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मंगलवार, 22 जून 2021

जानता

 

          मैं सोच रहा था, “बस अब वह मुझे ढूँढ़ लेगा” और मेरा छोटा सा दिल और भी जोर से धड़कने लगा। मुझे अपने पाँच वर्षीय चचेरे भाई के निकट आते कदमों की आहट सुन रही थी, वो  निकट आता जा रहा था, और फिर मेरे पास आकर उसने जोर से बोला “पकड़ लिया!” हम सभी के बचपन में लुका-छिपी खेलने के साथ अनेकों यादें जुड़ी हैं। कई बार जीवन में ढूँढ़ लिए जाने का भय खेल की बात नहीं, बच कर भाग जाने की भावना होती है। क्योंकि हमें अपनी कुछ बातों के लिए लगता है कि यदि लोगों को उसके बारे में पता चल गया, तो वह उन्हें पसंद नहीं आएगा।

          हम एक पतित संसार की संतान हैं, और हमारे अन्दर, जैसे मेरा एक मित्र कहता है, परमेश्वर के साथ “लुका-छिपी” खेलने की प्रवृत्ति रहती है। लेकिन वास्तव में यह छिपने का बहाना अधिक होता है, क्योंकि हम कुछ भी कर लें, लेकिन परमेश्वर से न तो हम और न हमारी कोई बात छिपी रहती है – वह हमारे गंदे विचारों और गलत चुनावों, सभी के बारे में अच्छे से जानता है। हमें भी यह पता है, लेकिन फिर भी हम यह दिखाने के प्रयास करते हैं कि मानो उसे हमारे बारे में पता नहीं है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल हमें बताती है, लेकिन फिर भी परमेश्वर हमें ढूँढ़ता है; वह हमें पुकार कर कहता है, “बाहर निकल आओ; मैं तुम्हें देखना और तुमसे मिलना चाहता हूँ; तुम्हारी सबसे शर्मनाक स्थिति में भी।” यह ठीक उसी प्रकार है जैसे अदन की वाटिका में पाप करने के बाद आदम और हव्वा छिप गए, और परमेश्वर ने उन्हें पुकारा कि वे कहाँ हैं (उत्पत्ति 3:9)। वो कोमलता से बुलाता है, “मेरे प्रिय बच्चे, अपने छिपने के स्थान से बाहर आ जाओ, मेरे साथ अपने संबंध को फिर से ठीक कर लो।”

          हमें यह बहुत जोखिम भरा लग सकता है, और असंगत भी, लेकिन हमारे स्वर्गीय पिता परमेश्वर की सुरक्षित देखभाल में, हम में से प्रत्येक शान्ति और प्रसन्नता से रह सकता है – चाहे हम ने कुछ भी क्यों न किया हो – वह सब जानता है। - जेफ़ ओल्सन

 

वह जो हमें पूर्णतः जानता है, हमसे बिना किसी शर्त के संपूर्ण प्रेम करता है।


और हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा। - 1 इतिहास 28:9

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 3:1-10

उत्पत्ति 3:1 यहोवा परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उसने स्त्री से कहा, क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, कि तुम इस वाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना?

उत्पत्ति 3:2 स्त्री ने सर्प से कहा, इस वाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते हैं।

उत्पत्ति 3:3 पर जो वृक्ष वाटिका के बीच में है, उसके फल के विषय में परमेश्वर ने कहा है कि न तो तुम उसको खाना और न उसको छूना, नहीं तो मर जाओगे।

उत्पत्ति 3:4 तब सर्प ने स्त्री से कहा, तुम निश्चय न मरोगे,

उत्पत्ति 3:5 वरन परमेश्वर आप जानता है, कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आंखें खुल जाएंगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे।

उत्पत्ति 3:6 सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उसने भी खाया।

उत्पत्ति 3:7 तब उन दोनों की आंखें खुल गई, और उन को मालूम हुआ कि वे नंगे है; सो उन्होंने अंजीर के पत्ते जोड़ जोड़ कर लंगोट बना लिये।

उत्पत्ति 3:8 तब यहोवा परमेश्वर जो दिन के ठंडे समय वाटिका में फिरता था उसका शब्द उन को सुनाई दिया। तब आदम और उसकी पत्नी वाटिका के वृक्षों के बीच यहोवा परमेश्वर से छिप गए।

उत्पत्ति 3:9 तब यहोवा परमेश्वर ने पुकार कर आदम से पूछा, तू कहां है?

