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रविवार, 20 जून 2021

साथ

 

          हमारे चर्च के एक छः सदस्यों के परिवार के घर में आग लग गई, और घर को नष्ट कर दिया। यद्यपि पिता और एक बेटा बच गए; पिता अभी अस्पताल में ही थे, जब उनकी पत्नी, माँ, और दो अन्य बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। दुर्भाग्यवश, इस प्रकार की हृदयविदारक घटनाएँ बार-बार होती रहती हैं। और वो जब भी घटित होती हैं, उनके साथ यह प्रश्न भी दोहराया जाता है कि “भले लोगों के साथ बुरी घटनाएँ क्यों होती हैं?” और यह हमारे लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि इस प्राचीन प्रश्न का कोई नया उत्तर नहीं है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने भजन 46 में जो सत्य व्यक्त किया है, वही इस प्रश्न के उत्तर के लिए बार-बार प्रयोग किया जाता है; उसी के साथ लोगों को सांत्वना और प्रोत्साहन प्रदान  किया जाता है। “परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक” (पद 1)। इस भजन के 2 और 3 पद में जिन परिस्थितियों का वर्णन किया गया है, वे भयानक और विनाशकारी हैं – धरती और पहाड़ डोल गए, समुद्र में प्रचंड लहरें उफान पर हैं। हम उन परिस्थितियों में अपने होने की कल्पना करने से ही काँप उठते हैं, जिनका वर्णन यहाँ काव्यात्मक रीति से किया गया है। लेकिन कभी-कभी हम अपने आप को वैसी परिस्थितियों में फंसा हुआ पाते हैं – किसी लाइलाज बीमारी के भंवर में फंसा हुआ; किसी आर्थिक संकट में इधर से उधर उछाले जाते हुए; प्रिय जनों की मृत्यु के कारण आहत और स्तब्ध, आदि।

          यह तर्क देना बहुत सहज है कि मुसीबतों के होने का अभिप्राय है कि परमेश्वर अनुपस्थित है। लेकिन पवित्र शास्त्र के सत्य ऐसी धारणाओं का समर्थन नहीं करते हैं। लिखा है,सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है” (पद 7, 11)। चाहे हमारी परिस्थितियाँ असहनीय भी हों, तब भी हमारा परमेश्वर पिता उनमें भी हमारे साथ ही होता है। वह भला, प्रेमी, और विश्वासयोग्य है; हम उसके हमारी हर परिस्थिति में हमारे साथ बने रहने से सांत्वना और प्रोत्साहन प्राप्त कर सकते हैं। - आर्थर जैक्सन

 

पिता परमेश्वर चाहे परिस्थितियाँ आपके हमारे साथ होने पर शक उत्पन्न करें; 

किन्तु हम तब भी आपके वचन की सच्चाई पर भरोसा बनाए रखें।


तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 46

भजन संहिता 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।

भजन संहिता 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;

भजन संहिता 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।

भजन संहिता 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।

भजन संहिता 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।

भजन संहिता 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।

भजन संहिता 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

भजन संहिता 46:8 आओ, यहोवा के महा-कर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है।

भजन संहिता 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है!

भजन संहिता 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!

भजन संहिता 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • एस्तेर 1-2
  • प्रेरितों 5:1-21


शनिवार, 19 जून 2021

सामर्थ्य

 

          यद्यपि ऐनी शीफ मिल्लर का देहांत 1999 में, 90 वर्ष की आयु में हुआ, लेकिन 1942 में वह लगभग मर ही गई थी; असमय प्रसव और उससे हुए संक्रमण के कारण, संक्रमण का प्रभाव उसके सारे शरीर में फ़ैल गया, और सभी इलाज विफल हो गए। जब उसी अस्पताल में भरती एक मरीज़ ने अपने एक जानकार वैज्ञानिक के विषय में बताया जो एक चमत्कारिक दवा पर कार्य कर रहा था, तो ऐनी के चिकित्सक ने सरकार पर दबाव दिया कि ऐनी के इलाज के लिए उस दवा की कुछ मात्रा दे दी जाए। ऐनी को उस दवा के मिलते ही, एक ही दिन में ऐनी का तापमान सुधरकर वापस सामान्य पर आ गया! थोड़ी सी पेनिसिलीन ने ऐनी की जान बचा दी।

