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सोमवार, 7 अक्टूबर 2013

पहचान

   साधारणतया, जब कभी किसी की फोटो खींची जा रही होती है तो उससे मुस्कुराने को कहा जाता है, लेकिन अमेरिका के कुछ क्षेत्रों में, यदि कोई ड्राइविंग लाइसेंस बनावाने जाता है तो उसे फोटो खिंचवाते समय नहीं मुस्कुराने को कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गलत पहचान प्रमाणों द्वारा लाइसेंस बनवाने को रोका जा सके। लाइसेंस बनाने वाले अधिकारी प्रत्येक फोटो और पहचान प्रमाणों की तकनीकी द्वारा बारीकी से जाँच करते हैं और उनके पास बने हुए फोटो संग्रह के साथ पहचान प्रमाण और फोटो को मिलाकर देखते हैं। यदि कहीं कोई छल या गड़बड़ प्रतीत होती है तो तुरंत लाइसेंस बनाकर देने वाले कर्मचारी को सतर्क कर दिया जाता है। सन 1999 से 2009 तक इस प्रक्रिया की सहायता से छल से लाइसेंस बनवाने के 6000 प्रयासों को विफल किया गया। लेकिन मुस्कुराना क्यों मना किया जाता है? क्योंकि जिस तकनीक का प्रयोग चेहरे और पहचान प्रमाण को जाँचने के लिए किया जाता है, वह उन चेहरों को बेहतर पहचान पाती है जो बिना मुस्कुराहट के होते हैं; इसलिए सही पहचान की संभावना के लिए मुस्कुराना मना किया गया है।

   प्रभु यीशु ने भी मसीही विश्वासियों की एक पहचान दी थी; उन्होंने अपने चेलों से कहा: "यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो" (यूहन्ना 13:35)। जैसे मसीही विश्वासियों की आवश्यकताएं और परिस्थितियाँ भिन्न तथा अनेक प्रकार की होती हैं, वैसे ही उनसे प्रेम दिखाने के तरीके भी भिन्न तथा अनेक प्रकार के हो सकते हैं; जैसे, प्रोत्साहन के दो शब्द कहना, मिलने जाना, भोजन पर बुलाना, बुराई या गलती के प्रति सचेत करना, प्रार्थना करना, बाइबल के पद बाँटना, उन्हें दिल खोल कर कहने देना और उनकी सुनना, उनके लिए एक प्रेम भरी मुस्कुराहट आदि।

   प्रेरित यूहन्ना ने लिखा, "हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार हो कर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है" (1 यूहन्ना 3:14)। क्या आज लोग आपको एक मसीही विश्वासी के रूप में पहचानते हैं? क्या आपके जीवन में अन्य लोगों के प्रति मसीह यीशु का सा प्रेम दिखाई देता है? क्या आपने मसीह यीशु का अनुयायी होने की अपनी पहचान सही बना रखी है? - ऐनी सेटास


परमेश्वर के प्रति हमारे प्रेम का एक माप है हमारा उसके बच्चों के प्रति प्रेम।

जो कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, वह ज्योति में रहता है, और ठोकर नहीं खा सकता। - 1 यूहन्ना 2:10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1 यूहन्ना 3:11-18
1 John 3:11 क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें। 
1 John 3:12 और कैन के समान न बनें, जो उस दुष्‍ट से था, और जिसने अपने भाई को घात किया: और उसे किस कारण घात किया? इस कारण कि उसके काम बुरे थे, और उसके भाई के काम धर्म के थे। 
1 John 3:13 हे भाइयों, यदि संसार तुम से बैर करता है तो अचम्भा न करना। 
1 John 3:14 हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार हो कर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है। 
1 John 3:15 जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह हत्यारा है; और तुम जानते हो, कि किसी हत्यारे में अनन्त जीवन नहीं रहता। 
1 John 3:16 हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। 
1 John 3:17 पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देख कर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? 
1 John 3:18 हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 28-29 
  • फिलिप्पियों 3


रविवार, 6 अक्टूबर 2013

चमकते रहिए!

   जहाँ हम रहते हैं वहाँ सड़क के किनारे पर पटरी नहीं बनी है, घर से सड़क पर निकलने वाले रास्ते से सड़क पर आते ही हम सड़क पर चल रहे लोगों और वाहनों में होते हैं, इसलिए यह बाहर निकलना बहुत सावधानी से करना पड़ता है। उस रास्ते को रौशन करने वाले बत्ती के खंबे भी एक दूसरे से काफी दूरी पर हैं, इसलिए यदि एक बत्ती भी खराब हो जाए तो सड़क का कुछ भाग अन्धकार में हो जाता है। मेरे घर के बाहर लगे खंबे की बत्ती खराब हो गई थी और अनेक बार फोन द्वारा उसे ठीक करने के प्रयासों के बावजूद वह ठीक नहीं करी जा रही थी। मुझे भय रहता था कि बहुत तड़के जब मैं अपने गैराज से गाड़ी निकाल कर सड़क पर आता हूँ तो अन्धकार के कारण कहीं स्कूल जाते हुए किसी बच्चे के साथ मेरी टक्कर ना हो जाए। थोड़ी सी भी रौशनी कितनी महत्वपूर्ण और सुरक्षादायक हो सकती है मैंने इस बात को समझ पाया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में ज्योति से संबंधित शिक्षाएं और विचार अनेक बार पाए जाते हैं। प्रभु यीशु ने कहा कि वे जगत की ज्योति हैं (यूहन्ना 8:12); प्रेरित पौलुस ने पवित्र आत्मा की प्रेर्णा से लिखा: "रात बहुत बीत गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें" (रोमियों 13:12) और प्रभु यीशु ने अपने चेलों को सिखाया कि "उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें" (मत्ती 5:16)। प्रभु यीशु ने चेलों को यह भी सिखाया कि "और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है" (मत्ती 5:15)।

   जो ज्योति चमकती नहीं है उसकी उपयोगिता जाती रहती है। हम मसीही विश्वासी अपने आप में तो कोई ज्योति नहीं रखते, किंतु प्रभु यीशु में होने के कारण हम ज्योतिर्मय हो गए हैं और यह ज्योति हमारे जीवनों से दिखनी चाहिए: "क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाईं चलो" (इफिसियों 5:8); अर्थात हमारे कार्य, व्यवहार, बात-चीत, जीवन शैली इत्यादि ऐसी होनी चाहिए कि हमारे अन्दर की ज्योति से लोग हमारे तथा जगत के उद्धारकर्ता की ओर आकर्षित हो सकें।

   परमेश्वर ने हम सब को एक विशेष वातावरण में रखा है, ऐसे वातावरण में जहाँ हमारी ज्योति सबसे अच्छी तरह चमक सके और हम दूसरों के लिए प्रकाश पहुँचने का कारण हो सकें। शायद आपके आस-पास अन्धकार हो, आपका जीवन या कार्य कुंठाओं से जूझ रहे हों, निराशाओं के अन्धकार आपको घेर रहे हों। हताश मत हों, परमेश्वर ने आपको वहाँ रखा है जहाँ आप उसके लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं; उस अन्धकार में रखा है जहाँ आप सर्वोत्तम प्रकाश दे सकें। आपके जीवन का थोड़ा सा भी प्रकाश किसी के लिए अनन्त जीवन का प्रकाश, किसी के लिए चलने को सही मार्ग दिखाने वाला, किसी को मसीह यीशु की ओर आकर्षित करने वाली ज्योति, किसी को खतरे में आने से बचाने वाला हो सकता है। परमेश्वर ने आपको, अर्थात, अपने दीपक को जला कर, दीवट पर रख दिया है, अन्धकार की शक्तियों को उसे ढाँपने और उसके प्रकाश को दबाने ना दें; चमकते रहिए, परमेश्वर के लिए उपयोगी बने रहिए। - जो स्टोवैल


चाहे आप एक कोने में लगी मोमबत्ती हों या किसी चट्टान पर खड़ा प्रकाश-स्तंभ, बस अपने प्रभु के नाम के लिए चमकते रहिए!

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: मत्ती 5:14-16; 1 पतरस 2:9-10
Matthew 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। 
Matthew 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है। 
Matthew 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।

1 Peter 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। 
1 Peter 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 26-27 
  • फिलिप्पियों 2


शनिवार, 5 अक्टूबर 2013

सही ठिकाना

   आज कल अमेरिका में मकान और ज़मीन खरीदना या बेचना एक जोखिम भरा व्यवसाय बन गया है क्योंकि दाम बहुत गिर गए हैं। यदि आप व्यावासायिक भूमि बेचना चाह रहे हैं तो यह और भी कठिन हो गया है। ऐसे समय में, भूमि और मकान बेचते समय एक पुरानी कहावत स्मरण रखना आवश्यक है: "ज़मीन और मकान बेचते या खरीदते समय, तीन सबसे अधिक महत्वपूर्ण बातें जिनका ध्यान रखना अति आवश्यक है हैं स्थान, स्थान और स्थान!"