उत्पत्ति 3:10 उसने कहा, मैं तेरा शब्द बारी में सुन कर डर गया क्योंकि मैं नंगा था; इसलिये छिप गया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • एस्तेर 6-8
  • प्रेरितों 6


सोमवार, 21 जून 2021

ईर्ष्या

 

          प्रसिद्ध फ्रांसीसी कलाकार एडगर डेगास संसार भर में उसके द्वारा बनाए गए बैले नर्तकियों के चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन कम लोग जानते हैं कि वह अपने मित्र और चित्रकला में प्रतिस्पर्धी एक कलाकार एड्युअर्ड मानेट के प्रति ईर्ष्या भी रखता था। डेगास ने मानेट के लिए कहा था, “वह जो कुछ भी करता है, तुरंत ही एक दम ठीक आरंभ कर देता है; जबकि मुझे बहुत परिश्रम करना पड़ता है, फिर भी मैं ठीक से नहीं करने पाता हूँ।”

          ईर्ष्या रखना एक विचित्र भावना है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इसे चरित्र के सबसे बुरे लक्षणों की सूची में रखा है,सो वे सब प्रकार के अधर्म, और दुष्टता, और लोभ, और बैरभाव, से भर गए; और डाह, और हत्या, और झगड़े, और छल, और ईर्ष्या से भरपूर हो गए, और चुगलखोर” रोमियों 1:29()। पौलुस लिखता है यह उन मूर्खतापूर्ण विचारों के कारण उत्पन्न होती है जो सच्चे परमेश्वर के स्थान पर मूर्ति-पूजा करने का परिणाम होते हैं (पद 28)।

          लेखिका क्रिस्टीना फॉक्स ने कहा कि जब मसीही विश्वासियों में ईर्ष्या उत्पन्न होने लगती है, तो “यह तब होता है जब हमारे हृदय हमारे सच्चे प्रेम से हट जाते हैं।” वे कहती हैं, ईर्ष्या करते समय हम “प्रभु यीशु की ओर देखते रहने के स्थान पर, संसार के घटिया सुखों के पीछे भागने लगते हैं। अर्थात, हम यह भूल चुके हैं कि हम किस के हैं।”

          क्या इसका कोई समाधान है? हाँ! समाधान है – वापस परमेश्वर की ओर लौट आएँ। पौलुस ने रोमियों के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में कहा,और न अपने अंगों को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमेश्वर को सौंपो, और अपने अंगों को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो” (रोमियों 6:13) – विशेषकर अपने कार्यों और जीवन को। अपनी एक अन्य पत्री में पौलुस ने लिखा,पर हर एक अपने ही काम को जांच ले, और तब दूसरे के विषय में नहीं परन्तु अपने ही विषय में उसको घमण्ड करने का अवसर होगा” (गलातियों 6:4)।

          परमेश्वर द्वारा प्रदान की गई आशीषों के लिए उसका धन्यवाद करते रहें – न केवल भौतिक आशीषें, वरन उसके अनुग्रह की बहुतायत के लिए भी। जब हम अपना ध्यान उन बातों पर लगाते हैं जो परमेश्वर ने हमें दी हैं, तो हम ईर्ष्या से निकल कर संतुष्टि में आ जाते हैं। - पेट्रीशिया रेबॉन

 

प्रभु का अनुग्रह सब के लाभ के लिए आशीषें प्रदान करता है।


किन्तु सब के लाभ पहुंचाने के लिये हर एक को आत्मा का प्रकाश दिया जाता है। - 1 कुरिन्थियों 12:7

