वह हमारा कभी हमसे दूर न होने वाला साथी है। हम प्रभु की ओर से हमें मिले इस अद्भुत सहायक के दिलासा देने वाले प्रेम, सहायता और मार्गदर्शन में सदा चलते रहें; उसके साथ के अनुभव में बने रहें। - पेट्रीशिया रेबौन

 

हमारा सर्व-सामर्थी सहायक, परमेश्वर पवित्र आत्मा सदा हमारे साथ बना रहता है।


परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। - यूहन्ना 16:13

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:15-18

यूहन्ना 14:15 यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे।

यूहन्ना 14:16 और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे।

यूहन्ना 14:17 अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।

यूहन्ना 14:18 मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 4-6
  • यूहन्ना 10:24-42

गुरुवार, 27 मई 2021

स्मृति

 

          मेरी परवरिश एक ऐसे चर्च में हुई थी जिसमें बहुत सी प्रथाएँ मनाई जाती थीं। उनमें से एक प्रथा थी किसी प्रिय परिवार सदस्य या मित्र के देहांत के बाद उसे आदर देने की विधि की। आदर देने के लिए या तो चर्च के अन्दर बैठने की किसी बेंचों के कतार के सिरे पर, या फिर दीवार पर किसी चित्र को लगाकर उस पर एक पीतल की चमकती हुई पट्टिका लगा दी जाती थी जिस पर लिखा होता था “... की स्मृति में।” दिवंगत व्यक्ति का नाम वहाँ चमकता हुआ लिखा रहता था। मैंने सदा ही इन स्मारकों की सराहना की है, और अब भी करता हूँ। लेकिन फिर भी उन्हें देखकर कुछ निश्चल सा लगता है, क्योंकि वे स्थिर, निष्क्रिय वस्तुएँ हैं, जो “जीवित” नहीं हैं। और मैं सोचता हूँ क्या कोई तरीका है कि इसके साथ कुछ गतिमान या सक्रिय स्मृति को भी जोड़ा जा सके?

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, उसके प्रिय मित्र योनातान के देहांत के बाद, दाऊद ने उससे किए गए अपने वायदे के निर्वाह (1 शमूएल 20:12-17), तथा उसकी स्मृति में कुछ करना चाहा। लेकिन यूँ ही किसी निष्क्रिय वस्तु को खोजने के स्थान पर, दाऊद ने खोज करवाई और एक जीवित को खोज निकाला – योनातान के पुत्र को (2 शमूएल 9:3)। यहाँ पर दाऊद का निर्णय नाटकीय है। उसने मपीबोशेत पर कृपा दिखानी चाही (पद 1, 6-7)। दाऊद ने उसकी जायदाद उसे फेर कर दे दी (“तेरे दादा की सारी भूमि”), और उसे अपने साथ हमेशा के लिए भोजन करते रहने (“तू मेरे साथ नित्य भोजन किया करेगा”) का अधिकार प्रदान किया।

          जब हम अपने दिवंगत प्रियजनों को स्मरण करते हैं, उनकी स्मृति में पट्टिकाएं और चित्र लगाते हैं, तो हम दाऊद के उदाहरण को भी ध्यान रखें और उनके प्रति भी कृपा दिखाएं जो अभी जीवित हैं। - जॉन ब्लेस

 

जिन्होंने हमारे प्रति कृपा की है, उनकी स्मृति में हम भी औरों पर कृपालु बने रहें।


निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करुणामय, और नम्र बनो। - 1 पतरस 3:8

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 9:1-7

2 शमूएल 9:1 दाऊद ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं योनातान के कारण प्रीति दिखाऊं?

