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Friday, September 19, 2014

आग


   घटना मेरे बचपन की है, हमारे घर में आग लग गई और मेरे पिता ने मुझे, मेरे भाई को और हमारे पालतु पिल्लों को उस जलते हुए घर से अपने हाथों में उठाकर निकाला। जब यह सब चल रहा था तब मैं गहरी नींद में सो रहा था, मुझे आभास भी नहीं हुआ कि हम कितने खतरे में थे। जब मेरी आँख खुली तब मैं कंबलों में लिपटा हुआ अपने दादा की गाड़ी में लेटा हुआ था, और मैंने अपने घर को धू-धू करते हुए जलते हुए देखा, आग की ऊँची ऊँची लपटें उठ रही थीं लेकिन हम बाहर उस गाड़ी में सुरक्षित थे। मैं इतना छोटा था कि उस भयानक आग को देखकर डरने की बजाए उसके प्रति जिज्ञासु हो रहा था।

   लेकिन फिर भी उस रात की कुछ बातें मुझे अभी तक याद हैं - दादा की गाड़ी में लेटे हुए भी मुझे उस आग की तीव्र तपिश महसूस हो रही थी, लेकिन उन लपटों की अटखेलियाँ मंत्रमुग्ध करने वाली थीं। मुझे सब लोगों के चेहरे पर छाया हुआ भय का भाव भी याद है, और यह भी कि सभी एक दूसरे के सुरक्षित बाहर होने की जाँच कर रहे थे, एक दूसरे के लिए चिंतित थे। बाद में मुझे मालुम पड़ा कि मेरे पिता उस जलते हुए घर में फिर से भाग कर गए क्योंकि उन्हें लगा कि दादाजी अभी अन्दर ही हैं, जबकि दादाजी तो बाहर ही थे। जब दादाजी को पिताजी के अन्दर जाने का पता चला तो वे भी भाग कर मेरे पिताजी को बाहर लाने जलते हुए घर के अन्दर चले गए। उन दोनों के एक दूसरे को बचाने के लिए किए गए दुस्साहस ने उस रात सभी लोगों को बहुत प्रभावित किया। ऐसा क्या था जो हमें एक दूसरे के लिए जोखिम उठाने के लिए, जलती आग में साथ होने के लिए प्रेरित कर रहा था? वह था एक दूसरे के लिए हमारा प्रेम, जो दूसरे को खतरे में देखना गंवारा नहीं कर पा रहा था और एक दूसरे को खतरे से बाहर निकाल लाने के प्रयास के लिए विवश कर रहा था।

   जब कभी मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में दानिय्येल की पुस्तक में शदरक, मेशक और अबेदनगो की कहानी पढ़ता हूँ मुझे मेरे बचपन का वह आग का दृश्य स्मरण हो आता है। जब इन तीन जवानों के सामने यह निर्णय करने का अवसर आया कि वे राजा के सामने झुकेंगे या परमेश्वर के, तो उन्होंने बेझिझक होकर परमेश्वर के लिए धधकती आग में जाना स्वीकार कर लिया, क्योंकि वे परमेश्वर से प्रेम करते थे। और जब राजा की आज्ञा पर उन्हें धधकती आग के भट्टे में फेंका गया तो देखने वाले आश्चर्यचकित रह गए क्योंकि उनका परमेश्वर उनके साथ आग में चलता फिरता दिखाई दिया, आग ने केवल उनके बन्धन जलाए लेकिन उन तीनों को ज़रा सी भी हानि नहीं हुई, और वे सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। उनसे प्रेम करने वाला परमेश्वर आग में उनके साथ विद्यमान रहा, उन्हें सुरक्षित रखे रहा।

   आज ज़रूरी नहीं कि हम सभी मसीही विश्वासियों को भी धधकती आग के भट्टे में फेंका जाए, लेकिन संसार के प्रलोभनों की, जीवन की परिस्थितियों की आग हम सब को परखती रहती है, तब हमारा चुनाव किस के पक्ष में होता है - परमेश्वर और उसके वचन तथा उसकी आज्ञाकारिता के, या फिर संसार की बातों और तौर-तरीकों के? यदि हम सचमुच परमेश्वर से प्रेम करते हैं तो उसके लिए किसी भी आग में जाने से नहीं घबराएंगे, और जब कभी हमें आग में जाना भी पड़े तो वहाँ हम उस परमेश्वर प्रभु यीशु को भी अपने साथ खड़ा पाएंगे जिसने हमारे लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, जो हमारे लिए मर कर जी उठा। - रैन्डी किलगोर


परीक्षाओं की भूमि में ही विश्वास पनपता और बढ़ता है।

और मैं तुझ को उन लोगों के साम्हने पीतल की दृढ़ शहरपनाह बनाऊंगा; वे तुझ से लड़ेंगे, परन्तु तुझ पर प्रबल न होंगे, क्योंकि मैं तुझे बचाने और तेरा उद्धार करने के लिये तेरे साथ हूँ, यहोवा की यह वाणी है। मैं तुझे दुष्ट लोगों के हाथ से बचाऊंगा, और उपद्रवी लोगों के पंजे से छुड़ा लूंगा। - यर्मियाह 15:20-21

बाइबल पाठ: दानिय्येल 3:8-30
Daniel 3:8 उसी समय कई एक कसदी पुरूष राजा के पास गए, और कपट से यहूदियों की चुगली खाई। 
Daniel 3:9 वे नबुकदनेस्सर राजा से कहने लगे, हे राजा, तू चिरंजीव रहे। 
Daniel 3:10 हे राजा, तू ने तो यह आज्ञा दी है कि जो मनुष्य नरसिंगे, बांसुली, वीणा, सारंगी, सितार, शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुने, वह गिर कर उस सोने की मूरत को दण्डवत करे; 
Daniel 3:11 और जो कोई गिर कर दण्डवत न करे वह धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाल दिया जाए। 
Daniel 3:12 देख, शद्रक, मेशक और अबेदनगो नाम कुछ यहूदी पुरूष हैं, जिन्हें तू ने बाबुल के प्रान्त के कार्य के ऊपर नियुक्त किया है। उन पुरूषों ने, हे राजा, तेरी आज्ञा की कुछ चिन्ता नहीं की; वे तेरे देवता की उपासना नहीं करते, और जो सोने की मूरत तू ने खड़ी कराई है, उसको दण्डवत नहीं करते। 
Dan