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Monday, September 21, 2015

शान्ति


   एल्फ्रेड नोबल डाय्नमाईट नामक अति-शक्तिशाली विस्फोटक के अविषकारकर्ता थे, जिससे युद्ध की दिशा बदल गई, और इस अविषकार से उन्होंने बहुत धन कमाया। संभ्वतः डाय्नमाईट के प्रयोग द्वारा युद्ध में हो रहे विधवंस को देखते हुए उन्होंने अपनी वसीयत में प्रावधान किया कि संसार में शान्ति को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों को उनके धन में से सालाना पुरुस्कार दिया जाए। आज यह पुरुस्कार नोबेल शान्ति पुरुस्कार के नाम से जाना जाता है।

   परमेश्वर ने भी सृष्टि की शान्ति के लिए प्रावधान किया, अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह को संसार में भेजा। जब प्रभु यीशु का जन्म हुआ तो स्वर्गदूतों ने स्पष्ट और सन्देहरहित रीति से चरवाहों को प्रभु के आगमन के विषय में सन्देश दिया, "आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो" (लूका 2:14)।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में शान्ति से तात्पर्य है, सर्वप्रथम परमेश्वर के साथ शान्ति (रोमियों 5:1)। पाप हमें परमेश्वर का बैरी बनाता है (रोमियों 5:10), लेकिन प्रभु यीशु का पृथ्वी पर आना और संसार के सभी लोगों के लिए अपने प्राणों का बलिदान देना, इस बैर के निवारण का मार्ग देता है। अब प्रभु यीशु में उपलब्ध पापों की क्षमा के द्वारा परमेश्वर से बैर के कारण का निवारण तथा परमेश्वर के साथ हमारा मेल-मिलाप हो जाता है। परमेश्वर के साथ हमारे संबंध ठीक हो जाने के बाद, फिर प्रभु यीशु हमारी सहायता करता है कि हम अपने और अन्य लोगों के बीच आई बाधाओं को भी हटा सकें और उनके साथ भी अपने संबंध ठीक कर सकें।

   बाइबल में शान्ति से एक और तात्पर्य है परमेश्वर की शान्ति (फिलिप्पियों 4:7)। अब प्रभु यीशु के अनुयायियों को किसी भी बात को लेकर चिन्तित रहने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रभु यीशु में होकर हमारी पहुँच परमेश्वर तक है और हम उसे अपनी हर बात, हर आवश्यकता निःसंकोच बता सकते हैं।

   अपने अनुयायियों के लिए शान्ति उपलब्ध करवाने के बाद आज प्रभु यीशु परमेश्वर पिता के समक्ष उनके लिए एक सहायक के रूप में निवेदन करता रहता है: "फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है" (रोमियों 8:34)। आज प्रभु यीशु मसीह में होकर हम सेंत-मेंत में ना केवल परमेश्वर के साथ शान्ति प्राप्त कर सकते हैं, वरन उससे जो हमारा मध्यस्थ और निवेदक है, परमेश्वर की शान्ति को भी प्राप्त कर सकते हैं। - सी. पी. हिया


सच्ची शान्ति लड़ाई की अनुपस्थिति से नहीं वरन परमेश्वर की उपस्थिति से है। - लवलैस

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीन लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:11-18
Ephesians 2:11 इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतना वाले कहलाते हैं, वे तुम को खतना रहित कहते हैं)। 
Ephesians 2:12 तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्‍त्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वर रहित थे। 
Ephesians 2:13 पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो। 
Ephesians 2:14 क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। 
Ephesians 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। 
Ephesians 2:16 और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। 
Ephesians 2:17 और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। 
Ephesians 2:18 क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 7-9
  • 2 कुरिन्थियों 13