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Saturday, January 25, 2014

प्रयास के पुरस्कार


   एक बार मैंने यह निश्चय किया कि मैं शेक्सपीयर द्वारा लिखित सभी 38 नाटक एक ही वर्ष के अन्दर पढ़ डालूँगा। मुझे आश्चर्य हुआ कि जब मैंने दृढ़ता के साथ ऐसा करना आरंभ किया तो यह मुझे कार्य नहीं वरन मनोरंजन लगने लगा। मैं सोचता था कि उन नाटकों से मैं शेक्सपीयर के समय के लोगों और समाज के बारे में कुछ सीखने पाऊँगा परन्तु मैंने देखा कि शेक्सपीयर तो मुझे मेरे समय के संसार के बारे में ही सिखा रहा था।

   बिलकुल ऐसा ही अनुभव मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम नामक खण्ड को पढ़ते हुए हुआ। पहले मैं सोचता था कि पुराने नियम में इतना कुछ मन्दिर, याजकों (पुरोहितों), नियमों और बलिदानों के बारे में दिया है - ऐसी बातें जो आज विद्यमान नहीं हैं, तो फिर मुझे इनके बारे में पढ़ने से क्या लाभ? कैसे हम पुराने नियम को अपने आज के जीवन में लागू कर सकते हैं, या उसका कोई अर्थ पा सकते हैं? जैसे जैसे मैं दृढ़ निश्चय के साथ पुराने नियम को पढ़ने लगा तो आरंभ में कुछ कठिनाईयाँ तो आईं, लेकिन उसे पढ़ते रहने से जो मैंने सीखना आरंभ कर दिया उसने मुझे उसे पढ़ते रहने को प्रेरित किया और फिर मुझे उसे पढ़ते रहने की आवश्यकता भी अनुभव होने लगी। अन्ततः मेरे अन्दर पुराने नियम की सभी 39 पुस्तकों को पढ़ने की लालसा जाग उठी, और उन्हें पढ़ने से मेरे अन्दर की एक ऐसी भूख तृप्त हो सकी जो इससे पहले कभी किसी अन्य से तृप्त नहीं हुई थी। पुराने नियम से मैंने परमेश्वर के साथ जीवन व्यतीत करने के बारे में सीखा।

   बाइबल का पुराना नियम बहुत से लोगों को अटपटा और अप्रासंगिक लगता है और इसलिए वे उसे पढ़ना नहीं चाहते। लेकिन पुराना नियम परमेश्वर के साथ जीवन जीने के लिए एक उन्नत पाठ्यक्रम के समान है जिसे पढ़ने और पूरा करने में प्रयास और समय तो लगता है, लेकिन जब हम ऐसा करते हैं तो वह हमारी परमेश्वर संबंधी भूख को व्यक्तिगत तथा उत्साहवर्धक रीति से तृप्त भी करता है।

   किसी भी प्रयास के पुरस्कार आसानी से नहीं मिलते; प्रत्येक उपल्बधि कठिन मेहनत से ही आती है। इसलिए यदि आप परमेश्वर के वचन के अध्ययन में ढीले पड़ रहे हैं या वह आपको रोचक नहीं लग रहा है, तो भी पढ़ते रहने और उसका अध्ययन करने के प्रयासों से पीछे ना हटें। प्रयास के पुरस्कार अवश्य मिलेंगे, और जो परमेश्वर के वचन बाइबल से मिलेगा वह विलक्षण होगा, ऐसा होगा जो और कहीं नहीं मिलेगा। - फिलिप यैन्सी


बाइबल हमारी वास्तविक तस्वीर हमारे सामने ले आती है।

हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए। - 2 तिमुथियुस 3:16-17

बाइबल पाठ: भजन 19:7-11
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; 
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है; 
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। 
Psalms 19:10 वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। 
Psalms 19:11 और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 32-34