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Wednesday, May 24, 2017

भय और विश्वास


   मैंने अपने आहते में पत्थरों को लगाकर कुछ सजावट करने के लिए उस सजावाट के नमूने के अनुसार धरती पर जाल बिछाया हुआ था। मैं काम समाप्त करने के निकट ही था तभी मैंने देखा कि एक गिलहरी जाल के एक भाग में फँस गई है। मैंने अपने दस्ताने पहने और उस गिलहरी को मुक्त करने के लिए उसके आस-पास के जाल को काटने लगा। परन्तु वह मुझसे और मेरे कार्य से प्रसन्न नहीं थी; मुझे अपने पास आता देख उसने लपक कर मुझे काटने का प्रयास किया। मैंने शान्त स्वर में कहा, "डरो नहीं, मैं तुम्हें कोई हानि पहुँचाना नहीं चाहता हूँ; बस थोड़ा शान्त रहो।" परन्तु उसे मेरी बात समझ नहीं आ रही थी, और अपने भय में होकर वह मेरा प्रतिरोध करती रही। अन्ततः उसे फँसाए रखने वाला जाल का अन्तिम भाग भी कट गया और वह गिलहरी कूद कर भाग गई।

   अनेकों बार हम मनुष्य भी परमेश्वर के प्रति यही रवैया रखते हैं; अपनी परिस्थितियों में फँस कर हम परमेश्वर को भय तथा अविश्वास की प्रतिक्रिया देते हैं। युगों और शताब्दियों से प्रभु परमेश्वर हमें बचाने, सुरक्षित रखने, हमें आश्वस्त रखने और अपने निकट लाने के प्रयास करता आ रहा है; परन्तु फिर भी हम अपने प्रति उसके भले उद्देश्यों को न समझते हुए, उसका प्रतिरोध करते रहते हैं, उसके कार्य में बाधा डालते रहते हैं, उसे गलत समझते रहते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि यशायाह भविष्यद्वक्ता में होकर परमेश्वर कहता है, "क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा" (यशायाह 41:13)।

   आज अपने जीवन और परिस्थितियों को लेकर आप अपने जीवन में प्रभु परमेश्वर की भूमिका को किस प्रकार से देखते हैं? क्या आप अपना जीवन और जीवन से जुड़ी सभी बातों को उसके हाथों में सौंपने से डरते हैं कि कहीं वह आपकी कोई हानि न कर दे? उस पर विश्वास रखें, वह भला है और संसार के हर व्यक्ति के साथ भलाई ही करना चाहता है। वह आपको शैतान द्वारा आप पर लाई गई बुराइयों और परिस्थितियों के जाल से निकालना चाहता है। उस से भयभीत न हों, उस पर विश्वास करें; अपना जीवन और जीवन की सभी बातें उसके हाथों में सौंप दें, शान्त और आश्वस्त होकर उसके कार्यों को देखें। - डेव ब्रैनन


भय का सर्वोत्तम तोड़ विश्वास है।

वरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। जैसा तुम्हारा पिता दयावन्‍त है, वैसे ही तुम भी दयावन्‍त बनो। - लूका 6:35-36

