बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Monday, April 24, 2017

परीक्षाएं


   जब बयान से बाहर त्रासदी लोगों के जीवनों को ध्वस्त करती है, तो वे उस परिस्थिति की दुविधा से संबंधित प्रश्न पूछते हैं। हाल ही में एक माँ ने, जिसके बेटे की किशोरावस्था में ही मृत्यु हो गई थी, मुझसे प्रश्न किया, "यह मेरी समझ के बाहर है। मैं नहीं जानती कि अब मैं और आगे विश्वास रखने पाऊँगी कि नहीं। मैं प्रयास तो करती हूँ, परन्तु अब परमेश्वर मुझे युक्तिसंगत प्रतीत नहीं होता है। इस सब का अर्थ क्या है?" ऐसे बड़ी चिन्ताओं के लिए कोई सरल उत्तर नहीं हैं। परन्तु हम, जिन्होंने प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास किया है, हमारे लिए आशा है - चाहे हम आशीषों में आनन्दित हों अथवा दुःख में पिस रहे हों।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में पतरस ने अपनी प्रथम पत्री में इसे समझाया है। पतरस ने बड़े उत्साही शब्दों में पहले तो नए जन्म द्वारा जीवित आशा के विषय में लिखा (1 पतरस 1:3), जिस से त्रासदी में भी सांत्वना और आनन्द प्राप्त होता है। वह इस आशा के स्थाई होने के बारे में भी लिखता है (पद 4)। फिर वह हमें एक हृदय विदारक सत्य के सामने लाकर खड़ा करता है, कि हमें अनेकों प्रकार की परीक्षाओं के कारण दुःख उठाने पडेंगे। परन्तु पतरस द्वारा इससे आगे कहे गए शब्दों से उन्हें सांत्वना मिलेगी जिन्हें कोई हानि उठानी पड़ी है, क्योंकि पतरस आगे समझाता है कि यह सब इसलिए है ताकि प्रभु यीशु मसीह के प्रगट होने पर हम मसीही विश्वासियों का विश्वास प्रशंसा, महिमा और आदर का कारण ठहरे (पद 7)।

   जब दिखने में असंगत, निरुद्देश्य तथा समझ से बाहर परीक्षाओं को पतरस के इन वचनों के प्रकाश में देखा जाता है, तो उनका तात्पर्य भिन्न हो जाता है। परीक्षाओं और परेशानियों में भी हमारे मसीही विश्वास से मिले उध्दार की सामर्थ्य और मनोहरता, हमारे तथा सारे संसार के महान उध्दारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के कारण चमकती है। और उसकी इस चमक का प्रकाश किसी परेशान व्यक्ति के लिए उस दिन को बिताने के लिए पर्याप्त ज्योति हो सकता है।

   परीक्षाएं हमें तोड़ने के लिए नहीं, हमें निखारने और चमकाने के लिए आती हैं। - डेव ब्रैनन


गहरे अन्धकार में भी उध्दार की ज्योति स्पष्ट चमकती है।

केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है। - रोमियों 5:3-5

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:3-9
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। 
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। 
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ्य से, विश्वास के द्वारा उस उध्दार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है। 
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। 
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। 
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है। 
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उध्दार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 19-20
  • लूका 18:1-23


Sunday, April 23, 2017

सदा साथ


   1986 में एम्सटरडैम के एक बहुत विशाल सभाघर में सारे संसार से आए 10,000 से अधिक सुसमाचार प्रचारक और मसीही अगुवे एकत्रित थे, और सारे विश्व में सुप्रसिध्द मसीही प्रचारक बिली ग्राहम के प्रवचन को सुन रहे थे। मैं भी उनमें बैठा था, और उनके अनुभवों को सुन रहा था। फिर, चकित होकर मैंने उन्हें कहते सुना, "मैं आप से कहना चाहता हूँ: जब भी मैं परमेश्वर के सेवकों की सभा के सामने प्रचार करने के लिए खड़ा होता हूँ, मुझें कंपकंपी होती है, मेरे घुटने थरथराने लगते हैं!"