          पाप में गिरने के समय से लेकर आज तक, सभी मनुष्यों ने पाप द्वारा लाई गई एक विनाशक आत्मिक स्थिति का अनुभव किया है (रोमियों 5:12)। पाप के इस विनाशकारी प्रभाव के विरुद्ध सभी मानवीय उपाय असफल रहे हैं; केवल प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर दिए गए बलिदान और मृतकों में से उनके पुनरुत्थान, तथा परमेश्वर पवित्र आत्मा की सामर्थ्य ने ही यह संभव किया है कि मनुष्य पाप से बच सके और चंगा हो जाए (रोमियों 8:1-2)। प्रभु यीशु मसीह के कलवरी के क्रूस पर दिए गए बलिदान पर विश्वास लाने वालों के जीवनों में काम करने वाली पवित्र आत्मा की सामर्थ्य, उन्हें पृथ्वी पर बहुतायत का जीवन जीने के लिए सक्षम करती है, और फिर परमेश्वर की उपस्थिति में अनन्त जीवन व्यतीत करने के योग्य करती है (पद 3-10); “और यदि उसी का आत्मा जिसने यीशु को मरे हुओं में से जिलाया तुम में बसा हुआ है; तो जिसने मसीह को मरे हुओं में से जिलाया, वह तुम्हारी मरनहार देहों को भी अपने आत्मा के द्वारा जो तुम में बसा हुआ है जिलाएगा” (पद 11)।

          जब भी आपका दुर्बल मानव स्वभाव आपके अन्दर जीवन को अभिभूत करने के प्रयास करे, तो अपने उद्धार के स्त्रोत, प्रभु यीशु मसीह की ओर देखें, और उसकी पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से बलवंत हो जाएँ (पद 11-17)। “आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है”, और “वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है” (पद 26, 27)। - रूथ ओरिली स्मिथ

 

पवित्र आत्मा की सामर्थ्य प्रत्येक मसीही विश्वासी को संसार पर जयवंत  बनाती है।


परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा। - यूहन्ना 14:26

बाइबल पाठ: रोमियों 8:1-2, 10-17

रोमियों 8:1 सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।

रोमियों 8:2 क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया।

रोमियों 8:10 और यदि मसीह तुम में है, तो देह पाप के कारण मरी हुई है; परन्तु आत्मा धर्म के कारण जीवित है।

रोमियों 8:11 और यदि उसी का आत्मा जिसने यीशु को मरे हुओं में से जिलाया तुम में बसा हुआ है; तो जिसने मसीह को मरे हुओं में से जिलाया, वह तुम्हारी मरनहार देहों को भी अपने आत्मा के द्वारा जो तुम में बसा हुआ है जिलाएगा।

रोमियों 8:12 सो हे भाइयों, हम शरीर के कर्जदार नहीं, ताकि शरीर के अनुसार दिन काटें।

रोमियों 8:13 क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रियाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे।

रोमियों 8:14 इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं।

रोमियों 8:15 क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं।

रोमियों 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं।

रोमियों 8:17 और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएँ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 12-13
  • प्रेरितों 4:23-37


शुक्रवार, 18 जून 2021

बचाव

 

          कॉमिक पुस्तिकाओं के नायक आज भी हमेशा के समान ही लोकप्रिय हैं। केवल 2017 में ही सुपरहीरो कहानियों पर बनी छः फिल्मों ने 4 ख़रब अमरीकी डॉलर से भी अधिक के कमाई की। लेकिन लोग इस प्रकार से रोमांचित करने वाली फिल्मों की ओर इतने आकर्षित क्यों होते हैं? हो सकता है कि कुछ सीमा तक यह इसलिए हो क्योंकि ऐसी कहानियाँ, कुछ प्रकार से परमेश्वर की महान कहानी के समान होती हैं। उन कहानियों में एक नायक, एक खलनायक, और ऐसे लोग होते हैं जिन्हें बचाए जाने की आवश्यकता है, और ढेर सारा दिलचस्प और रोमांचित करने वाला घटनाक्रम होता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, कहानी का सबसे बड़ा खलनायक शैतान है – जो हमारी आत्माओं का शत्रु है। लेकिन साथ ही कई छोटे खलनायक भी हैं। बाइबल की एक पुस्तक, दानिय्येल में भी एक ऐसी ही रोमांचकारी कहानी है, जिसमें ‘छोटा खलनायक राजा नबूकदनेस्सर है। राजा नबूकदनेस्सर उस समय के ज्ञात संसार के अधिकांश भाग का राजा था। उसने अपनी एक विशाल प्रतिमा बनवाई और आज्ञा निकाली कि जो कोई उसकी प्रतिमा के आगे झुक कर दण्डवत नहीं करेगा, वह मार डाला जाएगा (दानिय्येल 3:1-6)। जब उसके अधिकारियों में से तीन साहसी यहूदी अधिकारियों ने राजा की आज्ञा का पालन करने से इनकार किया (पद 12-18) तो राजा ने उन्हें धधकती आग के भट्टे में डलवा दिया, किन्तु परमेश्वर ने उन्हें उस आग के भट्टे से सुरक्षित निकलवा लिया (पद 24-27)।