बाइबल पाठ: यशायाह 41:10-20
Isaiah 41:10 मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा।
Isaiah 41:11 देख, जो तुझ से क्रोधित हैं, वे सब लज्जित होंगे; जो तुझ से झगड़ते हैं उनके मुंह काले होंगे और वे नाश हो कर मिट जाएंगे। 
Isaiah 41:12 जो तुझ से लड़ते हैं उन्हें ढूंढने पर भी तू न पएगा; जो तुझ से युध्द करते हैं वे नाश हो कर मिट जाएंगे। 
Isaiah 41:13 क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा।
Isaiah 41:14 हे कीड़े सरीखे याकूब, हे इस्राएल के मनुष्यों, मत डरो! यहोवा की यह वाणी है, मैं तेरी सहयता करूंगा; इस्राएल का पवित्र तेरा छुड़ाने वाला है। 
Isaiah 41:15 देख, मैं ने तुझे छुरीवाले दांवने का एक नया और चोखा यन्त्र ठहराया है; तू पहाड़ों को दांव दांवकर सूक्षम धूलि कर देगा, और पहाडिय़ों को तू भूसे के समान कर देगा। 
Isaiah 41:16 तू उन को फटकेगा, और पवन उन्हें उड़ा ले जाएगी, और आंधी उन्हें तितर-बितर कर देगी। परन्तु तू यहोवा के कारण मगन होगा; और इस्राएल के पवित्र के कारण बड़ाई मारेगा।
Isaiah 41:17 जब दीन और दरिद्र लोग जल ढूंढ़ने पर भी न पाएं और उनका तालू प्यास के मारे सूख जाए; मैं यहोवा उनकी बिनती सुनूंगा, मैं इस्राएल का परमेश्वर उन को त्याग न दूंगा
Isaiah 41:18 मैं मुण्डे टीलों से भी नदियां और मैदानों के बीच में सोते बहऊंगा; मैं जंगल को ताल और निर्जल देश को सोते ही सोते कर दूंगा। 
Isaiah 41:19 मैं जंगल में देवदार, बबूल, मेंहदी, और जलपाई उगाऊंगा; मैं अराबा में सनौवर, तिधार वृक्ष, और सीधा सनौबर इकट्ठे लगाऊंगा; 
Isaiah 41:20 जिस से लोग देखकर जान लें, और सोचकर पूरी रीति से समझ लें कि यह यहोवा के हाथ का किया हुआ और इस्राएल के पवित्र का सृजा हुआ है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59


Tuesday, May 23, 2017

सहायता


   हम कीचड़ में बिलकुल फँस चुके थे। हम कब्रिस्तान में मेरे माता-पिता की कब्रों पर फूल चढ़ाने गए थे, और एक दूसरी गाड़ी को निकलने का स्थान देने के लिए मेरे पति ने अपनी गाड़ी सड़क से कच्चे में उतार दी। हमारे इलाके में कई सप्ताह से बरसात चल रही थी और वहाँ गाड़ी खड़ी करने के स्थान पर बहुत कीचड़ था। जब हम वापस जाने के लिए गाड़ी निकालने लगे तो पता चला कि गाड़ी कीचड़ में फँस गई है। जितना उसे चलाकर निकालने का प्रयास करते, पहिए घूम-घूमकर कीचड़ में और अधिक धँसते चले जाते।

   प्रकट था कि गाड़ी को धक्का लगाए बिना हम कीचड़ से बाहर नहीं निकल सकते थे, परन्तु मेरे पति का कँधा चोटिल था और मैं भी अभी बीमारी से उठी थी। हमें सहायता आवश्यकता थी! मैंने दूर दो जवानों को देखा, और उनका ध्यान मेरे हाथ हिलाने और सहायता के लिए चिल्लाने की ओर गया। मैं बहुत धन्यवादी हूँ कि उन्होंने हमारी सहायता करना स्वीकार किया और उनके धक्का लगाने से गाड़ी कीचड़ से बाहर निकल कर सड़क पर आ सकी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 40 दाऊद द्वारा सहायता के लिए परमेश्वर को पुकारने और परमेश्वर द्वारा उसकी सहायता करना बताता है: "मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है" (भजन  40:1-2)। जिस गड़हे और दलदल का दाऊद यहाँ उल्लेख कर रहा है, वह वास्तव में कोई गड़हा या दलद्ल रहे हों अथवा कोई विकट परिस्थिति जिसमें दाऊद ने अपने आप को फँसा हुआ पाया, दाऊद यह बात भली-भाँति जानता था कि वह अपनी सहायता के लिए परमेश्वर को कभी भी पुकार सकता है और परमेश्वर उसकी सुनेगा, उसे उस समस्या से बाहर निकालेगा।

   हम मसीही विश्वासी, हम जो परमेश्वर की सन्तान हैं, जब भी परमेश्वर को पुकारते हैं, परमेश्वर हमारी भी सुनता है, और हमारी निकासी के लिए मार्ग बनाता है। कभी कभी तो हमारी सहायता के लिए वह स्वयं हस्तक्षेप करता है, परन्तु अधिकतर वह किसी अन्य मनुष्य के द्वारा हमें सहायता भेजता है। जब भी हम उसके, और आवश्यकतानुसार उसके लोगों के सामने, सहायता की अपनी आवश्यकता को स्वीकार कर लेते हैं, हम उससे मिलने वाली सहायता के लिए आश्वस्त भी रह सकते हैं। - मेरियन स्ट्राउड


