Wednesday, April 17, 2019

स्वीकार


      प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने से कुछ समय पहले मरियम नामक एक स्त्री ने बहुत कीमती इत्र प्रभु की पाँव पर उंडेला, और फिर उसके पांवों को अपने बालों से पोंछा (यूहन्ना 12:3), जो उस समय के सामाजिक व्यवहार के अनुसार एक बहुत साहसिक कार्य था। ने केवल मरियम ने अपने जीवन भर की बचत को प्रभु के पांवों पर डाल दिया परन्तु सब के सामने अपने बालों को खोल कर उसने अपनी मर्यादा भी दांव पर लगा दी। उस समय के सामाजिक व्यवहार में, संभ्रांत स्त्रियाँ अपने बाल कभी भी सार्वजनिक स्थितियों में नहीं खोलती थीं। परन्तु सच्ची आराधना में यह नहीं देखा जाता है कि लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे या कहेंगे (2 शमूएल 6:21-22)। प्रभु यीशु की आराधना करने के लिए मरियम अशिष्ट या अनैतिक कहलाने के लिए भी तैयार थी।

      हम में से कुछ चर्च जाते समय अपने आप को बिलकुल सिद्ध दिखाने के प्रयास करते हैं जिससे लोग हमारे बारे में भला सोचें। हम अपने आप को सावधानी-पूर्वक संवार कर लोगों के सामने आते हैं। परन्तु परमेश्वर की उपस्थिति वह स्थान है जहाँ हम अपनी वास्तविकता में आ सकते हैं, जहाँ हमें अपनी कोई गलती या कमजोरी छुपाने की, सिद्ध होने का ढोंग रचने की आवश्यकता नहीं है।

      जब हम उपासना के लिए चर्च में परमेश्वर के सामने आते हैं तो वह यह दिखाने के लिए नहीं होता है कि हम में, या हमारे साथ, कुछ भी गलत नहीं है। वरन इसलिए होता है कि हम परमेश्वर के सामने अपनी गलतियों और कमजोरियों को स्वीकार कर सकें और उससे उनके लिए सामर्थ्य तथा मार्गदर्शन पाएँ; और परमेश्वर तथा अन्य लोगों के साथ सब कुछ ठीक-ठाक कर के जा सकें। जब हमारा सबसे बड़ा भय, हमारी गलती या कमजोरी का प्रगट हो जाना हो, तो हमारा सबसे बड़ा पाप उस गलती या कमजोरी को छुपाए रखना होता है। परमेश्वर के सामने स्वीकार कर लेने से हम और सामर्थी, और भले हो जाते हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जब हम परमेश्वर के साथ सही होते हैं, तब हमारा जीवन भी सही होता है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: यूहन्ना 12:1-8
John 12:1 फिर यीशु फसह से छ: दिन पहिले बैतनिय्याह में आया, जहां लाज़र था: जिसे यीशु ने मरे हुओं में से जिलाया था।
John 12:2 वहां उन्होंने उसके लिये भोजन तैयार किया, और मारथा सेवा कर रही थी, और लाजर उन में से एक था, जो उसके साथ भोजन करने के लिये बैठे थे।
John 12:3 तब मरियम ने जटामासी का आध सेर बहुमूल्य इत्र ले कर यीशु के पावों पर डाला, और अपने बालों से उसके पांव पोंछे, और इत्र की सुगंध से घर सुगन्‍धित हो गया।
John 12:4 परन्तु उसके चेलों में से यहूदा इस्करियोती नाम एक चेला जो उसे पकड़वाने पर था, कहने लगा।
John 12:5 यह इत्र तीन सौ दीनार में बेचकर कंगालों को क्यों न दिया गया?
John 12:6 उसने यह बात इसलिये न कही, कि उसे कंगालों की चिन्‍ता थी, परन्तु इसलिये कि वह चोर था और उसके पास उन की थैली रहती थी, और उस में जो कुछ डाला जाता था, वह निकाल लेता था।
John 12:7 यीशु ने कहा, उसे मेरे गाड़े जाने के दिन के लिये रहने दे।
John 12:8 क्योंकि कंगाल तो तुम्हारे साथ सदा रहते हैं, परन्तु मैं तुम्हारे साथ सदा न रहूंगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 शमूएल 1-2
  • लूका 14:1-24