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Friday, July 20, 2012

अनुग्रह, दया और शांति

   परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस द्वारा लिखी पत्रियों में उसके आरंभिक अभिन्दन में दो शब्द - अनुग्रह और शांति सदैव पाए जाते हैं। तिमुथियुस और तीतुस को लिखी पत्रियों में पौलुस ने उनके साथ ही एक और शब्द का प्रयोग किया, दया: "प्रिय पुत्र तीमुथियुस के नाम। परमेश्वर पिता और हमारे प्रभु मसीह यीशु की ओर से तुझे अनुग्रह और दया और शान्‍ति मिलती रहे।" (२ तिमुथियुस १:२)। आइए, पौलुस द्वारा प्रयुक्त इन तीनों शब्दों के तात्पर्य को परमेश्वर के वचन के संदर्भ से ही समझते हैं:

   अनुग्रह: पवित्र परमेश्वर द्वारा हम पापी मनुष्यों को दिया जाना वाली वह दान है जिसके हम सर्वथा अयोग्य हैं। प्रेरितों १७:२५ में लिखा है कि, "...क्‍योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और श्वास और सब कुछ देता है"। परमेश्वर से मिलने वाली अनेकानेक भेटों में हमारी अगली श्वास भी एक है और प्रत्येक परिस्थिति में, चाहे वह कितनी ही विकट क्यों ना हो, उसे सहन करने की सामर्थ भी उससे हमें मिलती रहती है।

   दया: पवित्र परमेश्वर का वह गुण है जिसके अन्तर्गत वह हमें वह सब नहीं देता जो हमारे लिए उचित है, हम जिसके योग्य हैं। विलापगीत ३:२२-२३ में लिखा है, "हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।" चाहे हम उसके मार्गों और उससे विमुख भी हों तो भी वह हमें समय और सहायता देता रहता है कि हम पश्चाताप में उसकी ओर मुड़ सकें और उसके साथ अपने संबंधों को ठीक कर सकें।

   शांति: पवित्र परमेश्वर की वह भेंट है जो वह अपने लोगों को देता है। प्रभु यीशु ने कहा, "मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे" (यूहन्ना १४:२७)। बुरी से बुरी परिस्थिति और दिनों में प्रभु यीशु के विश्वासियों के मन शांत और स्थिर रह सकते हैं क्योंकि उनका प्रभु उनकी हर परिस्थिति और बात को नियंत्रित करता है और उसे अपने वश में रखता है।

   हम मसीही विश्वासियों को यह प्रोत्साहन है कि उसे समर्पित जीवन व्यतीत करने के लिए आवश्यक परमेश्वर का अनुग्रह, दया और शांति हमारे जीवन भर हमारे साथ बनी रहेंगी। - एल्बर्ट ली


परमेश्वर का अनुग्रह अपरिमित है, उसकी दया अक्षय है और उसकी शांति अवर्णनीय है।


हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे! - भजन १०३:१

बाइबल पाठ: भजन १०३
Psa 103:1  हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!
Psa 103:2  हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना।
Psa 103:3  वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है,
Psa 103:4  वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है,
Psa 103:5  वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब की नाईं नई हो जाती है।
Psa 103:6  यहोवा सब पिसे हुओं के लिये धर्म और न्याय के काम करता है।
Psa 103:7  उस ने मूसा को अपनी गति, और इस्राएलियों पर अपने काम प्रगट किए।
Psa 103:8  यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
Psa 103:9  वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा।
Psa 103:10  उस ने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है।
Psa 103:11  जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
Psa 103:12  उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उस ने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है।
Psa 103:13  जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।
Psa 103:14  क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है, और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।
Psa 103:15  मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल की नाईं फूलता है,
Psa 103:16  जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।
Psa 103:17  परन्तु यहोवा की करूणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती-पोतों पर भी प्रगट होता रहता है,
Psa 103:18  अर्थात् उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते और उसके उपदेशों को स्मरण करके उन पर चलते हैं।
Psa 103:19  यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।
Psa 103:20  हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!
Psa 103:21  हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओं, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो!
Psa 103:22  हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!

एक साल में बाइबल: 

  • भजन २६-२८ 
  • प्रेरितों २२