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बुधवार, 2 जून 2021

स्वरूप

 

          एक जवान महिला की खूबसूरत भूरी त्वचा में जब सफ़ेद धब्बे उभरने लगे, तो वह घबरा गई, मानो वह लुप्त होने लगी हो, या “स्वयं” को खोने लग गई हो। उसने भारी मेक-आप के साथ अपने उन धब्बों को छिपाने के प्रयास किए – जो उसकी त्वचा में विटिलाइगो के कारण विकसित हो रहे थे – जो त्वचा को रंग देने वाले पदार्थ मेलानिन की कमी आ जाने के कारण होता है।

          फिर एक दिन उसने अपने आप से पूछा: मैं इन्हें क्यों छिपाऊँ? उसने परमेश्वर की सामर्थ्य पर भरोसा रखते हुए अपने आप को जैसी वह थी स्वीकार कर लिया, और भारी मेक-आप का प्रयोग करना बन्द कर दिया। शीघ्र ही वह अपने आत्म-विश्वास के लिए लोगों का ध्यान आकर्षित करने लगी। अन्ततः वह विटिलाइगो के साथ संसार भर में मेक-आप का सामान बेचने वाली कंपनी की प्रथम प्रवक्ता-मॉडल बनी।

          उसने एक बार एक टी.वी. में साक्षात्कार के समय कार्यक्रम के मेज़बान को बताया, “यह एक बहुत बड़ी आशीष है” और उसने आगे कहा कि उसे प्रोत्साहित करती रहने वाली बातें हैं उसका विश्वास, परिवार और उसके मित्र।

          इस महिला की कहानी हमें स्मरण कराती है कि, जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, हम सभी को परमेश्वर ने अपने ही स्वरूप में बनाया है, “तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की” (उत्पत्ति 1:27)। हम बाहर से चाहे जैसे भी दिखाई दें, लेकिन हम सभी परमेश्वर के स्वरूप को दिखाने वाले लोग हैं। उसके द्वारा सृजे गए होने के कारण, हम उसकी महिमा को प्रतिबिंबित करते हैं; और प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के नाते, हम संसार में उसका प्रतिनिधित्व करने के लिए उसी के स्वरूप में परिवर्तित किए जा रहे हैं।

          क्या आप अपने स्वरूप के साथ किसी प्रकार के संघर्ष में हैं? अपने आप को आईने में देखकर मुस्कराइए – परमेश्वर ने आपको अपने स्वरूप में बनाया है। - पेट्रीशिया रेबौन

 

प्रभु आपने मुझे जैसा भी बनाया है, उसी में मैं आपकी महिमा का कारण ठहरूं।


परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 1:26-31

उत्पत्ति 1:26 फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं; और वे समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और घरेलू पशुओं, और सारी पृथ्वी पर, और सब रेंगने वाले जन्तुओं पर जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, अधिकार रखें।

उत्पत्ति 1:27 तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की।

उत्पत्ति 1:28 और परमेश्वर ने उन को आशीष दी: और उन से कहा, फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगने वाले सब जन्तुओं पर अधिकार रखो।

उत्पत्ति 1:29 फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीज वाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं, वे सब मैं ने तुम को दिए हैं; वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं:

उत्पत्ति 1:30 और जितने पृथ्वी के पशु, और आकाश के पक्षी, और पृथ्वी पर रेंगने वाले जन्तु हैं, जिन में जीवन के प्राण हैं, उन सब के खाने के लिये मैं ने सब हरे हरे छोटे पेड़ दिए हैं; और वैसा ही हो गया।

उत्पत्ति 1:31 तब परमेश्वर ने जो कुछ बनाया था, सब को देखा, तो क्या देखा, कि वह बहुत ही अच्छा है। तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार छठवां दिन हो गया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 17-18
  • यूहन्ना 13:1-20


मंगलवार, 1 जून 2021

पीछे

 

