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Monday, January 23, 2017

क्षमा


   मैं दो ऐसे लोगों के साथ भोजन पर था जिन्होंने अपने कारावास में दण्ड भोगने के दौरान प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता ग्रहण किया था। उनमें से छोटी उम्र वाला इस बात से निराश था कि जिस परिवार से उसने चुराया था, वह उसे क्षमा करने के लिए तैयार नहीं था।

   दूसरे व्यक्ति ने, जो उम्र में बड़ा था, अपने अनुभव के आधार पर कहा, "मेरा अपराध हिंसात्मक था; उसका प्रभाव आज भी उस परिवार को परेशान करता है। उन्होंने भी मुझे क्षमा नहीं किया है...उनकी पीड़ा बहुत अधिक है। पहले तो उनसे क्षमा मिलने की लालसा ने मुझे निष्क्रीय बनाए रखा। लेकिन एक दिन मुझे एहसास हुआ कि ऐसा कर के मैं अपने पश्चाताप में अपना स्वार्थ मिला रहा हूँ। उस परिवार द्वारा क्षमा की अपेक्षा रखना बहुत बड़ी बात थी। अपने अतीत से चंगा होने के लिए मैं अपनी इच्छानुसार कुछ होते हुए देखना चाहता था। मुझे यह समझने में कुछ समय लगा कि उस परिवार द्वारा मुझे क्षमा कर देना उनके और परमेश्वर के बीच की बात है।"

   तब पहले व्यक्ति ने पूछा, "आप कैसे इसे सहन करने पाए?"

   तो दूसरे ने समझाया, "परमेश्वर ने मेरे लिए वह किया जिसके लिए मैं कदापि योग्य नहीं था और जो मेरे लिए कोई और कभी नहीं कर सकता था। वह मेरे पापों के लिए मरा, और अपने वायदे के अनुसार मेरे पापों को मुझ से इतना दूर कर दिया जितना उदयाचल से अस्ताचल दूर है (भजन 103:12); और अब वह मेरे पापों को कभी स्मरण नहीं करता है (यशायाह 43:25)।"

   इतने महान प्रेम के समक्ष, उसकी क्षमा को ही अपने लिए पर्याप्त स्वीकार करके हम उसका आदर करते हैं; उसमें और किसी बात की लालसा को जोड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है। पुरानी बातों में उलझे रहने की बजाए, जो बीत गया उसे पीछे छोड़कर अब हमें अपने नए जीवन में आगे बढ़ते जाना है। - रैंडी किलगोर


प्रभु यीशु का कार्य प्रत्येक पाप के निवारण के लिए पर्याप्त है।

क्या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो। - 1 कुरिन्थियों 9:24

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:7-16
Philippians 3:7 परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है। 
Philippians 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूँ। 
Philippians 3:9 और उस में पाया जाऊँ; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है। 
Philippians 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी होने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूँ। 
Philippians 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं। 
Philippians 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था। 
Philippians 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। 
Philippians 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊँ, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। 
Philippians 3:15 सो हम में से जितने सिद्ध हैं, यही विचार रखें, और यदि किसी बात में तुम्हारा और ही विचार हो तो परमेश्वर उसे भी तुम पर प्रगट कर देगा। 
Philippians 3:16 सो जहां तक हम पहुंचे हैं, उसी के अनुसार चलें।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 7-8
  • मत्ती 15:1-20


Sunday, January 22, 2017

देखभाल


   अपनी पुस्तक Kisses From Katie में केटी डेविस ने अपने युगाण्डा जाकर बस जाने और युगाण्डा की कई लड़कियों को गोद लेने से मिले आनन्द के बारे में बताया है। एक दिन युगाण्डा की उसकी एक बेटी ने उस से पूछा, "मम्मी, यदि मैं यीशु को अपने हृदय में आने दूँगी, तो क्या मेरे अन्दर एक विस्फोट हो जाएगा?" पहले तो केटी ने उसे उत्तर में कहा कि नहीं, क्योंकि प्रभु यीशु का हमारे हृदयों में आकर बसना एक आत्मिक घटना है।