   मैंने विचार किया, "क्या? इतना महान प्रचारक जिसने लाखों को अपने सामर्थी प्रचार से स्तब्ध किया है, वह कैसे कंपकंपा और थर्रा सकता है?" फिर बिली ग्राहम ने इस बात को समझाते हुए आगे कहा, ऐसा मंच पर खड़े होने के या अन्य किसी भय के कारण नहीं है, वरन उस अत्यन्त दीनता और नम्रता के कारण है जिसके अन्तर्गत वह अपने आप को उस चुनौतिपूर्ण कार्य के लिए अयोग्य अनुभव करते हैं जो परमेश्वर ने उन्हें सौंपा है। उन्हें अपनी वाकपटुता पर नहीं परन्तु परमेश्वर की सामर्थ्य पर निर्भर होना पड़ता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि मूसा से जब परमेश्वर ने कहा कि वह जाकर इस्त्राएलियों को मिस्त्र के 400 वर्ष के दासत्व से छुड़ाए, तो मूसा ने बहुत आनाकनी की क्योंकि वह अपने आप को इस कार्य के लिए अनुप्युक्त समझता था। मूसा ने परमेश्वर से निवेदन किया कि यह कार्य करने के लिए वह किसी और को भेज दे, और एक बहाना यह दिया कि वह कभी भी अच्छा वक्ता नहीं रहा है (निर्गमन 4:10, 13)।

   जब परमेश्वर हमें कोई कार्य करने के लिए बुलाता है तो हमें भी ऐसे ही भय का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन परमेश्वर ने जैसे मूसा को तैयार और आश्वस्त करके भेजा, "अब जा, मैं तेरे मुख के संग हो कर जो तुझे कहना होगा वह तुझे सिखलाता जाऊंगा" (पद 12), वैसे ही वह हमारे लिए भी परिस्थितियों को और हमें तैयार करके भेजता है।

   उस दिन जैसे बिली ग्राहम ने उपस्थित श्रोताओं से कहा, "जब परमेश्वर बुलाता है और अपने कार्य को करने के लिए भेजता है, तो अपने कंपकंपाने और थर्राने से मत घबराएं, क्योंकि ऐसे में वह सदा साथ बना रहेगा।" - लॉरेंस दरमानी


परमेश्वर हमें कहीं भी भेजे, वह स्वयं सदा हमारे साथ बना रहेगा।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: निर्गमन 4:10-17
Exodus 4:10 मूसा ने यहोवा से कहा, हे मेरे प्रभु, मैं बोलने में निपुण नहीं, न तो पहिले था, और न जब से तू अपने दास से बातें करने लगा; मैं तो मुंह और जीभ का भद्दा हूं। 
Exodus 4:11 यहोवा ने उस से कहा, मनुष्य का मुंह किस ने बनाया है? और मनुष्य को गूंगा, वा बहिरा, वा देखने वाला, वा अन्धा, मुझ यहोवा को छोड़ कौन बनाता है? 
Exodus 4:12 अब जा, मैं तेरे मुख के संग हो कर जो तुझे कहना होगा वह तुझे सिखलाता जाऊंगा। 
Exodus 4:13 उसने कहा, हे मेरे प्रभु, जिस को तू चाहे उसी के हाथ से भेज। 
Exodus 4:14 तब यहोवा का कोप मूसा पर भड़का और उसने कहा, क्या तेरा भाई लेवीय हारून नहीं है? मुझे तो निश्चय है कि वह बोलने में निपुण है, और वह तेरी भेंट के लिये निकला भी आता है, और तुझे देखकर मन में आनन्दित होगा। 
Exodus 4:15 इसलिये तू उसे ये बातें सिखाना; और मैं उसके मुख के संग और तेरे मुख के संग हो कर जो कुछ तुम्हें करना होगा वह तुम को सिखलाता जाऊंगा। 
Exodus 4:16 और वह तेरी ओर से लोगों से बातें किया करेगा; वह तेरे लिये मुंह और तू उसके लिये परमेश्वर ठहरेगा। 
Exodus 4:17 और तू इस लाठी को हाथ में लिये जा, और इसी से इन चिन्हों को दिखाना।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 16-18
  • लूका 17:20-37