          1993 की फिल्म, ज्यूरैसिक पार्क का एक जाना-माना दृश्य है जिसमें तीन लोग एक जीप में बैठकर उनका पीछा कर रहे हमलावर डायनासौर से बचने का प्रयास कर रहे हैं, और उनमें से एक कहता है, “और भी तेज़ी से चलो”; जब जीप का चालाक पीछे देखने वाले आईने में देखता है तो उसे उस डायनासौर के खुले हुए जबड़े और तीखे दांत अपने ठीक पीछे दिखाई देते हैं, और वहीं पर उस आईने पर यह भी लिखा दिखता ही कि “दिखने वाली वस्तुएँ प्रतीत होने वाली दूरी से अधिक निकट हो सकती हैं।” वह दृश्य उग्रता और भयानक परिहास का एक कुशल मिश्रण है।

          लेकिन वास्तविक जीवन में भी कई बार हमें लगता है कि हमारे अतीत के “राक्षस” कभी हमारा पीछा करना नहीं छोड़ेंगे। हम अपने जीवन के आईने में देखते हैं और हमारी बीते समय की गलतियाँ हमें बिलकुल अपने पीछे ही दिखाई देती हैं, हमें दोष और लज्जा में डुबो देने को तैयार।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस अतीत की पंगु बना देने वाली शक्ति को समझता था। उसने कई वर्ष इसी प्रयास में बिताए थे कि मसीह से बिलकुल पृथक होकर रहे, और मसीही विश्वासियों को सताता भी रहता था (फिलिप्पियों 3:1-9)। यदि वह अपने अतीत के दोष-बोध में फँस जाता तो बिलकुल निष्क्रिय हो जाता।

          लेकिन प्रभु यीशु मसीह के साथ उसके संबंध में पौलुस को ऐसी मनोहरता और सामर्थ्य मिली कि वह अपने पुराने जीवन को पीछे छोड़ देने के लिए बाध्य हो गया (पद 8-9)। इससे अब वह पीछे की ओर देखते रहने के स्थान पर, आगे ही की ओर देखते रहने के लिए स्वतंत्र हो गया। अब उसमें अतीत का कोई भय या पंगु करने वाला उसका पछतावा नहीं था: “” (पद 13-14)।

          प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा हम उसमें पाप और भय पर जयवंत जीवन जीने के लिए स्वतंत्र कर दिए गए हैं। अब हमने पीछे की बातों के नियंत्रण में होकर कुण्ठित जीवन जीने की आवश्यकता नहीं है। अब हम आगे की ओर देखते हुए जीवन में बढ़ते जा सकते हैं, न कि पीछे की ओर देखते हुए। - एडम होल्ज़

 

प्रभु यीशु मसीह में हम बीते हुए जीवन के बंधनों से स्वतंत्र कर दिए गए हैं।


सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:7-14

फिलिप्पियों 3:7 परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।

फिलिप्पियों 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं।

फिलिप्पियों 3:9 और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।

फिलिप्पियों 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ्य को, और उसके साथ दुखों में सहभागी होने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं।

फिलिप्पियों 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।

फिलिप्पियों 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।

फिलिप्पियों 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।

फिलिप्पियों 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 15-16
  • यूहन्ना 12:27-50

सोमवार, 31 मई 2021

आवश्यकता

 