   परन्तु कुछ समय तक उस प्रश्न के बारे में सोचते रहने के बाद केटी ने समझाते हुए उत्तर दिया कि जब हम अपने जीवन और हृदय प्रभु यीशु को समर्पित कर देते हैं तो, "हमारे अन्दर से प्रेम, अनुकंपा, दुःखी लोगों के साथ शोकित होने तथा आनन्द मनाने वालों के साथ आनन्दित होने का एक विस्फोट होता है।" कहने का तात्पर्य यह था कि प्रभु यीशु से संपर्क हो जाने के बाद हमारे अन्दर संसार के लोगों के प्रति गहन देखभाल का रवैया आ जाता है।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें प्रेरित करती है कि "आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ" (रोमियों 12:15)। क्योंकि परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमारे अन्दर निवास करता है, हमारे अन्दर कार्य करता है इसलिए हम संसार के प्रति यह प्रेम भरी प्रतिक्रिया सदैव प्रदर्शित करते रह सकते हैं। प्रेरित पौलुस ने इसका वर्णन ऐसे किया है: "और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी" (इफिसियों 1:13)।

   परमेश्वर की दिव्य सहायता के साथ औरों की देखभाल करना, संसार के समक्ष प्रमाणित करता है कि हम प्रभु यीशु के अनुयायी हैं (यूहन्ना 13:35)। साथ ही ऐसा करना हमें स्मरण दिलाता है कि क्योंकि प्रभु यीशु ने हमसे प्रेम किया है, इसलिए वह कहता है कि "मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो" (यूहन्ना 13:34)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रेम बाँटना प्रेम पाने को दिखाता है।

पर अब विश्वास, आशा, प्रेम थे तीनों स्थाई है, पर इन में सब से बड़ा प्रेम है। - 1 कुरिन्थियों 13:13

बाइबल पाठ: यूहन्ना 15:7-17
John 15:7 यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा। 
John 15:8 मेरे पिता की महिमा इसी से होती है, कि तुम बहुत सा फल लाओ, तब ही तुम मेरे चेले ठहरोगे। 
John 15:9 जैसा पिता ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही मैं ने तुम से प्रेम रखा, मेरे प्रेम में बने रहो। 
John 15:10 यदि तुम मेरी आज्ञाओं को मानोगे, तो मेरे प्रेम में बने रहोगे: जैसा कि मैं ने अपने पिता की आज्ञाओं को माना है, और उसके प्रेम में बना रहता हूं। 
John 15:11 मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए। 
John 15:12 मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो। 
John 15:13 इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। 
John 15:14 जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्र हो। 
John 15:15 अब से मैं तुम्हें दास न कहूंगा, क्योंकि दास नहीं जानता, कि उसका स्‍वामी क्या करता है: परन्तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं। 
John 15:16 तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जा कर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे। 
John 15:17 इन बातों की आज्ञा मैं तुम्हें इसलिये देता हूं, कि तुम एक दूसरे से प्रेम रखो।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 4-6
  • मत्ती 14:22-36


Saturday, January 21, 2017

निर्भर


   अफ्रीका के एक देश घाना के राष्ट्रगीत की प्रथम पंक्ति है, "परमेश्वर हमारे देश घाना को आशीष दे।" अफ्रीका के कुछ अन्य देशों के राष्ट्रगानों में भी कुछ ऐसी ही बात पाई जाती है: "हे यूगाण्डा, परमेश्वर तुझे संभाले रहे", "परमेश्वर हमारे देश को आशीष दे" (दक्षिणी अफ्रीका), "हे सृष्टि के महान परमेश्वर, हमारे महान उद्देश्य को दिशा दे" (नाईजीरिया)। देश के राष्ट्रगानों को प्रार्थना के रूप में प्रयोग करके, उनके संस्थापक पिताओं ने परमेश्वर से देश और वहाँ के लोगों के लिए आशीष चाही। ना केवल अफ्रीका में वरन संसार भर के अनेकों अन्य देशों के राष्ट्रगानों में परमेश्वर को सृष्टिकर्ता और पालनहार माना गया है। राष्ट्रगानों की अन्य पंक्तियों में भी, जातिवाद, राजनैतिक विचार-धारा और सामाजिक असमानताओं द्वारा विभाजित समाज के लिए परमेश्वर से परस्पर मेल-मिलाप, परिवर्तन और आशा की प्रार्थनाएं हैं।