परमेश्वर तथा औरों की सहयाता से आशा आती है।

जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया। इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया। यहोवा के डरवैयों के चारों ओर उसका दूत छावनी किए हुए उन को बचाता है। - भजन 34:5-7

बाइबल पाठ: भजन  40:1-5
Psalms 40:1 मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। 
Psalms 40:2 उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है। 
Psalms 40:3 और उसने मुझे एक नया गीत सिखाया जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है। बहुतेरे यह देखकर डरेंगे, और यहोवा पर भरोसा रखेंगे।
Psalms 40:4 क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़ने वालों की ओर मुंह न फेरता हो। 
Psalms 40:5 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूं की खोल कर उनकी चर्चा करूं, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 19-21
  • यूहन्ना 8:1-27


Monday, May 22, 2017

बुध्दि


   प्रत्येक वर्ष स्कूलों एवं कॉलेजों में दीक्षान्त समारोह आयोजित होते हैं, उन छात्रों के उपलक्ष में जिन्होंने अपना पाठ्यक्रम पूरा कर के उससे संबंधित उपाधियों को प्राप्त करने की योग्यता प्राप्त की है। उस दीक्षान्त समारोह के उपरान्त वे छात्र संसार में जाकर चुनौतियों का सामना करते हैं। संसार में चुनौतियों का सामना करने के लिए केवल शैक्षिक ज्ञान होना ही काफी नहीं होता है। सफलता की कुंजी है, जो उन्होंने सीखा है उसे बुध्दिमानी के साथ व्यावाहरिक जीवन में लागू करना।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में बुध्दि को एक ऐसे खज़ाने के समान दर्शाया गया है जो खोजे जाने के सर्वथा योग्य है। वह धन-संपत्ति से बढ़कर है (नीतिवचन 3:13-18); उसका स्त्रोत एकमात्र सिध्द तथा बुध्दिमान परमेश्वर है (रोमियों 16:27); और यह प्रभु यीशु के कार्यों तथा व्यवहार में, जिसमें "बुध्दि और ज्ञान के सारे भण्डार छिपे हुए हैं" (कुलुस्सियों 2:3) मिलती है। बुध्दि परमेश्वर के वचन के अध्ययन और उसे व्यवहार में लाने से आती है। इसका एक उदाहरण है प्रभु यीशु का पवित्र-शास्त्र के अपने ज्ञान द्वारा शैतान द्वारा लाई गई परीक्षाओं पर जयवन्त होना (लूका 4:1-13)। कहने का तात्पर्य है कि वास्तव में बुध्दिमान व्यक्ति जीवन को परमेश्वर के दृष्टिकोण से देखने का प्रयास करता है और परमेश्वर की बुध्दि के अनुसार जीवन जीने का प्रयास करता है।

   इस प्रकार जीवन जीने का प्रतिफल क्या है? बाइबल में नीतिवचन हमें बताते हैं कि बुध्दि मधु के समान के मीठी (नीतिवचन 24:13-14) है, और धन्य हैं वे जो इसे पाते हैं (नीतिवचन 3:13)। इसलिए, परमेश्वर की सम्मति के अनुसार बुध्दि की खोज में रहिए, क्योंकि इसका मोल सोने और चान्दी से भी कहीं अधिक बढ़कर है। - जो स्टोवैल


बुध्दि को खोजने और उसके अनुसार जीवन जीने से ही आशीषें प्राप्त होती हैं।

तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूं, इसलिये मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूं। तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:104-105