बाइबल पाठ: रोमियों 6:11-14

रोमियों 6:11 ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो।

रोमियों 6:12 इसलिये पाप तुम्हारे मरनहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के आधीन रहो।

रोमियों 6:13 और न अपने अंगों को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमेश्वर को सौंपो, और अपने अंगों को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो।

रोमियों 6:14 और तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्योंकि तुम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • एस्तेर 3-5
  • प्रेरितों 5:22-42


रविवार, 20 जून 2021

साथ

 

          हमारे चर्च के एक छः सदस्यों के परिवार के घर में आग लग गई, और घर को नष्ट कर दिया। यद्यपि पिता और एक बेटा बच गए; पिता अभी अस्पताल में ही थे, जब उनकी पत्नी, माँ, और दो अन्य बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। दुर्भाग्यवश, इस प्रकार की हृदयविदारक घटनाएँ बार-बार होती रहती हैं। और वो जब भी घटित होती हैं, उनके साथ यह प्रश्न भी दोहराया जाता है कि “भले लोगों के साथ बुरी घटनाएँ क्यों होती हैं?” और यह हमारे लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि इस प्राचीन प्रश्न का कोई नया उत्तर नहीं है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने भजन 46 में जो सत्य व्यक्त किया है, वही इस प्रश्न के उत्तर के लिए बार-बार प्रयोग किया जाता है; उसी के साथ लोगों को सांत्वना और प्रोत्साहन प्रदान  किया जाता है। “परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक” (पद 1)। इस भजन के 2 और 3 पद में जिन परिस्थितियों का वर्णन किया गया है, वे भयानक और विनाशकारी हैं – धरती और पहाड़ डोल गए, समुद्र में प्रचंड लहरें उफान पर हैं। हम उन परिस्थितियों में अपने होने की कल्पना करने से ही काँप उठते हैं, जिनका वर्णन यहाँ काव्यात्मक रीति से किया गया है। लेकिन कभी-कभी हम अपने आप को वैसी परिस्थितियों में फंसा हुआ पाते हैं – किसी लाइलाज बीमारी के भंवर में फंसा हुआ; किसी आर्थिक संकट में इधर से उधर उछाले जाते हुए; प्रिय जनों की मृत्यु के कारण आहत और स्तब्ध, आदि।

          यह तर्क देना बहुत सहज है कि मुसीबतों के होने का अभिप्राय है कि परमेश्वर अनुपस्थित है। लेकिन पवित्र शास्त्र के सत्य ऐसी धारणाओं का समर्थन नहीं करते हैं। लिखा है,सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है” (पद 7, 11)। चाहे हमारी परिस्थितियाँ असहनीय भी हों, तब भी हमारा परमेश्वर पिता उनमें भी हमारे साथ ही होता है। वह भला, प्रेमी, और विश्वासयोग्य है; हम उसके हमारी हर परिस्थिति में हमारे साथ बने रहने से सांत्वना और प्रोत्साहन प्राप्त कर सकते हैं। - आर्थर जैक्सन

 

पिता परमेश्वर चाहे परिस्थितियाँ आपके हमारे साथ होने पर शक उत्पन्न करें; 

किन्तु हम तब भी आपके वचन की सच्चाई पर भरोसा बनाए रखें।


तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 46

भजन संहिता 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।

भजन संहिता 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;

भजन संहिता 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।

भजन संहिता 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।

भजन संहिता 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।

भजन संहिता 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।

भजन संहिता 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

भजन संहिता 46:8 आओ, यहोवा के महा-कर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है।

भजन संहिता 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है!

भजन संहिता 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!

