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Tuesday, August 10, 2010

सुसमाचार का केन्द्र बिन्दु

भारत में कार्य करने वाले प्रसिद्ध सुसमाचार प्रचारक स्टैनली जोन्स को महात्मा गांधी से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने गांधीजी से पूछा "आपके देश में मसीही विश्वास और अधिक प्रभावकारी कैसे हो सकता है?" गांधीजी ने कुछ समय विचार कर उत्तर दिया कि इसके लिये तीन बातों की आवश्यक्ता होगी।

पहली, मसीहियों को मसीह के समान जीवन जी कर दिखाना होगा; दूसरा, मसीही विश्वास को बिना किसी मिलावाट या लालच के प्रस्तुत करना होगा; तीसरा, मसीहियों को वह प्रेम दिखाना होगा जो मसीही शिक्षा का केंद्र बिन्दु है।

ये तीन महत्वपूर्ण सुझाव संसार भर में प्रभावकारी रीति से सुसमाचार प्रचार के लिये आवश्यक हैं। परमेश्वर के प्रेम के सन्देशवाहक होने के कारण, हमें ऐसे मानवीय दर्पण बनना है, जो अपने निज जीवन को लगातार प्रभु के स्वरूप में ढलते हुए, बिना किसी बिगाड़ के, प्रतिबिंबित करते हैं। ना ही हमें कुटिलता के साथ जीवन व्यतीत करना है (२ कुरिन्थियों ४:२)। यदि हमारे जीवन प्रभु का एक धुंधला आत्मिक स्वरूप प्रतिबिंबित करेंगे तो अनुग्रह से मिले उद्धार का सत्य स्पष्ट रूप से प्रतिपादित नहीं हो सकेगा (पद ३-५)। हमें अपने विश्वास की प्रमुख बातों को सफाई से, बाइबल द्वारा बताना है। हमें परमेश्वर के वचन को खराई से प्रयोग करना है, किसी मिलावट के साथ नहीं (पद २)। साथ ही, हमारे जीवन परमेश्वर और दूसरों के प्रति प्रेम का चित्रण होने चाहियें (१ युहन्ना ५:१, २)।

हम यह सुनिश्चित करें कि क्या हम मसीह के स्वरूप और परमेश्वर के प्रेम का सत्य अपने जीवनों द्वारा साफ साफ प्रतिबिंबित करते हैं? - वेर्नन ग्राउंड्स


विश्वासी के लिये संसार में जीने का मुख्य उद्देश्य मसीह की समानता को दिखाना है।

परन्‍तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - २ कुरिन्थियों ३:१८


बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों ४:१-६

इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते।
परन्‍तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्‍तु सत्य को प्रगट करके, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं।
परन्‍तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है।
और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।
क्‍योंकि हम अपने को नहीं, परन्‍तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है, और उसके विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं।
इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिस ने कहा, कि अन्‍धकार में से ज्योति चमके, और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ७९, ८०
  • रोमियों ११:१-१८