          संसार के अन्य शहरों के समान, पेरिस के बाहरी भाग में भी, लोग अपने समाज के बेघर लोगों की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। अन्दर के समान को पानी से खराब न होने देने वाले थैलों में कपड़े डालकर, गलियों में रहने वाले बेघर लोगों के लिए निर्धारित स्थानों पर टांग दिए जाते हैं। उन थैलों पर लिखा होता है: “मैं तुम्हारी दशा के प्रति उदासीन नहीं हूँ; यदि तुम्हें ठंड लग रही है, तो मैं तुम्हारे लिए हूँ।” यह प्रयास न केवल उन बेघर लोगों को गर्म रखता है, वरन समाज को उनकी सहायता करना भी सिखाता है जो किसी आवश्यकता में हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में कंगालों की सहायता करने के महत्व को बताया गया है, और निर्देश दिया गया है कि उनके प्रति “हाथ ढीला” रखें (व्यवस्थाविवरण 15:11)। हमारे सामने निर्धनों के कष्ट के प्रति आँखें मूँद लेने, और जो संसाधन परमेश्वर ने हमें प्रदान किए हैं उन्हें अपने ही लिए जकड़ कर रखने का प्रलोभन हो सकता है। किन्तु परमेश्वर हमें चुनौती देता है कि क्योंकि आवश्यकता में पड़े लोग हमारे चारों ओर सदा ही होंगे, इसलिए हम उनके प्रति उदार रवैया रखें (पद 10)। प्रभु यीशु ने कहा कि निर्धनों को देने के द्वारा हम स्वर्ग में एक स्थाई धन एकत्रित करते हैं (लूका 12:33)।

          हो सकता है कि परमेश्वर के अतिरिक्त और कोई हमारी उदारता को न जानने पाए; किन्तु जब हम उदारता से देते हैं तो हम न केवल अपने आस-पास के लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं वरन उस आनन्द का भी अनुभव करते हैं जो दूसरों की सहायता करने के द्वारा परमेश्वर हमें देता है।

          प्रभु परमेश्वर हमें ऐसा मन दे कि हमारे पास आवश्यकता में पड़े लोगों को देखने वाली आँखें और उदारता से उनकी सहायता के लिए बढ़ने वाले हाथ हों। जैसे प्रभु हमारी आवश्यकता पूरी करता है, वैसे ही हम भी औरों की आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान दें। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

उदारता परमेश्वर के सप्रेम और विश्वासयोग्य प्रावधानों में हमारे भरोसे को व्यक्त करती है।


अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता। क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा। - लूका 12:33-34

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 15:7-11

व्यवस्थाविवरण 15:7 जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसके किसी फाटक के भीतर यदि तेरे भाइयों में से कोई तेरे पास दरिद्र हो, तो अपने उस दरिद्र भाई के लिये न तो अपना हृदय कठोर करना, और न अपनी मुट्ठी कड़ी करना;

व्यवस्थाविवरण 15:8 जिस वस्तु की घटी उसको हो, उसका जितना प्रयोजन हो उतना अवश्य अपना हाथ ढीला कर के उसको उधार देना।

व्यवस्थाविवरण 15:9 सचेत रह कि तेरे मन में ऐसी अधम चिन्ता न समाए, कि सातवां वर्ष जो छुटकारे का वर्ष है वह निकट है, और अपनी दृष्टि तू अपने उस दरिद्र भाई की ओर से क्रूर कर के उसे कुछ न दे, और वह तेरे विरुद्ध यहोवा की दुहाई दे, तो यह तेरे लिये पाप ठहरेगा।

व्यवस्थाविवरण 15:10 तू उसको अवश्य देना, और उसे देते समय तेरे मन को बुरा न लगे; क्योंकि इसी बात के कारण तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे सब कामों में जिन में तू अपना हाथ लगाएगा तुझे आशीष देगा।

व्यवस्थाविवरण 15:11 तेरे देश में दरिद्र तो सदा पाए जाएंगे, इसलिये मैं तुझे यह आज्ञा देता हूं कि तू अपने देश में अपने दीन-दरिद्र भाइयों को अपना हाथ ढीला कर के अवश्य दान देना।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 13-14
  • यूहन्ना 12:1-26