Saturday, April 22, 2017

सुखद अन्त


   मेरे एक मित्र ने बहुत वर्ष पहले उसके साथ घटी एक घटना के बारे में बताया; वह टी.वी. पर फुटबॉल का खेल देख रहा था, और उसकी छोटी बेटी पास ही में खेल रही थी। अपनी पसन्दीदा टीम के खराब खेल से क्रोधित होकर मेरे मित्र ने आवेश में आकर जो पहली चीज़ उसके हाथ में आई, उसे ज़ोर से पटक दिया। परिणामस्वरूप, उसकी बेटी का पसन्दीदा खिलौना और दिल, दोनों ही टूट गए। मेरे मित्र ने तुरंत ही अपनी बेटी को गले लगा लिया और उससे क्षमा माँगी। उसने वैसा ही एक और खिलौना भी लाकर अपनी बेटी को दे दिया, और उसे लगा कि अब बात ठीक हो गई है। परन्तु उसे आभास नहीं था कि उसके आवेशपूर्ण कार्य ने उसकी चार वर्षीय पुत्री को कितना भयभीत कर दिया था, और उस बेटी को आभास नहीं था कि इससे उसे कितनी गहरी चोट पहुँची थी। परन्तु समय के साथ, क्षमा भी आ गई।

   कई वर्ष के बाद, अब जब उसकी बेटी बड़ी हो गई थी, विवाहित थी, और अपने पहले बच्चे को जन्म देने की तैयारी में थी, तो मेरे मित्र ने वैसा ही एक खिलौना अपनी बेटी को फिर से भेजा। बेटी ने उस खिलौने की तसवीर फेसबुक पर पोस्ट की और साथ ही लिखा, "इस उपहार की, मेरे बचपन तक जाने वाली एक लंबी और पुरानी कहानी है। उस समय यह कहानी सुखद नहीं थी, परन्तु अब इस कहानी का अन्त सुखद है। छुटकारा पाना बहुत मनोरम होता है। धन्यवाद नाना जी!"

   परमेश्वर का वचन बाइबल हम मसीही विश्वासियों से आग्रह करती है कि, "नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है" (इफिसियों 4:24)। प्रभु यीशु में लाए विश्वास से हमें मिले नए मनुष्यत्व को पहने रखें और क्रोध करना छोड़ दें। यदि हम किसी अन्य व्यक्ति के क्रोध का शिकार होते हैं, तो भी परमेश्वर चाहता है कि हम, "एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो" (पद 32)।

   संबंधों को पुनःस्थापित करना सरल नहीं होता, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से ऐसा होना संभव होता है, और तब उस कहानी का सुखद अन्त भी होता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


पश्चाताप और क्षमा वो गोंद हैं जो टूटे संबंधों को जोड़ देते हैं।

इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। - कुलुस्सियों 3:12-13

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:20-32
Ephesians 4:20 पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई। 
Ephesians 4:21 वरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु में सत्य है, उसी में सिखाए भी गए। 
Ephesians 4:22 कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो। 
Ephesians 4:23 और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ। 
Ephesians 4:24 और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।
Ephesians 4:25 इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं। 
Ephesians 4:26 क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे। 
Ephesians 4:27 और न शैतान को अवसर दो। 
Ephesians 4:28 चोरी करनेवाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो। 
Ephesians 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो। 
Ephesians 4:30 और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है। 
Ephesians 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। 
Ephesians 4:32 और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 14-15
  • लूका 17:1-19


