Saturday, February 2, 2019

जीवन



      चार-वर्षीय ऐशर का दमकता हुआ चेहरा उसकी मनपसंद कमीज़ के साथ लगी टोपी में से झाँक रहा था। उसकी उस कमीज़ पर घड़ियाल के सिर के समान दिखने वाली टोपी लगी हुई थी, दांतों के साथ, जिससे लग रहा था मानो घड़ियाल ने उसे निगल लिया है। उसकी माँ को यह देखकर अटपटा लगा; वे लोग एक ऐसे परिवार से मिलने जा रहे थे जिन से वे बहुत समय से नहीं मिले थे, और ऐशर की माँ उन लोगों पर एक अच्छी छाप छोड़ना चाहती थी। इसलिए उसने ऐशर से कहा, “अरे भई, यह अवसर के लिए ठीक नहीं लग रही है।” ऐशर ने भी प्रतिवाद करते हुए कहा, “यह बिलकुल अवसर के अनुरूप है!” तो उसकी माँ ने पूछा, “अच्छा, तो ज़रा बताओ किस अवसर के?” और तुरंत ही ऐशर का उत्तर आया, “आप जानती तो हैं – जीवन के!” यह सुनकर माँ ने उसे पहने रहने की अनुमति दे दी।

      उस आनन्दित लड़के ने अनायास ही परमेश्वर के वचन में सभोपदेशक 3:12 – “मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सिवाय, और कुछ भी अच्छा नहीं” के सत्य को व्यक्त किया। सभोपदेशक की पुस्तक निराशावान प्रतीत हो सकती है, और बहुधा लोग उसे सही से समझ नहीं पाते हैं, क्योंकि वह मनुष्य के परिप्रेक्ष्य से लिखी गई है, परमेश्वर के परिप्रेक्ष्य से नहीं। इस पुस्तक का लेखक, राजा सुलेमान, प्रश्न पूछता है, “काम करने वाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?” (पद 9)। परन्तु इस संपूर्ण पुस्तक में हमें स्थान-स्थान पर आशा की झलक दिखाई देती रहती है। सुलेमान ने यह भी लिखा, “यह भी परमेश्वर का दान है कि मनुष्य खाए-पीए और अपने सब परिश्रम में सुखी रहे” (पद 13)।

      हम ऐसे परमेश्वर की सेवा करते हैं जो हमारे आनन्द के लिए हमें भली वस्तुएँ देता रहता है। वह जो भी करता है, वह “वह सदा स्थिर रहेगा” (पद 14)। हम जब उसका आदर करते हैं, उसकी आज्ञाकारिता में बने रहते हैं, तो वह हमारे जीवनों को उद्देश्यपूर्ण, सार्थक, और आनन्दपूर्ण बनाता रहता है। - टिम गुस्ताफ्सन


जिस प्रभु ने आपको सृजा है, वह चाहता है कि आप उसे अपने जीवन का केन्द्र-बिंदु बना लें।

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:9-17
Ecclesiastes 3:9 काम करने वाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?
Ecclesiastes 3:10 मैं ने उस दु:खभरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।
Ecclesiastes 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता।
Ecclesiastes 3:12 मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सिवाय, और कुछ भी अच्छा नहीं;
Ecclesiastes 3:13 और यह भी परमेश्वर का दान है कि मनुष्य खाए-पीए और अपने सब परिश्रम में सुखी रहे।
Ecclesiastes 3:14 मैं जानता हूं कि जो कुछ परमेश्वर करता है वह सदा स्थिर रहेगा; न तो उस में कुछ बढ़ाया जा सकता है और न कुछ घटाया जा सकता है; परमेश्वर ऐसा इसलिये करता है कि लोग उसका भय मानें।
Ecclesiastes 3:15 जो कुछ हुआ वह इस से पहिले भी हो चुका; जो होने वाला है, वह हो भी चुका है; और परमेश्वर बीती हुई बात को फिर पूछता है।
Ecclesiastes 3:16 फिर मैं ने संसार में क्या देखा कि न्याय के स्थान में दुष्टता होती है, और धर्म के स्थान में भी दुष्टता होती है।
Ecclesiastes 3:17 मैं ने मन में कहा, परमेश्वर धर्मी और दुष्ट दोनों का न्याय करेगा, क्योंकि उसके यहां एक एक विषय और एक एक काम का समय है।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 29-30
  • मत्ती 21:23-46