रविवार, 30 मई 2021

प्रेम


          कई वर्षों तक मैं भय को अपने हृदय पर, उसकी रक्षा करने के लिए, एक ढाल के समान लगाए रही। यह भय मेरे लिए एक बहाना बन गया, जिसके पीछे छुपकर मैं कुछ भी नया करने से कतराती थी, अपने सपनों को पूरा करने के प्रयास नहीं करती थी, और परमेश्वर की आज्ञाकारिता में जीने से बचती थी। हानि उठाने, दुःख सहने, और तिरस्कृत होने के इस भय ने मुझे परमेश्वर तथा औरों के साथ प्रेम के घनिष्ठ संबंध बनाने से रोके रखा। भय ने ही मुझे असुरक्षित और चिंतित रहने वाली, तथा जलन रखने वाली पत्नी, और आवश्यकता से कहीं अधिक नियंत्रण रखने और चिंता करते रहने वाली माँ बना दिया। अब जब मैं यह सीखती जा रही हूँ कि परमेश्वर मुझ से कितना प्रेम करता है, तो वह मुझे बदल भी रहा है और उससे तथा औरों के साथ सही व्यवहार रखना सिखा रहा है। क्योंकि मुझे निश्चय है कि परमेश्वर मेरा ध्यान रखेगा, इसलिए मैं उसमें सुरक्षित अनुभव करती हूँ, तथा प्रार्थना में अपने से बढ़कर औरों की आवश्यकताओं को उसके सामने रखने पाती हूँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि परमेश्वर प्रेम है (1 यूहन्ना 4:7-8); प्रभु यीशु का क्रूस पर दिया गया जीवन-बलिदान, उस प्रेम की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है, और हमारे प्रति उसकी प्रतिबद्धता की दृढ़ता का प्रमाण है (पद 9-10)। क्योंकि परमेश्वर हम से प्रेम करता है, और हमारे अन्दर निवास करता है, इसलिए हम उस पर आधारित होकर जो उसने हमारे लिए किया और जो वह है, औरों से भी प्रेम कर सकते हैं (पद 11-12)।

          जिस पल हम प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करते हैं, उसी क्षण प्रभु हमें अपना पवित्र आत्मा प्रदान कर देता है, जो उसी पल से हमारे अन्दर निवास करने लग जाता है (पद 13-15)। पवित्र आत्मा हमारी सहायता करता है कि हम परमेश्वर के प्रेम को जानें और उस पर निर्भर रहें, और वह हमें अधिकाधिक प्रभु यीशु के स्वरूप में ढालता चला जाता है (पद 16-17)। जब हम परमेश्वर पर अपने भरोसे और मसीही विश्वास में बढ़ते जाते हैं, तो इससे हमारा भय समाप्त होता जाता है, क्योंकि हमें यह निश्चय होता चला जाता है कि परमेश्वर हम से पूर्णतः और असीम प्रेम करता है (पद 18-19)।

          जब हम परमेश्वर को व्यक्तिगत रीति से अनुभव करते हैं, और उसके हमसे बिना किसी शर्त के किए गए प्रेम को अनुभव करते हैं, तो हम उसमें परिपक्व होने लगते हैं और फिर हम औरों के साथ उसके बारे में बांटने से नहीं घबराते हैं; हम संसार के समक्ष उस प्रेम के निर्भीक गवाह बन जाते हैं। - सोहचील डिक्सन

 

प्रभु आपके हमारे प्रति अनन्त प्रेम के लिए धन्यवाद; हमें इस प्रेम को औरों तक पहुंचाने वाले बनाएँ।


क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:7-21

1 यूहन्ना 4:7 हे प्रियो, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।

1 यूहन्ना 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।

1 यूहन्ना 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं।

1 यूहन्ना 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा।

1 यूहन्ना 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।

1 यूहन्ना 4:12 परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।

1 यूहन्ना 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है।

1 यूहन्ना 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है।

1 यूहन्ना 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।

1 यूहन्ना 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।

1 यूहन्ना 4:17 इसी से प्रेम हम में सिद्ध हुआ, कि हमें न्याय के दिन हियाव हो; क्योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी हैं।

1 यूहन्ना 4:18 प्रेम में भय नहीं होता, वरन सिद्ध प्रेम भय को दूर कर देता है, क्योंकि भय से कष्ट होता है, और जो भय करता है, वह प्रेम में सिद्ध नहीं हुआ।

1 यूहन्ना 4:19 हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उसने हम से प्रेम किया।