Friday, April 21, 2017

संभव


   सन 2008 में, इंगलैण्ड में घरों की कीमतें गिर रही थीं। लेकिन 40 वर्ष के हमारे घर को बेचने की इच्छा को प्रकट करने के दो सप्ताह बाद ही हमें उसे अच्छी कीमत पर खरीदने वाला एक खरीददार मिला और सौदा पक्का हो गया। ऐसा होते ही हमने मुझे विरासत में मिले पुराने घर को गिरा कर उसके स्थान पर नया घर खड़ा करने का काम आरंभ करवा दिया, क्योंकि अब हमें वहीं जाकर उस घर में रहना था। लेकिन घर के बेचने की प्रक्रिया के पूरा होने के कुछ ही दिन पूर्व, उस खरीददार ने हाथ पीछे खींच लिए और सौदे से इन्कार कर दिया। अब हम बड़ी कठिन परिस्थिति में थे - हमारे पास अब दो घर थे, एक की कीमत तेज़ी से गिरती जा रही थी; और दूसरा जीर्ण और रहने के अयोग्य था, हम ना तो उसमें रह सकते थे और ना ही उसे बेच सकते थे। हमारे लिए एक असंभव स्थिति बन गई थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, मूसा के बाद इस्त्राएलियों का नेतृत्व करने का दायित्व प्राप्त करने वाले यहोशू के सामने भी एक असंभव स्थिति थी - कनान में प्रवेश करते ही उनके सामने दृढ़ गढ़ वाला नगर यरीहो था। यहोशु को भी प्रतीत हुआ होगा कि वह असंभव स्थिति का सामना कर रहा है, क्योंकि आगे बढ़ने के लिए उसे यरीहो पर जय पानी थी (यहोशु 5:13-6:27)। ऐसे में उसे तलवार हाथ में लिए एक दिव्य पुरुष ने दर्शन दिया; कुछ धर्मज्ञानियों का मानना है कि वह व्यक्ति स्वयं प्रभु यीशु ही था। यहोशू ने उत्सुकत्ता से उस से पूछा कि आते युध्द में वह इसत्राएलियों की ओर से लड़ेगा या उनके शत्रुओं की ओर से? उसने कहा, "...नहीं; मैं यहोवा की सेना का प्रधान हो कर अभी आया हूं..." (यहोशू 5:14); और यहोशू ने झुक कर उसे दण्डवत की और परमेश्वर की आज्ञा पूछी।

   यहोशु अभी भी नहीं जानता था कि कैसे वह यरीहो पर जय पाएगा, परन्तु उसने विश्वास के साथ परमेश्वर की बात को सुना और स्वीकार किया, तथा परमेश्वर की आराधना की। इसके बाद यहोशु ने परमेश्वर के निर्देषों के अनुसार कार्य किया, और परमेश्वर की सामर्थ्य से असंभव प्रतीत होने वाला विकट कार्य सरल और संभव हो गया; वे अद्भुत रीति से यरीहो पर जयवंत हो गए। मेरियन स्ट्राउड


परमेश्वर के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।

यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है। - मरकुस 10:27

बाइबल पाठ: यहोशू 5:13-6:5
Joshua 5:13 जब यहोशू यरीहो के पास था तब उसने अपनी आंखें उठाई, और क्या देखा, कि हाथ में नंगी तलवार लिये हुए एक पुरूष साम्हने खड़ा है; और यहोशू ने उसके पास जा कर पूछा, क्या तू हमारी ओर का है, वा हमारे बैरियों की ओर का? 
Joshua 5:14 उसने उत्तर दिया, कि नहीं; मैं यहोवा की सेना का प्रधान हो कर अभी आया हूं। तब यहोशू ने पृथ्वी पर मुंह के बल गिरकर दण्डवत किया, और उस से कहा, अपने दास के लिये मेरे प्रभु की क्या आज्ञा है? 
Joshua 5:15 यहोवा की सेना के प्रधान ने यहोशू से कहा, अपनी जूती पांव से उतार डाल, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र है। तब यहोशू ने वैसा ही किया।
Joshua 6:1 और यरीहो के सब फाटक इस्राएलियों के डर के मारे लगातार बन्द रहे, और कोई बाहर भीतर आने जाने नहीं पाता था। 
Joshua 6:2 फिर यहोवा ने यहोशू से कहा, सुन, मैं यरीहो को उसके राजा और शूरवीरों समेत तेरे वश में कर देता हूं। 
Joshua 6:3 सो तुम में जितने योद्धा हैं नगर को घेर लें, और उस नगर के चारों ओर एक बार घूम आएं। और छ: दिन तक ऐसा ही किया करना। 
Joshua 6:4 और सात याजक सन्दूक के आगे आगे जुबली के सात नरसिंगे लिये हुए चलें; फिर सातवें दिन तुम नगर के चारों ओर सात बार घूमना, और याजक भी नरसिंगे फूंकते चलें। 
Joshua 6:5 और जब वे जुबली के नरसिंगे देर तक फूंकते रहें, तब सब लोग नरसिंगे का शब्द सुनते ही बड़ी ध्वनि से जयजयकार करें; तब नगर की शहरपनाह नेव से गिर जाएगी, और सब लोग अपने अपने साम्हने चढ़ जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 12-13
  • लूका 16