भजन संहिता 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • एस्तेर 1-2
  • प्रेरितों 5:1-21


शनिवार, 19 जून 2021

सामर्थ्य

 

          यद्यपि ऐनी शीफ मिल्लर का देहांत 1999 में, 90 वर्ष की आयु में हुआ, लेकिन 1942 में वह लगभग मर ही गई थी; असमय प्रसव और उससे हुए संक्रमण के कारण, संक्रमण का प्रभाव उसके सारे शरीर में फ़ैल गया, और सभी इलाज विफल हो गए। जब उसी अस्पताल में भरती एक मरीज़ ने अपने एक जानकार वैज्ञानिक के विषय में बताया जो एक चमत्कारिक दवा पर कार्य कर रहा था, तो ऐनी के चिकित्सक ने सरकार पर दबाव दिया कि ऐनी के इलाज के लिए उस दवा की कुछ मात्रा दे दी जाए। ऐनी को उस दवा के मिलते ही, एक ही दिन में ऐनी का तापमान सुधरकर वापस सामान्य पर आ गया! थोड़ी सी पेनिसिलीन ने ऐनी की जान बचा दी।

          पाप में गिरने के समय से लेकर आज तक, सभी मनुष्यों ने पाप द्वारा लाई गई एक विनाशक आत्मिक स्थिति का अनुभव किया है (रोमियों 5:12)। पाप के इस विनाशकारी प्रभाव के विरुद्ध सभी मानवीय उपाय असफल रहे हैं; केवल प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर दिए गए बलिदान और मृतकों में से उनके पुनरुत्थान, तथा परमेश्वर पवित्र आत्मा की सामर्थ्य ने ही यह संभव किया है कि मनुष्य पाप से बच सके और चंगा हो जाए (रोमियों 8:1-2)। प्रभु यीशु मसीह के कलवरी के क्रूस पर दिए गए बलिदान पर विश्वास लाने वालों के जीवनों में काम करने वाली पवित्र आत्मा की सामर्थ्य, उन्हें पृथ्वी पर बहुतायत का जीवन जीने के लिए सक्षम करती है, और फिर परमेश्वर की उपस्थिति में अनन्त जीवन व्यतीत करने के योग्य करती है (पद 3-10); “और यदि उसी का आत्मा जिसने यीशु को मरे हुओं में से जिलाया तुम में बसा हुआ है; तो जिसने मसीह को मरे हुओं में से जिलाया, वह तुम्हारी मरनहार देहों को भी अपने आत्मा के द्वारा जो तुम में बसा हुआ है जिलाएगा” (पद 11)।

          जब भी आपका दुर्बल मानव स्वभाव आपके अन्दर जीवन को अभिभूत करने के प्रयास करे, तो अपने उद्धार के स्त्रोत, प्रभु यीशु मसीह की ओर देखें, और उसकी पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से बलवंत हो जाएँ (पद 11-17)। “आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है”, और “वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है” (पद 26, 27)। - रूथ ओरिली स्मिथ

 

पवित्र आत्मा की सामर्थ्य प्रत्येक मसीही विश्वासी को संसार पर जयवंत  बनाती है।


परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा। - यूहन्ना 14:26

बाइबल पाठ: रोमियों 8:1-2, 10-17

रोमियों 8:1 सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।

रोमियों 8:2 क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया।

रोमियों 8:10 और यदि मसीह तुम में है, तो देह पाप के कारण मरी हुई है; परन्तु आत्मा धर्म के कारण जीवित है।

रोमियों 8:11 और यदि उसी का आत्मा जिसने यीशु को मरे हुओं में से जिलाया तुम में बसा हुआ है; तो जिसने मसीह को मरे हुओं में से जिलाया, वह तुम्हारी मरनहार देहों को भी अपने आत्मा के द्वारा जो तुम में बसा हुआ है जिलाएगा।

रोमियों 8:12 सो हे भाइयों, हम शरीर के कर्जदार नहीं, ताकि शरीर के अनुसार दिन काटें।

रोमियों 8:13 क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रियाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे।

रोमियों 8:14 इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं।

रोमियों 8:15 क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं।

रोमियों 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं।

रोमियों 8:17 और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएँ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 12-13
  • प्रेरितों 4:23-37