1 यूहन्ना 4:20 यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिस उसने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उसने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता।

1 यूहन्ना 4:21 और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 10-12
  • यूहन्ना 11:30-57

शनिवार, 29 मई 2021

आनन्द

 

          मैं जमाइका के मोंटेगो बे अस्पताल में लौटकर रेंडेल से फिर से मिलने के लिए बहुत उत्सुक था। रेंडेल ने दो वर्ष पहले उसके लिए प्रभु यीशु के प्रेम को जाना था। हाई-स्कूल के छात्रों की एक मसीही भजन गाने वाली मण्डली की एक किशोर सदस्या, इवी ने रेंडेल के साथ परमेश्वर के वचन बाइबल में से कुछ भाग पढ़ा था, और उसे सुसमाचार समझाया था, और रेंडेल ने प्रभु यीशु मसीह को अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता स्वीकार कर लिया था।

          मैंने जब उस अस्पताल के पुरुषों के भाग में प्रवेश किया, और रेंडेल के पलंग की ओर देखा, तो वह खाली था। मैंने जाकर नर्स से पूछा तो मुझे वह पता चला जो मैं बिलकुल सुनना नहीं चाहता था – रेंडेल का हमारे वहाँ पहुँचने से बस पाँच दिन पहले ही देहांत हो गया था।

          अपने आँसुओं के साथ मैंने इवी को फोन से इस दुखद समाचार का सन्देश भेजा। उसने सहज प्रत्युत्तर में लिखा, “वह अब प्रभु यीशु के साथ आनन्द में है।” बाद में, जब हम मिले तो उसने कहा, “यह अच्छा ही हुआ कि हमने उसे प्रभु यीशु के बारे उस समय बता दिया था।”

          इवी के शब्दों ने मुझे हर समय प्रभु यीशु मसीह में विश्वास के द्वारा पापों की क्षमा और अनन्त जीवन की आशा के सुसमाचार को सप्रेम सुनाते रहने के लिए तैयार रहने का स्मरण करवाया। नहीं, सुसमाचार सुनाना, उस प्रभु के बारे में बताना जो हमेशा हमारे साथ बना रहेगा (मत्ती 28:20), हमेशा ही सरल नहीं होता है। किन्तु जब हम इस पर विचार करते हैं कि जोखिम उठाकर भी जब हम किसी के साथ सुसमाचार बाँटते हैं, और इससे उनके जीवन में भी वही परिवर्तन आता है, जो  हमारे जीवन में आया; उन्हें भी उस अनन्त आनन्द की आशा बंधती है जो हमारे पास है; जब हम रेंडेल जैसे लोगों और उनके जीवनों में आए परिवर्तन के बारे में विचार करते हैं, तो यह हमें प्रोत्साहित करता है कि हम जहाँ कहीं भी जाएँ, प्रभु यीशु के लिए शिष्य बनाने के लिए सदा तैयार रहें (पद 19)।

          मैं उस खाली पलंग को देखने की उदासी को कभी नहीं भूलूँगा; और न ही उस आनन्द की अनुभूति को जो एक किशोरी के द्वारा रेंडेल को सुसमाचार सुनाने के द्वारा उसके जीवन में अनन्त काल के लिए आनन्द से भर देने के द्वारा मुझे मिला। - डेव ब्रैनन

 

प्रभु संसार को आपके सुसमाचार की आवश्यकता है; हमें साहस दें कि हम सभी लोगों को सुसमाचार सुनाएं।


परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। - प्रेरितों 1:8

बाइबल पाठ: मत्ती 28:16-20

मत्ती 28:16 और ग्यारह चेले गलील में उस पहाड़ पर गए, जिसे यीशु ने उन्हें बताया था।

मत्ती 28:17 और उन्होंने उसके दर्शन पाकर उसे प्रणाम किया, पर किसी किसी को सन्देह हुआ।

मत्ती 28:18 यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है।

मत्ती 28:19 इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो।

मत्ती 28:20 और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 11:1-29