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Tuesday, December 2, 2014

आशा


   आदम और हव्वा के पास सब कुछ था, साथ ही उनके पास यह सोचने का कोई कारण नहीं था कि उनका जीवन जैसे परमेश्वर द्वारा उपलब्ध करवाई गई हर उत्तम बात के साथ आरंभ हुआ था वैसे ही आगे बढ़ता नहीं रह पाएगा, किसी समय उनके उस आनन्द और आराम में कोई बाधा आ जाएगी; इस लिए उन्हें किसी बात की आशा रखने की आवश्यकता नहीं थी। लेकिन उन्होंने अपनी इस उत्तम स्थिति और आशीष को उस एक बात के लिए जोखिम में डाल दिया जो शैतान ने उनसे कही, कि परमेश्वर ने सब कुछ तो दिया लेकिन भले और बुरे के ज्ञान से वंचित रखा है (उत्पत्ति 2:17, 3:5)। जब शैतान ने उनके समक्ष इस बात को पा लेने का प्रस्ताव रखा तो हव्वा ने उसकी बातों में आकर उस प्रस्ताव को मान लिया, और आदम ने भी हव्वा का अनुसरण किया (उत्पत्ति 3:6)। उन्हें वह तो मिल गया जिसकी उन्होंने लालसा करी - ज्ञान, लेकिन उन्होंने वह गवाँ दिया जो उनके पास था - निर्दोष, निष्पाप जीवन और परमेश्वर के साथ संगति। इस निर्दोष और निष्पाप जीवन की हानि के साथ ही आशा की आवश्यकता ने जन्म लिया - आशा कि उनके पाप का दोष कभी हट सकेगा, वे कभी शर्मिंदगी से निकल सकेंगे और पुनः निर्दोष और निष्पाप होकर परमेश्वर के साथ संगति कर सकेंगे।

   इसी आशा की पूर्ति के लिए परमेश्वर ने प्रभु यीशु के रूप में अपने आप को संसार के सामने प्रस्तुत किया। प्रभु यीशु ही मानव जाति के परमेश्वर से पुनः मेल हो जाने की एकमात्र आशा है; वही सभी जातियों का मनभावना है (हग्गै 2:7); उसी के द्वारा हम अन्धकार से ज्योति में आते हैं और पापों से छुटकारा पाते हैं (कुलुस्सियों 1:13-14); "वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं" (कुलुस्सियों 1:15-17)। प्रभु यीशु मसीह ही सारे संसार के लिए पापों के दोष से मुक्त हो कर अनन्त काल की महिमा की आशा है (कुलुस्सियों 1:27)।

   प्रभु यीशु के रूप में हमें दिए गए इस उत्तम आशा के वरदान के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें और उसकी इस भेंट को सहर्ष स्वीकार करें। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


आशा प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए निश्चितता है क्योंकि वह मसीह यीशु पर आधारित है।

जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है। - कुलुस्सियों 1:27

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:3-17
Colossians 1:3 हम तुम्हारे लिये नित प्रार्थना कर के अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं। 
Colossians 1:4 क्योंकि हम ने सुना है, कि मसीह यीशु पर तुम्हारा विश्वास है, और सब पवित्र लोगों से प्रेम रखते हो। 
Colossians 1:5 उस आशा की हुई वस्तु के कारण जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी हुई है, जिस का वर्णन तुम उस सुसमाचार के सत्य वचन में सुन चुके हो। 
Colossians 1:6 जो तुम्हारे पास पहुंचा है और जैसा जगत में भी फल लाता, और बढ़ता जाता है; अर्थात जिस दिन से तुम ने उसको सुना, और सच्चाई से परमेश्वर का अनुग्रह पहिचाना है, तुम में भी ऐसा ही करता है। 
Colossians 1:7 उसी की शिक्षा तुम ने हमारे प्रिय सहकर्मी इपफ्रास से पाई, जो हमारे लिये मसीह का विश्वास योग्य सेवक है। 
Colossians 1:8 उसी ने तुम्हारे प्रेम को जो आत्मा में है हम पर प्रगट किया।
Colossians 1:9 इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ।
Colossians 1:10 ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ। 
Colossians 1:11 और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्‍त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको। 
Colossians 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों। 
Colossians 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया। 
Colossians 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है। 
Colossians 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। 
Colossians 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। 
Colossians 1:17 और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • गलतियों 4-6