सोमवार, 31 मई 2021

आवश्यकता

 

          संसार के अन्य शहरों के समान, पेरिस के बाहरी भाग में भी, लोग अपने समाज के बेघर लोगों की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। अन्दर के समान को पानी से खराब न होने देने वाले थैलों में कपड़े डालकर, गलियों में रहने वाले बेघर लोगों के लिए निर्धारित स्थानों पर टांग दिए जाते हैं। उन थैलों पर लिखा होता है: “मैं तुम्हारी दशा के प्रति उदासीन नहीं हूँ; यदि तुम्हें ठंड लग रही है, तो मैं तुम्हारे लिए हूँ।” यह प्रयास न केवल उन बेघर लोगों को गर्म रखता है, वरन समाज को उनकी सहायता करना भी सिखाता है जो किसी आवश्यकता में हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में कंगालों की सहायता करने के महत्व को बताया गया है, और निर्देश दिया गया है कि उनके प्रति “हाथ ढीला” रखें (व्यवस्थाविवरण 15:11)। हमारे सामने निर्धनों के कष्ट के प्रति आँखें मूँद लेने, और जो संसाधन परमेश्वर ने हमें प्रदान किए हैं उन्हें अपने ही लिए जकड़ कर रखने का प्रलोभन हो सकता है। किन्तु परमेश्वर हमें चुनौती देता है कि क्योंकि आवश्यकता में पड़े लोग हमारे चारों ओर सदा ही होंगे, इसलिए हम उनके प्रति उदार रवैया रखें (पद 10)। प्रभु यीशु ने कहा कि निर्धनों को देने के द्वारा हम स्वर्ग में एक स्थाई धन एकत्रित करते हैं (लूका 12:33)।

          हो सकता है कि परमेश्वर के अतिरिक्त और कोई हमारी उदारता को न जानने पाए; किन्तु जब हम उदारता से देते हैं तो हम न केवल अपने आस-पास के लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं वरन उस आनन्द का भी अनुभव करते हैं जो दूसरों की सहायता करने के द्वारा परमेश्वर हमें देता है।

          प्रभु परमेश्वर हमें ऐसा मन दे कि हमारे पास आवश्यकता में पड़े लोगों को देखने वाली आँखें और उदारता से उनकी सहायता के लिए बढ़ने वाले हाथ हों। जैसे प्रभु हमारी आवश्यकता पूरी करता है, वैसे ही हम भी औरों की आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान दें। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

उदारता परमेश्वर के सप्रेम और विश्वासयोग्य प्रावधानों में हमारे भरोसे को व्यक्त करती है।


अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता। क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा। - लूका 12:33-34

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 15:7-11

व्यवस्थाविवरण 15:7 जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसके किसी फाटक के भीतर यदि तेरे भाइयों में से कोई तेरे पास दरिद्र हो, तो अपने उस दरिद्र भाई के लिये न तो अपना हृदय कठोर करना, और न अपनी मुट्ठी कड़ी करना;

व्यवस्थाविवरण 15:8 जिस वस्तु की घटी उसको हो, उसका जितना प्रयोजन हो उतना अवश्य अपना हाथ ढीला कर के उसको उधार देना।

व्यवस्थाविवरण 15:9 सचेत रह कि तेरे मन में ऐसी अधम चिन्ता न समाए, कि सातवां वर्ष जो छुटकारे का वर्ष है वह निकट है, और अपनी दृष्टि तू अपने उस दरिद्र भाई की ओर से क्रूर कर के उसे कुछ न दे, और वह तेरे विरुद्ध यहोवा की दुहाई दे, तो यह तेरे लिये पाप ठहरेगा।

व्यवस्थाविवरण 15:10 तू उसको अवश्य देना, और उसे देते समय तेरे मन को बुरा न लगे; क्योंकि इसी बात के कारण तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे सब कामों में जिन में तू अपना हाथ लगाएगा तुझे आशीष देगा।

