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गुरुवार, 15 जुलाई 2021

संतुष्टि

 

          वीनस फ्लाईट्रैप नामक पौधे को सबसे पहले हमारे घर के पास के इलाके के रेतीले-दलदली क्षेत्र में देखा गया था। इन पौधों को देखना बहुत दिलचस्प होता है, क्योंकि ये मांसाहारी होते हैं। ये पौधे खिले हुए फूलों के समान दिखने वाले फंदों में मीठा सुगन्धित द्रव्य छोड़ते हैं। जब कोई कीड़ा उस सुगन्ध और मिठास से आकर्षित होकर उन खुले हुए फूलों के समान दिखने वाले फंदे के अन्दर को आता है तो एक सेकेंड से भी कम समय में वह फंदा बन्द हो जाता है, कीड़ा अन्दर फंसा जाता है, फिर उस ‘फूल में से उस कीड़े को गलाकर पचा लेने वाले पदार्थ निकलते हैं, और वह पौधा इस प्रकार अपने लिए उन पोषक तत्वों को प्राप्त कर लेता है, जो उसकी जड़ें रेतीली भूमि से नहीं लेने पाती हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में हमें सचेत किया गया है कि हम भी एक अन्य प्रकार के फंदे से बच कर रहें, जो कभी भी हमें फंसा सकता है। प्रेरित पौलुस ने अपने शिष्य तीमुथियुस को चेतावनी दी: “जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं” और “क्योंकि रुपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है” (1 तिमुथियुस 6:9-10)।

          धन और भौतिक वस्तुएँ हमें सुख की प्रतिज्ञाएं तो देती हैं, किन्तु जब वे हमारे जीवनों में प्रथम स्थान ले लेती हैं, तब हम खतरे की स्थिति में आ जाते हैं। हम इस फंदे में फंसने से बच सकते हैं, परमेश्वर के प्रति दीन और नम्र होकर तथा उसकी भलाइयों के लिए सदा धन्यवादी बने रहकर, जो आशीषें उसने हमें प्रभु यीशु मसीह में होकर प्रदान की हैं: “पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है” (पद 6)।

          जैसी संतुष्टि परमेश्वर प्रदान कर सकता है, इस संसार की नश्वर वस्तुएँ वह कभी प्रदान नहीं कर सकती हैं। सच्ची और स्थाई संतुष्टि केवल प्रभु परमेश्वर के साथ एक सच्चे संबंध में आने से मिलती है।  - जेम्स बैंक्स

 

हे प्रभु आप ही मेरे जीवन के लिए सबसे महान आशीष हैं।


मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है। - फिलिप्पियों 4:12

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 6:6-10

1 तीमुथियुस 6:6 पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है।

1 तीमुथियुस 6:7 क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं।

1 तीमुथियुस 6:8 और यदि हमारे पास खाने और पहनने को हो, तो इन्हीं पर सन्‍तोष करना चाहिए।

1 तीमुथियुस 6:9 पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं।

1 तीमुथियुस 6:10 क्योंकि रुपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 13-15
  • प्रेरितों 19:21-41

बुधवार, 14 जुलाई 2021

महिमा

 

          जब अपने दसवें जन्मदिन के दिन ज़ेवियर म्कक्युरी ने उसकी आंटी सेलेना के द्वारा भेजे गए चश्मे को पहना, तो वह रो पड़ा। ज़ेवियर जन्म से ही रंगों को नहीं देख पाता था; उसके लिए संसार की हर वस्तु सफ़ेद, काले, या स्लेटी रंग के विभिन्न रंगतों की थी। किन्तु इस नए एन-क्रोमा चश्मे के द्वारा जेवियर ने पहली बार रंगों को देखा। अपने चारों ओर की सुन्दरता को देखने के द्वारा वह उल्लास और उन्माद से भर गया, और उसकी प्रतिक्रिया देखकर उसके परिवार को प्रतीत हुआ मानो उन्होंने कोई चमत्कार देख लिया हो।