   लेकिन फिर भी आज अनेकों राष्ट्रीय अगुए और नागरिक परमेश्वर को भुला कर, इन पंक्तियों के अनुसार नहीं वरन अपनी ही इच्छा के अनुसार जीवन व्यतीत करते हैं, विशेषकर तब जब सब कुछ अच्छा चल रहा हो। परन्तु परमेश्वर को स्मरण करने के लिए युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं, आतंकियों के हमलों, बीमारियों, राजनैतिक चुनावों की हिंसा आदि की प्रतीक्षा क्यों की जाए? परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि परमेश्वर ने अपने लोगों, इस्त्राएलियों को मूसा के द्वारा चिताया कि वे परमेश्वर को भुला ना दें और उसके मार्गों पर चलना ना छोड़ें, विशेषकर तब जब जीवन अच्छे से चल रहा हो (व्यवस्थाविवरण 8:11)। बाइबल में एक अन्य स्थान पर परमेश्वर हमें सचेत करता है कि: "अपनी जवानी के दिनों में अपने सृजनहार को स्मरण रख, इस से पहिले कि विपत्ति के दिन और वे वर्ष आएं, जिन में तू कहे कि मेरा मन इन में नहीं लगाता" (सभोपदेशक 12:1)।

   ऐसे समयों में, जब हम स्वस्थ और सबल होते हैं, परमेश्वर के निकट आना और बने रहना हमें उन समयों के लिए तैयार करता है जब हम कठिन परिस्थितियों में आएं; और तब ऐसे में हम निःसंकोच अपने सहारे और आशा के लिए उस पर निर्भर हो सकते हैं। - लॉरेंस दरमानी


अपने सृष्टिकर्ता परमेश्वर पिता को स्मरण रखने को अपना व्यक्तिगत गान बना लें।

मैं याह के बड़े कामों की चर्चा करूंगा; निश्चय मैं तेरे प्राचीन काल वाले अद्भुत कामों को स्मरण करूंगा। मैं तेरे सब कामों पर ध्यान करूंगा, और तेरे बड़े कामों को सोचूंगा। हे परमेश्वर तेरी गति पवित्रता की है। कौन सा देवता परमेश्वर के तुल्य बड़ा है? अद्भुत काम करने वाला ईश्वर तू ही है, तू ने अपने देश देश के लोगों पर अपनी शक्ति प्रगट की है।  - भजन 77:11-14

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 8:11-18
Deuteronomy 8:11 इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे; 
Deuteronomy 8:12 ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे, 
Deuteronomy 8:13 और तेरी गाय-बैलों और भेड़-बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए, 
Deuteronomy 8:14 तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है, 
Deuteronomy 8:15 और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विष वाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उसने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला, 
Deuteronomy 8:16 और तुझे जंगल में मन्ना खिलाया, जिसे तुम्हारे पुरखा जानते भी न थे, इसलिये कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के अन्त में तेरा भला ही करे। 
Deuteronomy 8:17 और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई। 
Deuteronomy 8:18 परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 1-3
  • मत्ती 14:1-21


Friday, January 20, 2017

उपस्थिति


   मुझे मिशिगन झील पर सूर्यास्त की तसवीरें लेना पसन्द है। उन तसवीरों में से कुछ में तो एक समान हल्के रंग दिखाई देते हैं, तो कुछ में कई चटकीले और चमकदार रंग होते हैं। कभी सूर्य धीमे से झील के पीछे ओझल हो जाता है, तो कभी अन्य समय पर उसका ढलना एक अग्निमय विस्फोट के समान होता है। चाहे तसवीरों में हो या प्रत्यक्ष मुझे वह नाटकीय अधिक पसन्द है।

   संसार में परमेश्वर के कार्य के संबंध में भी मेरी पसन्द ऐसी ही है। मुझे अपनी प्रार्थनाओं के नाटकीय उत्तर मिलना अधिक पसन्द है बजाए इसके कि दैनिक आवश्यकताओं के सामान्य तथा शान्त प्रबंध होते रहें। परन्तु मैं यह जानती हूँ कि दोनों ही परमेश्वर की ओर से होते हैं।

   परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता एलिय्याह की पसन्द भी संभवतः ऐसी ही रही होगी। परमेश्वर द्वारा अपनी उपस्थिति दर्शाने के लिए उसकी सामर्थ्य के महान प्रदर्शनों का वह आदि हो गया था। जब एलिय्याह ने प्रार्थना की तो परमेश्वर ने उत्तर में नाटकीय रीति से अपनी उपस्थिति को दिखाया - पहले बाल के पुजारियों की पराजय में और फिर एक लंबे और विनाशकारी अकाल के अन्त द्वारा (1 राजा 18)। लेकिन फिर एलिय्याह भयभीत होकर अपने प्राण बचाने के लिए भागने लगा। परमेश्वर ने अपना दूत भेजकर उसे भोजन करवाया और सामर्थ दी कि वह अपनी यात्रा पूरी कर सके। चालीस दिन की यात्रा के पश्चात वह होरेब पहुँचा। वहाँ परमेश्वर ने उसे दिखाया कि अब परमेश्वर उसके साथ नाटकीय आश्चर्यकर्मों द्वारा नहीं वरन धीमी शान्त आवाज़ में बातें कर रहा है (19:11-12)।

   यदि आज आप इसलिए निराश हैं क्योंकि परमेश्वर अपनी उपस्थिति अपनी महिमा के तेजोमय प्रदर्शन द्वार नहीं दर्शा रहा है, तो ध्यान कीजिए कि शान्त परिस्थितियों, आपकी देख-भाल, आपकी सुरक्षा और आवश्यकताओं की पूर्ति के द्वारा वह आपके साथ अपनी उपस्थिति दर्शा रहा है; दोनों ही आपके साथ उसकी उपस्थिति के सूचक हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर महान कार्यों में भी है और छोटे कार्यों में भी।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! - भजन 46:10

बाइबल पाठ: 1 राजा 19:1-16
1 Kings 19:1 तब अहाब ने ईज़ेबेल को एलिय्याह के सब काम विस्तार से बताए कि उसने सब नबियों को तलवार से किस प्रकार मार डाला। 
1 Kings 19:2 तब ईज़ेबेल ने एलिय्याह के पास एक दूत के द्वारा कहला भेजा, कि यदि मैं कल इसी समय तक तेरा प्राण उनका सा न कर डालूं तो देवता मेरे साथ वैसा ही वरन उस से भी अधिक करें। 
1 Kings 19:3 यह देख एलिय्याह अपना प्राण ले कर भागा, और यहूदा के बेर्शेबा को पहुंच कर अपने सेवक को वहीं छोड़ दिया। 
1 Kings 19:4 और आप जंगल में एक दिन के मार्ग पर जा कर एक झाऊ के पेड़ के तले बैठ गया, वहां उसने यह कह कर अपनी मृत्यु मांगी कि हे यहोवा बस है, अब मेरा प्राण ले ले, क्योंकि मैं अपने पुरखाओं से अच्छा नहीं हूँ। 
1 Kings 19:5 वह झाऊ के पेड़ तले लेटकर सो गया और देखो एक दूत ने उसे छूकर कहा, उठ कर खा। 
1 Kings 19:6 उसने दृष्टि कर के क्या देखा कि मेरे सिरहाने पत्थरों पर पकी हुई एक रोटी, और एक सुराही पानी धरा है; तब उसने खाया और पिया और फिर लेट गया। 
1 Kings 19:7 दूसरी बार यहोवा का दूत आया और उसे छूकर कहा, उठ कर खा, क्योंकि तुझे बहुत भारी यात्रा करनी है। 
1 Kings 19:8 तब उसने उठ कर खाया पिया; और उसी भोजन से बल पाकर चालीस दिन रात चलते चलते परमेश्वर के पर्वत होरेब को पहुंचा। 
1 Kings 19:9 वहां वह एक गुफा में जा कर टिका और यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा, कि हे एलिय्याह तेरा यहां क्या काम? 
1 Kings 19:10 उन ने उत्तर दिया सेनाओं के परमेश्वर यहोवा के निमित्त मुझे बड़ी जलन हुई है, क्योकि इस्राएलियों ने तेरी वाचा टाल दी, तेरी वेदियों को गिरा दिया, और तेरे नबियों को तलवार से घात किया है, और मैं ही अकेला रह गया हूँ; और वे मेरे प्राणों के भी खोजी हैं। 
1 Kings 19:11 उसने कहा, निकलकर यहोवा के सम्मुख पर्वत पर खड़ा हो। और यहोवा पास से हो कर चला, और यहोवा के साम्हने एक बड़ी प्रचण्ड आन्धी से पहाड़ फटने और चट्टानें टूटने लगीं, तौभी यहोवा उस आन्धी में न था; फिर आन्धी के बाद भूंईडोल हूआ, तौभी यहोवा उस भूंईडोल में न था। 
1 Kings 19:12 फिर भूंईडोल के बाद आग दिखाई दी, तौभी यहोवा उस आग में न था; फिर आग के बाद एक दबा हुआ धीमा शब्द सुनाईं दिया। 
1 Kings 19:13 यह सुनते ही एलिय्याह ने अपना मुंह चद्दर से ढांपा, और बाहर जा कर गुफा के द्वार पर खड़ा हुआ। फिर एक शब्द उसे सुनाईं दिया, कि हे एलिय्याह तेरा यहां क्या काम? 
1 Kings 19:14 उसने कहा, मुझे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा के निमित्त बड़ी जलन हुई, क्योंकि इस्राएलियों ने तेरी वाचा टाल दी, और तेरी वेदियों को गिरा दिया है और तेरे नबियों को तलवार से घात किया है; और मैं ही अकेला रह गया हूँ; और वे मेरे प्राणों के भी खोजी हैं। 
1 Kings 19:15 यहोवा ने उस से कहा, लौटकर दमिश्क के जंगल को जा, और वहां पहुंचकर अराम का राजा होने के लिये हजाएल का, 
1 Kings 19:16 और इस्राएल का राजा होने को निमशी के पोते येहू का, और अपने स्थान पर नबी होने के लिये आबेलमहोला के शापात के पुत्र एलीशा का अभिषेक करना।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 49-50
  • मत्ती 13:31-58


