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शनिवार, 7 नवंबर 2015

विजयी


   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक, दाऊद, के सामने उसका एक पुराना प्रतिद्वन्दी था। कई वर्ष पहले, दाऊद के लड़कपन और चरवाहा होने के समय, उसका सामना पलिश्तियों के शूरवीर और दैत्याकार योद्धा गोलियत से हुआ, और दाऊद ने अपने गोफन द्वारा चलाए गए एक ही पत्थर के प्रहार से गोलियत का काम तमाम कर दिया था (1 शमूएल 17)। अब दाऊद इस्त्राएल का राजा था, और पलिश्ति सेना अब उस पर हमला करने के लिए चढ़ आई थी (2 शमूएल 5:17)।

   जब हम किसी विपरीत परिस्थिति में पड़े हों, कोई परेशानी हम पर आई हो तो हमारी प्रतिक्रीया क्या होती है? हम घबरा सकते हैं; या फिर हम कोई योजना बना सकते हैं; या फिर हम वह कर सकते हैं जो दाऊद ने किया - परमेश्वर से मार्गदर्शन और सहायता के लिए प्रार्थना, और परमेश्वर ने दाऊद का मार्गदर्शन तथा सहायता करी: "तब दाऊद ने यहावा से पूछा, क्या मैं पलिश्तियों पर चढ़ाई करूं? क्या तू उन्हें मेरे हाथ कर देगा? यहोवा ने दाऊद से कहा, चढ़ाई कर; क्योंकि मैं निश्चय पलिश्तियों को तेरे हाथ कर दूंगा" (2 शमूएल 5:19)।

   आज का बाइबल पाठ हमें दिखाता है कि दाऊद को पलिश्तियों से दो युद्ध लड़ने पड़े - एक बाल परासीम में और दूसरा रपाईम की तराई में। दोनों में ही उसने परमेश्वर से मार्गदर्शन तथा सहायता माँगी, जो उसके लिए भला हुआ, क्योंकि दोनों युद्धों में उसे अलग-अलग रीति से विजय मिली। पहले युद्ध में दाऊद केवल परमेश्वर की सामर्थ से विजयी हुआ, इसीलिए उसने कहा, "...यहोवा मेरे साम्हने हो कर मेरे शत्रुओं पर जल की धारा की नाईं टूट पड़ा है..." (2 शमूएल 5:20)। इससे अगले युद्ध में परमेश्वर ने दाऊद को योजना दी, और उस योजना को कार्यान्वित करके दाऊद और इस्त्राएली सेना ने फिर पलिश्तियों को हरा दिया (2 शमूएल 5:23-25)।

   हमें अपने दैनिक जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हर चुनौती पर विजय का एक ही रीति से नहीं होती, लेकिन एक कार्य है जो हर चुनौती पर हमें विजयी बनाए रख सकता है - दाऊद के समान हर बात को प्रार्थना में परमेश्वर के सामने लाना और उसके मार्गदर्शन के अनुसार कार्य करना। जब हम परमेश्वर पर विश्वास करके, उसकी आज्ञाकारिता में बने रहकर आगे बढ़ते हैं तो फिर परमेश्वर विजय चाहे किसी आश्चर्यजनक हस्तक्षेप से प्रदान करे अथवा किसी मार्गदर्शन या योजना के द्वारा, सफलता की सारी महिमा और आदर परमेश्वर का होता है और हमारा विश्वास और भी दृढ़ होता जाता है।

   विजयी जीवन के लिए परमेश्वर को समर्पित रहें; आपकी हानि कभी नहीं होगी। - डेव ब्रैनन


किसी भी चुनौती के सामने खड़े रह पाने के लिए परमेश्वर के सामने घुटनों पर बने रहें।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 5:17-25
2 Samuel 5:17 जब पलिश्तियों ने यह सुना कि इस्राएल का राजा होने के लिये दाऊद का अभिषेक हुआ, तब सब पलिश्ती दाऊद की खोज में निकले; यह सुनकर दाऊद गढ़ में चला गया। 
2 Samuel 5:18 तब पलिश्ती आकर रपाईम नाम तराई में फैल गए। 
2 Samuel 5:19 तब दाऊद ने यहावा से पूछा, क्या मैं पलिश्तियों पर चढ़ाई करूं? क्या तू उन्हें मेरे हाथ कर देगा? यहोवा ने दाऊद से कहा, चढ़ाई कर; क्योंकि मैं निश्चय पलिश्तियों को तेरे हाथ कर दूंगा। 
2 Samuel 5:20 तब दाऊद बालपरासीम को गया, और दाऊद ने उन्हें वहीं मारा; तब उसने कहा, यहोवा मेरे साम्हने हो कर मेरे शत्रुओं पर जल की धारा की नाईं टूट पड़ा है। इस कारण उसने उसका नाम बालपरासीम रखा। 
2 Samuel 5:21 वहां उन्होंने अपनी मूरतों को छोड़ दिया, और दाऊद और उसके जन उन्हें उठा ले गए। 
2 Samuel 5:22 फिर दूसरी बार पलिश्ती चढ़ाई कर के रपाईम नाम तराई में फैल गए। 
2 Samuel 5:23 जब दाऊद ने यहोवा से पूछा, तब उसने कहा, चढ़ाई न कर; उनके पीछे से घूमकर तूत वृक्षों के साम्हने से उन पर छापा मार। 
2 Samuel 5:24 और जब तूत वृक्षों की फुनगियों में से सेना के चलने की सी आहट तुझे सुनाईं पड़े, तब यह जानकर फुर्ती करना, कि यहोवा पलिश्तियों की सेना को मारने को मेरे आगे अभी पधारा है। 
2 Samuel 5:25 यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार दाऊद गेबा से ले कर गेजेर तक पलिश्तियों को मारता गया।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 40-42
  • इब्रानियों 4


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