   यही बात हम मसीही विश्वासियों द्वारा प्रभु यीशु के लिए जीवन जीने के संबंध में भी लागू होती है - आत्मिक रीति से हम कहाँ हैं हमें यह समझना और स्मरण रखना बहुत आवश्यक है। इस संसार की गिरी हुई दशा में से होकर निकलते समय यदि हमें किसी हानि में पड़ने से बचना है तो हमें अपने आत्मिक ठिकाने के स्मरण को सजीव बनाए रखना होगा। प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें स्मरण दिलाया कि मसीह यीशु में विश्वास लाने के द्वारा उनका ठिकाना अब बदल गया है, क्योंकि परमेश्वर "ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया" (कुलुस्सियों 1:13)। यह स्मरण रखना कि परमेश्वर के महान अनुग्रह के द्वारा अब हमें मसीह यीशु के राज्य में ठिकाना दे दिया गया है बहुत अन्तर लाता है। अब मसीह यीशु हमारे मन-मस्तिषक का स्वामी है, हमारा राजा है और हम उससे मिलने वाले प्रेम, अनुग्रह, द्या और देखभाल के कारण उसके कृतज्ञ सेवक हैं। अब उसकी इच्छा हमारी इच्छा है, उसका आचरण हमारे आचरण के लिए नमूना है और उसके मार्ग हमारे जीवन मार्ग हैं। इस संसार में जब कभी हमारे सामने कोई चुनाव आता है तो हमारी निष्ठा मसीह यीशु ही की ओर है।

   प्रभु यीशु ने हमें पाप के जिस अन्धकार से निकाल कर अपनी ज्योति में स्थान दिया है, जब कभी उस अन्धकार की लालसाएं और प्रलोभन हमारी परीक्षा करें, और हमारे मन-मस्तिषक से उसके राज्य को दूर करने का प्रयास करें तो अपने आप को पुनः स्मरण दिला लें कि अब हमारा ठिकाना संसार और संसार की बातें नहीं वरन स्वर्गीय आशीषों का वह सही ठिकाना है जो प्रभु ने हमारे लिए तैयार किया है और हमें प्रदान किया है। - जो स्टोवैल


मसीही राज्य के निवासियों को मसीही आचरण प्रदर्शित करते रहना चाहिए।

उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया। - कुलुस्सियों 1:13

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:3-14
Colossians 1:3 हम तुम्हारे लिये नित प्रार्थना कर के अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं। 
Colossians 1:4 क्योंकि हम ने सुना है, कि मसीह यीशु पर तुम्हारा विश्वास है, और सब पवित्र लोगों से प्रेम रखते हो। 
Colossians 1:5 उस आशा की हुई वस्तु के कारण जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी हुई है, जिस का वर्णन तुम उस सुसमाचार के सत्य वचन में सुन चुके हो। 
Colossians 1:6 जो तुम्हारे पास पहुंचा है और जैसा जगत में भी फल लाता, और बढ़ता जाता है; अर्थात जिस दिन से तुम ने उसको सुना, और सच्चाई से परमेश्वर का अनुग्रह पहिचाना है, तुम में भी ऐसा ही करता है। 
Colossians 1:7 उसी की शिक्षा तुम ने हमारे प्रिय सहकर्मी इपफ्रास से पाई, जो हमारे लिये मसीह का विश्वास योग्य सेवक है। 
Colossians 1:8 उसी ने तुम्हारे प्रेम को जो आत्मा में है हम पर प्रगट किया। 
Colossians 1:9 इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ। 
Colossians 1:10 ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ। 
Colossians 1:11 और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्‍त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको। 
Colossians 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों। 
Colossians 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया। 
Colossians 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 23-25 
  • फिलिप्पियों 1


शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2013

निरीक्षक

   घर के पिछले बरामदे को बैठता देखकर मैं समझ गया कि इसकी मरम्मत मेरे बस की बात नहीं होगी। इसलिए मैंने नया बरामदा बना कर दे सकने वाले कारिगरों तथा होने वाले वाले खर्चे के बारे में पता किया, और फिर एक योग्य प्रतीत होने वाले ठेकेदार को उचित लगने वाले खर्चे पर कार्य सौंप दिया। जब वह काम कर चुका तो मैंने बारीकी से उसके काम का निरीक्षण किया और मुझे उसके काम में कुछ कमियाँ लगीं। इस विषय में एक अन्य राय लेने हेतु मैंने स्थानीय निर्माण निरीक्षक को बुलाया, और मुझे जान कर बड़ा अचंभा हुआ कि जिस ठेकेदार को मैंने काम सौंपा था उसके पास भवन निर्माण संस्था से कार्यकुशलता के आधार पर मिलने वाला अनुमतिपत्र था ही नहीं। बिना निर्माण निरीक्षक की अनुमति और निरीक्षण के उसने निर्माण नियमों का कई जगह उल्लंघन किया था और गलतियाँ करी थीं।

   इस घटना ने मुझे एक महत्वपूर्ण सत्य स्मरण दिलाया (- ठेकेदार का निर्माण अनुमतिपत्र पहले ही देख-परख लेने के अतिरिक्त), हम मनुष्यों की प्रवृति है कि यदि हमारे ऊपर कोई निरीक्षक बना ना रहे और यदि किसी के प्रति प्रगट में हमारी जवाबदेही ना हो तो हम अपने कार्यों में ढिलाई बरतते हैं और हलका काम करते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी प्रभु यीशु के दो दृष्टांतों में हम इस मानवीय प्रवृति को कार्यकारी रूप में देखते हैं (मत्ती 24:45-51; 25:14-30); इन दोनों ही दृष्टांतों में हम पाते हैं कि स्वामी की अनुपस्थिति में एक ऐसा कर्मचारी भी था जिसने अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभाई और स्वामी की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, इसलिए बाद में स्वामी से दंड का भागी हुआ। लेकिन इसके विपरीत हम बाइबल की नीतिवचन पुस्तक में राजा सुलेमान द्वारा चींटी का उदाहरण भी पाते हैं, जिसके ऊपर कोई निरीक्षक नहीं होता परन्तु हर चींटी अपना काम पूरी मेहनत के साथ सारे समय करती रहती है; कुशलता पूर्वक कार्य करते रहने की प्रवृति उसके अन्दर समाई हुई है और वह उसे निभाती रहती है।

   यह हमारे सामने प्रश्न लाता है - कार्य के संबंध में हमारा हाल क्या है? क्या हम अपनी ज़िम्मेदारी को तभी निभाते हैं और सौंपे हुए कार्य को कुशलता से तभी करते हैं जब हमारे ऊपर कोई निरीक्षक खड़ा होकर हम पर नज़र बनाए रखे? या हम इस बात को समझते और मानते हुए अपनी जिम्मेदारी को भली भांति निभाते रहते हैं कि चाहे वर्तमान में कोई मानवीय निरीक्षक हम पर नज़र रखे अथवा नहीं, हमारा निरीक्षक परमेश्वर है जो हर समय हम पर नज़र रखता है और एक दिन उसके सामने खड़े होकर हमें हर बात का हिसाब उसे देना ही है और उससे फिर अपने कार्य की गुणवन्ता के अनुरूप प्रतिफल भी - चाहे वह शर्मिंदगी का हो या शाबाशी का, पाना ही है। - डेव ब्रैनन


हम मसीही विश्वासियों का मानवीय मालिक कोई भी हो, हमारा कार्य अन्ततः परमेश्वर के लिए ही है।

जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आने वाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। - यूहन्ना 9:4 

बाइबल पाठ: नीतिवचन 6:6-11; कुलुस्सियों 3:22-25
Proverbs 6:6 हे आलसी, च्यूंटियों के पास जा; उनके काम पर ध्यान दे, और बुद्धिमान हो। 
Proverbs 6:7 उन के न तो कोई न्यायी होता है, न प्रधान, और न प्रभुता करने वाला, 
Proverbs 6:8 तौभी वे अपना आहार धूपकाल में संचय करती हैं, और कटनी के समय अपनी भोजन वस्तु बटोरती हैं। 
Proverbs 6:9 हे आलसी, तू कब तक सोता रहेगा? तेरी नींद कब टूटेगी? 
Proverbs 6:10 कुछ और सो लेना, थोड़ी सी नींद, एक और झपकी, थोड़ा और छाती पर हाथ रखे लेटे रहना, 
Proverbs 6:11 तब तेरा कंगालपन बटमार की नाईं और तेरी घटी हथियारबन्द के समान आ पड़ेगी।