Thursday, January 19, 2017

वचन


   मेरे लड़कपन के दिनों में, हमारा परिवार कभी-कभी नेवाडा प्रांत से होकर यात्रा करता था, जो मरुभूमि का इलाका है। उन यात्राओं में हमें मरुभूमि में आने वाले तूफान बहुत अच्छे लगते थे। बिजली के कड़कने और बादलों के ज़ोर से गर्जने के साथ मूसलाधार बारिष मरुभूमि की तपती हुई रेत पर छा जाती। ठण्डक देने वाली वह वर्षा हमें तथा धरती दोनों ही को तर-ओ-ताज़ा कर देती थी।

   सूखे इलाकों में जल अद्भुत परिवर्तन ले आता है; उदाहरण के लिए, सूखे में निर्जीव से दिखने वाले नागफनी के झाड़, ग्रीष्म ऋतु की पहली बारिष के बाद ही फूलने लगते हैं, गुलाबी, सुनहले, और सफेद फूलों से भर जाते हैं। इसी प्रकार इस्त्राएल के सूखे इलाकों में, वर्षा होने के साथ ही भूमि से वनस्पति अँकुरित होने लग जाती है।

   वर्षा द्वारा तर-ओ-ताज़गी देने तथा नया जीवन आरंभ करने के गुण को परमेश्वर के वचन बाइबल में मनुष्यों पर परमेश्वर के वचनों के प्रभाव को समझाने के लिए प्रयुक्त किया गया है: "जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोने वाले को बीज और खाने वाले को रोटी मिलती है, उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा" (यशायाह 55:10-11)।

   परमेश्वर के वचन में आत्मिक जीवन है, इसीलिए वह निष्फल कभी नहीं लौटता है। जहाँ कहीं भी उसे एक खुला और ग्रहणशील हृदय मिलता है, वहाँ यह वचन ताज़गी, पोषण और नया जीवन ले आता है। - डेनिस फिशर


जैसे मरुभूमि के लिए जल वैसे ही प्यासी आत्मा के लिए परमेश्वर का वचन है।

तू भूमि की सुधि ले कर उसको सींचता हैं, तू उसको बहुत फलदायक करता है; परमेश्वर की नहर जल से भरी रहती है; तू पृथ्वी को तैयार कर के मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है। तू रेघारियों को भली भांति सींचता है, और उनके बीच की मिट्टी को बैठाता है, तू भूमि को मेंह से नरम करता है, और उसकी उपज पर आशीष देता है। - भजन 65:9-10