बाइबल पाठ: नीतिवचन 3:1-13
Proverbs 3:1 हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना; 
Proverbs 3:2 क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा। 
Proverbs 3:3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं; वरन उन को अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदय रूपी पटिया पर लिखना। 
Proverbs 3:4 और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।
Proverbs 3:5 तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। 
Proverbs 3:6 उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। 
Proverbs 3:7 अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना। 
Proverbs 3:8 ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा, और तेरी हड्डियां पुष्ट रहेंगी। 
Proverbs 3:9 अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना; 
Proverbs 3:10 इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा।
Proverbs 3:11 हे मेरे पुत्र, यहोवा की शिक्षा से मुंह न मोड़ना, और जब वह तुझे डांटे, तब तू बुरा न मानना, 
Proverbs 3:12 क्योंकि यहोवा जिस से प्रेम रखता है उसको डांटता है, जैसे कि बाप उस बेटे को जिसे वह अधिक चाहता है।
Proverbs 3:13 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो बुद्धि पाए, और वह मनुष्य जो समझ प्राप्त करे

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 16-18
  • यूहन्ना 7:28-53


Sunday, May 21, 2017

नया जीवन


   क्रोएशिया के ज़गरेब शहर में टूटे हुए संबंधों का संग्रहालय है, जिसमें अनेकों अज्ञात लोगों द्वारा दिए गए टूटे हुए प्रेम संबंधों के स्मारक चिन्ह रखे गए हैं। वहाँ एक कुल्हाड़ी है जिससे एक ठुकराए हुए प्रेमी ने अपनी प्रेमिका के घर का सामान तोड़ डाला था। प्रेमियों द्वारा एक दुसरे को भेंट में दिए गए अनेकों खिलोने हैं, टूटे काँच और फ्रेम में लगे कई प्रेम-पत्र हैं, बहुत से विवाह-वस्त्र हैं; ये सभी अपनी मूक भाषा में उस टूटे हुए प्रेम से होने वाली व्यथा और गहरी चोट का ब्यान करते हैं। उस संग्रहालय में आने वाले आगन्तुकों में से कुछ अपने साथ हुई किसी ऐसी ही घटना को याद करके रोते हैं या नम आँखों के साथ जाते हैं, तो कुछ प्रेमी-जोड़े एक दूसरे से वायदे कर के कि वे ऐसा अपने साथ नहीं होने देंगे, एक दूसरे का आलिंगन करके जाते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर के भविष्यद्वकता, यशायाह ने लिखा, "प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं; कि बंधुओं के लिये स्वतंत्रता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूं" (यशायाह 61:1)। सैंकड़ों वर्षों के बाद प्रभु यीशु मसीह ने अराधनालय में खड़े होकर यशायाह द्वारा लिखे गए इस लेख को पढ़ा, और "तब वह उन से कहने लगा, कि आज ही यह लेख तुम्हारे साम्हने पूरा हुआ है" (लूका 4:21)। यशायाह द्वारा लिखे गए ये शब्द भावनाओं की किसी चोट में सहायता से बढ़कर, परमेश्वर की सहायता से मिलने वाले बदले हुए हृदय और नूतन आत्मा की बात करते हैं, जो परमेश्वर से उसके अनुयायियों को उपहार स्वरूप मिलते हैं: "और सिय्योन के विलाप करने वालों के सिर पर की राख दूर कर के सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर कर के हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो" (यशायाह 61:3)।

   हम सब ने अपने जीवनों में टूटे हुए वायदे और पछतावे का अनुभव किया है। लेकिन हम जिस भी दुःख से होकर निकले हों, प्रभु यीशु हमें नए जीवन, चँगाई और आशा की प्रतिज्ञा देता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर त्रासदी को भी विजयोत्सव में परिवर्तित कर सकता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: यशायाह 61:1-3; लूका 4:16-22
Isaiah 61:1 प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं; कि बंधुओं के लिये स्वतंत्रता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूं; 
Isaiah 61:2 कि यहोवा के प्रसन्न रहने के वर्ष का और हमारे परमेश्वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूं; कि सब विलाप करने वालों को शान्ति दूं 
Isaiah 61:3 और सिय्योन के विलाप करने वालों के सिर पर की राख दूर कर के सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर कर के हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो।