          फिर, एक अचंभित करने वाले घटनाक्रम में, हम देखते हैं कि इस खलनायक का मन बदलने लगता है। इस रोमांचकारी घटना की प्रतिक्रिया में, नबूकदनेस्सर ने कहा, धन्य है शद्रक, मेशक और अबेदनगो का परमेश्वर” (पद 28)। लेकिन फिर वह यह भी घोषणा करता है कि जो परमेश्वर की अवमानना करेगा, वह मार डाला जाएगा (पद 29); वह अभी तक यह नहीं समझ पाया था कि अपने कार्यों के लिए परमेश्वर को उसकी सहायता की आवश्यकता नहीं  है। नबूकदनेस्सर इससे अगले, 4 अध्याय में, परमेश्वर के बारे में और कुछ सीखता है – लेकिन वह एक अलग कहानी है।

          हम जो नबूकदनेस्सर में देखते हैं, वह केवल एक खलनायक ही नहीं है, लेकिन एक ऐसा व्यक्ति है जो एक आत्मिक खोज की यात्रा पर है। बाइबल में परमेश्वर की कहानी में, नायक प्रभु यीशु मसीह, हर किसी की ओर सहायता का हाथ बढ़ाता है, जिसे भी बचाए जाने की आवश्यकता अनुभव होती है, प्रभु की सहायता उसे उपलब्ध रहती है – खलनायकों को भी। क्या प्रभु यीशु मसीह के द्वारा, पाप और उसके दुष्परिणामों से, आप का बचाव हो गया है? – टिम गुस्ताफसन

 

प्रभु यीशु ने अपने सताने वालों के लिए भी प्रार्थना की; हम भी ऐसा ही करें।


क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: दानिय्येल 3:26-30

दानिय्येल 3:26 फिर नबूकदनेस्सर उस धधकते हुए भट्टे के द्वार के पास जा कर कहने लगा, हे शद्रक, मेशक और अबेदनगो, हे परमप्रधान परमेश्वर के दासों, निकल कर यहां आओ! यह सुन कर शद्रक, मेशक और अबेदनगो आग के बीच से निकल आए।

दानिय्येल 3:27 जब अधिपति, हाकिम, गवर्नर और राजा के मन्त्रियों ने, जो इकट्ठे हुए थे, उन पुरुषों की ओर देखा, तब उनकी देह में आग का कुछ भी प्रभाव नहीं पाया; और उनके सिर का एक बाल भी न झुलसा, न उनके मोजे कुछ बिगड़े, न उन में जलने की कुछ गन्‍ध पाई गई।

दानिय्येल 3:28 नबूकदनेस्सर कहने लगा, धन्य है शद्रक, मेशक और अबेदनगो का परमेश्वर, जिसने अपना दूत भेज कर अपने इन दासों को इसलिये बचाया, क्योंकि इन्होंने राजा की आज्ञा न मान कर, उसी पर भरोसा रखा, और यह सोच कर अपना शरीर भी अर्पण किया, कि हम अपने परमेश्वर को छोड़, किसी देवता की उपासना या दण्डवत न करेंगे।

दानिय्येल 3:29 इसलिये अब मैं यह आज्ञा देता हूं कि देश-देश और जाति-जाति के लोगों, और भिन्न-भिन्न भाषा बोलने वालों में से जो कोई शद्रक, मेशक और अबेदनगो के परमेश्वर की कुछ निन्दा करेगा, वह टुकड़े टुकड़े किया जाएगा, और उसका घर घूरा बनाया जाएगा; क्योंकि ऐसा कोई और देवता नहीं जो इस रीति से बचा सके।