Colossians 3:22 हे सेवकों, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्‍वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करने वालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से। 
Colossians 3:23 और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। 
Colossians 3:24 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इस के बदले प्रभु से मीरास मिलेगी: तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो। 
Colossians 3:25 क्योंकि जो बुरा करता है, वह अपनी बुराई का फल पाएगा; वहां किसी का पक्षपात नहीं।

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 20-22 
  • इफिसियों 6


मंगलवार, 24 सितंबर 2013

बद से बदतर

   फिर वही हुआ! मेरे मन में हुड़क उठी कि मुझे अपने कार्यस्थल की सफाई करनी है, और इससे पहले कि मैं अपने आप को रोक पाती, मैंने उस कार्यस्थल को पहले से भी अधिक अस्त-व्यस्त कर डाला। एक ढेर अनेक ढेरों में बदल गया, जब मैं पुस्तकों, पत्रिकाओं, अखबरों, कागज़ों आदि की छंटाई करने और उन्हें पृथक करने लगी। जैसे जैसे वह अव्यवस्था बढ़ती गई मेरी बेचैनी भी बढ़ती गई, और मैं सोचने लगी कि मैंने क्यों यह आरंभ किया, किंतु अब पीछे लौट पाना या रुक पाना असंभव था, इसलिए मैं लगी रही और कार्य पूरा होने पर मेरा कार्यस्थल पहले से बेहतर और सुनियोजित स्थिति में था, जहाँ कार्य करना मेरे लिए अब अधिक सुविधाजनक था। यदि आरंभ की बदतर स्थिति को लेकर मैं पस्त हो कर रुक जाती तो फिर उसी में ही परेशान रह होकर जाती, लेकिन करते रहने से ही स्थिति संभली भी और बेहतर भी हुई।

   जब परमेश्वर ने मूसा को नियुक्त किया कि वह यहूदियों को मिस्त्र के दास्तव से निकाल कर लाए, तो उन यहूदियों की स्थिति भी पहले तो बद से बदतर ही हुई। इसमें कोई दो राय नहीं है कि यह छुटकारा मिलना आवश्यक था। वे लोग अपने छुड़ाए जाने के लिए परमेश्वर की दोहाई देने, उसे पुकारने में लगे हुए थे (निर्गमन 2:23)। बड़े संकोच और हिचकिचाहट के साथ मूसा ने उन यहूदियों के लिए फिरौन के पास जाकर फरियाद करना स्वीकार किया था। किंतु फिरौन के साथ मूसा की भेंट और वार्तालाप कुछ अच्छा नहीं रहा; लोगों को छोड़ देने की बजाए, फिरौन ने उन पर अपनी असंगत मांगें और बढ़ा दीं। लोग निराश हो गए और मूसा को भी लगने लगा कि उसे यह कार्य स्वीकार ही नहीं करना चाहिए था (निर्गमन 5:21-23)। लेकिन परमेश्वर ने मूसा को हताश होकर कार्य छोड़ देने और अलग हो जाने नहीं दिया, उसे फिर से आश्वस्त किया, फिर से उभारा और मूसा फिर पूरे समर्पण और परमेश्वर की कार्यविधि और योजनाओं में विश्वास के साथ यहूदियों को दासत्व से निकालने के प्रयासों में लग गया। अन्ततः बहुत से लोगों द्वारा बहुत सी परेशानियाँ झेलने के बाद ही फिरौन ने इस्त्राएली लोगों को दास्तव की बंधुवाई से जाने देने की आज्ञा दी, और मूसा वह कर पाया जिसकी स्वयं उसे भी कोई आशा नहीं थी।

   जब कभी हम कुछ भला करने निकलें, और चाहे हम उसके बारे में बिलकुल निश्चित हों कि वह कार्य परमेश्वर कि इच्छा ही में है, तो भी हमें निराश और आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए यदि स्थिति सुधरने से पहले बिगड़ने लग जाए। स्थिति का यह रुख इस बात को प्रमाणित नहीं करता कि हम जो कर रहे हैं वह कोई गलती है; वह तो बस इतना ही दिखाता है कि हम हर कार्य परमेश्वर ही की सहायता से कर सकते हैं, अपनी क्षमता या योग्यता से नहीं। किसी बड़े कार्य को करवाने या किसी बड़ी उपलब्धी देने से पहले परमेश्वर हमें अकसर ऐसी स्थिति में आ लेने देता है जहाँ हम अपनी असमर्थता तथा अक्षमता और परमेश्वर की सामर्थ और उस पर अपनी निर्भरता के महत्व को पहचान सकें और फिर उस पर निर्भर होकर सही रीति से कार्य कर को संपन्न सकें।

   ना अपनी क्षमता, ना अपनी योग्यता और ना परिस्थितियों पर भरोसा रखें, वरन केवल परमेश्वर पर जो सब कुछ संभव कर सकता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परीक्षा की हर घड़ी में सबसे अधिक आवश्यक बात है परमेश्वर के विषय आपका दर्शन और धारणा। - जी० सी० मॉर्गन

इस कारण तू इस्राएलियों से कह, कि मैं यहोवा हूं, और तुम को मिस्रियों के बोझों के नीचे से निकालूंगा, और उनके दासत्व से तुम को छुड़ाऊंगा, और अपनी भुजा बढ़ाकर और भारी दण्ड देकर तुम्हें छुड़ा लूंगा - निर्गमन 6:6

बाइबल पाठ: निर्गमन 5:1-23
Exodus 5:1 इसके पश्चात मूसा और हारून ने जा कर फिरौन से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मेरी प्रजा के लोगों को जाने दे, कि वे जंगल में मेरे लिये पर्व्व करें।
Exodus 5:2 फिरौन ने कहा, यहोवा कौन है, कि मैं उसका वचन मानकर इस्राएलियों को जाने दूं? मैं यहोवा को नहीं जानता, और मैं इस्राएलियों को नहीं जाने दूंगा।
Exodus 5:3 उन्होंने कहा, इब्रियों के परमेश्वर ने हम से भेंट की है; सो हमें जंगल में तीन दिन के मार्ग पर जाने दे, कि अपने परमेश्वर यहोवा के लिये बलिदान करें, ऐसा न हो कि वह हम में मरी फैलाए वा तलवार चलवाए।
Exodus 5:4 मिस्र के राजा ने उन से कहा, हे मूसा, हे हारून, तुम क्यों लोगों से काम छुड़वाने चाहते हो? तुम जा कर अपने अपने बोझ को उठाओ।
Exodus 5:5 और फिरोन ने कहा, सुनो, इस देश में वे लोग बहुत हो गए हैं, फिर तुम उन को परिश्रम से विश्राम दिलाना चाहते हो!
Exodus 5:6 और फिरौन ने उसी दिन उन परिश्रम करवाने वालों को जो उन लोगों के ऊपर थे, और उनके सरदारों को यह आज्ञा दी,
Exodus 5:7 कि तुम जो अब तक ईटें बनाने के लिये लोगों को पुआल दिया करते थे सो आगे को न देना; वे आप ही जा कर अपने लिये पुआल इकट्ठा करें।
Exodus 5:8 तौभी जितनी ईंटें अब तक उन्हें बनानी पड़ती थीं उतनी ही आगे को भी उन से बनवाना, ईंटों की गिनती कुछ भी न घटाना; क्योंकि वे आलसी हैं; इस कारण यह कहकर चिल्लाते हैं, कि हम जा कर अपने परमेश्वर के लिये बलिदान करें।
Exodus 5:9 उन मनुष्यों से और भी कठिन सेवा करवाई जाए कि वे उस में परिश्रम करते रहें और झूठी बातों पर ध्यान न लगाएं।
Exodus 5:10 तब लोगों के परिश्रम कराने वालों ने और सरदारों ने बाहर जा कर उन से कहा, फिरौन इस प्रकार कहता है, कि मैं तुम्हें पुआल नहीं दूंगा।
Exodus 5:11 तुम ही जा कर जहां कहीं पुआल मिले वहां से उसको बटोर कर ले आओ; परन्तु तुम्हारा काम कुछ भी नहीं घटाया जाएगा।
Exodus 5:12 सो वे लोग सारे मिस्र देश में तित्तर-बित्तर हुए कि पुआल की सन्ती खूंटी बटोरें।
Exodus 5:13 और परिश्रम करने वाले यह कह कहकर उन से जल्दी करते रहे, कि जिस प्रकार तुम पुआल पाकर किया करते थे उसी प्रकार अपना प्रतिदिन का काम अब भी पूरा करो।
Exodus 5:14 और इस्राएलियों में से जिन सरदारों को फिरौन के परिश्रम कराने वालों ने उनका अधिकारी ठहराया था, उन्होंने मार खाई, और उन से पूछा गया, कि क्या कारण है कि तुम ने अपनी ठहराई हुई ईंटों की गिनती के अनुसार पहिले की नाईं कल और आज पूरी नहीं कराई?
Exodus 5:15 तब इस्राएलियों के सरदारों ने जाकर फिरौन की दोहाई यह कहकर दी, कि तू अपने दासों से ऐसा बर्ताव क्यों करता है?
Exodus 5:16 तेरे दासों को पुआल तो दिया ही नहीं जाता और वे हम से कहते रहते हैं, ईंटे बनाओ, ईंटें बनाओ, और तेरे दासों ने भी मार खाई हैं; परन्तु दोष तेरे ही लोगों का है।
Exodus 5:17 फिरौन ने कहा, तुम आलसी हो, आलसी; इसी कारण कहते हो कि हमे यहोवा के लिये बलिदान करने को जाने दे।
Exodus 5:18 और जब आकर अपना काम करो; और पुआल तुम को नहीं दिया जाएगा, परन्तु ईटों की गिनती पूरी करनी पड़ेगी।
Exodus 5:19 जब इस्राएलियों के सरदारों ने यह बात सुनी कि उनकी ईंटों की गिनती न घटेगी, और प्रतिदिन उतना ही काम पूरा करना पड़ेगा, तब वे जान गए कि उनके दुर्भाग्य के दिन आ गए हैं।
Exodus 5:20 जब वे फिरौन के सम्मुख से बाहर निकल आए तब मूसा और हारून, जो उन से भेंट करने के लिये खड़े थे, उन्हें मिले।
Exodus 5:21 और उन्होंने मूसा और हारून से कहा, यहोवा तुम पर दृष्टि कर के न्याय करे, क्योंकि तुम ने हम को फिरौन और उसके कर्मचारियों की दृष्टि में घृणित ठहरवाकर हमें घात करने के लिये उनके हाथ में तलवार दे दी है।
Exodus 5:22 तब मूसा ने यहोवा के पास लौट कर कहा, हे प्रभु, तू ने इस प्रजा के साथ ऐसी बुराई क्यों की? और तू ने मुझे यहां क्यों भेजा?
Exodus 5:23 जब से मैं तेरे नाम से फिरौन के पास बातें करने के लिये गया तब से उसने इस प्रजा के साथ बुरा ही व्यवहार किया है, और तू ने अपनी प्रजा का कुछ भी छुटकारा नहीं किया।