          हम परमेश्वर के वचन बाइबल में भी देखते हैं कि परमेश्वर की रंगीन ज्योति की चमक ने प्रेरित यूहन्ना में भी एक प्रबल प्रतिक्रिया जागृत की (प्रकाशितवाक्य 1:17)। पुनर्जीवित हो उठे मसीह की पूर्ण महिमा का सामना करने के बाद, यूहन्ना ने एक झलक देखी,... एक सिंहासन स्वर्ग में धरा है, और उस सिंहासन पर कोई बैठा है। और जो उस पर बैठा है, वह यशब और मानिक सा दिखाई पड़ता है, और उस सिंहासन के चारों ओर मरकत सा एक मेघ-धनुष दिखाई देता है। ... और उस सिंहासन में से बिजलियां और गर्जन निकलते हैं ... ” (प्रकाशितवाक्य 4:2-5)।

          उससे भिन्न समय में, यहेजकेल ने भी ऐसा ही दर्शन देखा था, जिसमें “नीलम का बना हुआ सिंहासन था” और सिंहासन के ऊपर एक मनुष्य समान आकृति थी “और उसकी मानो कमर से ले कर ऊपर की ओर मुझे झलकाया हुआ पीतल सा दिखाई पड़ा, और उसके भीतर और चारों ओर आग सी दिखाई पड़ती थी” (यहेजकेल 1:26-27)। इस अद्भुत मनुष्य समान आकृति के चारों ओर मेघ-धनुष सा रंगीन प्रकाश था (पद 28)।

          एक दिन हम मसीही विश्वासी मसीह से आमने-सामने मिलेंगे। ये दर्शन हमें संकेत देते हैं उस भव्य सुन्दरता और महिमा का, जिसे हम तब देखेंगे। आज जब हम वर्तमान में परमेश्वर की सृष्टि की सुन्दरता को सराहते हैं, तो साथ ही उस आने वाली सुन्दर महिमा की प्रत्याशा भी रखें। - रेमी ओयेडेली

 

प्रभु कितनी अद्भुत और अवर्णनीय है आपकी वह भव्य स्वर्गीय सुन्दरता जहाँ आप हमें लेकर जाएँगे।


परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। - 1 कुरिन्थियों 2:9

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 4:1-6

प्रकाशितवाक्य 4:1 इन बातों के बाद जो मैं ने दृष्टि की, तो क्या देखता हूं कि स्वर्ग में एक द्वार खुला हुआ है; और जिस को मैं ने पहिले तुरही के से शब्द से अपने साथ बातें करते सुना था, वही कहता है, कि यहां ऊपर आ जा: और मैं वे बातें तुझे दिखाऊंगा, जिन का इन बातों के बाद पूरा होना अवश्य है।

प्रकाशितवाक्य 4:2 और तुरन्त मैं आत्मा में आ गया; और क्या देखता हूं, कि एक सिंहासन स्वर्ग में धरा है, और उस सिंहासन पर कोई बैठा है।

प्रकाशितवाक्य 4:3 और जो उस पर बैठा है, वह यशब और मानिक सा दिखाई पड़ता है, और उस सिंहासन के चारों ओर मरकत सा एक मेघ-धनुष दिखाई देता है।

प्रकाशितवाक्य 4:4 और उस सिंहासन के चारों ओर चौबीस सिंहासन है; और इन सिंहासनों पर चौबीस प्राचीन श्वेत वस्त्र पहने हुए बैठें हैं, और उन के सिरों पर सोने के मुकुट हैं।

प्रकाशितवाक्य 4:5 और उस सिंहासन में से बिजलियां और गर्जन निकलते हैं और सिंहासन के सामने आग के सात दीपक जल रहे हैं, ये परमेश्वर की सात आत्माएं हैं।

प्रकाशितवाक्य 4:6 और उस सिंहासन के सामने मानो बिल्लौर के समान कांच का सा समुद्र है, और सिंहासन के बीच में और सिंहासन के चारों ओर चार प्राणी हैं, जिन के आगे पीछे आंखें ही आंखें हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 10-12
  • प्रेरितों 19:1-20

मंगलवार, 13 जुलाई 2021

सुन्दर

 