दानिय्येल 3:30 तब राजा ने बाबुल के प्रान्त में शद्रक, मेशक, अबेदनगो का पद और ऊंचा किया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 10-11
  • प्रेरितों 4:1-22


गुरुवार, 17 जून 2021

स्वरूप


          मेरी एक सहेली, और मेरी परामर्शदाता ने एक कागज़ पर मानव आकृति का रेखा चित्र बनाया, और कहा कि यह हमारा “व्यक्तिगत” या भीतरी स्वरूप है। फिर उसने उस रेखा चित्र से लगभग आधा इंच बाहर उसी रेखा चित्र के समानान्तर एक और रेखा चित्र बना दिया, और उसे कहा कि यह हमारा “प्रकट” या दिखाने का स्वरूप है। और फिर मुझ से कहा कि इन दोनों चित्रों के मध्य की दूरी हमारी ईमानदारी को दिखाती है। मैं उसकी इस शिक्षा पर विचार करने लगी; मेरे मन में प्रश्न उठा, क्या मैं अपने सार्वजनिक स्वरूप में वही व्यक्ति हूँ, जो व्यक्तिगत स्वरूप में हूँ?

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कोरिन्थ के मसीही विश्वासियों की मण्डली को पत्रियाँ लिखीं, जिनके द्वारा उसने प्रेम और अनुशासन को मिश्रित करते हुए, उन्हें प्रभु यीशु मसीह के समान होने की सलाह दी। उन्हें लिखी गई अपनी दूसरी पत्री के अन्त की ओर आते समय उसने उस पर उन दोष लगाने वालों को चुनौती दी; उन पर जो उसकी ईमानदारी पर उंगली उठाते थे, और कहते थे कि वह पत्री लिखने में तो साहसी है, किन्तु व्यक्तिगत स्वरूप में निर्बल है (2 कुरिन्थियों 10:10)।

          ये आलोचक वे लोग थे जो भाषण देने को व्यवसाय के रूप में प्रयोग करते थे, और अपने श्रोताओं से पैसे कमाते थे। जबकि, उनकी तुलना में, यद्यपि पौलुस बहुत शिक्षित व्यक्ति थी, किन्तु बहुत साधारण और स्पष्ट शब्दों में अपनी बात कहता था। पौलुस ने अपनी पहली पत्री में उन्हें लिखा था,और मेरे वचन, और मेरे प्रचार में ज्ञान की लुभाने वाली बातें नहीं; परन्तु आत्मा और सामर्थ्य का प्रमाण था” (1 कुरिन्थियों 2:4)। उसने अपनी दूसरी पत्री में अपनी ईमानदारी के विषय लिखा,सो जो ऐसा कहता है, वह यह समझ रखे, कि जैसे पीठ पीछे पत्रियों में हमारे वचन हैं, वैसे ही तुम्हारे सामने हमारे काम भी होंगे” (2 कुरिन्थियों 10:11)।

          पौलुस ने अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वरूप को एक समान बनाकर रखा और दिखाया। क्या हम भी उसके समान हैं? – एलिसा मॉर्गन

 

हे प्रभु मैं आपके सामने अपने व्यक्तिगत स्वरूप में 

और संसार के सामने सार्वजनिक स्वरूप में भिन्न न रहूं।


तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं। - 1 कुरिन्थियों 11:1

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 10:1-11

2 कुरिन्थियों 10:1 मैं वही पौलुस जो तुम्हारे सामने दीन हूं, परन्तु पीठ पीछे तुम्हारी ओर साहस करता हूं; तुम को मसीह की नम्रता, और कोमलता के कारण समझाता हूं।

2 कुरिन्थियों 10:2 मैं यह बिनती करता हूं, कि तुम्हारे सामने मुझे निर्भय हो कर साहस करना न पड़े; जैसा मैं कितनों पर जो हम को शरीर के अनुसार चलने वाले समझते हैं, वीरता दिखाने का विचार करता हूं।

2 कुरिन्थियों 10:3 क्योंकि यद्यपि हम शरीर में चलते फिरते हैं, तौभी शरीर के अनुसार नहीं लड़ते।