शुक्रवार, 18 जून 2021

बचाव

 

          कॉमिक पुस्तिकाओं के नायक आज भी हमेशा के समान ही लोकप्रिय हैं। केवल 2017 में ही सुपरहीरो कहानियों पर बनी छः फिल्मों ने 4 ख़रब अमरीकी डॉलर से भी अधिक के कमाई की। लेकिन लोग इस प्रकार से रोमांचित करने वाली फिल्मों की ओर इतने आकर्षित क्यों होते हैं? हो सकता है कि कुछ सीमा तक यह इसलिए हो क्योंकि ऐसी कहानियाँ, कुछ प्रकार से परमेश्वर की महान कहानी के समान होती हैं। उन कहानियों में एक नायक, एक खलनायक, और ऐसे लोग होते हैं जिन्हें बचाए जाने की आवश्यकता है, और ढेर सारा दिलचस्प और रोमांचित करने वाला घटनाक्रम होता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, कहानी का सबसे बड़ा खलनायक शैतान है – जो हमारी आत्माओं का शत्रु है। लेकिन साथ ही कई छोटे खलनायक भी हैं। बाइबल की एक पुस्तक, दानिय्येल में भी एक ऐसी ही रोमांचकारी कहानी है, जिसमें ‘छोटा खलनायक राजा नबूकदनेस्सर है। राजा नबूकदनेस्सर उस समय के ज्ञात संसार के अधिकांश भाग का राजा था। उसने अपनी एक विशाल प्रतिमा बनवाई और आज्ञा निकाली कि जो कोई उसकी प्रतिमा के आगे झुक कर दण्डवत नहीं करेगा, वह मार डाला जाएगा (दानिय्येल 3:1-6)। जब उसके अधिकारियों में से तीन साहसी यहूदी अधिकारियों ने राजा की आज्ञा का पालन करने से इनकार किया (पद 12-18) तो राजा ने उन्हें धधकती आग के भट्टे में डलवा दिया, किन्तु परमेश्वर ने उन्हें उस आग के भट्टे से सुरक्षित निकलवा लिया (पद 24-27)।

          फिर, एक अचंभित करने वाले घटनाक्रम में, हम देखते हैं कि इस खलनायक का मन बदलने लगता है। इस रोमांचकारी घटना की प्रतिक्रिया में, नबूकदनेस्सर ने कहा, धन्य है शद्रक, मेशक और अबेदनगो का परमेश्वर” (पद 28)। लेकिन फिर वह यह भी घोषणा करता है कि जो परमेश्वर की अवमानना करेगा, वह मार डाला जाएगा (पद 29); वह अभी तक यह नहीं समझ पाया था कि अपने कार्यों के लिए परमेश्वर को उसकी सहायता की आवश्यकता नहीं  है। नबूकदनेस्सर इससे अगले, 4 अध्याय में, परमेश्वर के बारे में और कुछ सीखता है – लेकिन वह एक अलग कहानी है।

          हम जो नबूकदनेस्सर में देखते हैं, वह केवल एक खलनायक ही नहीं है, लेकिन एक ऐसा व्यक्ति है जो एक आत्मिक खोज की यात्रा पर है। बाइबल में परमेश्वर की कहानी में, नायक प्रभु यीशु मसीह, हर किसी की ओर सहायता का हाथ बढ़ाता है, जिसे भी बचाए जाने की आवश्यकता अनुभव होती है, प्रभु की सहायता उसे उपलब्ध रहती है – खलनायकों को भी। क्या प्रभु यीशु मसीह के द्वारा, पाप और उसके दुष्परिणामों से, आप का बचाव हो गया है? – टिम गुस्ताफसन

 