          जब डेनीस ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ समय बिताना आरंभ किया, तो उसने प्रयास किया की वह पतली हो जाए और सुरुचिपूर्ण वस्त्र पहना करे, जिससे उसे सुन्दर लगे। महिलाओं की सारी पत्रिकाएँ, यही तो परामर्श देती थीं। लेकिन काफी समय बाद उसे पता चला कि उसका बॉयफ्रेंड क्या सोचता था; उसने डेनीस से कहा, “जब तुम थोड़े भारी शरीर की थीं और अपने वस्त्रों पर कुछ विशेष ध्यान नहीं देती थीं, तब भी मैं तुम्हें उतना ही पसंद करता था।”

          तब डेनीस को एहसास हुआ कि “सुन्दरता” कितनी अस्थाई है और विचारों के अनुसार बदल जाती है। सुन्दरता के विषय हमारा दृष्टिकोण औरों के द्वारा बहुत सरलता से प्रभावित हो जाता है। अकसर सुन्दर दिखाई देने का यह विचार भीतरी सुन्दरता की अवहेलना करते हुए, बाहरी स्वरूप पर ही ध्यान केन्द्रित रखता है। लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल से हम सीखते हैं कि परमेश्वर हमें केवल एक ही दृष्टिकोण से देखता है – उसकी सुन्दर, प्रिय संतान। मेरा विचार है कि जब परमेश्वर ने संसार की सृष्टि की, तब उसने सर्वोत्तम को अन्त के लिए – हमारे लिए रखा छोड़ा। जो कुछ भी उसने बनाया वह सब अच्छा था, किन्तु हम मनुष्य कुछ विशेष हैं क्योंकि उसने हमें अपने ही स्वरूप में रचा है (उत्पत्ति 1:27)।

          परमेश्वर हमें सुन्दर मानता है! इसलिए इसमें कोई अचरज की बात नहीं है कि भजनकार विस्मय से भरा था जब उसने प्रकृति की महानता की तुलना मनुष्यों के साथ की। उसने प्रश्न किया,तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?” (भजन 8:4)। लेकिन फिर भी परमेश्वर को यही भाया कि वह हम नाशमान मनुष्यों को ऐसी महिमा और वैभव दे जो अन्य किसी के भी पास नहीं है (पद 5)।

          यह सत्य हमें आश्वासन देता है और हमें उसकी स्तुति और प्रशंसा करने का कारण भी प्रदान करता है। चाहे अन्य कोई हमारे बारे में कुछ भी कहे या हम अपने बारे में कुछ भी सोचें, हमें इस बात से आश्वस्त रहना चाहिए कि हम परमेश्वर की दृष्टि में सुन्दर हैं। - लेस्ली कोह

 

पिता परमेश्वर आपके इस आश्वासन के लिए धन्यवाद कि हम आपकी दृष्टि में सुन्दर हैं।


तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की। - उत्पत्ति 1:27

बाइबल पाठ: भजन 8:4-9

भजन 8:4 तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?

भजन 8:5 क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।

भजन 8:6 तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है।

भजन 8:7 सब भेड़- बकरी और गाय- बैल और जितने वन-पशु हैं,

भजन 8:8 आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव- जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं।

भजन 8:9 हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 7-9
  • प्रेरितों 18

सोमवार, 12 जुलाई 2021

परिपक्व

 

          सूरजमुखी के फूल सारे संसार के सभी स्थानों में कहीं पर भी अंकुरित हो जाते हैं। मधुमक्खियाँ इन के पराग को एक से दूसरे स्थान पर पहुँचाती हैं, और पौधे सड़कों के किनारे, मैदानों में, छज्जों के नीचे, घास के मैदानों में, कहीं भी उग आते हैं। किन्तु फसल के समान उपयोगी होने के लिए, सूरजमुखी को अच्छी भूमि की आवश्यकता होती है। किसानी की एक पुस्तक में लिखा है कि सूरजमुखी की खेती के लिए अच्छी भूमि जिसमें पानी बह जाता हो, जो थोड़ी अम्लीय हो, जिसमें अच्छी मात्रा में जैविक खाद या प्राकृतिक उर्वरक डाला गया हो, चाहिए होती है। ऐसी भूमि में सूरजमुखी के अच्छे स्वादिष्ट बीज, अच्छा तेल, और किसान के लिए अच्छी आमदनी प्राप्त होती है।