व्यवस्थाविवरण 15:11 तेरे देश में दरिद्र तो सदा पाए जाएंगे, इसलिये मैं तुझे यह आज्ञा देता हूं कि तू अपने देश में अपने दीन-दरिद्र भाइयों को अपना हाथ ढीला कर के अवश्य दान देना।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 13-14
  • यूहन्ना 12:1-26


रविवार, 30 मई 2021

प्रेम


          कई वर्षों तक मैं भय को अपने हृदय पर, उसकी रक्षा करने के लिए, एक ढाल के समान लगाए रही। यह भय मेरे लिए एक बहाना बन गया, जिसके पीछे छुपकर मैं कुछ भी नया करने से कतराती थी, अपने सपनों को पूरा करने के प्रयास नहीं करती थी, और परमेश्वर की आज्ञाकारिता में जीने से बचती थी। हानि उठाने, दुःख सहने, और तिरस्कृत होने के इस भय ने मुझे परमेश्वर तथा औरों के साथ प्रेम के घनिष्ठ संबंध बनाने से रोके रखा। भय ने ही मुझे असुरक्षित और चिंतित रहने वाली, तथा जलन रखने वाली पत्नी, और आवश्यकता से कहीं अधिक नियंत्रण रखने और चिंता करते रहने वाली माँ बना दिया। अब जब मैं यह सीखती जा रही हूँ कि परमेश्वर मुझ से कितना प्रेम करता है, तो वह मुझे बदल भी रहा है और उससे तथा औरों के साथ सही व्यवहार रखना सिखा रहा है। क्योंकि मुझे निश्चय है कि परमेश्वर मेरा ध्यान रखेगा, इसलिए मैं उसमें सुरक्षित अनुभव करती हूँ, तथा प्रार्थना में अपने से बढ़कर औरों की आवश्यकताओं को उसके सामने रखने पाती हूँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि परमेश्वर प्रेम है (1 यूहन्ना 4:7-8); प्रभु यीशु का क्रूस पर दिया गया जीवन-बलिदान, उस प्रेम की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है, और हमारे प्रति उसकी प्रतिबद्धता की दृढ़ता का प्रमाण है (पद 9-10)। क्योंकि परमेश्वर हम से प्रेम करता है, और हमारे अन्दर निवास करता है, इसलिए हम उस पर आधारित होकर जो उसने हमारे लिए किया और जो वह है, औरों से भी प्रेम कर सकते हैं (पद 11-12)।

          जिस पल हम प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करते हैं, उसी क्षण प्रभु हमें अपना पवित्र आत्मा प्रदान कर देता है, जो उसी पल से हमारे अन्दर निवास करने लग जाता है (पद 13-15)। पवित्र आत्मा हमारी सहायता करता है कि हम परमेश्वर के प्रेम को जानें और उस पर निर्भर रहें, और वह हमें अधिकाधिक प्रभु यीशु के स्वरूप में ढालता चला जाता है (पद 16-17)। जब हम परमेश्वर पर अपने भरोसे और मसीही विश्वास में बढ़ते जाते हैं, तो इससे हमारा भय समाप्त होता जाता है, क्योंकि हमें यह निश्चय होता चला जाता है कि परमेश्वर हम से पूर्णतः और असीम प्रेम करता है (पद 18-19)।

          जब हम परमेश्वर को व्यक्तिगत रीति से अनुभव करते हैं, और उसके हमसे बिना किसी शर्त के किए गए प्रेम को अनुभव करते हैं, तो हम उसमें परिपक्व होने लगते हैं और फिर हम औरों के साथ उसके बारे में बांटने से नहीं घबराते हैं; हम संसार के समक्ष उस प्रेम के निर्भीक गवाह बन जाते हैं। - सोहचील डिक्सन

 

प्रभु आपके हमारे प्रति अनन्त प्रेम के लिए धन्यवाद; हमें इस प्रेम को औरों तक पहुंचाने वाले बनाएँ।