Luke 4:16 और वह नासरत में आया; जहां पाला पोसा गया था; और अपनी रीति के अनुसार सब्त के दिन आराधनालय में जा कर पढ़ने के लिये खड़ा हुआ। 
Luke 4:17 यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक उसे दी गई, और उसने पुस्‍तक खोल कर, वह जगह निकाली जहां यह लिखा था। 
Luke 4:18 कि प्रभु का आत्मा मुझ पर है, इसलिये कि उसने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिये भेजा है, कि बन्‍धुओं को छुटकारे का और अन्‍धों को दृष्टि पाने का सुसमाचार प्रचार करूं और कुचले हुओं को छुड़ाऊं। 
Luke 4:19 और प्रभु के प्रसन्न रहने के वर्ष का प्रचार करूं। 
Luke 4:20 तब उसने पुस्‍तक बन्‍द कर के सेवक के हाथ में दे दी, और बैठ गया: और आराधनालय के सब लोगों की आंख उस पर लगी थीं। 
Luke 4:21 तब वह उन से कहने लगा, कि आज ही यह लेख तुम्हारे साम्हने पूरा हुआ है। 
Luke 4:22 और सब ने उसे सराहा, और जो अनुग्रह की बातें उसके मुंह से निकलती थीं, उन से अचम्भा किया; और कहने लगे; क्या यह यूसुफ का पुत्र नहीं?

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 13-15
  • यूहन्ना 7:1-27


Saturday, May 20, 2017

केंद्र बिन्दु


   मैंने एक बार एक महिला को, उसके बारे में जिसकी वह सहायता कर रही थी यह कहते सुना, "वह मेरा शिष्य है।" मसीह यीशु के शिष्य होने के नाते हम सभी मसीही विश्वासियों को प्रभु यीशु का सुसमाचार सुनाने और प्रभु के शिष्य बनाने तथा उनके आत्मिक बढ़ोतरी का ध्यान रखने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। परन्तु प्रभु यीशु को केन्द्र बिन्दु बनाना सिखाने के स्थान पर अपने आप पर ध्यान केंद्रित करवा लेना सरल होता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि प्रेरित पौलुस इस बात से चिंतित था कि कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों का ध्यान प्रभु यीशु पर केन्द्रित होने से भटक रहा था। उन दिनों के दो सबसे अच्छे प्रचारक थे पौलुस तथा अपुल्लोस। उन्हें लेकर मसीही विश्वासियों की मण्डली में विभाजन आने लगा था; कुछ कहते थे कि हम पौलुस के अनुयायी हैं, तो कुछ अन्य अपने आप को अपुल्लोस का अनुयायी बताते थे। उन लोगों का ध्यान उध्दारकर्ता मसीह यीशु के स्थान पर मसीह के शिष्यों, मनुष्यों पर, अर्थात गलत स्थान पर केंद्रित होता जा रहा था। लेकिन पौलुस ने उन्हें अपनी गलती सुधारने के लिए कहा: "मेरा कहना यह है, कि तुम में से कोई तो अपने आप को पौलुस का, कोई अपुल्लोस का, कोई कैफा का, कोई मसीह का कहता है। क्या मसीह बँट गया? क्या पौलुस तुम्हारे लिये क्रूस पर चढ़ाया गया? या तुम्हें पौलुस के नाम पर बपतिस्मा मिला?" (1 कुरिन्थियों 1:12-13), उसने उन्हें समझाया कि वह तथा अपुल्लोस तो केवल मसीह के सह-कर्मी हैं। महत्व इसका नहीं है कि कौन लगाता है या कौन सींचता है, महत्व उसका है जो बढ़ोतरी देता है अर्थात परमेश्वर। मसीही विश्वासी तो परमेश्वर की खेती हैं, उसकी रचना हैं; वे न तो पौलुस के हैं और न ही अपुल्लोस के, वरन केवल प्रभु यीशु के हैं।

   प्रभु यीशु ने हमें आज्ञा दी है कि हम जाकर लोगों को उसका सुसमाचार सुनाएं, उन्हें प्रभु यीशु के शिष्य बनाएं और उन्हें प्रभु की शिक्षाएं मानना सिखाएं (मत्ती 28:18-20)। इसी प्रकार इब्रानियों का लेखक भी हमें हमारे विश्वास के कर्ता और सिध्द करने वाले मसीह पर ध्यान केंद्रित रखने को कहता है: "विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा" (इब्रानियों 12:2)। 