          हमें भी अपनी आत्मिक उन्नति के लिए “अच्छी भूमि” की आवश्यकता होती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह ने एक बीज बोने वाले के दृष्टांत के द्वारा सिखाया कि परमेश्वर का वचन रूपी पत्थरीली या झाड़ियों से भरी भूमि में भी अंकुरित हो सकता है (लूका 8:6-7); किन्तु वह फलवंत केवल “पर अच्छी भूमि में के वे हैं, जो वचन सुनकर भले और उत्तम मन में सम्हाले रहते हैं, और धीरज से फल लाते हैं” (लूका 8:15) भूमि में ही होता है।

          सूरजमुखी के छोटे पौधे भी अपनी बढ़ोतरी के लिए धीरजवंत होते हैं। वे दिन भर सूरज की दिशा में घूमते रहते हैं, और परिपक्व होने पर सूरजमुखी के फूल भी सूरज की ओर स्थाई रीति से हो जाते हैं, जिससे फूल गर्म रह सके, उसकी ओर मधुमक्खियाँ आकर्षित हों, और पराग को अधिक से अधिक मात्रा में एक से दूसरे फूल पर ले जाया जा सके। और इससे फिर बहुतायत की फसल होती है।

          जैसे कि सूरजमुखी की खेती करने वाले उन फूलों के लिए अच्छी भूमि और खाद आदि उपलब्ध करवाते हैं, हम भी अपने जीवन में परमेश्वर के वचन के बीज को फलवंत होने देने के लिए निरंतर प्रभु की ओर अपना ध्यान लगाए रखने के द्वारा एक अच्छा वातावरण उपलब्ध करवा सकते हैं। प्रतिदिन परमेश्वर के साथ ईमानदारी से बने रहने, और उसके मार्गों पर ध्यानपूर्वक चलते रहने से हम उससे आवश्यक ऊर्जा और मार्गदर्शन प्राप्त कर के अपने आत्मिक जीवनों में परिपक्व और प्रभु के लिए फलवंत हो सकते हैं। - पेट्रीशिया रेबोन

 

हे प्रभु मुझे अपने लिए फलवंत एवं उपयोगी बनाएँ।


उसने उन को उत्तर दिया, कि अच्छे बीज का बोने वाला मनुष्य का पुत्र है। खेत संसार है, अच्छा बीज राज्य के सन्तान, और जंगली बीज दुष्‍ट के सन्तान हैं। - मत्ती 13:37-38

बाइबल पाठ: लूका 8:11-15

लूका 8:11 दृष्टान्त यह है; बीज तो परमेश्वर का वचन है।

लूका 8:12 मार्ग के किनारे के वे हैं, जिन्होंने सुना; तब शैतान आकर उन के मन में से वचन उठा ले जाता है, कि कहीं ऐसा न हो कि वे विश्वास कर के उद्धार पाएं।

लूका 8:13 चट्टान पर के वे हैं, कि जब सुनते हैं, तो आनन्द से वचन को ग्रहण तो करते हैं, परन्तु जड़ न पकड़ने से वे थोड़ी देर तक विश्वास रखते हैं, और परीक्षा के समय बहक जाते हैं।

लूका 8:14 जो झाड़ियों में गिरा, सो वे हैं, जो सुनते हैं, पर बड़े होते होते चिन्ता और धन और जीवन के सुख विलास में फंस जाते हैं, और उन का फल नहीं पकता।

लूका 8:15 पर अच्छी भूमि में के वे हैं, जो वचन सुनकर भले और उत्तम मन में सम्हाले रहते हैं, और धीरज से फल लाते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 4-6
  • प्रेरितों 17:16-34

रविवार, 11 जुलाई 2021

छुड़ाए

 

          इंग्लिश फुटबॉल की एक रोचक परंपरा है उनकी प्रत्येक टीम के अपने-अपने विशेष गीत, जिन्हें उनके चाहने वाले प्रत्येक मैच के आरंभ होने से पहले गाते हैं। ये गीत अनेकों प्रकार के हैं, मज़ाकिया, चंचल, से लेकर परमेश्वर के वचन बाइबल में से लिया गया “भजन 23” भी। भजन 23 वेस्ट ब्रोमविच एलबियोन का गीत है। इस भजन के शब्द उस टीम के स्टेडियम के अंदर प्रवेश करने वाले स्थान पर लिखे हैं और प्रत्येक दर्शक से कहते हैं कि वे उस टीम के लिए उनके महान, भले, मुख्य चरवाहे की देखभाल को देखें।