एक साल में बाइबल: 

  • श्रेष्ठगीत 4-5 
  • गलतियों 3

सोमवार, 23 सितंबर 2013

न्याय

 हाल ही में मुझे ’ज्यूरी ड्यूटी’ अर्थात न्यायालय में न्यायाधीश के साथ बैठने वाली निर्णायक समिति में सम्मिलित होने के लिए बुलाया गया। इस कार्य को करने का अर्थ था अत्याधिक असुविधाएं और समय का व्यय, लेकिन यह एक गंभीर ज़िम्मेदारी भी थी, क्योंकि समिति के सद्स्यों को मुकद्दमा सुनकर व्यक्ति के दोषी अथवा निर्दोष होने का निर्णय देना होता है, और उस निर्णय के अनुसार ही न्यायाधीश आगे की कार्यवाही करता है। हमारा पहला दिन हमारी ज़िम्मेदारी और कार्यविधि आदि के बारे में हमें बताने तथा न्यायाधीश द्वारा इन बातों की महत्वपूर्णता और बारीकियों को समझाने में लग गया। हमें लोगों का न्याय करने के लिए बैठना था; वे मामले विवाद के अर्थात दीवानी या फिर अपराधों से सम्बंधित अर्थात फौजदारी के हो सकते थे। मैं अपने आप को इस बड़ी ज़िम्मेदारी के लिए सर्वथा अयोग्य पा रहा था - किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में न्याय करना, यह जानते हुए कि इस न्याय के परिणाम दीर्घकालीन और जीवन को प्रभावित करने वाले होंगे, कोई साधारण बात नहीं है। क्योंकि हम मनुष्य ही हैं, सिद्ध नहीं हैं इसलिए अपने निर्णयों में गलती कर सकते हैं।

   हमारे संसार की न्याय प्रणालियाँ, उन्हें संचालित करने वाले मनुष्यों में निहित दोष और कमियों के कारण, असिद्ध और दुर्बल हो सकती हैं, लेकिन हम सदा ही परमेश्वर पर विश्वास रख सकते हैं कि वह निष्पक्षता और बुद्धिमानी से न्याय करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा: "जाति जाति में कहो, यहोवा राजा हुआ है! और जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं; वह देश देश के लोगों का न्याय सीधाई से करेगा" (भजन 96:10)। परमेश्वर का न्याय सदा ही सिद्ध और दोषरहित होता है क्योंकि उसका चरित्र भी सिद्ध और दोषरहित है।

   यदि आज संसार की न्याय विधि या जीवन हमें पक्षपाती भी लगे, हम अपने परमेश्वर पिता पर भरोसा रख सकते हैं कि एक दिन अपनी अदालत में वह हम सब के लिए हर बात को न्यायसंगत कर देगा, और सब को सब बातों के लिए अन्ततः सिद्ध न्याय मिलेगा (2 कुरिन्थियों 5:10)। - बिल क्राउडर


एक दिन परमेश्वर हर गलत को सही कर देगा।

क्योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उसने देह के द्वारा किए हों पाए। - 2 कुरिन्थियों 5:10

बाइबल पाठ: भजन 96:1-13
Psalms 96:1 यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा के लिये गाओ!
Psalms 96:2 यहोवा के लिये गाओ, उसके नाम को धन्य कहो; दिन दिन उसके किए हुए उद्धार का शुभ समाचार सुनाते रहो।
Psalms 96:3 अन्य जातियों में उसकी महिमा का, और देश देश के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो।
Psalms 96:4 क्योंकि यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है; वह तो सब देवताओं से अधिक भय योग्य है।
Psalms 96:5 क्योंकि देश देश के सब देवता तो मूरतें ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है।
Psalms 96:6 उसके चारों और वैभव और ऐश्वर्य है; उसके पवित्र स्थान में सामर्थ्य और शोभा है।
Psalms 96:7 हे देश देश के कुलों, यहोवा का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को मानो!
Psalms 96:8 यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट ले कर उसके आंगनों में आओ!
Psalms 96:9 पवित्रता से शोभायमान हो कर यहोवा को दण्डवत करो; हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके साम्हने कांपते रहो!
Psalms 96:10 जाति जाति में कहो, यहोवा राजा हुआ है! और जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं; वह देश देश के लोगों का न्याय सीधाई से करेगा।
Psalms 96:11 आकाश आनन्द करे, और पृथ्वी मगन हो; समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें;
Psalms 96:12 मैदान और जो कुछ उस में है, वह प्रफुल्लित हो; उसी समय वन के सारे वृक्ष जयजयकार करेंगे।
Psalms 96:13 यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह आने वाला है। वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है, वह धर्म से जगत का, और सच्चाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।

एक साल में बाइबल: 

  • श्रेष्ठगीत 1-3 
  • गलतियों 2

गुरुवार, 5 सितंबर 2013

परिश्रम

   कुछ मसीही इस विश्वास के साथ बड़े होते हैं कि परिश्रम करना आदम और हव्वा के पाप के कारण आए श्राप का परिणाम है और भला नहीं है। यह एक बिलकुल गलत धारणा है, और इसको सही करना आवश्यक है अन्यथा लोग यह भी समझने लगेंगे कि जो परिश्रम उन्हें प्रतिदिन अपनी जीविका कमाने के लिए करना पड़ता है वह परमेश्वर के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, या कम से कम मसीही मिशनरियों और पास्टरों के कार्य जितना महत्वपूर्ण तो नहीं है। यह सत्य नहीं है, जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में आरंभ में ही जगत की सृष्टि के वृतांत में ही दिया गया है।