Thursday, April 20, 2017

खुली बाहें


   प्रतिदिन एक पिता मार्ग पर नज़रें गड़ाए बड़ी लालसा से देखता रहता था, उसे अपने पुत्र के आने की प्रतीक्षा थी; और प्रति संध्या वह निराश अपने बिस्तर पर सोने के लिए जाता था क्योंकि वह पुत्र नहीं आया था। परन्तु एक दिन मार्ग पर दूर कोई आता हुआ दिखाई दिया, कुछ देर में एक मानव आकृति निकट आती हुई दिखाई दी। पिता के मन में आशा बंधी; उसने अपने आप से पूछा, ’क्या ये मेरा पुत्र होगा?’ फिर जब वह व्यक्ति और निकट आया तो पिता को उसकी चाल परिचित लगी, और मन में विश्वास जाग उठा, ’यह मेरा पुत्र ही है!’

   ऐसा होते ही, "...वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा" (लूका 15:20)। जो पिता ने किया वह उस समय के व्यवहार और संस्कारों के विरुध्द था, कि कोई संभ्रांत व्यक्ति ऐसे दौड़ता हुआ मार्ग पर निकल जाए। परन्तु पिता को इसकी कोई परवाह नहीं थी, वह तो अपने पुत्र से मिलने जा रहा था, उसके आनन्द की कोई सीमा नहीं थी, उसे अपने पुत्र को गले लगाने से रोकने वाली कोई बात हो नहीं सकती थी।

   वह पुत्र अपने पिता से मिले इस स्वागत के योग्य नहीं था क्योंकि वह स्वयं ही पिता से संपत्ति का अपना भाग लेकर पिता का घर छोड़ कर चला गया था, और दुराचार तथा बुरी संगति में सारी दौलत उड़ा दी थी। पिता से संपत्ति का अपना भाग माँगने का दावा करना और संपति ले लेना एक प्रकार से यह दर्शाना था कि उस पुत्र के लिए पिता अब दिवंगत है, और पिता के मरणोप्रांत वह विरासत के अपना अधिकार पर दावा कर रहा है। परन्तु पुत्र ने पिता के साथ जो भी किया था, उसके बावजूद, अपने पिता की दृष्टि में वह अभी भी उसका पुत्र था (पद 24)। पिता ने लौट कर आए हुए उस पश्चातापी पुत्र को क्षमा कर दिया, घर में उसका स्थान उसे बहाल कर दिया, उसके लौटने का बड़ा आनन्द मनाया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दिया गया यह दृष्टांत मुझे स्मरण दिलाता है कि मेरा परमेश्वर पिता भी मुझे मेरे किसी कार्य या भलाई या धार्मिकता के कारण नहीं वरन संपूर्णतः अपने प्रेम और अनुग्रह के कारण स्वीकार करता है, मेरे पापों को क्षमा करता है, और मुझे अपने परिवार का सदस्य बना लेता है। यह दृष्टांत मुझे यह भी एहसास करवाता है कि मैं चाहे जितना भी नीचे गिर जाऊँ, परन्तु फिर भी अपने पापों के लिए मेरे पश्चातापी होते ही मेरे परमेश्वर पिता का अनुग्रह मुझे उठा कर बहाल कर सकता है। मैं इस बात से सदा आश्वस्त रह सकता हूँ कि मेरा परमेश्वर पिता सदा मेरी प्रतीक्षा में रहता है और जैसे ही मैं उसकी ओर अपने कदम बढ़ाता हूँ, वह खुली बाहों से मेरा स्वागत करता है, मेरे लौट आने का आनन्द मनाता है। - पो फैंग चिया