          भजन 23 में  दाऊद ने यह शाश्वत वचन कहे,यहोवा मेरा चरवाहा है” (पद 1)। बाद में सुसमाचार के लेखक मत्ती ने प्रभु यीशु के विषय बताया, “जब उसने भीड़ को देखा तो उसको लोगों पर तरस आया, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान जिनका कोई रखवाला न हो, व्याकुल और भटके हुए से थे” (मत्ती 9:36)। और यूहन्ना 10 अध्याय में प्रभु यीशु मसीह ने कहा, “अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है” (पद 11) और इस प्रकार उन्होंने मानवीय “भेड़ों” के प्रति अपनी चिंता और अपने गहरे प्रेम को प्रकट किया। प्रभु यीशु उनके प्रति करुणा के अंतर्गत ही वह भीड़ के साथ व्यवहार करते थे, उनकी आवश्यकताओं को पूरा करते थे, और अन्ततः उसने उनके और हम सभी के लिए अपने प्राण भी बलिदान कर दिए।

          यहोवा मेरा चरवाहा है” केवल एक प्राचीन भजन की पंक्ति अथवा कोई दक्ष स्लोगन नहीं है। यह एक दृढ़ अभिव्यक्ति है कि हमारे महान प्रभु परमेश्वर के द्वारा व्यक्तिगत रीति से ध्यान रखे जाने और प्रेम किए जाने का क्या अभिप्राय होता है। उसने अपने बड़े प्रेम में होकर हमें अपने पुत्र के द्वारा, हमारे पापों के दुष्परिणाम और अनन्त विनाश से छुड़ा लिया है, और यह छुड़ाया जाना संसार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए भी सेंत-मेंत उपलब्ध है। - बिल क्राउडर

 

हमारा छुड़ाने वाला हमारा प्रभु, हमारा महान चरवाहा है।


क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ। पर निर्दोष और निष्कलंक मेम्ने अर्थात मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा हुआ। - 1 पतरस 1:18-19

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:11-15

यूहन्ना 10:11 अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है।

यूहन्ना 10:12 मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िया उन्हें पकड़ता और तित्तर-बित्तर कर देता है।

यूहन्ना 10:13 वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्ता नहीं।

यूहन्ना 10:14 अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं।

यूहन्ना 10:15 इसी तरह मैं अपनी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 1-3
  • प्रेरितों 17:1-15

शनिवार, 10 जुलाई 2021

नियंत्रण

 

          डिस्कवर पत्रिका का एक संपादक, स्टीफन कास दृढ़ निश्चय था कि वह उसके जीवन की कुछ अदृश्य बातों के विषय और खोज-बीन करेगा। न्यू-यॉर्क शहर में अपने दफतर की ओर जाते हुए  वह सोच रहा था, “यदि मैं एम्पायर स्टेट बिलडिंग के ऊपर लगे अनेकों टी.वी. तथा रेडियो एंटीनाओं से निकलने वाली रेडियो तरंगों को देखने पाऊँ, तो वह एक ऐसी बहुरंगी और हिलती हुई रौशनी के समान होगा जो सारे शहर को प्रज्वलित करती है। उसे यह एहसास था कि वह रेडियो, टी.वी., और वाई-फाई सिग्नलों की अदृश्य इलैक्ट्रो-मैगनेटिक तरंगों से घिरा हुआ था।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में एलिशा के सेवक ने एक प्रातः एक अन्य प्रकार की अदृश्य वास्तविकता के बारे में सीखा – अदृश्य संसार के विषय। एक प्रातः जब वह सो कर उठा तो उसे और उसके स्वामी को अराम की सेनाओं ने घेर रखा था। जहाँ तक उसकी दृष्टि जाती थी, शकतीशाली घोड़ों पर सवार सैनिक थे (2 राजाओं 6:15)। वह सेवक तो भयभीत था, किन्तु एलिशा निश्चिन्त था, क्योंकि उसे तो उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए घेरे हुए स्‍वर्गदूतों की सेना दिखाई दे रही थी। उसने अपने सेवक से कहा,मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं” (पद 16)। फिर एलिशा ने परमेश्वर से प्रार्थना की, कि उसके सेवक की आँखें भी खोल दे जिससे कि वह देख सके कि प्रभु ने उनके शत्रुओं को घेरे में ले रखा था, और सारी परिस्थिति प्रभु ही के नियंत्रण में थी।