क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:7-21

1 यूहन्ना 4:7 हे प्रियो, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।

1 यूहन्ना 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।

1 यूहन्ना 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं।

1 यूहन्ना 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा।

1 यूहन्ना 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।

1 यूहन्ना 4:12 परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।

1 यूहन्ना 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है।

1 यूहन्ना 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है।

1 यूहन्ना 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।

1 यूहन्ना 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।

1 यूहन्ना 4:17 इसी से प्रेम हम में सिद्ध हुआ, कि हमें न्याय के दिन हियाव हो; क्योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी हैं।

1 यूहन्ना 4:18 प्रेम में भय नहीं होता, वरन सिद्ध प्रेम भय को दूर कर देता है, क्योंकि भय से कष्ट होता है, और जो भय करता है, वह प्रेम में सिद्ध नहीं हुआ।

1 यूहन्ना 4:19 हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उसने हम से प्रेम किया।

1 यूहन्ना 4:20 यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिस उसने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उसने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता।

1 यूहन्ना 4:21 और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 10-12
  • यूहन्ना 11:30-57

शनिवार, 29 मई 2021

आनन्द

 

          मैं जमाइका के मोंटेगो बे अस्पताल में लौटकर रेंडेल से फिर से मिलने के लिए बहुत उत्सुक था। रेंडेल ने दो वर्ष पहले उसके लिए प्रभु यीशु के प्रेम को जाना था। हाई-स्कूल के छात्रों की एक मसीही भजन गाने वाली मण्डली की एक किशोर सदस्या, इवी ने रेंडेल के साथ परमेश्वर के वचन बाइबल में से कुछ भाग पढ़ा था, और उसे सुसमाचार समझाया था, और रेंडेल ने प्रभु यीशु मसीह को अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता स्वीकार कर लिया था।

          मैंने जब उस अस्पताल के पुरुषों के भाग में प्रवेश किया, और रेंडेल के पलंग की ओर देखा, तो वह खाली था। मैंने जाकर नर्स से पूछा तो मुझे वह पता चला जो मैं बिलकुल सुनना नहीं चाहता था – रेंडेल का हमारे वहाँ पहुँचने से बस पाँच दिन पहले ही देहांत हो गया था।

          अपने आँसुओं के साथ मैंने इवी को फोन से इस दुखद समाचार का सन्देश भेजा। उसने सहज प्रत्युत्तर में लिखा, “वह अब प्रभु यीशु के साथ आनन्द में है।” बाद में, जब हम मिले तो उसने कहा, “यह अच्छा ही हुआ कि हमने उसे प्रभु यीशु के बारे उस समय बता दिया था।”

          इवी के शब्दों ने मुझे हर समय प्रभु यीशु मसीह में विश्वास के द्वारा पापों की क्षमा और अनन्त जीवन की आशा के सुसमाचार को सप्रेम सुनाते रहने के लिए तैयार रहने का स्मरण करवाया। नहीं, सुसमाचार सुनाना, उस प्रभु के बारे में बताना जो हमेशा हमारे साथ बना रहेगा (मत्ती 28:20), हमेशा ही सरल नहीं होता है। किन्तु जब हम इस पर विचार करते हैं कि जोखिम उठाकर भी जब हम किसी के साथ सुसमाचार बाँटते हैं, और इससे उनके जीवन में भी वही परिवर्तन आता है, जो  हमारे जीवन में आया; उन्हें भी उस अनन्त आनन्द की आशा बंधती है जो हमारे पास है; जब हम रेंडेल जैसे लोगों और उनके जीवनों में आए परिवर्तन के बारे में विचार करते हैं, तो यह हमें प्रोत्साहित करता है कि हम जहाँ कहीं भी जाएँ, प्रभु यीशु के लिए शिष्य बनाने के लिए सदा तैयार रहें (पद 19)।

          मैं उस खाली पलंग को देखने की उदासी को कभी नहीं भूलूँगा; और न ही उस आनन्द की अनुभूति को जो एक किशोरी के द्वारा रेंडेल को सुसमाचार सुनाने के द्वारा उसके जीवन में अनन्त काल के लिए आनन्द से भर देने के द्वारा मुझे मिला। - डेव ब्रैनन

 

प्रभु संसार को आपके सुसमाचार की आवश्यकता है; हमें साहस दें कि हम सभी लोगों को सुसमाचार सुनाएं।


परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। - प्रेरितों 1:8

बाइबल पाठ: मत्ती 28:16-20

मत्ती 28:16 और ग्यारह चेले गलील में उस पहाड़ पर गए, जिसे यीशु ने उन्हें बताया था।

मत्ती 28:17 और उन्होंने उसके दर्शन पाकर उसे प्रणाम किया, पर किसी किसी को सन्देह हुआ।

मत्ती 28:18 यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है।

मत्ती 28:19 इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो।

मत्ती 28:20 और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 11:1-29


शुक्रवार, 28 मई 2021

साथ

 

          इंडोनेशिया के पास्टरों के लिए एक बाइबल मार्गदर्शिका को लिखते समय मेरा एक लेखक मित्र वहाँ के लोगों की एक-दूसरे के साथ रहने की संस्कृति से बहुत प्रभावित हुआ। वहाँ की भाषा में इसे ‘गोटोंग-रोयोंग कहते हैं, जिसका अर्थ होता है परस्पर सहायता। इस प्रथा का पालन गाँवों में भी होता है, जिसके अंतर्गत पड़ौसी साथ मिलकर किसी की छत की मरम्मत करते हैं, या कोई पुल अथवा सड़क को बनाते हैं। शहरों में भी, मेरे मित्र ने बताया, “लोग हमेशा एक-दूसरे के साथ जाते हैं – उदाहरण के लिए, किसी चिकित्सक के पास। ये वहाँ की संस्कृति का नियम है। इसलिए कोई भी कभी भी अकेला नहीं होता है।”

          सारे संसार भर में मसीही विश्वासी भी इस बात में आनन्दित होते हैं कि वे कभी भी अकेले नहीं हैं। हम सभी मसीही विश्वासियों के साथ परमेश्वर का पवित्र आत्मा सदा ही बना रहता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि हमारे परमेश्वर पिता ने हमें अपना आत्मा केवल हमारा मित्र बनकर रहने के लिए ही नहीं दिया है, लेकिन हमारा सहायक और मार्गदर्शक होने के लिए दिया है (यूहन्ना 14:16))।

          प्रभु यीशु मसीह ने शिष्यों से यह वायदा किया कि पृथ्वी पर उनके समय के पूरा हो जाने के बाद भी प्रभु अपने अनुयायियों को अकेला नहीं छोड़ेगा (पद 18)। वरन परमेश्वर का पवित्र आत्मा, जो सत्य का आत्मा है, उनके साथ और उनमें, जिन्होंने प्रभु यीशु को अपना निज उद्धारकर्ता ग्रहण कर लिया है, उसे जीवन समर्पित कर दिया है, सदा बना रहेगा (पद 17)। परमेश्वर पवित्र आत्मा मसीही विश्वासियों का सहायक, सांत्वना देने वाला, प्रोत्साहित करने वाला, और सलाहकार है – हमारा हमेशा का साथी, इस संसार में, जहाँ परस्पर संबंधित लोगों के होते हुए भी एकाकीपन घेर सकता है, वह हमारा कभी हमसे दूर न होने वाला साथी है। हम प्रभु की ओर से हमें मिले इस अद्भुत सहायक के दिलासा देने वाले प्रेम, सहायता और मार्गदर्शन में सदा चलते रहें; उसके साथ के अनुभव में बने रहें। - पेट्रीशिया रेबौन

 

हमारा सर्व-सामर्थी सहायक, परमेश्वर पवित्र आत्मा सदा हमारे साथ बना रहता है।


परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। - यूहन्ना 16:13

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:15-18

यूहन्ना 14:15 यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे।

यूहन्ना 14:16 और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे।

यूहन्ना 14:17 अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।

यूहन्ना 14:18 मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 4-6
  • यूहन्ना 10:24-42

गुरुवार, 27 मई 2021

स्मृति

 