   उत्पत्ति 1:26-31 में हम सीखते हैं कि सृष्टि की रचना परमेश्वर का कार्य है, परमेश्वर ने परिश्रम किया और फिर सातवें दिन विश्राम किया। हम यह भी सीखते हैं कि हम मनुष्य परमेश्वर के स्वरूप में सृजे गए और परमेश्वर ने हमें सृष्टि पर अधिकार दिया। इस प्रकार से अधिकार दिए जाने में यह निहित है कि मानव को सृष्टि की देखभाल की ज़िम्मेदारी दी गई, और उसे यह ज़िम्मेदारी निभानी थी। प्रत्येक दिन की सृष्टि के कार्य के बाद परमेश्वर ने उसे अच्छा कहा और फिर सृष्टि बनाने के कार्य को पूरा करने के पश्चात सारे कार्य को बहुत अच्छा कहा। अर्थात, जो ज़िम्मेदारी आदम और हव्वा में होकर परमेश्वर ने मानव जाति को सौंपी - सृष्टि की देखभाल का कार्य और उससे से संबंधित परिश्रम, परमेश्वर की नज़रों में वह भी अच्छा ठहरा। हमें इस तथ्य की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए कि यह सब - ज़िम्मेदारी देना और अच्छा कहना, संसार में पाप के प्रवेश से पहले हुआ; अर्थात परिश्रम करना पाप के श्राप का परिणाम नहीं है। उत्पत्ति 2:15 में परमेश्वर ने स्पष्ट रूप से आदम को अदन की वाटिका की देखभाल करने की ज़िम्मेदारी सौंपी: "तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को ले कर अदन की वाटिका में रख दिया, कि वह उस में काम करे और उसकी रक्षा करे" (उत्पत्ति 2:15); और यह भी पाप के संसार में प्रवेश से पहले ही हुआ।

   प्रभु यीशु ने कहा: "इस पर यीशु ने उन से कहा, कि मेरा पिता अब तक काम करता है, और मैं भी काम करता हूं" (यूहन्ना 5:17); "जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आने वाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता" (यूहन्ना 9:4)। प्रेरित पौलुस ने परमेश्वर की पवित्र आत्मा की अगुवाई से लिखा: "और जैसी हम ने तुम्हें आज्ञा दी, वैसे ही चुपचाप रहने और अपना अपना काम काज करने, और अपने अपने हाथों से कमाने का प्रयत्न करो" (1 थिस्सुलुनिकीयों 4:11)। परमेश्वर का वचन कहीं भी इस धारणा का समर्थन नहीं करता कि हमें काम और मेहनत को पाप के श्राप का परिणाम जान कर उस से कतराना चाहिए या उसे तुच्छ समझना चाहिए।

   हम मसीही विशिवासियों को अपने प्रतिदिन के कार्य को पूरी मेहनत, लगन और ईमानदारी के साथ निर्वाह करना चाहिए, इस एहसास के साथ कि परमेश्वर ने सृष्टि के आरंभ में ही इसे गरिमा दी और हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु ने स्वयं उस ज़िम्मेदारी को निभा कर हमारे लिए उदाहरण दिया है। - रैण्डी किलगोर


हे परमेश्वर, मेरे जीवन के अन्त तक मुझे कार्य में लगाए रख, और मेरे कार्य के पूर्ण होने तक का मुझे जीवन दे!

क्योंकि, हे भाइयों, तुम हमारे परिश्रम और कष्‍ट को स्मरण रखते हो, कि हम ने इसलिये रात दिन काम धन्‍धा करते हुए तुम में परमेश्वर का सुसमाचार प्रचार किया, कि तुम में से किसी पर भार न हों। - 1 थिस्सुलुनिकीयों 2:9 

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 1:26-31; 2 थिस्सुलुनिकीयों 3:6-12
Genesis 1:26 फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं; और वे समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और घरेलू पशुओं, और सारी पृथ्वी पर, और सब रेंगने वाले जन्तुओं पर जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, अधिकार रखें।
Genesis 1:27 तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की।
Genesis 1:28 और परमेश्वर ने उन को आशीष दी: और उन से कहा, फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगने वाले सब जन्तुओ पर अधिकार रखो।
Genesis 1:29 फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीज वाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं, वे सब मैं ने तुम को दिए हैं; वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं:
Genesis 1:30 और जितने पृथ्वी के पशु, और आकाश के पक्षी, और पृथ्वी पर रेंगने वाले जन्तु हैं, जिन में जीवन के प्राण हैं, उन सब के खाने के लिये मैं ने सब हरे हरे छोटे पेड़ दिए हैं; और वैसा ही हो गया।
Genesis 1:31 तब परमेश्वर ने जो कुछ बनाया था, सब को देखा, तो क्या देखा, कि वह बहुत ही अच्छा है। तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार छठवां दिन हो गया।

2 Thessalonians 3:6 हे भाइयों, हम तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह के नाम से आज्ञा देते हैं; कि हर एक ऐसे भाई से अलग रहो, जो अनुचित चाल चलता, और जो शिक्षा उसने हम से पाई उसके अनुसार नहीं करता।
2 Thessalonians 3:7 क्योंकि तुम आप जानते हो, कि किस रीति से हमारी सी चाल चलनी चाहिए; क्योंकि हम तुम्हारे बीच में अनुचित चाल न चले।
2 Thessalonians 3:8 और किसी की रोटी सेंत में न खाई; पर परिश्रम और कष्‍ट से रात दिन काम धन्‍धा करते थे, कि तुम में से किसी पर भार न हो।
2 Thessalonians 3:9 यह नहीं, कि हमें अधिकार नहीं; पर इसलिये कि अपने आप को तुम्हारे लिये आदर्श ठहराएं, कि तुम हमारी सी चाल चलो।
2 Thessalonians 3:10 और जब हम तुम्हारे यहां थे, तब भी यह आज्ञा तुम्हें देते थे, कि यदि कोई काम करना न चाहे, तो खाने भी न पाए।
2 Thessalonians 3:11 हम सुनते हैं, कि कितने लोग तुम्हारे बीच में अनुचित चाल चलते हैं; और कुछ काम नहीं करते, पर औरों के काम में हाथ डाला करते हैं।
2 Thessalonians 3:12 ऐसों को हम प्रभु यीशु मसीह में आज्ञा देते और समझाते हैं, कि चुपचाप काम कर के अपनी ही रोटी खाया करें।

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 146-147 
  • 1 कुरिन्थियों 15:1-28


शनिवार, 10 अगस्त 2013

उत्तरदायित्व

   मेरे एक मित्र जैफ से उसकी पुत्री ने निवेदन किया कि वह उसके विवाह समारोह की सभी बातों की देखरेख और संचालन करे। यह उसके लिए बहुत आनन्द की बात थी और वे विवाह के लिए एक दूरगामी और अनुपम सुन्दर स्थल पर पहुँचे। लेकिन एक समस्या थी - क्योंकि विवाह में जाने वाले पारिवारिक सदस्य संख्या में थोड़े ही थे, जैफ को तीन भिन्न भूमिकाएं निभानी थीं, जो परस्पर टकराव की स्थिति उत्पन्न कर सकती थीं - विवाह की रस्म अदा करने वाला पास्टर, आमंत्रित मेहमानों का स्वागत करने वाला दुल्हन का पिता और विवाह समारोह की तस्वीरें उतारने वाला फोटोग्राफर।

   क्या कभी आपने ऐसा अनुभव किया है कि आप अनेक उत्तरदायित्वों को पूरा करने में लगे हैं और यह आपको थका दे रहा है? परमेश्वर के वचन बाइबल में एक ऐसी ही स्थिति का उल्लेख है - मूसा के ससुर जेथरो ने देखा कि मूसा को अनेक उत्तरदायित्वों को निभाना पड़ रहा है (निर्गमन 18)। मूसा को इस्त्राएलियों का नेतृत्व भी करना था, उनके व्यक्तिगत मामलों को सुलझाना भी होता था, गंभीर बातों की सुनवाई करके न्यायिक निर्णय भी देने होते थे, और क्योंकि इस्त्राएली संख्या में लाखों में थे, इसलिए मूसा के पास इन बातों के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती थी। अन्ततः जेथरो ने मूसा से कहा: "और इस से तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता" (निर्गमन 18:18)। फिर उसने मूसा को बुद्धिमानी की सलाह दी कि वह अपनी ज़िम्मेदारियों का बंटवारा करे, अपने साथ अन्य योग्य लोगों को इन विवादों को सुलझाने के लिए नियुक्त करे जिससे छोटे या कम गंभीरता वाले विवाद तो वे सुलझा सकें और बड़ी तथा महत्वपूर्ण बातों एवं नेतृत्व के कार्य पर मूसा ध्यान दे सके (निर्गमन 18:21-23)।