2 शमूएल 9:2 शाऊल के घराने का सीबा नाम एक कर्मचारी था, वह दाऊद के पास बुलाया गया; और जब राजा ने उस से पूछा, क्या तू सीबा है? तब उसने कहा, हां, तेरा दास वही है।

2 शमूएल 9:3 राजा ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं परमेश्वर की सी प्रीति दिखाऊं? सीबा ने राजा से कहा, हां, योनातान का एक बेटा तो है, जो लंगड़ा है।

2 शमूएल 9:4 राजा ने उस से पूछा, वह कहां है? सीबा ने राजा से कहा, वह तो लोदबार नगर में, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर में रहता है।

2 शमूएल 9:5 तब राजा दाऊद ने दूत भेज कर उसको लोदबार से, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर से बुलवा लिया।

2 शमूएल 9:6 जब मपीबोशेत, जो योनातान का पुत्र और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, तब मुँह के बल गिर के दण्डवत किया। दाऊद ने कहा, हे मपीबोशेत! उसने कहा, तेरे दास को क्या आज्ञा?

2 शमूएल 9:7 दाऊद ने उस से कहा, मत डर; तेरे पिता योनातान के कारण मैं निश्चय तुझ को प्रीति दिखाऊंगा, और तेरे दादा शाऊल की सारी भूमि तुझे फेर दूंगा; और तू मेरी मेज पर नित्य भोजन किया कर।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 10:1-23

बुधवार, 26 मई 2021

हिम्मत

 

            लंडन के पार्लियामेंट स्क्वायर में लगी महान पुरुषों (नेल्सन मेंडेला, विंस्टन चर्चिल, महात्मा गांधी, और अन्य) की प्रतिमाओं के मध्य में केवल एक महिला की प्रतिमा भी है। यह एकमात्र महिला है मिलीसेंट फॉसेट, जिन्होंने महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिए जाने के लिए संघर्ष किया। काँसे में बनी उनकी प्रतिमा में उन्हें अमर किया गया है, और उन्हें हाथ में एक बैनर थामे हुए दिखाया गया है, जिसमें उनके द्वारा अपने साथी संघर्ष करने वालों के लिए उनके शब्द “साहस हर स्थान पर औरों में साहस का आह्वान करता है” लिखे गए हैं। फॉसेट ने इस बात पर जोर दिया कि एक व्यक्ति का साहस औरों में भी साहस उत्पन्न करता है, और डरपोक आत्माओं को सक्रिय होने के लिए जागृत करता है।

            परमेश्वर के वचन बाइबल में जब दाऊद अपनी राजगद्दी अपने पुत्र सुलैमान को सौंप रहा था, तो उसने उसे उन भारी दायित्वों के बारे में भी समझाया जो शीघ्र ही उसके कन्धों पर आ पड़ेंगे। बहुत संभव है कि सुलैमान उन दायित्वों  – इस्राएल का नेतृत्व करना कि सभी लोग परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार चलें, जो भूमि परमेश्वर ने उन्हें प्रदान की थी उसकी ठीक से रक्षा करे, और मंदिर को बनवाने के महान कार्य को करवाए (1 इतिहास 28:8-10) के भार का अंदाजा लगाकर काँप उठा।

            सुलैमान के कंपकंपाते हृदय को भांपते हुए, दाऊद ने अपने पुत्र को सामर्थी शब्द भी कहे: “फिर दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान से कहा, हियाव बान्ध और दृढ़ हो कर इस काम में लग जा। मत डर, और तेरा मन कच्चा न हो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर जो मेरा परमेश्वर है, वह तेरे संग है; और जब तक यहोवा के भवन में जितना काम करना हो वह न हो चुके, तब तक वह न तो तुझे धोखा देगा और न तुझे त्यागेगा” (पद 20)। सच्ची हिम्मत कभी भी सुलैमान की अपनी योग्यता अथवा स्वावलंबी होने से नहीं आती, वरन परमेश्वर पर निर्भर करने और उसकी उपस्थिति तथा सामर्थ्य का सहारा लेने से उसे प्रदान की जानी थी; और परमेश्वर ने सुलैमान को उसके दायित्वों के निर्वाह के लिए आवश्यक हिम्मत प्रदान भी की।