हम दण्ड पाने के योग्य हैं, 
परन्तु प्रभु यीशु में हमें क्षमा मिलती है; 
हमें परमेश्वर का क्रोध मिलना चाहिए, 
परन्तु प्रभु यीशु में हमें परमेश्वर से प्रेम मिलता है। - फिलिप यैन्सी

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
Luke 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे। 
Luke 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी। 
Luke 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी। 
Luke 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया। 
Luke 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा। 
Luke 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था। 
Luke 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं। 
Luke 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है। 
Luke 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले। 
Luke 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा। 
Luke 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं। 
Luke 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ। 
Luke 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें। 
Luke 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 9-11
  • लूका 15:11-32


Wednesday, April 19, 2017

परमेश्वर का संसार


   मैं जानती थी कि अपने जन्मदिवस के उपहार में संसार का नक्शा पाना मेरे बेटे को अच्छा लगेगा। कुछ प्रयास के पश्चात मैंने महाद्वीपों का एक रंगबिरंगा नक्शा खोज लिया, जिसमें प्रत्येक भू-भाग पर उस भाग से संबंधित कुछ चित्र बने हुए थे। पापुआ न्यू गिनि पर वहाँ की एक विशेष तितली बनी हुई थी, चिली पर पर्वत श्रंखला दिखाई दे रही थी, दक्षिण अफ्रीका पर एक हीरा बना हुआ था। उसे देख कर मैं बहुत प्रसन्न हुई, परन्तु नक्शे के नीचे लगे लेबल "हमारा संसार" को पढ़कर मैं कुछ सोच में पड़ गई।

   एक अर्थ में पृथ्वी हमारा संसार है क्योंकि हम इसमें रहते हैं। हमें इसका पानी पीने, इसके अन्दर से खनीज़ और रत्न खोद कर निकालने, इसके जल से मछली पकड़ने आदि के अधिकार केवल इसलिए हैं क्योंकि परमेश्वर ने हमें ऐसा करने की अनुमति दे रखी है (उत्पत्ति 1:28-30)। वास्तव में यह हमारा नहीं, वरन परमेश्वर का संसार है, जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, "पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करने वाले भी" (भजन 24:1)। मुझे आश्चर्य होता है कि परमेश्वर ने अपनी यह विलक्षण रचना हम निरे मनुष्यों को सौंपी है। वह जानता था कि हम में से कुछ इसका दुरुपयोग करेंगे, इस बात का भी इन्कार करेंगे कि इसे परमेश्वर ने रचा है, और इसके स्वामी होने का दावा करेंगे। परन्तु फिर भी वह हमें इसे अपना घर कहने देता है, और अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु के द्वारा इसे संभाले रहता है (कुलुस्सियों 1:16)।

   आज परमेश्वर के संसार में जीवन का आनन्द लेने के लिए कुछ समय बिताएं; उसके बनाए किसी फल का स्वाद लें; उसके रचे किसी पक्षी के गीत की धुन सुनें; सूर्योदय और सूर्यास्त के मनोरम दृश्य से पुलकित हों। प्रयास करें कि जिस संसार में आप रहते हैं, उससे प्रेरित होकर उसके रचियता, सृष्टिकर्ता परमेश्वर की स्तुति और आराधना करें, उसका धन्यवाद करें, उसके कृतज्ञ हों। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


सृष्टि की सुन्दरता हमें परमेश्वर का स्तुतिगान करने की प्रेरणा देती है।

जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है। वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। - कुलुस्सियों 1:14-16 