   जब हम मसीह यीशु को, जो सभी मनुष्यों से कहीं अधिक बढ़कर और महान है, अपने जीवन का तथा अपने प्रचार का केंद्र बिन्दु बनाएंगे, तो उसे आदर मिलेगा और हम आशीषित होंगे। - सी. पी. हिया


मसीह यीशु को जीवन में सर्वप्रथम स्थान दें।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 3:1-9
1 Corinthians 3:1 हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं। 
1 Corinthians 3:2 मैं ने तुम्हें दूध पिलाया, अन्न न खिलाया; क्योंकि तुम उसको न खा सकते थे; वरन अब तक भी नहीं खा सकते हो। 
1 Corinthians 3:3 क्योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्या तुम शारीरिक नहीं? और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते? 
1 Corinthians 3:4 इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्या तुम मनुष्य नहीं? 
1 Corinthians 3:5 अपुल्लोस क्या है? और पौलुस क्या है? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। 
1 Corinthians 3:6 मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। 
1 Corinthians 3:7 इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है। 
1 Corinthians 3:8 लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:9 क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 10-12
  • यूहन्ना 6:45-71


Friday, May 19, 2017

चँगाई


   मैं जिन डॉक्टरों को जानती हूँ वे चतुर, परिश्रमी और अनुकंपा रखने वाले हैं। उन्होंने अनेकों अवसरों पर मेरी तकलीफ में मुझे आराम दिलाया है; मैं धन्यवादी हूँ उनके रोगों का निदान करने, उचित दवाएं लिखने, टूटी हड्डियों को बैठाने और घावों को भरने के कौशल के लिए। परन्तु इसका यह अर्थ नहीं है कि मैं परमेश्वर के स्थान पर अपना विश्वास डॉक्टरों पर ही रखती हूँ।

   यह तो परमेश्वर ही जानता है कि अपनी सृष्टि की देख-भाल और रख-रखाव के लिए उसने हम मनुष्यों को अपने सहयोगी क्यों बनाया है (उत्पत्ति 2:15), और उन सहयोगियों में डॉक्टर भी हैं। डॉक्टर चिकित्सा विज्ञान का अध्ययन करते हैं और परमेश्वर द्वारा की गई शरीर की रचना के संबंध में सीखते हैं। अपने इस ज्ञान के सहारे वे हमें पुनः स्वस्थ करने के तरीके बनाते हैं। परन्तु वह एकमात्र कारण जिसके कारण डॉक्टर ऐसा कर पाते हैं, परमेश्वर द्वारा हमारे शरीरों में रची गई चंगा होने की क्षमता है। यदि यह क्षमता नहीं होती किसी ऑपरेशन का कोई घाव नहीं भरता, कोई दवा कुछ भी नहीं कर पाती और डॉक्टरों का सारा ज्ञान धरा का धरा रह जाता।

   वैज्ञानिक यह सीख सकते हैं कि हमारे शरीरों की रचना कैसी है और इस ज्ञान के आधार पर हमें स्वस्थ करने में सहायक होने की विधियाँ बना सकते हैं; परन्तु अन्ततः चँगाई देने वाले वे नहीं, वरन परमेश्वर है (निर्गमन 15:26)। चिकित्सक तो परमेश्वर की रचना और कारीगिरी के साथ सहयोग करते हैं।

   इसलिए मैं विज्ञान और डॉक्टरों की कृतज्ञ हूँ, परन्तु मेरी प्रशंसा और स्तुति परमेश्वर के लिए है, जिसने इस सृष्टि की अद्भुत अभिकल्पना तथा रचना की और हम मनुष्यों को ऐसी बुध्दि दी जिससे वे उसकी इस रचना की जानकारी ले सकें, उसकी कार्यविधि को समझ सकें। इसलिए मेरा मानना है कि सारी चँगाई परमेश्वर की ओर से है, क्योंकि उसके बगैर कोई चँगाई सम्भव नहीं है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जब आप सृष्टि की अद्भुत बातें देखें, तो उसके रचियता परमेश्वर का धन्यवाद करें।