            जब हमें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो अकसर हम अपने आप को बहादुरी दिखाने के लिए उकसाते हैं या अपने कौशल का ढोल पीटने लगते हैं। किन्तु हमारे विश्वास को नूतन और कारगर करने वाला परमेश्वर है। वह हमारे साथ बना रहेगा, और हमारे साथ उसकी उपस्थिति हमें हिम्मत देती रहेगी। - विन्न कोलियर

 

प्रभु मेरी हर परिस्थिति में मुझे अपनी उपस्थिति का एहसास करवाएँ।


जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। - यशायाह 43:2

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 28:8-10, 19-21

1 इतिहास 28:8 इसलिये अब इस्राएल के देखते अर्थात यहोवा की मण्डली के देखते, और अपने परमेश्वर के सामने, अपने परमेश्वर यहोवा की सब आज्ञाओं को मानो और उन पर ध्यान करते रहो; ताकि तुम इस अच्छे देश के अधिकारी बने रहो, और इसे अपने बाद अपने वंश का सदा का भाग होने के लिये छोड़ जाओ।

1 इतिहास 28:9 और हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा।

1 इतिहास 28:10 अब चौकस रह, यहोवा ने तुझे एक ऐसा भवन बनाने को चुन लिया है, जो पवित्रस्थान ठहरेगा, हियाव बान्धकर इस काम में लग जा।

1 इतिहास 28:19 मैं ने यहोवा की शक्ति से जो मुझ को मिली, यह सब कुछ बूझ कर लिख दिया है।

1 इतिहास 28:20 फिर दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान से कहा, हियाव बान्ध और दृढ़ हो कर इस काम में लग जा। मत डर, और तेरा मन कच्चा न हो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर जो मेरा परमेश्वर है, वह तेरे संग है; और जब तक यहोवा के भवन में जितना काम करना हो वह न हो चुके, तब तक वह न तो तुझे धोखा देगा और न तुझे त्यागेगा।

1 इतिहास 28:21 और देख परमेश्वर के भवन के सब काम के लिये याजकों और लेवियों के दल ठहराए गए हैं, और सब प्रकार की सेवा के लिये सब प्रकार के काम प्रसन्नता से करने वाले बुद्धिमान पुरुष भी तेरा साथ देंगे; और हाकिम और सारी प्रजा के लोग भी जो कुछ तू कहेगा वही करेंगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 28-29
  • यूहन्ना 9:24-41

मंगलवार, 25 मई 2021

साहस

 

          1963 की गर्मियों की बात है, सारी रात की बस यात्रा के बाद नागरिक अधिकारों के लिए सक्रिय कार्यकर्ता, फैनी लू हैमर और छः अन्य यात्री भोजन के लिए एक भोजनालय पर रुके। कुछ न्यायिक अधिकारियों द्वारा उन्हें वहाँ से जबरन निकल जाने के लिए बाध्य करने के पश्चात, उन्हें पकड़ कर जेल में डाल दिया गया। किन्तु उनका अपमानित किए जाना इस गैर-कानूनी गिरफ्तारी के साथ ही समाप्त नहीं हुआ। उन सभी को बुरी तरह से पीटा भी गया; किन्तु फैनी को सबसे बुरी मार पड़ी। एक क्रूर आक्रमण के बाद, जिससे वह मृत्यु के निकट आ गई थी, फैनी ने स्तुति का भजन गाना आरंभ कर दिया; गाने वाली वह अकेली ही नहीं थी; अन्य बंदी भी उसके साथ गाने लगे, “पौलुस और सिलास को बांधकर जेल में डाला गया; मेरे लोगों को जा लेने दो!” वे सभी कैदी शरीर से बंधे हुए थे, किन्तु आत्मा से नहीं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों 16 अध्याय में हम देखते हैं कि पौलुस और सिलास एक बहुत कठिन परिस्थिति में पड़े हुए थे, क्योंकि औरों को प्रभु यीशु के बारे में बताने के कारण उन्हें बाँध कर जेल में डाल दिया गया था। लेकिन उनके क्लेशों ने उन्हें निरुत्साहित नहीं किया;आधी रात के लगभग पौलुस और सीलास प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भजन गा रहे थे, और बन्‍धुए उन की सुन रहे थे” (प्रेरितों 16:25)। उनके इस साहसी स्तुतिगान और आराधना ने उनके लिए अवसर तैयार किया कि वे प्रभु यीशु के बारे में और भी बताते रहें। वे वहाँ के जेलर को भी उद्धार का सुसमाचार सुना सके, और उसने विश्वास किया तथा उद्धार भी पाया (पद 32)।