2 कुरिन्थियों 10:4 क्योंकि हमारी लड़ाई के हथियार शारीरिक नहीं, पर गढ़ों को ढा देने के लिये परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं।

2 कुरिन्थियों 10:5 सो हम कल्पनाओं को, और हर एक ऊंची बात को, जो परमेश्वर की पहचान के विरोध में उठती है, खण्डन करते हैं; और हर एक भावना को कैद कर के मसीह का आज्ञाकारी बना देते हैं।

2 कुरिन्थियों 10:6 और तैयार रहते हैं कि जब तुम्हारा आज्ञा मानना पूरा हो जाए, तो हर एक प्रकार के आज्ञा न मानने का पलटा लें।

2 कुरिन्थियों 10:7 तुम इन्हीं बातों को देखते हो, जो आंखों के सामने हैं, यदि किसी का अपने पर यह भरोसा हो, कि मैं मसीह का हूं, तो वह यह भी जान ले, कि जैसा वह मसीह का है, वैसे ही हम भी हैं।

2 कुरिन्थियों 10:8 क्योंकि यदि मैं उस अधिकार के विषय में और भी घमण्ड दिखाऊं, जो प्रभु ने तुम्हारे बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये हमें दिया है, तो लज्जित न हूंगा।

2 कुरिन्थियों 10:9 यह मैं इसलिये कहता हूं, कि पत्रियों के द्वारा तुम्हें डराने वाला न ठहरूं।

2 कुरिन्थियों 10:10 क्योंकि कहते हैं, कि उस की पत्रियां तो गम्भीर और प्रभावशाली हैं; परन्तु जब देखते हैं, तो वह देह का निर्बल और वक्तव्य में हल्का जान पड़ता है।

2 कुरिन्थियों 10:11 सो जो ऐसा कहता है, वह यह समझ रखे, कि जैसे पीठ पीछे पत्रियों में हमारे वचन हैं, वैसे ही तुम्हारे सामने हमारे काम भी होंगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 7-9
  • प्रेरितों 3


बुधवार, 16 जून 2021

जानकारी

 

          मेरे बेटे ने पिछली सीट से पूछा, “पापा, समय क्या हुआ है”, और मैंने उत्तर दिया “5:30 बजे हैं” मैं जानता था कि अब वह आगे क्या कहेगा, और उसने वही कहा, “नहीं, अभी 5:28 बजा है।” उसके चेहरे की बड़ी से मुस्कराहट कह रही थी, “देखा! मैंने आपकी गलती पकड़ ली।” मैं भी आनन्दित था – उस आनन्द से जो अपने बच्चों के बारे में जानकारी रखने से माता-पिता को होता है।

          किसी भी अन्य ध्यान रखने वाले माता-पिता के समान, मैं अपने बच्चों को जानता हूँ। मुझे जानकारी है कि उन्हें सोते से उठाने पर वो क्या कहेंगे। मुझे जानकारी है कि उन्हें उनके भोजन में क्या चाहिए। मुझे उनकी बहुत सी अन्य बातों की जानकारी है – उनकी रुचि, अभिलाषाएँ, पसंद आदि, सब की। लेकिन यह सब होते हुए भी, मैं उन्हें कभी वैसे अन्दर-बाहर से नहीं जानने पाऊँगा, जैसे हमारा प्रभु परमेश्वर हमें जानता है।

          हम परमेश्वर के वचन बाइबल में, यूहन्ना 1 में उसकी उस घनिष्ठ जानकारी की एक झलक देखते हैं, जो प्रभु हमारे बारे में रखता है। जब नतनएल, फिलिप्पुस के कहने पर , प्रभु यीशु से मिलने के लिए आगे बढ़ा, तो प्रभु यीशु ने उसके लिए कहा, “...देखो, यह सचमुच इस्राएली है: इस में कपट नहीं” (पद 47)। यह सुनकर नतनएल अचंभित रह गया, और उसने पूछा,तू मुझे कहां से जानता है? ” प्रभु यीशु ने रहस्यमय भाव से उत्तर दिया कि उसने नतनएल को अंजीर के पेड़ के नीचे देख लिया था (पद 48)।

          हमें यह तो नहीं पता है कि प्रभु यीशु ने इस ख़ास बात को नतनएल को क्यों बताया, लेकिन शायद नतनएल उसके यह कहने से कुछ समझ गया! वह अभिभूत होकर प्रत्युत्तर दिया, “... हे रब्बी, तू परमेश्वर का पुत्र है; तू इस्राएल का महाराजा है” (पद 49)।