          मेरी परवरिश एक ऐसे चर्च में हुई थी जिसमें बहुत सी प्रथाएँ मनाई जाती थीं। उनमें से एक प्रथा थी किसी प्रिय परिवार सदस्य या मित्र के देहांत के बाद उसे आदर देने की विधि की। आदर देने के लिए या तो चर्च के अन्दर बैठने की किसी बेंचों के कतार के सिरे पर, या फिर दीवार पर किसी चित्र को लगाकर उस पर एक पीतल की चमकती हुई पट्टिका लगा दी जाती थी जिस पर लिखा होता था “... की स्मृति में।” दिवंगत व्यक्ति का नाम वहाँ चमकता हुआ लिखा रहता था। मैंने सदा ही इन स्मारकों की सराहना की है, और अब भी करता हूँ। लेकिन फिर भी उन्हें देखकर कुछ निश्चल सा लगता है, क्योंकि वे स्थिर, निष्क्रिय वस्तुएँ हैं, जो “जीवित” नहीं हैं। और मैं सोचता हूँ क्या कोई तरीका है कि इसके साथ कुछ गतिमान या सक्रिय स्मृति को भी जोड़ा जा सके?

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, उसके प्रिय मित्र योनातान के देहांत के बाद, दाऊद ने उससे किए गए अपने वायदे के निर्वाह (1 शमूएल 20:12-17), तथा उसकी स्मृति में कुछ करना चाहा। लेकिन यूँ ही किसी निष्क्रिय वस्तु को खोजने के स्थान पर, दाऊद ने खोज करवाई और एक जीवित को खोज निकाला – योनातान के पुत्र को (2 शमूएल 9:3)। यहाँ पर दाऊद का निर्णय नाटकीय है। उसने मपीबोशेत पर कृपा दिखानी चाही (पद 1, 6-7)। दाऊद ने उसकी जायदाद उसे फेर कर दे दी (“तेरे दादा की सारी भूमि”), और उसे अपने साथ हमेशा के लिए भोजन करते रहने (“तू मेरे साथ नित्य भोजन किया करेगा”) का अधिकार प्रदान किया।

          जब हम अपने दिवंगत प्रियजनों को स्मरण करते हैं, उनकी स्मृति में पट्टिकाएं और चित्र लगाते हैं, तो हम दाऊद के उदाहरण को भी ध्यान रखें और उनके प्रति भी कृपा दिखाएं जो अभी जीवित हैं। - जॉन ब्लेस

 

जिन्होंने हमारे प्रति कृपा की है, उनकी स्मृति में हम भी औरों पर कृपालु बने रहें।


निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करुणामय, और नम्र बनो। - 1 पतरस 3:8

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 9:1-7

2 शमूएल 9:1 दाऊद ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं योनातान के कारण प्रीति दिखाऊं?

2 शमूएल 9:2 शाऊल के घराने का सीबा नाम एक कर्मचारी था, वह दाऊद के पास बुलाया गया; और जब राजा ने उस से पूछा, क्या तू सीबा है? तब उसने कहा, हां, तेरा दास वही है।

2 शमूएल 9:3 राजा ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं परमेश्वर की सी प्रीति दिखाऊं? सीबा ने राजा से कहा, हां, योनातान का एक बेटा तो है, जो लंगड़ा है।

2 शमूएल 9:4 राजा ने उस से पूछा, वह कहां है? सीबा ने राजा से कहा, वह तो लोदबार नगर में, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर में रहता है।

2 शमूएल 9:5 तब राजा दाऊद ने दूत भेज कर उसको लोदबार से, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर से बुलवा लिया।

2 शमूएल 9:6 जब मपीबोशेत, जो योनातान का पुत्र और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, तब मुँह के बल गिर के दण्डवत किया। दाऊद ने कहा, हे मपीबोशेत! उसने कहा, तेरे दास को क्या आज्ञा?

2 शमूएल 9:7 दाऊद ने उस से कहा, मत डर; तेरे पिता योनातान के कारण मैं निश्चय तुझ को प्रीति दिखाऊंगा, और तेरे दादा शाऊल की सारी भूमि तुझे फेर दूंगा; और तू मेरी मेज पर नित्य भोजन किया कर।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 10:1-23