प्रभु यीशु ने अपने सताने वालों के लिए भी प्रार्थना की; हम भी ऐसा ही करें।


क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: दानिय्येल 3:26-30

दानिय्येल 3:26 फिर नबूकदनेस्सर उस धधकते हुए भट्टे के द्वार के पास जा कर कहने लगा, हे शद्रक, मेशक और अबेदनगो, हे परमप्रधान परमेश्वर के दासों, निकल कर यहां आओ! यह सुन कर शद्रक, मेशक और अबेदनगो आग के बीच से निकल आए।

दानिय्येल 3:27 जब अधिपति, हाकिम, गवर्नर और राजा के मन्त्रियों ने, जो इकट्ठे हुए थे, उन पुरुषों की ओर देखा, तब उनकी देह में आग का कुछ भी प्रभाव नहीं पाया; और उनके सिर का एक बाल भी न झुलसा, न उनके मोजे कुछ बिगड़े, न उन में जलने की कुछ गन्‍ध पाई गई।

दानिय्येल 3:28 नबूकदनेस्सर कहने लगा, धन्य है शद्रक, मेशक और अबेदनगो का परमेश्वर, जिसने अपना दूत भेज कर अपने इन दासों को इसलिये बचाया, क्योंकि इन्होंने राजा की आज्ञा न मान कर, उसी पर भरोसा रखा, और यह सोच कर अपना शरीर भी अर्पण किया, कि हम अपने परमेश्वर को छोड़, किसी देवता की उपासना या दण्डवत न करेंगे।

दानिय्येल 3:29 इसलिये अब मैं यह आज्ञा देता हूं कि देश-देश और जाति-जाति के लोगों, और भिन्न-भिन्न भाषा बोलने वालों में से जो कोई शद्रक, मेशक और अबेदनगो के परमेश्वर की कुछ निन्दा करेगा, वह टुकड़े टुकड़े किया जाएगा, और उसका घर घूरा बनाया जाएगा; क्योंकि ऐसा कोई और देवता नहीं जो इस रीति से बचा सके।

दानिय्येल 3:30 तब राजा ने बाबुल के प्रान्त में शद्रक, मेशक, अबेदनगो का पद और ऊंचा किया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 10-11
  • प्रेरितों 4:1-22


गुरुवार, 17 जून 2021

स्वरूप


          मेरी एक सहेली, और मेरी परामर्शदाता ने एक कागज़ पर मानव आकृति का रेखा चित्र बनाया, और कहा कि यह हमारा “व्यक्तिगत” या भीतरी स्वरूप है। फिर उसने उस रेखा चित्र से लगभग आधा इंच बाहर उसी रेखा चित्र के समानान्तर एक और रेखा चित्र बना दिया, और उसे कहा कि यह हमारा “प्रकट” या दिखाने का स्वरूप है। और फिर मुझ से कहा कि इन दोनों चित्रों के मध्य की दूरी हमारी ईमानदारी को दिखाती है। मैं उसकी इस शिक्षा पर विचार करने लगी; मेरे मन में प्रश्न उठा, क्या मैं अपने सार्वजनिक स्वरूप में वही व्यक्ति हूँ, जो व्यक्तिगत स्वरूप में हूँ?

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कोरिन्थ के मसीही विश्वासियों की मण्डली को पत्रियाँ लिखीं, जिनके द्वारा उसने प्रेम और अनुशासन को मिश्रित करते हुए, उन्हें प्रभु यीशु मसीह के समान होने की सलाह दी। उन्हें लिखी गई अपनी दूसरी पत्री के अन्त की ओर आते समय उसने उस पर उन दोष लगाने वालों को चुनौती दी; उन पर जो उसकी ईमानदारी पर उंगली उठाते थे, और कहते थे कि वह पत्री लिखने में तो साहसी है, किन्तु व्यक्तिगत स्वरूप में निर्बल है (2 कुरिन्थियों 10:10)।