          प्रभु यीशु हम में से प्रत्येक को बहुत घनिष्ठता से, पूर्णतः, और सिद्ध रीति से जानता है; हमारी हर बात उसे पता है। और हम जैसे भी हैं, वह हमें वैसा ही स्वीकार करता है। यद्यपि उसके पास हमारे अन्दर-बाहर की पूरी जानकारी है, फिर भी उसका हमें खुला निमंत्रण है कि हम न केवल उसके अनुयायी बनें, वरन उसके प्रिय मित्र भी (यूहन्ना 15:15)। - एडम होल्ज़

 

हे प्रभु मुझे अच्छे से जानते हुए भी, मुझे अपना मित्र बना लेने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।


अब से मैं तुम्हें दास न कहूंगा, क्योंकि दास नहीं जानता, कि उसका स्वामी क्या करता है: परन्तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं। - यूहन्ना 15:15

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:43-51

यूहन्ना 1:43 दूसरे दिन यीशु ने गलील को जाना चाहा; और फिलिप्पुस से मिलकर कहा, मेरे पीछे हो ले।

यूहन्ना 1:44 फिलिप्पुस तो अन्द्रियास और पतरस के नगर बैतसैदा का निवासी था।

यूहन्ना 1:45 फिलिप्पुस ने नतनएल से मिलकर उस से कहा, कि जिस का वर्णन मूसा ने व्यवस्था में और भविष्यद्वक्ताओं ने किया है, वह हम को मिल गया; वह यूसुफ का पुत्र, यीशु नासरी है।

यूहन्ना 1:46 नतनएल ने उस से कहा, क्या कोई अच्छी वस्तु भी नासरत से निकल सकती है? फिलिप्पुस ने उस से कहा, चलकर देख ले।

यूहन्ना 1:47 यीशु ने नतनएल को अपनी ओर आते देखकर उसके विषय में कहा, देखो, यह सचमुच इस्राएली है: इस में कपट नहीं।

यूहन्ना 1:48 नतनएल ने उस से कहा, तू मुझे कहां से जानता है? यीशु ने उसको उत्तर दिया; उस से पहिले कि फिलिप्पुस ने तुझे बुलाया, जब तू अंजीर के पेड़ के तले था, तब मैं ने तुझे देखा था।

यूहन्ना 1:49 नतनएल ने उसको उत्तर दिया, कि हे रब्बी, तू परमेश्वर का पुत्र है; तू इस्राएल का महाराजा है।

यूहन्ना 1:50 यीशु ने उसको उत्तर दिया; मैं ने जो तुझ से कहा, कि मैं ने तुझे अंजीर के पेड़ के तले देखा, क्या तू इसी लिये विश्वास करता है? तू इस से बड़े बड़े काम देखेगा।

यूहन्ना 1:51 फिर उस से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूँ कि तुम स्वर्ग को खुला हुआ, और परमेश्वर के स्‍वर्गदूतों को ऊपर जाते और मनुष्य के पुत्र के ऊपर उतरते देखोगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 4-6
  • प्रेरितों 2:22-47


मंगलवार, 15 जून 2021

शब्द

 

