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शनिवार, 26 नवंबर 2011

आपका हाथ परमेश्वर के हाथ

   ब्रिटिश साम्राज्य को सन १९३९ में दिए गए अपने क्रिस्मस के सन्देश का अन्त तत्कालीन सम्राट जौर्ज (शष्टम) ने परमेश्वर की अगुवाई पर अपने विश्वास के बारे में बताकर किया। उस समय दूसरा विश्वयुद्ध आरंभ हो चुका था और हिटलर की सेनाएं ब्रिटेन पर भारी प्रहार कर रहीं थीं। सम्राट ने अपना सन्देश मिनि लुइस हैस्किन्स द्वारा लगभग ३० वर्ष पूर्व लिखित पंक्तियों के साथ समाप्त किया। मिनि ने लिखा था: "मैंने नव वर्ष के द्वार पर खड़े द्वारपाल से कहा, ’मुझे एक बत्ती दो कि मैं इस अन्जान स्थान में सुरक्षित चल सकूँ’; द्वारपाल ने उत्तर दिया ’अन्धकार में जाओ और अपना हाथ परमेश्वर के हाथ में दे दो। यह तुम्हारे लिए किसी भी बत्ती या जानी-पहचानी राह पर चलने से बेहतर होगा’ "।

   जैसे १९३९ में ब्रिटिश साम्राज्य अनिश्चितता के कगार पर खड़ा था, वैसे ही हम में से प्रत्येक एक ऐसे भविष्य के सामने खड़ा है जिसका पहचान चिन्ह है ’सतत परिवर्तन’ संभवतः आशंकापुर्ण परिस्थितियों के साथ। किंतु मसीही विश्वासी के साथ अनिश्चितता के घोर अन्धकार में भी उसके मार्गदर्शन के लिए एक विश्वासयोग्य और कभी न गलती करने वाला एक सहायक है; भजनकार ने उसी के विषय में लिखा: "तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा" (भजन १३९:१०)।

   परमेश्वर के लिए कुछ अप्रत्याशित नहीं है, कोई मार्ग अनजाना नहीं है, कोई परिस्थिति विचिलित कर देने वाली नहीं है। क्योंकि हमारे परमेश्वर पिता के सामने भविष्य बिलकुल स्पष्ट है, प्रत्येक मसीही विश्वासी पूरे भरोसे के साथ जहाँ परमेश्वर ले जाए निश्चिंत हो कर जा सकता है, चाहे मार्ग में तूफान हों अथवा शांति।

   हम पूरे विश्वास के साथ अपने हाथ परमेश्वर के हाथ में रख सकते हैं क्योंकि वही परमेश्वर हमारे भूतकाल को क्षमा, वर्तमान को नियंत्रित तथा भविष्य को निर्धारित करता है। - पौल वैन गोर्डर


जो लोग हर बात में परमेश्वर का हाथ देखते हैं वि निश्चिंत हो कर हर बात परमेश्वर के हाथ में छोड़ सकते हैं।

तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। - भजन १३९:१०

बाइबल पाठ: भजन १३९:१-१२
    Psa 139:1  हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
    Psa 139:2  तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
    Psa 139:3  मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है।
    Psa 139:4  हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
    Psa 139:5  तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है।
    Psa 139:6  यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
    Psa 139:7  मैं तेरे आत्मा से भागकर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
    Psa 139:8  यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
    Psa 139:9  यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं,
    Psa 139:10  तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
    Psa 139:11  यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
    Psa 139:12  तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल २७-२९ 
  • १ पतरस ३