          क्या कभी आप अपने आप को पराजित और किसी अन्य के वश में अनुभव करते हो? कभी न भूलें कि हर परिस्थिति, हर बात परमेश्वर की निगरानी में है, और वही सर बात को निर्देशित करता है, सभी पर नियंत्रण रखता है; तथा “क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें” (भजन 91:11)। - पोह फैंग चिया

 

मत डर; हमारा प्रभु सदा हमारे साथ, हमारे पक्ष में बना रहता है।


परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 6:8-17

2 राजा 6:8 और अराम का राजा इस्राएल से युद्ध कर रहा था, और सम्मति कर के अपने कर्मचारियों से कहा, कि अमुक स्थान पर मेरी छावनी होगी।

2 राजा 6:9 तब परमेश्वर के भक्त ने इस्राएल के राजा के पास कहला भेजा, कि चौकसी कर और अमुक स्थान से हो कर न जाना क्योंकि वहां अरामी चढ़ाई करने वाले हैं।

2 राजा 6:10 तब इस्राएल के राजा ने उस स्थान को, जिसकी चर्चा कर के परमेश्वर के भक्त ने उसे चिताया था, भेज कर, अपनी रक्षा की; और उस प्रकार एक दो बार नहीं वरन बहुत बार हुआ।

2 राजा 6:11 इस कारण अराम के राजा का मन बहुत घबरा गया; सो उसने अपने कर्मचारियों को बुला कर उन से पूछा, क्या तुम मुझे न बताओगे कि हम लोगों में से कौन इस्राएल के राजा की ओर का है? उसके एक कर्मचारी ने कहा, हे मेरे प्रभु! हे राजा! ऐसा नहीं,

2 राजा 6:12 एलिशा जो इस्राएल में भविष्यद्वक्ता है, वह इस्राएल के राजा को वे बातें भी बताया करता है, जो तू शयन की कोठरी में बोलता है।

2 राजा 6:13 राजा ने कहा, जा कर देखो कि वह कहां है, तब मैं भेज कर उसे पकड़वा मंगाऊंगा। और उसको यह समाचार मिला कि वह दोतान में है।

2 राजा 6:14 तब उसने वहां घोड़ों और रथों समेत एक भारी दल भेजा, और उन्होंने रात को आकर नगर को घेर लिया।

2 राजा 6:15 भोर को परमेश्वर के भक्त का टहलुआ उठा और निकल कर क्या देखता है कि घोड़ों और रथों समेत एक दल नगर को घेरे हुए पड़ा है। और उसके सेवक ने उस से कहा, हाय! मेरे स्वामी, हम क्या करें?

2 राजा 6:16 उसने कहा, मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं।

2 राजा 6:17 तब एलिशा ने यह प्रार्थना की, हे यहोवा, इसकी आंखें खोल दे कि यह देख सके। तब यहोवा ने सेवक की आंखें खोल दीं, और जब वह देख सका, तब क्या देखा, कि एलिशा के चारों ओर का पहाड़ अग्निमय घोड़ों और रथों से भरा हुआ है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 41-42
  • प्रेरितों 16:22-40

शुक्रवार, 9 जुलाई 2021

पुनःस्थापित

 

          जुलाई 18, 1983 को अमेरिका की वायु-सेना का एक कप्तान न्यू-मेक्सिको में स्थिर एक वायु-सेना के अड्डे से, बिना किसी भी सुराग के, गायब हो गया। पैंतीस वर्ष के बाद अधिकारियों को वह कैलिफोर्निया में मिला। न्यू यॉर्क टाइम्स अखबार में उसके बारे में छपा कि वह अपने काम से निराश होकर यूँ ही सब कुछ छोड़कर भाग गया था। वह पैंतीस वर्ष तक भागता रहा! उसका आधा जीवन यही ध्यान रखने में निकल गया कि कहीं कोई उसे देखकर पहचान तो नहीं रहा है! मैं समझ सकता हूँ कि चिंता और भय इस व्यक्ति के साथ सदा बने रहते होंगे।