बाइबल पाठ: भजन 24
Psalms 24:1 पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करने वाले भी। 
Psalms 24:2 क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ कर के रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है।
Psalms 24:3 यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्र स्थान में कौन खड़ा हो सकता है? 
Psalms 24:4 जिसके काम निर्दोष और हृदय शुद्ध है, जिसने अपने मन को व्यर्थ बात की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है। 
Psalms 24:5 वह यहोवा की ओर से आशीष पाएगा, और अपने उद्धार करने वाले परमेश्वर की ओर से धर्मी ठहरेगा। 
Psalms 24:6 ऐसे ही लोग उसके खोजी हैं, वे तेरे दर्शन के खोजी याकूब वंशी हैं।
Psalms 24:7 हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो। हे सनातन के द्वारों, ऊंचे हो जाओ। क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा। 
Psalms 24:8 वह प्रतापी राजा कौन है? परमेश्वर जो सामर्थी और पराक्रमी है, परमेश्वर जो युद्ध में पराक्रमी है! 
Psalms 24:9 हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो हे सनातन के द्वारों तुम भी खुल जाओ! क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा! 
Psalms 24:10 वह प्रतापी राजा कौन है? सेनाओं का यहोवा, वही प्रतापी राजा है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 6-8
  • लूका 15:1-10


Tuesday, April 18, 2017

सामर्थ्य


   अफ्रीका का चीता थोड़े से समय के लिए 112 किलोमीटर (70 मील) प्रति घंटा की गति से दौड़ सकता है, परन्तु लंबी दूरी की दौड़ में वह उतना अच्छा नहीं है। बी.बी.सी. में प्रासारित एक समाचार के अनुसार केनिया के एक गाँव के चार लोगों ने 4 मील की दौड़ में दो चीतों को पराजित कर दिया। बात यह थी कि दो चीते गाँव की बकरियों को शिकार बना रहे थे। इसलिए उन चार लोगों ने मिलकर उन चीतों को रोकने की योजना बनाई। उन्होंने दिन के सबसे गर्म समय की प्रतीक्षा की, और फिर उन चीतों के पीछे भागे, और उन्हें इतना दौड़ाया कि वे थक कर निढाल हो गए। फिर वे दोनों थके हुए चीते सरलता से पकड़े जा सके, और उन्हें केनिया वन्यजीव अधिकारियों को उनके पुनःस्थापन के लिए सौंप दिया गया।

   क्या उन चीतों में हम अपने आप को देखने पाते हैं? हमारी अपनी शारीरिक सामर्थ्य प्रभावशाली प्रतीत हो सकती है, परन्तु वह कुछ समय के लिए ही होती है। जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता हमें चिताता है, हम उन जंगली फूलों के समान हैं जो सूर्य की गर्मी में शीघ्र ही मुर्झा जाते हैं (यशायाह 40:6-8)।

   परन्तु जहाँ हमारी अपनी सामर्थ्य समाप्त होती है, वहाँ हमारे लिए परमेश्वर का कार्य आरंभ होता है। बाइबल हमें बताती है कि जो परमेश्वर की बाट जोहते हैं, उनके लिए परमेश्वर की ओर से एक अप्रत्याशित आशीष प्रतीक्षा कर रही होती है। परमेश्वर अपने समय और विधि अनुसार हमारी सामर्थ्य को नया कर सकता है। वह अपनी आत्मा के द्वारा अपने ऊपर विश्वास करने वालों को वह सामर्थ्य दे सकता है जिसके द्वारा "वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे" (पद 31)। - मार्ट डीहॉन


जब हम परमेश्वर के निकट आते हैं तो 
हमारे मन तरोताज़ा और हमारी सामर्थ्य नई हो जाती है।

यहोवा की बाट जोहता रह, और उसके मार्ग पर बना रह, और वह तुझे बढ़ाकर पृथ्वी का अधिकारी कर देगा; जब दुष्ट काट डाले जाएंगे, तब तू देखेगा। - भजन 37:34

बाइबल पाठ: यशायाह 40:6-11, 28-31
Isaiah 40:6 बोलने वाले का वचन सुनाई दिया, प्रचार कर! मैं ने कहा, मैं क्या प्रचार करूं? सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है। 
Isaiah 40:7 जब यहोवा की सांस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; नि:सन्देह प्रजा घास है। 
Isaiah 40:8 घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा।
Isaiah 40:9 हे सिय्योन को शुभ समचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो! 
Isaiah 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ्य दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है। 
Isaiah 40:11 वह चरवाहे की नाईं अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।
Isaiah 40:28 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है। 
Isaiah 40:29 वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ्य देता है। 
Isaiah 40:30 तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; 
Isaiah 40:31 परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 3-5
  • लूका 14:25-35