   ऐसी परिस्थिति किसी के साथ भी हो सकती है - चाहे आप घर की देखभाल करने तथा छोटे बच्चों को संभालने वाली गृहणी हों, किसी व्यवासाय को संभालने वाले अतिश्रमित प्रबंधक, चर्च के कामों और उत्तरदायित्वों में लिप्त पास्टर, या कार्यों की ज़िम्मेदारियों से थकित एक सामन्य व्यक्ति। हम सभी मूसा और जेथरो से सबक ले सकते हैं। जैसा जेथरो ने मुसा से कहा, आप भी परमेश्वर से प्रार्थना करके अपने उत्तरदायित्वों का आँकलन कीजिए और चिन्हित कीजिए कि कौन से ऐसे कार्य हैं जिन्हें आप दूसरों को सौंप सकते हैं या करना बन्द भी कर सकते हैं। शारीरिक और मानसिक थकावट के साथ केवल काम-चलाऊ रीति से बहुत से कार्य करने से भला है कि बिना अनुचित रीति से थके भलि-भांति और उत्तम रीति से थोड़े से कार्य करे जाएं। कार्य करते करते थोड़े समय में थक कर निढाल और शिथिल हो जाने से भला है कि उतना ही कार्य किया जाए जिसमें शरीर तथा मन की स्फूर्ति तथा किए गए कार्य की गुणवन्ता बनी रह सके और लंबे समय तक उत्तम रीति से उत्तरदायित्व निभाए जा सकें। - डेनिस फिशर


यदि समय समय पर कार्य से अलग होकर उचित विश्राम नहीं करेंगे तो टूट कर बिखर जाएंगे।

यदि तू यह उपाय करे, और परमेश्वर तुझ को ऐसी आज्ञा दे, तो तू ठहर सकेगा, और ये सब लोग अपने स्थान को कुशल से पहुंच सकेंगें। - निर्गमन 18:23

बाइबल पाठ: निर्गमन 18:13-27
Exodus 18:13 दूसरे दिन मूसा लोगों का न्याय करने को बैठा, और भोर से सांझ तक लोग मूसा के आसपास खड़े रहे।
Exodus 18:14 यह देखकर कि मूसा लोगों के लिये क्या क्या करता है, उसके ससुर ने कहा, यह क्या काम है जो तू लोगों के लिये करता है? क्या कारण है कि तू अकेला बैठा रहता है, और लोग भोर से सांझ तक तेरे आसपास खड़े रहते हैं?
Exodus 18:15 मूसा ने अपने ससुर से कहा, इसका कारण यह है कि लोग मेरे पास परमेश्वर से पूछने आते है।
Exodus 18:16 जब जब उनका कोई मुकद्दमा होता है तब तब वे मेरे पास आते हैं और मैं उनके बीच न्याय करता, और परमेश्वर की विधि और व्यवस्था उन्हें जताता हूं।
Exodus 18:17 मूसा के ससुर ने उस से कहा, जो काम तू करता है वह अच्छा नहीं।
Exodus 18:18 और इस से तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता।
Exodus 18:19 इसलिये अब मेरी सुन ले, मैं तुझ को सम्मति देता हूं, और परमेश्वर तेरे संग रहे। तू तो इन लोगों के लिये परमेश्वर के सम्मुख जाया कर, और इनके मुकद्दमों को परमेश्वर के पास तू पहुंचा दिया कर।
Exodus 18:20 इन्हें विधि और व्यवस्था प्रगट कर कर के, जिस मार्ग पर इन्हें चलना, और जो जो काम इन्हें करना हो, वह इन को जता दिया कर।
Exodus 18:21 फिर तू इन सब लोगों में से ऐसे पुरूषों को छांट ले, जो गुणी, और परमेश्वर का भय मानने वाले, सच्चे, और अन्याय के लाभ से घृणा करने वाले हों; और उन को हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, और दस-दस मनुष्यों पर प्रधान नियुक्त कर दे।
Exodus 18:22 और वे सब समय इन लोगों का न्याय किया करें; और सब बड़े बड़े मुकद्दमों को तो तेरे पास ले आया करें, और छोटे छोटे मुकद्दमों का न्याय आप ही किया करें; तब तेरा बोझ हलका होगा, क्योंकि इस बोझ को वे भी तेरे साथ उठाएंगे।
Exodus 18:23 यदि तू यह उपाय करे, और परमेश्वर तुझ को ऐसी आज्ञा दे, तो तू ठहर सकेगा, और ये सब लोग अपने स्थान को कुशल से पहुंच सकेंगें।
Exodus 18:24 अपने ससुर की यह बात मान कर मूसा ने उसके सब वचनों के अनुसार किया।
Exodus 18:25 सो उसने सब इस्त्राएलियों में से गुणी-गुणी पुरूष चुनकर उन्हें हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, दस-दस, लोगों के ऊपर प्रधान ठहराया।
Exodus 18:26 और वे सब लोगों का न्याय करने लगे; जो मुकद्दमा कठिन होता उसे तो वे मूसा के पास ले आते थे, और सब छोटे मुकद्दमों का न्याय वे आप ही किया करते थे।
Exodus 18:27 और मूसा ने अपने ससुर को विदा किया, और उसने अपने देश का मार्ग लिया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 79-80 
  • रोमियों 11:1-18


शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2012

जमाखोर या उदार?


   अगस्त १९१४ में जब ब्रिटेन प्रथम विश्वयुद्ध में प्रवेश हुआ तो प्रसिद्ध मसीही प्रचारक ओस्वॉल्ड चैम्बर्स ४० वर्ष के थे, उनके साथ उनकी पत्नि और १ वर्षीय पुत्री भी थी। ब्रिटेन के युद्ध में जाने के कुछ ही दिनों में प्रतिदिन ३०,००० लोग तक सेना में भर्ती होने लगे, नागरिकों से कहा गया कि वे अपनी गाड़ियां तथा घोड़े सरकार को बेच दें, और फिर कुछ दिन पश्चात युद्ध में घायल तथा मृतकों की सूचियां भी प्रकाशित होनी आरंभ हो गईं। राष्ट्र के सामने आर्थिक अनिश्चितता तथा अस्थिरता आ गई।

   युद्ध में जाने के एक महीने के अन्दर ही ओस्वॉल्ड चैम्बर्स ने मसीही विश्वासियों के सामने खड़ी आत्मिक चुनौती पर एक सन्देश दिया। उन्होंने अपने सन्देश में कहा: "हमें ध्यान देना है कि वर्तमान चुनौतियों में जब युद्ध और विनाश के कारण संसार भर में दुख आ पड़ा है, तो हम विश्वासी अपने आप को अपने ही संसार में सबसे अलग करके, परमेश्वर द्वारा हमें हमारे संगी नागरिकों और सैनिकों के लिए सेवा, देखभाल और प्रार्थना की जो ज़िम्मेदारी सौंपी गई है, उसे अनदेखा ना कर दें।"

   हर युग में परमेश्वर की बुलाहट अपने लोगों के लिए स्पष्ट रहती है: "उदारता से भूखे की सहायता करे और दीन दु:खियों को सन्तुष्ट करे, तब अन्धियारे में तेरा प्रकाश चमकेगा, और तेरा घोर अन्धकार दोपहर का सा उजियाला हो जाएगा" (यशायाह ५८:१०)। भय हमें, जो हमारे पास है उसे जमा करके अपने प्रयोग के लिए रख लेने को उकसाता है; परन्तु परमेश्वर में विश्वास और उसका प्रेम हमें उदार बनाकर जो हमारे पास है उसे दूसरों की सहायता के लिए उपयोग करने वाला बनाता है।

   जो परमेश्वर के प्रेम और भय में जीते हैं उनके जीवनों में जमाखोरी नहीं उदारता दिखाई देती है। संसार के इस कठिन दौर में आपकी प्रवृत्ति कैसी है - जमाखोरी की या उदारता की? - डेविड मैक्कैसलैंड


जब मसीह का प्रेम हम में बढ़ने लगता है तब वह हम में से प्रवाहित भी होने लगता है।

उदारता से भूखे की सहायता करे और दीन दु:खियों को सन्तुष्ट करे, तब अन्धियारे में तेरा प्रकाश चमकेगा, और तेरा घोर अन्धकार दोपहर का सा उजियाला हो जाएगा। - यशायाह ५८:१०

