Saturday, October 3, 2020

बताएँ


         एक व्यस्त दिन के अन्त के निकट मेरी सहेली का ईमेल आया, परन्तु काम की व्यस्तता के कारण मैंने उसे खोल कर पढ़ा नहीं। मैं अपने एक परिवार जन की उसकी गंभीर बीमारी में सहायता कर रही थी, इसलिए मेरे पास ध्यान भटकाने वाली सामाजिक बातों के लिए समय नहीं था। किन्तु जब अगली सुबह मैंने उस ईमेल को खोलकर देखा, तो मेरे सामने मेरी सहेली द्वारा पूछ गया प्रश्न था, “क्या मैं किसी भी प्रकार से तुम्हारी कोई भी सहायता कर सकती हूँ?” मुझे शर्म आई, और मैं उसे उत्तर में “नहीं” लिखने ही वाली थी कि मुझे कुछ ध्यान आया, और मैं रुक गई, मैंने एक लम्बी साँस ली, क्योंकि उसका वह प्रश्न मुझे उस समय बहुत परिचित और ईश्वरीय लग रहा था।

         ऐसा इसलिए क्योंकि परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अंधे भिखारी बरतिमाई से इसी अभिप्राय का प्रश्न पूछा था। सड़क के किनारे बैठकर भीख माँग रहे बरतिमाई को जब पता चला कि प्रभु यीशु वहां से गुज़र रहा है, तो वह उसका नाम लेकर उसे पुकारने लगा। प्रभु यीशु ने उसकी पुकार को सुनकर उसे अपने पास बुलवाया और उससे पूछा, तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिये करूं?” (मरकुस 10:51); अर्थात “क्या मैं तुम्हारी कुछ सहायता कर सकता हूँ?

         प्रभु द्वारा पूछा गया यह प्रश्न दिखाता है कि प्रभु हमारी सहायता करने की इच्छा रखता है, वह हमारी समस्याओं का निवारण कर सकता है। परन्तु पहले हमें, बरतिमाई के समान उसे बताना होगा कि हमें उसकी सहायता की आवश्यकता है, जो अपने आप में एक दीन कर देने वाली बात है। वह भिखारी आवश्यकता में था, अकेला था, निर्धन था, और संभवतः भूखा और निराश भी था। उसे एक नए जीवन की आवश्यकता थी, किन्तु प्रभु के प्रश्न के उत्तर में उसने अपनी सबसे आधारभूत आवश्यकता को स्पष्ट सीधे शब्दों में प्रभु के सामने रखा; उसने कहा “हे रब्बी, यह कि मैं देखने लगूं” (मरकुस 10:51)।

         उस अंधे आदमी का यह एक ईमानदारी से किया गया निवेदन था, और प्रभु यीशु ने तुरंत ही उसे चंगा कर दिया। मेरी सहेली को भी मुझ से ऐसी ही ईमानदारी की आशा थी। इसलिए मैंने उसे उत्तर लिखा कि मैं उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करके नम्रता के साथ उसे अपनी सबसे आधारभूत आवश्यकता उसे अवश्य ही बताऊंगी।

         क्या आज आपको अपनी आधारभूत आवश्यकता – पापों की क्षमा और उद्धार पाए हुए जीवन का एहसास है? क्या आपने अपनी यह आवश्यकता प्रभु यीशु को बताई है? आप अविलम्ब अपनी इस आवश्यकता को पहचानें और यदि अभी तक प्रभु से पापों की क्षमा मांगकर उद्धार नहीं पाया है तो उसे अपनी यह आवश्यकता बताएँ और अभी उससे उद्धार प्राप्त कर लें, अपना अनन्त जीवन सुरक्षित कर लें। - पैट्रीसिया रेबोन

 

परमेश्वर अभिमानियों का सामना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। - 1 पतरस 5:5


तेरा परमेश्वर यहोवा मैं हूं, जो तुझे मिस्र देश से निकाल लाया है। तू अपना मुंह पसार, मैं उसे भर दूंगा। - भजन 81:10

बाइबल पाठ: मरकुस 10:46-52

मरकुस 10:46 और वे यरीहो में आए, और जब वह और उसके चेले, और एक बड़ी भीड़ यरीहो से निकलती थी, तो तिमाई का पुत्र बरतिमाई एक अन्‍धा भिखारी सड़क के किनारे बैठा था।

मरकुस 10:47 वह यह सुनकर कि यीशु नासरी है, पुकार पुकार कर कहने लगा; कि हे दाऊद की सन्तान, यीशु मुझ पर दया कर।

मरकुस 10:48 बहुतों ने उसे डांटा कि चुप रहे, पर वह और भी पुकारने लगा, कि हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर।

मरकुस 10:49 तब यीशु ने ठहरकर कहा, उसे बुलाओ; और लोगों ने उस अन्धे को बुलाकर उस से कहा, ढाढ़स बान्ध, उठ, वह तुझे बुलाता है।

मरकुस 10:50 वह अपना कपड़ा फेंककर शीघ्र उठा, और यीशु के पास आया।

मरकुस 10:51 इस पर यीशु ने उस से कहा; तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिये करूं? अन्धे ने उस से कहा, हे रब्बी, यह कि मैं देखने लगूं।

मरकुस 10:52 यीशु ने उस से कहा; चला जा, तेरे विश्वास ने तुझे चंगा कर दिया है: और वह तुरन्त देखने लगा, और मार्ग में उसके पीछे हो लिया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 17-19
  • इफिसियों 5:17-33