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गुरुवार, 3 मार्च 2011

महान उद्धारकर्ता

जब तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन गुलाम प्रथा के विरुद्ध जंग जीत चुके और उनके द्वारा गुलामों की आज़ादी के घोष्णापत्र पर हस्ताक्षर करने का समय आया तो हस्ताक्षर करने के लिये उन्होंने दो बार कलम उठाई और वापस रख दी। अपने गृह मंत्री की ओर मुड़कर उन्होंने कहा, "मैं सुबह ९ बजे से लोगों से हाथ मिला रहा हूँ, अब मेरा दाहिना हाथ थक कर सुन्न हो गया है। इस घोष्णापत्र पर हस्ताक्षर करते समय यदि मेरा हाथ कांपा, तो बाद में इस घोष्णापत्र को देखने वाले लोग यही कहेंगे कि गुलामों की आज़ादी की घोष्णा करते समय अब्राहम लिंकन हिचकिचा रहा था।" इसके बाद उन्होंने कलम एक बार फिर उठाई और धीरे धीरे लेकिन स्थिर हाथ से अपना हस्ताक्षर उस घोष्णापत्र पर कर दिया। इस एतिहासक कार्य ने उन्हें एक महान मुक्तिदाता के रूप में संसार का प्रीय और आदरणीय नेता बना दिया।

लिंकन ने जिस से यह मुक्ति और समस्त मानव जाति का एक समान होने का पाठ सीखा वह उनसे भी कहीं अधिक महान उद्धारकर्ता है - प्रभु यीशु। प्रभु यीशु ने क्रूस पर अपने बलिदान द्वारा, अपने खून से पापों की गुलामी से हमारी स्वतंत्रता के घोष्णापत्र पर अपने हस्ताक्षर किये, और समस्त मानव जाति के लिये पाप से स्वतंत्रता का मार्ग खोल दिया।

ओस्वॉल्ड चैम्बरस ने लिखा, "यह कभी गंवारा मत कीजिए कि क्रूस मसीह के शहीद होने का चिन्ह है। क्रूस तो उस महान विजय का साधन था जिसने नरक की नेंव हिला दी। यीशु ने हर एक मानव पुत्र के लिये परमेश्वर से संपर्क करने का मार्ग तैयार कर के दे दिया।"

पौलुस ने लिखा "सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्‍ड की आज्ञा नहीं" (रोमियों ८:१) - मसीह यीशु पर विश्वास द्वारा हम पाप के दण्ड से बच जाते हैं। इस विश्वास द्वारा हमारे अन्दर आकर निवास करने वाला परमेश्वर का आत्मा हमें पाप से विमुख होकर उसके लिये जी सकने की सामर्थ और मार्ग दर्शन देता है; तथा इस प्रकार जिया गया जीवन ही उस अति महान उद्धारकर्ता मसीह को सच्चा आदर देता है। - डेनिस डी हॉन


मसीह की खाली कब्र पूर्ण उद्धार का निश्चय है।

इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्‍ड की आज्ञा का कारण हुआ, वेसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित्त धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ। - रोमियों ५:१८

बाइबल पाठ: रोमियों ५:१२-२१

इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया।
क्‍योंकि व्यवस्था के दिए जाने तक पाप जगत में तो था, परन्‍तु जहां व्यवस्था नहीं, वहां पाप गिना नहीं जाता।
तौभी आदम से लेकर मूसा तक मृत्यु ने उन लोगों पर भी राज्य किया, जिन्‍होंने उस आदम के अपराध की नाईं जो उस आने वाले का चिन्‍ह है, पाप न किया।
पर जैसा अपराध की दशा है, वैसी अनुग्रह के वरदान की नहीं, क्‍योंकि जब एक मनुष्य के अपराध से बहुत लोग मरे, तो परमेश्वर का अनुग्रह और उसका जो दान एक मनुष्य के, अर्थात यीशु मसीह के अनुग्रह से हुआ बहुतेरे लागों पर अवश्य ही अधिकाई से हुआ।
और जैसा एक मनुष्य के पाप करने का फल हुआ, वैसा ही दान की दशा नहीं, क्‍योंकि एक ही के कारण दण्‍ड की आज्ञा का फैसला हुआ, परन्‍तु बहुतेरे अपराधों से ऐसा वरदान उत्‍पन्न हुआ, कि लोग धर्मी ठहरे।
क्‍योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कराण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्मरूमी वरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थातयीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्‍त जीवन में राज्य करेंगे।
इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्‍ड की आज्ञा का कारण हुआ, वेसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित्त धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ।
क्‍योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे।
और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्‍तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ।
कि जैसा पाप ने मृत्यु फैलाते हुए राज्य किया, वैसा ही हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा अनुग्रह भी अनन्‍त जीवन के लिये धर्मी ठहराते हुए राज्य करे।

एक साल में बाइबल:
  • गिनती २८-३०
  • मरकुस ८:२२-३८

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