          ये आलोचक वे लोग थे जो भाषण देने को व्यवसाय के रूप में प्रयोग करते थे, और अपने श्रोताओं से पैसे कमाते थे। जबकि, उनकी तुलना में, यद्यपि पौलुस बहुत शिक्षित व्यक्ति थी, किन्तु बहुत साधारण और स्पष्ट शब्दों में अपनी बात कहता था। पौलुस ने अपनी पहली पत्री में उन्हें लिखा था,और मेरे वचन, और मेरे प्रचार में ज्ञान की लुभाने वाली बातें नहीं; परन्तु आत्मा और सामर्थ्य का प्रमाण था” (1 कुरिन्थियों 2:4)। उसने अपनी दूसरी पत्री में अपनी ईमानदारी के विषय लिखा,सो जो ऐसा कहता है, वह यह समझ रखे, कि जैसे पीठ पीछे पत्रियों में हमारे वचन हैं, वैसे ही तुम्हारे सामने हमारे काम भी होंगे” (2 कुरिन्थियों 10:11)।

          पौलुस ने अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वरूप को एक समान बनाकर रखा और दिखाया। क्या हम भी उसके समान हैं? – एलिसा मॉर्गन

 

हे प्रभु मैं आपके सामने अपने व्यक्तिगत स्वरूप में 

और संसार के सामने सार्वजनिक स्वरूप में भिन्न न रहूं।


तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं। - 1 कुरिन्थियों 11:1

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 10:1-11

2 कुरिन्थियों 10:1 मैं वही पौलुस जो तुम्हारे सामने दीन हूं, परन्तु पीठ पीछे तुम्हारी ओर साहस करता हूं; तुम को मसीह की नम्रता, और कोमलता के कारण समझाता हूं।

2 कुरिन्थियों 10:2 मैं यह बिनती करता हूं, कि तुम्हारे सामने मुझे निर्भय हो कर साहस करना न पड़े; जैसा मैं कितनों पर जो हम को शरीर के अनुसार चलने वाले समझते हैं, वीरता दिखाने का विचार करता हूं।

2 कुरिन्थियों 10:3 क्योंकि यद्यपि हम शरीर में चलते फिरते हैं, तौभी शरीर के अनुसार नहीं लड़ते।

2 कुरिन्थियों 10:4 क्योंकि हमारी लड़ाई के हथियार शारीरिक नहीं, पर गढ़ों को ढा देने के लिये परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं।

2 कुरिन्थियों 10:5 सो हम कल्पनाओं को, और हर एक ऊंची बात को, जो परमेश्वर की पहचान के विरोध में उठती है, खण्डन करते हैं; और हर एक भावना को कैद कर के मसीह का आज्ञाकारी बना देते हैं।

2 कुरिन्थियों 10:6 और तैयार रहते हैं कि जब तुम्हारा आज्ञा मानना पूरा हो जाए, तो हर एक प्रकार के आज्ञा न मानने का पलटा लें।

2 कुरिन्थियों 10:7 तुम इन्हीं बातों को देखते हो, जो आंखों के सामने हैं, यदि किसी का अपने पर यह भरोसा हो, कि मैं मसीह का हूं, तो वह यह भी जान ले, कि जैसा वह मसीह का है, वैसे ही हम भी हैं।

2 कुरिन्थियों 10:8 क्योंकि यदि मैं उस अधिकार के विषय में और भी घमण्ड दिखाऊं, जो प्रभु ने तुम्हारे बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये हमें दिया है, तो लज्जित न हूंगा।

2 कुरिन्थियों 10:9 यह मैं इसलिये कहता हूं, कि पत्रियों के द्वारा तुम्हें डराने वाला न ठहरूं।

2 कुरिन्थियों 10:10 क्योंकि कहते हैं, कि उस की पत्रियां तो गम्भीर और प्रभावशाली हैं; परन्तु जब देखते हैं, तो वह देह का निर्बल और वक्तव्य में हल्का जान पड़ता है।

2 कुरिन्थियों 10:11 सो जो ऐसा कहता है, वह यह समझ रखे, कि जैसे पीठ पीछे पत्रियों में हमारे वचन हैं, वैसे ही तुम्हारे सामने हमारे काम भी होंगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 7-9
  • प्रेरितों 3