कि यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा का वचन तन मन से सुने, और जो उसकी दृष्टि में ठीक है वही करे, और उसकी आज्ञाओं पर कान लगाए, और उसकी सब विधियों को माने, तो जितने रोग मैं ने मिस्रियों पर भेजा है उन में से एक भी तुझ पर न भेजूंगा; क्योंकि मैं तुम्हारा चँगा करने वाला यहोवा हूं। - निर्गमन 15:26

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 2:7-15
Genesis 2:7 और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया। 
Genesis 2:8 और यहोवा परमेश्वर ने पूर्व की ओर अदन देश में एक वाटिका लगाई; और वहां आदम को जिसे उसने रचा था, रख दिया। 
Genesis 2:9 और यहोवा परमेश्वर ने भूमि से सब भांति के वृक्ष, जो देखने में मनोहर और जिनके फल खाने में अच्छे हैं उगाए, और वाटिका के बीच में जीवन के वृक्ष को और भले या बुरे के ज्ञान के वृक्ष को भी लगाया। 
Genesis 2:10 और उस वाटिका को सींचने के लिये एक महानदी अदन से निकली और वहां से आगे बहकर चार धारा में हो गई। 
Genesis 2:11 पहिली धारा का नाम पीशोन है, यह वही है जो हवीला नाम के सारे देश को जहां सोना मिलता है घेरे हुए है। 
Genesis 2:12 उस देश का सोना चोखा होता है, वहां मोती और सुलैमानी पत्थर भी मिलते हैं। 
Genesis 2:13 और दूसरी नदी का नाम गीहोन है, यह वही है जो कूश के सारे देश को घेरे हुए है। 
Genesis 2:14 और तीसरी नदी का नाम हिद्देकेल है, यह वही है जो अश्शूर के पूर्व की ओर बहती है। और चौथी नदी का नाम फरात है। 
Genesis 2:15 तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को ले कर अदन की वाटिका में रख दिया, कि वह उस में काम करे और उसकी रक्षा करे,

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 6:22-44


Thursday, May 18, 2017

शिखर


   कुछ वर्ष पहले, मैं अपने एक मित्र के साथ माउन्ट व्हिटनी परवत शिखर पर चढ़ने निकला, जिसकी ऊँचाई 14,505 फीट है और वह अमेरिका का सबसे ऊँचे पर्वत शिखर है। हम चढ़ाई आरंभ करने के स्थान पर संध्या को पहुँचे, रात के लेटने और सोने का इंतज़ाम किया, और प्रातः पहली किरण के साथ चढ़ाई आरंभ करने के उद्देश्य से सोने का प्रयास करने लगे। व्हिटनी की चढ़ाई तकनीकी रीति से कोई कठिन चढ़ाई नहीं है, परन्तु लगातार ऊपर की ओर जाता हुआ 11 मील का लंबा पैदल मार्ग है।

   हमने चढ़ना आरंभ किया, यह कठिन तो था परन्तु मार्ग में हर्षित करने वाले अद्भुत सुन्दर दृश्य, नीले पानी की झीलें, घास के हरे मैदान भी थे। परन्तु मार्ग लंबा और बहुत थका देने वाला था, और हमारी टाँगों तथा फेफड़ों की कड़ी परीक्षा ले रहा था। दिन को बीतता, और मार्ग को हमारे सामने दूर तक बना हुआ देख कर मैंने वापस लौट जाने के बारे में सोचना आरंभ कर दिया। परन्तु बीच-बीच में हमें हमारा गन्तव्य, व्हिटनी पर्वत शिखर दिखाई देता रहता था, और मैं यह सोच कर कदम आगे बढ़ाता गया कि मेरा आगे बढ़ाया हुआ प्रत्येक कदम मुझे उस शिखर के एक कदम और निकट ले आया है; यदि मैं ऐसे ही चलता रहा तो अवश्य ही वहाँ पहुँच जाऊँगा। बस इसी विचार के साथ मैं आगे बढ़ता रहा और अन्ततः शिखर पर पहुँच गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस हम मसीही विश्वासियों क&