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Monday, December 8, 2014

अधीर


   चौराहे के उस पार से मैं देख रहा था, यातायात नियंत्रित करने वाली बत्ती जैसे ही लाल से हरी हुई, सबसे आगे खड़ी कार का चालक कार चलाने और आगे बढ़ाने में थोड़ा सा हिचकिचाया, और तभी अचानक ही न जाने कहाँ से कोई ऊँचे स्वर में चिल्लाने लगा - चलो! चलो!, आगे बढ़ो, चलो भी! यह शोर सुनकर वह चालक और अधिक असमंजस में पड़ गया तथा हड़बड़ा कर इधर-उधर देखने लगा, जानने को कि वह आवाज़ कहाँ से आ रही थी। तब मैंने देखा, उस चालक के पीछे खड़ी कार पर लाउडस्पीकर लगा हुआ था और उसकी सहायता से उस पिछली कार का चालक अगली कार वाले पर चिल्ला रहा था। अन्ततः आगे वाली कार का चालक कुछ संभला और अपनी कार आगे बढ़ा कर ले गया। मैं उस दूसरी कार के चालक की अधीरता एवं असभ्य वयवहार से चकित था।

   कभी कभी लोग सोचते हैं कि परमेश्वर भी ऐसा ही चिड़चिड़ा तथा अधीर है, और हमारी हर छोटी-मोटी गलती पर हमें दण्डित करने या हमें डाँटने के लिए हम पर नज़र गड़ाए रहता है, तैयार बैठा रहता है। लेकिन सच्चाई इसके बिलकुल विपरीत है। परमेश्वर अपने बच्चों के प्रति सदा धैर्य और प्रेम के साथ व्यवहार करता है, वह हमारी गलतियों के लिए हमें दण्ड देने या हमें डाँटने के लिए नहीं वरन हमें क्षमा करने और गलतियों को सुधारने के लिए अवसर देने को तैयार रहता है। वह हमारी रचना और परिस्थितियों को जानता है और हमसे उसी के अनुसार धीरज के साथ व्यवहार करता है (भजन 103:13-14)।

   प्रेरित पौलुस ने थिस्सुलुनीके के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें यह बात समझाने के लिए लिखा: "परमेश्वर के प्रेम और मसीह के धीरज की ओर प्रभु तुम्हारे मन की अगुवाई करे" (2 थिस्सुलुनीकियों 3:5)। परमेश्वर हमारे जीवनों में कार्यरत है और वह अपने उद्देश्यों को हमारे जीवनों में पूरा भी करेगा। लेकिन वह उन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अधीर नहीं है, और ना ही किसी कठोर स्वामी के समान दण्ड अथवा क्रूरता के व्यवहार द्वारा हमसे कार्य करवाना चाहता है। हो सकता है कि हमें उकसाकर आगे बढ़ाने के लिए कभी उसे हमें हलकी सी चोट देनी पड़ जाए या फिर हमारी बनी रहने वाली लापरवाहियों के लिए कभी हमें अनुशासित भी करना पड़ जाए, लेकिन वह अधीर होकर ना कभी हम पर चिल्लाता है, ना कभी हमारा बुरा चाहता या करता है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर अपने बड़े अनुग्रह में होकर हमारे लिए अनन्त भलाई द्वारा अपने अनन्त प्रेम को प्रकट करता है।

जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है। क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है। - भजन 103:13-14

बाइबल पाठ: 2 थिस्सुलुनीकियों 2:13-3:5
2 Thessalonians 2:13 पर हे भाइयो, और प्रभु के प्रिय लोगो चाहिये कि हम तुम्हारे विषय में सदा परमेश्वर का धन्यवाद करते रहें, कि परमेश्वर ने आदि से तुम्हें चुन लिया; कि आत्मा के द्वारा पवित्र बन कर, और सत्य की प्रतीति कर के उद्धार पाओ। 
2 Thessalonians 2:14 जिस के लिये उसने तुम्हें हमारे सुसमाचार के द्वारा बुलाया, कि तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह की महिमा को प्राप्त करो। 
2 Thessalonians 2:15 इसलिये, हे भाइयों, स्थिर रहो; और जो जो बातें तुम ने क्या वचन, क्या पत्री के द्वारा हम से सीखी है, उन्हें थामे रहो।
2 Thessalonians 2:16 हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर जिसने हम से प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शान्‍ति और उत्तम आशा दी है। 
2 Thessalonians 2:17 तुम्हारे मनों में शान्‍ति दे, और तुम्हें हर एक अच्‍छे काम, और वचन में दृढ़ करे।
2 Thessalonians 3:1 निदान, हे भाइयो, हमारे लिये प्रार्थना किया करो, कि प्रभु का वचन ऐसा शीघ्र फैले, और महिमा पाए, जैसा तुम में हुआ। 
2 Thessalonians 3:2 और हम टेढ़े और दुष्‍ट मनुष्यों से बचे रहें क्योंकि हर एक में विश्वास नहीं।
2 Thessalonians 3:3 परन्तु प्रभु सच्चा है; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्‍ट से सुरक्षित रखेगा। 
2 Thessalonians 3:4 और हमें प्रभु में तुम्हारे ऊपर भरोसा है, कि जो जो आज्ञा हम तुम्हें देते हैं, उन्हें तुम मानते हो, और मानते भी रहोगे। 
2 Thessalonians 3:5 परमेश्वर के प्रेम और मसीह के धीरज की ओर प्रभु तुम्हारे मन की अगुवाई करे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 थिस्सलुनीकियों 1-3