          उस लड़के ने मेरा उपहास करते हुए मुझे, “हड्डी पर चढी चमड़ी” कहा, और एक अन्य ने उसके साथ सम्मिलित होते हुए मुझे “छड़ी” बुलाया। प्रत्युत्तर में मैं एक जाना-पहचाना वाक्य – “छड़ी और पत्थर मेरी हड्डियां तोड़ सकते हैं, किन्तु तुम्हारे शब्द मुझे कभी आहत नहीं करेंगे” बोल सकती थी। किन्तु उस छोटी आयु में भी मैं जानती थी कि यह वाक्य सत्य नहीं है। कठोर, दया-रहित, बिना विचार किए कहे गए शब्द निःसंदेह आहत करते थे। कभी-कभी शब्दों के घाव इतने गहरे होते थे,और इतने दिनों तक बने रहते थे, जितने किसी छड़ी या पत्थर के घाव नहीं होते थे।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में शमूएल नबी की माँ, हन्ना, निःसंदेह, बिना विचारे कहे गए शब्दों की चोट को अच्छे से जानती थी। उसका पति, एल्काना उसे प्यार करता था, परन्तु क्योंकि वह संतानहीन थी, इसलिए उसकी सौतन, पनिन्ना, जिसके बहुत से बच्चे थे, उसे ताने मारती थी। ऐसी संस्कृति में, जिसमें अकसर पत्नी का मूल्यांकन उसके बच्चों की संख्या के आधार पर होता था, पनिन्ना के ये ताने उसके निःसंतान होने की पीड़ा को और बढ़ा देते थे। अन्ततः हन्ना की यह हालत हो जाती थी कि वह रोटी रहती और भोजन भी नहीं करने पाती थी (1 शमूएल 1:6-7)। उसके पति एल्काना की भले उद्देश्य से कही गई बात, हे हन्ना, तू क्यों रोती है? और खाना क्यों नहीं खाती? और मेरा मन क्यों उदास है? क्या तेरे लिये मैं दस बेटों से भी अच्छा नहीं हूं?” (पद 8) भी उसे सांत्वना नहीं देने पाती थी।

          हन्ना के समान ही हम में से कई लोगों ने आहत करने वाले शब्दों के पीड़ादायक परिणाम झेले होंगे। और हम में से कुछ ने उन आहत करने वालों शब्दों की प्रतिक्रिया में, दूसरों को आहत करने वाले शब्द भी कहे होंगे। लेकिन हम सभी अपने प्रेमी और दयालु परमेश्वर के पास अपनी इस पीड़ा को लेकर जा सकते हैं, उस से उस परिस्थिति का सामना करने की शक्ति और चंगाई पाने के लिए (भजन 27:5, 12-14)। वह हमसे हर हाल में प्रेम करता है, हमें शान्ति देता है; हमसे प्रेम और अनुग्रह के शब्द बोलता है। - एलिसन कीड़ा

 

परमेश्वर हमारी हर बात सुनने और समाधान करने के लिए सदैव तत्पर रहता है।


ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोच विचार के बोलना तलवार के समान चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं। - नीतिवचन 12:18

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 1:1-8

1 शमूएल 1:1 एप्रैम के पहाड़ी देश के रामतैम सोपीम नाम नगर का निवासी एल्काना नाम पुरुष था, वह एप्रेमी था, और सूप के पुत्र तोहू का परपोता, एलीहू का पोता, और यरोहाम का पुत्र था।

1 शमूएल 1:2 और उसके दो पत्नियां थीं; एक का तो नाम हन्ना और दूसरी का पनिन्ना था। और पनिन्ना के तो बालक हुए, परन्तु हन्ना के कोई बालक न हुआ।

1 शमूएल 1:3 वह पुरुष प्रति वर्ष अपने नगर से सेनाओं के यहोवा को दण्डवत करने और मेलबलि चढ़ाने के लिये शीलो में जाता था; और वहां होप्नी और पीनहास नाम एली के दोनों पुत्र रहते थे, जो यहोवा के याजक थे।

1 शमूएल 1:4 और जब जब एल्काना मेलबलि चढ़ाता था तब तब वह अपनी पत्नी पनिन्ना को और उसके सब बेटे-बेटियों को दान दिया करता था;

1 शमूएल 1:5 परन्तु हन्ना को वह दूना दान दिया करता था, क्योंकि वह हन्ना से प्रीति रखता था; तौभी यहोवा ने उसकी कोख बन्द कर रखी थी।

1 शमूएल 1:6 परन्तु उसकी सौत इस कारण से, कि यहोवा ने उसकी कोख बन्द कर रखी थी, उसे अत्यन्त चिढ़ाकर कुढ़ाती रहती थीं।

1 शमूएल 1:7 और वह तो प्रति वर्ष ऐसा ही करता था; और जब हन्ना यहोवा के भवन को जाती थी तब पनिन्ना उसको चिढ़ाती थी। इसलिये वह रोती और खाना न खाती थी।

1 शमूएल 1:8 इसलिये उसके पति एल्काना ने उस से कहा, हे हन्ना, तू क्यों रोती है? और खाना क्यों नहीं खाती? और मेरा मन क्यों उदास है? क्या तेरे लिये मैं दस बेटों से भी अच्छा नहीं हूं?

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 1-3
  • प्रेरितों 2:1-21