बाइबल पाठ: यशायाह ५८:६-१२
Isa 58:6  जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूं, वह क्या यह नहीं, कि, अन्याय से बनाए हुए दासों, और अन्धेर सहने वालों का जुआ तोड़ कर उनको छुड़ा लेना, और, सब जुओं को टूकड़े टूकड़े कर देना? 
Isa 58:7  क्या वह यह नहीं है कि अपनी रोटी भूखों को बांट देना, अनाथ और मारे मारे फिरते हुओं को अपने घर ले आना, किसी को नंगा देखकर वस्त्र पहिनाना, और अपने जाति-भाइयों से अपने को न छिपाना? 
Isa 58:8  तब तेरा प्रकाश पौ फटने की नाईं चमकेगा, और तू शीघ्र चंगा हो जाएगा; तेरा धर्म तेरे आगे आगे चलेगा, यहोवा का तेज तेरे पीछे रक्षा करते चलेगा। 
Isa 58:9  तब तू पुकारेगा और यहोवा उत्तर देगा; तू दोहाई देगा और वह कहेगा, मैं यहां हूं। यदि तू अन्धेर करना और उंगली मटकाना, और, दुष्ट बातें बोलना छोड़ दे, 
Isa 58:10  उदारता से भूखे की सहायता करे और दीन दु:खियों को सन्तुष्ट करे, तब अन्धियारे में तेरा प्रकाश चमकेगा, और तेरा घोर अन्धकार दोपहर का सा उजियाला हो जाएगा। 
Isa 58:11  और यहोवा तुझे लगातार लिए चलेगा, और काल के समय तुझे तृप्त और तेरी हड्डियों को हरी भरी करेगा, और तू सींची हुई बारी और ऐसे सोते के समान होगा जिसका जल कभी नहीं सूखता। 
Isa 58:12  और तेरे वंश के लोग बहुत काल के उजड़े हुए स्थानों को फिर बसाएंगे; तू पीढ़ी पीढ़ी की पड़ी हुई नेव पर घर उठाएगा; तेरा नाम टूटे हुए बाड़े का सुधारक और पथों का ठीक करने वाला पड़ेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ५६-५८ 
  • २ थिस्सलुनीकियों २

सोमवार, 13 अगस्त 2012

नियम और कर्तव्य


   बहुत पहले मेरी पत्नी ने ठान लिया था कि गति सीमा के अन्दर गाड़ी चलाने में उसे स्वतंत्र होने का अद्भुत एहसास होता है। उसका कहना है कि निर्धारित गति सीमा के अन्दर गाड़ी चलाने से उसे ना तो गति सूचक रडार द्वारा पकड़े जाने और गाड़ी तेज़ चलाने का जुर्माना भरने का डर रहता है और ना ही किसी पुलिस की गाड़ी को आता देख अपनी गाड़ी धीमी करने की चिंता रहती है। यदि हम किसी लम्बी यात्रा पर भी हों और खुली सड़क पर दूरी चाहे धीरे धीरे ही कम हो रही हो, वह निर्धारित गति पर ही गाड़ी चलाती है और यात्रा तथा नज़ारों का आनन्द लेती रहती है। साथ ही वह मुझे स्मरण दिलाती है कि ऐसा करना नियम का पालन करना है जो हमारी ज़िम्मेदारी है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में रोमियों १३:१-१० में हमें अधिकारियों, देश की सरकार और परमेश्वर के नियमों से संबंधित ज़िम्मेदारियों बताया गया है। वहां लिखा है कि जब हम अपने अधिकारियों और सरकार की आज्ञाओं का पालन करते हैं तो हमें किसी दण्ड का डर नहीं रहता, और सही कार्य करने के द्वारा हमारा विवेक भी शुद्ध रहता है (पद ३, ५)।

   प्रेरित पौलुस ने यह खण्ड लिखते समय रोम के विश्वासियों से आग्रह किया कि जो कुछ अधिकारियों और सरकार को देना बनता है वे उसे नियमित रीति से दिया करें - चाहे वे कर हों या महसूल, भय मानना हो या आदर करना (पद ७)। पौलुस ने मानवीय नियमों के संदर्भ से भी आगे बढ़कर लिखा : "आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदार न हो; क्‍योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है" (रोमियों १३:८)।

   मनुष्य द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करना प्रत्येक मसीही विश्वासी का कर्तव्य है और दूसरों के साथ प्रेम से व्यवहार करना परमेश्वर के नियम का निर्वाह है; परमेश्वर का नियम ही "स्‍वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था" (याकूब १:२५) है। - डेविड मैक्कैसलैंड


नियम पालन द्वारा हम मनुष्यों की विधि पूरी करते हैं और प्रेम द्वारा परमेश्वर की आज्ञा।

आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदान न हो? क्‍योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्या पूरी की है। - रोमियों १३:८

बाइबल पाठ: रोमियों १३:१-१०
Rom 13:1  हर एक व्यक्ति प्रधान अधिकारियों के अधीन रहे; क्‍योंकि कोई अधिकार ऐसा नहीं, जो परमेश्वर की ओर से न हो; और जो अधिकार हैं, वे परमेश्वर के ठहराए हुए हैं। 
Rom 13:2  इस से जो कोई अधिकार का विरोध करता है, वह परमेश्वर की विधि का साम्हना करता है, और साम्हना करनेवाले दण्‍ड पाएंगे। 
Rom 13:3  क्‍योंकि हाकिम अच्‍छे काम के नहीं, परन्‍तु बुरे काम के लिये डर का कारण हैं; सो यदि तू हाकिम से निडर रहना चाहता है, तो अच्‍छा काम कर और उस की ओर से तेरी सराहना होगी; 
Rom 13:4  क्‍योंकि वह तेरी भलाई के लिये परमेश्वर का सेवक है। परन्‍तु यदि तू बुराई करे, तो डर; क्‍योंकि वह तलवार व्यर्थ लिये हुए नहीं और परमेश्वर का सेवक है; कि उसके क्रोध के अनुसार बुरे काम करने वाले को दण्‍ड दे। 
Rom 13:5  इसलिये अधीन रहना न केवल उस क्रोध से परन्‍तु डर से अवश्य है, वरन विवेक भी यही गवाही देता है। 
Rom 13:6  इसलिये कर भी दो, क्‍योंकि वे परमेश्वर के सेवक हैं, और सदा इसी काम में लगे रहते हैं। 
Rom 13:7  इसलिये हर एक का हक चुकाया करो, जिस कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे महसूल चाहिए, उसे महसूल दो; जिस से डरना चाहिए, उस से डरो; जिस का आदर करना चाहिए उसका आदर करो।
Rom 13:8  आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदार न हो; क्‍योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है। 
Rom 13:9  क्‍योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना, चोरी न करना, लालच न करना, और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। 
Rom 13:10  प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिये प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन ८७-८८ 
  • रोमियों १३

शनिवार, 11 अगस्त 2012

अनुकरण


   एक दिन जब हम भोजन खाने को मेज़ पर बैठे थे तो मेरे बड़े बेटे ने शिकायत करी कि उसकी छोटी बहन हमेशा ही उसकी नकल करती है - वह जैसे हंसता है, जैसे भोजन खाता है या कुछ और करता है वह भी वैसा ही करती है, और इससे उसे चिढ़ होती है। मैं ने और मेरी पत्नी ने उसे समझाने का प्रयास किया कि यह क्रोध करने की बात नहीं है, क्योंकि इससे उसके पास अवसर है के वह अपने जीवन के अच्छे उदाहरण द्वारा अपनी बहन को भी अच्छी बातें सिखा सके।

   मेरे बेटे के विचारों के विरुद्ध, परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने यह चाहा और दूसरों से कहा भी कि वे उसके उदाहरण का अनुकरण करें: "तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं" (१ कुरिन्थियों ११:१)। इस पत्री के दसवें अध्याय में पौलुस मसीही विश्वासियों को उनकी स्वतंत्रता और प्रेम की ज़िम्मेदारियों के बारे में बता रहा था; जब वे किसी अविश्वासी के घर भोजन पर आमंत्रित हों तो जो सामने परोसा जाए उसे खाने के लिए वे स्वतंत्र थे (पद २७)। किंतु यदि उनके सामने रखे भोजन को किसी मूर्ति को अर्पित कर के परोसा गया हो, और किसी अन्य कमज़ोर विश्वासी को इससे ठेस पहुँचती हो तो उस कमज़ोर विश्वासी की स्वतंत्रता का ध्यान रखते हुए, और उसके प्रति अपने प्रेम के कारण, उन्हें वह अर्पित भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए (पद २८)।

   पौलुस ने उन लोगों को प्रोत्साहित किया कि इस बात में वे उसके द्वारा दिखाए गए उदाहरण का अनुसरण करें; क्योंकि पौलुस अपनी नहीं वरन अपने संगी विश्वासियों की भलाई का इच्छुक रहता था, अपने प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के प्रेम, मेल, त्याग और भलाई आदि के महान गुणों का अनुकरण करने के द्वारा।

   पौलुस के समान ही हम सभी मसीही विश्वासियों को अपने प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के उदाहरण का इतनी निकटता से अनुकरण करना है कि हम भी दुसरों से कह सकें, "तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं।" - मार्विन विलियम्स