बाइबल पाठ: यशायाह 55:6-13
Isaiah 55:6 जब तक यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज में रहो, जब तक वह निकट है तब तक उसे पुकारो; 
Isaiah 55:7 दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा। 
Isaiah 55:8 क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। 
Isaiah 55:9 क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।
Isaiah 55:10 जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोने वाले को बीज और खाने वाले को रोटी मिलती है, 
Isaiah 55:11 उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा।
Isaiah 55:12 क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाडिय़ां गला खोल कर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे। 
Isaiah 55:13 तब भटकटैयों की सन्ती सनौवर उगेंगे; और बिच्छु पेड़ों की सन्ती मेंहदी उगेगी; और इस से यहोवा का नाम होगा, जो सदा का चिन्ह होगा और कभी न मिटेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 46-48
  • मत्ती 13:1-30


Wednesday, January 18, 2017

समानता


   livescience.com वेबसाईट पर मैंने मानव आँख के बारे में कुछ अद्भुत बातें पढ़ीं: "यदि आप एक ऊँचे पहाड़ की चोटी पर खड़े हैं जिससे पृथ्वी का सामान्य से अधिक भाग देखा जा सकता है, तो आप को सैंकड़ों मील दूर की चमकीली रौशनी का भी आभास हो सकता है। अंधेरी रात में, तीस मील (48 किलोमीटर) दूर स्थित जलती हुई मोमबत्ती की लौ भी आप देख सकते हैं। किसी दूरबीन या रात में देखने वाले चश्मे की आवश्यकता नहीं है - मानव आँख इतनी विलक्षण रीति से बनाई गई है कि स्पष्ट वातावरण में लंबी दूरी पर स्थित चीज़ें भी देखी जा सकती हैं।

   ये तथ्य हमारे अद्भुत सृष्टिकर्ता की रचनात्मक सामर्थ के अद्भुत गवाह हैं, जिसने ना केवल मानव आँख वरन हमारी सृष्टि की प्रत्येक ची़ज़ बड़ी बारीकी से बनाई है। और सृष्टि की किसी भी अन्य वस्तु से हटकर, उस परमेश्वर ने हमें अपने स्वरूप में बनाया है (उत्पत्ति 1:26-27)। "उसके स्वरूप" में होने का अर्थ केवल देख पाने तक ही सीमित नहीं है; इसका तात्पर्य है परमेश्वर की समानता में होना जिससे हम उसके साथ सम्पर्क तथा संगति रखने की क्षमता प्राप्त करते हैं।

   हम दाऊद की अभीव्यक्ति "मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं" (भजन 139:14) के साथ अपनी सहमति घोषित कर सकते हैं। परमेश्वर पिता द्वारा ना केवल हमें सृष्टि को देखने के लिए आँखें दी गईं हैं, वरन हमें ऐसा रचा गया है कि प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास द्वारा एक दिन हम परमेश्वर को भी द्खेंगे, उसकी समानता में सिद्ध हो जाएंगे और उसके साथ अनन्तकाल तक संगति में रहेंगे। - बिल क्राउडर


परमेश्वर की संपूर्ण सृष्टि उसके सृष्टिकर्ता होने की गवाही देती है।

फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं; और वे समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और घरेलू पशुओं, और सारी पृथ्वी पर, और सब रेंगने वाले जन्तुओं पर जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, अधिकार रखें। तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की। - उत्पत्ति 1:26-27

बाइबल पाठ: भजन 139:1-16
Psalms 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
Psalms 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
Psalms 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। 
Psalms 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो। 
Psalms 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है। 
Psalms 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। 
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, 
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।
Psalms 139:13 मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा। 
Psalms 139:14 मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं। 
Psalms 139:15 जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं। 
Psalms 139:16 तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 43-45
  • मत्ती 12:24-50


Tuesday, January 17, 2017

छोड़ दिया


 किशोरावस्था में अपना ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करके अपनी जेब में बटुआ रखना आरंभ करने के पश्चात हमारे पुत्र के संबंध में हमें अनेकों लोगों से फोन आने लगे - जो उसके द्वारा अपना बटुआ यहाँ-वहाँ भूल जाने या छोड़ देने के पश्चात बटुआ ले जाने के लिए होते थे। हमें बारंबार उसे सचेत करना पड़ा कि वह अपने बटुए का ध्यान रखे और उसे ऐसे ही कहीं भी नहीं छोड़ दिया करे।