          लेकिन मुझे यह भी मानना पड़ेगा कि मैं भी भागते रहने के अनुभव को जानता हूँ। नहीं, ऐसा नहीं है कि मैं अपने जीवन में कभी भी सब कुछ छोड़कर कहीं भाग निकला हूँ – शारीरिक रीति से। लेकिन मैं जानता हूँ कि ऐसे अवसर भी होते हैं जब परमेश्वर चाहता है कि मैं कुछ करूं, या किसी बात का अंगीकार करूँ अथवा सामना करूं; किन्तु मैं वैसा नहीं करना चाहता हूँ। तो इस रीति से मैं भी परमेश्वर से भाग रहा होता हूँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में योना नबी परमेश्वर द्वारा उसे नीनवे नगर में जाकर प्रचार करने के सौंपे गए कार्य से भागने के लिए प्रसिद्ध है (देखिए योना 1:1-3)। लेकिन वह परमेश्वर से बचकर भाग नहीं सका। आपने संभवतः सब पढ़ा या सुना होगा कि आगे क्या हुआ (पद 4, 17): बड़ी आँधी, एक विशाल मछली, मछली द्वारा उसे निगल लिया जाना, फिर मछली के पेट में एक सामना करना और जवाबदेही, और योना के द्वारा परमेश्वर को सहायता करने के लिए पुकारना (2:2 )।

          योना कोई सिद्ध नबी नहीं था। लेकिन उसकी अद्भुत कहानी से मुझे दिलासा मिलती है, क्योंकि योना की ढिठाई के बावजूद, परमेश्वर ने उसे छोड़ा नहीं। प्रभु ने उसकी सहायता की पुकार का उत्तर दिया, और अपने अनुग्रह में अपने भगोड़े सेवक को पुनःस्थापित कर दिया – जैसा वह हमें भी करता है। - एडम होल्ज़

 

हे पिता मुझे भी क्षमा करें और अपने अनुग्रह के द्वारा पुनःस्थापित करें।


और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा। - भजन 50:15

बाइबल पाठ: योना 2:1-10

योना 2:1 तब योना ने उसके पेट में से अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर के कहा,

योना 2:2 मैं ने संकट में पड़े हुए यहोवा की दोहाई दी, और उसने मेरी सुन ली है; अधोलोक के उदर में से मैं चिल्ला उठा, और तू ने मेरी सुन ली।

योना 2:3 तू ने मुझे गहिरे सागर में समुद्र की थाह तक डाल दिया; और मैं धाराओं के बीच में पड़ा था, तेरी भड़काई हुई सब तरंग और लहरें मेरे ऊपर से बह गईं।

योना 2:4 तब मैं ने कहा, मैं तेरे सामने से निकाल दिया गया हूं; तौभी तेरे पवित्र मन्दिर की ओर फिर ताकूंगा।

योना 2:5 मैं जल से यहां तक घिरा हुआ था कि मेरे प्राण निकले जाते थे; गहरा सागर मेरे चारों ओर था, और मेरे सिर में सिवार लिपटा हुआ था।

योना 2:6 मैं पहाड़ों की जड़ तक पहुंच गया था; मैं सदा के लिये भूमि में बन्द हो गया था; तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने मेरे प्राणों को गड़हे में से उठाया है।

योना 2:7 जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैं ने यहोवा को स्मरण किया; और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन तेरे पवित्र मन्दिर में पहुंच गई।

योना 2:8 जो लोग धोखे की व्यर्थ वस्तुओं पर मन लगाते हैं, वे अपने करुणा निधान को छोड़ देते हैं।

योना 2:9 परन्तु मैं ऊंचे शब्द से धन्यवाद कर के तुझे बलिदान चढ़ाऊंगा; जो मन्नत मैं ने मानी, उसको पूरी करूंगा। उद्धार यहोवा ही से होता है।

योना 2:10 और यहोवा ने मगरमच्छ को आज्ञा दी, और उसने योना को स्थल पर उगल दिया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 38-40
  • प्रेरितों 16:1-21