          हम में से अधिकांश को उन कठोर परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिनका पौलुस, सिलास और फैनी ने किया; किन्तु हम में से प्रत्येक मसीही विश्वासी को किसी-न-किसी अप्रिय स्थिति का सामना अवश्य करना होगा। जब हमारे साथ ऐसा होगा, तब उस परिस्थिति के लिए हमारी सामर्थ्य हमें हमारे विश्वासयोग्य परमेश्वर से मिलेगी। उन विकट परिस्थितियों में हमारे भी मनों में कोई स्तुति और आराधना का भजन हो, और उन कठिनाइयों में भी हम प्रभु यीशु मसीह के बारे में बोलने का साहस दिखा सकें। - आर्थर जैक्सन

 

कठिन समयों में उसकी स्तुति और आराधना करें, जो हर बात को नियंत्रित करता है।


जब वे तुम्हें पकड़वाएंगे तो यह चिन्ता न करना, कि हम किस रीति से; या क्या कहेंगे: क्योंकि जो कुछ तुम को कहना होगा, वह उसी घड़ी तुम्हें बता दिया जाएगा। - मत्ती 10:19

बाइबल पाठ: प्रेरितों 16:25-34

प्रेरितों के काम 16:25 आधी रात के लगभग पौलुस और सीलास प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भजन गा रहे थे, और बन्‍धुए उन की सुन रहे थे।

प्रेरितों 16:26 कि इतने में एकाएक बड़ा भुई-डोल हुआ, यहां तक कि बन्‍दीगृह की नेव हिल गईं, और तुरन्त सब द्वार खुल गए; और सब के बन्धन खुल पड़े।

प्रेरितों 16:27 और दारोगा जाग उठा, और बन्‍दीगृह के द्वार खुले देखकर समझा कि बन्‍धुए भाग गए, सो उसने तलवार खींचकर अपने आप को मार डालना चाहा।

प्रेरितों 16:28 परन्तु पौलुस ने ऊंचे शब्द से पुकारकर कहा; अपने आप को कुछ हानि न पहुंचा, क्योंकि हम सब यहां हैं।

प्रेरितों 16:29 तब वह दीया मंगवाकर भीतर लपक गया, और कांपता हुआ पौलुस और सीलास के आगे गिरा।

प्रेरितों 16:30 और उन्हें बाहर लाकर कहा, हे साहबों, उद्धार पाने के लिये मैं क्या करूं?

प्रेरितों 16:31 उन्होंने कहा, प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा।

प्रेरितों 16:32 और उन्होंने उसको, और उसके सारे घर के लोगों को प्रभु का वचन सुनाया।

प्रेरितों 16:33 और रात को उसी घड़ी उसने उन्हें ले जा कर उन के घाव धोए, और उसने अपने सब लोगों समेत तुरन्त बपतिस्मा लिया।

प्रेरितों 16:34 और उसने उन्हें अपने घर में ले जा कर, उन के आगे भोजन रखा और सारे घराने समेत परमेश्वर पर विश्वास कर के आनन्द किया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 25-27 
  • यूहन्ना 9:1-30