   लेकिन अपनी चीज़ें छोड़ देना सदा ही बुरा नहीं होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना 4 में हम एक स्त्री के बारे में पढ़ते हैं जो कुएं पर पानी भरने आई थी। उसी कुएं पर प्रभु यीशु भी बैठे थे; उनसे उस स्त्री के वार्तालाप के पश्चात, उस स्त्री का उद्देश्य बिलकुल बदल गया और वह पानी भरने के अपने बरतन को वहीं छोड़कर वापस नगर को लौट गई ताकि जो बातें प्रभु यीशु ने उससे कहीं उन्हें लोगों को बता सके (पद 28-29)। प्रभु यीशु के बारे में बताने के उत्साह के सामने पानी की उसकी शारीरिक आवश्यकता फीकी पड़ गई।

   प्रभु यीशु की सेवकाई के आरंभ में, झील के तट पर काम करते हुए पतरस और अन्द्रियास उन्हें मिले, और प्रभु ने उन्हें अपने पीछे हो लेने के लिए बुलाया। वे दोनों तुरंत अपने मछली पकड़ने के जाल, जो उनके जीविका कमाने के साधन थे, छोड़कर प्रभु यीशु के पीछे हो लिए (मत्ती 4:18-20)। इसी प्रकार जब प्रभु यीशु ने उन्हें बुलाया तो यूहन्ना और याकूब भी अपने जाल, नाव और पिता को छोड़कर प्रभु यीशु के पीछे हो लिए (पद 21-22)।

   प्रभु यीशु मसीह के पीछे हो लेने के हमारे नए जीवन में हमें कई बातों, कई चीज़ों को पीछे छोड़ना हो सकता है, जिनमें से कई ऐसी भी हैं जिनसे स्थायी संतुष्टि प्राप्त नहीं होती है। जिनकी कभी हमें तीव्र लालसा रहती थी, प्रभु यीशु से मिलने वाले जीवन जल और उसकी तृप्ति के सामने वे बातें व्यर्थ हो जाती हैं, उन्हें छोड़ देना कोई घाटे का सौदा नहीं रह जाता। - सिंडी हैस कैस्पर

प्रभु यीशु ने हमारे प्रति अपना प्रेम हमारे लिए अपने प्राण बलिदान करके दिखाया; 
आज, उसके प्रति हम अपना प्रेम उसके लिए जीवन व्यतीत करके दिखाते हैं।

इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे? क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए। इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:31-33

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:6-14; 24-30
John 4:6 और याकूब का कूआं भी वहीं था; सो यीशु मार्ग का थका हुआ उस कूएं पर यों ही बैठ गया, और यह बात छठे घण्टे के लगभग हुई। 
John 4:7 इतने में एक सामरी स्त्री जल भरने को आई: यीशु ने उस से कहा, मुझे पानी पिला। 
John 4:8 क्योंकि उसके चेले तो नगर में भोजन मोल लेने को गए थे। 
John 4:9 उस सामरी स्त्री ने उस से कहा, तू यहूदी हो कर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है? (क्योंकि यहूदी सामरियों के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते)। 
John 4:10 यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता। 
John 4:11 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, तेरे पास जल भरने को तो कुछ है भी नहीं, और कूआं गहिरा है: तो फिर वह जीवन का जल तेरे पास कहां से आया? 
John 4:12 क्या तू हमारे पिता याकूब से बड़ा है, जिसने हमें यह कूआं दिया; और आप ही अपने सन्तान, और अपने ढोरों समेत उस में से पीया? 
John 4:13 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा। 
John 4:14 परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा। 
John 4:24 परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसके भजन करने वाले आत्मा और सच्चाई से भजन करें। 
John 4:25 स्त्री ने उस से कहा, मैं जानती हूं कि मसीह जो ख्रीस्‍तुस कहलाता है, आनेवाला है; जब वह आएगा, तो हमें सब बातें बता देगा। 
John 4:26 यीशु ने उस से कहा, मैं जो तुझ से बोल रहा हूं, वही हूं।
John 4:27 इतने में उसके चेले आ गए, और अचंभा करने लगे, कि वह स्त्री से बातें कर रहा है; तौभी किसी ने न कहा, कि तू क्या चाहता है? या किस लिये उस से बातें करता है। 
John 4:28 तब स्त्री अपना घड़ा छोड़कर नगर में चली गई, और लोगों से कहने लगी। 
John 4:29 आओ, एक मनुष्य को देखो, जिसने सब कुछ जो मैं ने किया मुझे बता दिया: कहीं यह तो मसीह नहीं है? 
John 4:30 सो वे नगर से निकलकर उसके पास आने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 41-42
  • मत्ती 12:1-23