मसीह यीशु का अनुकरण करके ऐसा जीवन जीएं जो दूसरों के लिए अनुकरणीय हो।

तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं। - १ कुरिन्थियों ११:१

बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों १०:२३-११:१
1Co 10:23  सब वस्‍तुएं मेरे लिये उचित तो हैं, परन्‍तु सब लाभ की नहीं: सब वस्‍तुएं मेरे लिये उचित तो हैं, परन्‍तु सब वस्‍तुओं से उन्नित नहीं। 
1Co 10:24   कोई अपनी ही भलाई को न ढूंढे, वरन औरों की। 
1Co 10:25  जो कुछ कस्‍साइयों के यहां बिकता है, वह खाओ और विवेक के कारण कुछ न पूछो। 
1Co 10:26  क्‍योकि पृथ्वी और उसकी भरपूरी प्रभु की है। 
1Co 10:27   और यदि अविश्वासियों में से कोई तुम्हें नेवता दे, और तुम जाना चाहो, तो जो कुछ तुम्हारे साम्हने रखा जाए वही खाओ: और विवेक के कारण कुछ न पूछो। 
1Co 10:28  परन्‍तु यदि कोई तुम से कहे, यह तो मूरत को बलि की हुई वस्‍तु है, तो उसी बताने वाले के कारण, और विवेक के कारण न खाओ। 
1Co 10:29  मेरा मतलब, तेरा विवेक नहीं, परन्‍तु उस दूसरे का। भला, मेरी स्‍वतंत्रता दूसरे के विचार से क्‍यों परखी जाए? 
1Co 10:30  यदि मैं धन्यवाद करके साझी होता हूं, तो जिस पर मैं धन्यवाद करता हूं, उसके कारण मेरी बदनामीं क्‍यों होती है? 
1Co 10:31   सो तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महीमा के लिये करो। 
1Co 10:32   तुम न यहूदियों, न यूनानियों, और न परमेश्वर की कलीसिया के लिये ठोकर का कारण बनो। 
1Co 10:33  जैसा मैं भी सब बातों में सब को प्रसन्न रखता हूं, और अपना नहीं, परन्‍तु बहुतों का लाभ ढूंढ़ता हूं, कि वे उद्धार पाएं।
1Co 11:1     तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन ८१-८३ 
  • रोमियों ११:१९-३६

शनिवार, 26 मई 2012

ज़िम्मेदारी

   मेरा ऑस्ट्रेलियाई मित्र ग्रैहम अन्धा पैदा नहीं हुआ था, ९ वर्ष की आयु में घटित एक दुर्घटना के कारण वह अन्धा हो गया था। फिर भी वह अपने लिए कभी दुखी नहीं रहा; उसने अपना अध्ययन पूरा किया और एक फिज़्योथेरपिस्ट बना। वह जहां कहीं भी जाता था, अपने फिज़्योथेरपी के काम के साथ साथ वह यह बात अवश्य बांटता था कि प्रभु यीशु उसके लिए और उसके जीवन में क्या अर्थ रखते हैं। उसकी अन्तिम यात्रा थाइलैंड की थी और वहां भी वह फिज़ियोथैरिपी के साथ साथ प्रभु यीशु के सुसमाचार के प्रचार का कार्य करता रहा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में राजाओं के वृतांत में हम चार कोढ़ियों के बारे में पढ़ते हैं। अराम की सेना ने उनके शहर को घेर रखा था, शहर के अन्दर खाने-पीने की सामग्री समाप्त हो चुकी थी और लोग बहुत क्लेष में थे। ये कोढ़ी अराम की छावनी की ओर चले, इस विचार से कि या तो वहां से कुछ खाने को मिलेगा या मौत मिलेगी जो भूखों मरने से बेहतर होगी। वहां पहुंच कर उन्होंने पाया कि अराम की सेना छावनी छोड़ कर भाग गई है और अपना सब सामान वहीं छावनी में छोड़ गई है। उन्होंने तुरंत वहां पड़ा भोजन किया और लूट जमा करने लगे, लेकिन थोड़ी ही देर में उन्हें कुछ ध्यान आया और: "तब वे आपस में कहने लगे, जो हम कर रहे हैं वह अच्छा काम नहीं है, यह आनन्द के समाचार का दिन है, परन्तु हम किसी को नहीं बताते। जो हम पौ फटने तक ठहरे रहें तो हम को दण्ड मिलेगा; सो अब आओ हम राजा के घराने के पास जाकर यह बात बतला दें" (२ राजा ७:९)। और उन्होंने जा कर शेष इस्त्राएलियों को यह समाचार दिया और लोग भूखों मरने से बच गए।

   अपनी शारीरिक अपंगताओं के बावजूद ग्राहम और उन कोढ़ियों, दोनो ही ने दूसरों के बारे में सोचा। जो उन्हें मिला था वे उसके लिए परमेश्वर की धन्यवादी थे और उन्होंने पहचाना कि यह उत्तम बात केवल अपने तक सीमित रखने के लिए नहीं है, इसे दूसरों के साथ बांटना उनकी ज़िम्मेदारी है, उनके लिए अनिवार्य है।

   क्या आप ने प्रभु यीशु के प्रेम को जाना है और उससे उद्धार पाया है? क्या आप के आस-पास ऐसा कोई है या आप किसी ऐसे को जानते हैं जिसे प्रभु यीशु के प्रेम और उद्धार की आवश्यक्ता है? उनके साथ प्रभु यीशु में पापों की क्षमा और उद्धार का सुसमाचार बांटना आपका दायित्व है, आपके लिए अनिवार्य है। सुसमाचार ना बांटने के लिए बहाने मत ढूंढिए, अपनी मजबूरियां मत गिनाईए; वरन इसके विपरीत प्रभु यीशु जो कुछ भी आपके जीवन में किया है उसी का वर्णन लोगों में कीजिए। प्रभु के साथ के अपने अनुभव को संसार के साथ बांटिए और आप पाएंगे कि आपके जीवन का एक नया उद्देश्य हो जाएगा; एक ऐसा उद्देश्य जिस की आशीष अनन्त काल तक रहेगी। - सी. पी. हीया


जब जो हमारे पास है हम उसके लिए धन्यवादी होते हैं तो हम उसे दूसरों के साथ बांटना भी चाहते हैं।


... यह आनन्द के समाचार का दिन है, परन्तु हम किसी को नहीं बताते। - २ राजा ७:९

बाइबल पाठ: २ राजा ७:३-११
2Ki 7:3  और चार कोढ़ी फाटक के बाहर थे; वे आपस में कहने लगे, हम क्यों यहां बैठे बैठे मर जाएं?
2Ki 7:4  यदि हम कहें, कि नगर में जाएं, तो वहां मर जाएंगे, क्योंकि वहां मंहगी पड़ी है, और जो हम यहीं बैठे रहें, तौभी मर ही जाएंगे। तो आओ हम अराम की सेना में पकड़े जाएं; यदि वे हम को जिलाए रखें तो हम जीवित रहेंगे, और यदि वे हम को मार डालें, तौभी हम को मरना ही है।
2Ki 7:5  तब वे सांझ को अराम की छावनी में जाने को चले, और अराम की छावनी की छोर पर पहुंच कर क्या देखा, कि वहां कोई नहीं है।
2Ki 7:6  क्योंकि प्रभु ने अराम की सेना को रथों और घोड़ों की और भारी सेना की सी आहट सुनाई थी, और वे आपस में कहने लगे थे कि, सुनो, इस्राएल के राजा ने हित्ती और मिस्री राजाओं को वेतन पर बुलवाया है कि हम पर चढ़ाई करें।
2Ki 7:7  इसलिए वे सांझ को उठ कर ऐसे भाग गए, कि अपने डेरे, घोड़े, गदहे, और छावनी जैसी की तैसी छोड़-छाड़ अपना अपना प्राण लेकर भाग गए।
2Ki 7:8  तो जब वे कोढ़ी छावनी की छोर के डेरों के पास पहुंचे, तब एक डेरे में घुस कर खाया पिया, और उस में से चान्दी, सोना और वस्त्र ले जा कर छिपा रखा; फिर लौट कर दूसरे डेरे में घुस गए और उस में से भी ले जा कर छिपा रखा।
2Ki 7:9  तब वे आपस में कहने लगे, जो हम कर रहे हैं वह अच्छा काम नहीं है, यह आनन्द के समाचार का दिन है, परन्तु हम किसी को नहीं बताते। जो हम पौ फटने तक ठहरे रहें तो हम को दण्ड मिलेगा; सो अब आओ हम राजा के घराने के पास जाकर यह बात बतला दें।
2Ki 7:10  तब वे चले और नगर के चौकीदारों को बुला कर बताया, कि हम जो अराम की छावनी में गए, तो क्या देखा, कि वहां कोई नहीं है, और मनुष्य की कुछ आहट नहीं है, केवल बन्धे हूए घोड़े और गदहे हैं, और डेरे जैसे के तैसे हैं।
2Ki 7:11  तब चौकीदारों ने पुकार के राजभवन के भीतर समाचार दिया।


एक साल में बाइबल: 

  • १ इतिहास २८-२९ 
  • यूहन्ना ९:२४-४१